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निर्माण समिति अध्यक्ष का दावा: दिसंबर तक राममंदिर का काम पूरा

अयोध्या श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य दिसंबर अंत तक पूरा हो जायेगा। श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की बैठक के बाद निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि मंदिर के लोअर प्लिंथ में लगने वाले 90 म्यूरल्स में से 85 तैयार होकर आ चुके हैं, जबकि 3डी मूर्तियों में 15 से 30 दिन का विलंब हुआ है। बैठक में इसे लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।   'ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्री होगी तैयार'  मिश्र ने बताया कि निर्माण स्थल पर लगाए गए पाँच टाइम-लैप्स कैमरों से रिकॉर्ड हो रही पूरी यात्रा को ‘‘इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स'' घोषित किया गया है। यह अधिकार सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, रुड़की को शर्तनामा के साथ सौंपे जाएंगे ताकि इस सामग्री का उपयोग शिक्षा-प्रशिक्षण के साथ-साथ पाँच वर्षों की निर्माण यात्रा पर एक ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्री तैयार करने में किया जा सके। इसमें खुदाई, सॉइल टेस्ट से लेकर प्रस्तावों और चरणबद्ध निर्माण तक की पूरी कहानी दर्ज होगी।   'अक्टूबर के अंत तक अधिकांश कार्य पूरे हो जाएंगे' समीक्षा के दौरान अस्थायी मंदिर स्मारक और शहीदों की स्मृति में लगाए गए ग्रेनाइट पिलर्स के स्वरूप पर भी विस्तार से विचार हुआ। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मंदिर की पवित्रता और मूल स्वरूप पर किसी भी प्रकार का प्रभाव न पड़े। निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि अक्टूबर के अंत तक अधिकांश कार्य पूरे हो जाएंगे। दिसंबर 2025 तक राम मंदिर के शेष निर्माण को लक्ष्य के अनुसार पूरा करने का विश्वास जताया गया। आज तीन कंपनियों द्वारा फसाद लाइटिंग का डेमोंस्ट्रेशन किया जाएगा। हाइब्रिड मॉडल, प्रोजेक्टर और लीनियर लाइटिंग के विकल्पों में से अंतिम चयन किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था पर 8 से 10 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।

महाआर्यमन सिंधिया की ताजपोशी तय, MPCA अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुने जाने के आसार

भोपाल मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का अगला अध्यक्ष कौन होगा। दो सितंबर को इसके लिए वोटिंग है। इस रेस में सबसे आगे महाआर्यमन सिंधिया चल रहे हैं। उनके नाम सामने आते ही यह संभावना जताई जा रही है कि क्या वे निर्विरोध अध्यक्ष बन जाएंगे। क्योंकि उनके पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया अब बीजेपी में है। कैलाश विजयवर्गीय के साथ उनकी पुरानी अदावत भी खत्म हो गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि महाआर्यमन सिंधिया निर्विरोध एमपीसीए के अध्यक्ष बन सकते हैं। संजय जगदाले का गुट भी कई महत्वपूर्ण पदों पर जीत हासिल कर सकता है। अभी अभिलाष खांडेकर हैं अध्यक्ष दरअसल, एमपी क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अभी अभिलाष खांडेकर हैं। उनका दूसरा कार्यकाल पूरा हो रहा है। सूत्रों के अनुसार महाआर्यमन सिंधिया को इसके लिए नामित करने की तैयारी चल रही है। अभी महाआर्यमन सिंधिया ग्वालियर क्रिकेट डिवीजन के उपाध्यक्ष हैं। एमपी प्रीमियर लीग की शुरुआत की महाआर्यमन सिंधिया ने दो साल पहले ग्वालियर में एमपी प्रीमियर लीग सिंधिया कप की शुरुआत की थी। इसमें उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखाई है। साथ ही यह लीग सफल रही है। एक सीनियर क्रिकेटर ने कहा कि लीग के जरिए महाआर्यमन सिंधिया ने दिखा दिया है कि महाआर्यमन में बड़ी जिम्मेदारियां लेने की क्षमता है। विरोधी गुटों को भी साधने की तैयारी वहीं, पहले इस लीग को इंदौर में आयोजित करने की प्लानिंग थी। लेकिन बाद में ग्वालियर में हुआ। सूत्रों ने बताया है कि एसोसिएशन के चुनाव में संजय जगदाले और कैलाश विजयवर्गीय गुट के सदस्यों को भी अहम पद मिल सकते हैं। ताकि उनदोनों को भी साधा जा सके। इंदौर में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन वहीं, चुनाव से पहले, एसोसिएशन के आठ डिवीजनों के अधिकारी सोमवार को इंदौर में MPCA पुरस्कार समारोह के लिए पहुंचे। एक वरिष्ठ सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चूंकि सभी लोग इंदौर में थे, इसलिए चुनाव से पहले मिलने का यह एक अच्छा मौका था। अगले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। अभी तक यह साफ है कि अध्यक्ष पद के लिए एक नाम तय हो गया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया भी रह चुके हैं अध्यक्ष गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके पिता माधवराव सिंधिया भी पहले MPCA के अध्यक्ष रह चुके हैं। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव तो बिना विरोध के होने की उम्मीद है। लेकिन सचिव पद के लिए मुकाबला हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, जगदाले गुट का कोई सदस्य इस पद के लिए चुना जा सकता है।  

