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दीपक बैज का साय सरकार पर वार – बस्तर की उपेक्षा की, भाजपा ने दिया पलटवार

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद प्रदेश में सियासी पारा हाई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार पर बस्तर की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने दीपक बैज को अपने संगठन की चिंता करने की बात कही है. दीपक बैज ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर बस्तर के नेताओं को ही जिम्मेदारी दी गई. दो-दो मंत्री बस्तर से हुआ करते थे, लेकिन भाजपा में अब वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक हत्या करने का प्रयास सरकार कर रही है. पीसीसी चीफ दीपक बैज के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा, दीपक बैज अनुचित टिप्पणी कर रहे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को अपने संगठन पर ध्यान देना चाहिए. किरण देव ने कहा, मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार है कि वह किसे मंत्री बनाना चाहते हैं. पहले से ही केदार कश्यप बस्तर से मंत्री हैं. इसके अलावा कोंडागांव विधायक लता उसेंडी बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और मैं स्वयं प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका में हूं.

सीएम नीतीश ने दिलाई पुराने दौर की याद, पूछा- लालू-राबड़ी शासनकाल में क्या हाल था?

गया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर से लालू-राबड़ी राज की याद दिला दी। गयाजी में पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान मंच पर उन्होंने लोगों से पूछा कि 2005 से पहले क्या हाल था?  बिहार का कितना बुरा हाल था? पहले कोई ठीक से कपड़ा तक नहीं पहन पाता था? कोई महिलाओं के लिए काम नहीं किया। मुस्लिमों के लिए भी कोई काम नहीं किया। लेकिन, हमलोगों की सरकार बनी तो सब लोगों के लिए काम किया। अब सब काम ठीक से हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज 13,000 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है, जिससे बिहार को अत्यधिक लाभ मिलेगा। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देता हूं। यहां के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री जी बेगूसराय के सिमरिया जाकर नवनिर्मित गंगा पुल का उद्घाटन करेंगे। मैं उनका अभिनंदन एवं नमन करता हूं। हम यह बताना चाहते हैं कि गया और बोधगया में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं। पहले यहां की स्थिति बहुत खराब थी। पूर्ववर्ती सरकारों ने इस दिशा में कोई विशेष कार्य नहीं किया। हमने एक-एक चीज़ को ध्यान में रखते हुए कार्य शुरू किया और अब यहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। गया में फल्गु नदी पर रबर डैम के माध्यम से ‘सीता सेतु’ का निर्माण कराया गया है। बोधगया में ‘महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र’ की स्थापना कराई गई है। हमने गया का नाम बदलकर 'गयाजी' कर दिया है। अब एक ओर बोधगया है और दूसरी ओर गयाजी। पहले की सरकारों ने कोई ठोस काम नहीं किया मुख्यमंत्री ने बिहार के संदर्भ में कुछ और बातें साझा करना चाहूंगा। 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार के गठन से पहले की सरकारों ने कोई ठोस काम नहीं किया। लेकिन हमारी सरकार आने के बाद हमने पूरे बिहार में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य शुरू किए। आज बिहार हर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली समेत हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। इन कार्यों के अतिरिक्त हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। बिहार में वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं विधवा महिलाओं को दी जाने वाली पेंशन राशि को 400 रुपए से बढ़ाकर 1,100 रुपए कर दिया गया है, जिससे 1.12 करोड़ लाभार्थियों को सीधा फायदा होगा। पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2018 में हमने ‘हर घर बिजली’ योजना के अंतर्गत राज्य के सभी घरों तक बिजली पहुंचा दी थी। बिजली आपूर्ति की दरें भी काफी रियायती रखी गईं। इस वर्ष हमने बिजली को पूर्णतः निःशुल्क करने का निर्णय लिया है। अब तक हमने 10 लाख सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं तथा 39 लाख लोगों को विभिन्न रूपों में रोजगार उपलब्ध कराया है। चुनाव से पूर्व यह संख्या 50 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है। साथ ही, अगली सरकार बनने पर आगामी पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का संकल्प लिया गया है। हमने महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि बिहार में नए उद्योगों की स्थापना हेतु राज्य सरकार विशेष प्रोत्साहन प्रदान करेगी। बिहार के समग्र विकास हेतु केंद्र सरकार का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। चुनाव के उपरांत बिहार को विशेष वार्षिक  सहायता प्राप्त होगी। फरवरी 2025 के बजट में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट और कोसी क्षेत्र के विकास हेतु विशेष राशि आवंटित की गई है। हमने महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का पुनः अभिनंदन करता हूं।

