samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आध्यात्मिक गुरु श्री जग्गी वासुदेव को दीं शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ईशा फाउंडेशन के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु श्री सद्गुरु जग्गी वासुदेव को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवाधिदेव महादेव से जग्गी वासुदेव के उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'पद्म विभूषण' से सम्मानित श्री जग्गी वासुदेव का दिव्य मार्गदर्शन समाज को आध्यात्मिक जागृति, सेवा और समरसता की प्रेरणा देता है।  

संजय झा का बयान: निशांत कुमार राजनीति से दूर रहेंगे

पटना  बिहार चुनाव की घोषणा से पहले जेडीयू खेमे से बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में एंट्री लेने को लेकर संजय झा ने बड़ा बयान दिया है. बिहार की सियासत में लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे निशांत कुमार फिलहाल राजनीति में प्रवेश नहीं करेंगे. संजय झा ने डिजिटल न्यूज़ चैनल ‘बिहार तक’ के साथ बातचीत में कहा कि जब तक नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति में हैं तब तक निशांत पॉलिटिक्स में नहीं आएंगे. पिछले कुछ महीनों से बिहार की राजनीति में यह चर्चा जोरों पर थी कि नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत को सक्रिय राजनीति में ला सकते हैं. खासकर मार्च 2025 में होली समारोह के दौरान निशांत की जेडीयू नेताओं के साथ मुलाकात और फोटो सेशन ने इन कयासों को हवा दी थी. पटना में जेडीयू कार्यालय के बाहर निशांत के स्वागत में लगे पोस्टरों ने भी इन अटकलों को बल दिया. हालांकि, संजय झा ने स्पष्ट किया कि निशांत की फिलहाल राजनीति में आने की कोई योजना नहीं है. संजय झा ने कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अभी राजनीति में नहीं आएंगे. यह स्पष्ट है और इस पर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए.” उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार ने हमेशा परिवारवाद की राजनीति का विरोध किया है और उनकी प्राथमिकता बिहार के विकास और जनता की भलाई है. झा ने उन नेताओं को भी नसीहत दी है जो निशांत को लेकर अटकलें लगा रहे हैं, कि वे ऐसी चर्चाओं से बचें.  

नवा रायपुर में संयुक्त पावर कंपनी भवन की आधारशिला, CM साय ने दिया ‘जीरो पावर कट से मुफ्त बिजली’ का संकल्प

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। रजत जयंती वर्ष और गणेश चतुर्थी जैसे पावन अवसर पर सम्पन्न इस समारोह में उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और भवन का थ्री-डी मॉडल अनावृत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊंचाई देगा, तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौलश्री पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय यात्रा यह प्रमाण है कि जब संकल्प और संवेदनशीलता साथ चलें तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। वर्ष 2000 में प्रदेश केवल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन करता था, आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 1320 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह प्रगति हर नागरिक के विश्वास, मेहनत और भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न उनकी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा ने यह अनुभव कराया कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक स्तर की अधोसंरचना और कार्यसंस्कृति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त मुख्यालय भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यह ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बने। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत पावर सेक्टर में हाल ही में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की ज़रूरतें भी पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ को मुफ्त बिजली की ओर तेजी से अग्रसर कर दिया है और अब दूरस्थ अंचलों तक इस योजना का लाभ पहुँच रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण में उनके योगदान के लिए नमन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि संयुक्त मुख्यालय भवन 10,017 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नौ मंजिला स्वरूप में निर्मित होगा। इसमें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, कर्मचारियों के लिए जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह भवन बीईई की पांच सितारा और गृहा की फाइव स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप निर्मित होगा तथा भवन प्रबंधन प्रणाली से इसका संपूर्ण संचालन होगा। नवा रायपुर में बन रहा यह अत्याधुनिक भवन मंत्रालय, संचालनालय और पुलिस मुख्यालय के समीप होने से अंतर्विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ करेगा तथा प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

पाक कप्तान फातिमा सना का खुलासा – धोनी मेरी प्रेरणा, कप्तानी में अपनाऊंगी उनका अंदाज़

