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किसी परियोजना में खामी मिली तो संबंधित लोगों के खिलाफ होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने गोरखपुर में की विकास परियोजनाओं की समीक्षा गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि हर विकास परियोजना को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें। हर परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया जाए जो कार्य की नियमित निगरानी करें। यदि किसी परियोजना में ठेकेदार की लापरवाही मिले तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। किसी विकास परियोजना में कोई खामी मिली, गुणवत्ता से समझौता किया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय है। हर परियोजना के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।  मुख्यमंत्री, रविवार को दोपहर बाद गोरखपुर के एनेक्सी भवन में जिले में जारी विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक कर रहे थे। गोरखपुर में चल रही विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि विकास कार्यों से गोरखपुर के प्रति पूरे देश में मजबूत सकारात्मक धारणा बनी है। विकास कार्यों में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं आना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वह हर विकास परियोजना की प्रगति की जानकारी उस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी से खुद लेते रहें। सीएम ने पीएसी महिला बटालियन, खजांची बाजार, पादरी बाजार, बरगदवा, गोरखनाथ, पैडलेगंज-नौसढ़ फ्लाईओवर, भोपा बाजार ओवरब्रिज सहित सभी बड़ी विकास परियोजनाओं में तेजी लाते हुए निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।  बीमारियों से बचाव को चलाएं जागरूकता अभियान समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पूर्वांचल के लिए अभिशाप रहे इंसेफेलाइटिस (जेई और एईएस)को नियंत्रित कर लिया गया है। पर, सतत सावधानी की जरूरत है। इसी तरह डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जनता को जागरूक करते रहना होगा। इसके लिए लोगों के बीच जागरूकता और स्वच्छता से जुड़े अभियान चलाए जाएं। जागरूकता को लेकर प्रचार-प्रसार को बढ़ाया जाए। यह कार्य सभी नगर निकायों में हो। पनपने न दें मेडिकल माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में माफियाराज को ध्वस्त कर दिया गया है। मेडिकल पेशे में कभी-कभी एम्बुलेंस माफिया या मरीजों को भर्ती कराने में बिचौलियों के खेल की शिकायतें आती हैं। इस पर सतत सख्ती जरूरी है। ऐसी कार्रवाई की जाए जिससे मेडिकल फील्ड में कोई माफिया पनपने न पाए।  न लगने पाए जाम, स्ट्रीट वेंडर्स का करें व्यवस्थित पुनर्वास सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर की प्रतिस्पर्धा बड़े स्मार्ट शहरों से हो रही है। ऐसे में सुगम यातायात अपरिहार्य है। यातायात पुलिस और नगर निगम मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे शहर में कहीं जाम न लगने पाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित हो कि सड़क पर ठेले-खोमचे न लगें। इसके लिए स्ट्रीट वेंडर्स का व्यवस्थित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।  यूनिफॉर्म में ही आएं सरकारी स्कूलों के बच्चे मुख्यमंत्री ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के यूनिफॉर्म, बैग, जूता-मोजा आदि के लिए सरकार उनके अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि भेजती है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखा जाए कि यह धनराशि इसी के लिए खर्च हो। विद्यालयों की जांच कर यह व्यवस्था बनाई जाए कि बच्चे यूनिफॉर्म में ही स्कूल आएं। इससे बच्चों के बीच समन्वय और सकारात्मक, अनुशासित माहौल बनेगा।  जनप्रतिनिधियों को कराएं बाल वाटिका का भ्रमण मुख्यमंत्री ने जिले में बच्चों के लिए प्री स्कूलिंग से पहले खोले गए बाल वाटिका की जानकारी ली। बताया कि यह एक शानदार पहल है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों को भी बाल वाटिका का भ्रमण कराएं और जरूरत पड़ने पर बाल वाटिका के लिए उनका सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने माध्यमिक विद्यालयों के लिए संचालित प्रोजेक्ट अलंकार की भी समीक्षा की और कहा कि इसके तहत हो रहे निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए।  गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट में तेजी से हो काम सीएम योगी ने शहर में जलजमाव दूर करने के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गोड़धोइया नाला की भी समीक्षा की। कहा कि इसके निर्माण में और तेजी लाने की आवश्यकता है। बरसात से अगर काम प्रभावित हो रहा हो तो वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर काम को सुचारू तरीके से आगे बढ़ाया जाए।  एसटीपी बनाने वाली फर्म ही करे दस साल अनुरक्षण मुख्यमंत्री ने शहर में अमृत योजना के तहत एसटीपी निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्माण के बाद मेंटीनेंस भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि निर्माण कराने वाली फर्म से अगले दस साल के अनुरक्षण के लिए भी एग्रीमेंट होना चाहिए।  कहीं पेड़ काटना पड़े तो नया पौधा लगाना भी सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी विकास परियोजना को आगे बढ़ाने में यदि कहीं पेड़ काटना पड़े तो उसके एवज में नया पौधा लगाना भी सुनिश्चित किया जाए। पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी जरूर लगाया जाए।  