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शराब घोटाले की रकम से प्रॉपर्टी में निवेश, चैतन्य बघेल पर ED की बड़ी कार्रवाई का दावा

रायपुर  छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार चैतन्य बघेल को लेकर ईडी ने बड़ा दावा किया है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि चैतन्य ने शराब घोटाले से प्राप्त 1000 करोड़ रुपए से अधिक आय का प्रबंधन किया। साथ ही अपनी रियल एस्टेट परियोजना के विकास के लिए 16.7 करोड़ रुपए का इस्तेमाल किया। चैतन्य राज्य के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे हैं। चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई को उनके 38वें जन्मदिन पर भिलाई के मानसरोवर कॉलोनी स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। चैतन्य को उसी दिन रायपुर की एक अदालत ने 5 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था। मंगलवार को उन्हें उसी अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है। एजेंसी ने एक बयान में दावा किया कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपए की आपराधिक आय प्राप्त हुई थी। उन्होंने उस रकम का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट परियोजना के विकास में किया था। ईडी के बयान में आरोप लगाया गया है कि आपराधिक आय का इस्तेमाल चैतन्य बघेल की परियोजना के ठेकेदारों को नकद भुगतान और बैंक खातों के माध्यम से किया गया था। एजेंसी ने कहा कि जूनियर बघेल ने त्रिलोक सिंह ढिल्लों नामक एक स्थानीय व्यवसायी के साथ सांठगांठ की। फिर उसकी कंपनियों का उपयोग करके एक योजना तैयार की। इसके तहत उन्होंने ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने विट्ठलपुरम प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने के नाम पर अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपए प्राप्त किए। ईडी ने कहा कि बैंकिंग ट्रेल से पता चलता है कि संबंधित लेनदेन के दौरान त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से रकम प्राप्त किया। एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से प्राप्त 1000 करोड़ रुपए से अधिक की आय का प्रबंधन किया। ईडी के बयान में कहा गया है कि चैतन्य छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष को घोटाले से मिले रकम को हस्तांतरित करने के लिए अनवर ढेबर (रायपुर के मेयर और कांग्रेस नेता एजाज ढेबर के बड़े भाई) और अन्य के साथ समन्वय करते थे। ईडी द्वारा की गई जांच से पता चला है कि इस शराब घोटाले से प्राप्त रकम को आगे निवेश के लिए बघेल परिवार के प्रमुख सहयोगियों को भी सौंप दिया गया था। इसकी जांच की जा रही है। ईडी ने कहा है कि कथित घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ। इससे शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में 2100 करोड़ रुपए से अधिक रकम गए। ईडी के अनुसार यह घोटाला 2019 और 2022 के बीच रचा गया था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का शासन था। ईडी ने इस मामले में जनवरी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा के अलावा अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और कुछ अन्य को गिरफ्तार किया था। ईओडब्ल्यू/एसीबी ने पिछले साल 17 जनवरी को एफआईआर दर्ज की थी। इसमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड सहित 70 व्यक्तियों और कंपनियों को नामजद किया था।

बिली जीन किंग कप फाइनल्स 16 सितंबर से

नई दिल्ली डिफेंडिंग चैंपियन इटली और मेज़बान चीन के बीच मुकाबले के साथ बिली जीन किंग कप फाइनल्स की शुरुआत 16 सितंबर से शेनझेन में होगी। इस बात की जानकारी टूर्नामेंट आयोजकों ने सोमवार को दी। इटली की टीम में विश्व नंबर 9 जैस्मिन पाओलिनी शामिल हैं, जबकि चीन की अगुवाई ओलंपिक चैंपियन झेंग किनवेन करेंगी। आमतौर पर यह टूर्नामेंट नवंबर में होता है, लेकिन इस बार इसे डब्ल्यूटीए टूर के एशियाई स्विंग के साथ तालमेल बैठाने के लिए सितंबर में आयोजित किया जा रहा है। स्पेन और यूक्रेन के बीच दूसरा क्वार्टरफाइनल 17 सितंबर को खेला जाएगा, जिसमें विश्व नंबर 10 पाउला बडोसा एक्शन में नजर आएंगी। इसके बाद 18 सितंबर को अमेरिका का मुकाबला कज़ाखस्तान से और ब्रिटेन का सामना जापान से होगा। सेमीफाइनल मुकाबले 19 और 20 सितंबर को खेले जाएंगे, जबकि फाइनल 21 सितंबर को होगा।  

