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ब्लैकहेड्स बनाम व्हाइटहेड्स: क्या है फर्क और कैसे करें इलाज?

 जब भी चेहरे पर ब्रेकआउट्स यानी क‍ि पिंपल्स होते हैं तो आपका पूरा लुक ब‍िगड़ जाता है। अक्सर ये ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स की तरह दिखाई देते हैं। दोनों ही काफी जिद्दी होते हैं और आसानी से खत्म नहीं होते हैं। साथ ही ये दर्दनाक भी होते हैं। कई बार इन्हें हटाने की कोशिश करने से आपको ज्‍यादा नुकसान हो सकता है। कई लोग इन्‍हें नोचने या दबाने लगते हैं। ये तरीका ब‍िल्‍कुल भी सही नहीं है। अगर आप भी ब्‍लैकहेड्स और व्‍हाइट हेड्स को लेकर कन्‍फ्यूज हैं तो आपको हमारा ये लेख जरूर पढ़ना चाह‍िए। हम आपको इन दोनों के बारे में व‍िस्‍तार से जानकारी देने जा रहे हैं। साथ ही ये भी बताएंगे क‍ि क‍िससे ज्‍यादा परेशानी होती है। आइए जानते हैं- व्‍हाइट हेड्स असल में छोटे-छोटे दाने जैसे दिखते हैं। इन्हें क्लोज्‍ड कॉमेडोन भी कहा जाता है। ये तब बनते हैं जब पोर्स पूरी तरह से ऑयल और डेड स्किन सेल्स से बंद हो जाते हैं। ये स्‍क‍िन पर ऊपर से सफेद या हल्के रंग की छोटी गांठ जैसी दिखाई देती है। ये नाक, होंठ के नीचे और माथे पर ज्‍यादा होते हैं। ब्लैक हेड्स क्या हैं? ब्लैक हेड्स भी पोर्स बंद होने की वजह से ही बनते हैं। बस इनमें फर्क ये है कि इनमें पोर्स का मुंह खुला रहता है और अंदर जमी गंदगी और ऑयल हवा लगने से काले रंग के हो जाते हैं। इसी वजह से इन्हें ब्लैक हेड्स कहा जाता है। ये भी ज्‍यादातर नाक और होंठ के नीचे होते हैं। क्‍याें होते हैं ब्‍लैक और व्‍हाइट हेड्स? ब्‍लैक हेड्स और व्‍हाइट हेड्स के पीछे की सबसे बड़ी वजह है स्‍क‍िन का ऑयली होना। जब ये ऑयल डेड स्‍क‍िन सेल्‍स के साथ म‍िलकर पोर्स को ब्‍लॉक कर देते हैं। तब जाकर ब्लैक हेड्स और व्‍हाइट हेड्स बनते हैं। कई बसार बैक्टीरिया का जमा होना और हार्मोनल चेंजेस भी इसकी एक बड़ी वजह बन सकती हैं। कैसे करें कंट्रोल? ब्लैक हेड्स और व्हाइट हेड्स की समस्या से छुटकारा पाने के ल‍िए आप बेकिंग सोडा और नींबू के रस को एक साथ मिक्स करें। इसके बाद इसे चेहरे पर लगाएं। आपको इससे छुटकारा तुरंत म‍िलेगा। आप दो बार द‍िन में ये काम कर सकते हैं। वहीं दूसरा तरीका ये है क‍ि आप एलोवेरा जेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। रोजाना चेहरे पर एलोवेरा लगाने से स्‍क‍िन पर कील मुंहासे की समस्‍या से छुटकारा म‍िलेगा। फर्क भी समझें ब्लैक हेड्स और व्‍हाइट हेड्स दोनों ही नॉन-इंफ्लेमेटरी पिंपल्स हैं यानी इनमें सूजन नहीं होती। फर्क बस इतना है कि व्‍हाइटहेड्स छोटे दाने जैसे लगते हैं और बाद में बड़े पिंपल में बदल सकते हैं। वहीं ब्लैक हेड्स आसानी से पहचान में आ जाते हैं क्योंकि ये काले रंग के होते हैं।  

