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छात्राओं की शिकायतों पर लापरवाही, इंदौर कमिश्नर ने स्कूल प्रभारी को हटाया

खरगोन  जिले के धूलकोट सांदीपनि विद्यालय में छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायतों की अनदेखी का भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है। इंदौर के कमिश्नर दीपक सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने प्रभारी प्राचार्य सत्यनारायण मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल से मिली रिपोर्ट के आधार पर की गई है। दरअसल, अंशकालिक मजदूर पवन शर्मा पर स्कूल की छात्रों के साथ अनुचित हरकत करने के आरोप लगे थे। इस पर छात्राओं ने कई बार शिकायत की थी। लेकिन प्रभारी प्राचार्य सत्यनारायण मालवीय ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद जुलाई महीने में छात्र छात्राओं और उनके पेरेंट्स ने भगवानपुरा थाने का घेराव किया था। साथ ही भगवानपुर धूलकोट मार्ग पर 3 से 4 घंटे तक चक्का जाम कर दिया गया था। प्रदर्शन के बाद भी प्राचार्य की बेरुखी परिजनों के प्रदर्शन के बावजूद प्रभारी प्राचार्य मालवीय ने अपनी बेरूखी बनाए रखी और कोई कार्रवाई नहीं की थी। वहीं, छात्राओं की शिकायत पर कलेक्टर भव्या मित्तल ने एसडीएम खरगोन से जांच कराने के निर्देश दिए थे। जांच में प्रथम दृष्टिया मालवीय की गम्भीर लापरवाही सिद्ध हुई थी। इसके बाद इंदौर कमिश्नर ने प्रभारी प्राचार्य के एमपी सिविल सेवा नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए है। सत्यनारायण मालवीय (मूल पद लेक्चरर, कृषि) का मुख्यालय अब कार्यालय, परियोजना प्रशासक, एकीकृत आदिम जाति विकास परियोजना खरगोन रखा गया है। उनके स्थान पर उच्च माध्यमिक शिक्षक विनोद सांवलिया को अस्थाई रूप से सांदीपनि विद्यालय धूलकोट का प्राचार्य का दायित्व दिया गया है।

