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इंग्लैंड खिसका रैंकिंग में 8वें नंबर पर, वसीम जाफर का वॉन पर तंज वायरल

नई दिल्ली  दक्षिण अफ्रीका ने पहले वनडे में इंग्लैंड को करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ अफ्रीका ने 3 मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। दक्षिण अफ्रीका की टीम ने एकतरफा मुकाबला 175 गेंद शेष रहते अपने नाम किया। इस हार के बाद इंग्लैंड की टीम को काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच वसीम जाफर ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन की टांग खींचने का मौका नहीं गंवाया और इंग्लैंड की इस करारी हार पर जमकर मजे लिए। इंग्लैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 24.3 ओवर में सभी विकेट खोकर 131 रन ही बना सकी। इसके जवाब में अफ्रीका ने 20.5 ओवर में तीन विकेट पर 137 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। आईसीसी की ताजा वनडे टीम रैंकिंग में इंग्लैंड की टीम आठवें स्थान पर पहुंच गई है और इस मौके पर वसीम जाफर ने माइकल वॉन को चिढ़ाने का मौका नहीं छोड़ा। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर काफी मजाक होता रहता है और फैंस इसे काफी पसंद करते हैं। वसीम जाफर ने इंग्लैंड की खराब रैंकिंग पर माइकल वॉन को टैग करते हुए कहा, ''इंग्लैंड आठवे नंबर पर…यह निश्चित रूप से क्रिकेट भावना के विरुद्ध है। ICC को इस पर गौर करना चाहिए। 132 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका के लिए एडन मारक्रम ने आतिशी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 55 गेंदों में 13 चौके और दो छक्कों की मदद से 86 रनों की पारी खेली। उन्हें 19वें ओवर में आदिल राशिद ने आउट किया। इसके बाद 21वें ओवर में आदिल राशिद ने कप्तान तेम्बा बवूमा (छह) को आउटकर इंग्लैंड को दूसरी सफलता दिलाई और अगली ही गेंद पर ट्रिस्टन स्टब्स (शून्य) को आउटकर मैच में ऐसे समय रोमांच जगा दिया जब दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए महज एक रन की जरुरत थी। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये डेवाल्ड ब्रेविस टीम के लिए विजयी छक्का लगाया। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम को दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी का मुजाहिरा करते हुए महज 24.3 ओवर में 131 के स्कोर पर ढेर कर दिया। सलामी बल्लेबाज जेमी स्मिथ ने इंग्लैंड के सर्वाधिक (54) रनों की पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका की ओर से केशव महाराज 5.3 ओवर में 22 रन देकर चार विकेट झटके। वियान मुल्डर ने सात ओवर में 33 रन देकर तीन विकेट लिये। नांद्र बर्गर और लुंगी एन्गिडी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।  

जमीन सौदों पर लगी पाबंदी खत्म : रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग पर फिर से शुरू होगी रजिस्ट्री

रायपुर रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ सड़क को टू से फोरलेन करने की प्रकिया तेज हो गई है. नेशनल हाइवे ने सड़क का एलाइनमेंट जिला प्रशासन को सौंप दिया है. इसके बाद रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग के करीब 35 गांवों में जमीन खरीदी-बिक्री पर लगी दो महीने पुरानी रोक हटा दी गई है. अब सड़क चौड़ीकरण के तहत दोनों ओर 100 मीटर छोड़कर बाकी जमीन की खरीदी-बिक्री की जा सकेगी. एनएच की टीम ने तहसील कार्यालय से जमीन के दस्तावेजों का मिलान पूरा कर लिया है. दस्तावेजों के अध्ययन में पता चला कि इस रोड के किनारे ज्यादातर जमीन नेशनल हाइवे की है. इसलिए महज 10 प्रतिशत जमीन ही नेशनल हाइवे को अधिग्रहण करनी पड़ेगी. सड़क चौड़ीकरण के लिए डीपीआर तैयार करने का काम अंतिम चरण में है. डीपीआर फाइनल होते ही नेशनल हाइवे जल्द ही इसका टेंडर जारी करेगा. 186 किमी नई सड़क बनेगी रायपुर-बलौदाबाजार और सारंगढ़ तक करीब 186 किलोमीटर तक सड़क का चौड़ीकरण होना है. एनएच प्रथम चरण में रायपुर से धनेली 0 प्वाइंट से 53.1 किलोमीटर तक फोरलेन का काम होना है. दूसरे चरण में 53.1 किलोमीटर से 85.6 किलोमीटर तक तथा तीसरे चरण में 85.6 से 186 किलोमीटर तक फोरलेन सड़क चौड़ीकरण होना है. सड़क चौड़ीकरण से लोगों को मिलेगी राहत फोरलेन सड़क निर्माण होने से इस मार्ग में परिवहन सुविधा सुगम हो जाएगी. अभी टू लेन सड़क होने से बड़ी गाड़ियों की आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सड़क के चौड़ीकरण होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी. रोक हटाई गई रायपुर एडीएम कीर्तिमान राठौर ने जानकारी दी कि रायपुर-बलौदाबाजार चौड़ीकरण के लिए कुछ गांवों की जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक थी. नेशनल हाइवे ने एलाइन्मेंट दे दिया है. अब सड़क के दोनों तरफ 100 मीटर छोड़कर जमीन की खरीदी बिक्री हो सकेगी. इसके लिए आदेश जारी हो गया है.