तमिलनाडु और केरल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्णय, राष्ट्रपति रेफरेंस पर मंथन

नई दिल्ली  राष्ट्रपति की ओर से सुप्रीम कोर्ट से राय मांगे जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर शीर्ष अदालत ने मंगलवार को सवाल उठाया। अदालत ने केरल और तमिलनाडु सरकारों की अर्जी पर कहा कि यदि राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट से राय लेना चाहें तो इसमें गलत क्या है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के आर्टिकल 143 का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रेफरेंस दायर किया है। इसमें उन्होंने पूछा है कि क्या राज्यपालों और राष्ट्रपति को शीर्ष अदालत की ओर से आदेश दिया जा सकता है। इसी रेफरेंस का तमिलनाडु और केरल ने विरोध किया है। दोनों राज्यों की ओर से कहा गया कि राष्ट्रपति की ओर से दाखिल रेफरेंस सुनवाई के काबिल नहीं है। इस पर चीफ जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत समेत 5 जजों की बेंच ने कहा कि आखिर इसमें गलत क्या है। अदालत ने राज्य सरकारों से पूछा, 'यदि महामहिम राष्ट्रपति अदालत की राय जानना चाहती हैं तो फिर इसमें गलत क्या है। क्या आप अपनी बात को गंभीरता से कह भी रहे हैं।' अदालत ने यह भी कहा कि हम यहां सलाह या राय देने की स्थिति में हैं। सुप्रीम कोर्ट के ही किसी फैसले के खिलाफ हम अपीलीय प्राधिकारण के तौर पर नहीं बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट ने कोई राय दी है तो हमें उसे करेक्ट कर सकते हैं, लेकिन किसी फैसले को नहीं पलटा जा सकता। वहीं अदालत की इस दलील को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चैलेंज किया। उन्होंने कहा कि अदालत ऐसे किसी फैसले को पलट भी सकती है, जिसमें कोई खामी लग रही हो। इस पर चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि हम राय को पलट सकते हैं, लेकिन फैसला नहीं बदल सकते। दरअसल राष्ट्रपति ने अप्रैल में दिए अदालत के उस फैसले पर सवाल उठाए हैं, जिसमें राज्यपालों और राष्ट्रपति से कहा गया था कि वे तय समय के भीतर राज्य सरकार की ओर से पारित विधेयकों पर फैसला लें। अब इसी पर समस्त राज्यपालों और राष्ट्रपति को आपत्ति है। इन लोगों का कहना है कि आखिर राज्यपालों के काम में सुप्रीम कोर्ट दखल कैसे दे सकता है। कैसे वह राष्ट्रपति को निर्देश दे सकता है कि वे तय समय के भीतर ही विधेयक पर फैसले लें।  