क्रोएशिया के जैक वुकुसिक का शानदार प्रदर्शन, दर्ज हुआ ऐतिहासिक रिकॉर्ड

नई दिल्ली क्रिकेट जगत में रोज कुछ ना कुछ रिकॉर्ड बनते रहते हैं. अब क्रोएशियाई क्रिकेटर जैक वुकुसिक ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है. वुकुसिक इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे युवा कप्तान बन गए हैं. वुकुसिक ने महज 17 साल और 311 दिन की उम्र में साइप्रस के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में कोएशिया की कप्तानी की. इससे पहले ये रिकॉर्ड फ्रांस के नोमान अमजद के नाम था, जिनका रिकॉर्ड जैक वुकुसिक ने तोड़ दिया है. नोमान अहमद ने जुलाई 2022 में चेक गणराज्य के खिलाफ मुकाबले में फ्रांस की ओर से पहली बार कप्तानी करने उतरे थे. उस समय नोमान अहमद की उम्र 18 साल और 24 दिन थी. कार्ल हार्टमैन ने साल 2023 में 18 वर्ष और 276 दिन की उम्र में स्पेन के खिलाफ आइल ऑफ मैन की कप्तानी की. हार्टमैन इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं. इसके बाद लुवसानजुंडुई एर्डेनबुलगन का नंबर आता है, जिन्होंने हांग्जो एशियन गेम्स के दौरान 18 वर्ष और 324 दिन की उम्र में नेपाल के खिलाफ मंगोलिया की कप्तानी की. उसी साल डिडिएर एनडिकुब्विमाना ने 19 वर्ष और 327 दिन की उम्र में तंजानिया के खिलाफ रवांडा की कप्तानी की.. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पांच सबसे युवा कप्तान: जैक वुकुसिक (17 वर्ष & 311 दिन, 2025, क्रोएशिया vs साइप्रस) नोमान अमजद (18 वर्ष & 24 दिन, 2022, फ्रांस vs चेक गणराज्य) कार्ल हार्टमैन (18 वर्ष & 276 दिन, 2023, आइल ऑफ मैन vs स्पेन) लुवसंजुंडुई एर्डेनबुलगन (18 साल & 324 दिन, 2023, मंगोलिया vs नेपाल) डिडिएर एनडिकुब्विमाना (19 साल & 327 दिन, 2023, रवांडा vs तंजानिया) टेस्ट और ओडीआई में राशिद खान सबसे आगे जैक वुकुसिक अब इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे युवा कप्तान बन गए हैं. साथ ही वो किसी टी20 इंटरनेशनल मैच में कप्तानी करने वाले सबसे कम उम्र के कप्तान भी हैं. उधर वनडे इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में कप्तानी करने का रिकॉर्ड अफगानिस्तान के राशिद खान ने बनाया हुआ है. राशिद खान ने मार्च 2018 में स्कॉटलैंड के खिलाफ मुकाबले में जब पहली बार अफगानिस्तान की ओडीआई टीम की कमान संभाली थी, तब उनकी उम्र 19 साल और 165 दिन थी. फिर राशिद खान ने सितंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच में अफगानिस्तान की कप्तानी की. उस समय राशिद खान की उम्र 20 साल और 350 दिन थी. हालांकि जैक वुकुसिक के कप्तानी करियर का आगाज जीत से नहीं हुआ. उनकी टीम क्रोएशिया को साइप्रस के खिलाफ पहले दो टी20 इंटरनेशनल मैचों में बड़े अंतर से हार झेलनी पड़ी. पहले मैच में साइप्रस ने 213/3 का बड़ा स्कोर बनाया, जवाब में क्रोएशियाई टीम सिर्फ 155 रन ही बना सकी और 58 रनों से मैच हार गई. दूसरे मैच में क्रोएशिया पहले बल्लेबाजी करते हुए 132 रन पर ऑलआउट हो गया, जिसके बाद साइप्रस ने 133 रनों के टारगेट को 15.5 ओवर में सात विकेट शेष रहते हासिल कर लिया. जैक वुकुसिक का वैसे व्यक्तिगत प्रदर्शन शानदार रहा. पहले मैच में उन्होंने 32 गेंदों पर 43 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और दो छक्के शामिल रहे. साथ ही उन्होंने चार ओवर में 41 रन देकर एक विकेट लिया. खैर जो भी हो, वुकुसिक का यह रिकॉर्ड न केवल क्रोएशिया क्रिकेट के लिए बल्कि क्रिकेट जगत के लिए भी एक यादगार पल बन गया है.

IND vs ENG टेस्ट के बाद कोहली ने थामा वनडे का बल्ला, लंदन में शुरू की प्रैक्टिस

लंदन  भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खत्म होते ही स्टार भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में वापसी के लिए अभ्यास शुरू कर दिया है. जिसकी उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी साझा की है. जिसमें वो नेट सत्र में गुजरात टाइटन्स के सहायक कोच नईम अमीन के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं. कोहली ने नईम के साथ तस्वीर साझा करते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, 'ट्रेनिंग में मदद करने के लिए धन्यवाद, भाई. आपसे मिलकर हमेशा अच्छा लगता है.' विराट कोहली वनडे में वापसी के लिए तैयार बता दें कि हाल ही में भारतीय टेस्ट टीम ने इंग्लैंड को आखिरी टेस्ट में 6 रनों से हराकर 5 मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर कर दी थी. इसके बाद टीम इंडिया का अगला मैच एशिया कप है जो 9 सितंबर से शुरू हो रहा है. फिर उसके बाद अक्टूबर में वेस्टइंडीज से 2 मैचों की टेस्ट सीरीज है. लेकिन भारत का वनडे मैच 19 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होगा. जिसके लिए 36 वर्षीय कोहली ट्रेनिंग कर रहे है. आईपीएल ट्रॉफी उठाने के बाद ये कोहली का पहला प्रशिक्षण सत्र था. बता दें कि विराट कोहली टी20 आई और टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, अब वो केवल वनडे में ही खेलते हुए नजर आएंगे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व भारतीय कप्तान 19 से 25 अक्टूबर तक ऑस्ट्रेलिया में होने वाली तीन वनडे सीरीज के लिए राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हो सकते हैं. कोहली 2027 का वनडे वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं कोहली के 2027 के एकदिवसीय विश्व कप तक खेलने की उम्मीद है, और वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले मिलने वाले हर मौके का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे. चैंपियंस ट्रॉफी में वह अच्छी फॉर्म में थे, उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ शतक और न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में अर्धशतक बनाया था. 2025 में अब तक, कोहली ने 45.83 की औसत से 275 रन बनाए हैं. कोहली ने आखिरी बार जून में क्रिकेट खेला है बता दें कि विराट कोहली ने आखिरी बार जून में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के लिए क्रिकेट खेला था, जहां वह RCB की प्लेइंग इलेवन के सदस्य थे, जिसने IPL 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार ट्रॉफी जीती थी. कोहली ने खिताबी मुकाबले में 43 रनों की शानदार पारी खेली थी. कोहली इस साल की शुरुआत में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेले हैं. उसके बाद उन्होंने लाल गेंद वाले क्रिकेट से अचानक संन्यास की घोषणा करके प्रशंसकों को चौंका दिया. विराट कोहली की सफेद दाढ़ी हाल ही में विराट कोहली की लंदन में एक प्रशंसक के साथ एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है. जिसमें वो काली टोपी पहने हुए तस्वीर के लिए पोज देते हुए दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, इस तस्वीर का सबसे आकर्षक हिस्सा कोहली की सफेद दाढ़ी थी. जिसके बाद सोशल मीडिया पर ये अटकलें तेज हो गई कि 36 वर्षीय यह सुपरस्टार शायद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाला है. 