शहबाज शरीफ पर हो रही खिल्ली, पुतिन के सामने 3 साल बाद फिर повтор हुआ हादसा

नई दिल्ली  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मियां शहबाज शरीफ इन दिनों चीन के दौरे पर हैं। वहां उनकी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती हुई है। पाक पीएम को तब शर्मिंदगी झेलनी पड़ी, जब वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन से इतर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक मीटिंग कर रहे थे। हुआ यूं कि इस बातचीत के दौरान शहबाज शरीफ बार-बार ईयर फोन लगाने की कोशिश करते दिखे, जबकि सामने बैठे रूसी राष्ट्रपति उन्हें इशारों में ईयर फोन लगाने के लिए बताते रहे। बड़ी बात ये है कि राष्ट्रपति पुतिन से सामने पाक पीएम की यह बेइज्जती दूसरी बार हुई है। तीन साल पहले जब उज्बेकिस्तान में दोनों नेता मिले थे, तब उस वक्त भी शहबाज शरीफ को इसी तरह के शर्मनाक वाकये का सामना करना पड़ा था। अब इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुतिन इशारों में समझाते रहे वायरल वीडियो में दिख रहा है कि शहबाज शरीफ का ईयरफोन हेडसेट कानों में लगाने की कोशिश करने के बावजूद फिसलकर बार-बार गिर जा रहा है। इस दौरान पुतिन कुछ सेकंड तक जद्दोजहद करते शहबाज़ शरीफ को देखकर मुस्कुराते नजर आए। वैश्विक मंच पर शर्मिंदगी से बचने की कोशिश में, रूसी नेता ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति को अपना ईयरफोन उठाकर दिखाया कि उसे कैसे लगाया जाता है। सोशल मीडिया पर उड़ रही खिल्ली सोशल मीडिया यूजर्स इस वाकए पर शहबाज शरीफ की खिल्ली उड़ा रहे हैं। एक एक्स यूज़र ने ईयरफ़ोन में आई गड़बड़ी का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "बीजिंग में शहबाज़ शरीफ़ का ईयरफोन फिसलने पर पुतिन फिर से हँस पड़े।" एक अन्य यूजर ने पूछा, "ये पुराना वीडियो है या फिर से हुआ?" एक अन्य ने पूछा, "पुतिन के सामने वो हमेशा इतना नर्वस क्यों हो जाते हैं?" एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, "पुतिन उसे ईयरफोन लगाना सिखा रहे हैं। हाहा।" अन्य ने लिखा, "बार-बार!" पहले भी इसी तरह का वाकया बहरहाल, यह पहली बार नहीं है जब शरीफ़ को ईयरफ़ोन लगाने में परेशानी हुई हो। उज़्बेकिस्तान में 2022 के शिखर सम्मेलन के दौरान भी उन्हें इसी पुतिन के सामने इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा था। जब उनकी बातचीत शुरू होने वाली थी, तभी उनके ईयरफ़ोन बार-बार फिसल रहे थे, और उनके अधिकारियों द्वारा उन्हें ठीक करने की कोशिश के बावजूद यह सिलसिला चलता रहा था। इस वाकये पर विदेशी टिप्पणीकारों के साथ-साथ पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने भी इसकी आलोचना की थी। कॉमेडियन जिमी फॉलन ने मज़ाक में कहा था, "आश्चर्यजनक बात यह है कि शहबाज़ शरीफ़ दुनिया की 22 करोड़ आबादी के प्रधानमंत्री हैं।"  

