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हनीट्रैप में फंसा इंदौर का क्लब मालिक, 23 लाख ऐंठे गए और मिली रेप की धमकी

इंदौर इंदौर शहर के एक क्लब कारोबारी की मौत से सनसनी फैल गई है। पता चला है कि शोशा क्लब के मालिक भूपेंद्र रघुवंशी को एक शादीशुदा औरत की हरकतों और ब्लैकमेलिंग ने मौत के मुंह में धकेल दिया। मौत से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में उन्होंने उसी महिला को जिम्मेदार ठहराते हुए आत्महत्या करने की बात लिखी है। महिला ने उन्हें रेप केस में फंसाकर बदनाम कर धमकियां दे रही थी। ब्लैकमेलर महीने भर पहले भी भूपेंद्र को ब्लैकमेल कर 23 लाख वसूल चुकी है। लड़की की धमकी और सुसाइड अन्नपूर्णा थाना टीआई अजय नायर के मुताबिक, मृतक भूपेंद्र पिता लक्ष्मी नारायण (निवासी भवानीपुर) ने देर रात जहर खा लिया, जिसके बाद सुबह हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि विजयनगर इलाके में भूपेंद्र का शोशा क्लब चलता है। पिछले कई दिनों से इति तिवारी नाम की महिला उन्हें लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। कभी रेप केस की धमकी, तो कभी बदनाम करने की धमकी देकर वह उनसे लाखों रुपए वसूल चुकी थी। मुंबई शिफ्ट होकर भी जारी रखा खेल परिजनों ने खुलासा किया कि इति तिवारी पहले इंदौर में रहती थी और महालक्ष्मी नगर स्थित अपनी बहन शिवांगी और जीजा के घर आना-जाना करती थी। बाद में नौकरी लगने के बाद वह मुंबई शिफ्ट हो गई, लेकिन वहां से भी उसने ब्लैकमेलिंग का खेल बंद नहीं किया। बताया गया कि इति तिवारी पहले भी भूपेंद्र रघुवंशी को रेप केस में फंसाने के नाम पर 23 लाख रुपए ऐंठ चुकी है। इतना ही नहीं, वह फ्लैट और कार की डिमांड भी कर रही थी। शराब पीकर गंदी गालियां देना और फोन पर धमकाना उसकी आदत बन चुकी थी। इंदौर में रहने पर वहां भूपेंद्र को मानसिक प्रताड़ना देती थी। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई है।

पूर्व मंत्री पर कार्रवाई की संभावना, पंजाब में जारी नोटिस

चंडीगढ़ पंजाब की सियासत में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। दरअसल, राज्य सरकार ने पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की याचिका पर आशू को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस कदम से एक बार फिर आशू के खिलाफ चर्चाएं तेज हो गई हैं क्योंकि हाईकोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में उनके खिलाफ दर्ज की गई एफ.आई.आर. को रद्द कर दिया था। इस एफ.आई.आर. में 2 जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी और एक ठेकेदार भी सह-आरोपी बनाए गए थे। सरकार का दावा है कि 2020-21 की पंजाब फूडग्रेन लेबर एंड कार्टेज पॉलिसी में मनमाने तरीके से संशोधन कर पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया और रिश्वत लेकर टेंडर बांटे गए। वहीं, हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नीति संशोधन को पहले ही डिवीजन बेंच द्वारा सही माना जा चुका है और ठेकों को कैबिनेट और वित्त विभाग की मंज़ूरी भी प्राप्त थी। इसलिए केवल मंत्री को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले के नए पहलू सामने आने की उम्मीद है, जो न सिर्फ़ आशू की राजनीतिक साख बल्कि सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी दावेदारी के लिए भी बड़ी कसौटी साबित हो सकता है।  

