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पुलिस/जांच में सनसनी: गर्भनिरोधक गोली ने उजागर किया पति का गैरकानूनी रिश्ता

 गुआंग्डोंग  चीन में एक शख्स ने गर्भनिरोधक गोली खरीदने के लिए ऑनलाइन पेमेंट की कोशिश की थी. इस दौरान कुछ ऐसा हुआ  कि अनजाने में ही शख्स की पत्नी के हाथ कुछ सबूत लग गया. पत्नी जब मामले की तह तक गई तो उसे पति के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का पता चला.  साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार,  दक्षिणी चीन में एक चीनी व्यक्ति ने गुप्त रूप से गर्भनिरोधक गोलियां खरीदने का प्रयास किया. जब उसका ई-पेमेंट फेल हो गया, तो फार्मेसी कंपनी के कर्मियों ने भुगतान के लिए अनजाने में ही शख्स की पत्नी से संपर्क किया. इस तरह उस शख्स का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर सब के सामने आ गया.   ऑनलाइन पेमेंट हो गया था फेल व्यक्ति का नाम उजागर नहीं किया गया है. उसने एक वीडियो चीनी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि वह गुआंग्डोंग प्रांत के यांगजियांग में डैशेनलिन फार्मेसी की पिंगगांग शाखा में गया था. अपने मोबाइल भुगतान कोड का उपयोग करके गर्भनिरोधक गोलियों के लिए पेमेंट का प्रयास किया. सिस्टम में समस्या के कारण, 15.8 युआन (2.2 अमेरिकी डॉलर) का भुगतान नहीं हो सका. इसके बाद स्टाफ ने शुल्क वसूलने के लिए उस व्यक्ति के मेंबरशिप वाले कार्ड से जुड़े फोन नंबर पर कॉल किया, लेकिन कॉल गलती से उसकी पत्नी को लग गया.  फॉर्मेसी ने पेमेंट के लिए घर में लगा दिया फोन जब उसकी पत्नी ने खरीदारी के बारे में पूछताछ की, तो स्टाफ ने स्पष्ट रूप से पुष्टि की कि यह गर्भनिरोधक गोलियों के लिए है. इसके बाद उस व्यक्ति का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर राज नहीं रहा. उसने अपनी प्रेमिका और अपनी पत्नी, दोनों से अपनी शादी और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की बात छुपाई थी.  अब दो परिवार टूटने के कागार पर व्यक्ति ने दावा किया कि इस घटना के कारण दो परिवार टूट गए तथा उसने फार्मेसी से जवाबदेही की मांग की. उसने गुस्से से अपनी पोस्ट में लिखा कि अब मेरी पत्नी को सब पता चल गया है और दो परिवार टूटने की कगार पर हैं. मैं जानना चाहता हूं कि क्या आपकी फार्मेसी की कोई जिम्मेदारी है?  उन्होंने साक्ष्य के तौर पर खरीदी गई दवा की रसीद और स्टोर क्लर्क तथा उनकी पत्नी के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट भी शामिल किया. इसके अतिरिक्त, उन्होंने यांगजियांग सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो की गाओक्सिन शाखा के अंतर्गत पिंगगांग पुलिस स्टेशन द्वारा 12 अगस्त को जारी की गई एक पुलिस रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई. फॉर्मेसी पर कानूनी कार्रवाई करना होगा मुश्किल हेनान ज़ेजिन लॉ फर्म के निदेशक फू जियान ने एलिफेंट न्यूज को बताया कि हालांकि व्यक्ति अपने अधिकारों की रक्षा करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन ऐसा करना बहुत चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. फू ने कहा कि एक ओर, पुरुष की बेवफाई परिवार के टूटने का मुख्य कारण है और उसे अपने कार्यों की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए. दूसरी ओर, अगर फार्मेसी ने उसकी निजता का उल्लंघन किया है, तो उसे भी कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर, फार्मेसी कर्मचारियों द्वारा किया गया फोन कॉल वैध प्रतीत होता है और जानकारी लीक करने के इरादे से नहीं किया गया था. इससे उस बेवफा व्यक्ति के लिए अपने अधिकारों के उल्लंघन का दावा करना बेहद मुश्किल हो जाएगा. 

