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हरियाणा रोडवेज बस से टकराई कार, कैथल में 4 लोगों की गई जान

कैथल हरियाणा के कैथल जिले में आज सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। जहां जिले के क्योड़क गांव के पास बठिंडा से कुरुक्षेत्र जा रही एक कार हरियाणा रोडवेज की बस से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पंजाब के बठिंडा जिले के रहने वाले थे मृतक  जानकारी के मुताबिक मृतक लोग पंजाब के बठिंडा जिले के रहने वाले थे। वे कार से कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही कार कैथल जिले के पास पहुंची, सामने से आ रही हरियाणा रोडवेज की बस से सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह दब गई और पलटकर सड़क किनारे जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही आस-पास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सदर थाना पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। कार को क्रेन मशीन और गैस कटर की मदद से काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया जबकि घायलों को इलाज के लिए कैथल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। कर में सवार चार लोगों की एक्सीडेंट में मौत हो गई है। जबकि बस में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, हालांकि सभी सुरक्षित हैं। फिलहाल हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। हादसे के बाद बस ड्राइवर और कार चालकों की लापरवाही की जांच की जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है, वहां सड़क पर अक्सर तेज रफ्तार गाड़ियां गुजरती हैं। पहले भी यहां कई बार हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि इस स्थान पर स्पीड ब्रेकर या ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लग सके।

नशे का काला कारोबार: इंदौर पुलिस ने महिला के पास से पकड़ी करोड़ों की ब्राउन शुगर

इंदौर   इंदौर शहर में सोमवार को एक महिला को एक करोड़ रुपए की ब्राउन शुगर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने इस मामले में आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है.  अपराध निवारण शाखा के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने अहिरखेड़ी इलाके में आरोपी सीमा नाथ के घर से 516 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया. उन्होंने बताया कि महिला पिछले कई सालों से नशीले पदार्थों का कारोबार कर रही थी.पुलिस ने उसके घर से 48.5 लाख रुपए नकद और इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी बरामद किया है.  राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि मौके से मिले सबूतों से साफ पता चलता है कि महिला तस्कर ने नशीले पदार्थ बेचकर मोटी रकम कमाई है. उन्होंने बताया कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (NDPS) अधिनियम के तहत एक FIR दर्ज की गई है.  पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी महिला पर पहले से ही 12 मामले दर्ज हैं. पुलिस अब आगे की विस्तृत जांच में जुटी है. 

इलेक्ट्रिक अवतार में आई मारुति E Vitara, कल पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

 नई दिल्ली मारुति सुजुकी अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी E Vitara को जल्द लॉन्च करने जा रही है. पीएम मोदी 26 अगस्त को गुजरात के हंसलपुर प्लांट में इस कार की प्रोडक्शन लाइन को हरी झंडी दिखाएंगे. मेड इन इंडिया इस इलेक्ट्रिक वाहन का निर्यात 100 से ज्यादा देशों में किया जाएगा. E Vitara में एडवांस्ड फीचर्स और लंबी रेंज के साथ भारतीय बाजार में भी बड़ा उत्साह पैदा करने की तैयारी है. पीएम मोदी मारुति सुजुकी की पहली इलेक्ट्रिक SUV E Vitara को हंसलपुर प्लांट में हरी झंडी दिखाएंगे. इस अवसर पर वे प्रोडक्शन लाइन की शुरुआत में मौजूद रहेंगे. सरकार की जानकारी सरकार ने औपचारिक बयान में बताया कि 26 अगस्त को प्रधानमंत्री अहमदाबाद के हंसलपुर सुजुकी मोटर प्लांट में दो महत्वपूर्ण विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे. यह कदम भारत के हरित परिवहन और मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री सुजुकी की पहली वैश्विक रणनीतिक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV) E Vitara का उद्घाटन करेंगे और हरी झंडी दिखाएंगे. इसके साथ ही भारत अब सुजुकी के इलेक्ट्रिक वाहनों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बन जाएगा. हरित ऊर्जा और बैटरी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रधानमंत्री गुजरात स्थित TDS लिथियम-आयन बैटरी प्लांट का भी उद्घाटन करेंगे. यह संयंत्र तोशिबा, डेंसो और सुजुकी के संयुक्त प्रयास से स्थापित किया गया है और अब लगभग 80% बैटरी भारत में ही उत्पादित की जाएगी. निर्यात की जानकारी मारुति की यह मेड इन इंडिया इलेक्ट्रिक SUV यूरोप, जापान समेत 100 से अधिक देशों में निर्यात की जाएगी. Maruti E Vitara की खासियत SUV में कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं जैसे पैनोरमिक सनरूफ, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें. सुरक्षा के लिए 7 एयरबैग, 360 डिग्री कैमरा, ऑटो-होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक और लेवल 2 ADAS जैसे फीचर्स शामिल हैं. इसके अलावा इसमें 49 kWh और 61 kWh बैटरी विकल्प मिलेंगे, जिससे वाहन की रेंज 500 किलोमीटर से अधिक होगी. लॉन्च की संभावित तारीख पीएम मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद E Vitara का उत्पादन शुरू होगा. इसके कुछ समय बाद इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात किया जाएगा और उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में यह SUV भारतीय बाजार में भी उपलब्ध हो जाएगी.

