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09 अगस्त शनिवार 2025, सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य

मेष  आज आपका दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा. कामकाज में नए अवसर हाथ लग सकते हैं. घर-परिवार का माहौल खुशहाल रहेगा और मेलजोल बढ़ेगा. सेहत का विशेष ध्यान रखें, हल्की थकान महसूस हो सकती है. आर्थिक मामलों में विवेक से निवेश करना लाभकारी रहेगा. वृषभ  आज आपका दिन सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा. कार्यस्थल पर सफलता मिलेगी और वरिष्ठों की प्रशंसा भी होगी. परिवार के साथ समय बिताने के लिए उपयुक्त दिन है. कोई पुराना विवाद सुलझ सकता है. धन लाभ के अवसर बनेंगे, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखें. मिथुन  आज आपकी सोच में स्पष्टता आएगी जिससे महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद मिलेगी. सामाजिक रिश्ते मजबूत होंगे. यात्रा के लिए यह दिन अनुकूल है. स्वास्थ्य ठीक रहेगा, पर खान-पान में सावधानी आवश्यक है. मित्रों का सहयोग मिलेगा जो आपके मनोबल को बढ़ाएगा. कर्क  आज थोड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों के बावजूद संयम और धैर्य बनाए रखें, सफलता मिल सकती है. परिवार में छोटे-मोटे विवाद से बचें. आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी. सिंह  मेहनत का अच्छा फल मिलेगा और कार्यों में सफलता मिलेगी. वरिष्ठों का आशीर्वाद आपके साथ रहेगा. व्यक्तिगत संबंध मधुर रहेंगे. स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. घर में कोई खुशखबरी मिल सकती है. निवेश के लिहाज से यह दिन शुभ है. कन्या  आज आपका मन स्थिर और शांत रहेगा. नए कार्यों की योजना बनाने के लिए यह दिन उपयुक्त है. नौकरी या व्यापार में लाभ होगा. परिवार के सदस्यों के साथ संवाद बनाए रखें. स्वास्थ्य ठीक रहेगा. धार्मिक या सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेने से मन प्रसन्न होगा. तुला  आज नए अवसर आपके रास्ते आएंगे. सामाजिक संपर्क बढ़ेंगे और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी. वित्तीय मामलों में सतर्कता बरतें. परिवार के साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार बनाए रखें. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. वृश्चिक  आपकी ऊर्जा में वृद्धि होगी और नौकरी या व्यापार में लाभ के संकेत हैं. अहंकार से बचें. परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. यात्रा के लिए अनुकूल समय है. स्वास्थ्य का ख्याल रखें. धनु  आज का दिन आपके लिए सौभाग्य लेकर आएगा. कार्यों में सफलता और सम्मान मिलेगा. परिवार में खुशियां आएंगी. नए संबंध स्थापित होंगे. धन लाभ के अवसर बनेंगे. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, पर आराम करना भी जरूरी है. मकर  आपके परिश्रम का फल मिलेगा. काम में सावधानी बरतें. परिवार के बुजुर्गों की सलाह लाभकारी रहेगी. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. स्वास्थ्य का ध्यान रखें, हल्की थकान हो सकती है. कुंभ  आज आपका मन प्रसन्न और आत्मविश्वास मजबूत रहेगा. नई योजनाओं को सफल बनाने का दिन है. सामाजिक क्षेत्र में सक्रियता बढ़ेगी. धन संबंधित मामलों में सावधानी आवश्यक है. परिवार में मेलजोल अच्छा रहेगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. मीन  आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा. नई योजनाएं सफल होंगी और मन को शांति मिलेगी. कार्यस्थल पर सहयोग प्राप्त होगा. आर्थिक स्थिति बेहतर होगी. परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा. स्वास्थ्य में सुधार होगा.

एशिया कप इतिहास: भारत 8 बार विजेता, पाकिस्तान समेत पड़ोसी देशों का प्रदर्शन कैसा रहा