भारत में TikTok की एंट्री पर चर्चा तेज, कंपनी ने साफ किया स्टैंड

नई दिल्ली TikTok की भारत में वापसी! जी हां, आपने भी ये खबर पढ़ी या सुनी होगी कि भारत में चीनी ऐप टिकटॉक वापस आ रहा है। यह वही ऐप है, जिसने सालों पहले कई लोगों को स्टार बना दिया था और उसके बाद भारत में इसे प्राइवेसी के चलत बैन कर दिया गया था। अब एक बार फिर इसकी वापसी को लेकर खबरें आने लगी हैं, जिसे लोगों में काफी उत्साहिता देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया के जरिए कई लोग दावा कर रहे हैं कि टिकटॉक की वेबसाइट को भारत में एक्सेस किया जा रहा है। इस कारण इसकी वापसी की उम्मीद लोगों में जग रही है, लेकिन कंपनी की ओर से यह कन्फर्म कर दिया गया है कि भारत में अभी भी टिकटॉक बैन है। आइये, पूरी डिटेल जानते हैं। TikTok ने कहा- नहीं हटा कोई बैन TechCrunch की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, TikTok के एक प्रवक्ता ने बताया है कि भारत सरकार ने TikTok पर जो बैन लगाया था, वह अभी भी है। भारत में अभी भी TikTok यूज नहीं किया जा सकता है। प्रवक्ता ने TechCrunch को एक ईमेल लिखा है, जिसमें उन्होंने बताया है कि कंपनी ने भारत में TikTok को फिर से शुरू नहीं किया गया है। कंपन भारत सरकार के आदेश का पालन कर रहे हैं। भारतीय अधिकारी ने भी दी जानकारी इतना ही नहीं, भारत के IT मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी ने भी TechCrunch को बताया है कि सरकार ने TikTok पर लगे बैन को नहीं हटाया है। उन्होंने कहा है कि सरकार ने IT एक्ट के सेक्शन 69A के तहत जो बैन लगाया था, उसे अभी तक वापस नहीं लिया गया है। इस कारण अभी भी ऐप का यूज नहीं किया जा सकता है। कई मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि भारत में TikTok वापस आ रहा है। हालांकि, कंपनी और सरकार की तरफ से दिए गए इस बयान से साफ हो गया है कि अभी भी ऐप पर बैन कायम है और इसे हटाने की हाल फिलहाल कोई योजना नहीं है। अगर आपको नहीं पता है तो बता दें कि भारत सरकार ने जून, 2020 में TikTok के साथ और भी कई अन्य चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया था। यह बैन भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के कारण लगाया गया था। सरकार को डर था कि ये ऐप्स भारतीय यूजर्स का डेटा चीन को भेज सकते हैं।