विधानसभा सत्र बढ़ा, विज का वार- कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी नहीं, अंदर ही अंदर खींचतान

चंडीगढ़  हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 22 अगस्त यानी आज से शुरू हो गया है। सत्र की संभावित तारीख 22, 25 और 26 अगस्त तक होना था। लेकिन अब इसे एक दिन और बढ़ा दिया गया है। ऐसे में सेशन 27 अगस्त तक चलेगा। पहले दिन के सत्र के बाद हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक हुई। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा नहीं होती, सिर्फ यह तय होता है कि सदन की कार्यवाही कैसे और कितने समय तक चले। इसे एक दिन बढ़ाने का फैसला किया गया। इसमें सभी दलों के नेता मौजूद थे। यह (विधानसभा सत्र) 27 तारीख तक जारी रहेगा।  अनिल विज ने कहा कि सत्र के दौरान विपक्ष को मुद्दे उठाने की आजादी है, हमारे पास हर मुद्दे का जवाब है। इसके साथ ही विज ने विपक्षी दल कांग्रेस पर जुबानी हमला भी किया। विज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक दल नहीं है। कांग्रेस में कोई किसी को नेता नहीं मानता, कोई किसी की सुनता नहीं है। यही वजह है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी वे विपक्ष के नेता पर फैसला नहीं कर पाए। शुक्रवार सुबह 11 बजे हरियाणा विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक विधानसभा सचिवालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने की। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष, सीएम और सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री हिस्सा लिया। इसके साथ ही विपक्ष से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल हुए। बैठक में ही तय हुआ कि सत्र का समय एक दिन बढ़ाया जाए।  हालांकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार शाम को ही भाजपा विधायकों के साथ बैठक कर सत्र की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। इस बार भी सैनी के अलावा संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा के पास विपक्ष के सवालों के जवाब देने की जिम्मेदारी रहने वाली है। कांग्रेस लाएगी काम रोको प्रस्ताव विपक्ष ने सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। पूर्व स्पीकर व कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ गई है। आए दिन हत्याएं, रेप और रंगदारी की खबरें आ रही हैं। इसलिए सारे काम रोक कर सरकार से पहले कानून व्यवस्था पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे भाजपा सरकार की ओर से विधानसभा क्षेत्रों में मंत्रियों व विधायकों की जिम्मेदारी पर भी चर्चा करेंगे। उनका कहना है कि सैनी सरकार संविधान के खिलाफ चल रही है। अभी तक दो विधेयक सूचीबद्ध और 30 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आए हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्डा ने बताया, सत्र के लिए अभी तक 30 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, एक अति आवश्यक प्रस्ताव आया है। जो बिल सूचीबद्ध किए गए हैं, उनमें पिछड़ा वर्ग आयोग की शक्तियां बढ़ाने और विधायकों का यात्रा भत्ता बढ़ाने का विधेयक सूचीबद्ध किया जा चुका है। इसके अलावा जनविश्वास बिल और हरियाणा सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग की शक्तियां बढ़ाने का विधेयक भी सूचीबद्ध किया जा सकता है। प्रश्नकाल के लिए 60 विधायकों के प्रश्न सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। इनेलो ने भी सरकार को घेरने की तैयारी, दिए 10 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव कांग्रेस के अलावा इनेलो ने भी सरकार को घेरने की पूरी तैयार की है। इनेलो की ओर से प्रदेश में खाद की कमी के बारे, शिक्षण संस्थानों के लिए आरक्षित की गई जमीन को आवंटित करने बारे, एसवाईएल नहर, कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, सरकारी स्कूलों में हजारों की संख्या में शिक्षकों के खाली पद, जमीन व प्लाटों के कलेक्टर रेट में वृद्धि, वायरस से धान व जीरी की बर्बाद फसल, बिजली की दरों में वृद्धि और आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का इलाज संबंधी मुद्दे शामिल हैं। विधानसभा में ये मुद्दे इनेलो विधायक दल के नेता आदित्य देवीलाल और विधायक अर्जुन चौटाला उठाएंगे। सीएम की घोषणाओं व पुलिस भर्ती के पूछे गए हैं सवाल इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने राज्य की कानून व्यवस्था से संबंधित सवाल पूछा है। उन्होंने कॉल से धमकी, वसूली के मामले और अपराधियों की गिरफ्तारियों के बारे में पूछा है। मुलाना से कांग्रेस विधायक पूजा ने पूछा कि जुलाई तक सभी सड़कों की मरम्मत करने के आदेश दिया था, अब तक उनकी घोषणा में कितना अमल हुआ है। वहीं, कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने सवाल लगाया कि 5600 पुलिसकर्मियों की भर्ती सरकार कब करेगी। कालांवाली से विधायक शीशपाल केहरवाला ने जनवरी 2024 से 31 जुलाई 2025 तक नए बीपीएल कार्डों की संख्या पूछी है।