ट्रंप का टिम कुक से दो-टूक सवाल, मेहमानों से जानना चाहा इन्वेस्टमेंट प्लान

न्यूयॉर्क अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलेनिया ने व्हाइट हाउस में टेक इंडस्ट्री के दिग्गजों को खाने पर बुलाया. ट्रंप ने इस दावत को हाई आईक्यू लोगों का जमावड़ा कहा. इस दावत में खाने के साथ-साथ पॉलिटिक्स, इकोनॉमी, निवेश और नौकरियों पर चर्चा हुई.  डिनर के दौरान ट्रंप ने टेक कंपनियों के मालिकों और सीईओ से पूछा कि वे अमेरिका में कितना निवेश कर रहे हैं.  ट्रंप के दाहिनी ओर बैठे मेटा के मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि वे अमेरिका में 600 बिलियन डॉलर निवेश करने जा रहे हैं. इसके बाद ट्रंप ऐपल के सीईओ टिम कूक की ओर मुखातिब हुए. उन्होंने टिम कूक से पूछा, "और टिम… ऐपल अमेरिका में कितना पैसा लगाएगा? क्योंकि मुझे पता है कि यह बहुत ज़्यादा होने वाला है. और आप जानते ही हैं, आप कहीं और थे, और अब आप सचमुच बड़े पैमाने पर वापस लौट रहे हैं. आप कितना पैसा लगाएंगे?" ट्रंप ने टिम कुक से पूछा, “टिम, आप अमेरिका में कितने पैसे निवेश करने जा रहे हैं? मुझे पता है यह बहुत बड़ी रकम है। आप पहले कहीं और थे, अब आप बड़े पैमाने पर घर लौट रहे हैं। कितना निवेश होगा?” कुक ने जवाब दिया, “600 अरब डॉलर।” साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों की तारीफ करते हुए कहा, “मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं कि आपने ऐसा माहौल बनाया जिससे हम अमेरिका में बड़ा निवेश कर सकें। यह आपकी नेतृत्व क्षमता और नवाचार पर ध्यान को दर्शाता है।” भारत पर ट्रंप की आपत्ति हाल ही में ट्रंप ने टिम कुक से नाराजगी जताते हुए कहा था कि उन्हें एप्पल का भारत में प्रोडक्शन बढ़ाना पसंद नहीं है। ट्रंप ने कहा, “मैंने टिम कुक से कहा, मेरे दोस्त, मैंने तुम्हारे साथ अच्छा व्यवहार किया है। अब तुम यहां 500 अरब डॉलर का निवेश करने आ रहे हो, लेकिन सुन रहा हूं कि तुम भारत में भी निर्माण कर रहे हो। मैं नहीं चाहता कि तुम भारत में बनाओ।” एप्पल ने चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ाना शुरू किया है। कंपनी का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में दुनिया भर में बिकने वाले 25 प्रतिशत iPhone भारत में बने। भारत में 6 करोड़ आईफोन बनाने की योजना टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल भारत में अपनी उत्पादन क्षमता को 4 करोड़ यूनिट्स से बढ़ाकर 6 करोड़ यूनिट्स करने के लिए करीब 2.5 अरब डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है। ट्रंप ने Meta प्रमुख जुकरबर्ग से भी यही सवाल किया, जिस पर उन्होंने कहा, “600 अरब डॉलर।” Google के सुंदर पिचाई ने जवाब दिया, “हम 100 अरब डॉलर से ऊपर हैं। अगले दो वर्षों में यह 250 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।” Microsoft प्रमुख सत्या नडेला ने कहा, “इस साल अमेरिका में हम करीब 75 से 80 अरब डॉलर निवेश करेंगे।” ट्रंप ने सभी की सराहना करते हुए कहा, “बहुत बढ़िया, हम आप पर गर्व करते हैं। बहुत सारी नौकरियां आएंगी।” इस पर टिक कूक ने कहा कि वे अमेरिका में 600 बिलियन डॉलर निवेश करने जा रहे हैं.  ट्रंप ने आगे कहा- 600 अरब डॉलर, बढ़िया है, बहुत सारी नौकरियां आएंगी. हमें ऐसा करके बहुत गर्व महससू होगा. आपका बहुत धन्यवाद, मैं इसकी सराहना करता हूं.  इसके बाद ट्रंप गूगल के सुंदर पिचाई से बात की और उनसे पूछा कि वे कितना पैसा अमेरिका में लगा रहे हैं.  सुंदर पिचाई ने कहा, "हम 100 बिलियन डॉलर से काफी ऊपर हैं. अगले दो वर्षों में अमेरिका में यह 250 बिलियन डॉलर हो जाएगा." इस पर ट्रंप ने कहा, "यह बहुत बढ़िया है, यह बहुत बढ़िया है. हमें आप पर गर्व है. शुक्रिया, ढेर सारी नौकरियां." फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला से पूछा कि उनकी कंपनी कितना पैसा अमेरिका में लगा रही है.  अमेरिका के लिए अपना निवेश प्लान बताते हुए सत्या ने कहा कि इस साल हम संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग 75 से 80 अरब डॉलर के करीब निवेश करेंगे. ट्रंप ने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ को भी थैंक्यू कहा. व्हाइट हाइस के स्टेट डाइनिंग रूम में जमी टेक दिग्गजों की इस मीटिंग का सबसे हैरान करने वाला पहलू था- इस डिनर से दुनिया के सबसे अमीर और टेक दुनिया के टायकून एलॉन मस्क का गायब रहना. कभी ट्रंप के खास मित्रों में शामिल रहने वाले एलॉन मस्क और डोनाल्ड के संबंध अब बिगड़ गए हैं और दोनों एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते.  इस डिनर में ट्रंप ने मस्क के विरोधी और टेक दुनिया के दूसरे बड़े बिजनेसमैन ओपन एआई के सीईओ सैम अल्टमैन को बुलाया और उन्हें काफी तरजीह दी.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा व्हाइट हाउस में आयोजित टेक डिनर में भारतीय मूल के सीईओ का जलवा रहा. इनमें माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ के सत्या नडेला, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, माइक्रोन टेक्नोलॉजीज के सीईओ संजय मेहरोत्रा, TIBCO के चेयरमैन और पैलंटिर के सीटीओ श्याम शंकर शामिल थे.   