यासीन मछली गिरोह का पर्दाफाश, टेलीग्राम पर छुपाकर ड्रग्स की तस्करी, दिल्ली-राजस्थान से लाई जाती है ड्रग्स

भोपाल  भोपाल के हाईप्रोफाइल ड्रग तस्करी केस के मास्टरमाइंड यासीन अहमद उर्फ मछली के 15 गुर्गों की गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच कर चुकी है। उसके बेहद करीबी अंशुल सिंह उर्फ भूरी को रिमांड खत्म होने के बाद 7 अगस्त को क्राइम ब्रांच ने जेल भेज दिया है। उसने पूछताछ में पूरे नेटवर्क की अहम जानकारियां पुलिस को दी हैं। उसने बताया कि पब-क्लब में आने वाले युवक-युवतियों को यासीन ड्रग तस्करी के नेटवर्क में जोड़ता था।ड्रग डीलिंग के लिए टेलीग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल सिखाता था। माल की डिलीवरी विश्वासपात्र ग्राहकों को ही दी जाती थी। ऑर्डर देने के लिए खास कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। पूरे शहर में यासीन के लिए 50 से अधिक लोग ड्रग तस्करी का काम कर रहे थे। यह लोग दिल्ली और राजस्थान से ड्रग लाने से लेकर भोपाल में खपाने तक का काम करते थे।अलग-अलग पब और क्लब में सक्रिय हैं गुर्गे यासीन के गुर्गे शहर के अलग-अलग क्लब और पब में सक्रिय रहते हैं। यहां आने वाली युवतियों और युवकों में से ऐसे लोगों को टारगेट किया जाता था जो पहले से ही शराब या अन्य नशे के आदी हों। उनसे दोस्ती के बाद शुरुआती दिनों में फ्री ड्रग दिया जाता था। लत लगने पर इनसे एक डोज की कीमत 7 से 10 हजार रुपए तक की वसूली जाती थी।विदेशी नागरिकों से ड्रग डील के सबूत मिले यासीन और अंशुल के मोबाइल फोन में नाइजीरियन युवकों से चैट्स मिले हैं। सभी चैट्स में ड्रग डीलिंग के संबंध में बात हैं। इससे पहले भी क्राइम ब्रांच एक नाइजीरियन की गिरफ्तारी कर चुकी है। दो अन्य नाइजीरियन को भी पहचान कर हिरासत में लेने की बात कह रही है। फरारी में मदद करने वाला भी गिरफ्तार केस में ऐशबाग की सोनिया कॉलोनी में रहने वाला आरोपी सनव्वर फरार है। क्राइम ब्रांच ने उसके भाई शाकिर उर्फ छोटू अंसारी की गिरफ्तारी कर ली है। छोटू पर भाई की फरारी में मदद करने का आरोप है। एडिशनल डीसीपी बोले- अब तक 14 गिरफ्तार एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पूरे केस में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हर रोज यासीन के गिरोह से जुड़े होने के संदेह में संदेहियों को बुलाकर पूछताछ की जा रही है। अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। साक्ष्य मिलने पर पूछताछ के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया है। राजस्थान से दिल्ली तक यासीन को ड्रग सप्लाई करने वालों की तलाश की जा रही है।

