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यूथ कांग्रेस का सदस्यता अभियान ऐतिहासिक, मप्र में पार किए 15 लाख सदस्यता के आंकड़े

भोपाल   मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस की चुनावी प्रक्रिया पूरी हो गई है। पूरे प्रदेश से लगभग 16 लाख युवाओं ने कांग्रेस की सदस्यता ली है। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के लिए 18 प्रत्याशी मैदान में है। प्रदेश महासचिव पद के लिए 182 दावेदार है। संगठन का दावा है कि करीब दो महीने बाद नई कार्यकारिणी मिल जाएगी।युवा कांग्रेस के चुनाव में सबसे ज्यादा घमासान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के गृह जिले धार में देखने को मिला है। धार में युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के लिए सबसे ज्यादा 15 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। नए सदस्यों के दस्तावेजों की होगी जांच एमपी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि यूथ कांग्रेस के महासचिव के अलावा ब्लॉक अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष के दावेदारों को वोट किया। अब 16 लाख के करीब बनाए गए सदस्यों के दस्तावेजों की जांच होगी। दस्तावेजों में त्रुटि पाए जाने पर सदस्यता निरस्त की जाएगी। इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में करीब दो माह का समय लगेगा। करीब 2 महीने के बाद यूथ कांग्रेस को नया अध्यक्ष और नई कार्यकारिणी मिलेगी। प्रदेश अध्यक्ष पद पर प्रथम तीन उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए आलाकमान दिल्ली बुलाएगा। इसके बाद नाम का ऐलान किया जाएगा। एक सदस्य ने छह वोट किए मध्य प्रदेश में युवा कांग्रेस संगठन चुनाव के लिए सदस्यता लेने और मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं। एमपी में 20 जून की सुबह 9 बजे से मतदान और सदस्यता प्रक्रिया शुरू हुई, जो 19 जुलाई की शाम तक चली। युवा कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, जिला महासचिव के पद पर वोटिंग हुई। एक सदस्य ने छह वोट किए। प्रदेश अध्यक्ष के लिए ये दावेदार  युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कुल 18 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। जिनमें जावेद पटेल, योगिता सिंह, नीरज पटेल, गीता कड़वे, अभिषेक परमार, विश्वजीत सिंह चौहान, विनय पांडे, प्रमोद सिंह, प्रियेश चौकड़े, राजवीर कुड़िया, अब्दुल करीम सिद्दीकी, शुभंगाना राजे, आशीष चौबे, यश घनघोरिया, स्वीटी पाटिल, देवेंद्र सिंह दादू, शिवराज यादव, मोनिका मांडरे चुनावी मैदान में हैं। कमलनाथ के जिले में मुकाबला नहीं पूर्व सीएम कमलनाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा और पांढुर्णा ेमें युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष के लिए कोई मुकाबला नजर नहीं आया। दोनों जिलों में सिर्फ एक-एक उम्मीदवार ने चुनाव लड़ा। हरदा में भी सिंगल केंडिडेट रहा। इन तीनों जिलों में निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाएंगे। दो महीने तक चलेगी स्क्रूटनी युवा कांग्रेस के चुनाव के लिए चलाए गए सदस्यता अभियान में नए मेंबर्स ने सदस्यता लेने के बाद 6 पदों के लिए मतदान किया है। ब्लॉक अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, प्रदेश महासचिव और प्रदेश अध्यक्ष का वोट डाले हैं। अब दो महीनों तक सभी वोटों की स्क्रूटनी होगी। इसमें ये देखा जाएगा कि वोट देने वाले ने अपने दस्तावेज अपलोड किए हैं या नहीं, मतदान के बाद वीडियो अपलोड किया है या नहीं। यदि मेंबरशिप फीस अदा नहीं की है तो वोट रिजेक्ट माना जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष के लिए त्रिकोणीय जंग युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। सबसे ज्यादा वोटिंग जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर में हुई है। जबलपुर के विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के बेटे यश घनघोरिया प्रदेश अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे नजर आ रहे हैं। वहीं भोपाल के अभिषेक परमार और ग्वालियर के शिवराज यादव ने भी चुनाव जीतने के लिए पूरा दम लगाया है। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के 19 उम्मीदवार     योगिता सिंह     जावेद पटेल     अभिषेक परमार     नीरज पटेल     गीता कडवे     प्रमोद सिंह     विश्वजीत सिंह चौहान     विनय पांडेय     राजवीर कुड़िया     प्रियेश चौकड़े     अब्दुल करीम कुरैशी     शुभांगना राजे जामनिया     आशीष चौबे     यश घनघोरिया     देवेंद्रसिंह दादू     स्वीटी पाटिल     शिवराज यादव     मोनिका मंडरे     राजीव सिंह प्रदेश महासचिव के लिए सबसे ज्यादा घमासान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव के लिए सबसे ज्यादा घमासान मचा है। महासचिव के लिए 182 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। प्रदेश कार्यकारिणी में अध्यक्ष के साथ नौ उपाध्यक्ष होंगे। इनमें एसटी, एससी, ओबीसी, महिला, अल्पसंख्यक और एक दिव्यांग उपाध्यक्ष होगा। ,48 प्रदेश महासचिव बनेंगे युवा कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी में 48 प्रदेश महासचिव बनाए जाएंगे। इनमें 17 महासचिव अनारक्षित वर्ग से होंगे। 3 एसटी, एससी, 5 ओबीसी, 5 अल्पसंख्यक, 11 महिला, 2 ओबीसी महिला, एक अल्पसंख्यक महिला, एक दिव्यांग और एक ट्रांसजेंडर को महासचिव बनाया जाएगा।  