समीक्षा बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री एवं बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सीपी चंद और प्रशासन व विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – लोन चुकता होते ही बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से हो जाएगी मुक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों के हित में ही राष्ट्र का हित निहित है। लघु और कुटीर उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सीमित संसाधनों का समुचित उपयोग कर हम इन उद्योगों के विकास की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत काल में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय का लोकार्पण हमारे उत्कर्ष को दर्शाता है। उद्योगों के विकास के लिए हमें पूरे देश के परिदृश्य में सोचना होगा। सभी जगह समान रूप से उद्योग लगाने होंगे, तभी संतुलित विकास हो सकेगा। देश हित में हम सब मिलजुलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हम उद्योगों को विस्तार देने के लिए उद्योगपतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। हमने समाज के सभी वर्गों का बराबर ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लघु उद्योग भारती के गोविंदपुरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लघु उद्योग भारती के करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय भवन 'उद्यम सेतु'का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर लोकार्पण किया।लोकार्पण अवसर पर लघु उद्योग भारती का द्वि-वार्षिक प्रादेशिक सम्मेलन और स्टार्टअप एवं लघु उद्यमी महाकुंभ-2025 भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ लघु उद्योग भारती के नए ब्रोशर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि किसी भी प्रकार का संस्थागत या बैंक लोन चुकता होते ही संबंधित बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से मुक्त हो जाएगी। इस प्रावधान का लाभ हम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम उद्योगों (एमएसएमई इंडस्ट्री) को भी देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लघु उद्योगों की स्थापना और इससे जुड़ी सभी कठिनाइयों का समुचित हल भी निकाला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम एमएसएमई उद्योगों की स्थापना से जुड़ी सभी प्रकार की अनुमतियां को समयबद्ध कार्य योजना की अनुरूप समय-सीमा में देने का प्रावधान करने जा रहे हैं। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग लगाने वाले उद्योगपतियों को प्रोत्साहन दे रहे हैं। प्रदेश में नया आईटीआई पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए भी नीति से प्रावधान अनुसार सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में रिसर्च वर्क को बढ़ावा देने के लिए आगे आ रहे हैं। आईआईटी इंदौर में शोध कार्यों के लिए देशी और विदेशी शिक्षण संस्थानों के स्टडी सेंटर के लिए हमारी चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लघु उद्योगों के साथ हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें लघु उद्योगों को पुनर्जीवित करना होगा। इसी से हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विरासत से विकास का सबसे सटीक उदाहरण भारतीय लघु उद्योग ही हैं। यह कारोबार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आशा, आत्म-सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन का आधार हैं। जैसे शरीर की मजबूती रीढ़ पर टिकी होती है, वैसे ही भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती लघु उद्योगों पर टिकी है। लघु उद्योग सिर्फ कारखाने नहीं हैं, ये रोज़गार के सबसे बड़े निर्माता हैं। एमएसएमई वह पुल है, जो मेहनतकश हाथों को बड़े बाज़ारों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत में 6 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) हैं, जो देश की जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं और कुल निर्यात में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। आज हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाए हैं, तो इसमें एक बड़ा योगदान लघु उद्योगों का ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" का आव्हान हमें बताता है कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग बड़े -बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि घर-घर की चौखट से चलने वाले छोटे उद्योगों से ही निकलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने माइक्रो, स्माल और मीडियम इंटरप्राइजेज को मैक्सिमम स्पोर्ट देने की बात कहीं है, जिससे ये सभी उद्योग मैक्सिमम ग्रोथ हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लघु उद्योग भारती से जुड़े लघु उद्योगपति केवल मुनाफे के लिए काम नहीं करते, गौरव, परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। आप हर छोटे उद्यमी की आवाज़ बन रहे हैं। आप संगठन में शक्ति को चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योगपति "दाम कम, दम ज्यादा" मंत्र के साथ अपनी विश्वसनीयता बनाएं, एक बार जो आपका प्रोडक्ट खरीदे, वो बार-बार खरीदें। तकनीकी से जुड़ें, मार्केटिंग सीखें, ऑनलाइन बाजार से जुड़ें। अपने उत्पादों को ई-कॉमर्स बेवसाइट से जोड़कर लोकल से ग्लोबल बनाएं। कौशल भारत अभियान और नई शिक्षा नीति इस दिशा में बड़ा कदम है। छोटे उद्योगों के केंद्र में हमारी मातृशक्ति है। लाड़ली बहनों की भागीदारी से न सिर्फ परिवार की आमदनी बढ़ती है, साथ ही समाज में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग भी खुलता है। लघु उद्योग ही स्वदेशी का आधार हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत विकसित और आत्मनिर्भर होगा, उसमें लघु उद्योगों की भूमिका सबसे बड़ी होगी।

