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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा महतारी सदन : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

  166 महतारी सदन हेतु 49 करोड़ 80 लाख रुपये जारी अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति, 50 से अधिक महतारी सदन पूर्ण महतारी सदन में कमरा,  बरामदा, हाल, किचन, स्टोररूम, पेयजल हेतु ट्यूबवेल और सामुदायिक शौचालय जैसी होंगी सुविधायें रायपुर, प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने सामायिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार महतारी सदन का निर्माण कार्य किया जाना है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयास से 166 महतारी सदन की स्वीकृति आदेश जारी किया गया है, इसके लिए 49 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है।  उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में बनने जा रहा महतारी सदन भी इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं द्वारा बैठने की स्थान न होने की शिकायत की और बैठने हेतु स्थान दिलाने की मांग की जाती रही इसलिए महतारी सदन बनाने का विचार आया। ततपश्चात महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको काम काज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार गांवों में महतारी सदन बनाने जा रही है। अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति इसी उद्देश्य को पूर्ति के लिये जारी किया गया है। कार्यों में एकरूपता के दृष्टिकोण से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य का एक मानक डिजाईन एवं प्राक्कलन तैयार किया गया है। प्रति महतारी सदन की लागत राशि रुपये 30 लाख होगी। 5 वर्षो में सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने की योजना प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाया जाएगा। महतारी सदन बनाने की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में महतारी सदन बनना प्रारंभ किया जा रहा है व 5 साल में सभी ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनेंगे। प्रदेश में बनने वाले महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट में कराया जाएगा। सदन में कमरा, शौचालय, बरामदा, हाल, किचन और स्टोररूम जैसी सुविधाएं रहेगी। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग भी किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसमे बॉउंड्रीवाल भी बनाये जाएंगे। महतारी सदन में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया जाएगा।

अमित शाह बोले, राहुल गांधी कर रहे हैं संस्थाओं पर विश्वास कम करने का प्रयास

कोच्चि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोच्चि में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को मान न दिए जाने का आरोप लगाया। शाह आगामी महत्वपूर्ण स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर भाजपा के राज्य नेतृत्व को तैयार करने हेतु शुक्रवार को केरल की वाणिज्यिक राजधानी कोच्चि के एक दिवसीय दौरे पर हैं। एक कार्यक्रम में शाह ने बताया कि देश को नुकसान पहुंचाने वाली स्थितियां पिछली सत्ता की देन है। उन्होंने कहा, “जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण देश के लिए नासूर जैसा है। 2014 में नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इन तीनों की जगह ‘पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस’ की शुरुआत हुई है और जिसे पूरा देश अनुभव कर रहा है। करप्शन को दूर करने का प्रयास देश के पीएम ने किया है। चूंकि स्थिरता है, इसलिए लंबे समय तक नीतियां चल रही हैं। इस 11 साल के कालखंड को जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो पाते हैं कि जनता के देश में पहले जो सवाल था कि भविष्य कैसा होगा, वो अब नहीं है। आज 140 करोड़ लोग मानते हैं कि 2047 में भारत टॉप पर होगा और इसे लेकर कोई कंफ्यूजन नहीं है। वहीं, राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर बोले, जब से वो मुखिया बने हैं तब से संवैधानिक संस्थाओं को शक की नजर से देख रहे हैं। अभी जो एसआईआर हो रहा है, वो 2003 में भी हुआ था, 1961 में भी हुआ था और 1970 में भी हुआ था। तो अब समस्या क्या है? अगर एसआईआर से कोई भी नागरिक या राजनीतिक पार्टी संतुष्ट नहीं है, तो वह असेंबली के रिटर्निंग ऑफिसर, जिला कलेक्टर और राज्य के चीफ इलेक्शन ऑफिसर के सामने अपील कर सकता है। शाह ने सदन में पेश तीन विधेयकों को लेकर कहा कि लोकतंत्र में नैतिकता का स्तर बनाए रखने की जिम्मेदारी सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की है। ये बिल किसी पार्टी के लिए नहीं है। ये बिल भाजपा के मुख्यमंत्रियों पर भी लागू होगा और प्रधानमंत्री पर भी लागू होगा। बता दें कि मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संघ राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) बिल 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025 और संविधान (130वां संशोधन) बिल 2025 पेश किए थे। जिसमें प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति गिरफ्तार होकर जेल से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केन्द्र या राज्य सरकार के मंत्री के रूप में शासन नहीं चला सकता है। विपक्ष ने इन बिलों का विरोध किया।  