कराची  पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम की कप्तान फातिमा सना महेंद्र सिंह धोनी की तरह 'कैप्टन कूल' बनना चाहती हैं। उन्होंने इस महीने के आखिर से शुरू होने जा रहे वनडे वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया और भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने का तगड़ा दावेदार बताया है। मात्र तेईस वर्ष की उम्र में आगामी आईसीसी वनडे विश्व कप में पाकिस्तान की कप्तानी करने जा रही फातिमा सना भारत के विश्व कप विजेता कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरणा लेती हैं। वह उन्हीं की तरह ‘कैप्टन कूल’ बनने की ख्वाहिश भी रखती हैं। अप्रैल में हुए क्वालीफायर्स में अपराजेय रहने वाली पाकिस्तानी टीम भारत और श्रीलंका में 30 सितंबर से दो नवंबर तक होने वाले वनडे विश्व कप में अपने अभियान का आगाज दो अक्टूबर को कोलंबो में बांग्लादेश के खिलाफ करेगी। फातिमा ने लाहौर से भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा, ‘‘विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में कप्तानी करने पर शुरू में थोड़ा नर्वस होना लाजमी है लेकिन मैं बतौर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरणा लेती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैने उनके भारत के कप्तान के तौर पर और आईपीएल के भी मैच देखे हैं। वह जिस तरह मैदान पर फैसले लेते हैं, शांत रहते हैं और अपने खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं, उससे काफी कुछ सीखने को मिलता है। जब मुझे कप्तानी मिली थी तभी मैने सोचा था कि धोनी की तरह बनना है। उनके इंटरव्यू भी देखे तो काफी कुछ सीखने को मिला।’’ महिला वनडे विश्व कप में पाकिस्तान की टीम पांच बार (1997, 2009, 2013, 2017 और 2022 में) खेल चुकी है लेकिन 1997, 2013 और 2017 में एक भी मैच नहीं जीत सकी। पिछली बार 2022 में एकमात्र जीत हैमिल्टन में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली लेकिन बाकी सारे मैच हारकर टीम आखिरी स्थान पर रही थी। पाकिस्तान के लिये 34 वनडे में 397 रन बनाने और 45 विकेट लेने वाली हरफनमौला फातिमा को यकीन है कि इस बार यह मिथक टूटेगा क्योंकि युवा खिलाड़ियों को पता है कि उनके प्रदर्शन से देश में महिला क्रिकेट का मुस्तकबिल तय होगा। उन्होंने कहा, ‘‘इस बार यकीनन यह मिथक टूटेगा क्योंकि युवा खिलाड़ियों को पता है कि पाकिस्तान महिला क्रिकेट के लिये यह टूर्नामेंट कितना अहम है। हम अतीत के बारे में नहीं सोचेंगे। मेरा लक्ष्य टीम को सेमीफाइनल तक ले जाना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान में लड़कियां अब स्कूलों में क्रिकेट खेलने लगी है और अंतरराष्ट्रीय मैच लाइव दिखाये जा रहे हैं। आईसीसी ने भी महिला विश्व कप के लिये पुरस्कार राशि बढ़ाकर बहुत अच्छी पहल की है जिससे पाकिस्तान जैसे देश में महिला क्रिकेट को फायदा मिलेगा। लेकिन अभी भी एक बैरियर है जो हमें इस टूर्नामेंट के जरिये तोड़ना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान में महिला क्रिकेट को उस तरह कैरियर विकल्प के रूप में नहीं देखा जाता और उतना समर्थन नहीं है लेकिन अगर हम अच्छा खेलते हैं तो काफी फर्क पड़ेगा। हमारी कोशिश पाकिस्तान में माता-पिता को प्रेरित करने की होगी कि वे अपनी लड़कियों को खेलों में करियर बनाने के लिये हौसलाअफजाई करें।’’ गेंदबाजों खासकर स्पिनरों को वह टीम की कामयाबी की कुंजी मानती हैं लेकिन उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी पर भी पिछले एक साल में काफी काम किया गया है।  उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास आला दर्जे के गेंदबाज हैं और स्पिनर हमारे ट्रंपकार्ड होंगे। हम बल्लेबाजी से ज्यादा गेंदबाजी पर निर्भर करेंगे लेकिन पिछले एक साल में बल्लेबाजी पर काफी काम किया है जिसका नतीजा मिलेगा।’’ उन्होंने कहा कि टीम का फोकस क्वालीफायर वाली लय को कायम रखने पर होगा और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टूर्नामेंट से पहले होने वाली तीन मैचों की श्रृंखला से टीम संयोजन तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘टीम अच्छी लय में है और क्वालीफायर में उम्दा प्रदर्शन के बाद सभी का मनोबल बढ़ा हुआ है। कमोबेश वही खिलाड़ी टीम में हैं जो क्वालीफायर खेली थीं। छह खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप है और वे काफी उत्साहित हैं।’’ लाहौर में शिविर में अभ्यास कर रही पाकिस्तानी टीम ने अप्रैल में क्वालीफायर्स के बाद घरेलू मैच ही खेले हैं लेकिन कप्तान तैयारियों से संतुष्ट है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने घरेलू क्रिकेट में आपस में मैच खेले थे। टूर्नामेंट से पहले दक्षिण अफ्रीका से श्रृंखला खेलनी है जिसमें टीम संयोजन तैयार करने की कोशिश करेंगे। हम चाहेंगे कि विश्व कप के दबाव को नहीं लेकर खिलाड़ी स्वाभाविक खेल दिखायें।’’ ऑस्ट्रेलिया को खिताब की प्रबल दावेदार बताते हुए फातिमा ने कहा कि सेमीफाइनल की चार टीमों को लेकर कयास नहीं लगाया जा सकता लेकिन भारत का प्रदर्शन भी लगातार अच्छा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी पसंदीदा टीम ऑस्ट्रेलिया है। शीर्ष चार के बारे में कहना मुश्किल है लेकिन भारत का प्रदर्शन पिछले कुछ अर्से में बहुत अच्छा रहा है। उनके पास जेमिमा , स्मृति और हरमनप्रीत जैसे काफी अनुभवी खिलाड़ी है लेकिन हम किसी एक खिलाड़ी पर फोकस नहीं करेंगे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि मेजबान होने के नाते भारत पर दबाव होगा लेकिन घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा भी मिलेगा। फातिमा ने कहा, ‘‘भारत ने कभी विश्व कप नहीं जीता है और मेजबान होने के नाते जीत का दबाव तो होगा ही लेकिन इसके साथ घरेलू दर्शकों के होने से मनोबल भी बढ़ता है। अब यह टीम पर निर्भर करता है कि वह इसे कैसे लेते हैं।’’ बचपन से ऑस्ट्रेलियाई धुरंधर एलिसे पैरी की मुरीद यह हरफनमौला उनके और विराट कोहली के कारण आईपीएल चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के मैच भी देखती आई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू मेरी पसंदीदा टीम है विराट और एलिसे पैरी की वजह से।  