शिव मंदिर में नंदी की प्रतिमा खंडित करने वाले दो आरोपी मैहर में सलाखों के पीछे

मैहर धार्मिक नगरी मैहर में धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने की साजिश को अंजाम देने वाले आरोपियों को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के संकुटा तालाब किनारे बने शिव मंदिर में भगवान नंदी की मूर्ति खंडित करने के मामले में पुलिस ने 72 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस के मुताबिक दिनांक 18 अगस्त को मैहर जिले के संकुटा तालाब के किनारे स्थित शिव मंदिर में नंदी भगवान की मूर्ति खंडित पाई गई थी। इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया था। कोतवाली पुलिस ने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई वही, मैहर पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अनिमेष द्विवेदी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसराइल और नावेद ने शराब के नशे में तोड़ी थी नदी की मूर्ति जांच के दौरान टीम ने घटना स्थल और आसपास के इलाकों में सघन पूछताछ की। इसी आधार पर पुलिस ने मो. इसराइल उर्फ इस्सी (36 वर्ष), निवासी चिकान मोहल्ला, मैहर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि अपने साथी नावेद अहमद (23 वर्ष) निवासी पुरानी बस्ती, मैहर के साथ संकुटा तालाब के पास शराब पीने के बाद नशे में नंदी भगवान की मूर्ति खंडित की थी। दोनों आरोपी पहुंचे जेल अमर्यादित कृत्य स्वीकार करने के बाद पुलिस ने आरोपी मो. इसराइल उर्फ इस्सी को 18 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, फरार चल रहे उसके साथी नावेद अहमद को पुलिस ने 21 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे भी जेल भेज दिया गया है।