स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने के आसान और असरदार उपाय

मॉडर्न स्मार्टफोन यूजर्स के सामने अभी सबसे बड़ा इश्यू है-बैटरी लाइफ। वे दिन गए जब आप बिना चार्जिंग के कुछ दिन तक फोन को साथ रख सकते थे। इन दिनों विशेष तौर पर जब बाजार में मॉडर्न एंड्रायड स्मार्टफोंस उमड़ रहे हंा तो आपको चार्जर या माइक्रोयूएसबी केबल के आस-पास ही रहना होता होगा। यदि नहीं तो आपको बैटरी पैक या बैटरी केस को अपने साथ रखना होता होगा। वास्तव में आप ऐसा चाहते नहीं होंगे पर मजबूरी है फोन को बार-बार चार्ज करना। पर आपको इस चार्जर वाले झंझट से छुटकारा दिलाने को पेश हैं कुछ टिप्स जो आपके स्मार्टफोन को कम से कम एक दिन बिना चार्ज के रख सकती है। -अपना लोकेशन सेटिंग्स ऑफ करें। आपके फोन का जीपीएस हमेशा आपके पोजिशन पर लॉक-इन की कोशिश करेगा और इसमें काफी पावर खर्च होता है। कभी-कभी लोकेशन शेयरिंग ऑटोमैटिक ही ऑन होता है, इसलिए एंड्रायड फोन पर आपको सेटिंग मेन्यू में जाकर इसे ऑफ कर देना चाहिए। -अपने फोन के ब्राइटनेस लेवल को कम रखें। स्क्रीन जितना अधिक ब्राइट होगा, उतना ही अधिक बैटरी खर्च होगा। ब्राइट स्क्रीन अच्छा दिख सकता है लेकिन यह ज्यादा पावर खर्च करता है। आपको ऑटोमैटिक ब्राइटनेस लेवल कुछ इस तरह कनफिगर करना चाहिए जिससे कंटेंट स्पष्ट रूप से दिख पाएं, लेकिन यह ज्यादा ब्राइट न हो। -उपयोग में नहीं आने वाले एप्स को स्विच ऑफ रखें। एंड्रायड फोन पर यदि आप मल्टीपल एप्स पर स्विच कर रहे हैं जैसे कैमरा तो बैकग्राउंड में अन्य एप्स ऑन रहते हैं। ये सभी एप्स अधिक पावर कंज्यूम करते हैं और इसलिए आपके फोन की बैटरी लाइफ कम हो जाती है। -सेटिंग्स मेन्यू में आपको हमेशा एप्स या प्रोसेस पर हमेशा टैब रखना चाहिए, जो ढेर सारा बैटरी तो लेता ही है साथ में डाटा भी। यहां तक कि यदि कोई एप ज्यादा बैटरी नहीं ले रहा तो यह पूरी तरह से 3जी नेटवर्क का उपयोग कर रहा होगा, जो अंततः बैटरी की खपत तेजी से करेगा। फेसबुक एप व गूगल नाउ अच्छे उदाहरण हैं इसलिए अपनी बैटरी बचाने के लिए इन्हें ऑफ कर दें। -जब भी संभव हो वाई-फाई का उपयोग करें। ढेर सारे फोंस पर यह ऑटोमैटिक ही शुरू होता है लेकिन यदि ऐसा न हो तो आपको वाई-फाई नेटवर्क पर स्विच करना चाहिए, इससे बैटरी की खपत कम होती है। -मोबाइल नेटवर्क सेटिंग्स में जाकर 2जी पर स्विच करें। यदि आप डाटा का उपयोग नहीं करते हैं और कॉल व मैसेज के लिए फोन का उपयोग करते हैं तो 2 जी नेटवर्क आपके लिए बेहतर है। -यदि आप क्वालकॉम प्रोसेसर वाला फोन उपयोग करते हैं तो आप एंड्रायड के लिए क्वालकॉम बैटरी गुरु एप डाउनलोड कर सकते हैं। यह एप आपके उपयोग का विश्लेषण करेगी और फोन के सेटिंग को आप्टिमाइज करेगी। -आप अपने डिस्प्ले को हमेशा 15 सेकेंड के बाद स्लिप की सेटिंग पर रखें। कभी यदि आप फोन का उपयोग नहीं कर रहे तो इसका लाइट अप होना भी बैटरी की खपत करता है। -यदि आप सोनी एक्सपीरिया जेड 3, एचटीसी वन एम8 या सैमसंग गैलेक्सी नोट 4 जैसे हाई-एंड फोन का उपयोग करते हैं तो इनबिल्ट सॉफ्टवेयर पर आधारित बैटरी एंहांसमेंट मोड का उपयोग करें।    