मुंबई  भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इस बार का इंग्लैंड दौरा शानदार रहा. शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम मेजबानों के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज को 2-2 से बराबर कराने में सफल रही. इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय खिलाड़ियों को कुछ दिनों का ब्रेक मिला है, जिसके बाद वो अगले टूर्नामेंट की तैयारियों में जुटेंगे. भारतीय टीम को अब अगले महीने एशिया कप में भाग लेना है, जिसकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. एशिया कप 9 से 28 सितंबर तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो शहरों दुबई और अबू धाबी में खेला जाना है. एशिया कप का ये 17वां संस्करण है और टूर्नामेंट में एक बार फिर सबकी नजरें टीम इंडिया पर रहेंगी. भारतीय टीम अब तक इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को 8 बार जीत चुकी है. भारत इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है और इस बार भी वो खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है. भारतीय टीम ने 1984, 1988, 1990-91,1995, 2010, 2016, 2018 और 2023 में एशिया कप खिताब जीता था. अगर भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो श्रीलंका ने अब तक 6 बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया है, जबकि पाकिस्तान केवल 2 बार चैम्पियन बन पाया है. श्रीलंकाई टीम ने 1986, 1997, 2004, 2008, 2014 और 2022 में यह टूर्नामेंट जीता था, वहीं पाकिस्तानी टीम साल 2000 और 2012 में एशिया कप चैम्पियन बनी. बांग्लादेश और अफगानिस्तान को अभी तक एशिया कप में खिताबी जीत नहीं मिली है, हालांकि उनके प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार देखा गया है. पहली बार कब खेला गया एशिया कप? एश‍िया कप का पहली बार आयोजन साल 1984 में यूएई में हुआ था. तब भारतीय टीम ने श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था. इसका पिछला संस्करण साल 2023 में पाकिस्तान और श्रीलंका में हुआ था, जहां भारतीय टीम चैम्पियन बनी थी. बता दें कि एशिया कप 2025 टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा. 2016 और 2022 में भी यह प्रत‍िष्ठ‍ित टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में भी खेला गया था. बाकी के संस्करण वनडे फॉर्मेट में खेले गए. एशिया कप के विजेताओं की पूरी लिस्ट  साल      विजेता      रनर-अप      वेन्यू  1984      भारत      श्रीलंका      यूएई  1986      श्रीलंका      पाकिस्तान      श्रीलंका  1988      भारत      श्रीलंका      बांग्लादेश  1990-91      भारत      श्रीलंका      भारत  1995      भारत      श्रीलंका      यूएई  1997      श्रीलंका      भारत      श्रीलंका  2000      पाकिस्तान      श्रीलंका      बांग्लादेश  2004        श्रीलंका      भारत      श्रीलंका  2008        श्रीलंका      भारत      पाकिस्तान  2010      भारत      श्रीलंका      श्रीलंका  2012      पाकिस्तान      बांग्लादेश      बांग्लादेश  2014      श्रीलंका      पाकिस्तान      बांग्लादेश  2016      भारत      बांग्लादेश      बांग्लादेश  2018      भारत      बांग्लादेश      यूएई  2022      श्रीलंका      पाकिस्तान      यूएई  2023      भारत      श्रीलंका      पाकिस्तान/श्रीलंका   2025      ————      ————–      यूएई एशिया कप 2025 में भारतीय टीम को पाकिस्तान, यूएई और ओमान के साथ ग्रुप-ए में रखा गया है, जबकि श्रीलंका, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और हॉन्ग कॉन्ग ग्रुप-बी में हैं. दोनों ग्रुप से दो-दो टीमें सुपर चार स्टेज में पहुंचेंगी. फिर सुपर-चार स्टेज में टॉप-2 पर रहने वाली टीमों के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा. एशिया कप 2025 का फुल शेड्यूल 9 सितंबर- अफगानिस्तान vs हॉन्ग कॉन्ग, अबू धाबी 10 सितंबर- भारत vs यूएई, दुबई 11 सितंबर- बांग्लादेश vs हॉन्ग कॉन्ग, अबू धाबी 12 सितंबर- पाकिस्तान vs ओमान, दुबई 13 सितंबर- बांग्लादेश vs श्रीलंका, अबू धाबी 14 सितंबर- भारत vs पाकिस्तान, दुबई 15 सितंबर- यूएई vs ओमान, अबू धाबी 15 सितंबर- श्रीलंका बनाम हॉन्ग कॉन्ग, दुबई 16 सितंबर- बांग्लादेश vs अफगानिस्तान, अबू धाबी 17 सितंबर- पाकिस्तान vs यूएई, दुबई 18 सितंबर- श्रीलंका vs अफगानिस्तान, अबू धाबी 19 सितंबर- भारत vs ओमान, अबू धाबी 20 सितंबर- B1vs B2, दुबई 21 सितंबर- A1 VS A2, दुबई 23 सितंबर A2 vs B1, अबू धाबी 24 सितंबर- A1 vs B2, दुबई 25 सितंबर- A2 vs B2, दुबई 26 सितंबर- A1 vs B1, दुबई 28 सितंबर- फाइनल, दुबई