जयपुर-कोटा जाने वालों को झटका, हरियाणा रोडवेज ने बस किराया बढ़ाया 40 रुपए तक

पलवल हरियाणा के यात्रियों को राजस्थान का सफर करने के लिए अब अपनी जेबें ज्यादा ढीली करनी पड़ रही हैं। इसकी वजह है कि राजस्थान परिवहन निगम की ओर से किराए में 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है। ऐसा होने के बाद रोजाना प्रदेश से राजस्थान जाने वाले हजारों लोगों पर इसका असर पड़ रहा है। उन्हें राजस्थान के विभिन्न शहरों में जाने के लिए 10 से लेकर 40 रुपए तक ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। खास बात ये है कि हरियाणा रोडवेज ने किराया नहीं बढ़ाया है, लेकिन जैसे राजस्थान की सीमा में प्रवेश करेंगे तो किराया राजस्थान की बढ़ी हुई दरों के हिसाब से ही देना होगा। बता दें कि हरियाणा का सबसे बड़ा बॉर्डर राजस्थान से लगता है। प्रदेश के महेंद्रगढ़ जिले की 3 ओर की सीमाएं राजस्थान से टच हैं। इसके अलावा भिवानी, हिसार, सिरसा, रेवाड़ी, नूंह, पलवल और गुरुग्राम की सीमा भी राजस्थान से लगती है। इसलिए रोजाना हजारों की संख्या में लोग राजस्थान की ओर सफर करते हैं, जिनमें जयपुर और कोटा जाने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। यहां जानिए हरियाणा के यात्रियों पर कैसे भारी पड़ रही बढ़ोतरी…     राजस्थान में 8 अगस्त से बढ़ गया था किराया: 8 अगस्त को राजस्थान परिवहन निगम की ओर से किराया बढ़ोतरी के आदेश जारी किए थे। हरियाणा रोडवेज की बस में राजस्थान की सीमा तक पहले की तरह किराए दर लागू है। जैसे ही हरियाणा रोडवेज राजस्थान में प्रवेश करेगी, साधारण बस में एक रुपया प्रति किलोमीटर किराया बढ़ जाएगा। वहीं, यात्रियों को राजस्थान से वापस आते समय प्रति किलोमीटर एक रुपए के हिसाब से किराया देना पड़ रहा है। इसके अलावा यात्रियों को राजस्थान रोडवेज की बसों में हरियाणा प्रदेश में प्रति किलोमीटर एक रुपए किराया देना होगा।     लग्जरी बसों के किराए में भी हुई बढ़ोतरी: साधारण बस में पहले प्रति किलोमीटर 85 पैसे किराया जाता था। अब बढ़ाकर प्रति किलोमीटर किराया 95 पैसे कर दिया गया है। एक्सप्रेस बसों का प्रति किलोमीटर किराया 90 पैसे से बढ़ाकर 100 पैसे कर दिया गया है। डीलक्स बस में प्रति किलोमीटर किराया 90 पैसे से बढ़ाकर 110 पैसे कर दिया गया है। नॉन एसी बस में किराया बढ़ाकर 110 से 125 पैसे कर दिया गया है। AC बस का किराया 165 पैसे से बढ़ाकर 180 पैसे प्रति किलोमीटर कर दिया है। AC सुपर लग्जरी बस में प्रति किलोमीटर किराया 190 से 210 पैसे कर दिया गया है।     उदाहरण से जानिए कैसे बढ़ेगा किराया: उदाहरण के लिए पहले नारनौल से राजस्थान के कोटपूतली तक का किराया 60 रुपए था, अब यात्रियों को 61 रुपए देने पड़ रहे। नारनौल से नांगल चौधरी जाते समय किराया 30 रुपए है, लेकिन वापसी पर 30 की बजाय 31 रुपए देना होगा। हरियाणा रोडवेज की बस जैसे ही राजस्थान सीमा में प्रवेश करती है, किराया एक रुपया बढ़ जाता है। कोटपूतली से नारनौल आने वाले यात्रियों को अपने बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त एक रुपए का भुगतान करना पड़ रहा। वहीं, नारनौल से कोटपूतली जाते समय यात्रियों को राजस्थान में प्रवेश करते ही एक रुपए अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा।     नारनौल से जयपुर के उदाहरण से समझिए: नारनौल अड्डा इंचार्ज ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि नारनौल से जयपुर की दूरी करीब 168 किलोमीटर है। अगर किसी को जयपुर जाना हो तो नारनौल से हरियाणा के बॉर्डर तक 35 किलोमीटर रायपुर तक का किराया 45 रुपए है। इसके बाद राजस्थान में प्रति किलोमीटर 95 पैसे का इजाफा हो जाएगा। ऐसे में बचे हुए 133 किलोमीटर का किराया 95 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से 126 रुपए लगेगा। इसमें टोल टैक्स अलग है। जयपुर, बालाजी और खाटूश्याम जाने वालों के लिए बस का सफर महंगा राजस्थान सरकार की तरफ से साधारण बसों के किराये में 10 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। पहले 85 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया लगता था। बढ़ोतरी होने से अब रेवाड़ी डिपो की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को पांच रुपये से लेकर 20 रुपये तक अतिरिक्त किराया देना पड़ेगा। वहीं, खुल्ले पैसे को लेकर परिचालकों की भी परेशानी बढ़ी हुई है। रेवाड़ी जिले से प्रतिदिन जयपुर, सीकर, कोटा, कोटकासिम, खाटूश्याम जी के लिए सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है। वहीं इन रूटों पर हरियाणा रोडवेज को भी अच्छा राजस्व मिलता है। राजस्थान की सीमा में प्रवेश करते हुए लागू हो जाएगा बढ़ा हुआ किराया राजस्थान सरकार की तरफ से गत आठ अगस्त से बसों के किराये में बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिए गए थे। हरियाणा रोडवेज की बसों में राजस्थान की सीमा तक पहले की तरह ही किराया देना होगा, लेकिन बस जैसे ही राजस्थान की सीमा में प्रवेश करेगी बढ़ा हुआ किराया लागू हो जाएगा। यात्रियों को जहां जयपुर के लिए पहले 195 रुपये देने होते थे, लेकिन अब 215 रुपये किराया देना होगा। इसी प्रकार कोटकासिम, झुंझूनु, सिंघाना, सीकर, खाटूश्याम, कोटा आदि रूटों के लिए भी बढ़े हुए किराये के हिसाब से यात्रियों को भुगतान करना होगा। रेवाड़ी से कोटा के लिए 435 की जगह अब 480, खाटूश्याम के लिए 280 की जगह 300, झुंझूनु रूट पर 160 की जगह 170 रुपये तथा  कोटकासिम रूट पर 24 की जगह 26 रुपये यात्रियों को किराया चुकाने पड़ेगे। जयपुर रूट पर पहले का और वर्तमान किराया स्टाॅप     किराया पहले      किराया अब बहरोड़         55                           60 कोटपूतली     85                         90 पावटा         100                       105 शाहपुरा     125                       135 मनोहपुर     135                      145 चांदवाजी     145                     160 अचरोल     165                      175 जयपुर     195                           215 नोट: किराया रुपये में     पहले किराया राउंड फिगर में था, लेकिन … Read more