26/11 से भी बड़े हमले की धमकी, मुंबई में 14 आतंकी और भारी मात्रा में RDX की इनपुट

मुंबई  मुंबई को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली है. इस बार सुसाइड बॉम्बिंग यानी ह्यूमन बम ब्लास्ट की धमकी भेजी गई है. यह धमकी भरा मैसेज मुंबई पुलिस की ट्रैफिक पुलिस के व्हाट्सएप नंबर पर भेजा गया है. अनंत चतुर्दशी के मौके पर धमकी मिलने से पुलिस सतर्क हो गई है. मेसेज में दावा किया गया है कि 34 गाड़ियों में ह्यूमन बॉम्ब लगाए गए हैं और विस्फोट के बाद पूरा मुंबई शहर हिल जाएगा. धमकी में 'लश्कर-ए-जिहादी' नामक संगठन का उल्लेख है. साथ ही, इसमें यह भी दावा किया गया है कि 14 पाकिस्तानी आतंकवादी भारत में घुस चुके हैं.  400 किलो RDX ब्लास्ट की धमकी मैसेज में कहा गया है कि 400 किलो आरडीएक्स के विस्फोट से 1 करोड़ लोगों की जान जाएगी. मुंबई पुलिस इस धमकी को लेकर हाई अलर्ट पर है.  पहली बार नहीं मिली मुंबई को धमकी यह पहली बार नहीं है जब मुंबई को मास लेवल पर बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इससे पहले भी कई बार पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल के जरिए या फिर पुलिस के नंबर पर मैसेज के जरिेए ऐसी धमकियां दी जा चुकी हैं. हालांकि, इस बार धमकी बेहद गंभीर है और इसमें लाखों लोगों को टारगेट बनाने की बात कही गई है.  आज से करीब दो हफ्ते पहले, वारली के फोर सीजन होटल में ब्लास्ट की वॉर्निंग दी गई थी. इससे पहले 14 अगस्त को पुलिस को फोन कर के कहा गया था कि एक ट्रेन में धमाका होने वाला है. यह कहते ही कॉलर ने फोन काट दिया था. न समय और न ही लोकेशन की जानकारी दी गई थी. हालांकि, पुलिस ने गंभीरता से जांच की थी और उन्हें कुछ संदिग्ध नहीं मिला था. छत्रपति शिवाजी टर्मिनस को भी उड़ाने की मिल चुकी है धमकी मुंबई को दहला देने की एक और धमकी 26 जुलाई को आई थी, जिससे हड़कंप मच गया था. कहा गया था कि छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) को बम से उड़ा दिया जाएगा. धमकी देने वाले ने स्पष्ट रूप से कहा था कि स्टेशन पर बम रखा जाएगा, जिससे यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है. पुलिस ने इस दौरान भी जांच में कुछ संदिग्ध नहीं पाया था.  