बहन की राखी से जुड़ी अनोखी कहानी, जिसने मरने के बाद भी भाई का दिल छू लिया

नई दिल्ली  रक्षाबंधन के पर्व को भाई और बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। आज जहां पूरे देश में भाई- बहन खुशी- खुशी इस त्यौहार काे मना रहे हैं तो वहीं एक भाई ऐसा है जिसकी आखों से आंसू रूक ही नहीं रहे हैं। इस भाई ने अपनी इकलौती बहन को खो दिया है, हालांकि उसकी बहन ने मरने के बाद भी भाई के हाथों को सूना नहीं रहने दिया। इस कहानी को जिसने भी सुना वह भावुक हो उठा।     9 साल की रिया ने किए थे अंग दान दरअसल पिछले साल गुजरात के रहने वाले 9 साल की रिया मिस्त्री का ब्रेन डेड हो गया था, जिसके बाद उसके अंगों को दान कर दिया गया। रिया का दाहिना हाथ, एक दूसरी लड़की को ट्रांसप्लांट करके लगाया गया था, ऐसे में रिया तो मर गई लेकिन उसका हाथ अभी भी जिंदा है। रिया दुनिया की सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर थीं। उसका हाथ मुंबई की अनमता अहमद को दिया गया, जो  दुनिया की सबसे कम उम्र की ऐसी लड़की हैं जिनके कंधे तक हाथ का ट्रांसप्लांट हुआ है। बेटी का हाथ देख रो पड़े मातर- पिता अब अनमता ने रिया के हाथ से उसके भाई शिवम काे राखी बांधी।  शिवम ने जब अनमता के हाथों से राखी बंधवाई तब उसे यह एहसास हो रहा था कि जैसे वह अपनी प्यारी बहन से ही राखी बंधवा रहा है। रिया के माता-पिता ने अपनी ही बेटी का हाथ अपने हाथों में लिया तो वह अपने आंसू रोक नहीं पाए। यह काफी भावुक भरा पल था। हर किसी के आंखों से आंसू बहते रहे और वे अपनी भावनाओं को छिपाते रहे।    बेटी की याद में भावुक हुआ परिवार रिया की मां तृष्णा ने बहते आंसुओं संग बताया कि जब अनमता ने शिवम को राखी बांधी तो हमें लगा कि रिया राखी बांधने के लिए जिंदा हो उठी है। मैंने उसकी पसंद की मिठाई गुलाब जामुन बनाया। हमने हर साल की तरह ही रक्षाबंधन मनाया। हम अभी भी बेटी के जाने के दुख से उबर नहीं पाए हैं लेकिन अनमता को देखकर खुशी मिलती है। सुकून मिलता है कि वह कितनी खुश है और एक अच्छी जिंदगी जी रही है।

सागर में नहाने गए चार युवक लापता, दो के शव मिले, दो की खोज में जुटी टीम

सागर  रिछावर गांव के पास बेबस नदी में नहाते वक्त डूबे चार युवकों में से पुलिस ने दो के शवों को बरामद कर लिया है। यह युवक रक्षाबंधन के एक दिन पहले बेबस नदी में नहाने के लिए गए थे। नहाते वक्त एक दोस्त के डूबने पर एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में चार युवक बह गए थे। शुक्रवार शाम से ही इन युवकों की तलाश के लिए रेस्क्यू चलाया जा रहा था।  देर रात तक रेस्क्यू अभियान चला लेकिन ज्यादा अंधेरा होने पर यह काम बंद कर दिया गया। शनिवार को सुबह फिर रेस्क्यू चला तो दो युवकों के शव मिले। चार युवक सागर व एक रिछावर का रहने वाला पुलिस के मुताबिक सनी पिता रमेश अहिरवार, राज पिता साहब अहिरवार, सुमित पिता फूलचंद अहिरवार, अभिषेक पिता सुनील अहिरवार यह युवक सागर के खुशीपुरा निवासी थे। यह अपने रिछावर गांव निवासी निखिल पिता महेंद्र अहिरवार के यहां बेबस नदी के किनारे पिकनिक मनाने गए थे। जहां नहाते समय सनी अहिरवार, राज अहिरवार, सुमित अहिरवार और निखिल अहिरवार गहरे पानी में चले गए। तीन युवक खुशीपुरा और एक रिछावर गांव का सानौधा थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर ने बताया कि नदी में डूबे चार युवकों में तीन युवक खुशीपुरा और एक रिछावर गांव का रहने वाला है। सभी की उम्र 22 से 25 साल की है। भरत सिंह ने बताया कि सुमित पिता फूलचंद अरिहवार निवासी खुशीपुरा सागर और राज अहिरवार पिता साहब अहिरवार का शव बरामद किया है। शेष की तलाश जारी है। वहीं प्रत्यक्षदर्शी और पांचवें युवक अभिषेक अहिरवार ने पुलिस को बताया कि वह अपने चार दोस्तों सनी, राज, सुमित और निखिल के साथ नदी में नहा रहा था। इसी दौरान अचानक एक युवक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए दूसरा कूदा, फिर तीसरा और फिर चौथा भी, लेकिन किसी को तैरना नहीं आता था। देखते ही देखते चारों डूब गए। अभिषेक ने शोर मचाकर आसपास मौजूद ग्रामीणों को बुलाया, लेकिन जब तक लोग पहुंचे, तब तक चारों पानी में समा चुके थे।  