धार्मिक मंच पर विवाद: अविमुक्तेश्वरानंद ने रामभद्राचार्य को सुनाई खरी-खोटी

लखनऊ  तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा स्वामी प्रेमानंद को लेकर दिए गए बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाराजगी जताई है। उन्होंने एक मंच से नाम लिए बिना रामभद्राचार्य पर कटाक्ष किया है। साथ ही संत प्रेमानंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आपको दिखाई नहीं देता तो क्या सुनाई भी नहीं दे रहा है। प्रेमानंद दिनभर संस्कृत ही बोलते रहते हैं। ज्योर्तिमठ नाम के इंस्टाग्राम आईडी ने जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का वीडियो शेयर किया। जिसमें वह कह रहे हैं, “वो एक पीले कपड़े वाले महात्माजी है वृंदावन में प्रेमानंद जी, कह रहे हैं कि उनको एक अक्षर संस्कृत नहीं आती। उनको संस्कृत आने की जरूरत क्या है? वो तो भगवान के नाम का प्रचार कर रहे हैं और भगवान का नाम संस्कृत में ही हैं। भगवान का नाम किस भाषा में है बताएं आप?” अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा, “जो दिन भर राधे-राधे, कृष्ण-कृष्ण, हे गोविंद, हे गोपाल बोल रहे हैं और लोगों को प्रेरित कर रहे हैं कि नाम का स्मरण करो, हमें बताएं कि भगवान का नाम ये किस भाषा के शब्द हैं? क्या ये संस्कृत भाषा के शब्द नहीं है. क्या ये संबोधन की विभक्ति संस्कृत भाषा की नहीं है। वो तो दिन भर संस्कृत बोल रहा है, जो भगवान के नाम का उच्चारण कर रहा है। आपको नहीं दिखाई नहीं देता, लगता है आपको सुनाई भी नहीं देता।” प्रेमानंद से ईर्ष्या नहीं लेकिन चमत्कार को नहीं मानते; उत्तराधिकारी ने दी सफाई उधर, संत प्रेमानन्द महाराज को चुनौती देने वाले पद्मविभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बयान के बाद बखेड़ा खड़ा होता देख जगदगुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्रदास ने उनके हवाले से सोमवार को बयान में सफाई दी। जगद्गुरु ने कहा कि प्रेमानंदजी से कोई ईर्ष्या नहीं, लेकिन चमत्कार को नहीं मानता। प्रेमानंद महाराज के बिना किडनी जीवन जीने को चमत्कार मानने के सवाल पर जगद्गुरु ने कहा था कि यह कोई चमत्कार नहीं है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल बोले – साहित्यकार ही संस्कृति और परंपरा के असली संरक्षक

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र के साहित्यकारों का किया सम्मान भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि साहित्य समाज का आईना होता है। साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से संस्कृति, परंपरा, संवेदना और विचारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं। विंध्य की यह गौरवशाली परंपरा है कि यहां के साहित्यकारों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि विंध्य की साहित्यिक धरती की सामूहिक उपलब्धि है। यह गौरव पूरे प्रदेश का है और साहित्यकारों के इस योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विंध्य क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकारों को मंत्रालय भोपाल में सम्मानित किया। उन्होंने डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र, डॉ. ओमप्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ एवं डॉ. विवेक द्विवेदी का शॉल और श्रीफल प्रदान कर अभिनंदन किया। उल्लेखनीय है कि विंध्य क्षेत्र के 6 साहित्यकार/लेखकों को प्रतिष्ठित मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पहला अवसर है जब विंध्य क्षेत्र के 6 लेखकों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इनमें से 4 लेखक रीवा के निवासी हैं। डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र को ‘रिश्तन केर निबाह’ बघेली कहानी संकलन के लिए विश्वनाथ सिंह जूदेव साहित्य एकेडमी पुरस्कार वर्ष-2023 से सम्मानित किया गया है। डॉ. चंद्र ने 8 निबंध संग्रह, 1 कविता संग्रह और 2 बघेली कहानी संकलन की रचना की है। डॉ. ओमप्रकाश मिश्र ‘व्यथित’ को ‘मेरा परिचय-मेरी कविता’ गीत संग्रह के लिए वर्ष-2023 का वीरेन्द्र कुमार मिश्र साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है। डॉ. विवेक द्विवेदी को ‘सुनो कावेरी’ कहानी संकलन पर सुभद्रा कुमारी चौहान साहित्य एकेडमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। डॉ. द्विवेदी ने 9 उपन्यास और 10 कहानी संग्रह लिखे हैं। इसके अतिरिक्त डॉ. प्रमोद जैन को लघु कथा संग्रह ‘सेल्फी’ पर जैनेन्द्र कुमार पुरस्कार और मैहर निवासी सीताशरण गुप्त को बघेली कविता संग्रह ‘जगन्नाथ केर प्रसाद’ के लिए वर्ष-2022 का विश्वनाथ सिंह जूदेव साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है। बाल साहित्य पर पाणि पंकज पांडे को वर्ष-2022 का हरिकृष्ण देवसरे मध्यप्रदेश साहित्य एकेडमी पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी जापान यात्रा से और मजबूत होंगे भारत-जापान संबंध: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ सप्ताह से विज़न 2047 को मिलेगा वैश्विक आयाम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की आगामी यात्रा और ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ की सहभागिता पर कहा कि “हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी बहुत जल्द जापान आ रहे हैं। भारत और जापान की मित्रता ऐतिहासिक और गहरी है। उनके इस दौरे से यह संबंध और भी मजबूत होंगे और हमारे देश को अनेक लाभ प्राप्त होंगे।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की यात्रा भारत और जापान के बीच तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाएगी। इससे दोनों देशों की जनता को लाभ होगा और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के संदर्भ में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “कल हमने छत्तीसगढ़ को समर्पित सप्ताह का शुभारंभ किया है। यह वर्ल्ड एक्सपो भारत की संस्कृति को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक बड़ा प्रयास है। छत्तीसगढ़ का सप्ताह न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए लाभकारी रहेगा।” उन्होंने कहा कि इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और औद्योगिक प्रगति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे निवेश और सहयोग के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान यात्रा और ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी प्रदेश और देश दोनों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगी।