जगदलपुर रेलमार्ग पर बड़ा बदलाव, 10 ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित

जगदलपुर  छत्तीसगढ़ में बस्तर को ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश से जोड़ने वाली करीब 10 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई है। ये ट्रेनें 23 जुलाई से लेकर 26-27 जुलाई तक जगदलपुर और किरंदुल नहीं आएगी। या ये कहें कि ये सभी ट्रेनें जगदलपुर के लिए रद्द कर दी गईं हैं। दरअसल, करीब 20 दिन पहले मल्लीगुड़ा और जड़ती स्टेशन के बीच लैंड स्लाइड हुआ था। मार्ग तो क्लियर कर दिया गया है, लेकिन फिर भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे कुछ जगह अब भी काम जारी रखा है। इसलिए हिराखंड, समलेश्वरी, किरंदुल-विशाखापट्टनम समेत अन्य ट्रेनों को अब 26-27 जुलाई तक शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। इससे पहले 11 से लेकर 20 जुलाई तक ट्रेनें नहीं आई। अब तारीख बढ़ा दी गई है। ये ट्रेनें हुई शॉर्ट टर्मिनेट 1. दिनांक 23.07.2025 से 24.07.2025 तक विशाखापट्टनम से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 18515 विशाखापट्टनम – किरंदुल नाइट एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 2. ट्रेन संख्या 18516 किरंदुल – विशाखापट्टनम नाइट एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक किरंदुल की बजाय कोरापुट से शुरू होगी। 3. दिनांक 23.07.2025 से 26.07.2025 तक विशाखापट्टनम से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 58501 विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 4. ट्रेन संख्या 58502 किरंदुल – विशाखापट्टनम पैसेंजर 23.07.2025 से 26.07.2025 तक किरंदुल की बजाय कोरापुट से शुरू होगी। 5. ट्रेन संख्या 18005 23.07.2025 से 25.07.2025 तक हावड़ा से छूटने वाली हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 6. ट्रेन संख्या 18006 जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी एक्सप्रेस 25.07.2025 से 27.07.2025 तक जगदलपुर की बजाय कोरापुट से रवाना होगी। 7. ट्रेन संख्या 18107 23.07.2025 से 25.07.2025 तक राउरकेला से छूटने वाली राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 8. ट्रेन संख्या 18108 जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक जगदलपुर की बजाय कोरापुट से रवाना होगी। 9.दिनांक 23.07.2025 से 25.07.2025 तक भुवनेश्वर से रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 18447 भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस कोरापुट में समाप्त कर दी जाएगी। 10. ट्रेन संख्या 18448 जगदलपुर – भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस 24.07.2025 से 26.07.2025 तक कोरापुट से रवाना होगी।  

तेज गेंदबाजी का नया सितारा अंशुल कंबोज: अश्विन ने की बुमराह-जहीर से तुलना

नई दिल्ली पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने अंशुल कंबोज की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें जहीर खान और जसप्रीत बुमराह जैसा तेज गेंदबाज करार दिया है। उन्होंने कहा कि वह न केवल अपने क्षेत्र का कुशल खिलाड़ी है बल्कि अपनी रणनीति की भी अच्छी समझ रखता है। ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी के अलावा तेज गेंदबाज आकाश दीप और अर्शदीप सिंह की जोड़ी के चोटिल होने के बाद कंबोज को इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में होने वाले चौथे टेस्ट के लिए पिछले सप्ताह भारतीय टीम में शामिल किया गया था। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल 'ऐश की बात' पर कहा, ‘‘अंशुल की सबसे अच्छी बात यह है कि वह अपनी रणनीति को अच्छी तरह से समझता है। मैंने कई तेज गेंदबाजों को देखा है, अगर आप उनसे उनकी रणनीति के बारे में पूछते हैं, तो वे बस यही कहते हैं कि वे खुद को अभिव्यक्त करना चाहते हैं और खेल का आनंद लेना चाहते हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अंशुल अपनी रणनीति को अच्छी तरह से समझता है और यह भी जानता है कि मैदान पर उस पर कैसे अमल करना है। अधिकतर तेज गेंदबाजों में यह गुण नहीं होता है। जहीर खान भी ऐसे तेज गेंदबाज थे जो अपनी रणनीति को समझते थे और उस पर अच्छी तरह से अमल करते थे। वह अद्भुत खिलाड़ी थे।’’ अश्विन ने कहा, ‘‘हाल के दिनों में, जस्सी (बुमराह) एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो रणनीति को अच्छी तरह से समझते हैं और उसे बखूबी अंजाम देते हैं। अंशुल भी इसी तरह का खिलाड़ी है। मैं कौशल की तुलना नहीं कर रहा हूं क्योंकि कौशल एक बहुत ही अलग चीज़ है। मैंने उसे आईपीएल में खेलते हुए देखा है। उसकी लेंथ बहुत अच्छी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बुमराह और सिराज के साथ अगर आप अंशुल कंबोज को अंतिम एकादश में शामिल करते हैं तो यह मजबूत गेंदबाजी आक्रमण होगा।’’ भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट की श्रृंखला का चौथा टेस्ट बुधवार से मैनचेस्टर में शुरू होगा। भारतीय टीम सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही है। सीरीज जीत की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम इंडिया मैनचेस्टर में हर हाल में जीत चाहेगी जहां उसने आज तक एक भी टेस्ट मैच नहीं जीता है।  