भारी बरसात से पंजाब में अलर्ट, भाखड़ा बांध के गेट खोले गए

चंडीगढ़ पंजाब के कई इलाकों में इस समय तेज बारिश हो रही है। इसी बीच भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने भाखड़ा डैम के फ्लड गेट खोलने का फैसला लिया है। बीबीएमबी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, आज दोपहर 3 बजे से क्रमबद्ध तरीके से भाखड़ा डैम के गेट खोले जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, आज दोपहर 3 बजे पहले चरण में फ्लड कंट्रोल गेट 1 फुट तक, 4 बजे दूसरे चरण में 2 फुट तक और 5 बजे तीसरे चरण में 3 फुट तक खोले जाएंगे। बीबीएमबी प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि पानी छोड़ने की प्रक्रिया सुचारू और सुरक्षित तरीके से पूरी की जा सके। इसी बीच डैम के आस-पास सायरन बजाए जाएंगे, ताकि लोगों को समय रहते सावधान किया जा सके और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा सके। बीबीएमबी के अनुसार, आज सुबह 6 बजे भाखड़ा डैम का जलस्तर 1665.06 फुट तक पहुंच चुका था, जबकि डैम की सामान्य जल भंडारण क्षमता 1680 फुट है। इस समय डैम की कुल क्षमता का 87 प्रतिशत हिस्सा पानी से भरा हुआ है और इसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 

टीम इंडिया तैयार T20 Asia Cup 2025 के लिए, उपकप्तान और स्टैंडबाय प्लेयर्स हुए घोषित

नई दिल्ली यूएई में 9 सितंबर से टी20 एशिया कप की शुरुआत होनी है और इससे करीब 20 दिन पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। 9 से 28 सितंबर तक दुबई और अबूधाबी में आयोजित होने वाले इस महाद्विपीय टूर्नामेंट के लिए अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली सिलेक्शन कमिटी ने 15 सदस्यीय टीम का चयन किया है, जिसके कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं, जबकि उपकप्तान शुभमन गिल हैं। जो कयास शुभमन गिल की टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी को लेकर लगाए जा रहे थे, वह सच हो गए हैं। न सिर्फ उनकी वापसी हुई है, बल्कि उपकप्तान भी उनको बनाया गया है। इंग्लैंड में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में कप्तान और बल्लेबाज के तौर पर उन्होंने दमदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा इस टेस्ट सीरीज से पहले आईपीएल 2025 में उन्होंने कमाल का खेल दिखाया था। चयनकर्ता संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा वाली जोड़ी पर टिके हुए हैं। दोनों टी20 विश्व कप 2024 के बाद से टीम के लिए ओपनिंग करते हुए आ रहे हैं और भारत को सफलता भी उन्होंने दिलाई है। शुभमन गिल को टीम में जगह मिली है। ऐसे में सवाल ये है कि वे किस पोजिशन पर खेलेंगे। श्रेयस अय्यर अभी भी बाहर मिडिल ऑर्डर बैटर श्रेयस अय्यर को लेकर तमाम रिपोर्ट्स आ रही थीं कि वे एशिया कप की टीम का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन सिलेक्शन कमिटी ने इस टीम का हिस्सा उनको नहीं बनाया है। मध्य क्रम में और फिनिशर के तौर पर अभी भी चयनकर्ता रिंकू सिंह के साथ गए हैं। चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की जानकारी भी दी है कि पांच खिलाड़ी स्टैंडबाय पर हैं। इनमें पेसर प्रसिद्ध कृष्णा, ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर, बल्लेबाज रियान पराग, विकेटकीपर ध्रुव जुरेल और ओपनर यशस्वी जायसवाल का नाम शामिल है। अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है तो निश्चित तौर पर इनमें से ही सबसे पहले रिप्लेसमेंट का ऐलान होगा। यूएई की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सिलेक्टर्स ने स्पिन के विकल्पों पर खासा ध्यान दिया है। स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल के अलावा कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती टीम का हिस्सा हैं। तेज गेंदबाजी की बात करें तो जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के अलावा हर्षित राणा को मौका दिया गया है, जबकि 15 सदस्यीय टीम में पेस ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या भी शामिल हैं। संजू सैमसन के बैकअप विकेटकीपर के तौर पर जितेश शर्मा को टीम में जगह दी गई है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 को ध्यान में रखते हुए टी20 फॉर्मेट में आयोजित होने वाले एशिया कप में भारत ग्रुप ए का हिस्सा है, जिसमें पाकिस्तान, यूएई और ओमान की टीम शामिल है। टीम इंडिया को अपना पहला मैच 10 सितंबर को दुबई में यूएई के खिलाफ खेलना है, जबकि इंडिया और पाकिस्तान का मुकाबला इसी मैदान पर रविवार 14 सितंबर को है। वहीं, तीसरा और आखिरी लीग मैच इंडिया का ओमान से है, जो अबू धाबी में 19 सितंबर को है। T20 एशिया कप 2025 के लिए भारत की टीम इस प्रकार है सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा और रिंकू सिंह