बिहार में विकास की रफ्तार तेज, पटना को मिली 1024 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पटना जिला अंतर्गत प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं से संबंधित पटना शहरी (मध्य क्षेत्र) के लिए 1024.77 करोड़ रुपए लागत की विभिन्न योजनाओं का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास / कार्यारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि प्रगति यात्रा के दौरान पटना जिले के लिए की गई घोषणाओं से संबंधित पटना शहरी (मध्य क्षेत्र) के अंतर्गत योजनाओं का शिलान्यास / कार्यारंभ किया जा रहा है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से पटना शहरी (मध्य क्षेत्र) में आमलोगों को काफी फायदा होगा तथा बेहतर जनसुविधाएं मिलेगी। मुख्यमंत्री ने पटेल गोलम्बर के पास आयोजित कार्यक्रम स्थल से 196.80 करोड़ रुपए लागत की पटेल गोलंबर से ईको पार्क के पश्चिमी छोर तक तथा इको पार्क के पूर्वी छोर से अटल पथ तक सरपेंटाईन नाले पर भूमिगत नाला के साथ 4 लेन सड़क के निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके निर्माण कार्य होने से सचिवालय, राजधानी वाटिका तथा एयरपोर्ट आने-जाने में लोगों को काफी सुविधा होगी। खुले नाले पर फोरलेन पथ के निर्माण हो जाने से आवागमन में सहूलियत के साथ-साथ पटना शहर की सुंदरता और बढ़ेगी। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने डाकबंगला चौक पर आयोजित कार्यक्रम स्थल से 328.52 करोड़ रुपये की लागत से पटना शहरी क्षेत्र में विद्युत संरचनाओं के आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के तहत बिजली के तारों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत करने की परियोजना का शिलापट्ट अनावरण कर कार्यारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री को पटना शहरी क्षेत्र अन्तर्गत अंडरग्राउंड (कवर्ड) बिजली के तारों के रूट प्लान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही मुख्यमंत्री के समक्ष इस योजना से संबंधित एक लघु फिल्म भी प्रस्तुत की गई। जुलाई माह में विद्युत खपत के दौरान शून्य विद्युत शुल्क वाले दो उपभोक्ताओं को सांकेतिक रूप से मुख्यमंत्री ने प्रमाण पत्र सौंपा। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने पटना साइंस कॉलेज स्थित न्यूटन हॉस्टल में आयोजित कार्यक्रम स्थल से 30.02 करोड़ रुपये लागत की पटना शहर में अवस्थित विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्रावासों का जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर कार्यारंभ किया। मुख्यमंत्री ने जेपी गंगापथ पर आयुक्त कार्यालय के निकट आयोजित कार्यक्रम स्थल से 48.96 करोड़ रुपये की लागत से पटना जिला अंतर्गत गांधी मैदान के नजदीक पटना हाट निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। साथ ही 52.28 करोड़ रुपये की लागत से मंदिरी नाला पर निर्माणाधीन फोरलेन सड़क को जेपी गंगा पथ से जोड़ने हेतु संपर्क पथ के निर्माण कार्य का भी शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने 387.40 करोड़ रुपये की लागत से पटना शहर अंतर्गत गंगा नदी के किनारे दीघा से गांधी मैदान के बीच जेपी गंगा पथ के दोनों तरफ लगभग 7 किमी की लंबाई में 'जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना (फेज- 1)' के निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने 12.38 करोड़ रुपये की लागत की सभ्यता द्वार से कलेक्ट्रीयट घाट तक विचरण पथ (PROMENADE) के निर्माण कार्य का शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया।