पंजाब में बाढ़ से हाहाकार, शिक्षा ठप, राहत-बचाव में जुटा प्रशासन

पंजाब  पंजाब में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात इतने बिगड़े कि राज्य सरकार को सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और पॉलिटेक्निक संस्थान 7 सितंबर तक बंद करने का आदेश जारी करना पड़ा। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने भी सक्रियता दिखाते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पंजाब भेजने का फैसला किया है। चौहान गुरुवार को प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे और किसानों की स्थिति का जायजा लेंगे। प्रदेश में अब तक 30 लोगों की मौत और चार लोगों के लापता होने की पुष्टि हो चुकी है। साढ़े तीन लाख से अधिक लोग इस आपदा की चपेट में हैं। भारी बारिश और नदियों के उफान ने राज्य के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया है। पंजाब सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए पूरे राज्य को प्राकृतिक आपदा ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।   मुख्यमंत्री-राज्यपाल का दौरा मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया बुधवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू कर दिया है। दोनों नेता राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं और पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद भी उन्होंने किया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राहत कार्यों में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात कर ताजा हालात की जानकारी ली है। इसके बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब के लोगों को इस आपदा में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। चौहान ने बताया कि उन्होंने पंजाब के राज्यपाल और कृषि मंत्री से फोन पर बातचीत कर विस्तृत रिपोर्ट ली है। वे बृहस्पतिवार को पंजाब आकर हालात देखेंगे। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से जो भी मदद ज़रूरी होगी, उसे तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा संस्थान 7 सितंबर तक बंद शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि पहले तीन सितंबर तक छुट्टियां घोषित की गई थीं, लेकिन हालात बिगड़ने पर इन्हें 7 सितंबर तक बढ़ाना पड़ा। उन्होंने सभी संस्थानों को आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा है। हालांकि, परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और कॉलेज स्तर पर दाखिला लेने वाले युवाओं में इसे लेकर चिंता है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अकादमिक कैलेंडर प्रभावित न हो, इसके लिए विकल्प तैयार किए जा रहे हैं। फसल और पशुधन को बड़ा नुकसान राज्य सरकार ने माना है कि बाढ़ से लगभग 3.75 लाख एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है, जिनमें से अधिकांश धान की खड़ी फसल थी। कटाई से पहले ही फसल का जलमग्न होना किसानों पर दोहरी मार साबित हो रहा है। साथ ही पशुधन के नुकसान से ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में यह आपदा लंबे समय तक आर्थिक असर छोड़ सकती है। सरकार ने केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।   आगे और बिगड़ सकते हैं हालात मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में राज्य सरकार को राहत और बचाव कार्यों को और तेज करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि नदियों का जलस्तर और बढ़ता है तो अधिक गाँवों के डूबने का खतरा है। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, वार फुटिंग पर सेवाएं मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती हैं। सभी विभागीय कर्मचारी सातों दिन और चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। किसी को भी अनुपस्थित रहने की छूट नहीं होगी। डीसी को आपदा कानून के तहत अधिकार जिला उपायुक्तों को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2025 की धारा 34 के तहत अधिकार दिया गया है कि वे तत्काल ज़रूरी आदेश जारी कर सकें। इसका मकसद यह है कि राहत और बचाव कार्यों में कोई देरी न हो और फैसले सीधे ज़मीनी स्तर पर लागू किए जा सकें। सभी विभागों पर कड़ी निगरानी आदेश में कहा गया है कि सभी विभागीय अधिकारी अपने-अपने आपातकालीन कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें। पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को तुरंत सेवाएं बहाल करने का निर्देश दिया गया है। वहीं टेलीकॉम कंपनियों को मोबाइल और लैंडलाइन नेटवर्क सुचारु बनाए रखने को कहा गया है। पंचायतों और शहरी निकायों की भूमिका पंचायत राज संस्थान और शहरी निकायों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने का दायित्व सौंपा गया है। सरकार ने साफ कहा है कि स्थानीय निकाय ही सबसे पहले प्रभावित लोगों तक पहुँचेंगे और उन्हें जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार से पूरा सहयोग मिलेगा।

युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार प्रदान करने वाले बनें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आरंभ होंगे रोजगारपरक पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों को मिलेगी बस सुविधा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार प्रदान करने वाले बनें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आईटी रिसोर्स सेंटर, एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और कन्या छात्रावास का किया भूमिपूजन पीएम-उषा परियोजना अंतर्गत होगा निर्माण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के बदलते दौर में सभी विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के बेहतर भविष्य की संभावनाओं के लिए दुनिया में मिसाल कायम कर रहे हैं। वे दिन गए जब भारत किसी बड़े देश के पीछे चलकर पहचान बनाता था। हमें गर्व है कि आज भारत किसी पर निर्भर नहीं है। भारत के बदलते समय का विश्वविद्यालय के छात्र पूरा उपयोग करें। हमारे युवा बेहतर तकनीक का उपयोग करते हुए देश को आगे ले जाने का सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए परिश्रम करें। राज्य सरकार विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ है। हमारे युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सरकार हर संभव सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में सभी नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम आरंभ करने और विद्यार्थियों को आवागमन के लिए नि:शुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में 55 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले आईटी रिसोर्स सेंटर, स्टूडियो, कन्वेंशन हॉल और इंक्यूबेशन सेंटर तथा एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट व कन्या छात्रावास का भूमिपूजन कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम उषा परियोजना के भूमिपूजन और दीक्षारंभ कार्यक्रम में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष एवं सरस्वती माता को नमन करते हुए अपना संबोधन आरंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के सभी क्षेत्रों को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। भोपाल में मेट्रो की शुरुआत होने वाली है। इसके साथ भोपाल के पास मेट्रो और अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण के लिए बीईएमएल की इकाई का भूमि-पूजन हो चुका है। भारतीय रेल के हाईस्पीड कोच भी इस कारखाने में बनाए जाएंगे। भोपाल को पर्यटन के क्षेत्र में भी एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। अब बड़ी झील में कश्मीर की तर्ज पर शिकारे चलाए जाएंगे। भोपाल से इंदौर, जबलपुर और रीवा के लिए नए ग्रीन फील्ड हाइवे तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएम मित्रा का निर्माण हो रहा है। हमारे किसानों द्वारा उत्पादित कपास की मांग दुनिया में है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। प्रदेश में रेडीमेड गारमेंट के नए उद्योग शुरू हों, इसके लिए दिल्ली में निवेशकों और उद्योग घरानों को आज चर्चा के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। भविष्य में मध्यप्रदेश के युवा फैशन डिजाइनिंग और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री में अग्रणी बनें, इसके लिए राज्य सरकार निश्चित कार्ययोजना बना रही है। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में बदलाव का बीड़ा उठाया है। पूर्व में उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने जिस विजन से कार्य किया, उसके सुखद परिणाम अब सामने आने लगे हैं। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित हैं। प्रदेश में गरीब और पिछड़े छात्रों के लिए सर्व सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज बनाए जा रहे हैं। भविष्य में शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयां प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो बड़े निर्णय किए हैं। इसके अंतर्गत अब डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना और प्रदेश के चिन्हित विश्वविद्यालयों में देश की विभिन्न भाषाओं को क्रेडिट के माध्यम से पाठ्यक्रम में शामिल कर पढ़ाया जाना शामिल है। प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में होने जा रही यह अभिनव पहल पूरे देश को संदेश देने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दोनों नवाचारों के लिए हमें निरंतर प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया। हृदय प्रदेश, मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में नवाचार करते हुए देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने भोपाल में संचालित विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। कुलगुरु प्रो. एसके जैन ने बताया कि बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इस अवसर पर वर्ष 2025-26 के नए विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह भी हो रहा है। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, कुलगुरु प्रो. एस.के जैन सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं। उल्लेखनीय है कि पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) का उद्देश्य उच्च शिक्षा की उत्कृष्टता में सुधार लाना है। इस योजना में राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें प्रदेश के 38 विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के लिए 565 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत 55 करोड़ रूपए की लागत के कार्य होंगे।  