58 की उम्र पार करने वालों को अब सिर्फ 2 साल तक ही नौकरी का मौका, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद पुनर्नियोजन (री-इम्पलॉयमेंट) से संबंधित मामलों के निपटान के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम-143 के अनुसार केवल असाधारण या अपवादस्वरूप परिस्थितियों में ही 58 साल के बाद अधिकतम 2 वर्ष तक री-इम्पलॉयमेंट की अनुमति दी जा सकती है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासकीय सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को एक पत्र जारी किया गया है। पत्र अनुसार राज्य सरकार ने 18 जून, 2025 को जारी आदेशों के माध्यम से एक समिति का पुनर्गठन किया है। यह समिति उन व्यक्तिगत मामलों और श्रेणी या वर्ग के स्तर पर मामलों की समीक्षा करेगी जिनकी सेवाएं संगठन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक हैं। प्रस्तावों पर विचार के लिए हर महीने एक निश्चित तिथि को समिति की बैठक होगी। संशोधित प्रक्रिया के अंतर्गत, प्रशासनिक विभाग यह सुनिश्चित करेंगे कि किन परिस्थितियों में संवानिवृत्त अधिकारियों या कर्मचारियों की सेवाएं सेवानिवृत्ति के बाद भी आवश्यक हैं। री-इम्पलॉयमेंट केवल उन्हीं मामलों में विचाराधीन होगी, जहां सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति के लिए यह अपरिहार्य हो और जहां कनिष्ठ कर्मचारियों की पदोन्नति की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके अलावा, संबंधित अधिकारी का सेवा रिकॉर्ड अच्छा होना अनिवार्य है और उसके विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित न हो। री-इम्पलॉयमेंट की अधिकतम आयु सीमा 63 वर्ष निर्धारित की गई है ताकि अधिकारी या कर्मचारी 65 वर्ष की आयु तक कम से कम 2 वर्ष तक सेवा कर सकें। प्रशासनिक विभाग को अपने मंत्री-प्रभारी की स्वीकृति प्राप्त करने के बाद संबंधित मामले मानव संसाधन विभाग (मानव संसाधन-1 शाखा) को भेजने होंगे। इसके बाद समिति अपनी सिफारिशें संबंधित प्रशासनिक विभाग को भेजेगी। इसके बाद संबंधित विभाग वित्त विभाग की सहमति प्राप्त कर मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद ही री-इम्पलॉयमेंट आदेश जारी करेंगे।

आयुष मंत्री परमार ने विभाग को स्कॉच अवॉर्ड-2025 पर दी बधाई, टीमवर्क और नवाचार को सराहा