हाईवे जाम कर रील शूटिंग पर HC सख्त, पूछा – अब तक वाहनों की जब्ती क्यों नहीं?

बिलासपुर  बिलासपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर रसूख का प्रदर्शन करते हुए रील बनाकर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाले युवकों पर पुलिस द्वारा केवल जुर्माना कर मामले को शांत करने की कोशिश पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट(Chhattisgarh High Court) ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की खंडपीठ ने मामले को स्वतः संज्ञान में लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब अन्य मामलों में गाड़ियां जब्त की जाती हैं, तो इस मामले में ऐसा क्यों नहीं किया गया? साथ ही पूछा कि मोटर व्हीकल एक्ट के अलावा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं?। क्या है मामला घटना बिलासपुर-रतनपुर नेशनल हाईवे 130 की है, जहां रायपुर रोड स्थित टोयोटा शोरूम से दो फार्च्यूनर लेने के बाद वेदांत शर्मा और उसके साथियों ने आधा दर्जन से अधिक महंगी गाड़ियों के काफिले के साथ हाईवे पर रुककर ड्रोन कैमरे और पेशेवर फोटोग्राफरों की मदद से रील शूट की। रील शूट के दौरान पूरी सड़क को अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारी आलोचना शुरू हुई और संबंधित अकाउंट्स डिलीट कर दिए गए। कोर्ट की नाराजगी मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले को लंच से पहले कोज लिस्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि रसूखदार लोगों के लिए अलग और आम लोगों के लिए अलग मापदंड नहीं हो सकते। अदालत ने पूछा क्या सिर्फ जुर्माना कर देने से कानून का पालन हो जाता है? पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि गाड़ियां जब्त क्यों नहीं की गईं और अन्य धाराएं क्यों नहीं जोड़ी गईं। राज्य सरकार से अगली सुनवाई तक पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल वीडियो वायरल होने के बाद जनदबाव और मीडिया की खबरों के चलते पुलिस ने सात गाड़ियों पर महज 2000 हजार का का चालान किया और कुल 14,000 हजार रुपये की जुर्माना वसूली की। एक अन्य वाहन पर भी बाद में चालान किया गया, लेकिन बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज नहीं किया गया था, न ही कोई गिरफ्तारी या गाड़ी जब्ती हुई थी। यह भी देखा गया कि कई गाड़ियों के नंबर अधूरे थे और आरोपी युवकों के नाम-पते या फोटो भी सार्वजनिक नहीं किए गए, जैसा आम मामलों में किया जाता है। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में भी केवल जुर्माना वसूली की जानकारी दी गई, जिससे जनता में और नाराजगी बढ़ गई। न्यायालय की सख्ती के बाद सकरी पुलिस ने वेदांत शर्मा एवं अन्य युवकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 285 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। संबंधित वाहनों की जब्ती और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।  

उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा राष्ट्रपति ने स्वीकारा, गृह मंत्रालय को भेजी आगे की कार्रवाई के लिए फाइल

