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यमुनानगर में सड़क हादसा, पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर, 2 कांवड़ियों की मौत

यमुनानगर  यमुनानगर के गांव गुमथला में करंट लगने से दो कांवड़ियों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब गांव खंडवा के पास एक सड़क हादसे में दो और कांवड़ियों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, अजय और उसका साथी देवेंद्र बाइक पर सवार होकर कैथल से हरिद्वार गंगाजल लेने के लिए निकले थे। जब वे यमुनानगर के गांव खंडवा के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही एक पिकअप ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा इतना जबरदस्त था कि अजय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि देवेंद्र ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पिकअप को कब्जे में ले लिया है। दोनों कांवड़ियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर की मोर्चरी में रखा गया है। परिजनों के आने के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 

10 साल पहले मर चुके, फिर भी नाम FIR में! विदिशा में प्रशासन की बड़ी चूक

विदिशा विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली का अजीब मामला सामने आया है. यहां दो ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है, जिनकी मौत 8 से 10 साल पहले हो चुकी है. जब स्थानीय स्तर पर इसकी शिकायत की गई तो कोई सुनवाई नहीं हुई. हारकर फरियादी जिला मुख्यालय पहुंचा और एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे से न्याय की गुहार लगाई. गंजबासौदा के बरेठ गांव में प्रजापति समाज और गुर्जर समाज के बीच एक विवाद हुआ था. इसी विवाद में पुलिस ने एक एफआईआर दर्ज की, लेकिन इसमें जिन लोगों के नाम शामिल किए गए उनमें से दो व्यक्ति 8 से 10 साल पहले ही दुनिया से विदा हो चुके हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए फरियादी राजकुमार शर्मा जिला मुख्यालय पहुंचा और एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे से पूरे मामले की शिकायत की. शर्मा ने कहा- 'ये दोनों लोग जिन पर FIR की गई है, वो कई साल पहले मर चुके हैं. हमने थाने में भी शिकायत की, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी, इसलिए जिला मुख्यालय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे के यहां आए हैं. हमने जांच कर उचित कार्यवाही की मांग की है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है. एडिशनल एसपी विदिशा प्रशांत चौबे ने कहा- '17 तारीख को बरेठ गांव में विवाद हुआ था, जिसमें कुछ नामों पर आपत्ति आई है. दो मृत व्यक्तियों के नाम FIR में दर्ज होना गंभीर मामला है. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच कर दस्तावेज प्रस्तुत करें. उचित कार्रवाई की जाएगी.'

उप राष्ट्रपति के इस्तीफे पर पीएम मोदी का भावुक संदेश: आपकी सेहत बनी रहे उत्तम

नई दिल्ली जगदीप धनखड़ के एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की है। पीएम मोदी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि श्री धनखड़ को उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है । पीएम ने क्या लिखा प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। उल्लेखनीय है कि धनखड़ ने सोमवार देर शाम अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लिखे त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहे हैं। हाल ही में हुई थी एंजियोप्लास्टी धनखड़ (74) ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 2027 तक था। राज्यसभा के सभापति धनखड़ का इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आया। हाल में उनकी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एंजियोप्लास्टी हुई थी और इस वर्ष मार्च में उन्हें कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ अवसरों पर उनकी हालत ठीक नहीं दिखी थी, लेकिन संसद सहित सार्वजनिक कार्यक्रमों में वह अक्सर ऊर्जावान ही दिखे। वहीं, विपक्ष उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर सवाल उठा रहा है। कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ सोमवार को कार्यकाल के बीच में पद से इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति बन गए। इससे पहले, वीवी गिरि ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिन्होंने तीन मई 1969 को तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला था। वहीं, भैरों सिंह शेखावत ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद 21 जुलाई 2007 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया।  

MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

IIT खड़गपुर में फिर हादसा: छात्र की मौत ने उठाए सुरक्षा और मानसिक दबाव पर सवाल

खड़गपुर/भोपाल  टेक्नीकल एजुकेशन के मामले में देशभर में अगल पहचान रखने वाले आईआईटी खड़गपुर में संदिग्ध हालात में हो रही छात्रों की मौत से हड़कंप है. 4 दिन पहले एक छात्र की मौत का मामला गर्म था कि यहां पढ़ने वाले एक और छात्र की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतक छात्र चंद्रदीप पवार मध्य प्रदेश का रहने वाला था और वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष का छात्र था. चंद्रदीप पवार की मौत सोमवार रात को हुई. प्रबंधन ने श्वास नली में टेबलेट फंसना बताया सूत्रों के अनुसार आईआईटी खड़गपुर के छात्र चंद्रदीप पवार छात्र ने  रात डिनर किया. इसके बाद तबियत बिगड़ गई. अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत हो गई. इस मामले में पुलिस और आईआईटी अधिकारियों का कहना है "खाना खाते समय दवा उसके श्वास नली में फंसने से मौत हो गई." छात्र ने  रात करीब 11:30 बजे आईआईटी खड़गपुर के पास बीसी रॉय अस्पताल में दम तोड़ा. डिनर के बाद मेडिसिन ली और दम तोड़ दिया बताया जाता है कि खाना खाने के बाद छात्र चंद्रदीप पवार अस्पताल ले जाने के बाद सीपीआर शुरू किया गया. इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई. मंगलवार को मेदिनीपुर मेडिकल में पोस्टमार्टम किया जाएगा. खड़गपुर आईआईटी प्रबंधन और पुलिस के अनुसार चंद्रदीप आईआईटी खड़गपुर के नेहरू हॉल (कमरा डी-408) में रहता था. खाना खाने के बाद बुखार और सर्दी की दवा लेते समय एक गोली उसकी श्वास नली में फंस गई. दवा गले में अटकने से चंद्रदीप को सांस लेने में तकलीफ होने लगी. परिवार को आईआईटी खड़गपुर प्रबंधन ने सूचित कर दिया है. स्टूडेंट्स की टास्क फोर्स गठित करने का फैसला गौरतलब है कि इससे पहले इसी सप्ताह आईआईटी खड़गपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के चौथे वर्ष के छात्र रितम मंडल की अप्रत्याशित रूप से मृत्यु हो गई थी. उसका शव उसके कमरे में मिला था. इस घटना के मात्र 4 दिन के भीतर एक छात्र की मौत से हड़कंप और दहशत है. आईआईटी खड़गपुर प्रबंधन के अधिकारी स्तब्ध हैं. 7 माह के अंदर 5 छात्रों की मौत बताया जाता है इस वर्ष के पहले 7 महीनों में आईआईटी खड़गपुर परिसर में 5 छात्रों की मौत हो चुकी है. हालांकि इससे पहले हुई 4 छात्रों की मौत में सामने आया था कि उन्होंने खुद जान दी है. लेकिन सारे मामले संदिग्ध हैं. वहीं, आईआईटी खड़गपुर प्रबंधन ने प्रत्येक छात्रावास में एक छात्र टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है. सुप्रीम कोर्ट ने मांगी थी छात्र की मौत पर रिपोर्ट आईआईटी खड़गपुर के डायरेक्टर सुमन चक्रवर्ती का कहना है "इन मौतों के कारणों की तह में जाने के लिए 10 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. ये टीम विभिन्न कारणों के गहराई तक जाकर जांच करेंगी. पुलिस भी मामलों की जांच कर रही है." गौरतलब है कि पिछले दिनों आईआईटी खड़गपुर में इंजीनियरिंग छात्र को लेकर हाल में ही में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था "ऐसी घटनाओं ने हमारी मौजूदा शिक्षा व्‍यवस्‍था पर भी सवाल खड़ा कर दिया है." सुप्रीम कोर्ट ने संस्थान से रिपोर्ट भी मांगी थी. 