AIIMS रायपुर और अन्य अस्पतालों की दयनीय स्थिति पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकार से सवाल

बिलासपुर  बिलासपुर हाई कोर्ट ने राजधानी रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) सहित प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्था, लापरवाही और घटिया स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने कहा कि प्रदेश की अधिकांश जनता निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने में सक्षम नहीं। ये सभी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर है। ऐसे में वहां की बदहाली बेहद चिंताजनक और गंभीर है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि स्वास्थ्य सचिव के शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब पेश किया जाए। अस्पताल में लंबी कतारें लगी रहती हैं। जांच के बाद सर्जरी के लिए 4 महीने रुकना पड़ता है। एक्स-रे जैसी साधारण जांच के लिए भी 3 घंटे का इंतजार करना पड़ता है। कोर्ट ने इन अव्यवस्थाओं के लिए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि राज्य की अधिकांश आबादी निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने में सक्षम नहीं है और उनकी स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य आधार सरकारी अस्पताल हैं। ऐसे में वहां की लापरवाही और अव्यवस्था बेहद गंभीर है। एम्स में रजिस्ट्रेशन के बाद 48 घंटे इंतजार दरअसल, रायपुर के एम्स में मरीजों को डॉक्टर से मिलने के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद करीब 48 घंटे तक इंतजार करने जैसी अव्यवस्थाओं को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। खबरों के मुताबिक अस्पताल में लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे मरीजों का समय और ऊर्जा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। जांच के बाद सर्जरी के लिए चार-चार महीने की देरी हो रही है, जबकि एक्स-रे जैसी साधारण जांच के लिए भी तीन घंटे का इंतजार करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल हाईकोर्ट ने कहा कि गर्भावस्था जांच किट के गलत परिणाम, घटिया गुणवत्ता की सर्जिकल सामग्री और दवाओं की आपूर्ति जैसे मामले सामने आए हैं। यहां तक कि कुछ जीवन रक्षक दवाएं लैब परीक्षण में फेल होने के बावजूद बाजार में बिक रही थीं। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि इस तरह की खबरें सही हैं तो यह राज्य के स्वास्थ्य विभाग और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है। डॉक्टरों की लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त बिलासपुर जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी कोर्ट ने जिक्र किया, जहां रिकॉर्ड में 15 डॉक्टर दर्ज थे। लेकिन, सुबह 11 बजे तक वहां कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। 250 से अधिक मरीज सुबह से कतार में खड़े रहे, जबकि एक्स-रे यूनिट जैसी महत्वपूर्ण मशीनें एक साल से अधिक समय से बंद पड़ी थीं। रीएजेंट की सप्लाई नहीं होने से हमर लैब भी बंद पड़ी थी। इन गंभीर खामियों और लापरवाहियों को लेकर हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बैंच ने सुनवाई की। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एम्स रायपुर में मरीजों को डॉक्टर से मिलने के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद करीब 48 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे मरीजों का समय, ऊर्जा और स्वास्थ्य तीनों प्रभावित हो रहा है। कोर्ट ने कहा कि यदि ये तथ्य सही हैं तो यह न केवल राज्य के स्वास्थ्य विभाग, बल्कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। इन अव्यवस्थाओं की ओर खींचा ध्यान- जांच के बाद सर्जरी के लिए चार-चार महीने तक की देरी हो रही है। साधारण एक्स-रे जांच के लिए भी मरीजों को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। गर्भावस्था जांच किट के गलत परिणाम सामने आ रहे हैं। गुणवत्ताविहीन सर्जिकल सामग्री और दवाओं की सप्लाई हो रही है। कुछ जीवन रक्षक दवाएं लैब परीक्षण में फेल होने के बावजूद बाजार में बिक रही हैं। डॉक्टरों की अनुपस्थिति और बंद मशीनों पर सवाल- सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बिलासपुर जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी उल्लेख किया, जहां 15 डॉक्टर पदस्थ हैं, लेकिन सुबह 11:15 बजे तक एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इस दौरान 250 से अधिक मरीज सुबह से कतार में खड़े रहे। यहां अस्पताल की एक्स-रे यूनिट एक साल से अधिक समय से बंद थी। इसके अलावा रीएजेंट सप्लाई नहीं होने से हमर लैब भी लंबे समय से काम नहीं कर रहा था। अदालत ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है और यह आम नागरिकों के मौलिक स्वास्थ्य अधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट की टिप्पणी, तुरंत उठाएं ठोस कदम- हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब दें और बताए कि एम्स रायपुर सहित सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्था को दूर करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो यह जनता के भरोसे को तोड़ देगा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर असर डालेगा।