अधिकारियों संग बैठक में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दिए सख्त निर्देश

रायपुर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज कार्यभार संभालते ही शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई है. शिक्षा मंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली विभागीय बैठक है. इस बैठक में शिक्षा सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय, SCERT, समग्र शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारी बैठक में मौजूद हैं. शिक्षा मंत्री यादव विभागीय अधिकारियों से शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं. इसके साथ ही प्रदेश में बेहतर शिक्षा के लिए रणनीति तैयार की जा रही है. बता दें, कार्यभार संभालने से पहले आज शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दूधाधारी मंदिर जाकर भगवान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान उन्होंने महंत राम सुंदर दास से भी मुलाकात कर आशीर्वाद लिया.

सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन: महिलाओं-बच्चों समेत 41 ग्रामीण बाढ़ से बाहर निकाले

बूंदी जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना की त्वरित कार्रवाई ने ग्रामीणों को नई उम्मीद दी है। 17 राजपूताना राइफल्स (सवाईमान) की बाढ़ राहत टुकड़ी रविवार सुबह खटकड़ के पास बड़ा डांढला कस्बे में पहुंची और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। जानकारी के अनुसार पिछले 3–4 दिनों से कई ग्रामीण एक छोटे द्वीप पर फंसे हुए थे और भोजन की भारी कमी से जूझ रहे थे। सेना की इंजीनियर टीमों के सहयोग से तीन बचाव दल तैनात किए गए, जिन्होंने महिलाओं और बच्चों सहित कुल 41 ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत दल ने ग्रामीणों को बाहर निकालने के बाद तुरंत आपातकालीन खाद्य सामग्री वितरित की और चिकित्सा अधिकारी ने प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराया। सफल बचाव अभियान के बाद बूंदी के अपर जिला मजिस्ट्रेट ने राहत टुकड़ी को नए आदेश जारी किए, जिसके तहत टीम को लाखेरी क्षेत्र के लिए रवाना किया गया। प्रशासन के अनुसार लाखेरी में बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर है, जहां अतिरिक्त राहत कार्य की आवश्यकता है।

एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ की धरोहर का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हुए गौरवान्वित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ओसाका (जापान) में चल रहे वर्ल्ड एक्सपो 2025 के भारत मंडपम के अंतर्गत स्थापित छत्तीसगढ़ पैवेलियन पहुंचे. यहाँ उन्होंने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आधुनिक प्रगति को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया. उल्लेखनीय है कि उद्घाटन दिवस पर ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन में 22 हजार से अधिक दर्शक पहुँचे. यहाँ आने वाले लोग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आदिवासी लोककला, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक देखकर उत्साहित हुए. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी परंपरा और आधुनिकता के अनूठे संगम के साथ दुनिया के सामने उभर रहा है. “हमारी पहचान केवल धरोहर और लोकसंस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, नवाचार और वैश्विक सहयोग की दिशा में भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.” पवेलियन में छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, बुनाई, हस्तनिर्मित उत्पाद, हर्बल आइटम्स और पर्यटन स्थलों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है. साथ ही, प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश अवसर और भविष्य की संभावनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. जापान और अन्य देशों से आए आगंतुकों ने छत्तीसगढ़ के पैवेलियन की सराहना करते हुए विशेष रूप से हस्तशिल्प और बांस उत्पादों, बस्तर आर्ट और लोकसंगीत पर आधारित प्रस्तुतियों की प्रशंसा की. इससे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच प्रदेश की एक सकारात्मक छवि बनी. मुख्यमंत्री साय ने पवेलियन में मौजूद मेहमानों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रदेश के साथ जुड़कर विकास की नई दिशा में कदम बढ़ाने का आमंत्रण दिया. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “वर्ल्ड एक्सपो जैसे वैश्विक मंच पर हमारी भागीदारी यह संदेश देती है कि छत्तीसगढ़ केवल भारत का ही नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारी का भी एक मजबूत केंद्र बन सकता है.” इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों से आए निवेशकों और प्रतिनिधियों से भी चर्चा की. औद्योगिक विकास, पर्यटन संवर्द्धन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित इन मुलाकातों ने भविष्य में सहयोग के नए अवसर खोले. छत्तीसगढ़ पवेलियन की भव्यता और उसमें प्रदर्शित सामग्री ने यह संदेश दिया कि प्रदेश न केवल अतीत की सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध है, बल्कि आने वाले कल का भविष्य-रेडी हब भी है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह प्रवास छत्तीसगढ़ को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