लिंगेश्वरी मंदिर में लगा भक्तों का मेला, माता के जयकारों से गूंजा वातावरण

कोंडागांव छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित माता लिंगेश्वरी मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. देशभर से श्रद्धालु यहां केवल संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचे. यह मंदिर खास इसलिए है क्योंकि इसके पट साल में सिर्फ एक दिन के लिए ही खुलते हैं. यही कारण है कि इसे एक दिन का मंदिर भी कहा जाता है. बता दें, आज सूर्योदय से पहले मंदिर के द्वार खोले गए और सूर्यास्त से पहले ही बंद कर दिए गए. अगले एक वर्ष बाद ही श्रद्धालुओं को यहां दर्शन का अवसर मिलेगा. मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दराज से आए भक्त एक दिन पूर्व से ही लाइन में लग गए थे. कई किलोमीटर लंबी कतारों में श्रद्धालु अपने साथ भोजन और आवश्यक सामग्री लेकर पहुंचे. संतान की प्राप्ति की अद्भुत मान्यता मान्यता है कि माता लिंगेश्वरी के दरबार में माथा टेकने और यहां प्रसाद स्वरूप दिए जाने वाले खीरे का सेवन करने से संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है. परंपरा के अनुसार दंपत्ति को खीरा प्रसाद के रूप में दिया जाता है. पति और पत्नी इसे नाखून से दो बराबर हिस्सों में बांटकर ग्रहण करते हैं. सुरक्षा के कड़े इंतजाम श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई. कभी यह इलाका नक्सल प्रभावित रहा है, जिसके चलते पहले लोग यहां आने से कतराते थे. लेकिन अब माहौल बदल चुका है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं.