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा मंजूर किया। सोमवार शाम को ही उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा राष्ट्रपति मुर्मू को भेजा था। इसी के बाद से सियासी पारा चढ़ गया था। उनका कार्यकाल अगस्त 2027 में पूरा होना था.राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे इस्तीफे में धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों को का इसका कारण बताया है. धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब उनके उत्तराधिकारी की तलाश करनी होगी. नियमानुसार इसकी कोई समय सीमा तो नहीं है, लेकिन चुनाव जल्द से जल्द कराना होगा. धनखड़ ने इस्तीफा ऐसे समय दिया है, जब बीजेपी अपने नए अध्यक्ष की तलाश कर रही है. धनखड़ के इस्तीफे से बीजेपी का काम बढ़ गया है.  धनखड़ के इस्तीफे पर बोले PM मोदी- उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना जगदीप धनखड़ के एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की है। पीएम मोदी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि श्री धनखड़ को उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है । पीएम ने क्या लिखा प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। उल्लेखनीय है कि धनखड़ ने सोमवार देर शाम अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लिखे त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहे हैं। हाल ही में हुई थी एंजियोप्लास्टी धनखड़ (74) ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 2027 तक था। राज्यसभा के सभापति धनखड़ का इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आया। हाल में उनकी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एंजियोप्लास्टी हुई थी और इस वर्ष मार्च में उन्हें कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ अवसरों पर उनकी हालत ठीक नहीं दिखी थी, लेकिन संसद सहित सार्वजनिक कार्यक्रमों में वह अक्सर ऊर्जावान ही दिखे। वहीं, विपक्ष उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर सवाल उठा रहा है। कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ सोमवार को कार्यकाल के बीच में पद से इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति बन गए। इससे पहले, वीवी गिरि ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिन्होंने तीन मई 1969 को तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला था। वहीं, भैरों सिंह शेखावत ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद 21 जुलाई 2007 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। अब बीजेपी क्या करेगी जगदीप धनखड़ जनता दल और कांग्रेस से होते हुए बीजेपी में शामिल हुए थे. धनखड़ के इस्तीफे के बाद बीजेपी को उनके उत्तराधिकारी की तलाश करनी होगी. उसके पास अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश के साथ ही नए उपराष्ट्रपति के तलाश का भी काम आ गया है. बीजेपी इस समय केंद्र में गठबंधन की सरकार चला रही है. उसे चंद्रबाबू नायडू के तेदेपा, नीतीश कुमार के जेडीयू और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ-साथ कई और छोटे दलों का समर्थन हासिल हैं. इसलिए बीजेपी को उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार की तलाश में सहयोगी दलों के हितों का भी ध्यान रखना होगा. नए उम्मीदवार में उसे संसदीय परंपराओं की जानकारी के साथ-साथ सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की क्षमता का भी ध्यान रखना होगा. संसद के मानसून सत्र में सरकार कई विधयेक लेकर आने वाली है, वहीं वन नेशन, वन इलेक्शन, जैसा बिल भी लाया जाना है. इसे पास कराने में नए उपराष्ट्रपति की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.  बीजेपी के अध्यक्ष की तलाश बीजेपी को ये दोनों काम ऐसे समय करने पड़ रहे हैं, जब लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है. ऐसे में बीजेपी को एक ऐसे अध्यक्ष की तलाश है, जो लगातार चौथी बार पार्टी की जीत का रास्ता बना सके. बीजेपी के नए अध्यक्ष पर उम्मीदों का बड़ा बोझ होगा. उसके सामने अमित शाह जैसे प्रदर्शन की चुनौती होगी. वहीं बीजेपी को एक ऐसे उपराष्ट्रपति पद के लिए एक ऐसे व्यक्ति की तलाश करनी होगी, जिसमें सदन के सुचारु रूप से चलाने की क्षमता हो.क्योंकि आने वाला समय बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण है. नरेंद्र मोदी सरकार कई ऐसे बिल लेकर आ रही है, जिन्हें सुचारू रूप से पास कराना चुनौती होगी.  इन सबके बाद संगठन और सरकार में भी नए बदलाव की उम्मीद की जा रही है. कैबिनेट में विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं. ऐसी भी चर्चाएं हैं कि कुछ मंत्रियों को संगठन और कुछ नेताओं को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है.इसकी संभावना काफी दिनों से जताई जा रही है.  कब और कैसे मिलेगा देश को नया उपराष्ट्रपति? जानिए जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने सियासी भूचाल ला दिया है. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है. मानसून सत्र के पहले दिन ही धनखड़ के इस्तीफे से हलचल बढ़ गई. इस इस्तीफे के बाद अब सवाल है कि आगे क्या होगा? चलिए इसे विस्तार से समझते हैं. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने से उनके उत्तराधिकारी की दौड़ शुरू हो गई है. अब सवाल है कि जगदीप धनखड़ का उत्तराधिकारी कौन होगा? दरअसल, भाजपा नीत एनडीए को निर्वाचक मंडल में बहुमत प्राप्त है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं. आगामी दिनों में संभावित नामों पर विचार किए जाने की संभावना है. भाजपा के पास इस पद पर चुनने के लिए नेताओं का एक बड़ा समूह है. राज्यपालों में से या संगठन के अनुभवी नेताओं अथवा केंद्रीय मंत्रियों में से किसी का चुनाव किया जा सकता है. जगदीप धनखड़ भी उपराष्ट्रपति बनने से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे. अब कौन संभालेगा कमान? संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत राष्ट्रपति मुर्मू ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया. अब राज्यसभा में सभापति … Read more