क्रिकेट लवर्स के लिए खुशखबरी! इंदौर में खुला पहला क्रिकेट म्यूजियम, देखें 300 अनमोल विरासतें

इंदौर   मध्यप्रदेश का पहला क्रिकेट म्यूजियम इंदौर के होलकर स्टेडियम में तैयार किया गया है. यह म्यूजियम करीब 1200 स्‍क्‍वायर फीट में बना है और इसकी डिजाइन भोपाल के आर्किटेक्ट हुजूर नंद चौधरी ने की है. इस म्‍यूजियम को बनाने में लगभग 6 साल का समय लगा है. बाहर का एरिया लॉईस के पवेलियन स्टाइल में और अंदर कोलोनियल आर्किटेक्चर स्टाइल में तैयार किया गया है. म्‍यूजियम में प्रवेश करते ही कर्नल सीके नायडू का स्टैच्यू और उनके 30 किलो वजन वाला लोहे का किट बैग नजर आता है. म्यूजियम की बालकनी में कपिल देव का स्टैच्यू रखा गया है, जिसमें वे 1983 का वर्ल्ड कप थामे दिखते हैं. क्रिकेटरों की यादगार सामग्री यहां 18वीं सदी से लेकर आज तक के क्रिकेट इतिहास से जुड़ी 300 से ज्यादा चीजें रखी गई हैं. 1983 की वर्ल्ड कप विजेता टीम का साइन किया हुआ बैट, कपिल देव का मंगूस बैट, सचिन तेंदुलकर के पैड्स, राहुल द्रविड़ के ग्लव्स, दिलीप वेंगसरकर का हेलमेट और अमय खुरासिया का बैट भी संग्रह का हिस्सा हैं. इसके अलावा विराट कोहली, धोनी, युवराज सिंह, जहीर खान और रोहित शर्मा के साइन वाली सामग्री भी मौजूद है. क्रिकेट की बाइबल कही जाने वाली विज्डन मैगजीन के 1952 से अब तक के अहम एडिशन भी यहां देखे जा सकते हैं, जिन्हें पूर्व क्रिकेटर संजय जगदाले ने अपने कलेक्शन से दिया है. क्रिकेट की बाइबल 'विजडन' के एडिशन भी रखे इंदौर के होलकर स्टेडियम में बने क्रिकेट म्यूजियम में 18वीं सदी से लेकर 2024 तक का इतिहास है। क्रिकेट की बाइबल कही जाने वाली विजडन मैगजीन के स्पेशल एडिशन भी यहां मौजूद हैं। म्यूजियम में विजडन के 1952 से लेकर अब तक के सभी महत्वपूर्ण एडिशन हैं। यह मैगजीन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को कवर करती थी, लेकिन धीरे-धीरे इसने पूरी दुनिया के क्रिकेटरों को जगह देनी शुरू कर दी। डॉन ब्रैडमैन और सचिन का ओरिजनल बैट इंदौर के म्यूजियम में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सर डॉन ब्रैडमैन और सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट बैट मौजूद हैं। विराट कोहली की वह शर्ट भी यहां है, जिसे पहनकर उन्होंने इंदौर में 211 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज शेन वार्न की शर्ट भी यहां रखी है। सर डॉन ब्रैडमैन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर थे। उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। ब्रैडमैन ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 99.95 की औसत से रन बनाए हैं। 