मुस्लिमबहुल इलाके की सड़कों के नाम बदलने पर बवाल, इंदौर में साइनबोर्ड हटाए गए

इंदौर इंदौर के एक मुस्लिमबहुल इलाके की सड़कों के नामों को लेकर विवाद के बाद बृहस्पतिवार को नगर निगम ने विवादित साइनबोर्ड हटा दिए और स्थानीय प्रशासन ने कहा कि वह इन मार्गों के कथित तौर पर अवैध नामकरण के कारण क्षेत्रीय पार्षद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि चंदन नगर की कुछ सड़कों का नया नामकरण ‘धर्म विशेष' के नामों के आधार पर कर दिया गया है और शहरी निकाय के कर्मचारियों ने सड़कों पर ‘परिवर्तित नामों' के साइनबोर्ड भी लगा दिए हैं. कैलाश विजयवर्गीय के बेटे ने दी चेतावनी आकाश, मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं. उन्होंने आयुक्त को लिखे पत्र में चेतावनी दी कि अगर ‘परिवर्तित नामों' के बोर्ड सड़कों से तुरंत नहीं हटाए गए, तो ‘उग्र आंदोलन' किया जाएगा. मामले के तूल पकड़ने पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा,‘‘चंदन नगर के वॉर्ड क्रमांक दो की पार्षद फातमा रफीक खान ने अवैधानिक तौर पर इस क्षेत्र की पांच सड़कों का नया नामकरण करके नगर निगम के कर्मचारियों से साइनबोर्ड लगवाए. इसकी सूचना मिलने पर ये साइनबोर्ड हटवा दिए गए हैं.'' भार्गव ने कहा कि उन्होंने इस मामले में क्षेत्रीय पार्षद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. महापौर के आरोप को पार्षद ने किया खारिज उधर, पार्षद के पति रफीक खान ने महापौर के इस आरोप को खारिज किया कि उनकी पत्नी ने मुस्लिमबहुल वॉर्ड की सड़कों का नया नामकरण कर दिया है. उन्होंने कहा,‘‘हमने दो साल पहले नगर निगम को पत्र लिखकर चंदन नगर क्षेत्र के घनी बसाहट वाले इलाकों की सड़कों पर साइनबोर्ड लगाने का अनुरोध किया था ताकि लोगों को पता ढूंढने में आसानी हो. इसके बाद नगर निगम ने ही इन सड़कों के करीब 40 साल से प्रचलित नामों के आधार पर संबंधित साइनबोर्ड लगवाए.'' खान ने कहा कि सड़कों के विवादास्पद साइनबोर्ड हटाये जाने पर उनकी ओर से हालांकि कोई विरोध नहीं जताया गया है, लेकिन वह और उनकी पत्नी महापौर से मिलकर उनके सामने अपना पक्ष जरूर रखेंगे. सड़कों के बदल दिए नाम चंदन नगर क्षेत्र की सड़कें दशकों से चंदू वाला रोड, लोहा गेट रोड, मिश्रा रोड, आम वाला रोड नाम से पहचानी जा रही हैं। हाल ही में इन सड़कों के नाम बदलकर बोर्ड लगा दिए गए थे। इसमें चंदू वाला रोड को गौसिया रोड, लोहा गेट को रजा गेट, मिश्रा रोड को ख्वाजा रोड और आम वाला रोड को हुसैन रोड बताया गया। इसकी खबर लगते ही रहवासी आक्रोशित हो गए। उनका कहना था कि दशकों से ये सड़कें पुराने नामों से जानी जा रही हैं। रातोरात इन सड़कों का नाम बदला गया है। क्षेत्र में इसे लेकर हंगामा हो गया। पूर्व विधायक ने मामले को लेकर महापौर को पत्र भी लिखा। सूचना महापौर तक पहुंची जिसके बाद निगम की टीम ने कार्रवाई की। नगर निगम ने साइन बोर्ड हटाएं नगर निगम ने चंदन नगर में जो विवादास्पद साइनबोर्ड हटाए हैं, उनमें एक ही सड़क के दो प्रचलित नाम लिखे गए थे. मसलन एक साइन बोर्ड पर ‘सकीना मंजिल रोड' के साथ ही 'चंदन नगर सेक्टर-बी वॉर्ड क्रमांक दो' भी लिखा गया था. इसी तरह, अन्य साइनबोर्ड पर ‘रजा गेट' के साथ ही ‘लोहा गेट रोड' भी लिखा गया था. क्षेत्रीय नागरिक अब्दुल वाहिद खान ने बताया,‘‘हमारे इलाके में हटाए गए एक साइन बोर्ड में जनता की सुविधा के लिए गौसिया रोड के साथ ही चंदू वाला रोड भी लिखा गया था क्योंकि इस सड़क के दोनों नाम प्रचलित हैं. जाहिर तौर पर साइनबोर्ड हटाए जाने से आम लोगों को पता ढूंढने में परेशानी होगी.''