1052 करोड़ रुपए की बड़ी परियोजना: एमपी में फ्लाइओवर का उद्घाटन करेंगे नितिन गडकरी

भोपाल  मध्यप्रदेश का सबसे बड़े फ्लाइओवर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। जबलपुर में बने इस फ्लाइओवर के आधिकारिक लोकार्पण का दिन भी तय हो गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इसे लोकार्पित करने जबलपुर आएंगे। फ्लाइओवर कई माह पहले ही बन चुका था लेकिन इसके लोकार्पण पर पेंच फंसा हुआ था। बीजेपी की अंदरुनी राजनीति की वजह से फ्लाइओवर का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ नहीं हो सका था। इसके विरोध में कांग्रेस जनांदोलन भी कर चुकी थी। अब बीजेपी और राज्य सरकार ने फ्लाइओवर के आधिकारिक लोकार्पण की तिथि की घोषणा कर दी है। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गत दिवस नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर फ्लाइओवर के लोकार्पण के लिए विधिवत आमंत्रित किया था। उन्होंने इस पर अपनी सहमति दी।   फ्लाईओवर का लोकार्पण 23 अगस्त को केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी की मंजूरी के बाद फ्लाईओवर का लोकार्पण 23 अगस्त को किया जाएगा। जबलपुर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गडकरी के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे।   जबलपुर के इस फ्लाईओवर ने प्रदेश में आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। इससे शहर का यातायात का दबाव कम हो गया है। 6.855 किलोमीटर लंबाई वाला यह फ्लाइओवर जबलपुर के नए और पुराने इलाकों को जोडता है। एलिवेटेड कॉरिडोर 1052 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।

रक्षाबंधन का दर्दनाक रंग, शहीद भाई की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी और दी अंतिम श्रद्धांजलि