राहुल गांधी की सुरक्षा को और सख्त करने की मांग, कांग्रेस नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री को लिखा पत्र

नई दिल्ली  उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने इस पत्र को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया है। राय ने गुरुवार को लिखे गये पत्र में कहा है “जन प्रतिनिधियों को अपने राजनीतिक और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए जनता और समर्थकों से निरंतर संवाद करना पड़ता है। हालांकि, किसी भी गणमान्य राजनेता का जीवन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और उनकी सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिये।'' उन्होंने आगे लिखा, ''लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की व्यक्तिगत सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। राहुल गांधी कांग्रेस और भारतीय राजनीति के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं। वर्तमान में वह बिहार में जन अधिकार यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें उनके विचारों को सुनने और देखने के लिए लाखों लोग एकत्र हो रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में राहुल गांधी की उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राहुल गांधी के परिजन अतीत में आतंकी हिंसा का शिकार हुए हैं, जिसमें सुरक्षा चूक एक प्रमुख कारक रही थी। राय ने आशा व्यक्त की कि गृह मंत्री राहुल गांधी की सुरक्षा के लिए उनकी इस चिंता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे।  

रेखा गुप्ता के कार्यक्रम में घुसकर नारेबाजी, हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा

नई दिल्ली  जनसुनवाई में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के बाद अब एक बार फिर उनके कार्यक्रम में बड़ी घटना हुई है। शुक्रवार को गांधीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान शख्स उनके कार्यक्रम में घुस गया और खूब नारेबाजी की। घटना उस वक्त की है जब गांधीनगर विधानसभा के विधायक अरविंदर सिंह लवली कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सीएम रेखा गुप्ता भी कार्यक्रम में मौजूद थीं। इसी दौरान शख्स कार्यक्रम में घुसा और नारेबाजी करने लगा। हालांकि पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। शख्स की पहचान गांधी नगर के अजीत नगर में रहने वाले प्रवीण शर्मा के तौर पर हुई है। वह 60 साल का है। उसका अजीत नगर में टीवी केबल का बिजनेस भी है। उसने दावा किया है कि वह पिछले 40 सालों से बीजेपी का कार्यकर्ता है। जानकारी के मुताबिक अरविंदर सिंह लवली जब कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तभी प्रवीण शर्मा वहां पहुंच गया और विधायक के खिलाफ नारेबाजी करने लगा। उसने ये भी कहा कि उसकी आवाज सीएम रेखा गुप्ता तक पहुंचनी चाहिए। पुलिस ने कहा- सुरक्षा में कोई चूक नहीं शाहदरा के डीसीपी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी प्रवीण शर्मा बैरिकेड्स के पीछे और एक गली में ही था। यहां से उसे तुरंत पकड़ लिया गया और वहां से हटा दिया गया। किसी भी समय वीआईपी की सुरक्षा का उल्लंघन नहीं किया गया। इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला किया गया था। आरोपी राजेशभाई खिमजी ने पुलिस को बताया था कि उसने पहले आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में शिफ्ट करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ यहां रामलीला मैदान में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। यह योजना सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे द्वारा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर किए गए आंदोलन की तर्ज पर थी।   आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि वह बुधवार को आवारा कुत्तों का मुद्दा उठाने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री के जनसुनवाई कार्यक्रम में गया था। पुलिस सूत्र ने बताया कि मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाने में नाकाम रहने पर आरोपी ने उन पर हमला किया। उसने हमें यह भी बताया कि हाल ही में दिल्ली की सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद, उसे एक सपना आया जिसमें भगवान भैरव ने उसे बेचारे जानवरों के हित में कदम उठाने के लिए कहा। उधर दिल्ली पुलिस को आरोपी राजेशभाई की पांच दिन की हिरासत मिल गई है जिससे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस उसके बयानों की पुष्टि कर रही है और बड़ी साजिश की संभावना की जांच कर रही है।