मध्य प्रदेश में डॉग बाइट्स रिपोर्ट: रतलाम टॉप पर, भोपाल सबसे नीचे

भोपाल  नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) द्वारा राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत भारत सरकार के निर्देश पर मध्य प्रदेश के छह बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम में डाग बाइट्स के मामलों का सर्वे किया गया। यह सर्वे वर्ष 2024 और जनवरी से जून 2025 की अवधि को लेकर किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, छह शहरों में राजधानी भोपाल में डॉग बाइट्स के सबसे कम मामले दर्ज हुए, जबकि रतलाम इस मामले में पहले स्थान पर रहा। वहीं उज्जैन दूसरे, इंदौर तीसरे, जबलपुर चौथे और ग्वालियर पांचवें स्थान पर रहा। वर्ष 2024 में भोपाल में 19 हजार 285 डॉग बाइट्स के मामले सामने आए, जो औसत 0.8 प्रतिशत रहा। वहीं 2025 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में यह औसत घटकर मात्र 0.07 प्रतिशत रह गया। आंकड़े बताते है शहर में डाग बाइट्स के मामलों में कमी आई है। हर साल 22 हजार आवारा श्वानों की कर रहे नसबंदी रैबीज मुक्त शहर-2030 कार्यक्रम के तहत भोपाल नगर निगम ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर भारत सरकार को भेजी है। वर्तमान में मध्य प्रदेश में यह योजना भेजने वाला भोपाल ही एकमात्र शहर है। योजना के क्रियान्वयन के तहत नगर निगम शहर में तीन एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर संचालित कर रहा है, जहां हर साल लगभग 22 हजार आवारा डॉग्स की नसबंदी की जा रही है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक 10 वार्ड पर एक नसबंदी केंद्र होना चाहिए, लेकिन भोपाल में मानक से कम केंद्रों के बावजूद अधिक से अधिक आवारा डॉग की नसबंदी की जा रही है। उपलब्ध संसाधनों की तुलना में नसबंदी आपरेशन की संख्या काफी अधिक है, जिसके परिणामस्वरूप डॉग बाइट्स के मामलों में कमी दर्ज की गई है।  

रक्षा बंधन से पहले हवाई सफर महंगा, भोपाल फ्लाइट का किराया दोगुना

भोपाल  भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने घर आ रहे हैं। एयरलाइंस कंपनियां इस मौके का भरपूर लाभ उठा रही हैं। रक्षाबंधन पर विमान से भोपाल आना महंगा हो गया है। स्पाट फेयर दो गुना तक हो गया है। 12 एवं 13 अगस्त के बाद विभिन्न शहरों से भोपाल आने का किराया कम है। माना जा रहा है कि 10 अगस्त के बाद भोपाल से जाने वाली उड़ानों में भी स्पॉट फेयर बढ़ेगा। भोपाल से बड़ी संख्या में युवा बेंगलुरू, पुणे, हैदराबाद एवं दिल्ली के आसपास के इलाकों की विभिन्न कंपनियों में काम करते हैं। छात्र वर्ग भी इन शहरों तक आता-जाते हैं। इन्हीं शहरों से भोपाल लौटने का किराया सामान्य से अधिक लिया जा रहा है। स्पॉट फेयर अधिक होने के कारण अंतिम समय में अपने घर आने का निर्णय लेने वालों को महंगा किराया देना मजबूरी है। माना जा रहा है कि 10 अगस्त के बाद भोपाल से वापस जाने वाली उड़ानों में स्पाट फेयर बढ़ेगा। हालांकि अब भी 10 से 13 अगस्त के बीच भोपाल से वापस जाने वाली उड़ानों का किराया सामान्य से अधिक है। पुणे जैसी लेट नाइट उड़ान में भी किराया 12 हजार रुपये से अधिक लिया जा रहा है। पहली बार दिल्ली से आना महंगा दिल्ली जैसे रूट पर चार उड़ानें होने के बावजूद कम किराये में सीट बुक नहीं हो पा रही है। आमतौर पर दिल्ली आने-जाने वाली उड़ानों में किराया सबसे कम होता है। यह पहला मौका है जब दिल्ली रूट पर किराया अधिक है। दिल्ली रूट पर इंडिगो की एक उड़ान कम हो गई है। इसका असर भी किराये में नजर आ रहा है। विंटर शेड्यूल में भोपाल से दिल्ली, बेंगलुरू एवं पुणे तक अतिरिक्त उड़ानें प्रारंभ होंगी। ऐसे में किराया कम होने की संभावना है।  