‘क्लबों’ में तलाशे जाएंगे हैं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी! जानिए क्‍या है पूरा माजरा

8053 ग्राम पंचायतों में से 7467 पंचायतों में खेल क्लब गठन का काम पूरा! जल्‍द शुरू होगी ‘खेल क्रांति’ गांव से क्‍लब से निकलेगा ओलंपिक खिलाड़ी! हर पंचायत में बनेगा तैयार हो रहा खेल क्लब बिहार में निखर रही है खेल प्रतिभा, गांव-गांव में सरकार बना रही खेल क्लब और स्टेडियम पटना  बिहार के गांव अब सिर्फ खेती-किसानी और परंपरागत जीवनशैली नहीं होगी, बल्कि ‘क्‍लिबिंग’ भी होगी। चौक गए न आप! हम वैसे वाले क्‍लब की बात नहीं कर रहे जैसी आपके मन में तस्‍वीर बनी होगी। दरअसल, बिहार सरकार सीएम नीतीश कुमार के विजन के आधार पर ‘खेल क्‍लब’ की कल्‍पना कर रही है। ये ऐसा क्‍लब होगा, जहां खिलाड़ी एकट्ठा होंगे, खेलों पर चर्चा करेंगे, युवा किसी न किसी खेल से खुद को जोड़ेंगे और उस खेल में ही करियर बनाने पर बात करेंगे।  ऐसा होगा ‘खेल क्‍लब’ खेल विभाग के अनुसार इन क्लबों के जरिए 14 से 45 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को संगठित किया जा रहा है। उन्हें अलग-अलग खेल गतिविधियों में मौका देने के साथ ही ग्रामीण स्तर पर ही प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी। हर पंचायत और हर स्टेडियम में योग्य प्रशिक्षकों की तैनाती शुरू हो चुकी है ताकि प्रतिभाओं को गांव से ही तराशकर जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सके। 7467 खेल क्लब का गठन पूरा इसके लिए बिहार के 8053 ग्राम पंचायतों में खेल क्‍लब का गठन किया जा रहा है। इनसे 7467 में खेल क्लब का गठन हो भी चुका है। यही नहीं, 154 नगर पंचायतों में से 140 में भी यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जो बिहार में ग्रामीण खेलों को नई पहचान देने के लिए महत्‍वपूर्ण साबित होने वाला है। इससे गांव का माहौल और मिजाज दोनों बदलेगा और खेलों को भी पहचान मिलेगी। बाकी बचे खेल क्‍लब का काम जल्‍द पूरा करने का निर्देश खेल विभाग की समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र ने साफ कहा कि जिन पंचायतों में क्लब गठन का काम बाकी है, उसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही जहां पदाधिकारी का पद रिक्त है, उनकी सूची तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है। इसलिए की जा रही खेल क्‍लब की स्‍थापना दरअसल, नीतीश कुमार का विजन साफ है। खेल के गांवों से ही प्रतिभा निकलती है। इस लिए खेल को गांव-गांव तक पहुंचा कर ही नई प्रतिभाओं को निखारा जा सकता है। बिहार में खेल सस्‍कृति खत्‍म हो चुकी थी। जिसे एक बार फिर से जीवित करने की कोशिश की जा रही है। जो केवल खेलों तक सीमित नहीं होगा, यह गांव की सामाजिक संरचना और युवा शक्ति को भी नई दिशा देने का भी काम करेगा। खेल के जरिए गांवों में एकजुटता, अनुशासन और आत्मविश्वास का भी संचार होगा है।