करमचट डैम में पहली बार शुरू हुई ‘हाउसबोट’ सुविधा

–    हाउसबोट सुविधा पर्यटन प्रेमियों को एक बड़ा तोहफा –    24 अगस्त को होगा उद्घाटन   पटना,  कैमूर जिले के दुर्गावती जलाशय स्थित करमचट डैम अब पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बनने जा रहा है। यहां जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाउसबोट सेवा की शुरुआत होने वाली है। यह हाउसबोट डैम परिसर में पहुंच चुकी है और इसका उद्घाटन आगामी 24 अगस्त को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार करेंगे। करमचट डैम पहले से ही प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के लिए चर्चित है, लेकिन हाउसबोट सेवा की शुरू होने के बाद यह स्थल पर्यटकीय द्ष्टिकोण से और मजबूत हो जाएगा। हाउसबोट में पर्यटकों को सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, ताकि वे न केवल प्रकृति का आनंद उठा सकें बल्कि अपने बोट के सफर को और आरामदायक और यादगार भी बना सकें। इस हाउसबोट में आने वाले पर्यटकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बोट में एक एसी युक्त कमरा, एक बाथरूम और एक किचन की व्यवस्था है। इसमें एक बार में 8 से 10 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। अभी इसका ट्रायल चल रहा है और जल्द ही इसका उद्घाटन होने के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसमें खाने पीने की भी उत्तम व्यवस्था होगी।   सीएफ इकोटूरिज्म सत्यजीत कुमार ने बताया कि करमचट डैम पहले से ही बहुत खूबसूरत है। यह चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है और यहां आने से 10-12 झरने देखने का आनंद मिलता है। यह डैम काफी दूर तक फैला है और इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाने अब हाउसबोट की सुविधा शुरू की जा रही है जिससे लोग यहां आएं और रोमांच के साथ प्रकृति का आनंद ले सकें। इसके साथ ही रोजगार के भी कई अवसर सृजित होंगे।        हाउसबोट सुविधा शुरू होने से इस इलाके में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। कैमूर जिले का यह इलाका ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध है। इस पहल से न केवल पर्यटन को नई दिशा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। हाउसबोट संचालन से जुड़े प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कार्यों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही आस-पास के इलाकों में होटल, रेस्टोरेंट, गाइड, परिवहन और हस्तशिल्प से जुड़े व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा।

वेतनमान विवाद: हाईकोर्ट की फटकार, सरकार को दी समयसीमा

बिलासपुर क्रमोन्नत वेतनमान की मांग को लेकर 300 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका लगाई है. जिस पर एकसाथ सुनवाई हुई, इस दौरान राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने जवाब पेश करने के लिए समय मांगा. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब पहले से ही सुनवाई की तारीख तय थी, तो तैयारी अधूरी क्यों रही. हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को अंतिम मौका देते हुए 15 सितंबर तक जवाब पेश करने का निर्देश दिया है. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि स्कूल शिक्षा विभाग और DPI ने समान प्रकरणों में भेदभाव किया है. मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई. अब इन सभी याचिकाओं पर 15 सितंबर के बाद सुनवाई होगी. साथ ही याचिकाकर्ताओं के वकीलों को भी रिप्लाई (रिज्वाइंडर) दाखिल करने की अनुमति दी गई है. दरअसल, इससे पहले शिक्षिका सोना साहू की याचिका पर हाई कोर्ट ने राज्य शासन को क्रमोन्नत वेतनमान और एरियर्स की राशि भुगतान का आदेश दिया था. आदेश के बाद सरकार ने शिक्षिका के खाते में वेतनमान और एरियर्स जमा भी कराए थे. हाई कोर्ट का यह फैसला शिक्षकों के लिए टर्निंग पाइंट साबित हुआ. इसके बाद पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक क्रमोन्नत वेतनमान को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने लगे. जानकारी के अनुसार अब तक 27 हजार से अधिक शिक्षकों ने याचिकाएं दायर कर दी हैं, जिन पर क्रमवार सुनवाई शुरू होगी. सोना साहू केस के बाद जिन शिक्षकों ने तुरंत याचिका लगाई थी, उन्हें हाई कोर्ट ने विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देने और नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. इन शिक्षकों ने अभ्यावेदन पेश भी किया, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग और डीपीआइ ने उन्हें खारिज कर दिया. अब ऐसे शिक्षक भी पुनः हाई कोर्ट पहुंचे हैं.