वंचित और गरीबों के लिए मददगार बनें, राज्यपाल पटेल ने दी प्रेरक सलाह

अपने अनुभव और प्रयासों से वंचित और गरीबों की मदद करें : राज्यपाल पटेल राज्यपाल से केन्द्रीय सचिवालयीन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की भेंट भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्यरत अधिकारी अपने अनुभव को जनकल्याण के कार्यों में लगाए। हमेशा प्रयास करें कि आमजन की समस्याएं दूर हो। उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिले। ग़रीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद ही सच्ची जनसेवा है। यह पुण्य का काम है। राज्यपाल पटेल सचिवालय प्रशिक्षण तथा प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित 89वें ई-मिड-कैरियर प्रशिक्षण के तहत केंद्रीय सचिवालयीन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी, वरिष्ठ अवर सचिवों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के वेंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र से ही विकसित भारत का निर्माण होगा। हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार की अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं हर वर्ग तक पहुँच रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा जैसे विशेष कार्यक्रमों से जनजाति कल्याण की दिशा में अभूतपूर्व कार्यों हो रहे हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनकल्याणकारी राज्य के लिए सचिवालयीन अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका विशिष्ट होती है। सरकारी नौकरी व्यवसाय मात्र नहीं है, वंचितों के जीवन में खुशहाली लाकर समाज और देश का सुखद भविष्य बनाने की प्रतिबद्ध सेवा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि आप जब भी दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में जाए तो ग़रीब, वंचित और ज़रूरतमंदों की समस्याओं को देखे, समझे और आत्मीयता से सुने। सरकारी धन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें और इसके ख़र्च में मितव्ययिता का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारी समय-समय पर विकास कार्यों की प्रभावी मॉनीटरिंग भी सुनिश्चित करें। राज्यपाल पटेल का संयुक्त निदेशक और कोर्स डॉयरेक्टर दीपक कुमार बिष्ट ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। बिष्ट ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों की ओर से सुनील कुमार ने प्रशिक्षण अनुभवों को साझा किया। विनोद बिहारी सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।  

इंदौर के MY अस्पताल में चूहों का कहर, दूसरे नवजात की भी हुई मृत्यु

इंदौर  इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल के NICU में चूहों के काटने से दोनों बच्‍चो की मौत हो गई है. ये दोनों बच्‍चे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे. अब इस पूरे मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. MY हॉस्पिटल में हुई नवजात बच्ची की मौत के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल को नोटिस भेजा है. नोटिस भेज कर MY हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट और महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन से इस पूरे मामले को लेकर जवाब मांगा है. राज्य मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल प्रबंधन से साफ पूछा कि आखिर नवजात बच्चे की मौत कैसे हुई? बच्चों को चूहों ने कैसे कुतरा? इस गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार कौन-कौन है? चूहे पीडियाट्रिक सर्जिकल वार्ड (NICU) तक कैसे पहुंच गए? 3 दिन के नवजात बच्चे की मौत रैट बाइट का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. 3 दिन के नवजात बच्ची की मौत पर मानवाधिकार भी सख्त है. अब अस्पताल प्रबंधन को इस पूरे मामले को लेकर 1 महीने में अपना जवाब देना होगा. सुरक्षा पर उठे सवाल अस्पताल सूत्रों की मानें तो NICU में लंबे समय से चूहे घूम रहे थे, लेकिन किसी ने रोकथाम नहीं की. रविवार को एक नवजात के हाथ पर चोट आई और सोमवार को दूसरी घटना हुई. दोनों मामलों के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने फौरन पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा के लिए कदम उठाए. मेडिकल कॉलेज के डीन ने मामले में ड्यूटी पर तैनात नर्स को निलंबित कर दिया. इसके साथ ही HOD और एमवाय अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. नर्सिंग अधीक्षक को भी हटाया गया है और पांच डॉक्टरों की टीम मामले की जांच करेगी. अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि मरीजों के परिजन वार्ड में खाने-पीने का सामान ले आते हैं, जिससे चूहों की संख्या बढ़ रही है. उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले लगभग पांच सालों में अस्पताल में कोई बड़ा पेस्ट कंट्रोल नहीं हुआ था. इस मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डीन को नोटिस दिया है। मामला सामने ने पर दो नर्सिंग अधिकारियों ने डीन ने निलंबित कर दिया था। इससे नर्सिंग स्टाॅफ में नाराजगी है। उनका कहना है कि अस्पताल में ठीक से सफाई न होने से चूहे अस्पताल में घूमते है। चूहों की संख्या पर नियंत्रण करने के लिए पेस्ट कंट्रोल कंपनी का स्टाॅफ भी तैनात रहता है। यदि वह ठीक से काम करें तो चूहे अस्पताल में नजर नहीं आएंगे। परिसर में बना रखे है चूहों ने बिल एमवाय अस्पताल के परिसर में चूहों के सैकड़ों बिल है। कई चूहे तो आधा एक किलो के है। वे अस्पताल के वार्डों में नहीं बल्कि आईसीयू, एनआईसीयू में भी नजर आते है। कई बार वायर भी काट देते है। उधर एमवाय अस्पताल में नवजातों को चूहों के कुतरने के मामले में मानव अधिकार आयोग ने अस्पताल अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए है। उन्हें जल्दी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। उधर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना पर कहा है कि अस्पताल में चूहों के मानव अंगों को कुतरने का मामला नया नहीं है। कई बार घटनाएं छुपाई जाती है। भाजपा के 22 साल का असली चेहरा इस तरह की घटनाएं है। प्लेग के समय चलाया था अभियान 30 साल पहले सूरत में प्लेग फैलने के मामला सामने आया था तो इंदौर के एमवाय अस्पताल को भी चूहों से मुक्त करने का अभियान चलाया गया था। पेस्ट कंट्रोल कंपनियों ने हजारों की संख्या में चूहों का सफाया किया था, लेकिन अब फिर चूहों की बढ़ती संख्या परेशानी की वजह बन गई है।