शादी का झांसा देकर लुटेरी दुल्हन ने उड़ाए डेढ़ लाख, उज्जैन पुलिस के जाल में फंसी

उज्जैन नागदा निवासी दो बच्चों की मां ने भाटपचलाना निवासी युवक से शादी के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ले लिए। सात दिनों तक महिला युवक के साथ रही थी। इसके बाद वह भाग निकली। पुलिस ने महिला सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में महिला का पति व मुख्य सरगना फरार है। टीआइ सतेन्द्रसिंह चौधरी ने बताया कि थाना क्षेत्र के ग्राम खरसौदकलां निवासी रतनलाल सेन के पुत्र जितेन्द्र सेन का विवाह नहीं हो रहा था। 21 अगस्त की रात को मौका पाकर घर से भागी पूजा कुछ दिन पूर्व रतनलाल की पहचान खाचरौद निवासी विष्णुबाई पत्नी रामचन्द्र धाकड से हुई थी। विष्णुबाई ने उसे झांसा दिया कि नागदा निवासी नेहा नामक युवती से वह उसका विवाह करवा सकती है। मगर इसके एवज में उसका परिवार डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रहा है। रतनलाल ने परिचित से रुपये उधार लेकर विष्णुबाई को दे दिए थे। 14 अगस्त को विष्णुबाई व उसके साथी ने पूजा उर्फ नेहा निवासी 64 ब्लॉक नागदा को लेकर आए और मंदिर में शादी करवा दी। इसके बाद सभी चले गए। पूजा 21 अगस्त की रात को मौका पाकर घर से भाग गई। जिस पर रतनलाल ने पुलिस को शिकायत की थी।   पुलिस ने जांच के बाद विष्णुबाई, उसके पति रामचंद्र, पूजा उर्फ नेहा व उसका पति विनोद, पूजा की माैसी आशा और जस्सु उर्फ राजू सभी के खिलाफ धारा 318 (4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में पूजा उर्फ नेहा मालवीय, रामचंद्र धाकड, जस्सु उर्फ राजू बागरी, विष्णुबाई धाकड़ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 40 हजार रुपये बरामद किए हैं। आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश जारी हो गए। पुलिस मामले में फरार आशाबाई व लुटेरी दुल्हन पूजा के पति विनोद मालवीय की तलाश में जुटी है।

अनुपम खेर ने ‘द बंगाल फाइल्स’ से शेयर किया ‘बापू’ वाला लुक, विवेक रंजन अग्निहोत्री भी दिखे साथ

मुंबई, मशहूर फिल्मकार विवेक रंजन अग्निहोत्री की ‘द बंगाल फाइल्स’ इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। इसमें अनुपम खेर महात्मा गांधी के रोल में दिखाई देंगे। मूवी का एक ‘बिहाइंड द सीन’ वीडियो अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर अपने फैंस के लिए शेयर किया है। इसे शेयर करते हुए एक्टर ने लिखा, ‘द बंगाल फाइल्स’ के सेट्स से, एक बिहाइंड द सीन वीडियो। इसमें उन्होंने विवेक रंजन अग्निहोत्री और पल्लवी जोशी को भी टैग किया है। इसमें वे बिलकुल गांधीजी की तरह चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ विवेक रंजन और एक क्रू मेंबर भी हैं। ‘द बंगाल फाइल्स’ 16 अगस्त 1946 को कोलकाता में हुए ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसके निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री हैं। 16 अगस्त को ही कोलकाता में मेकर्स ने ट्रेलर लॉन्च इवेंट आयोजित किया था। स्क्रीनिंग के दौरान काफी हंगामा भी हुआ था। प्रशासन ने इसके ट्रेलर को वहां रिलीज होने नहीं दिया। इसे लेकर फिल्ममेकर्स की पुलिस से काफी बहस भी हुई थी। एक्ट्रेस-प्रोड्यूसर पल्लवी जोशी ने इसे लेकर हो रहे विवाद पर कहा था कि इसका उन्हें बहुत दुख है। लोग बिना देखे ही इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने सभी बंगाली भाई-बहनों से फिल्म देखने की अपील भी की थी ताकि अतीत में क्या हुआ था ये लोगों को पता चल सके। वहीं मिथुन चक्रवर्ती ने कहा था कि अगर कोई इस फिल्म को रोकेगा (बंगाल में), तो लोग और अधिक मात्रा में इसे देखने जाएंगे। ‘द बंगाल फाइल्स’ को अभिषेक अग्रवाल, पल्लवी जोशी और विवेक रंजन अग्निहोत्री ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, पल्लवी जोशी, अनुपम खेर और दर्शन कुमार जैसे कलाकार हैं। यह फिल्म 5 सितंबर, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह विवेक अग्निहोत्री की ‘फाइल्स’ ट्रायोलॉजी का हिस्सा है, जिसमें ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द ताशकंद फाइल्स’ भी शामिल हैं। यह फिल्म तेज नारायण अग्रवाल और आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस द्वारा पेश की गई है।  