कर्मचारियों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, आउटसोर्सिंग पर जताई चिंता

नई दिल्ली  सरकार संवैधानिक नियोक्ता है और वह आउटसोर्सिंग पर लोगों को नौकरी पर रखकर शोषण नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने लंबे समय तक एडहॉक पर रखने के बाद कर्मचारियों को नियमित रोजगार न देने और आर्थिक तंगी का हवाला देने पर यह बात कही। बेंच ने ऐतिहासिक निर्णय में स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संस्थान वित्तीय तंगी या रिक्तियों की कमी जैसे बहाने बनाकर लंबे समय से काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमितीकरण और वेतन में समानता से वंचित नहीं कर सकते। यह फैसला जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा आयोग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा दायर अपील पर सुनाया। इन कर्मचारियों का कहना था कि हम सालों से काम कर रहे हैं, लेकिन हमें नियमित करने से सरकार ने इनकार कर दिया है। इसके अलावा वेतन भी हमें बहुत कम मिल रहा है, जबकि इसी पद के नियमित कर्मचारियों का वेतन कहीं ज्यादा है। बेंच ने कहा कि आउटसोर्सिंग एक ढाल नहीं बन सकती, जिसका इस्तेमाल करते हुए स्थायी कार्यों में लगे कर्मचारियों को उचित वेतन और नौकरी से वंचित रखा जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य (संघ और राज्य सरकारें)कोई प्राइवेट कंपनियों की तरह मार्केट प्लेयर नहीं हैं बल्कि संवैधानिक नियोक्ता हैं। उन्हें फंड की कमी जैसी बात उन लोगों के लिए नहीं करनी चाहिए, जो सरकार के बुनियादी और जरूरी कामों को अंजाम दे रहे हैं। बेंच ने कहा कि यदि कोई काम लगातार चल रहा है तो फिर संस्थान को उसके संबंध में पद भी निकालने चाहिए और लोगों को नियमित भर्ती देनी चाहिए। दरअसल उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा आयोग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने खुद को नियमित किए जाने की अपील कमिशन से की थी। इस अपील को खारिज कर दिया गया और कहा गया कि फंड की कमी है। इसी के खिलाफ वकील श्रीराम पाराक्कट के माध्यम से इन कर्मचारियों ने शीर्ष अदालत का रुख किया। इस पर बेंच ने सरकारी संस्थानों को नसीहत दी है। जस्टिस नाथ ने अपने फैसले में लिखा कि यदि लंबे समय तक चलने वाले नियमित कामों में अस्थायी कर्मचारियों को रखा जाता है तो इससे लोक प्रशासन में भरोसा भी कम होता है। इसके अलावा समानता के अधिकार और उसके संरक्षण के वादे का भी हनन होता है। बेंच ने कहा कि संस्थानों को यह भी बताना चाहिए कि नियमित कामों के लिए भी वे पद मंजूर ना करते हुए क्यों अस्थायी कर्मचारी रख रहे हैं। बेंच ने कहा कि असुरक्षा के दायरे में रहते हुए आखिर कोई कब तक नौकरी कर सकता है। अदालत ने कहा कि एडहॉक व्यवस्था तब चलती है, जब पारदर्शिता की कमी हो जाती है।  