यूथ कांग्रेस का सदस्यता अभियान ऐतिहासिक, मप्र में पार किए 15 लाख सदस्यता के आंकड़े

भोपाल   मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस की चुनावी प्रक्रिया पूरी हो गई है। पूरे प्रदेश से लगभग 16 लाख युवाओं ने कांग्रेस की सदस्यता ली है। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के लिए 18 प्रत्याशी मैदान में है। प्रदेश महासचिव पद के लिए 182 दावेदार है। संगठन का दावा है कि करीब दो महीने बाद नई कार्यकारिणी मिल जाएगी।युवा कांग्रेस के चुनाव में सबसे ज्यादा घमासान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के गृह जिले धार में देखने को मिला है। धार में युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष के लिए सबसे ज्यादा 15 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। नए सदस्यों के दस्तावेजों की होगी जांच एमपी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि यूथ कांग्रेस के महासचिव के अलावा ब्लॉक अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष के दावेदारों को वोट किया। अब 16 लाख के करीब बनाए गए सदस्यों के दस्तावेजों की जांच होगी। दस्तावेजों में त्रुटि पाए जाने पर सदस्यता निरस्त की जाएगी। इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में करीब दो माह का समय लगेगा। करीब 2 महीने के बाद यूथ कांग्रेस को नया अध्यक्ष और नई कार्यकारिणी मिलेगी। प्रदेश अध्यक्ष पद पर प्रथम तीन उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए आलाकमान दिल्ली बुलाएगा। इसके बाद नाम का ऐलान किया जाएगा। एक सदस्य ने छह वोट किए मध्य प्रदेश में युवा कांग्रेस संगठन चुनाव के लिए सदस्यता लेने और मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं। एमपी में 20 जून की सुबह 9 बजे से मतदान और सदस्यता प्रक्रिया शुरू हुई, जो 19 जुलाई की शाम तक चली। युवा कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, जिला महासचिव के पद पर वोटिंग हुई। एक सदस्य ने छह वोट किए। प्रदेश अध्यक्ष के लिए ये दावेदार  युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कुल 18 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। जिनमें जावेद पटेल, योगिता सिंह, नीरज पटेल, गीता कड़वे, अभिषेक परमार, विश्वजीत सिंह चौहान, विनय पांडे, प्रमोद सिंह, प्रियेश चौकड़े, राजवीर कुड़िया, अब्दुल करीम सिद्दीकी, शुभंगाना राजे, आशीष चौबे, यश घनघोरिया, स्वीटी पाटिल, देवेंद्र सिंह दादू, शिवराज यादव, मोनिका मांडरे चुनावी मैदान में हैं। कमलनाथ के जिले में मुकाबला नहीं पूर्व सीएम कमलनाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा और पांढुर्णा ेमें युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष के लिए कोई मुकाबला नजर नहीं आया। दोनों जिलों में सिर्फ एक-एक उम्मीदवार ने चुनाव लड़ा। हरदा में भी सिंगल केंडिडेट रहा। इन तीनों जिलों में निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाएंगे। दो महीने तक चलेगी स्क्रूटनी युवा कांग्रेस के चुनाव के लिए चलाए गए सदस्यता अभियान में नए मेंबर्स ने सदस्यता लेने के बाद 6 पदों के लिए मतदान किया है। ब्लॉक अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, प्रदेश महासचिव और प्रदेश अध्यक्ष का वोट डाले हैं। अब दो महीनों तक सभी वोटों की स्क्रूटनी होगी। इसमें ये देखा जाएगा कि वोट देने वाले ने अपने दस्तावेज अपलोड किए हैं या नहीं, मतदान के बाद वीडियो अपलोड किया है या नहीं। यदि मेंबरशिप फीस अदा नहीं की है तो वोट रिजेक्ट माना जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष के लिए त्रिकोणीय जंग युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। सबसे ज्यादा वोटिंग जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर में हुई है। जबलपुर के विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के बेटे यश घनघोरिया प्रदेश अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे नजर आ रहे हैं। वहीं भोपाल के अभिषेक परमार और ग्वालियर के शिवराज यादव ने भी चुनाव जीतने के लिए पूरा दम लगाया है। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के 19 उम्मीदवार     योगिता सिंह     जावेद पटेल     अभिषेक परमार     नीरज पटेल     गीता कडवे     प्रमोद सिंह     विश्वजीत सिंह चौहान     विनय पांडेय     राजवीर कुड़िया     प्रियेश चौकड़े     अब्दुल करीम कुरैशी     शुभांगना राजे जामनिया     आशीष चौबे     यश घनघोरिया     देवेंद्रसिंह दादू     स्वीटी पाटिल     शिवराज यादव     मोनिका मंडरे     राजीव सिंह प्रदेश महासचिव के लिए सबसे ज्यादा घमासान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव के लिए सबसे ज्यादा घमासान मचा है। महासचिव के लिए 182 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। प्रदेश कार्यकारिणी में अध्यक्ष के साथ नौ उपाध्यक्ष होंगे। इनमें एसटी, एससी, ओबीसी, महिला, अल्पसंख्यक और एक दिव्यांग उपाध्यक्ष होगा। ,48 प्रदेश महासचिव बनेंगे युवा कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी में 48 प्रदेश महासचिव बनाए जाएंगे। इनमें 17 महासचिव अनारक्षित वर्ग से होंगे। 3 एसटी, एससी, 5 ओबीसी, 5 अल्पसंख्यक, 11 महिला, 2 ओबीसी महिला, एक अल्पसंख्यक महिला, एक दिव्यांग और एक ट्रांसजेंडर को महासचिव बनाया जाएगा।  