कोटा-बारां-बूंदी में जलभराव, सवाई माधोपुर में नदियां उफान पर

जयपुर राजस्थान में अलग-अलग जिलों से आज भारी बारिश के समाचार हैं। सवाई माधोपुर, टोंक, कोटा, बारां, बूंदी और भीलवाड़ा में तेज बारिश का दौर शुक्रवार सुबह भी जारी है। बारां जिले में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने शुक्रवार और शनिवार को सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। वहीं सवाई माधोपुर में एक बार फिर से बाढ़ की स्थिति बन गई है। पुराने शहर के पल्ली पार इलाके में घरों में पानी घुस गया। करीब 250 घर जलमग्न हो गए हैं। नेशनल हाईवे-552 पर तेज बारिश के कारण पुलिया टूट गई। इससे ट्रैफिक पूरी तरह से बाधित हो गया है। भीलवाड़ा के बिजौलिया में 24 घंटे में 166 मिमी बारिश दर्ज होने के बाद 23 फीट भराव क्षमता वाला पंचानपुरा बांध ओवरफ्लो हो गया। एरू नदी ऊफान पर आ गई है। शुक्रवार सुबह 5 बजे कोटा बैराज के 3 गेट खोले गए। इनसे 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बूंदी के कापरेन कस्बे में लगातार बारिश के चलते कई कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं। बारां में शुक्रवार और शनिवार को सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। अजमेर में गुरुवार रात बांध में डूबने से अपने ही बर्थडे के दिन एक युवक की मौत हो गई। जयपुर के चाकसू में गुरुवार शाम ढूंढ नदी की रपट पर बाइक समेत पति-पत्नी बह गए। लोगों ने पति को बचा लिया लेकिन पत्नी बह गई। मौसम केंद्र जयपुर ने राज्य में शुक्रवार को भी 4 जिलों उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारां जिला मुख्यालय पर शुक्रवार तड़के पांच बजे शुरू हुई बरसात ने सात बजे बाद तीखे तेवर दिखाना शुरू कर दिया। सुबह आठ बजे शहर के मुख्य बाजार सहित कई बस्तियों में जल भराव शुरू हो गया। नगर परिषद के सामने दुकानों में पानी भर गया। मुख्य बाजार में जल भराव की सूचना के साथ ही दुकानदारों ने दुकानों पर पहुंचकर सामान सुरक्षित रखने के जतन भी प्रारंभ कर दिए हैं। जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने भारी बारिश को देखते हुए जिले में सभी स्कूलों में दो दिन का अवकाश भी घोषित कर दिया है और शुक्रवार सुबह ही सभी अधिकारियों को विशेषकर नगर परिषद को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। बूंदी के कापरेन कस्बे में लगातार बारिश के चलते कई कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं। कापरेन कस्बे के बीच से निकल रही पुलिया पर पानी की आवक होने से ग्रामीण इलाकों का संपर्क कट गया। शहर में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोग जान जोखिम में डालकर पुलिया को पार कर रहे हैं। शिवनगर में भी बारिश के कारण घरों में पानी आ गया। बारिश के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून की टर्फ लाइन अब दक्षिण दिशा से शिफ्ट होकर अपनी नॉर्मल पोजीशन के नजदीक आ गई है। शुक्रवार को ये जैसलमेर, कोटा, दतिया (एमपी), सीधी (एमपी), रांची (झारखंड) से होकर गुजर रही है। इस कारण प्रदेश में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया, जो अगले दो दिन और जारी रहने की संभावना है।