शिव की तीसरी आंख से जुड़ी कथाएं और आध्यात्मिक महत्व

परमेश्वर शिव त्रिकाल दृष्टा, त्रिनेत्र, आशुतोष, अवढरदानी, जगतपिता आदि अनेक नामों से जानें जाते हैं। महाप्रलय के समय शिव ही अपने तीसरे नेत्र से सृष्टि का संहार करते हैं परंतु जगतपिता होकर भी शिव परम सरल व शीघ्रता से प्रसन्न होने वाले हैं। संसार की सर्व मनोकामना पूर्ण करने वाले शिव को स्वयं के लिए न ऐश्वर्य की आवश्यकता है न अन्य पदार्थों की। वे तो प्रकृति के मध्य ही निवासते हैं। कन्दमूल ही जिन्हें प्रिय हैं व जो मात्र जल से ही प्रसन्न हो जाते हैं। जहां अन्य देवों को प्रसन्न करने हेतु कठिन अनुष्ठान किया जाता है वहीं शिव मात्र जलाभिषेक से ही प्रसन्न होते हैं। शिव का स्वरूप स्वयं में अद्भुत तथा रहस्यमय हैं। चाहे उनके शिखर पर चंद्रमा हो या उनके गले की सर्प माला हो या मृग छाला हो, हर वस्तु जो भगवान शंकर ने धारण कर रखी है, उसके पीछे गूढ़ रहस्य है। शास्त्रनुसार सभी देवताओं की दो आंखें हैं पर शिव के तीन नेत्र हैं। इस लेख के माध्यम से हम अपने पाठकों को बताते हैं क्यों हैं शिव के तीन नेत्र तथा इसके पीछे क्या रहस्य है।   श्लोकः त्वं ब्रह्मा सृष्टिकर्ता च त्वं विष्णुः परिपालकः। त्वं शिवः शिवदोऽनन्तः सर्वसंहारकः।।   भगवान शंकर का एक नाम त्रिलोचन भी है। त्रिलोचन का अर्थ होता है तीन आंखों वाला क्योंकि एक मात्र भगवान शंकर ही ऐसे हैं जिनकी तीन आंखें हैं। शिव के दो नेत्र तो सामान्य रुप से खुलते और बंद होते रहते हैं, शिव के दो नेत्रों को शास्त्रों ने चंद्रमा व सूर्य कहकर संबोधित किया है परंतु तीसरा नेत्र कुछ अलग संज्ञा लिए हुए होता है। वेदों ने शिव के तीसरे नेत्र को प्रलय की संज्ञा दी है। वास्तविकता में शिव के ये तीन नेत्र त्रिगुण को संबोधित है। दक्षिण नेत्र अर्थात दायां नेत्र सत्वगुण को संबोधित है। वाम नेत्र अर्थात बायां नेत्र रजोगुण को संबोधित है तथा ललाट पर स्थित तीसरा नेत्र तमोगुण को संबोधित करता है। इसी प्रकार शिव के तीन नेत्र त्रिकाल के प्रतीक है ये नेत्र भूत, वर्तमान, भविष्य को संबोधित करते हैं। इसी कारण शिव को त्रिकाल दृष्टा कहा जाता है। इनहीं तीन नेत्रों में त्रिलोक बस्ता है अर्थात स्वर्गलोक, मृत्युलोक व पाताललोक अर्थात शिव के तीन नेत्र तीन लोकों के प्रतीक हैं। इसी कारण शिव त्रिलोक के स्वामी माने जाते हैं।   त्रीद्लं त्रिगुनाकारम त्रिनेत्रम च त्रिधायुतम। त्रीजन्म पापसंहारम एक बिल्व शिव अर्पिन।।   शिव को परमब्रह्म माना जाता है। संसार की आंखें जिस सत्य का दर्शन नहीं कर सकतीं, वह सत्य शिव के नेत्रों से कभी ओझल नहीं हो सकता क्योंकि सम्पूर्ण संसार शिव की एक रचना मात्र है। इसी कारण तीन लोक इनके अधीन हैं। शिव का तीसरा नेत्र ज्ञान चक्षु है। यह विवेक का प्रतीक है। ज्ञान चक्षु खुलते ही काम जल कर भस्म हो जाता है। जैसे विवेक अपना ऋषित्व स्थिर रखते हुए दुष्टता को उन्मुक्त रूप में विचारने नहीं देता है तथा उसका मद-मर्दन करके ही रहता है। इसी कारण शिव के तीसरे नेत्र खुलने पर कामदेव जलकर भस्म हो गए थे।   शिव का तीसरा चक्षु आज्ञाचक्र पर स्थित है। आज्ञाचक्र ही विवेकबुद्धि का स्रोत है। तृतीय नेत्र खुल जाने पर सामान्य बीज रूपी मनुष्य की सम्भावनाएं वट वृक्ष का आकार ले लेती हैं। धार्मिक दृष्टि से शिव अपना तीसरा नेत्र सदैव बंद रखते हैं। तीसरी आंख शिव जी तभी खोलते हैं जब उनका क्रोध अपने प्रचुरतम सीमा से परे होता है। तीसरे नेत्र के खुलने का तात्पर्य है प्रलय का आगमन।   सूर्यस्त्वं सृष्टिजनक आधारः सर्वतेजसाम्। सोमस्त्वं सस्यपाता च सततं शीतरश्मिना।।   वास्तवक्ता में परमेश्वर शिव ने यह तीरा नेत्र प्रत्येक व्यक्ति को दिया है। यह विवेक अतःप्रेरणा के रूप में हमारे अंदर ही रहता है। बस जरुरत है उसे जगाने की। शिव के ज्ञान रुपी तीसरे नेत्र से ये प्रेरणा मिलती है कि मनुष्य धरती पर रहकर ज्ञान के द्वारा अपनी काम और वासनाओं पर काबू पाकर मुक्ति प्राप्त कर सके। अगर सांसरिक दृष्टि से देखा जाए तो नेत्रों का कार्य होता है मार्ग दिखाना व मार्ग में आने वाली मुसीबतों से सावधान करना। जीवन में कई बार ऐसे संकट भी शिव जी द्वारा दिए तीनों नेत्र संयम से प्रयोग में लेने चाहिए। काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह व अहंकार इसी तीसरे नेत्र से हम में प्रवेश करते हैं तथा इसी तीसरे नेत्र से हम इन्हे भस्म भी कर सकते हैं। मकसद है इस आज्ञा चक्र को जाग्रत करके सही मार्ग पर ले जाने की।  