जिला प्रशासन, उर्वरक उपलब्धता और वितरण के संबंध में किसान संगठनों से निरंतर सम्पर्क और संवाद बनाए रखें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिलों में उर्वरक वितरण में अव्यवस्था के लिए कलेक्टर होगें उत्तरदायी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिला प्रशासन, उर्वरक उपलब्धता और वितरण के संबंध में किसान संगठनों से निरंतर सम्पर्क और संवाद बनाए रखें उर्वरक वितरण व्यवस्था की हो सघन मॉनीटरिंग और अनुचित गतिविधियों पर करें कठोर कार्यवाही अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत के लिए हो तत्काल कार्यवाही जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलब्ध कराई जाए राज्य शासन हर स्थिति में किसानों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की अतिवृष्टि तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिलों में उर्वरक वितरण के संबंध में जिला प्रशासन आवश्यक व्यवस्था बनाए। उपलब्ध उर्वरक की उचित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से निरंतर संवाद और संपर्क में रहे। उर्वरक वितरण की व्यवस्था में किसान संगठन के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए। जिलों में यदि उर्वरक वितरण को लेकर अव्यवस्था होती है तो उसके लिए जिला कलेक्टर उत्तरदायी होंगे। राज्य सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण की स्थिति की बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित अधिकारी उपस्थित थे। सभी जिले के कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारी वर्चुअली जुड़े। किसानों को जिले में उपलब्ध उर्वरक की वास्तविक स्थिति से निरंतर करावाये अवगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में उर्वरक उपलब्धता की सघन समीक्षा की जाए। साथ ही जिले में उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक की जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी साझा करें, इससे किसानों को जिले में उर्वरक उपलब्धता की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन डबल लॉक, पैक्स और निजी विक्रय केंद्रों का आकस्मिक सत्यापन और उनकी मॉनिटरिंग अनिवार्य रूप से करें। अतिरिक्त विक्रय केन्द्र की आवश्यकता होने पर उनका संचालन तत्काल आरंभ किया जाए। कृषि, सहकारी बैंक, विपणन संघ के अधिकारी निरंतर सम्पर्क में रहें। उर्वरक से संबंधित अवैध गतिविधियों के लिए हुईं 53 एफ.आई.आर और 88 लायसेंस किए निरस्त बैठक में खरीफ 2025 के लिए यूरिया, डी.ए.पी, एन.पी.के, एस.एस.पी, एम.ओ.पी तथा डी.ए.पी + एन.पी.के की उपलब्धता, ट्रांजिट की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही नेनो एवं जैविक उर्वरक वितरण कार्यक्रम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बताया गया कि उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अवैध परिवहन और नकली उर्वरक आदि से संबंधित प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए 53 एफ.आई.आर दर्ज की गई और 88 लायसेंस निरस्ती, 102 लायसेंस निलंबन सहित 406 विक्रय प्रतिबंधित की कार्यवाही की गई। उर्वरक की बेहतर वितरण व्यवस्था में हुए नवाचारों का करें अनुसरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उर्वरक वितरण व्यवस्था के संबंध में धार, दमोह, जबलपुर और रीवा जिले के कलेक्टरों से चर्चा की। दमोह कलेक्टर ने बताया कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से सतत् सम्पर्क और संवाद सुनिश्चित करते हुए वितरण व्यवस्था में उनका सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही टोकन वितरण और उर्वरक वितरण को अलग-अलग किया गया है। टोकन तहसील कार्यालय से बांटे जा रहे हैं और वितरण विक्रय केन्द्रों से किया जा रहा है। जबलपुर कलेक्टर ने बताया कि किसानों के लिए टोकन वितरण की व्यवस्था फोन कॉल द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरक वितरण केन्द्रों पर डिस्पले बोर्ड लगाए गए हैं। बोर्ड न पर टोकन नंबर प्रदर्शित कर उर्वरक वितरण किया जा रहा है। डिस्पले बोर्ड पर जिले में उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा भी प्रदर्शित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य जिलों को भी इस प्रकार के नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति में सजग और सक्रिय रहे पुलिस प्रशासन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत के लिए तत्काल कार्रवाई आरंभ की जाए। साथ ही जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलबध कराई जाए। बाढ़ के दौरान अस्थाई कैम्प व्यवस्था, राशन वितरण, भोजन वितरण आदि की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री सभी संभावित स्थानों पर उपलब्ध हो। आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। सभी जिलों में पुलिस प्रशासन सक्रिय और सजग रहते हुए पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थि‍ति में पुल क्रास न करने की चेतावनी की व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें। प्रदेश में दर्ज की गई औसत से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 जून से 2 सितम्बर तक 971.5 एमएम अर्थात् 38.24 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मण्डला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक वर्षा गुना, मण्डला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में दर्ज हुई। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थित की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। प्रभावित 17,500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत बैठक में बताया गया कि बाढ़ और अतिवृष्टि में कुल 394 जनहानि हुई और 5 हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए। बाढ़ से 1814 पशुहानि भी दर्ज की गई। शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला और कटनी जिलों का कुल 12 हजार हेक्टेयर रकबा अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित हुआ है। प्रभावित 17 हजार 500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत की गई है। 