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने, आयुष विभाग को प्रतिष्ठित "स्कॉच अवॉर्ड- 2025" (SKOCH Award-2025) मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। आयुष मंत्री  परमार ने कहा कि "स्कॉच अवॉर्ड- 2025" प्राप्त करना, प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। यह उपलब्धि टीम भावना, नवाचार और उत्कृष्ट कार्य का परिणाम है, जिससे नागरिकों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। प्रमुख सचिव आयुष  डी.पी. आहूजा ने भी इस उपलब्धि के लिए विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  आहूजा ने कहा कि "आयुष ई-मॉनिटरिंग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है तथा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में आयुष चिकित्सा की सुलभता और गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।" विभागीय अधिकारियों की सतत् निगरानी एवं समन्वय ने विभाग की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ई-मॉनिटरिंग सिस्टम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ, जिससे राज्यभर में आयुष सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आयुष विभाग को यह सम्मान 'आयुष ई-मॉनिटरिंग सिस्टम' परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट परिणामों के लिए प्रदान किया गया है। यह अवार्ड तीन चरणों की विस्तृत प्रस्तुतियों (Presentations) और दो चरणों की सार्वजनिक डिजिटल वोटिंग के बाद प्रदान किया गया, जो इस उपलब्धि की पारदर्शिता और गुणवत्ता को और अधिक प्रमाणित करता है। "स्कॉच अवॉर्ड-2025" वितरण समारोह, 20 सितम्बर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली स्कॉच समिट के दौरान होगा। आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य हैं- प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों और चिकित्सा महाविद्यालयों में OPD (आउट पेशेंट विभाग) में अधिकतम वृद्धि करना, अधिक से अधिक नागरिकों को आयुष सुविधा कवरेज में लाना और लोगों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं उपलब्ध कराना। आयुष विभाग ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए माह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) कर सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं आयुष मेडिकल कॉलेजों के साथ अनुभव साझा करना, समस्याओं का समाधान, कठोर निगरानी और मूल्यांकन, हर केंद्र के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा, प्रत्येक आयुष सुविधा की रैंकिंग प्रकाशित करना, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार कर गुणवत्ता बढ़ाना, आयुष अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना अस्पतालों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना जैसे अनेक नवाचार अपनाए हैं।  

महंगाई पर राहत: छत्तीसगढ़ सरकार ने डीए बढ़ाया, अब मिलेगा 55% महंगाई भत्ता

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने महंगाई भत्ता (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान किया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब प्रदेश के कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा, जो केंद्र सरकार के बराबर होगा। महंगाई की मार झेल रहे कर्मचारियों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत लेकर आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई भत्ते में हुई यह वृद्धि सीधे कर्मचारियों की आय को प्रभावित करेगी और त्योहारी सीजन में उनकी जेब थोड़ी और मजबूत होगी। केंद्र के समान लाभ अब राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में वही लाभ मिलेगा जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिया जा रहा है। इससे प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों में उत्साह का माहौल है।  DA में 2% बढ़ोतरी; अब कुल 55% (केंद्र के समकक्ष) लाभार्थी: सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी एवं पेंशनभोगी लागू होने की तिथि: वित्त विभाग की अधिसूचना के बाद प्रभावी वेतन/पेंशन बिल पर अतिरिक्त वित्तीय भार; सरकार ने इसे बजट प्रावधानों से वहन करने की बात कही सरकार ने महंगाई और लागत-जीवन सूचकांक में हालिया बदलावों को देखते हुए महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। इस कदम से राज्य के कर्मचारियों का DA अब 55% हो जाएगा, जो केंद्र सरकार के बराबर है। वित्त विभाग जल्द ही औपचारिक अधिसूचना जारी करेगा, जिसके बाद बढ़ा हुआ DA आगामी वेतन और पेंशन भुगतान में समायोजित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय त्योहारी सीज़न से पहले खपत को बढ़ावा देगा और कर्मचारियों की क्रय-शक्ति में सुधार करेगा। साथ ही, पेंशनभोगियों को भी समकक्ष लाभ मिलेगा। मद पहले अब परिवर्तन महंगाई भत्ता (DA) 53% 55% +2%