निक्की को जिंदा जलाने के पीछे दहेज ही नहीं, रील्स और ब्यूटी पार्लर की खींचतान भी

नोएडा  यूपी के ग्रेटर नोएडा में हुए निक्की भाटी हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। निक्की की निर्मम हत्या का मामला सामने आने के बाद से उसकी मौत को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक तरफ इस मामले में निक्की के ससुराल वालों को हिरासत में लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ दावा किया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर रील्स पोस्ट करना और अपना ब्यूटी पार्लर फिर से खोलना भी निक्की की मौत की वजह बना है।  दरअसल, निक्की और उसकी बहन कंचन सोशल मीडिया पर रील और वीडियो अपलोड करती थी जो विपिन भाटी और उसके भाई रोहित भाटी को पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर निक्की के घर में झगड़ा हुआ था। जिसके बाद दोनों बहनें मायके चली गईं थीं। बाद में पंचायत बुलाकर फैसला लिया गया कि अब दोनों बहनें वीडिया नहीं बनाएंगी। हालांकि ससुराल वापस आने के बाद उन्होंने फिर से वीडियो बनाया था।   बताया गया कि निक्की ने अपना पार्लर भी दोबारा शुरू कर दिया था जिससे उसका पति विपित भाटी नाराज चल रहा था। इसके चलते वह उस पर दबाव डाल रहा था और अंत में उसने अपनी पत्नी को जिंदा जला दिया। निक्की के पिता का कहना है कि दोनों दामाद काम-धंधा नहीं करते थे। सिर्फ पैसों की डिमांड करना और दबाव बनाना उनकी आदत थी। यहां तक कि बेटियों के पार्लर से भी चोरी करने लगे थे।   

शराब पीकर वाहन चलाना पड़ा भारी, रायपुर पुलिस ने 1200 से अधिक चालकों को पकड़ा

रायपुर  नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर रायपुर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। यातायात पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर सिर्फ पिछले एक हफ्ते में 90 से अधिक वाहन चालकों पर कार्रवाई की है। वहीं जनवरी 2025 से अब तक 1200 से अधिक चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा चुकी है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पुलिस शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर बेरिकेटिंग कर ब्रीथ एनालाइज़र मशीन से जांच कर रही है। नशे की हालत में वाहन चलाते पाए जाने पर मौके पर ही वाहन ज़ब्त कर चालान बनाकर कोर्ट पेश किया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह में कार्रवाई के आंकड़े     मोटरसाइकल/स्कूटी : 20     कार : 56     टाटा एस/पिकअप : 08     ट्रक : 02     ट्रैक्टर : 02     ई-रिक्शा : 02 भारी जुर्माना और लाइसेंस निलंबन न्यायालय में पेश किए जाने पर इन चालकों पर 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है। इसके अलावा लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया भी की जाती है। त्योहारी सीजन में विशेष अभियान त्योहारों के दौरान अपराध और सड़क हादसों पर रोकथाम के लिए पुलिस रोज़ाना रात 11 बजे से तड़के 2 बजे तक विशेष चेकिंग अभियान चला रही है। पुलिस की अपील पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि नशे की हालत में वाहन न चलाएं। ऐसा करने पर चालक न सिर्फ खुद की बल्कि दूसरे लोगों की जान को भी खतरे में डालता है। पकड़े जाने पर वाहन ज़ब्त करने के साथ ही कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां भारी जुर्माने से दंडित होना तय है। 

CM साय करेंगे ‘बिहान’ की दीदियों से संवाद, 31 अगस्त से शुरू होगा नया रेडियो कार्यक्रम

रायपुर  छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सफलता की कहानियों को नए मंच पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार एक अनोखी पहल करने जा रही है। 'दीदी के गोठ' नाम से नया रेडियो कार्यक्रम 31 अगस्त 2025 से शुरू होगा। पहला प्रसारण दोपहर 12:15 बजे आकाशवाणी के सभी केंद्रों से किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री विजय शर्मा सीधे बिहान की दीदियों से संवाद करेंगे। 'दीदी के गोठ' में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से पाई हुई उपलब्धियों और प्रेरणादायी कहानियों को साझा करेंगी। इन कहानियों से न केवल अन्य समूहों को दिशा मिलेगी बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगी। बिहान के कार्यों का होगा प्रसार कार्यक्रम के जरिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के अंतर्गत चल रहे कार्यों, महिलाओं की उपलब्धियों और आजीविका संवर्धन से जुड़े नवाचारों की जानकारी पूरे प्रदेश में प्रसारित होगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं को नई ऊर्जा देगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह में और मजबूत बनाएगी। 