श्रीलंकाई नौसेना ने भारतीय मछुआरों को किया गिरफ्तार, तमिलनाडु में रोष

चेन्नई श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु के रामेश्वरम से चार भारतीय मछुआरों को अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पार करने और श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया। इन मछुआरों को मंगलवार तड़के गिरफ्तार किया गया। उस समय मछुआरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए मोटर चालित नावों के साथ समुद्र में उतरे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, मछुआरे रामेश्वरम फिशिंग हार्बर से समुद्र में उतरे थे। जब श्रीलंकाई नौसेना ने उन्हें रोका, उस वक्त वह समुद्र के बीच मछलियां पकड़ रहे थे। नौसेना ने उन पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) का उल्लंघन करने और श्रीलंका के समुद्री क्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने का आरोप लगाया है। श्रीलंकाई नौसेना ने चारों मछुआरों को गिरफ्तार करने के साथ उनकी नाव को भी जब्त कर लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी मछुआरों को आगे की पूछताछ के लिए श्रीलंका के मन्नार नौसेना कैंप ले जाया गया है। यह घटना एक सतत क्रम का हिस्सा है, जिसमें श्रीलंकाई अधिकारी कथित तौर पर अपने जलक्षेत्र में प्रवेश करने वाले भारतीय मछुआरों पर कार्रवाई तेज कर रहे हैं। मछुआरों ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के अलावा, श्रीलंकाई सरकार अक्सर उनकी मोटर से चलने वाली नाव को जब्त कर लेती है। इनमें से कई नाव को बाद में राज्य की संपत्ति घोषित कर दिया जाता है। ऐसे घटनाक्रमों ने तमिलनाडु के मछुआरा समुदायों, खासकर रामनाथपुरम जैसे तटीय जिलों में, गहरी चिंता पैदा कर दी है। ये मछुआरे आजीविका के लिए गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को मजबूर हैं। फिशरमैन एसोसिएशन ने श्रीलंकाई नौसेना की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। इसके साथ ही केंद्र और तमिलनाडु सरकार, दोनों से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। स्थानीय फिशरमैन एसोसिएशन के प्रतिनिधि जॉन थॉमस ने कहा, “इस पुराने विवाद को सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयास होने चाहिए। बार-बार होने वाली गिरफ्तारियों से हमारी जिंदगियां और आजीविका दोनों खतरे में पड़ गई हैं।” इस तरह की गिरफ्तारियों के चलते मछुआरों के समुदाय भय के साये में जी रहे हैं। भारत और श्रीलंका के बीच स्थायी समाधान के लिए राजनयिक प्रयास अभी तक बेनतीजा रहे हैं।  