शाजापुर शाजापुर जिले के ग्राम रानी बडोद निवासी सीआईएसएफ के जवान मोहित सेन का मणिपुर में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। रक्षाबंधन पर शनिवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो बहनें और परिवार के लोग बिलख पड़े। यह दुखद नजारा देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। इस दौरन अंतिम यात्रा में हाथों में तिरंगा थामकर बड़ी संख्या में युवा और ग्रामीण शामिल हुए। हादसे में गई थी जान जानकारी के अनुसार, मोहित सेन (22) मणिपुर में सीआरपीएफ की 120 बटालियन में तैनात थे। गुरुवार रात को ड्यूटी के दौरान हादसे में उनका निधन हो गया था, जिसकी जानकारी शुक्रवार सुबह उनके भाई अंकित सेन को दी गई। मोहित के पिता आनंदीलाल सेन और भाई अंकित हेयर सैलून चलाते हैं। दो साल उनकी मणिपुर में पोस्टिंग हुई थी।  शाजापुर जिले के रानी बडोद गांव के मोहित सेन (22) का निधन मणिपुर में हो गया। वह सीआरपीएफ की 120 बटालियन में तैनात थे। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान हादसे के शिकार हो गए थे और गुरुवार देर रात उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, उनकी पोस्टिंग दो साल पहले मणिपुर में हुई थी। रक्षाबंधन के दिन शनिवार को उनका पार्थिव शरीर भोपाल से अकोदिया होते हुए गांव पहुंचा। मोहित की पार्थिव शरीर देखते ही बहनें, परिवार और ग्रामीण शोक में डूब गए। अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ मोहित के पिता आनंदीलाल और भाई अंकित हेयर सैलून चलाते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह निधन की खबर मिली। शनिवार सुबह 7:30 बजे पार्थिव शरीर अकोदिया थाने पहुंचा, फिर गांव तक अंतिम यात्रा निकली। इस दौरान अंतिम यात्रा में तिरंगा थामे युवाओं सहित भारी भीड़ उमड़ी। राखी बांधकर दी अंतिम विदाई रक्षाबंधन पर बहनें मोनिका, राधिका और सोनिका ने राखी बांधकर मोहित को अंतिम विदाई दी। इस दौरान बहनों की आंखें नम थी। आंखों से गिर रहे आंसू को देख वहां मौजूद लोग भी रोने लगे। हर कई विधाता को ही कोस रहा था। वहीं, अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र से आए अन्य लोगों की आंखें भी नम थीं। आकेदिया थाने से शुरू हुई अंतिम यात्रा शनिवार सुबह 7:30 बजे मोहित का पार्थिव शरीर भोपाल से अकोदिया थाने पहुंचा, जहां से अंतिम यात्रा की शुरुआत हुई। इस दौरान बस स्टैंड पर जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर मोहित को नमन किया। बड़ी संख्या में लोग बाइक पर तिरंगा लेकर शामिल हुए। डीजे पर देशभक्ति गीतों के बीच यात्रा शहीद के निवास स्थान पहुंची, जहां माता-पिता और परिजन रो-रोकर बेहाल थे। इसके बाद अंतिम यात्रा मुक्ति धाम पहुंची, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। बहनों ने भाई की कलाई पर बांधी राखी इधर, रक्षाबंधन के दिन मोहित का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। उनकी चचेरी बहनों मोनिका, राधिका और सोनिका ने राखी बांधकर अपने दिवंगत भाई को अंतिम विदाई दी। अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। यात्रा के दौरान हर किसी की आंखें नम हो गईं। अंतिम यात्रा में हुए शामिल 120 बटालियन के जवानों ने सलामी देकर मोहित सेन को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिसोदिया, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा में विधायक ने घोषणा की कि स्थानीय हाई स्कूल का नाम मोहित सेन के नाम पर रखा जाएगा और उनकी स्मृति में एक स्मारक भी बनाया जाएगा।  

किताबों पर बैन से भड़के लेखक और राजनीतिक दल, जम्मू-कश्मीर में बढ़ा विवाद

श्रीनगर  जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हाल ही में 25 किताबों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले का विरोध करते हुए नागरिक समाज, लेखक, और विभिन्न राजनीतिक दलों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। प्रशासन का दावा है कि ये किताबें झूठे नैरेटिव और अलगाववादी विचारधाराओं को बढ़ावा देती हैं। इसके बाद पुलिस ने कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में छापेमारी कर इन किताबों को जब्त करना शुरू कर दिया। यह कदम जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए चिंताएं पैदा कर रहा है। किताबों पर बैन के बाद विवाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा 25 किताबों पर प्रतिबंध लगाने के बाद राज्य में विवाद गहरा गया है। इस फैसले का विरोध देशभर के नागरिक समाज कार्यकर्ताओं, लेखक समुदाय और विभिन्न राजनीतिक दलों ने किया है। इनका कहना है कि इस कदम से राज्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कड़ा हमला हुआ है। प्रतिबंधित पुस्तकों में भारतीय संवैधानिक विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों द्वारा लिखी गई किताबें शामिल हैं। इन किताबों को प्रतिबंधित करने के प्रशासनिक कदम को कुछ लोगों ने ‘तानाशाही’ और ‘लोकतांत्रिक आवाज़ों का गला घोंटना’ करार दिया है। प्रशासन का दावा जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि यह कदम विध्वंसकारी और राष्ट्र-विरोधी सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए उठाया गया है। पुलिस का दावा है कि ये किताबें भारत की संप्रभुता और एकता के लिए खतरा पैदा कर सकती थीं। श्रीनगर पुलिस ने छापेमारी कर इन किताबों को जब्त किया। हालांकि, इस कदम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रशासन किताबों पर बैन लगाकर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन कर रहा है। लेखकों और राजनीतिक दलों का विरोध इस प्रतिबंध का विरोध करते हुए प्रमुख लेखक और राजनीतिक दलों ने इसे लोकतंत्र और संस्कृति के खिलाफ करार दिया है। डेविड देवदास, जिनकी पुस्तक ‘इन सर्च ऑफ ए फ्यूचर– द स्टोरी ऑफ कश्मीर’ इस सूची में शामिल है, ने कहा कि किताबों पर प्रतिबंध लगाना हमारी संस्कृति और लोकतंत्र की अवधारणा के खिलाफ है। उनका कहना था कि यह कदम कश्मीर की वास्तविकता और संघर्ष को दबाने का प्रयास है। राजनीतिक दलों का रुख भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भी इस कदम का विरोध किया और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह कदम भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन का हिस्सा है। किताबों पर प्रतिबंध का इतिहास इतिहास में कई बार किताबों को प्रतिबंधित किया गया है, जिनका उद्देश्य विचारों को दबाना था। लेखक और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता इस कदम को लोकतंत्र और विचारों की स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं। यह चिंता बढ़ाने वाली बात है कि कैसे एक राज्य सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नियंत्रण लगाने की कोशिश कर रही है। किताबों पर प्रतिबंध कदम सही था? इस किताबों पर प्रतिबंध का सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन को ऐसा कदम उठाने का अधिकार था? क्या यह कदम सही था या यह संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? राज्य और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया या फिर यह किसी राजनीतिक कारणवश किया गया? इन सवालों का जवाब आने वाले दिनों में मिल सकता है। ब्लैक स्पॉट और लोकतंत्र पर असर जब जम्मू-कश्मीर को राज्य से केंद्र शासित प्रदेश में बदला गया था, तब से लगातार लोगों के अधिकारों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। इस फैसले के बाद फोरम फॉर ह्यूमन राइट्स जैसे नागरिक अधिकार समूहों ने चिंता व्यक्त की है कि यह कदम लोकतंत्र और स्वतंत्रता पर गंभीर असर डाल सकता है।