भोपाल को जल्द मिलेगी मेट्रो की सौगात, सितंबर 2025 से कमर्शियल रन संभव

भोपाल   मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर माह में हरी झंडी दिखा सकते हैं। यात्रियों को लंबे इंतजार के बाद भोपाल में मेट्रो की सवारी का मौका मिलेगा। कारपोरेशन का सबसे ज्यादा फोकस इस समय एम्स से डीआरएम तक के स्टेशनों का काम पूरा करने में है। बचे हुए काम के लिए सितंबर 2025 की डेडलाइन तय की गई है। कमर्शियल रन को दो माह से भी कम समय बचा है, ऐसे में यहां टिकटिंग सिस्टम से लेकर यात्रियों के लिए इंफॉर्मेशन सिस्टम, इंटीरियर व बाहरी सौंदर्यीकरण के काम काफी बचे हुए हैं। स्टेशनों को पास के संस्थानों से जोडऩे का काम भी बाकी है। कमिश्नर का निरीक्षण कमर्शियल रन के लिए कमिश्रर मेट्रो रेल सेफ्टी की एनओसी जरूरी है। इसलिए सर्वे व मॉनिटरिंग जारी है। सुरक्षा संबंधी कामों को तय मानकों पर कसा जा रहा है। सोमवार को भी मेट्रो रेल एमडी चैतन्य एस कृष्णा ने मेट्रो के कामों का निरीक्षण कर संबंधितों से काम की स्थिति पर बैठक की। तुर्किए की कंपनी की जगह नया टेंडर जल्द मेट्रो रेल कारपोरेशन ने ऑटोमेटिक टिकट फेयर सिस्टम के लिए तुर्की की कंपनी को दिए काम का ठेका रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है। टेंडर की शर्तों के अनुसार प्रक्रिया की जा रही है। अभी रद्द करने का लेटर जारी नहीं किया। अफसरों का कहना है कि नए सिरे से टेंडरिंग की जाएगी। कमर्शियल रन में इंदौर की तरह मैन्युअली टिकट सिस्टम से काम चलाया जाएगा। RDSO से मिली हरी झंडी, अब CMRS की तैयारी तेज शहरवासियों के लिए खुशी की खबर है। भोपाल मेट्रो संचालन पूर्व पहले पड़ाव को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है । अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ), रेल मंत्रालय से मेट्रो को प्रमाणीकरण मिल गया है। अब मेट्रो प्रबंधन ने कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की तैयारियों में जुट गया है। भोपाल मेट्रो को आरडीएसओ से मिली हरी झंडी जानकारी के अनुसार आरडीएसओ के प्रमाणीकरण के बाद ही सीएमआरएस की टीम जांचने आती है। जिसके बाद भोपाल में मेट्रो का संचालन शुरू हो पाएगा। इसके मद्देनजर अब दस्तावेज तैयार किए जाएंगे और प्रोजेक्ट के बचे शेष कामों को टीम के आने से पहले पूरा किया जाएगा। प्रमाणीकरण मिलते ही सोमवार को मेट्रो प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने सुभाष नगर डिपो और एम्स स्टेशन से डीआरएम आफिस मेट्रो स्टेशन तक का निरीक्षण किया। अब सीएमआरएस की तैयारी तेज इस दौरान उन्होंने सीएमआरएस से जुड़ी महत्वपूर्ण साइट्स और कार्यों की स्थिति देखी। स्टेशन में एंट्री-एग्जिट, फुट ओवर ब्रिज, टिकट रूम, स्टेशन कंट्रोल रूम, पम्प रूम, लिफ्ट, एस्केलेटर, फायर एनओसी सहित आंतरिक और बाहरी सुंदरीकरण कार्यों की समीक्षा की गई। एमडी ने सुभाष नगर डिपो का भी मुआयना किया। यहां उन्होंने इन्स्पेक्शन बे लाइन, रिपेयर बे लाइन, टेस्ट ट्रैक, ट्रैक्शन सब-स्टेशन, एडमिन बिल्डिंग के कंट्रोल रूम, प्रमुख सिस्टम रूम्स, रैम्प एरिया, अनलोडिंग-बे और ट्रेनिंग बिल्डिंग जैसी प्रमुख सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही डिपो में ड्रेनेज व्यवस्था, पम्प रूम और फायर एनओसी की स्थिति की भी जानकारी ली। एमडी ने अधिकारियों और ठेकेदारों को दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान एमडी ने अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रायोरिटी कॉरिडोर के तहत ट्रेन परिचालन से जुड़े सभी शेष कार्य जल्द से जल्द पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि सीएमआरएस के लिए दस्तावेजीकरण और साइट तैयारियों को तेज गति से निपटाना होगा ताकि समय पर संचालन शुरू किया जा सके। भोपाल मेट्रो के इस कदम से उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले महीनों में राजधानी में मेट्रो परिचालन का सपना हकीकत में बदल सकेगा। इससे यातायात दबाव कम होगा और शहर को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की बड़ी सौगात मिलेगी।