बीसीसीआई ने सीनियर पुरुष, महिला और जूनियर पुरुष चयन समितियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए

मुंबई भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने पुरुष (सीनियर और जूनियर) तथा महिला चयन समितियों के लिए कई पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। बीसीसीआई की अधिसूचना के अनुसार, उसने सीनियर पुरुष चयन समिति के लिए दो राष्ट्रीय चयनकर्ता पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। ये चयनकर्ता टीम इंडिया (सीनियर पुरुष) का चुनाव सभी प्रारूपों में करेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 10 सितंबर शाम 5 बजे तक है। चुने गए उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जा सकता है। सभी पदों पर बीसीसीआई के नियमों और आचार संहिता का पालन जरूरी होगा। सीनियर पुरुष चयनकर्ता बनने के लिए खिलाड़ी को कम से कम 7 टेस्ट या 30 प्रथम श्रेणी मैच या 10 वनडे और 20 प्रथम श्रेणी मैच खेले होने चाहिए। साथ ही, खिलाड़ी को खेल से कम से कम 5 साल पहले संन्यास लिया होना चाहिए। जो व्यक्ति बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति का कुल 5 साल सदस्य रहा है, वह इस पद के लिए योग्य नहीं होगा। इस मानक के अनुसार, दक्षिण क्षेत्र से जुड़े चयनकर्ता श्रीधरन शरत का कार्यकाल खत्म हो सकता है। उन्होंने इससे पहले 2021 में जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था और 2023 की शुरुआत में उन्हें वरिष्ठ चयन पैनल में पदोन्नत किया गया था। उनके साथ सुब्रतो बनर्जी या शिव सुंदर दास को भी रिप्लेस किया जा सकता है। महिला चयन समिति के सदस्य टीम इंडिया (सीनियर महिला) का चयन करेंगे। इसके अलावा, वे कोच और सपोर्ट स्टाफ की समीक्षा करेंगे, रिपोर्ट तैयार करेंगे, और नई खिलाड़ियों की बेंच स्ट्रेंथ बनाने पर ध्यान देंगे। महिला राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलने वाली और कम से कम 5 साल पहले संन्यास ले चुकी खिलाड़ी इन पदों के लिए आवेदन कर सकती हैं। यहां भी वही शर्त लागू है कि जो व्यक्ति बीसीसीआई की किसी क्रिकेट समिति का कुल 5 साल सदस्य रहा है, वह आवेदन नहीं कर सकता। वर्तमान चयनकर्ता नीतू डेविड, आरती वैद्य, रेणु मार्ग्रेट और वेंकटचर कल्पना के पद छोड़ने की संभावना है, क्योंकि उन्हें सितंबर 2020 में नियुक्त किया गया था और उनका पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। हालांकि, श्यामा शॉ अपनी जगह बरकरार रख सकती हैं, क्योंकि वह जून 2023 में समिति में शामिल हुई थीं। जूनियर पुरुष चयन समिति का काम अंडर-22 तक की टीमों का चुनाव करना होगा। इसमें कैम्प, टूर्नामेंट, कप्तान और सपोर्ट स्टाफ का चयन भी शामिल है। इसके अलावा युवा खिलाड़ियों में अनुशासन और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना भी जिम्मेदारी का हिस्सा होगा। इस समिति में वही पूर्व खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं जिन्होंने कम से कम 25 प्रथम श्रेणी मैच खेले हों और 5 साल पहले खेल से संन्यास लिया हो। कोई भी व्यक्ति जो किसी भी क्रिकेट समिति (जैसा कि बीसीसीआई के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन और नियमों व विनियमों में परिभाषित है) का कुल 5 वर्षों तक सदस्य रहा हो, जूनियर क्रिकेट समिति का सदस्य बनने के लिए पात्र नहीं होगा। मौजूदा सदस्यों में रानादेव बोस, हरविंदर सिंह सोढ़ी, पथिक पटेल और कृष्ण मोहन को रिप्लेस किया जा सकता है, क्योंकि वे 2021 से इस समिति में हैं। वर्तमान अध्यक्ष तिलक नायडू, जो जून 2023 में जुड़े थे, फिलहाल बने रह सकते हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यंग्यकार श्री हरिशंकर परसाई का किया स्मरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साहित्य की व्यंग्य विधा के माध्यम से समाज की विसंगतियों पर गहरी चोट करने वाले प्रख्यात साहित्यकार श्री हरिशंकर परसाई की जयंती पर उनका स्मरण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परसाई जी की ‘भोलाराम का जीव’ और ‘सदाचार का ताबीज’ जैसी कालजयी रचनाएं सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों का मार्ग प्रशस्त करती रहेंगी।  