अमेरिका में वीजा धारकों पर शिकंजा, ट्रंप प्रशासन ने बनाए कड़े नियम

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वीजा नियमों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने करीब 5.5 करोड़ (55 मिलियन) वीजा धारकों की संपूर्ण समीक्षा (Review) शुरू की है। इस समीक्षा का उद्देश्य है यह देखना कि किसी ने वीजा की शर्तों का उल्लंघन तो नहीं किया है और अगर किया है तो उस पर डिपोर्टेशन (देश से निकाला जाना) की कार्रवाई की जा सके। किन-किन पर पड़ेगा असर? इस फैसले का असर अमेरिका में रह रहे सभी वीजा होल्डर्स पर पड़ सकता है, जैसे:     छात्र (Student Visa)     वर्क वीजा वाले कर्मचारी (H1-B, L1 वीजा आदि)     फैमिली वीजा धारक (Spouse/Dependent Visa)     पर्यटक या विज़िटर वीजा पर आए लोग     ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई कर चुके लोग सरकार की दलील क्या है? एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार:"अगर किसी व्यक्ति के वीजा रिकॉर्ड में ओवरस्टे (यानी तय समय से ज्यादा रुकना), आपराधिक गतिविधि, सुरक्षा के लिए खतरा, या आतंकवाद से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी मिलती है, तो उसका वीजा कभी भी रद्द किया जा सकता है।" यानी कि अगर कोई वीजा धारक नियमों के उल्लंघन में पकड़ा जाता है तो बिना किसी पूर्व चेतावनी के उनका वीजा सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है। कौन कर रहा है यह जांच? यह जांच अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की ओर से की जा रही है। सभी वीजा धारकों की पृष्ठभूमि (Background) की जांच की जा रही है। इसमें पुलिस रिकॉर्ड, इमिग्रेशन हिस्ट्री, और कोर्ट केस तक की जानकारी शामिल होगी। क्यों हो रही है चिंता? इमिग्रेंट एडवोकेसी ग्रुप्स (प्रवासी अधिकार संगठनों) ने इस फैसले पर चिंता जताई है। उनके मुताबिक:     यह प्रक्रिया अत्यधिक कठोर और भेदभावपूर्ण हो सकती है।     बिना स्पष्ट वजह के भी कई लोगों का वीजा रद्द किया जा सकता है।     ऐसे फैसलों से विदेशी छात्रों और कुशल कामगारों में डर का माहौल बन सकता है। पहले भी ट्रंप प्रशासन ने किए थे सख्त फैसले डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल में इमिग्रेशन नीति पहले से ही काफी सख्त रही है। इससे पहले उन्होंने मुस्लिम बैन लगाया था, जिसमें कुछ देशों के नागरिकों को अमेरिका आने से रोका गया था। H1-B वीजा की प्रक्रिया को कड़ा किया था और डीएसीए (DACA) जैसे कार्यक्रमों को खत्म करने की कोशिश की थी, जिससे लाखों युवा अप्रवासी प्रभावित हुए थे। भारतीयों पर क्या असर? अमेरिका में लाखों भारतीय छात्र और आईटी प्रोफेशनल्स H1-B, F1 और अन्य वीजा पर रहते हैं। ऐसे में इस फैसले से भारत के हजारों परिवारों और पेशेवरों पर असर पड़ सकता है। खासतौर पर वे लोग जिनकी वीजा वैधता को लेकर कोई पेचीदगी है — उन्हें डिपोर्टेशन का नोटिस मिल सकता है।