13 अगस्त से नया मौसम तंत्र, इंदौर-उज्जैन में धूप और पूर्वी-उत्तरी जिलों में बारिश का अनुमान

भोपाल मध्यप्रदेश में रक्षाबंधन के दिन मौसम के दो रंग देखने को मिलेंगे। इंदौर और उज्जैन संभाग के 15 में से 13 जिलों में तेज धूप खिलेगी। वहीं, पूर्वी और उत्तरी हिस्से के 9 जिलों में तेज बारिश हो सकती है। भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर में भी हल्के बादल छाए रह सकते है।  मौसम विभाग ने शनिवार को श्योपुर, मुरैना, पन्ना, कटनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, धार, बड़वानी, अलीराजपुर और झाबुआ में मौसम साफ रहेगा। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का यलो अलर्ट है। मंडला-सीधी में सवा इंच से ज्यादा पानी गिरा प्रदेश में शुक्रवार को मौसम ने फिर करवट बदली और हल्की बारिश का दौर रहा। मंडला और सीधी में सवा इंच बारिश हुई। छतरपुर के नौगांव में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में बादल छाए रहे। वहीं, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, रीवा, सतना, उमरिया, डिंडौरी, मऊगंज में हल्की बारिश हुई। एमपी में अब तक 28.8 इंच बारिश मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 28.8 इंच बारिश हो चुकी है, जो कुल बारिश का 78 प्रतिशत है। जून-जुलाई में स्ट्रॉन्ग सिस्टम की वजह से अब तक 34 प्रतिशत बारिश ज्यादा हो चुकी है। इसमें भी पूर्वी हिस्सा जैसे- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग ठीक है। इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। इंदौर संभाग के 8 में से 5 जिले ऐसे हैं, जहां 13 इंच से कम पानी गिरा है। सिर्फ अलीराजपुर और झाबुआ में ही 20 इंच से ज्यादा पानी गिरा है। दूसरी ओर, ग्वालियर में सबसे ज्यादा 35 इंच बारिश हो चुकी है। यहां कुल बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। जबलपुर और भोपाल की तस्वीर भी बेहतर है। 13 अगस्त से नया सिस्टम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, शुक्रवार को देश में दो टर्फ की एक्टिविटी रही, जो मध्यप्रदेश से काफी दूर है। शनिवार को कुछ जिलों में बारिश होने का अनुमान है। वहीं, 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के एक्टिव होने का अनुमान है। इससे प्रदेश में बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। दो महीने में गिरा 28 इंच, अगस्त में न के बराबर मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 31 जुलाई तक प्रदेश में औसत 28 इंच बारिश हो गई, लेकिन 1 से 7 अगस्त के बीच सिर्फ 0.8 इंच पानी ही गिरा। दूसरे सप्ताह में ही तेज बारिश के आसार वैज्ञानिकों के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह में तेज बारिश का दौर शुरू होगा, जो आखिरी तक चलता रहेगा। ऐसे में बारिश का कोटा अगस्त में ही पूरा हो जाएगा। हालांकि, अब तक ग्वालियर समेत 9 जिलों में कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों की तस्वीर बेहतर नहीं है। पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में औसत से 38% और पश्चिमी हिस्से यानी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में 39% बारिश अधिक हुई है। जुलाई में बने थे बाढ़ के हालात जुलाई में प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने थे। खासकर पूर्वी हिस्से यानी- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून जमकर मेहरबान रहा। आखिरी दिनों में रायसेन में बेतवा ने विकराल रूप लिया था। खेत-मंदिर और पुल डूब गए थे।वहीं, डैम ओवरफ्लो हो गए थे।