52 टेस्ट मैचों में उन्होंने 29 शतक लगाए हैं। उस समय वनडे क्रिकेट का चलन नहीं था इसलिए वे वनडे नहीं खेल सके। सौरव गांगुली और कुंबले द्वारा तमाम रिकॉर्ड बनाए जाने के दौरान इस्तेमाल खेल सामग्री भी यहां है। डेनिस लिली ने एल्यूमीनियम के बैट से खेला, वह भी यहां ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी डेनिस लिली ने 1979 में इंग्लैंड से मशहूर क्रिकेट सीरीज एशेज के दौरान एल्यूमीनियम का बैट इस्तेमाल किया था। इंग्लैंड के कप्तान माइक ब्रेयरली ने शिकायत करते हुए कहा कि इस बल्ले की वजह से गेंद का आकार बिगड़ रहा है। अंपायर ने डेनिस लिली को समझाया कि इससे गेंद खराब हो रही है लेकिन लिली इसी बैट से खेलने पर अड़े रहे। आईसीसी को बदलना पड़ा नियम दरअसल, उस समय आईसीसी का ऐसा कोई नियम नहीं था कि बल्ला सिर्फ लकड़ी का हो इसलिए डेनिस लिली ने एल्यूमीनियम का बैट बनवा लिया था। वे इसी से खेला करते थे। इस मैच में विवाद के बाद आईसीसी ने नया नियम बनाया। इसके तहत बल्लेबाज सिर्फ लकड़ी का बैट ही इस्तेमाल कर सकता है। दुनिया के दिग्गजों से जुड़ी चीजें म्यूजियम का आकर्षण केवल भारतीय क्रिकेट तक सीमित नहीं है. यहां सर डॉन ब्रैडमेन और सचिन तेंदुलकर के ओरिजनल बैट रखे गए हैं. विराट कोहली की वह शर्ट भी है जिसे पहनकर उन्होंने इंदौर में 211 रन बनाए थे. शेन वार्न की शर्ट, सुरेश रैना का टूटा हुआ बैट और सौरव गांगुली व अनिल कुंबले द्वारा इस्तेमाल किए गए क्रिकेट गियर भी संग्रह का हिस्सा हैं. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेनिस लिली का 1979 एशेज सीरीज में इस्तेमाल एल्यूमीनियम बैट भी यहां रखा गया है, जिसकी वजह से बाद में आईसीसी को नियम बदलना पड़ा था. इसके अलावा 1986 में भारत-ऑस्ट्रेलिया के टाई टेस्ट और 2001 के री-मैच में इस्तेमाल स्टंप का टुकड़ा भी यहां रखा गया है. समय और टिकट दरें क्रिकेट म्यूजियम के खुलने का समय सुबह 11 बजे से शाम 6.30 बजे तक रखा गया है और सोमवार को अवकाश रहेगा. 4 से 12 साल के बच्चों का टिकट 50 रुपए और 12 साल से अधिक उम्र के लोगों का टिकट 100 रुपए रखा है. यहां लैंडस्केपिंग से लेकर सौवेनियर शॉप तक सब कुछ मेटल के डिजाइन से तैयार किया गया है. एमपीसीए के वाइस प्रेसिडेंट रमणीक सलूजा का कहना है कि इस म्यूजियम का मकसद ज्यादा से ज्यादा ऐतिहासिक सामग्री को संजोना और आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करना है.  