शाही खानदानों का झगड़ा सुलझा, कात्यायनी को तलाक में मिलेंगे 2.25 करोड़ रुपए

ग्वालियर  2019 में शुरु हुआ सिंधिया राजघराने की कात्यायनी आंग्रे और इंदौर राजघराने के अर्जुन काक का विवाद अब खत्म हो गया है। 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। अर्जुन, कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपये देंगे और आंग्रे परिवार से मिले सारे गिफ्ट वापस करेंगे। यह झगड़ा 7 साल पहले शुरू हुआ था, जब अर्जुन ने कात्यायनी और उनके परिवार पर फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद कात्यायनी ने दहेज के लिए परेशान करने का मामला दर्ज कराया था। कौन हैं कात्यायनी और अर्जुन कात्यायनी आंग्रे, ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के सरदार आंग्रे की पोती हैं। अर्जुन काक का संबंध इंदौर राजघराने से है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अर्जुन काक को 30 नवंबर 2025 तक कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया गया है। अर्जुन ने 25 अगस्त को 1 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट दे दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अर्जुन, आंग्रे परिवार से मिले सभी गिफ्ट वापस करेंगे। लेकिन अर्जुन की ओर से दिए गए गिफ्ट कात्यायनी के पास ही रहेंगे। इसके बाद दोनों का कोई संबंध नहीं रहेगा। 2018 में हुई थी शादी कात्यायनी और अर्जुन की शादी 2018 में हुई थी। अर्जुन के पिता अनिल काक रिटायर्ड कर्नल हैं। उनकी मां मंगेश काक का संबंध इंदौर राजघराने से है। इसलिए यह शादी बहुत खास मानी जा रही थी। शादी 18 अप्रैल 2018 को ऋषिकेश, उत्तराखंड में हुई थी। 2019 में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायत अर्जुन काक ने 2019 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कात्यायनी और उनके परिवार पर फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगाया था। अर्जुन ने हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की थी। उन्होंने ग्वालियर नगर निगम द्वारा जारी शादी के सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने माना कि सर्टिफिकेट गलत तरीके से जारी किया गया था। इसलिए कोर्ट ने सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया। 2021 में कात्यायनी ने दर्ज कराया केस 2021 में कात्यायनी ने दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि अर्जुन और उसके परिवार वाले रॉल्स रॉयस कार और मुंबई में फ्लैट मांग रहे थे। हाई कोर्ट ने कहा कि कात्यायनी शादी के कुछ महीने बाद ही तलाक मांग रही हैं। 2021 में दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा रही हैं। ऐसा लगता है कि अर्जुन द्वारा दर्ज कराई गई FIR का जवाब देने के लिए दहेज का मामला दर्ज कराया गया है। 2023 में भी की गई थी मामला सुलझाने की कोशिश अगस्त 2023 में भी इस मामले को सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं रही। कोर्ट ने कहा था कि कात्यायनी और अर्जुन के बीच विवाद को सुलझाने के रास्ते खत्म हो गए हैं। हाई कोर्ट ने मध्यस्थता का मौका खत्म करते हुए मामले को सक्षम बेंच में भेजने का आदेश दिया था। मध्यस्थता के दौरान अर्जुन हर महीने 1.5 लाख रुपये देने को तैयार थे। लेकिन कात्यायनी ने 36 करोड़ रुपये और संपत्ति में हिस्सा मांगा था। इसलिए सुलह नहीं हो पाई।  