युवाओं के सपनों को लगेंगे पंख, बनेंगे 34 नए नालंदा परिसर

सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर, पेंड्रा जैसे दूरस्थ शहरों में भी खुलेंगी सेंट्रल लाइब्रेरी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा अच्छा माहौल उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेंगी अच्छी पुस्तकें, युवाओं के करियर निर्माण में अहम साबित होंगी सेंट्रल लाइब्रेरी नगरीय प्रशासन विभाग ने नालंदा परिसरों के लिए मंजूर किए हैं 237.58 करोड़ रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सपनों को पर देने 34 नए नालंदा परिसर बना रही है। ये नालंदा परिसर केवल रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़ जैसे बड़े शहरों में ही नहीं बन रहे, बल्कि दूरस्थ वनांचलों के सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर, पेंड्रा जैसे शहरों में भी बन रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नए नालंदा परिसरों के लिए राशि स्वीकृत की है। वहीं रायगढ़ में सीएसआर से 700 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी का काम प्रगति पर है। इसके लिए रायगढ़ नगर निगम और एनटीपीसी (National Thermal Power Corporation) के बीच 42 करोड़ 56 लाख रुपए का करार हुआ है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर होगा।  इन सेंट्रल लाइब्रेरीज-सह-रीडिंग जोन्स से प्रदेशभर के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अच्छा माहौल मिलेगा। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अच्छी पुस्तकें भी मिलेंगी। प्रदेश के हर वर्ग के युवाओं के करियर निर्माण में ये लाइब्रेरीज काफी मददगार और अहम साबित होंगे। इन सर्वसुविधायुक्त, अत्याधुनिक लाइब्रेरीज में युवाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नालंदा परिसरों के लिए 237 करोड़ 57 लाख 95 हजार रुपए मंजूर किए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17 नगरीय निकायों में 18 नालंदा परिसरों के लिए 125 करोड़ 88 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में अलग-अलग शहरों में 15 नालंदा परिसरों के लिए 111 करोड़ 70 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें से 11 नालंदा परिसरों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर संबंधित निर्माण एजेंसीज को कार्यादेश भी जारी किए जा चुके हैं। ये जल्द ही आकार लेना शुरू कर देंगे।  नगरीय प्रशासन विभाग ने 11 नालंदा परिसरों के लिए जारी किए 19.15 करोड़ उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने 11 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रूप में कुल 19 करोड़ 14 लाख 87 हजार रुपए इसी महीने जारी किए हैं। विभाग द्वारा दुर्ग, राजनांदगांव और अंबिकापुर नगर निगम को प्रत्येक को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की प्रथम किस्त जारी की गई है। वहीं बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा, कांकेर और जांजगीर नगर पालिका तथा कुनकुरी नगर पंचायत को प्रत्येक को एक करोड़ दस लाख 37 हजार रुपए प्रथम किस्त के रूप में जारी किए गए हैं। नालंदा परिसर के निर्माण के लिए जशपुर नगर पालिका को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई है।  दस शहरों में 500 सीटर और 22 में 250 सीटर लाइब्रेरी बनेंगी राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के अनुकूल माहौल देने के लिए दस नगरीय निकायों में 500 सीटर और 22 शहरों में 250 सीटर लाइब्रेरी बनाए जाएंगे। दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम तथा जशपुर, लोरमी एवं गरियाबंद नगर पालिका में 500-500 सीटर नालंदा परिसरों का निर्माण किया जाएगा। वहीं धमतरी और चिरमिरी नगर निगम, कवर्धा, जांजगीर-नैला, बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कांकेर, नारायणपुर, बलरामपुर, मुंगेली, खैरागढ़, सक्ती, पेंड्रा, सारंगढ़, सूरजपुर, बैकुंठपुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा नगर पालिका तथा कुनकुरी, बसना और अंबागढ़-चौकी नगर पंचायत में 250-250 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन बनाए जाएंगे।   रायपुर में अभी तीन लाइब्रेरी संचालित, दो और बनेंगे राजधानी रायपुर में अभी तीन सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन संचालित हैं। इनमें एक हजार सीटर नालंदा परिसर-सह-ऑक्सी रीडिंग जोन, 800 सीटर तक्षशिला सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-स्मार्ट रीडिंग जोन और 500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी शामिल हैं। पिछले पांच वर्षों में नालंदा परिसर में पढ़ाई करने वाले 400 युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होकर न केवल अच्छी नौकरियां हासिल की हैं, बल्कि प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश भी प्राप्त किया है। रायपुर में जल्दी ही एक हजार सीटर और 500 सीटर नई लाइब्रेरी का काम प्रारंभ होगा। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इनके लिए क्रमशः 22 करोड़ 80 लाख रुपए और 11 करोड़ 28 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद – श्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर के नालंदा परिसर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को उड़ान देने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिले, इसके लिए हम अलग-अलग क्षेत्र के शहरों में नालंदा परिसरों का निर्माण कर रहे हैं। सुकमा से लेकर सूरजपुर और रायगढ़ से लेकर कवर्धा तक – हर कोने में अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन खोले जा रहे हैं। ये नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद हैं।  छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने प्रतिबद्ध – श्री अरुण साव उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेशभर में नालंदा परिसरों के विस्तार के बारे में कहा कि सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सर्वसुविधायुक्त ये लाइब्रेरियां उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई का अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के साथ ही उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री भी प्रदान करेंगी। राज्य के युवाओं की मेहनत को उनके इच्छित मुकाम तक पहुंचाने में नालंदा परिसर बड़ी भूमिका निभाएंगे। यहां वे पूरे फोकस, लगन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर पर वायुसेना प्रमुख का बयान, S-400 से पाकिस्तानी विमानों का सफाया