महिलाओं के लिए खुशखबरी, सैनी सरकार देगी ₹2100 मासिक सहायता

कुरुक्षेत्र  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि राज्य सरकार 'लाडो लक्ष्मी योजना' के तहत पात्र महिलाओं को ₹2100 मासिक सहायता देने की तैयारी कर रही है। इस योजना के लिए पहले बजट में ₹5,000 करोड़ का प्रावधान किया गया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि दूसरे बजट से इस योजना का लाभ पात्र महिलाओं को मिलना शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री सैनी कुरुक्षेत्र में कश्मीरी हिंदू प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित 'कुरुक्षेत्र-कश्यप तीर्थाटन–2025' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने यह भी ऐलान किया कि इंडोनेशिया के बाली में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 12 से 14 सितंबर तक स्वामी ज्ञानानंद की अध्यक्षता में आयोजित होगा। इसमें गीता यज्ञ, गीता का वैश्विक पाठ, और 13 सितंबर को गरुड़ की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। गौरतलब है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 'लाडो लक्ष्मी योजना' के तहत बीपीएल कार्डधारी महिलाओं को ₹2100 मासिक सहायता देने का वादा किया था। यह योजना केवल गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों की महिलाओं के लिए ही लागू होगी।  लाडो लक्ष्मी योजना क्या है  नायब सरकार का 'नायाब' तोहफा हरियाणा सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना के क्रियान्वयन का प्रारूप लगभग तैयार कर लिया है। लाडो लक्ष्मी योजना के तहत राज्य की 45.62 लाख ऐसी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक प्रदान किए जाएंगे, जिनकी उम्र 23 से 60 साल के बीच है तथा पति-पत्नी की वार्षिक आय मिलाकर तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय में इस बिंदु पर भी चर्चा हुई कि पहले चरण में गरीबी रेखा के दायरे में आने वाली करीब 25 लाख ऐसी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक दिया जाए, जिनकी पति-पत्नी की वार्षिक आय 1.80 रुपये तक है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस दिन से मिलेगा योजना का लाभ उनके निर्देश पर पहले चरण में ऐसी सभी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक प्रदान किए जाएंगे, जिनकी पति-पत्नी की वार्षिक आय मिलाकर तीन लाख रुपये तक है। यह महिलाएं ऐसी हैं, जो राज्य में किसी तरह की पेंशन प्राप्त नहीं कर रही हैं। सरकार का मानना है कि यदि लाडो लक्ष्मी योजना को दो चरणों में बांटकर लागू किया गया तो इसका फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो सकता है, इसलिए योजना को एक ही चरण में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय में इस बात पर सहमति बन चुकी है कि लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ हरियाणा दिवस पर एक नवंबर से देना आरंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस योजना के आरंभ होने की घोषणा करेंगे। यानी योजना के लाभ के लिए अभी राज्य की महिलाओं को तीन माह इंतजार करना होगा। राज्य के साल 2025-26 के बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए प्रदेश सरकार पांच हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर चुकी है। हर साल खर्च होगा 980 करोड़ रुपये हर माह 45.60 लाख महिलाओं को 2100 रुपये देने पर 980 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट खर्च होगा, जबकि सरकार ने पहले ही पांच हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रविधान कर रखा है। ऐसे में अगले चार साल यानी 2029 में होने वाले विधानसभा चुनाव तक बजट की कोई चिंता नहीं रहने वाली है। हरियाणा सरकार यदि 1.80 लाख रुपये तक आय वाले परिवारों की महिलाओं को ही 2100 रुपये मासिक प्रदान करती तो 450 करोड़ रुपये वार्षिक बजट खर्च होता, लेकिन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की सभी पात्र महिलाओं को पहले चरण में ही लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में करीब साढ़े 12 लाख महिलाएं ऐसी हैं, जो 60 साल या इससे अधिक उम्र होने के चलते बुढ़ापा पेंशन प्राप्त कर रही हैं। वे महिलाएं लाडो लक्ष्मी योजना के दायरे में नहीं आएंगी। मध्य प्रदेश और दिल्ली पर भारी रहेगी हरियाणा की लाडो लक्ष्मी हरियाणा से पहले मध्यप्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाडली बहना योजना शुरू की थी, जो अभी तक जारी है, लेकिन इस योजना में महिलाओं को 1250 रुपये मासिक प्रदान किए जाने का प्रविधान है, जबकि हरियाणा सरकार लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये मासिक देने वाली है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये का शगुन देने की घोषणा की थी। दिल्ली की भाजपा सरकार भी महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ देगी, लेकिन हरियाणा के मुकाबले वहां महिलाओं की संख्या बहुत कम है। दिल्ली में अभी तक यह योजना आरंभ नहीं हुई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ प्रदान करने के लिए अधिकारियों को समस्त होमवर्क यथाशीघ्र पूरा करने के आदेश दिए हैं। परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) में महिलाओं के बैंक खातों को लिंक करने का तेजी से चल रहा है।  

योगी सरकार की परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण योजना से अनुसूचित जाति/जनजाति के युवा बन रहे हैं अधिकारी