राजनीति और विचारों पर हुई चर्चा, वसुंधरा राजे ने मोहन भागवत से की बैठक

जोधपुर  पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने जोधपुर में RSS सरसंघचालक मोहन भागवत से मुलाकात की है. जोधपुर में दोनों के बीच यह मुलाकात करीब 25 मिनट तक चली. हालांकि दोनों के बीच की बातचीत का ब्यौरा अभी तक बाहर नहीं आ पाया है लेकिन इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. बीजेपी सूत्रों की मानें तो सूबे में फिलहाल भाजपा संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है. माना जा रहा है कि दोनों के बीच इस पर चर्चा हुई है. राजे और भागवत की इस मुलाकात के राजनीति के जानकार कई मायने निकाल रहे हैं. जोधपुर फिलहाल आरएसएस के चिंतन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक में शामिल होने के लिए जोधपुर आए हैं. यह बैठक 5 से 7 सितंबर तक आयोजित होगी. बैठक की तैयारियों को लेकर बड़े स्तर पर स्वयंसेवक जुटे हुए हैं. भागवत का यहां 10 सितंबर तक रहने का कार्यक्रम बताया जा रहा है. भागवत दो दिन पहले सोमवार को जोधपुर आए थे. संघ के बड़े पदाधिकारियों का जोधपुर में लगा है जमावड़ा सोमवार को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के जोधपुर आने के बाद मंगलवार को संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, सी. आर. मुकुंदा, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, आलोक कुमार, अतुल लिमये और कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैध सहित अन्य अखिल भारतीय अधिकारी जोधपुर बैठक स्थल पर पहुंचे. वनवास आता है तो जाता भी है राजे ने बीते दिनों अपने दिल्ली दौरे के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी. राजे हाल ही में धौलपुर भी गईं थी. वहां उन्होंने एक धार्मिक कार्यक्रम में कहा था कि वनवास सभी के जीवन में कभी न कभी आता है. लेकिन यह भी सच है कि वनवास आता है तो जाता भी है. राजे इससे पहले भी कई कार्यक्रमों में इस तरह के बयान दे चुकी हैं जो राजनीतिक गलियारों में खासा चर्चा में रहे हैं. अब राजे की संघ प्रमुख से मुलाकात ने कई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है.

अकबरनगर थानाध्यक्ष सस्पेंड: पदभार ग्रहण करते ही गड़बड़ी का खुला खेल!

भागलपुर बिहार में भागलपुर जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक हृदय कांत ने आज अकबरनगर के थानाध्यक्ष राजीव रंजन को कर्तव्यहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राजीव रंजन ने केवल 6 दिन पहले ही थाने का चार्ज संभाला था। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि जिले के अकबरनगर थाना क्षेत्र में जांच के क्रम में पकड़े गये वाहन को छोड़ने के लिये किसी अन्य के माध्यम से वाहन मालिक से पैसे की लेन- देन की बात सामने आई थी। सूत्रों ने बताया कि इस मामले की जांच सक्षम पदाधिकारी से कराए जाने पर अकबरनगर थानाध्यक्ष की संलिप्तता सामने आने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की है। 