नई दिल्ली भारतीय वायु सेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल (ACM) एपी सिंह ने एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि भारत के S-400 मिसाइल सिस्टम ने हाल के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 5 पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) के लड़ाकू विमानों को मार गिराया है. इसके अलावा, एक एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल/इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (AEW&C/ELINT) विमान को भी 300 किलोमीटर की दूरी से नष्ट किया गया. साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि जेकबाबाद में खड़े कुछ F-16 विमानों और भोलारी एयर बेस पर एक AEW&C को विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर नष्ट किया गया. ऑपरेशन सिंदूर में S-400 की ताकत ACM एपी सिंह के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने अपनी हवाई रक्षा को मजबूत करने के लिए S-400 का इस्तेमाल किया. यह रूस से खरीदा गया एक उन्नत सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है, जो 400 किलोमीटर तक के लक्ष्यों को नष्ट कर सकता है. इस ऑपरेशन में S-400 ने शानदार प्रदर्शन किया और 5 पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को हवा में ही मार गिराया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक AEW&C/ELINT विमान को 300 किलोमीटर की दूरी से निशाना बनाया गया, जो इस सिस्टम की रेंज और सटीकता को दर्शाता है. AEW&C विमान दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने और खुफिया जानकारी जुटाने में इस्तेमाल होता है. इसलिए इसका नष्ट होना पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका हो सकता है. जेकबाबाद और भोलारी पर हमले IAF प्रमुख ने यह भी दावा किया कि जेकबाबाद एयर बेस पर खड़े कुछ F-16 लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया गया. ये विमान पार्किंग में थे, लेकिन सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना ने उन पर हमला किया. इसी तरह, भोलारी एयर बेस पर एक और AEW&C विमान को निशाना बनाया गया. ये हमले दिखाते हैं कि भारत के पास दुश्मन की गतिविधियों की सटीक जानकारी थी. उसका इस्तेमाल सही समय पर किया गया. ऑपरेशन सिंदूर क्या था? ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई एक छोटी लेकिन तीव्र सैन्य मुठभेड़ का हिस्सा था. इस दौरान भारत ने अपनी हवाई श्रेष्ठता साबित करने के लिए कई कदम उठाए. S-400 और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे हथियारों का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह ऑपरेशन भारत की हवाई रक्षा और सटीक हमले की क्षमता को दुनिया के सामने लाया है. S-400 की भूमिका और भविष्य S-400 को भारत ने रूस से 5.4 बिलियन डॉलर के सौदे में खरीदा था. यह सिस्टम भारत की हवाई सुरक्षा के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है. यह मिसाइल सिस्टम 80 लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक और निशाना बना सकता है, जो इसे दुश्मन के लिए खतरनाक बनाता है. ऑपरेशन सिंदूर में इसकी सफलता ने भारत को क्षेत्र में हवाई वर्चस्व बनाए रखने में मदद की है. अब चर्चा है कि भारत और S-400 यूनिट्स खरीद सकता है. साथ ही अगली पीढ़ी का S-500 सिस्टम भी लेने की योजना बना रहा है, जो 600 किलोमीटर तक के लक्ष्यों को मार सकता है. पाकिस्तान पर असर पाकिस्तानी वायु सेना के लिए यह नुकसान गहरा हो सकता है. F-16 और AEW&C जैसे कीमती संसाधनों का नष्ट होना उनकी हवाई ताकत को कमजोर करेगा. खासकर AEW&C विमान, जो उनकी निगरानी और रणनीति का हिस्सा थे, का खोना बड़ा झटका है. इससे पाकिस्तान को अपनी हवाई रक्षा पर फिर से सोचना पड़ सकता है. क्या कहना है? ACM ए पी सिंह का यह बयान भारत की सैन्य ताकत और रणनीति का प्रदर्शन है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है, लेकिन अगर यह सच है, तो यह भारत की हवाई शक्ति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. दूसरी ओर, पाकिस्तान के साथ तनाव बढ़ने की आशंका भी है, क्योंकि ऐसे हमले क्षेत्रीय शांति को प्रभावित कर सकते हैं.