रेलवे ट्रैक पर युवक-युवती के कटे शव, प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत होने की आशंका

शाहपुर शनिवार देर रात बैतूल जिले के बरबतपुर रेलवे स्टेशन के समीप नागपुर–इटारसी डाउन ट्रैक पर बड़ा हादसा हो गया। रविवार सुबह रेलवे ट्रैक पर युवक और युवती के क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। रेलवे ट्रैक पर कटे मिले युवक–युवती के शव प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली होगी। सूचना मिलते ही शाहपुर पुलिस और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृत युवक की पहचान शाहपुर थाना क्षेत्र के गौनापुर निवासी शिवकुमार परते (20) के रूप में हुई है। वहीं युवती हरदा जिले की निवासी बताई जा रही है।   पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम शाहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराने के बाद स्वजन को सौंप दिए हैं। शाहपुर के थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा लग रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है।

पीएआई 1.0 के विमोचन एवं पीएआई 2.0 के क्रियान्वयन के लिये कार्यशाला 25 अगस्त को

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल कार्यशाला का करेंगे शुभारंभ भोपाल  पंचायत राज संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा पीएआई 1.0 के विमोचन (डिसेमिनेशन) एवं पीएआई 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 25 अगस्त 2025 को किया जा रहा है। यह कार्यशाला प्रातः 9.00 बजे से सायं 6.00 बजे तक विकास भवन, भू-तल स्थित सभागार, अरेरा हिल्स, भोपाल में आयोजित होगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में जिलों एवं राज्य स्तर से कुल 536 प्रतिभागी शामिल होंगे। इनमें अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत (52), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत (52), जिला स्तर के वित्त कार्यक्रम प्रबंधक/अभ्युदयिता समन्वयक (104), शीर्ष रैंकिंग ग्राम पंचायतों के सरपंच (104), निम्न रैंकिंग ग्राम पंचायतों के सरपंच (156), पंचायत सचिव/सहायक सचिव (52) तथा 16 लाइन विभागों के नोडल अधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में पंचायतों के सुशासन को सुदृढ़ करना, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और पीएआई 2.0 के माध्यम से पंचायतों की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाना है।  

खनिज लाने वाले वाहनों पर सरकार का सख्त कदम, हरियाणा में लागू हुआ ISTP टैक्स सिस्टम