बिहार में लग्जरी पर्यटन की शुरुआत: राजगीर में 2 फाइव स्टार होटल, वैशाली में रिसॉर्ट

पर्यटन उद्योग को नया आयाम : राजगीर में बनेंगे 2 फाइव स्टार होटल, वैशाली में तैयार होगा रिसॉर्ट बिहार में लग्जरी पर्यटन की शुरुआत: राजगीर में 2 फाइव स्टार होटल, वैशाली में रिसॉर्ट बिहार में शुरू होगा लग्जरी पर्यटन का नया दौर! राजगीर-वैशाली में बनेंगे फाइव स्टार होटल पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने वाला बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक में कुल 16 एजेंडों पर मुहर लगी, जिनमें राजगीर और वैशाली में फाइव स्टार होटल और रिसॉर्ट बनाने की योजना को स्वीकृति दी गई।  कहां बनेंगे होटल और रिसॉर्ट कैबिनेट की ओर से राजगीर (नालंदा) और वैशाली में होटल और रिसॉर्ट बनाने का प्रस्‍ताव पास किया है। राजगीर में 10 एकड़ भूमि पर दो पांच सितारा होटल और वैशाली में 10 एकड़ भूमि पर एक पांच सितारा रिसॉर्ट बनाने की योजना है। इन परियोजनाओं का निर्माण पब्लिक, प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर होगा। इसके तहत जमीन निजी निवेशकों को निर्धारित अवधि के लिए लीज पर दी जाएगी। लीज अवधि समाप्त होने के बाद इनके संचालन और प्रबंधन पर सरकार निर्णय लेगी। पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं में बढ़ोतरी राजगीर और वैशाली बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थल हैं। यहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। अभी तक इन जिलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले होटल कम होने के कारण पर्यटकों को दिक्कतें होती थीं। नए होटल और रिसॉर्ट बनने से पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और उनकी संख्या में वृद्धि होगी। पर्यटन उद्योग और रोजगार को बढ़ावा # इन परियोजनाओं से बिहार के पर्यटन उद्योग को नई पहचान मिलेगी। # विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। # स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे। # होटल और रिसॉर्ट के आसपास आर्थिक व सामाजिक गतिविधियां तेज होंगी। बिहार का बढ़ता पर्यटन महत्व बताते चलें कि बिहार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से समृद्ध प्रदेश है। बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म से जुड़े कई प्रमुख स्थल यहां हैं। लेकिन उच्च स्तरीय होटलों की कमी पर्यटकों के लिए चुनौती बनी हुई थी। लिहाजा सरकार अब इस कमी को दूर कर बिहार को पर्यटन के मानचित्र पर उभारना चाहती है। जिसका प्रयास सरकार के स्‍तर से भी कर दिया गया है।