भगोड़े AAP विधायक के गंभीर आरोप, कहा- दिल्ली टीम है ‘अब्दाली’

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस से फरार घूम रहे AAP के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने अपनी ही सरकार पर आरोप लगाया है कि उनका एनकाउंटर भी हो सकता है। उन्होंने बुधवार को एक वीडियो जारी कर रहा है कि पंजाब सरकार ने मेरे पीछे 500 पुलिस वाले लगा रखे हैं। उन्हें पूर्व पत्नी से रेप के मामले में पुलिस खोज रही है। उनकी तलाश में पुलिस करनाल भी पहुंची थी, जहां वह अपने एक रिश्तेदार के यहां ठहरे थे। पुलिस पहुंची तो वह दीवार फांदकर भाग निकले। पुलिस ने उनका पीछा भी किया, लेकिन वह स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर निकल गए। उन्हें पुलिस पकड़ नहीं सकी। अब उन्होंने एक वीडियो जारी किया है और कहा कि उन्हें एनकाउंटर का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस मुझे एक गैंगस्टर घोषित करना चाहती है और एनकाउंटर दिखाकर मेरी हत्या की जा सकती है। विधायक ने कहा कि पुलिस के साथ मेरी कोई झड़प नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जब मेरी गाड़ी पर फायरिंग की तो मैं दूसरे दरवाजे से निकल रहा था। पुलिस के साथ मेरी कोई भिड़ंत या झड़प जैसी स्थिति नहीं बनी। यही नहीं विधायक ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि मैं बाल-बाल बच गया। इससे पहले भी एक वीडियो विधायक ने जारी किया था। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली लॉबी मुझे परेशान कर रही है। उन्होंने कहा था कि मेरी पंजाब के अपने साथी विधायकों और मंत्रियों से अपील है कि खड़े हों और अपनी बात रखें। पठानमाजरा ने कहा कि बाहरी शक्तियां पंजाब पर कब्जा जमाना चाहती हैं। पठानमाजरा ने कहा कि वह पुलिस का सम्मान करते हैं, लेकिन वे फिलहाल दिल्ली के आदेश पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है, लेकिन पूर्व पत्नी से जुड़े एक पुराने केस में मुझे फंसाया जा रहा है। हरमीत सिंह पठानमाजरा ने कहा कि मैंने कभी पुलिस से विवाद नहीं किया। उनकी तरफ से जब मुझे पर फायर हुआ तो मैं भागा। आज भगवान की कृपा से मैं जिंदा बैठा हूं। यही नहीं विधायक ने AAP की दिल्ली टीम की तुलना अहमद शाह अब्दाली से की। पठानमाजरा ने कहा कि जब अब्दाली पंजाब को झुका नहीं पाया तो फिर दिल्ली लॉबी के नेताओं की इतनी हिम्मत कहां है। विधायक ने कहा कि मेरी पंजाब के नेताओं से अपील है कि एकजुट हों और इस अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि मुझे तो पंजाब पुलिस गैंगस्टर ही घोषित करना चाहती है। मेरे पीछे 8 से 10 एसपी भेजे गए। 5 डीएसपी और एक दर्जन एसएचओ आए। कुल 500 पुलिसकर्मियों को मेरे पीछे भेजा गया था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दीं डोल ग्यारस पर्व की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को मोक्षदायिनी जलझूलनी एकादशी (डोल ग्यारस) पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीहरि विष्णु से प्रदेश के कल्याण एवं लोकमंगल के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीहरि सभी पर अनवरत सुख-समृद्धि की वर्षा करते रहें और जीवन में आरोग्यता प्रदान करें, यही मंगलकामना है।