गौतमी कपूर की चाहत और सेहत का सवाल, डॉक्टर ने बताई सेक्स टॉय की सच्चाई

मुंबई  एक्ट्रेस गौतमी कपूर (Gautami Kapoor) इन दिनों काफी चर्चाओं में हैं. उनका कुछ महीने पहले का एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने ऐसी बातें कही हैं, जिससे सोशल मीडिया पर भूचाल आ गया है. एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी के 16वें जन्मदिन पर उसे एक सेक्स टॉय (Sex Toy) या वाइब्रेटर (Vibrator) गिफ्ट करने के बारे में सोचा था. भारतीय समाज में अधिकतर पैरेंट्स अपने बच्चों से सेक्स के बारे में बातचीत नहीं करते हैं, ऐसे में गौतमी के बयान पर कई लोग भड़क गए हैं, जबकि कुछ लोग उनकी सराहना कर रहे हैं. देश में बड़ी संख्या में किशोर और युवा सेक्स टॉयज का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब सवाल है कि क्या ये चीजें रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए सुरक्षित हैं? ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल की पूर्व एसोसिएट गाइनेकोलॉजिस्ट और आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया कि अब जमाना काफी बदल चुका है और लोग सेक्स को लेकर नई-नई चीजें ट्राई कर रहे हैं. आजकल बड़ी संख्या में यंगस्टर्स सेक्स टॉयज का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये चीजें रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए बुरी नहीं हैं, लेकिन इनका यूज सावधानी से करना चाहिए और इनके एडिक्शन से बचना चाहिए. सेक्स टॉय से युवा लड़के और लड़कियां प्लेजर महसूस कर रहे हैं और यौन संबंधों के बारे में जागरूक हो रहे हैं. कई मेडिकल परेशानियां होने पर मरीजों को ये टॉय यूज करने की सलाह दी जाती है, लेकिन टीनएजर्स इनका इस्तेमाल अपनी मर्जी से कर रहे हैं. डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि अब टीनएजर्स ऑनलाइन ये टॉय ऑर्डर कर लेते हैं और इनका इस्तेमाल शुरू कर देते हैं. हालांकि इसमें कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. पहला ये टॉय सही तरीके से यूज करें और इनकी लत न लगाएं. दूसरा इनकी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, वरना इंफेक्शन और सूजन का खतरा बढ़ सकता है. तीसरा आप इनका ओवरयूज या गलत इस्तेमाल न करें. आखिर में इन टॉयज की क्वालिटी ठीक होनी चाहिए. कई लोग ऐसे होते हैं, जो इन टॉयज का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं और बाद में नेचुरल तरीके से यौन संबंध बनाने में दिलचस्पी नहीं लेते हैं. नेचुरल संबंध बनाना टॉयज की तुलना में थोड़ा अलग होता है. कई लोग इन टॉयज के जरिए अननेचुरल चीजें करना शुरू कर देते हैं, लेकिन ऐसा भी नहीं करना चाहिए. इन टॉयज के जितने फायदे, उतने नुकसान भी हैं. हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो सेक्स टॉयज गिफ्ट करने से भी ज्यादा जरूरी है कि पैरेंट्स अपने बच्चों को सेक्स एजुकेशन दें. इससे न सिर्फ वे इस बारे में सही बातें जान सकेंगे, बल्कि किसी भी गलत हरकत से भी बच सकेंगे. बच्चों से यौन स्वास्थ्य से जुड़ी बातें करना बुरी बात नहीं है और इससे उन्हें गलत चीजों से बचने में मदद मिल सकती है. जो लोग सेक्स एडिक्शन का शिकार हो जाते हैं या इससे ऑब्सेस्ड हो जाते हैं, उनके लिए ये टॉय फायदेमंद हो सकते हैं, ताकि वे अपनी फीलिंग को कंट्रोल कर सकें. अगर आपको रिप्रोडक्टिव हेल्थ से जुड़ी कोई समस्या है, तो ये टॉयज इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें. इससे आपको सही जानकारी मिल सकेगी और सेहत को कोई नुकसान भी नहीं होगा.