इंग्लैंड की टेस्ट टीम घोषित, लंबे इंतजार के बाद इस गेंदबाज की धमाकेदार वापसी

मैनचेस्टर  इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ मैनचेस्टर में होने वाले चौथे टेस्ट के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन की घोषणा कर दी है. इस मैच में इंग्लैंड ने एकमात्र बदलाव किया है. लियाम डॉसन को चोटिल शोएब बशीर की जगह टीम में शामिल किया गया है. बता दें कि बशीर को लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान बाएं हाथ की उंगली में चोट लगी थी. तीसरे टेस्ट के तुरंत बाद उनकी सर्जरी भी हुई. उनकी जगह अनुभवी ऑलराउंडर लियाम डॉसन को टीम में लिया गया, जो आखिरी बार 2017 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नॉटिंघम टेस्ट में खेले थे. दिलचस्प रूप से उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू 2016 में भारत के खिलाफ चेन्नई में किया था. ऐसा रहा है डॉसन का करियर डॉसन अब तक 3 टेस्ट खेल चुके हैं जिसमें उन्होंने 7 विकेट लिए हैं और 84 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 66 नाबाद रहा है. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की प्रेस रिलीज़ में कहा गया, 'भारत के खिलाफ एमिरेट्स ओल्ड ट्रैफर्ड में होने वाले चौथे टेस्ट के लिए इंग्लैंड की पुरुष टीम में एक बदलाव किया गया है. हैम्पशायर के स्पिनर लियाम डॉसन को चोटिल शोएब बशीर की जगह शामिल किया गया है. यह डॉसन का जुलाई 2017 के बाद पहला टेस्ट होगा.' लियाम डॉसन पिछले कुछ वर्षों में दुनियाभर की टी20 लीगों में खेले हैं, लेकिन उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने 212 मैचों में 10,731 रन बनाए हैं और 371 विकेट चटकाए हैं. इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रुक ने डॉसन की वापसी पर कहा, हां बिल्कुल, वो चालाक और अनुभवी खिलाड़ी हैं. उन्होंने हर जगह खेला है, हर टीम के खिलाफ खेला है. उम्मीद है कि इस हफ्ते वो शानदार प्रदर्शन करेंगे. डॉसन की मौजूदगी से इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी क्रम को मजबूती मिली है और इंग्लैंड 2-1 की बढ़त के साथ सीरीज़ को मैनचेस्टर में ही खत्म करने की कोशिश करेगा.  इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन (मैनचेस्टर टेस्ट): ज़ैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जैमी स्मिथ (विकेटकीपर), लियाम डॉसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर.

मुंबई ब्लास्ट के दोषियों की रिहाई के खिलाफ केंद्र सुप्रीम कोर्ट में, अगली सुनवाई 24 को

मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने 2006 के मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले में बंबई उच्च न्यायालय के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया गया। इस आतंकी हमले में 180 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तारीख निर्धारित की है। 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इन हमलों में कई ट्रेनों को निशाना बनाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप भारी जनहानि हुई। मामले की जांच के बाद 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था, लेकिन हाल ही में बंबई उच्च न्यायालय ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। महाराष्ट्र सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को "न्याय के हित में अनुचित" बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। सरकार का तर्क है कि इस मामले में पुख्ता सबूत मौजूद हैं और हाईकोर्ट का फैसला पीड़ितों के साथ न्याय करने में विफल रहा है। पूरा मामला समझिए मुंबई उच्च न्यायालय ने 11 जुलाई 2006 को मुंबई में कई ट्रेन में किए गए सात बम धमाकों के मामले में सोमवार को सभी 12 आरोपियों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है तथा यह विश्वास करना कठिन है कि आरोपियों ने यह अपराध किया है। यह फैसला शहर के पश्चिमी रेलवे नेटवर्क को हिला देने वाले आतंकवादी हमले के 19 साल बाद आया है। इस हमले में 180 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए थे। अदालत का यह फैसला महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के लिए अत्यंत शर्मिंदगी की बात है, जिसने इस मामले की जांच की थी। एजेंसी ने दावा किया था कि आरोपी प्रतिबंधित संगठन ‘स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया’ (सिमी) के सदस्य थे और उन्होंने आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के पाकिस्तानी सदस्यों के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। उच्च न्यायालय ने आरोपियों के सभी इकबालिया बयानों को ‘नकल’ करने का संकेत देते हुए अस्वीकार्य घोषित कर दिया। अदालत ने इकबालिया बयान की विश्वसनीयता को और अधिक कम करते हुए कहा कि अभियुक्तों ने सफलतापूर्वक यह स्थापित कर दिया है कि इन इकबालिया बयानों के लिए उन पर अत्याचार किया गया था। अदालत ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण सिंडिकेट (मकोका) के प्रावधान इस मामले में लागू नहीं होंगे और इसके लिए मंजूरी ‘बिना सोचे-समझे यांत्रिक तरीके से’ दी गई थी। न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति श्याम चांडक की विशेष पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपराध में प्रयुक्त बमों के प्रकार को रिकार्ड में लाने में भी असफल रहा है तथा जिन साक्ष्यों पर उसने भरोसा किया वे आरोपियों को दोषी ठहराने में विफल रहे हैं। उच्च न्यायालय ने 671 पन्नों के अपने निर्णय में कहा, ‘‘किसी अपराध के वास्तविक अपराधी को सजा देना, आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने, कानून के राज को बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा व संरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस और आवश्यक कदम है।’’ पीठ ने कहा, ‘‘लेकिन किसी मामले को हल करने का झूठा दिखावा करना- यह दिखाना कि आरोपियों को न्याय के कठघरे में लाया गया है केवल एक भ्रमपूर्ण समाधान की भावना पैदा करता है।’’ पीठ ने कहा, ‘‘ऐसा भ्रामक निष्कर्ष न केवल जनता के विश्वास को कमजोर करता है, बल्कि समाज को झूठी तसल्ली देता है, जबकि वास्तव में असली खतरा अब भी आज़ाद घूम रहा होता है। मूल रूप से, यही इस मामले की सच्चाई को दर्शाता है।’’ उच्च न्यायालय ने 12 व्यक्तियों की दोषसिद्धि को रद्द करते हुए कहा कि गवाहों के बयान और आरोपियों के पास से कथित तौर पर की गई बरामदगी का कोई साक्ष्य मूल्य नहीं है। इनमें से पांच आरोपियों को विशेष अदालत ने सजा-ए-मौत और सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पश्चिमी लाइन पर विभिन्न स्थानों पर मुंबई की लोकल ट्रेन में 11 जुलाई, 2006 को सात विस्फोट हुए थे, जिनमें 180 से अधिक लोग मारे गए थे और कई अन्य लोग घायल हुए थे। विशेष अदालत ने जिन दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी, उनमें कमाल अंसारी (अब मृत), मोहम्मद फैसल अताउर रहमान शेख, एहतेशाम कुतुबुद्दीन सिद्दीकी, नवीद हुसैन खान और आसिफ खान शामिल थे। विशेष अदालत ने उन्हें बम रखने और कई अन्य आरोपों में दोषी पाया था। इसने तनवीर अहमद मोहम्मद इब्राहिम अंसारी, मोहम्मद मजीद मोहम्मद शफी, शेख मोहम्मद अली आलम शेख, मोहम्मद साजिद मरगूब अंसारी, मुजम्मिल अताउर रहमान शेख, सुहैल महमूद शेख और ज़मीर अहमद लतीउर रहमान शेख को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। एक आरोपी, वाहिद शेख को 2015 में निचली अदालत ने बरी कर दिया था। उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। यह विश्वास करना कठिन है कि आरोपियों ने यह अपराध किया है, इसलिए उनकी दोषसिद्धि रद्द की जाती है।’’ पीठ ने 2015 में विशेष अदालत द्वारा पांच लोगों को मृत्युदंड और शेष सात आरोपियों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा की पुष्टि करने से इनकार कर दिया और उन्हें बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अगर आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं, तो उन्हें जेल से तुरंत रिहा कर दिया जाए। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्य, गवाहों के बयान और आरोपियों के पास से कथित तौर पर की गई बरामदगी का कोई साक्ष्य मूल्य नहीं है और इसलिये इसे दोषसिद्धि के लिये निर्णायक प्रमाण नहीं कहा जा सकता। इस मामले में 2015 में एक विशेष अदालत ने 12 लोगों को दोषी ठहराया था, जिनमें से पांच को मृत्युदंड और शेष सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अपील की सुनवाई लंबित रहने के दौरान एक दोषी की मृत्यु हो गई थी।