मैहर में दिल दहला देने वाला हादसा, खदान में डूबकर दो मासूमों की गई जान

मैहर  मैहर में नादन थाना क्षेत्र के ग्राम बठिया में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बहनों की जान चली गई. सुबह करीब 10:30 बजे पुष्पा कोल (10) और प्राची कोल (8) अपने घर के पीछे स्थित पानी से भरी पुरानी खदान में नहा रही थीं. खेल-खेल में दोनों बहनें गहराई में उतर गईं और डूब गईं. काफी देर तक बच्चियों के दिखाई न देने पर परिजनों ने आसपास खोजबीन शुरू की. मौके पर जुटी भीड़. ग्रामीणों को जब यह पता चला कि वे खदान की ओर गई थीं, तो स्थानीय युवकों ने तत्परता दिखाते हुए पानी में गोता लगाया. करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों के शव बाहर निकाले जा सके. हादसे की खबर से पूरे गांव में मातम छा गया और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई. सूचना मिलते ही नादन थाना प्रभारी केएस बंजारे टीम के साथ पहुंचे और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. खदान पहले भी ले चुकी कई जानें दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है. पिता पिंटू कोल समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों ने बताया कि यह खदान पहले भी कई मासूमों की जान ले चुकी है. साल 2015 में भी इसी खदान में तीन बच्चे डूबकर जान गंवा चुके हैं. बावजूद इसके न तो प्रशासन ने यहां सुरक्षा के इंतज़ाम किए और न ही अवैध खनन पर कोई ठोस रोक लगाई. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते तो आज यह हादसा टाला जा सकता था. प्रदेश में अब तक 20 बच्चों की मौत मध्य प्रदेश में मानसून के दो महीनों में इस तरह की घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक बारिश से भरी खदानों, तालाबों और गड्ढों में डूबकर कम से कम 20 बच्चों की मौत हो चुकी है. हाल ही में रीवा और मैहर में तीन बच्चों की डूबने से मौत हुई थी. इसके एक हफ्ते पहले छतरपुर जिले के एक गांव में तीन भाई-बहन तालाब में डूब गए थे.

शादी, धोखा और धर्मांतरण: इंस्पेक्टर की तीन शादियों का चौंकाने वाला खुलासा

लखनऊ लखनऊ नगर निगम जोन तीन में तैनात कर इंस्पेक्टर मो. इमरान खान पर उनकी दूसरी पत्नी ने पहली को बिना तलाक दिए धोखे में रखकर निकाह करने का आरोप लगाया है। यह भी आरोप लगाया है कि पति ने तीसरी शादी हिंदू महिला का धर्मांतरण कराकर की है। इस संबंध में उसने पति, ससुर, ननद समेत सात के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, जान से मारने का प्रयास और गर्भपात कराने का आरोप लगाते हुए चौक कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय ने बताया कि पीड़िता नेहा रिजवी ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। जांच की जा रही है। एक अगस्त 2021 को उसका निकाह नवल किशोर रोड चौपड़ अस्पताल के पास रहने वाले मो. इमरान के साथ हुआ था। निकाह में 1.11 लाख की मेहर दी गई थी। इसके अलावा अन्य तमाम सामान दिया गया था। करीब 10 लाख रुपये का खर्च हुआ। निकाह के बाद पति, सौतेली ननद रफत खान, फरहते खान, फिरदौस जाफरी, जेठ आदिल और ससुर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। स्कार्पियो की मांग की। मारपीट करने लगे। इस बीच गर्भवती हो गई। धोखे से दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। दहेज की मांग लगातार करते रहे। दबाव बनाने पर तीन लाख रुपये की व्यवस्था करके मायकेपक्ष ने दी। 24 जनवरी की रात ससुरालीजनों ने बेल्ट और डंडों से जमकर पीटा। गला दबाकर मारने की कोशिश की। भगा दिया बोले कि 20 लाख रुपये लेकर आओ नहीं तो मायके में ही रहना। भगाने से पहले एक सादे पेपर पर हस्ताक्षर भी करवा लिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति की पहली पत्नी कायनात थीं। उनसे भी कोर्ट में विवाद चल रहा है। निकाह से पहले कहा था कि कायनात से तलाक हो चुका है। झूठ बोलकर निकाह किया। बाद में पता चला कि तलाक हुआ ही नहीं है। उधर, पति ने एक हिन्दू महिला का धर्मांतरण कराकर उससे तीसरा निकाह कर लिया। विरोध किया तो उल्टा चोरी के झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। इसकी लिखित शिकायत चौक कोतवाली में की थी पर पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद उच्चाधिकारियों को 26 दिसंबर 2024 को डाक से पत्र भेजा। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट में अपील की। कोर्ट के आदेश पर शनिवार को चौक कोतवाली में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वीडियो वायरल करने और घर पर बुलडोजर चलवाने की धमकी पीड़िता ने बताया कि इमरान हमारे कुछ निजी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते है। ससुराल में रहने के कुछ आपत्तिजनक वीडियो भी अपने मोबाइल पर बना लिया था। व्हाट्सएप पर धमकी के साक्ष्य भी हैं। पीड़िता ने बताया कि चूंकि वह नगर निगम में अधिकारी हैं, इसलिए आए दिन मायके वाले घर के खिलाफ नोटिस जारी करवाकर बुल्डोजर चलवाने की धमकी देते हैं। इससे पूरे परिवारीजन परेशान हैं। कर निरीक्षक बोले आरोप निराधार, कर रही है ब्लैकमेल कर निरीक्षक मो. इमरान खान ने बताया कि उनके ऊपर लगे सारे आरोप निराधार हैं। किसी तीसरी महिला से निकाह अथवा शादी नहीं की है। किसी महिला का धर्मांतरण भी नहीं कराया है। नेहा रिजवी से भी मेरे या परिवार के द्वारा कभी कोई दहेज की मांग नहीं की गई। तीन साल पहले नेहा रिजवी से कोर्ट से नियमत: तलाक हुआ था। वह 20 लाख रुपये की मांग कर ब्लैकमेल कर रही थी। रुपयों की मांग पूरी न होने पर उन्होंने कोर्ट के आदेश पर निराधार और झूठे तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया है।  