इमानी जेन बॉथम ने शेयर की बिकिनी तस्वीरें, फैंस बोले– इंटरनेट हुआ हॉट

लंदन  इंग्लैंड क्रिकेट के महानायक सर इयान बॉथम का नाम सुनते ही गेंद और बल्ले से मचाए गए उनके तूफान याद आ जाते हैं. 1980 का दशक उनके जलवे का दौर था, जब वे इंग्लैंड के सबसे बड़े मैच-विनर बनकर उभरे और कई बार अकेले दम पर टीम को जीत की राह दिखा दी. वह सचमुच ऑलराउंडरों का स्वर्णयुग था- भारत के कपिल देव, पाकिस्तान के इमरान खान और न्यूजीलैंड के रिचर्ड हैडली जैसे दिग्गज उसी दौर में क्रिकेट के आसमान पर चमक रहे थे. इसी सुनहरे पन्ने पर सर इयान बॉथम का नाम भी स्वर्णाक्षरों में दर्ज है. मैदान पर उनकी आक्रामक शैली, करिश्माई व्यक्तित्व और यादगार प्रदर्शन ने उन्हें ‘Lord Botham’ बना दिया, जिनका रुतबा आज भी क्रिकेट वर्ल्ड में अलग ही मुकाम रखता है. .. लेकिन अब सोशल मीडिया पर उनकी 24 साल की पोती इमानी जेयन बॉथम अपनी बोल्डनेस और खूबसूरती से सुर्खियां बटोर रही हैं. इमानी का हर ग्लैमरस पोस्ट इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है. इमानी बॉथम का बिकिनी लुक.. और बढ़ा इंटरनेट का तापमान हाल ही में इमानी ने पुर्तगाल से अपनी बिकिनी तस्वीरें शेयर कीं. आईने के सामने खींची गई उनकी सेल्फी ने फैन्स को दीवाना बना दिया. टू-पीस ड्रेस में उनका आत्मविश्वास और अंदाज देखकर किसी ने लिखा – 'वो सच में चमक रही हैं', तो किसी ने साफ कह दिया- 'मैं तो तुम्हारा दीवाना हो गया हूं.' मल्लोर्का से पुर्तगाल तक- हर जगह छाईं ग्लैमरस जेटसेट लाइफस्टाइल जीने वाली इमानी कभी मल्लोर्का (स्पेन का मशहूर बीच डेस्टिनेशन, जो मेडिटेरेनियन सी में बलेरिक द्वीपों का हिस्सा है) में छुट्टियों का मजा लेती दिखीं, तो कभी पुर्तगाल में पार्टी करते हुए. कभी स्कूटर पर सवार होकर मस्ती करतीं, तो कभी नाइट आउट में जलवा बिखेरतीं. उनकी हर तस्वीर में कॉन्फिडेंस और आकर्षण साफ झलकता है. ग्लैमर वर्ल्ड की नई क्वीन यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम से फैशन में डिग्री लेने के बाद इमानी-जेयन ने मॉडलिंग को करियर चुना. 2021 में वह मिस यॉर्कशायर बनीं और मिस इंग्लैंड प्रतियोगिता तक पहुंचीं. उनका ग्लैमरस लुक और स्टाइल उन्हें नई पीढ़ी की आइकन बना रहा है. क्रिकेट से ग्लैमर तक- बॉथम फैमिली का सफर जहां इयान बॉथम अपने जमाने में कपिल देव और इमरान खान जैसे दिग्गजों से मैदान पर टक्कर लेते थे, वहीं उनकी पोती इमानी अब ग्लैमर वर्ल्ड में अपनी अलग पहचान बना रही हैं. एक तरफ दादा ने बल्ले और गेंद से दुनिया को चौंकाया, तो दूसरी तरफ पोती अपनी अदाओं और हुस्न से इंटरनेट पर तहलका मचा रही हैं. बॉथम फैमिली का गर्व इमानी जेयन इंग्लैंड क्रिकेट के सबसे बड़े हीरो में से एक सर इयान बॉथम की 8 पोतियों-पोतों में से एक हैं. सर बॉथम (69) ने न सिर्फ इंग्लैंड के लिए 100 से ज्यादा टेस्ट खेले, बल्कि क्रिकेट से रिटायर होने के बाद टीवी कमेंट्री, समाजसेवा और राजनीति में भी अपनी धाक जमाई.