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को नई रफ्तार: सीएम विष्णु देव साय ने आधुनिक एम्बुलेंस को किया रवाना

  सीएसआर निधि से प्रदत्त एम्बुलेंस में उपलब्ध है बेसिक लाइफ सपोर्ट समेत आधुनिक सुविधाएँ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया स्थित कैम्प कार्यालय परिसर से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह एम्बुलेंस बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधि से प्रदत्त है, जिसमें बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम सहित अन्य उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। यह एम्बुलेंस मुख्य रूप से मनोरा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु रखी जाएगी, जिसकी सेवाएँ आवश्यकता अनुसार पूरे जिले में ली जा सकेंगी। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा परिवहन सेवा सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सहायता मिल सकेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के लिए कृतसंकल्पित है। उनकी पहल पर विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने बताया कि कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज और 50 बिस्तर वाला मातृ एवं शिशु अस्पताल, जशपुर में प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना का कार्य प्रगति में है। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

तवा डैम ओवरफ्लो के चलते तीन गेट खुले, निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ी

इटारसी नर्मदापुरम क्षेत्र में इन दिनों मानसून मेहरबान है। झमाझम बारिश से नदी-नालों में उफान आ गया है। इटारसी में तवा बांध के तीनों गेट खोल दिये गए हैं। कैचमेंट एरिया में जारी लगातार तेज वर्षा के कारण शुक्रवार शाम तवा बांध के तीन गेट खोले गए हैं। इस मानसून में यह पहला मौका है जब बांध से पानी छोड़ा जा रहा है।     बांध के तीन गेट को शाम 4:30 बजे के बाद खोलकर तवा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है।     अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर तक बांध के कैचमेंट एरिया में इनफ्लो बढ़ रहा था।     गवर्निंग लेबल को देखते हुए बांध प्रबंधन ने पहले ही गेट खोलने का निर्णय कर लिया था।     तवा का वर्तमान जल स्तर 1159.80 फीट होने पर गेट खोलकर 14802 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।     31 जुलाई तक बांध में 1158 फीट जलस्तर नियंत्रित रखना है।     इससे ज्यादा भराव होने पर गेट खोलकर अतिरिक्त पानी निकाला जा रहा है। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट कार्यपालन यंत्री तवा परियोजना ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा आगामी 24 घंटे में कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। तवा बांध के जल संग्रहण क्षेत्र पचमढ़ी, मटकुली एवं सीमावर्ती जिलों में हो रही निरंतर वर्षा से बांध में जल की बढ़ती आवक को देखते हुए बांध के 3 गेट को 3-3 फीट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने हालात को देखते हुए तवा एवं नर्मदा तटीय इलाकों में बसे गांव में अलर्ट जारी किया है।