दलित युवाओं के सपनों को पंख दे रही योगी सरकार, बन रहे अधिकारी  योगी सरकार की परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण योजना से अनुसूचित जाति/जनजाति के युवा बन रहे हैं अधिकारी लखनऊ से गोरखपुर तक 8 कोचिंग केंद्रों के जरिए SC/ST अभ्यर्थियों को मिल रहा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण वित्तीय वर्ष 2025-26 में योगी सरकार ने SC/ST युवाओं के लिए किया है बड़े बजट का प्रावधान  लखनऊ में बालिकाओं के लिए समर्पित कोचिंग केंद्र दलित बेटियों के सपनों को दे रहा नई उड़ान लखनऊ योगी सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी के युवाओं को सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए अपने प्रयासों को और मजबूत किया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना के तहत इन वर्गों के अभ्यर्थियों को उच्चस्तरीय कोचिंग प्रदान की जा रही है, ताकि वे आईएएस, पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें। योगी सरकार की इस योजना के अंतर्गत सिविल सेवा समेत विभिन्न परीक्षाओं में 701 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है।  वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के लिए 11.24 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो योगी सरकार की समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अभ्यर्थियों को मिल रहा है आधुनिक पाठ्यक्रम और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन योगी सरकार की इस योजना का उद्देश्य न केवल प्रशिक्षण प्रदान करना है, बल्कि अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूरी तरह तैयार करना है। इन केंद्रों में प्रशिक्षण का स्तर अत्यंत उच्च है, जहां विषय विशेषज्ञ आधुनिक शिक्षण तकनीकों और नवीनतम पाठ्यक्रमों के आधार पर अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन देते हैं। चाहे वह प्रारंभिक परीक्षा हो, मुख्य परीक्षा हो या साक्षात्कार की तैयारी, इन केंद्रों में हर चरण के लिए व्यापक कोचिंग प्रदान की जाती है। विशेष रूप से, लखनऊ में बालिकाओं के लिए समर्पित केंद्र महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समावेशी विकास की दिशा में योगी सरकार का अहम कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार जोर दिया है कि समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं को न केवल शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है, बल्कि वे देश की प्रशासनिक सेवाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सशक्त हो रहे हैं। इन केंद्रों ने कई युवाओं को आईएएस, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे सामाजिक समानता और समावेशी विकास को बढ़ावा मिला है।  अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर  योगी सरकार की यह पहल न केवल अनुसूचित जाति और जनजाति के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि उत्तर प्रदेश को प्रशासनिक और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। इन प्रशिक्षण केंद्रों से निकले युवा न केवल अपने परिवारों, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। सरकार की यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि आर्थिक तंगी या सामाजिक बाधाएं किसी की प्रतिभा को रोक न सकें। समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक इस योजना से 6784 अभ्यर्थी लाभांवित हुए हैं। इस योजना के अंतर्गत अबतक संघ/राज्य लोक सेवा आयोग में कुल 48 अभ्यर्थियों का चयन हो चुका है। इसके अलावा अन्य परीक्षाओं में 653 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। यही नहीं कोविड संक्रमण काल में इसे ऑनलाइन आयोजित किया गया। जिसके फलस्वरूप 81 अभ्यर्थी राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा तथा सहायक वन संरक्षक के रूप में चयनित हुए। उच्चस्तरीय प्रशिक्षण के लिए आठ केंद्र समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में आठ परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जो अनुसूचित जाति और जनजाति के अभ्यर्थियों को आधुनिक और परिवर्तित पाठ्यक्रमों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। ये केंद्र विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अभ्यर्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं। इन केंद्रों में शामिल हैं: •    श्री छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन, लखनऊ। •    आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र (बालिका), अलीगंज, लखनऊ। •    न्यायिक सेवा पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, प्रयागराज। •    संत रविदास आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, वाराणसी। •    डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, अलीगढ़। •    डॉ. बी.आर. अंबेडकर आईएएस, पीसीएस पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र, आगरा। •    आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, निजामपुर, हापुड़। •    राजकीय आईएएस, पीसीएस कोचिंग केंद्र, गोरखपुर। इन केंद्रों में अनुसूचित जाति और जनजाति के उन अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 6 लाख रुपये तक है। यह योजना सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम बन रही है।