हरियाणा  हरियाणा सरकार ने प्रदेश में खनिज लाने वाले वाहनों पर इंटरस्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) लागू करने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य खनिज से लदे वाहनों पर टैक्स लगाकर राजस्व बढ़ाना और सड़कों को होने वाले नुकसान को कम करना है। इससे उम्मीद है कि दूसरे राज्यों से हरियाणा में आने वाले खनिज वाहनों से ज्यादा राजस्व प्राप्त होगा। हालांकि, इससे खनिज की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिससे आम जनता को बिल्डिंग निर्माण और अन्य कार्यों में अधिक खर्च करना पड़ेगा। पहले खनिज वाहनों पर कोई टैक्स नहीं था, जिसके कारण प्रदेश की सीमाओं पर हजारों गाड़ियों का आवागमन होता रहता था और सड़कों को नुकसान होता था। जबकि अन्य राज्यों में पहले से ही खनिज वाहनों पर टैक्स लगाया जाता है। इसे देखते हुए हरियाणा सरकार ने 2 अगस्त से ISTP लागू कर दिया है। राजस्व में वृद्धि की संभावना ISTP के तहत, प्रदेश की सीमा के अंदर खनिज लाने वाले वाहनों पर 100 रुपये प्रति मैट्रिक टन और सीमा से बाहर ले जाने वाले वाहनों पर 20 रुपये प्रति मैट्रिक टन टैक्स लगाया जाता है। पहले वाहन संचालक 20 रुपये का ही टैक्स कटवाते थे, जिससे सरकार को राजस्व कम मिलता था। इसलिए सरकार ने 19 अगस्त से सभी वाहनों पर 80 रुपये प्रति मैट्रिक टन के हिसाब से टैक्स लगाया है, जिससे राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है।   खनिज आने वाले प्रमुख क्षेत्र हरियाणा की अधिकांश सीमा राजस्थान से लगती है। महेंद्रगढ़, सिरसा, हिसार, भिवानी, रेवाड़ी, पलवल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और मेवात जैसे जिले राजस्थान से लगे हुए हैं, जहाँ से अधिक मात्रा में खनिज आता है। खासतौर पर नारनौल की सीमा तीन तरफ से राजस्थान से जुड़ी है, जहाँ से रोड़ी, डस्ट, पत्थर और बजरी का दोहन होता है। खेतड़ी, सीकर और जयपुर से खनिज से लदे ट्रक निकलते हैं। फरीदाबाद में भी खनन का काम ज्यादा होता है। राजस्थान से हरियाणा आने वाले खनिज वाहनों पर नारनौल खनन विभाग की कड़ी निगरानी रहती है। खनन अधिकारी रात के समय भी सीमा पर गश्त करते हैं। सख्त कार्रवाई और नाके जिला खनन अधिकारी अनिल कुमार के अनुसार, सरकार के आदेश के बाद बॉर्डर वाले इलाकों को चिन्हित कर नाके लगाने की तैयारी की जा रही है। बिना ISTP के वाहनों के खिलाफ अब तक करीब 10 लाख रुपये के चालान किए जा चुके हैं। ISTP लागू होने के बाद खनन विभाग को लगभग 40 लाख रुपये का राजस्व मिला है।

‘एक चतुर नार’ ट्रेलर के रिलीज डेट से दिव्या खोसला ने उठाया पर्दा, एक्ट्रेस पर पिस्तौल ताने नजर आए नील नीतिन मुकेश

  मुंबई, दिव्या खोसला अपनी आने वाली फिल्म ‘एक चतुर नार’ को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने फिल्म का एक और पोस्टर रविवार को सोशल मीडिया पर जारी किया। साथ ही अपनी पोस्ट में फिल्म के ट्रेलर की रिलीज डेट का भी खुलासा किया, जिसने फैन्स की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। इसमें अभिनेता नील नितिन मुकेश और दिव्या खोसला आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं। दोनों के बीच एक टकराव की स्थिति दिखाई गई है। एक तरफ नील ने दिव्या के सिर पर पिस्तौल तानी हुई है, तो वहीं दिव्या के हाथ में मोबाइल फोन नजर आ रहा है। फोन की स्क्रीन पर बड़ा सा रुपये का चिन्ह नजर आ रहा है, जो इस ओर इशारा करता है कि फिल्म की कहानी में पैसे का लालच, चालाकी और शायद धोखाधड़ी जैसी चीजें शामिल होंगी। पोस्टर को देख अंदाजा लगाया जा रहा है कि फिल्म में दोनों किरदारों के बीच नजदीकी और तनाव एक साथ देखने को मिलेगा। पोस्टर पर एक दिलचस्प टैगलाइन भी लिखी गई है, ‘होशियारी शुरू’… इस टैगलाइन से साफ है कि फिल्म में दिमागी चालें, धोखे और अप्रत्याशित मोड़ देखने को मिल सकते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यह फिल्म कॉमेडी और थ्रिलर का मिश्रण होगी। पोस्टर का बैकग्राउंड लाल-नारंगी रंगों से भरा हुआ है, जो गहराई, ड्रामा और सस्पेंस का एहसास कराता है। पोस्टर के एक कोने में 500 के नोट की भी झलक है, जो फिल्म की थीम में पैसा और चालबाजी को स्पष्ट करता है। दिव्या खोसला ने अपने इंस्टाग्राम कैप्शन में लिखा, “कल, हर नजर रुकेगी… और रुकेगी सिर्फ चतुर पे! ‘एक चतुर नार’ ट्रेलर का प्रीमियर कल होगा। होशियारी शुरू 12 सितंबर से सिनेमाघरों में।” फिल्म का निर्देशन उमेश शुक्ला कर रहे हैं, जो पहले भी ‘ओह माय गॉड’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। वहीं फिल्म के निर्माता आशीष वाघ और जीशान अहमद हैं। ट्रेलर का प्रीमियर टी-सीरीज के यूट्यूब चैनल पर 25 अगस्त को सुबह 11 बजे होगा।  