श्रद्धा का सैलाब: बाबा बर्फानी के लिए एक और जत्था रवाना

जम्मू,  दक्षिण कश्मीर हिमालय स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बफार्नी के दर्शन करने के लिये 2,896 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था शुक्रवार सुबह 'बम बम भोले' का जयघोष करते हुए यात्री निवास भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। सरकारी सूत्रों ने बताया “ आज सुबह 2,896 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू आधार शिविर से कश्मीर स्थित श्री अमरनाथ यात्रा गुफा मंदिर के लिए रवाना हुआ।” उन्होंने बताया कि 790 तीर्थयात्री पहलगाम और 2,106 तीर्थयात्री बालटाल के लिए 117 वाहनों के बेड़े में रवाना हुए, जिनमें हल्के मोटर वाहन और भारी वाहन शामिल हैं। यह वार्षिक तीर्थयात्रा दो जुलाई को दोनों मार्गों से शुरू हुई थी और 09 अगस्त को रक्षाबंधन पर समाप्त होगी। अब तक तीन लाख से अधिक तीर्थयात्री पवित्र हिमलिंग के दर्शन कर चुके हैं।  

सुष्मिता सेन की युवाओं से अपील- ‘सपने देखें पर हिम्मत भी जरूरी’

मुंबई, पूर्व मिस यूनिवर्स और अभिनेत्री सुष्मिता सेन ने इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) में युवाओं को संबोधित करने के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। सुष्मिता सेन ने इंस्टाग्राम पर अपनी लेटेस्ट तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें वह ब्लैक ड्रेस में पोज देती नजर आईं। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “निमंत्रण मिलना सम्मान है, प्रेरित करना जिम्मेदारी। आईआईएमयूएन आपके जोश, सवालों और भविष्य के लिए अटूट आशा के लिए धन्यवाद। उन लोगों के बीच होना खुशी की बात थी, जो सिर्फ सपने नहीं देखते, बल्कि हिम्मत भी दिखाते हैं। अडिग रहें, विनम्र रहें। सुष्मिता ने छात्रों से कहा, “लोग आपको खूबसूरत कहेंगे, लेकिन यह सिर्फ शारीरिक सुंदरता नहीं है। अगर कोई चीज आपको आत्मविश्वास देती है, तो उसे अपनाएं। यह आपका जीवन और आपकी पहचान है। खुद को स्वीकार करें, ताकि आप दूसरों का आलोचनात्मक नजरिए से मूल्यांकन न करें।” सुष्मिता सेन 15 जुलाई को बांद्रा में आयोजित आईआईएमयूएन की 10वीं ‘रोल मॉडल सीरीज’ में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम का संचालन संगठन के संस्थापक ऋषभ शाह ने किया। इवेंट में सुष्मिता सेन के साथ अभिनेत्री विद्या बालन और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी शामिल हुईं। वर्कफ्रंट की बात करें तो सुष्मिता की वेब सीरीज आर्या काफी हिट रही है। क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज ‘आर्या 3’ में भी उनका दमदार अंदाज दिखा था। यह सीरीज डच ड्रामा ‘पेनोजा’ पर आधारित है, जिसमें सुष्मिता ने आर्या नाम की एक महिला का किरदार निभाया, जो अपने पति की हत्या का बदला लेने के लिए माफिया गैंग में शामिल होती है और अपने परिवार की रक्षा करती है। सीरीज पिछले साल फरवरी में रिलीज हुई थी। ‘आर्या’ को इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स 2021 के लिए सर्वश्रेष्ठ ड्रामा सीरीज श्रेणी में नॉमिनेट किया गया था।  