क्रिकेट की दुनिया में भारत का दबदबा बरकरार, ICC ने दी 3 मेगा इवेंट्स की मेजबानी; पाक को झटका

नई दिल्ली  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने साल 2026 से 2031 तक होने वाले टूर्नामेंट्स के मेजबान देशों की घोषणा कर दी है। इसमें 3 टूर्नामेंट्स भारत की झोली में आए हैं तो इंग्लैंड को सबसे ज्यादा 4 टूर्नामेंट्स की मेजबानी मिली है। साल 2026 में टी20 वर्ल्डकप के बाद भारत को दो बड़े आयोजनों की मेजबानी का जिम्मा सौंपा गया है, जिसमें 2029 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2031 में आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप (वनडे वर्ल्डकप )शामिल है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड को 2027, 2029 और 2031 में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल की मेजबानी का अधिकार मिला है। साथ ही 2030 में आयोजित होने वाले टी20 वर्ल्डकप के लिए उन्हें आयरलैंड और स्कॉटलैंड के साथ सह मेजबान बनाया गया है। टीम इंडिया 2031 का वनडे वर्ल्डकप बांग्लादेश के साथ मिलकर होस्ट करेगी। इसी तरह अगले साल यानी 2026 में मेंस टी20 विश्वकप की मेजबानी भारत और श्रीलंका मिलकर करेंगे। यह टूर्नामेंट फरवरी-मार्च में आयोजित होगा, जिसमें 20 टीमों को 4 अलग अलग ग्रुप में बांटा जाएगा। नामिबिया बनेगा पहली बार मेजबान भारत के बड़े स्टेडियम जैसे कोलकाता का ईडन गार्डन्स और श्रीलंका का आर. प्रेमदासा स्टेडियम इस आयोजन के फाइनल को होस्ट कर सकते हैं। इसके बाद 2027 में वनडे विश्व कप का आयोजन दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया मिलकर करेंगे। पहली बार नामीबिया किसी आईसीसी इवेंट की मेजबानी करेगा। 2028 में टी20 वर्ल्डकप की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड मिलकर करेंगे तो 2029 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की मेजबानी इंग्लैंड को दी गई है। 2029 में होने वाले आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी भारत करेगा तो 2030 टी20 वर्ल्डकप की मेजबानी इंग्लैंड, आयरलैंड और स्कॉटलैंड मिलकर करेंगे। 1999 के बाद आयरलैंड और स्कॉटलैंड पहली बार किसी बड़े क्रिकेट इवेंट की मेजबानी करेंगे। इसके बाद 2031 में भारत और बांग्लादेश मिलकर आईसीसी मेंस वनडे क्रिकेट वर्ल्डकप की मेजबानी करेंगे। इस दौरान पाकिस्तान को एक भी आईसीसी इवेंट की मेजबानी नहीं दी गई है। वेस्टइंडीज भी खाली हाथ लौटा है, जिसने 2024 में टी20 वर्ल्डकप की मेजबानी की थी। 2003 के बाद साउथ अफ्रीका को 24 साल बाद वनडे क्रिकेट वर्ल्डकप की मेजबानी मिली है।