पति की हत्या का गुनाह साबित, 6 साल बाद आया फैसला, पत्नी-प्रेमी को आजीवन कैद

 बाड़मेर प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या के मामले में छह साल बाद बाड़मेर अपर जिला एवं सेशन न्यायालय-2 ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी पत्नी दक्षा कंवर और उसके प्रेमी महेन्द्रसिंह दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वर्ष 2019 में जिले के रामसर थाना क्षेत्र में कुल्हाड़ी और पाइप से वार करके महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति वीरसिंह की हत्या कर दी थी। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 02 पीयूष चौधरी ने इस मामले में सुनवाई करते हुए हत्या को दोषी मानते हुए दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ आर्थिक दंड से दंडित करने का आदेश दिया। अपर लोक अभियोजक अनामिका सांदू ने बताया कि मामले की जांच में पुलिस ने महेन्द्रसिंह और दक्षा कंवर को आरोपी मानते हुए आरोप-पत्र प्रस्तुत किया था। सुनवाई के दौरान सरकार पक्ष ने कुल 26 गवाहों को परीक्षित कराया और संबंधित दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत किए। अपर लोक अभियोजक और परिवादी अधिवक्ता ने दलील दी कि महेन्द्रसिंह और दक्षा कंवर ने प्रेम प्रसंग को छिपाने के लिए वीरसिंह की क्रूरतापूर्वक हत्या की थी। आरोपी दक्षा और महेन्द्रसिंह के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहा था, जिस पर वीरसिंह ने आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था और इस तनाव के कारण दक्षा ने अपने प्रेमी महेन्द्रसिंह के साथ मिलकर वीरसिंह की हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। मामले में अदालत ने सभी साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

टैक्स डिफाल्टर रैंकिंग: इंदौर नंबर-1, भोपाल और जबलपुर बाद में, ग्वालियर सबसे कम

 ग्वालियर  परिवहन विभाग हर वाहन से परिवहन कर वसूल करता है। यह टैक्स दो तरह से वसूला जाता है। व्यक्तिगत वाहनों से एक मुश्त और व्यावसायिक वाहनों से तीन, छह व वार्षिक आधार पर। जिन व्यावसायिक वाहनों का टैक्स उनके मालिक नहीं भरते हैं, वे डिफाल्टर हो जाते हैं। परिवहन टैक्स डिफाल्टर प्रदेश के हर जिले में हैं, लेकिन प्रदेश के चार महानगरों में सबसे कम टैक्स डिफाल्टर ग्वालियर में हैं। सबसे अधिक डिफाल्टर प्रदेश के सबसे बड़े महानगर इंदौर में हैं। इसके बाद नंबर भोपाल और जबलपुर का है। बता दें कि कार, बाइक जैसे व्यक्तिगत वाहनों से विभाग पंजीयन के समय ही एक मुश्त परिवहन कर वसूल कर लेता है, लेकिन वहीं व्यावसायिक उपयोग यानी माल ढोने से यात्रियों को लाने ले जाने वाले वाहनों से तीन महीने, छह महीने व वार्षिक तौर पर टैक्स लेता है। इस तरह डिफाल्टरों से वसूला जाता है टैक्स परिवहन विभाग टैक्स न देने वाले व्यावसायिक वाहनों के मालिकों को पहले अपने कार्यालय व चेकपोस्ट के माध्यम से नोटिस देता है। नोटिस के बाद भी यदि टैक्स जमा नहीं किया जाता है, तो विभाग वाहन जब्त करता है और जुर्माना भी लगाता है। साथ ही परिवहन विभाग के अफसर सड़कों पर चेकिंग कर वाहनों से टैक्स वसूलते हैं और चेक पोस्ट पर भी वाहनों की जांच करता है। महानगरों में टैक्स डिफाल्टर की स्थिति     इंदौर –                    41396     भोपाल –                 19867     जबलपुर –              13124     ग्वालियर –              12099 अन्य प्रमुख शहरों में टैक्स डिफाल्टर शहर टैक्स डिफाल्टर     उज्जैन – 9316     रीवा – 7893     मुरैना – 7349     सागर – 4297     छिंदवाड़ा – 4303     शिवपुरी – 3976     भिंड – 1599     दतिया – 904     श्योपुर – 580 टैक्स वसूली के नियमित प्रयास होते हैं     ग्वालियर में वाहनों से परिवहन टैक्स की वसूली के नियमित प्रयास होते हैं। इस वजह से ग्वालियर में चारों महानगरों की तुलना में डिफाल्टरों से टैक्स वसूलने में आगे हैं। डिफाल्टर वाहनों से टैक्स वसूली नोटिस, चेकिंग व उन्हें जब्त करने के माध्यम से की जाती है। – विक्रमजीत सिंह कंग, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, ग्वालियर।