UK के बाजार में बढ़ेगी भारतीय उत्पादों की मांग, FTA से भारत को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच द्विपक्षीय व्यापर को लेकर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन हो चुकी है. इस समझौते के बाद UK का बड़ा बाजार भारतीय प्रोडक्ट्स के लिए खुल जाएंगे, जबकि ब्रिटिश प्रोडक्ट्स की भारत में मौजूदगी और बिक्री दोनों बढ़ जाएगी. लेकिन अब अनुमान ये लगाया जा रहा है कि इस डील से किस देश को ज्यादा फायदा होने वाला है, जबकि अभी तो केवल दस्तावेजों पर ही साइन हुए हैं. दरअसल, UK के बीच यह समझौता दोनों देशों के लिए 'Win-Win' वाला सिचुएशन है. लेकिन भारत को दीर्घकालिक लाभ अधिक हो सकता है, क्योंकि इसके एक्सपोर्ट सेक्टर में खासकर MSME और कृषि को वैश्विक बाजार में मजबूती मिलेगी. साथ ही भारतीय प्रोफेशनल के लिए ब्रिटेन में अवसर बढ़ेंगे. अगर यूके की बात करें तो उसे तत्काल आर्थिक राहत और भारतीय बाजार में पहुंच का फायदा होने वाला है. दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 120 अरब डॉलर तक बढ़ाना है, जो इस समझौते का पहला टारगेट है. ब्रिटेन पहले से ही भारत में 36 अरब डॉलर का निवेशक है. इस समझौते से मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में और निवेश की संभावना है.  दोनों देशों के बीच व्यापार टारगेट बता दें, दोनों देशों के बीच साल 2023-24 में व्यापार 4.74 लाख करोड़ रुपये (लगभग 60 अरब डॉलर) का था, और इस समझौते से भारत का निर्यात 60% तक बढ़ सकता है. अनुमान है कि अगले 5 साल में भारतीय गारमेंट्स, चमड़ा, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद और ऑटोमोबाइल पार्ट्स जैसे क्षेत्रों में ब्रिटेन को निर्यात में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.  ब्रिटेन में खूब बिकेंगे ये प्रोडक्ट्स इस समझौते से 95% से अधिक कृषि और इससे जुड़े खाद्य प्रोडक्ट्स पर शून्य शुल्क लगेगा, जिससे कृषि निर्यात बढ़ेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ताकत मिलेगी. अगले तीन वर्षों में कृषि निर्यात में 20% से अधिक की बढ़ोतरी का अनुमान है, जो 2030 तक भारत के 100 अरब डालर के कृषि-निर्यात के लक्ष्य को पूरा करने में योगदान देगा. ब्रिटेन के 90% उत्पादों पर भारत में शुल्क हटाया जाएगा या कम किया जाएगा. ब्रिटेन में भारतीय मसाले, फल-सब्जियां, और हस्तशिल्प सस्ते और अधिक उपलब्ध होंगे. स्कॉच व्हिस्की (150% से 75%, फिर 10 वर्षों में 40%), कारें (100% से 10%), कॉस्मेटिक्स, चॉकलेट, बिस्किट, सैल्मन मछली, और मेडिकल डिवाइसेज जैसे उत्पाद भारत में सस्ते होंगे.   किसान के लिए बड़े मौके इससे भारतीय किसानों के लिए प्रीमियम ब्रिटिश बाजार के दरवाजे खुलेंगे, जो जर्मनी, नीदरलैंड और अन्य यूरोपीय संघ के देशों को मिलने वाले फायदे के बराबर या उससे भी अधिक होगा. हल्दी, काली मिर्च, इलायची, अचार और दालों को भी शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी. जबकि ब्रिटेन का भारत को निर्यात (व्हिस्की, कारें, मेडिकल उपकरण) भी 60% तक बढ़ सकता है. लक्ष्य ये भी है कि दोनों देशों के बीच व्यापार प्रक्रियाओं को सरल और डिजिटल बनाए, जिससे व्यापार लागत कम होगी. इस डील एक हिस्सा ये भी है कि भारत में कपड़ा, चमड़ा, और रत्न-आभूषण जैसे उद्योगों नौकरिकों के अवसर बढ़ेंगे. MSME सेक्टर विशेष रूप से क्षेत्रीय हस्तशिल्प जैसे कोल्हापुरी चप्पल और बनारसी साड़ी, को ब्रिटेन के बाजार में बढ़त मिलेगी. ब्रिटेन में भी हजारों नौकरियां पैदा होंगी, खासकर व्हिस्की, ऑटोमोबाइल, और चिकित्सा उपकरण सेक्टर में.  भारत के 99% निर्यात पर ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जिसपर फिलहाल 4-16% शुल्क लिए जाते हैं. इससे वस्त्र, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों को बड़ा फायदा होगा. विशेष रूप से कृषि और समुद्री उत्पादों (जैसे झींगा, टूना, मसाले, हल्दी, कटहल, बाजरा) पर 95% से अधिक शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जिससे अगले 5 वर्षों में कृषि निर्यात में 20% की वृद्धि की उम्मीद है.  मेक इन इंडिया की ताकत उम्मीद की जा रही है कि 5 साल के बाद यह समझौता भारत में 'मेक इन इंडिया' और महिला उद्यमिता को मजबूती देगा, क्योंकि समझौते में लैंगिक समानता और श्रम अधिकारों पर जोर दिया गया है. डील के तहत भारतीय प्रोफेशनल (जैसे आईटी, हेल्थ, योग प्रशिक्षक) को ब्रिटेन में अस्थायी वीजा और सामाजिक सुरक्षा अंशदान में तीन साल की छूट से लाभ होगा. जबकि 5 साल के बाद करीब 100 अतिरिक्त वार्षिक वीजा और बढ़ी हुई श्रम गतिशीलता से भारतीय युवाओं को ब्रिटेन में अधिक अवसर मिलेंगे. 60,000 से अधिक आईटी पेशेवरों को ब्रिटेन में अस्थायी वीजा के माध्यम से काम करने में आसानी होगी. आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी का विस्तार यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा. साल 2030 तक यानी 5 साल के बाद भारत और ब्रिटेन 'UK-India Vision 2035' के तहत रक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, जलवायु, और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे. हालांकि फिलहाल ये यह कहना कि किसे ज्यादा फायदा होगा, ये जटिल है, क्योंकि दोनों देशों को अलग-अलग क्षेत्रों में महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे. 