एमडी ड्रग्स प्रकरण में शाकिर की गिरफ्तारी, फरार तस्कर का भाई और साजिशकर्ता

भोपाल  भोपाल में एमडी ड्रग्स तस्करों के खिलाफ की जा रही भोपाल पुलिस की कार्रवाई में शुक्रवार को एक और तस्कर गिरफ्तार किया गया है। आरोपी अपने बड़े भाई और एमडी ड्रग्स तस्कर सनव्बर को छिपाने, उसे फरार कराने और आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। पुलिस सनव्बर की तलाश कर ही रही थी कि शाकिर मिल गया। शकीर भी एनडीपीएस एक्ट में अरेस्ट हुआ है। यासीन मछली गिरोह से जुड़ा भोपाल क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार एमडी ड्रग्स तस्कर सनव्बर सोनिया कॉलोनी ऐशबाग का रहने वाला है। यासीन मछली गिरोह से जुड़ा हुआ है। यासीन मछली और अन्य तस्करों के खिलाफ जब कार्रवाई की गई तो सनव्वर फरार हो गया। सनव्बर को भोपाल से फरार कराने में उसके छोटे भाई शाकिर ने मुख्य भूमिका निभाई थी।  भागने में मदद करने में शामिल शाकिर भी तस्कर गिरोहस से जुड़ा हुआ है। सनव्बर को भोपाल में छिपाने, भागने में मदद करने में शामिल शाकिर को शुक्रवार को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर भोपाल जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। 