भारी बारिश और भूस्खलन से जम्मू में तबाही, अर्धकुवारी के पास यात्रा ट्रैक बंद

कटरा  जम्मू में लगातार तीसरे दिन बारिश से हालात बद्तर होते जा रहे हैं. डोडा में बादल फटने की घटना से भी भारी तबाही हुई. इस प्राकृतिक आपदा के कारण 10 से ज्यादा मकान तबाह हो गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों के बीच दहशत का माहौल है. इसी के चलते वैष्णो देवी यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है. जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात स्थगित बता दें कि डोडा जिले के थाथरी उप-मंडल में बादल फटने से भारी तबाही हुई. गनीमत ये है कि इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. वहीं, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात स्थगित कर दिया गया. जम्मू की लगभग सभी नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर या उसके करीब बह रहे हैं, जिससे शहर और अन्य स्थानों पर कई निचले इलाके और सड़कें जलमग्न हो गई हैं. रामबन जिले के चंदरकोट, केला मोड़ और बैटरी चश्मा में पहाड़ियों से पत्थर गिरने के बाद आज सुबह एहतियात के तौर पर 250 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया. बारहमासी राजमार्ग पर रोकी गई आवाजाही देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले एकमात्र बारहमासी राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही जम्मू के उधमपुर और कश्मीर के काजीगुंड में रोक दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि मोधोपुर बैराज का जलस्तर एक लाख क्यूसेक के स्तर को पार कर गया है और लगातार बढ़ रहा है, जिससे कठुआ जिले में रावी नदी के किनारे कई निचले इलाकों में भारी बाढ़ आ गई है. कठुआ में तराना नदी, उज्ह नदी, मग्गर खाद, सहार खाद, रावी नदी और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर एक साथ बढ़ रहा है और खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है. तवी नदी उधमपुर जिले में 20 फुट खतरे के निशान को पार कर गई है, जबकि जम्मू में यह फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बह रही है. चेनाब नदी भी जम्मू में चेतावनी स्तर के करीब बह रही है. 27 अगस्त तक के लिए अलर्ट मौसम पूर्वानुमान में 27 अगस्त तक जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी, उधमपुर, राजौरी, रामबन, डोडा और किश्तवाड़ जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की संभावना जताई गई है. हाईवे बहा, इमारतें-दुकानें ढहीं, फुट ब्रिज भी नदी में समाया… कुल्लू-मनाली में बारिश का रौद्र रूप हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बेहद गंभीर बना दिए हैं. व्यास नदी में आए उफान ने यहां के कई इलाकों को प्रभावित किया है. कुल्लू-मनाली एनएच3 का लगभग 3 किलोमीटर बड़ा हिस्सा बह गया है. नदी का रुख अब एनएच की तरफ मुड़ गया है, जिससे सड़क के साथ बने एक निजी होटल को भी खतरा पैदा हो गया है. मनाली के बाहंग क्षेत्र में एक और दो मंजिला इमारत पानी की भेंट चढ़ गई. लगातार हो रहे भूस्खलन से स्थिति और बिगड़ती जा रही है. इससे पहले सुबह यहां 2 रेस्टोरेंट और 2 दुकानें भी गिर चुकी थीं. अब व्यास नदी के जलस्तर बढ़ने से एक और दो मंजिला इमारत धराशायी हो गई. दवाड़ा के पास ब्यास नदी पर बना फुट ब्रिज भी नदी की तेज लहरों में समा गया. यह पुल लारजी पावर हाउस के नदी के दूसरे छोर पर बने भवन तक जाने का साधन था. जल स्तर बढ़ने के कारण पानी पुल तक पहुंच गया और कुछ ही देर में पूरा फुट ब्रिज धराशायी हो गया. ब्यास नदी का पानी अब हाईवे तक आ पहुंचा है. दवाड़ा के पास नेशनल हाईवे का एक बड़ा हिस्सा भी बह गया है. प्रशासन का कहना है कि नदी के जल स्तर में यह बढ़ोतरी लारजी पावर हाउस के लिए भी खतरा पैदा कर रही है. वर्ष 2023 में भी यहां कुछ ऐसे ही हालात बने थे, जब पावर हाउस को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इस बार भी खतरा बना हुआ है. पंडोह डैम से पानी छोड़ा गया ब्यास नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) ने पंडोह डैम के सभी पांच गेट खोल दिए हैं. डैम से करीब 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. पानी में सिल्ट की मात्रा अत्यधिक होने के कारण बग्गी टनल के लिए जाने वाली सप्लाई को रोकना पड़ा है, जिससे विद्युत उत्पादन भी बंद हो गया है. बीबीएमबी ने बताया कि ब्यास नदी में जो भी पानी आ रहा है, उसे सीधे नदी में ही छोड़ा जा रहा है. पानी के फ्लो को देखते हुए डैम की फ्लशिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है. प्रशासन ने जारी किया अलर्ट डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने लोगों से अपील की है कि वे ब्यास नदी और अन्य नदी-नालों के पास न जाएं. उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से 27 अगस्त सुबह तक पंडोह डैम की फ्लशिंग जारी रहेगी. इस दौरान लोगों को खास एहतियात बरतने की जरूरत है. लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन और नदी के उफान से कुल्लू-मनाली क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित है. प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन ब्यास नदी के तेज बहाव ने खतरा और बढ़ा दिया है.