रंग लाई मुख्यमंत्री की पहल, जशपुर मेेें शुरू हुई एयर स्कवाड्रन

मुख्यमंत्री साय के प्रयासों से मिली स्वीकृति स्थानीय युवाओं को कैरियर बनाने में मिलेगी मदद मुख्यमंत्री से एयर एनसीसी के छात्रों ने की मुलाकात  रायपुर, छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के युुवाओं को अब एनसीसी में एयर स्क्वाड्रन के जरिए अपना कैरियर बनाने के लिए मदद मिल पाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जिले के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में एनसीसी की एयर स्क्वाड्रन शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। यह छत्तीसगढ़ की 3 सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन होगी।  श्री साय के प्रयासों से यह  जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो स्थानीय युवाओं के भविष्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगी।      मुख्यमंत्री ने विद्यालय में एयर एनसीसी के लिए चयनित 25 मेधावी विद्यार्थियों को एनसीसी कैडेट्स का बैच लगाकर पंजीयन की शुरुआत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इनमें 13 बालिकाएं और 12 बालक शामिल हैं।  इस अवसर पर विंग कमांडर श्री विवेक कुमार साहू ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप  सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।      उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने पिछले एनसीसी दिवस समारोह के दौरान रायपुर के समान राज्य के अन्य हवाई पट्टी वाले शहरों में भी एनसीसी की एयर स्कवाड्रन शुरू करने की इच्छा व्यक्त की थी। अभी तक छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर में ही एयर एनसीसी और उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जशपुर जैसे स्थानों पर भी हवाई पट्टियों की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री की इस पहल पर मार्च माह में जशपुर की आगडीह हवाई पट्टी को 3 सीजी एयर एनसीसी स्क्वाड्रन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई और एक माइक्रोलाइट विमान को प्रशिक्षण हेतु जशपुर भेजा गया। इस दौरान लगभग 100 कैडेट्स को उड़ान का वास्तविक अनुभव प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं हवाई पट्टी पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और कैडेट्स से संवाद किया। कैडेट्स ने उन्हें विमान से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ भी साझा कीं। प्रशिक्षण प्राप्त कैडेट को रोजगार के बेहतर अवसर     वर्तमान में 3 सीजी एयर एनसीसी एयर स्क्वाड्रन, पूरे देश में एकमात्र एयर स्क्वाड्रन है जिसमें एम्स, एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्र कैडेट के रूप में जुड़े हुए हैं। कैडेटों को  यूपीएससी और एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से सेना में 25 वैकेन्सी /पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं, एसएससी के माध्यम से ऑफिसर्स ट्रेनिग अकादमी के लिए 50 वैकेंसी/पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं जिसमें यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है और केवल एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से चयन के अवसर मिलते है। 20 सीटें लडकियों के लिए आरक्षित होती हैं। वायु सेना के उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों सहित सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत वेकेंसी होती है। जिसके लिए एएफसीएटी, यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। इसी तरह से पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती में 2 से 10 बोनस अंक दिया जाता है।कई उद्योगों में भी एनसीसी सी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है।