भाजपा के पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ को पुलिस ने किया गिरफ्तार

चंडीगढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ को पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सुनील जाखड़ फाजिल्का के रायपुर गांव में केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान कार्ड योजना, राशन कार्ड योजना समेत अन्य योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी देने पहुंचे थे। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरुवार को ही ऐलान किया था कि वे बलुआन क्षेत्र के इस गांव में आएंगे। इसी क्रम में शुक्रवार को वे रायपुर गांव के लिए निकले थे। हालांकि, उन्हें अबोहर-डबवाली नेशनल हाईवे पर पुलिस ने रोक लिया। इससे गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने सुनील जाखड़ को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से पहले सुनील जाखड़ ने मीडिया से बात की। उन्होंने आरोप लगाए कि आम आदमी पार्टी एक तानाशाह पार्टी है, जो केंद्र सरकार की नीतियों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भाजपा के शिविरों को आयोजित करने से रोक रही है। जाखड़ ने कहा कि पंजाब में किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले लाभार्थियों की संख्या 2022 से पहले 22 लाख थी, जो अब 2024-25 में घटकर मात्र साढ़े आठ लाख रह गई है। उन्होंने आगे कहा, “मुझे गिरफ्तारी का डर नहीं है। हम गरीब, किसान और कमजोर वर्ग का हक मारने वाली सरकार के खिलाफ हैं।” इससे पहले, पंजाब पुलिस ने भाजपा के जिला अध्यक्ष काका कंबोज और बलुआणा विधानसभा क्षेत्र की कोऑर्डिनेटर वंदना सागवान को भी हिरासत में लिया था। इस बीच, पंजाब के मोगा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है। पुलिस ने कई जगह प्रदर्शनकारियों को रोककर खदेड़ दिया, जबकि कई स्थानों पर जब वर्कर नहीं हटे तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया। मोगा में भाजपा के जिला प्रधान हरजोत कमल, पूर्व विधायक और उनके साथियों ने रोष रैली का आयोजन किया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जंगल सत्याग्रह के जनजातीय नायकों को दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल में हुए जंगल सत्याग्रह के जनजातीय गौरव एवं महान क्रांतिकारी कोवा गोंड एवं बूचा कोरकू के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 1930 में आज ही के दिन बैतूल में ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध जनजातीय नायक श्रद्धेय गंजन सिंह कोरकू के नेतृत्व में जंगल सत्याग्रह आरंभ हुआ था, जिसने अंग्रेजों को पीछे हटने को मजबूर कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदाय के अधिकारों के संरक्षण और अन्याय के विरुद्ध यह सत्याग्रह सदैव मातृभूमि के प्रति समर्पण भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।