ठगी के आरोपों के बीच शिल्पा शेट्टी का रेस्तरां बंद, अभिनेत्री ने दी जानकारी

मुंबई  बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा के लिए बीते कुछ दिन काफी परेशानी भरे रहे हैं। हाल ही में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने दोनों पर 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इस बीच अब शिल्पा ने अपने मशहूर रेस्तरां ‘बास्टियन बांद्रा’ को बंद करने का ऐलान कर दिया है। मुंबई की नाइटलाइफ का हिस्सा था बास्टियन 2016 में लॉन्च हुआ यह रेस्तरां मुंबई की नाइटलाइफ का अहम हिस्सा माना जाता था। खासकर सी-फूड के लिए मशहूर ‘बास्टियन’ सिर्फ खाने का अड्डा नहीं, बल्कि फिल्मी सितारों और बिजनेस जगत की बड़ी हस्तियों की मुलाकातों का केंद्र बन गया था। शिल्पा और रंजीत बिंद्रा की पार्टनरशिप में शुरू हुआ यह रेस्टोरेंट समय के साथ मुंबई का ‘हॉटस्पॉट’ बन चुका था। शिल्पा ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी शिल्पा शेट्टी ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए यह जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि यह गुरुवार एक युग के अंत जैसा होगा क्योंकि मुंबई का एक आइकॉनिक डेस्टिनेशन अब बंद होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘बास्टियन’ ने उन्हें और शहर को अनगिनत यादें दीं। इस मौके पर वह एक खास नाइट आयोजित करेंगी, जिसमें पुराने ग्राहकों के साथ उन पलों को सेलिब्रेट किया जाएगा। नई शुरुआत का भी ऐलान हालांकि शिल्पा ने यह भी साफ किया कि यह ब्रांड पूरी तरह खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि ‘बास्टियन एट द टॉप’ नाम से इसका नया चैप्टर शुरू होगा। यहां नए अनुभव और नई ऊर्जा के साथ यह सिलसिला आगे बढ़ेगा। 60 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला गौरतलब है कि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर मुंबई के एक कारोबारी दीपक कोठारी ने 60.4 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया कि यह रकम 2015 से 2023 के बीच निवेश और लोन के रूप में दी गई थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर इसे व्यक्तिगत खर्चों में इस्तेमाल किया गया। मामला ‘बेस्ट डील टीवी प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी से जुड़ा है, जो अब बंद हो चुकी है। शिल्पा और राज का बचाव इन आरोपों पर शिल्पा और राज की ओर से वकील प्रशांत पाटिल ने बयान जारी किया था। उन्होंने कहा कि यह एक पुराना लेन-देन है, जिसकी सुनवाई 2024 में एनसीएलटी मुंबई में हो चुकी है। पाटिल के अनुसार, यह पूरा मामला सिविल प्रकृति का है और इसमें किसी तरह की आपराधिकता नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऑडिटर्स समय-समय पर सभी दस्तावेज और कैश फ्लो स्टेटमेंट जांच एजेंसियों को सौंप चुके हैं। आरोपों को बताया ‘बेसलेस’ शिल्पा और राज के वकील ने इस केस को बेसलेस बताया और कहा कि शिल्पा और राज की छवि खराब करने के लिए यह कदम उठाया गया है। साथ ही, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके मुवक्किल भी अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं। 

बाढ़ से जूझ रहे लोगों के बीच पहुंचे मंत्री, किया नुकसान का आकलन

पंजाब  कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और बरिंदर कुमार गोयल ने आज संगरूर जिले में घग्गर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया । मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री अरोड़ा और गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार संकट को कम करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। 15,688 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, और हज़ारों प्रभावित निवासी वर्तमान में राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। 12 ज़िलों के 1,000 से ज़्यादा गांव या तो जलमग्न हैं या बुरी तरह प्रभावित हैं, और लगभग 94,000 हेक्टेयर कृषि भूमि, जिसमें कटाई के करीब पहुंच चुके धान के खेत भी शामिल हैं, जलमग्न हो गई है। घग्गर नदी का वर्तमान जल प्रवाह 12,000 क्यूसेक है, जबकि नदी की क्षमता 12,200 क्यूसेक है। जल स्तर 747.7 फीट पर है, जो खतरे के निशान 748 फीट से थोड़ा नीचे है। इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने रात में नदी के किनारों पर पुलिस गश्त का निर्देश दिया है। घग्गर का जलस्तर खतरे के निशान पर : मूनक-खनौरी क्षेत्र से गुज़रने वाली घग्गर नदी का जलस्तर दो साल बाद एक बार फिर खतरे के निशान के पर पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से आसपास के गांवों के लोगों की सांसें फूल रही हैं, क्योंकि हरियाणा की ओर बढ़ते हुए घग्गर नदी की चौड़ाई कम होती जा रही है, जिससे घग्गर उफान पर आकर तबाही मचा रही है। सोमवार देर शाम तक पानी खतरे के निशान 748 से बस तीन इंच ही दूर रह गया था जो कि आज दोपहर बाद खतरे के निशान पर‌ पहुंच गया है। घग्गर की स्थिति कभी भी गंभीर हो सकती है। दूसरी ओर घग्गर नदी के किनारों में बड़ी बड़ी दरारें आनाखतरे की घंटी है।