कंबोडिया vs थाईलैंड टकराव से बढ़ा संकट, पहले ही यूक्रेन-PAK-ईरान झेल चुके तबाही

बैंकॉक/नोम पेन्ह  थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्ध भयानक होता जा रहा है। थाईलैंड की सेना ने अब कंबोडिया के खिलाफ 'ऑपरेशन युथा बोडिन' लॉन्च करने का ऐलान किया है। थाई सेना ने कहा है कि वो 'पवित्र भूमि के लिए युद्ध' शुरू कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक थाईलैंड की सेना ने ऑपरेशन लॉन्च करने की घोषणा करते हुए कहा है कि उसका मकसद 'थाई भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को कुचलने' की है। कंबोडिया की सेना पर जबरदस्त हमला करते हुए थाईलैंड की सेना ने 'युथा बोडिन' नाम से जबरदस्त जमीनी और हवाई हमला शुरू कर दिया है। जिसके बाद सीमा पर जारी हिंसक झड़पों के दूसरे दिन थाईलैंड की सरकार ने 4 सीमावर्ती प्रांतों से एक लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक अब तक 15 लोगों की मौत की रिपोर्ट दर्ज दी गई है, जिनमें 14 आम नागरिक हैं। आपको बता दें कि गुरुवार को सुबह सुबह दोनों देशों की सेनाओं के बीच एक विवादित इलाके में गोलीबारी शुरू होने के साथ युद्ध शुरू हो गई थी। जल्द ही यह झड़प भारी हथियारों और रॉकेट हमलों में तब्दील हो गई। थाई सेना ने बयान में कहा है कि कंबोडियाई सेना ने BM-21 ग्रैड रॉकेट सिस्टम और फील्ड आर्टिलरी का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा थाईलैंड की सेना ने कहा है कि 'स्थिति के मुताबिक उचित कार्रवाई की जा रही है।' जबकि कंबोडिया ने दावा किया कि थाई सैनिकों ने बिना उकसावे के उनके इलाके में घुसपैठ की, जिसके जवाब में उन्होंने 'आत्मरक्षा के अधिकार' के तहत कार्रवाई की है। थाईलैंड का 'युथा बोडिन' ऑपरेशन कितना खतरनाक? आपको बता दें कि थाईलैंड की भाषा में 'युथा बोडिन' का मतलब "भूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च युद्ध" होता है। 'युथा' युद्ध का प्रतीक है, जबकि 'बोडिन' पवित्र भूमि को दर्शाता है। थाईलैंड के सैन्य अधिकारियों के मुताबिक यह नाम थाईलैंड की संप्रभुता का उल्लंघन करने की हिम्मत करने वाले किसी भी विरोधी के खिलाफ एक निर्णायक और वैध रणनीतिक प्रतिक्रिया को दर्शाता है। इसके अलावा थाईलैंड की सेना ने अपने अभियान में कहा है कि "थाई भूमि पर अतिक्रमण करने वाले सभी लोगों को कुचल दो, जमीन के लिए, लोगों के लिए, थाई सम्मान के लिए।" थाईलैंड की सेना ने शुक्रवार को उबोन रत्चथानी और सुरिन प्रांतों में झड़पों की सूचना दी है। इसने कहा है कि कंबोडिया ने तोपखाने और रूस के बने रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल किया है। थाई सेना ने एक बयान में कहा है कि "कंबोडियाई बलों ने भारी हथियारों, फील्ड आर्टिलरी और बीएम-21 रॉकेट सिस्टम का उपयोग करके लगातार बमबारी की है।" रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच की ये झड़प करीब 209 किलोमीटर के दायरे में हो रही है। जिसमें कम से कम 6 जगहों पर भारी गोलीबारी हो रही है। दोनों देशों के बीच 13 वर्षों में सबसे भीषण लड़ाई तब शुरू हुई, जब थाईलैंड ने बुधवार को नोम पेन्ह स्थित अपने राजदूत को वापस बुला लिया और कंबोडिया के दूत को निष्कासित कर दिया। यह घटना उस घटना के बाद हुई जिसमें एक अन्य थाई सैनिक बारूदी सुरंग हमले में घायल हो गया। बैंकॉक का आरोप है कि कंबोडिया ने ये बारूदी सुरंग बिछाया था। थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथाम वेचायाचाई ने कहा है कि "हम शांति से समाधान चाहते हैं, लेकिन यह एक जानबूझकर उकसावे वाली कार्रवाई है। हमें अपनी सीमाओं की रक्षा करनी पड़ी।" कंबोडिया-थाईलैंड टकराव बना साल का छठा संघर्ष, यूक्रेन से PAK तक दुनिया में अशांति 2025 दुनिया के लिए युद्धों का साल बन गया है. कंबोडिया-थाईलैंड युद्ध इस साल का पांचवां बड़ा संघर्ष है, जो प्रीह विहार और ता मुएन थोम मंदिरों के पास सीमा विवाद से शुरू हुआ. इसके अलावा, भारत-पाकिस्तान युद्ध, यूक्रेन-रूस, इज़रायल-हमास, सूडान गृहयुद्ध और ईरान-पाकिस्तान तनाव ने दुनिया को हिलाकर रख दिया, इन युद्धों ने लाखों लोगों की जान ली, इमारतों को मलबे में बदला और हथियारों की बिक्री को आसमान पर पहुंचा दिया. आइए, इन पांच युद्धों की तबाही, मौतें, इमारतों का नुकसान और हथियारों की बिक्री को समझते हैं. 1. भारत-पाकिस्तान युद्ध (2025) क्या हुआ? 7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए. ये कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (26 नागरिक मारे गए) के जवाब में थी. पाकिस्तान ने इसे युद्ध की कार्रवाई बताकर जवाबी हमले शुरू किए, जिसमें ड्रोन, मिसाइल और फाइटर जेट्स का इस्तेमाल हुआ. 10 मई को युद्धविराम हुआ.  तबाही और मौतें भारत मौतें: 16 नागरिक (पुंछ में 5 बच्चे शामिल).    नुकसान: जम्मू, श्रीनगर, पुंछ और राजौरी में गोलाबारी से घर, एक हिंदू मंदिर और बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त.  विस्थापन: हजारों लोग जम्मू-कश्मीर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों से भागे. पाकिस्तान मौतें: 40 नागरिक (7 महिलाएं, 15 बच्चे) और 11 सैनिक मारे गए. 100+ आतंकी मारे गए. नुकसान: मुरीदके, बहावलपुर, और 11 एयरबेस (सूरतगढ़, सिरसा, आदि) तबाह. विस्थापन: लाहौर और सियालकोट में लोग सुरक्षित ठिकानों पर गए. हथियारों की बिक्री भारत: राफेल जेट्स, ब्रह्मोस मिसाइल, S-400 डिफेंस सिस्टम और इज़रायल-भारत ड्रोन का इस्तेमाल.   पाकिस्तान: JF-17 जेट्स (चीन), शाहेद-136 ड्रोन (ईरान) और 122 मिमी रॉकेट।   विश्लेषण: इस युद्ध ने $5-10 बिलियन की हथियार खरीद को बढ़ावा दिया, खासकर ड्रोन और मिसाइल सिस्टम की मांग बढ़ी.   2. कंबोडिया-थाईलैंड युद्ध (2025) क्या हुआ? 24 जुलाई 2025 को थाईलैंड ने कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर F-16 जेट्स से हवाई हमले किए, क्योंकि कंबोडिया ने ड्रोन और रॉकेट से हमला किया था. ये विवाद प्रीह विहार और ता मुएन थोम मंदिरों के सीमा क्षेत्र को लेकर था.   तबाही और मौतें थाईलैंड मौतें: 14 लोग मारे गए (13 नागरिक, 1 सैनिक), 46 घायल.   नुकसान: सिसाकेट और सुरिन में गैस स्टेशन, अस्पताल और प्रीह विहार मंदिर को नुकसान.   विस्थापन: 40,000-1,00,000 लोग विस्थापित. कंबोडिया मौतें: 20 लोग मारे गए, दावे की पुष्टि नहीं.   नुकसान: ओड्डार मीनचे में सैन्य ठिकाने और पगोडा रोड नष्ट. हथियारों की बिक्री थाईलैंड: F-16 (अमेरिका) और SAAB ग्रिपेन.   कंबोडिया: BM-21 रॉकेट (चीन/रूस).   विश्लेषण: ड्रोन और रॉकेट सिस्टम की मांग बढ़ी. 3. यूक्रेन-रूस युद्ध (2022-2025) क्या हुआ? रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला शुरू किया, जो 2025 … Read more