ब्रिटेन पर ट्रंप का बड़ा हमला, टैक्स बोझ से उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा दबाव

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन से आने वाले सैकड़ों उत्पादों  पर 5% तक के आयात शुल्क (टैरिफ)  लगाने का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।  ट्रंप  ने ब्रिटेन से आयात किए जाने वाले  400 से अधिक उत्पाद श्रेणियों जिनमें  इस्पात और एल्यूमीनियम  शामिल हैं, पर  25% तक का आयात शुल्क (टैरिफ) लगाकर एक अप्रत्याशित कदम उठाया है। प्रभावित उत्पादों में शैम्पू, वॉशिंग मशीन, मोटरसाइकिल, निर्माण मशीनरी जैसे श्रेणियाँ शामिल हैं।    जेम्स सीरीज (JCB) जैसी कंपनियों ने कहा है कि यह कदम उन्हें "सैकड़ों लाखों पाउंड"  का आर्थिक नुकसान पहुंचाएगा। विशेष रूप से अमेरिका को निर्यात की गई लगभग  30,000 मशीनों पर इसका प्रभाव भारी है  जिनमें हाल ही में  $45 मिलियन का कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल है।  अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई “Section 232”  के तहत की गई है, और इसका उद्देश्य अमेरिका में स्टील व एल्यूमीनियम उद्योग की सुरक्षा करना है।  व्यापार समझौते पर असर  मई 2025 में ब्रिटेन और अमेरिका के बीच एक "ब्रेकथ्रू" व्यापार समझौता हुआ था, जिसमें ब्रिटेन के स्टील और एल्यूमीनियम पर लगाया गया 25% टैरिफ ज़ीरो किया जाना था। इस नए आदेश ने उस समझौते को संकट में  डाल दिया है। अमेरिकी प्रशासन ने यह कदम “चुपचाप” उठाया, जिससे कई ब्रिटिश उद्योगों में  उथल-पुथल मच गई है।     ब्रिटेन की प्रतिक्रिया ब्रिटिश वाणिज्य मंत्रालय  और उद्योग संघों ने कहा है कि वे अमेरिका के साथ मिलकर इस मसले का समाधान ढूंढने  और उद्योगों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कार्रवाई करेंगे।  ब्रिटिश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ने भी इस नीति की प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए खुलासा किया कि इससे यूएस सप्लाई चेन में जुड़े यूके के उद्योगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ब्रिटिश कंपनियों का मानना है कि इस फैसले से उनके निर्यात को तगड़ा झटका  लगेगा और कई छोटे उद्योगों को बड़ा नुकसान होगा। हालांकि ट्रंप का कहना है कि यह कदम अमेरिकी उद्योग की रक्षा के लिए है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि   टैरिफ का बोझ उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा । शैम्पू से लेकर वॉशिंग मशीन तक, रोज़मर्रा के कई सामान महंगे हो जाएंगे। इससे मुद्रास्फीति (Inflation) और भी बढ़ सकती है।    कौन-कौन से उत्पाद शामिल? इन टैरिफ में रोज़मर्रा के इस्तेमाल से लेकर बड़े घरेलू उपकरणों तक की लिस्ट शामिल है       शैम्पू, परफ्यूम और कॉस्मेटिक्स       वॉशिंग मशीन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण       स्टील और मैन्युफैक्चरिंग उत्पाद       कपड़े, जूते और घरेलू सामान