40 पार मां बनना चाहती हैं, तो रखें इन बातों का ध्यान

एक अध्यकयन से पता चला है कि 95 फीसदी महिलाएं करियर और परिवार के बीच में परिवार को ही चुनती हैं। करियर के पीक की तरफ बढने के दौरान, महिलाओं पर मां बनने का भी दबाव होता है क्योंकि इसमें देरी करने पर उम्र बढ़ने से मां बनने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से वे अपने करियर में सहयोगियों से बेहतर होते हुए भी पिछड़ती जाती हैं।   लेकिन कुछ महिलाएं अपना करियर बीच मे नहीं छोड़तीं और 40 पार कर जाने के बाद भी मां बनने के सपने को साकार करना चाहती हैं। लेकिन महिलाओं की प्रजनन क्षमता 35 की उम्र आते-आते कम होनी शुरू हो जाती है। ऐसा नहीं है कि वे इस उम्र के बाद प्रेगनेंट नहीं हो सकतीं। आप अगर 40 पार भी मां बनने की इच्छा रखती हैं, तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि आपकी प्रजनन क्षमता बरकरार रहे…   -उम्र बढने के साथ एग की क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों कम होती जाती है। 25 से 30 वर्ष की उम्र में अपना एग फ्रीज कराकर अपने मां बनने के सपने को 40 साल की उम्र में भी पूरा कर सकती हैं।   -सही प्रकार के प्रोटीन प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैंय टोफू, चिकन, अंडे, और कुछ सी-फूड्स में उच्च स्तर पर ओमेगा-3 फैटी एसिड, लोह-तत्व, सेलेनियम इत्यादि पाए जाते हैं।   -आपके विटामिन में फोलिक एसिड, कैल्शियम और लोह-तत्व मौजूद हों। इसके लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालें खाएं।   -किसी भी तरह के यौन रोग न हों, इसके लिए सेफ सेक्स पर गौर करें।   -वजन कम करें। अध्ययन बताते हैं की मोटापे से ग्रस्त महिलाओं को गर्भधारण करने में ज्यादा कठिनाई आती है और उन्हें गर्भावस्था के दौरान अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स (बी.एम.आई.) थोड़ा अधिक है, तो डाइट ठीक करें और साथ ही एक्सरसाइज भी करें या फिर योगाभ्यास शुरू करें।   -धूम्रपान त्यागें। यह न सिर्फ गर्भावस्था के लिए हानिकारक है अपितु यह गर्भ धारण करने में भी बाधा पैदा कर सकता है।   -एक कहावत है कि हंसी सबसे अच्छी दवा है। अधिकांश डॉंक्टर भी मानते हैं कि यह 100 प्रतिशत सही है। तो फिर दिल से क्यों न हंसा जाए। अगर आप जोर से हंसती हैं या मुस्कराती भी हैं तो आपके शरीर में फील गुड हारमोन्स का स्रव होता है, जो तनाव पैदा करने वाले कोर्टीसोल नामक हार्मोन को नष्ट करता है। इससे आप ज्यादा सेहतमंद रह पाएंगी। हंसने से चेहरे की माशपेशियों का भी व्यायाम हो जाता है।   -35 की उम्र के बाद समय-समय पर रैगुलर टैस्ट्स के अलावा फर्टिलिटी जांच करवाती रहें। गोनोरिया और कैलामाइडिया नामक यौन संचारित रोग हो तो जल्दी ट्रीटमेंट करवाना जरूरी है। वरना पेडू में सूजन की बीमारी हो सकती है जिससे फैलोपियन ट्यूब में घाव हो जाता है, जिससे बांझपन की संभावना बढ़ती है।  

भक्ति की मिसाल: इंदौर का परिवार 11 वर्षों से मुफ्त बांट रहा मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं

इंदौर अहिल्या की नगरी में भक्तों को बिना मोल भाव से एक परिवार पुणे की साडू की माटी से बने गणेश मूर्तियां दे रहा है। परिवार की भक्ति की अनूठी पहल एक दो दिन नहीं बल्कि पिछले 11 वर्ष से चलाई जा रही है। परिवार के छोटे-बड़े सभी पांच सदस्य मूर्ति निर्माण गुड़ी पड़वा पर पुणे से मिट्टी मंगवाकर विघ्न हर्ता की अनूठी आराधना में जुट जाते है। भक्तों ने दक्षिणा गणेश का नाम दिया इस परिवार की इस भक्ति को देख भक्तों ने उनके द्वारा बनाए जा रहे गणेश को दक्षिणा गणेश का नाम दिया है। आज के समय में पाई-पाई के लिए आप धापी मची हुई है, लेकिन यह न्यू राजाराम नगर स्कीम नंबर 51 में रहने वाला यह परिवार श्रद्धा के अनुरूप मिली दक्षिणा के बदले बगैर किसी मोल भाव के गणेश मूर्तियां दे रहा है।   इनकी संख्या भी हर वर्ष 500 से ऊपर जाती है। मूर्ति ले जाने वाले लोग अपनी इच्छा के अनुरूप मूर्ति के बदले मूर्ति के स्थान पर रख देता है। पर्यावरण हितैषी मूर्तियां सुंदर मूर्तियां संदीप पडोले को बनाता है। अपनी मन पसंद की मूर्ति पसंद कर अपनी श्रद्धा के मुताबिक दक्षिणा रख, लकड़ी के पाठ पर रख सम्मान के साथ अपने घर चले जाते हैं। पहल शुरू की तब जागरूकता का अभाव मूर्ति बनाने वाले संदीप किशोर पडोले बताते है कि जब हमने माटी के गणेश की मूर्ति बनाना शुरू की तो उस समय माटी के मूर्ति बनाने को लेकर लोगों में जागरुकता का अभाव था। उस समय हमने पुणे से इंदौर साढू की माटी और प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर एक से बढ़कर एक गणेश मूर्तियां तैयार करना शुरू की। इसमें शुरुआत में हमने पांच के करीब शुरुआत की थी। इसमें पिता किशोर, पत्नी मनीषा पडोले, बेटा नैतिक और भाई अमित हाथ बटा रहे है। ऐसी हुई इसकी की शुरुआत परिवार के सदस्य बताते है कि इसकी शुरुआत व्यवसायिक नहीं की गई। 11 साल पहले उन्होंने अपने माटी के गणेश बनाए, पास की आंटी को पसंद आए, वो ले गई। इसके बाद चार प्रतिमाएं बनाई वो भी आस पास के लोग गणेश उत्सव के लिए स्थापित करने के ले गए। इसके बाद उत्साह बढ़ा और मूर्तियां बनाना शुरू की। हमारे द्वारा बनाए गए मूर्तियां का नाम लोगों ने खुद ही दक्षिणा गणेश रख दिया। इस प्राप्त दक्षिण का उपयोग सेवा कार्य के लिए किया जाता है।

इस तरह बढ़ाएं बच्चों में क्रिएटिविटी

अपने आशियाने को संवारने में जैसे हम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते वैसे ही बच्चों के कमरों को सजाने-संवारने पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है। कमरे की सजावट करते समय छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है क्योंकि यहीं वह जगह है, जहां से उसके सपनों को नई उड़ान मिलती है। वह अपने कमरे से शैतानियों के साथ-साथ नए-नए कामों की प्लानिंग करता है। यहीं से उसकी अलग पर्सनैलिटी विकसित होनी शुरू होती है। -बच्चों को जो रंग सबसे पसंद हैं, उनके कमरे में वैसा ही पेंट करवाए। दीवारों पर बच्चे की मनपसंद कविता या कार्टून करैक्टर बनाना भी कमरे की रौनक को और बढ़ाएगा। दीवारों पर वॉशऐबल पेंट या डिजाइनर वॉलपेपर का इस्तेमाल करें क्योंकि बच्चे अक्सकर दीवारों पर अपनी चित्रकारी का हुनर दिखाते हैं। अगर बच्चा छोटा हैं तो वह अपनी स्कूल टीचर के नक्शे-कदमों पर दीवारों पर अल्फाबेट बनाएगा लेकिन बच्चों को ऐसा करने से रोके नहीं, उन्हें नए-नए क्रेटिव काम करने दें क्योंकि अगर हम बार-बार उन्हें कुछ भी करने से रोकेंगे तो वह कभी भी आत्म निर्भर नहीं हो पाएंगे। -बच्चे को खुशमिजाज और उनमें भरपूर एनर्जी बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ बच्चों के कमरे में आकर्षक रंगों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। अपने पसंद की बजाए बच्चे की पसंद के अनुरूप न्यॉन कलर्स, पैरेट, गुलाबी, चॉकलेटी, लाल या नीला जैसे रंगों से सजाएं। बच्चों को ज्यादातर कार्टून करेक्टरों में रूचि होती है। उनके कमरों में उनकी मनपसंद चीजें रखें। साथ ही अन्य फेवरेट कैरेक्टर के प्रिंट वाले कुशन्स, बेड कवर और कर्टन से कमरे को खूबसूरत और कलरफुल लुक दे सकते हैं। ये क्लरफूल रंग उनकी जिंदगी को भी रंगीन बनाते है। -बच्चे के कमरे को इस तरह से सेट करें कि खेलने, क्राफ्ट, पेंटिंग और अन्य गेमस वह आराम से कर सकें। अगर बच्चा छोटा हैं तो उसके कमरे में आप नंबर या अल्फाबेट के डिजाइन वाली दरी बिछा सकती हैं या किसी दीवार पर गिनती या अल्फाबेट वाले पैटर्न लटका सकती हैं। ऐसे करके खेलना-कूदना और पढ़ना साथ-साथ चलेगा और वह पढ़ाई को सिरदर्द समझ कर नहीं बल्कि एन्जॉय करेंगे। बच्चों को प्जल गेम और आई क्यू टेस्ट गेम की तरफ रूझाएं, जिससे उनका माइंड शार्प बनेगा। -कमरे में स्टोरेज की पूरी सुविधा होनी चाहिए क्योंकि बच्चा चाहे किसी भी उम्र का हो, उसके पास ढेर सारा सामान होता है। उसके पास किताबें, कपड़े, स्टेशनरी और खिलौनों का पिटारा होता ही है। बॉक्स बैड, फोल्डेबल स्टोरेज बीन, दीवारों और दरवाजों पर हुक्स, खूबसूरत टोकरियों और शेल्फ का इस्तेमाल करके स्टोरेज स्पेस बनाई जा सकती है। इसका एक फायदा यह भी है कि इससे बच्चा आत्मनिर्भर बनता है और अपने काम के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने लगता है। अपने काम को करने में उसकी रूचि बढ़ती है और वह मेहनती भी बनते हैं। उसे अपने कमरे को साफ-सफाई खुद रखता है। -अलग से बच्चे का कमरा तैयार करवाने के आपको और भी कई फायदे होंगे। वह अपने काम को समयानुसार करने के आदी होंगे। कई बार बच्चे मां-बाप के साथ बैठकर रातभर टी.वी देखते हैं। कुछ प्रोग्राम बच्चों के देखने वाले नहीं होते, जिसका बुरा प्रभाव उन पर पड़ता है।  