नंदी हाल में 66 पंडितों ने किया पर्जन्य अनुष्ठान, CM मोहन यादव ने किया शुभारंभ

उज्जैन  मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अच्छी बारिश की कामना के लिए शनिवार को पर्जन्य अनुष्ठान हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए. इस दौरान सीएम ने बाबा महाकाल से आनंद बरसाने की कामना की. मानसून आने के डेढ़ माह बाद भी मालवा क्षेत्र में बारिश नहीं हुई, जिससे यहां के लोग चिंतित है.  66 पंडितों ने किया पर्जन्य अनुष्ठान शनिवार को रक्षाबंधन पर्व पर अच्छी बारिश की कामना के लिए 66 पंडितों ने महाकाल मंदिर के नंदी हॉल में पर्जन्य अनुष्ठान किया. करीब तीन घंटे तक महारुद्र अनुष्ठान का पाठ किया गया. इस दौरान पुजारी-पंडितों द्वारा नंदी हॉल में शिवलिंग का महा पूजन कर गर्भ गृह में बाबा महाकाल को सतत जल धारा अर्पित किया गया. वहीं नंदी हॉल में पुजारियों ने मंत्रों का जाप किया. बता दें कि इस अनुष्ठान में सीएम मोहन यादव पत्नी सीमा यादव के साथ शामिल हुए. मालवा क्षेत्र विशेषकर उज्जैन, इंदौर, देवास और आसपास के इलाकों में बारिश नहीं होने से किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। इस संकट को दूर करने और उत्तम वर्षा एवं अमृत वृष्टि की कामना के लिए महाकाल मंदिर के नंदी हाल में यह विशेष अनुष्ठान आयोजित किया गया। अनुष्ठान के दौरान महारुद्र पाठ किया जा रहा है, जो लगभग तीन घंटे तक चलेगा। नंदी हॉल में मौजूद पुजारियों ने शिवलिंग का महापूजन किया। इस दौरान गर्भगृह में सतत जलधारा भगवान महाकाल को अर्पित की गई और नंदी हाल में मंत्रोच्चार के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया। बारिश नहीं होने से चिंतित मालवा के किसान बता दें कि सावन के महीने में मामलवा में अच्छी बारिश होती थी. प्रदेश में कई जगह अच्छी बारिश हुई भी, लेकिन उज्जैन, इंदौर, देवास सहित मालवा के कई क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई, जिससे सूखे की स्थित उत्पन्न हो गई है.. जिससे किसान फसलों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं. वहीं शहरों में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है. इसी को देखते हुए पुजारियों ने महाकाल बाबा से अच्छी बारिश की कामना करते हुए पर्जन्य अनुष्ठान किया. बाबा प्रदेश में आनंद बरसाए  महाकाल मंदिर में हुए पर्जन्य अनुष्ठान के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश हुई है. इसलिए अनुष्ठान में कामना की है कि बाबा पूरे प्रदेश में आनंद बरसाए. इस दौरान सीएम ने रक्षाबंधन की बधाई भी दी. उन्होंने कहा कि आज भाई बहनों का अमिट महा रक्षाबंधन है. बहनें रक्षा सूत्र बांधकर भाइयों के दीर्घायु की कामना करती है. वहीं भाइयों ने रक्षा का वचन देते हैं. उज्जैन में 9 दिन का पानी शेष  उज्जैन में प्रतिदिन पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है. शहर की प्यास बुझाने वाला गंभीर डैम में 9 दिन का पानी शेष बचा है. पहले से ही शहरवासियों को एक दिन छोड़कर पेयजल मिल रहा है. ऐसे में अगर इस साल बारिश नहीं होती है और नर्मदा लिंक योजना 8 दिन में पूरी नहीं हुई तो वर्ष 2009 जैसा जलसंकट उज्जैन को झेलना पड़ सकता है. सीएम बोले- बाबा महाकाल आनंद बरसाएं सीएम मोहन यादव ने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना के अनुष्ठान में शामिल हुआ। प्रदेश में कहीं अधिक तो कहीं कम बारिश हो रही है। मैं बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि हर जगह आनंद बरसाएं। यज्ञ शुरू हो गया है, बाबा महाकाल उसे सफल बनाएं। मंदिर पुजारी आशीष ने कहा कि रक्षाबंधन पूर्णिमा महापर्व के अवसर पर, प्रदेश में उत्तम वर्षा की कामना के लिए भगवान महादेव के दरबार में महा रुद्राभिषेक प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा पूजन किया गया है। ब्राह्मणों के द्वारा सतत जलधारा और दूधधारा से अभिषेक किया जा रहा है। गंभीर डेम में केवल 10 दिन का जल भंडार श्रावण माह का आज अंतिम दिन है। इस साल प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन मालवा क्षेत्र के कई हिस्सों में अब तक माकूल वर्षा नहीं हुई। उज्जैन में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। शहर को जलापूर्ति करने वाला एकमात्र गंभीर डेम अब केवल 10 दिन का जल भंडारण शेष रखे हुए है। पहले से ही उज्जैन में एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। सावन जैसे पवित्र माह में भी जब वर्षा नहीं हो रही, तब जल संकट और अधिक गहराता जा रहा है। इन्हीं कारणों से बारिश की कामना के लिए यह पर्जन्य अनुष्ठान किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र में शीघ्र अच्छी बारिश हो और लोगों को राहत मिले।