मालदीव के रक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग पर पीएम मोदी का इतना बड़ा बैनर: मुइज्जू ने मोदी को ऐसे कहा शुक्रिया

नई दिल्ली मालदीव की राजधानी माले में हाल ही में बना रक्षा मंत्रालय भवन आज सुर्खियों में है. इस भवन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. मालदीव में रक्षा मंत्रालय भवन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर का होना भारत-मालदीव संबंधों की मजबूती और आपसी सम्मान का प्रतीक है. 25 जुलाई 2025 को पीएम मोदी की दो दिवसीय यात्रा के दौरान, जब वे राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर मालदीव पहुंचे, इस भवन पर उनकी तस्वीर लगाई गई, जो भारत की बढ़ती क्षेत्रीय प्रभावशक्ति और मालदीव के साथ रक्षा सहयोग को दर्शाती है. यह कदम हाल के तनावों के बाद संबंधों को फिर से मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है, खासकर जब मालदीव ने भारत को First Responder मानता है. कुछ लोग इसे भारत के प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश या चीन के बढ़ते हस्तक्षेप के जवाब के रूप में भी देखते हैं.   क्या है खास? इस बिल्डिंग में पर्यावरण का खास ख्याल रखा गया है. इसमें सौर पैनल और बादल संग्रहण प्रणाली लगाई गई है, जो इसे पर्यावरण-अनुकूल बनाती है. भवन में कमांड सेंटर, रक्षा संचालन कक्ष और प्रशिक्षण सुविधाएं हैं, जो मालदीव की सेना को आधुनिक तकनीक से लैस करेंगे. इसकी तीन मंजिलें और ग्लास फेसेड डिज़ाइन इसे भव्य बनाता है. क्यों बना यह भवन? मालदीव ने हाल के सालों में अपनी रक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया है, भारत-चीन प्रभाव के बीच. 2023 में मोहम्मद मुइज्जू की सरकार ने रक्षा बजट को दोगुना कर $50 मिलियन (लगभग 420 करोड़ रुपये) किया था. यह भवन उसी रणनीति का हिस्सा है, जो देश की समुद्री सीमाओं और पर्यटन को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है. भारत के साथ रिश्ता भारत ने इस प्रोजेक्ट में तकनीकी सहायता दी है. 2024 में भारत-मालदीव रक्षा समझौते के तहत भारतीय विशेषज्ञों ने भवन की सुरक्षा और डिज़ाइन में मदद की. मालदीव के रक्षा मंत्री ने कहा कि यह भवन हमारे देश की संप्रभुता को मजबूत करेगा. हालांकि, कुछ लोग इसे चीन के बढ़ते प्रभाव के जवाब के तौर पर देख रहे हैं.