भारी बारिश से सावधान! बिहार में 28 अगस्त तक रेड-येलो अलर्ट जारी

पटना  मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार में आगामी 28 अगस्त तक बारिश और वज्रपात का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें विशेष सतकर्ता बरतने की सलाह दी गई है।  28 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, आज दक्षिण- पश्चिम, दक्षिण- मध्य और दक्षिण- पूर्व बिहार के अधिकांश भागों में बारिश की संभावना है। वहीं, 24 से 25 अगस्त के बीच दक्षिण- पश्चिम और दक्षिण- मध्य बिहार के कई क्षेत्रों में भी तेज बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 से 24 अगस्त के दौरान बिहार के अधिकतर जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीँ 25 से 28 अगस्त तक वर्षा की तीव्रता में थोड़ी कमी आयेगी, लेकिन अधिकतर इलाकों में हल्की बारिश और कहीं- कहीं वज्रपात की आशंका बनी रहेगी।  इन जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने शनिवार को पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, पटना, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, समस्तीपुर, बक्सर, लखीसराय, सीवान समेत अन्य जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की मेघगर्जना, वज्रपात और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवायें चल सकती हैं।  पिछले 24 घंटों के दौरान सीवान में 92.6 मिमी, औरंगाबाद में 90.2 मिमी, गया में 82.2 मिमी, पश्चिम चंपारण में 80.2 मिमी, नवादा में 75.6 मिमी, रोहतास में 67.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है।