शतरंज का महाकुंभ लौट आया भारत: 23 साल बाद होगी विश्व कप की मेजबानी

नई दिल्ली  भारत में शतरंज विश्वकप होगा. शीर्ष स्टार खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे. 23 साल बाद फिर से भारत में विश्वकप होगा. शतरंज की सर्वोच्च संस्था फिडे ने घोषणा की.  30 अक्टूबर से 27 नवंबर तक भारत टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा.  आयोजन स्थल की जल्द घोषणा की जाएगी. शीर्ष खिलाड़ी डी.गुकेश, आर प्रग्गनानंदा, अर्जुन एरिगेसी समेत 206 खिलाड़ी शतरंज विश्वकप में हिस्सा लेंगे.  नॉकआउट प्रारूप में सभी मुकाबले खेले जाएंगे. प्रत्येक राउंड तीन दिन तक चलेगा. 2002 में अंतिम बार भारत ने टूर्नामेंट की मेजबानी की थी. विश्वनाथन आनंद ने 2002 में विश्वकप जीता था. शतरंज की वैश्विक संस्था फिडे (FIDE) ने 21 जुलाई को इस बात की पुष्टि की कि 2025 का वर्ल्ड कप भारत में आयोजित होगा। इस टूर्नामेंट में 206 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे जो वर्ल्ड कप खिताब के साथ-साथ 2026 फिडे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में क्वालीफाई करने के लिए मुकाबला करेंगे। आखिरी बार 2002 में हुआ था आयोजन भारत ने इससे पहले 2002 में हैदराबाद में इस प्रतियोगिता की मेजबानी की थी, जिसमें भारत के दिग्गज ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद ने खिताब अपने नाम किया था। अब 23 साल बाद यह टूर्नामेंट फिर से भारतीय धरती पर आयोजित हो रहा है। वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन नॉकआउट फॉर्मेट में किया जाएगा, जिसमें हर राउंड में हारने वाला खिलाड़ी टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। फिडे के मुताबिक, शीर्ष तीन खिलाड़ी सीधे 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाएंगे, जो भविष्य के वर्ल्ड चैंपियन के लिए चयन प्रक्रिया का हिस्सा होता है। स्टार खिलाड़ी होंगे आकर्षण का केंद्र इस मेगा इवेंट में भारत के कई शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इनमें मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश, वर्ल्ड कप 2023 के उपविजेता आर. प्रज्ञानानंद, दुनिया के टॉप-5 खिलाड़ियों में शुमार अर्जुन एरिगैसी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी इस टूर्नामेंट को भारतीय दर्शकों के लिए और भी रोमांचक बना देगी। फिडे के सीईओ एमिल सुतोव्स्की ने वर्ल्ड कप को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हम भारत में वर्ल्ड कप 2025 के आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। भारत वह देश है जहां शतरंज केवल खेल नहीं, बल्कि एक जुनून है।

मसाज के नाम पर जाल: अश्लील वीडियो बनाकर एक लाख वसूले

ग्वालियर ग्वालियर के पिंटो पार्क, राम बिहार में रहने वाला एक युवक हजीरा चौराहे पर मेडिकल स्टोर से मेडिसिन लेने पहुंचा था। यहां वह एक अजनबी से टकराया। अजनबी ने उस युवक से पूछा कि क्या उसे मसाज करानी है? इस सवाल ने युवक की जिंदगी का रंग ही बदल दिया। यहां से शुरु हुई फरेब की ठोस जंजीर, जिसके पहले कदम में युवक उसे स्पा लेकर पहुंचा। पहले कपड़े उतरे फिर मसाज टेबल पर साजिश रची गई। इसके बाद वीडियो बना और एक लाख ठग लिए गए। क्या है पूरा मामला, यहां समझिए ग्वालियर में एक युवक का न्यूड वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई और उससे एक लाख रुपए ऐंठ लिए गए। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस अकाउंट में पैसे भेजे गए हैं, वह किसी सतपाल सिंह का है। अब पुलिस सतपाल सिंह को तलाश कर रही है। मेडिकल से सीधे स्पा पहुंच गया पीड़ित पिंटो पार्क रामबिहार निवासी युवक हजीरा चौराहे पर एक मेडिकल स्टोर पर मेडिसिन लेने पहुंचा था। यहां उसे 25 साल का युवक मिला। उसने अपना नाम शिवा शिवहरे बताया और पूछा कि तुमको मसाज करानी है, जिस पर युवक ने हां कर दिया। शिवा उसे अपनी स्कूटी पर बैठाकर उपनगर ग्वालियर स्थित गोसपुरा में एक घर में ले गया। घर ले जाकर शिवा ने युवक के कपड़े उतारे और अपने भी कपड़े उतार दिए। इसके बाद वह मसाज करने लगा। दो युवकों की एंट्री और बदल गया सब तभी कमरे में दो युवक आते हैं और उसका वीडियो बना लेते हैं। उसे न्यूड वीडियो दिखाकर धमकाते हैं। कहते हैं कि उनको रुपए नहीं मिले तो यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर उसे बदनाम कर देंगे। ब्लैकमेल करने वाले युवकों ने पीड़ित का मोबाइल छीनकर उसके फोन-पे अकाउंट से दो बार में 90 हजार एवं 10 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद उसे धमकाकर छोड़ दिया। युवक ने भाई को दी जानकारी घबराए हुए युवक ने डरते हुए अपने भाई को यह बात बताई, जिसके बाद वह थाना पहुंचे और मामले की शिकायत की। बदमाशों ने पीड़ित के फोन-पे से एक लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। पुलिस ने पड़ताल की तो पता लगा जिस अकाउंट में रुपए ट्रांसफर हुए थे वह किसी सतपाल सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। अब पुलिस इस सतपाल की भी तलाश कर रही है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी एएसपी सुमन गुर्जर ने बताया कि एक युवक द्वारा खुद के साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। जिस पर से कार्रवाई कर एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्दी उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।