हरियाणा में परिवहन क्षेत्र में बदलाव, निगम खरीदेगा 375 ई-बसें

हरियाणा  हरियाणा में अगले दो महीने में सिटी बस सेवा का और विस्तार होगा। अभी तक 9 शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। अब इस योजना में कुरुक्षेत्र को भी शामिल किया गया है। अक्तूबर तक राज्य परिवहन निगम की इन 10 शहरों में 5-5 और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना है। वहीं बताया जा रहा है कि पिछले करीब 18 महीने से इन शहरों में बस अड्डों के अंदर नए चार्जिंग सेंटर का निर्माण कार्य भी नहीं हुआ है।   मिली जानकारी के अनुसार अब 10-10 बसों के संचालन के लिए संबंधित बस अड्डों पर एक-एक के बजाय दो-दो चार्जिंग सेंटर स्थापित किए जाने की तैयारी है। अगले साल तक इन शहरों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 50-50 और चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 8-8 करने की योजना बनाई गई है।   आपको बता दें कि प्रदेश के पंचकूला, हिसार, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में 5-5 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है जबकि अंबाला में सिटी बसों की संख्या 10 है। फिलहाल सभी 9 जिलों के बस अड्डों में एक-एक चार्जिंग सेंटर है। यमुनानगर व पानीपत में चार्जिंग सेंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए काम जारी है। यहां चार्जिंग सेंटरों की संख्या 8-8 होगी।   बताया जा रहा है कि कुरुक्षेत्र को सिटी बस सेवा योजना में शामिल करने के साथ ही यहां पहले चरण में बस अड्डे के अंदर ही दो चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित करने के आदेश मुख्यालय ने दे दिए हैं। कुरुक्षेत्र में इलेक्टि्रक बसों का संचालन भी अक्तूबर तक करने की योजना है। कुल 10 शहरों के लिए 500 इलेक्टि्रक बसों की आवश्यकता होगी। हरियाणा परिवहन निगम की 375 इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने के लिए योजना तैयार हो चुकी है और सरकार की भी मंजूरी मिल गई है। प्रदेश के 10 शहरों में चरणवार इन बसों के पहुंचते ही संचालन शुरू हो जाएगा।

धन और सफलता की होगी बारिश! गणेश चतुर्थी पर बने दुर्लभ योग से इन राशियों को मिलेगा लाभ

इस साल गणेश चतुर्थी (27 अगस्त 2025) पर एक दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है, जो कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा. ज्योतिषाचार्य  के अनुसार, इस दिन शुक्र और वरुण ग्रह के बीच नवपंचम योग का निर्माण होगा. यह योग केवल आर्थिक समृद्धि ही नहीं, बल्कि करियर, स्वास्थ्य, प्रेम और पारिवारिक जीवन में भी शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है. शुक्र को धन, ऐश्वर्य, प्रेम और सामाजिक प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है, जबकि वरुण ग्रह अवसर, रहस्य और जीवन में नए बदलाव लाने के लिए प्रसिद्ध है. जब ये दोनों ग्रह 120 डिग्री पर स्थित होते हैं, तो नवपंचम योग बनता है, जो शुभ अवसरों और अनुकूल परिस्थितियों को जन्म देता है. डॉ. मिश्रा के अनुसार, “इस योग के प्रभाव से विशेष रूप से मेष, कर्क और मीन राशि के जातकों के जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव और लाभ देखने को मिलेंगे.” मेष राशि: रुके कार्य होंगे पूरे मेष राशि वालों के लिए यह योग अत्यंत शुभ रहने वाला है. डॉ. मिश्रा बताते हैं कि लंबे समय से अटके कार्य पूरे होंगे. करियर में नई ऊंचाइयां हासिल होंगी और नए अवसर मिलेंगे. व्यापारियों और नौकरीपेशा जातकों को आर्थिक लाभ की संभावना है. पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. कर्क राशि: आय और वैवाहिक जीवन में वृद्धि कर्क राशि के जातकों के लिए यह संयोग विशेष रूप से लाभकारी साबित होगा. नए आय स्रोत प्राप्त होंगे और वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. वैवाहिक जीवन में खुशहाली आएगी और पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य बढ़ेगा. कार्यक्षेत्र में की गई मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा. डॉ. मिश्रा कहते हैं कि “कर्क राशि वालों के लिए यह समय निवेश और नई योजनाओं को सफल बनाने के लिए अनुकूल है.” मीन राशि: कारोबार और सामाजिक मान-सम्मान में लाभ मीन राशि के जातकों को इस दुर्लभ योग का सबसे अधिक लाभ होगा. कारोबार में अप्रत्याशित सफलता मिल सकती है. जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की की संभावना है. नई योजनाओं में सफलता हासिल होगी और सामाजिक प्रतिष्ठा व मान-सम्मान में वृद्धि होगी. प्रेम जीवन में भी मधुरता आएगी. अन्य राशियों पर सामान्य प्रभाव यद्यपि नवपंचम योग का मुख्य लाभ मेष, कर्क और मीन राशि के जातकों को होगा, लेकिन यह संयोग अन्य राशियों के लिए भी सकारात्मक परिवर्तन और अवसर ला सकता है. नए प्रोजेक्ट्स में सफलता, सामाजिक संपर्कों में लाभ और व्यक्तिगत विकास के अवसर बढ़ सकते हैं.  “गणेश चतुर्थी का यह योग न केवल आर्थिक लाभ देगा बल्कि मानसिक संतुलन और पारिवारिक सुख-शांति को भी बढ़ावा देगा. जो लोग अपने लक्ष्यों और योजनाओं पर ध्यान देंगे, वे अधिकतम लाभ उठा पाएंगे.”