बाढ़ में डूबा ऐतिहासिक घाट, जहां कंस वध के बाद भगवान कृष्ण ने किया था विश्राम

मथुरा  मथुरा में यमुना नदी में आई बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है. विश्राम घाट भी इस बाढ़ की चपेट में है. यमुना के पानी ने पूरे घाट को अपनी आगोश में ले लिया. घाट के गुम्बद और पिलर पानी में डूब गए हैं. ये वही घाट है जहां भगवान कृष्ण ने कंस का वध करने के बाद विश्राम किया था. तब इसे विश्राम घाट के नाम से जाना जाता है. लोगों ने बताया कि बाढ़ के कारण हालत खराब है. हालांकि, श्रद्धालु अभी भी पूजा करने के लिए इस घाट पर आ रहे हैं.  विश्राम घाट की स्थिति स्थानीय लोगों के अनुसार, यमुना का जलस्तर बढ़ने से मथुरा के हालात बिगड़ गए हैं. ऐतिहासिक विश्राम घाट पानी में समा गया है. घाट पर बने मंदिर और उनके पिलर भी पानी में डूबे हुए हैं. पानी घाट के गुम्बद के करीब पहुंच गया है. घाट के बीच से बहता पानी लोगों को बाढ़ की भयावहता दिखा रहा है.  आस्था और हिम्मत का संगम बाढ़ की इस स्थिति के बावजूद, लोगों की आस्था और हिम्मत बरकरार है. श्रद्धालु घुटनों तक पानी में खड़े होकर भी पूजा-पाठ कर रहे हैं. इस दृश्य से पता चलता है कि बाढ़ भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं पाई है. घाट पर मौजूद लोग इस गंभीर स्थिति में भी अपनी धार्मिक परंपराओं को निभा रहे हैं. बाढ़ से ब्रज बेहाल आपको बता दें कि ब्रज में कालिंदी रौद्र रूप दिखा रही हैं. ताजेवाला और ओखला से पाने छोड़े जाने के बाद मथुरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदी खतरे से 50 सेमी ऊपर बह रही है. दर्जनों गांव टापू बन गए हैं. प्रशासन लगातार राहत बचाव कार्य में लगा हुआ है. यमुना में डूबे हुए घर और मंदिर दूर से ही नजर आ रहे हैं.  गौरतलब है कि लगातार बढ़ रहे जलस्तर से कई कॉलोनियों और सैकड़ों घरों में यमुना के पानी प्रवेश कर जाने से स्थिति भयावह होती जा रही है. जयसिंहपुरा इलाके में एक नहीं सैकड़ों घरों में यमुना का पानी प्रवेश कर गया है और पूरा इलाका जलमग्न हो गया है. जिसके कारण लोग पलायन को मजबूर हैं. कई घरों में ताले पड़े हुए हैं. जिला प्रशासन बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए पूरी तरह सजग और सतर्क है. बाढ़ ग्रस्त इलाकों से लोगों को रेस्क्यू कर स्टीमर और नावों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है. मथुरा में यमुना के बढ़ते जलस्तर ने वृंदावन से लेकर गोकुल तक कोहराम मचा दिया है. प्रशासन 5 बाढ़ राहत केंद्रों की स्थापना करके लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है. 

मंत्रालय में कार्यभार ग्रहण करते ही सक्रिय हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित कार्यालय मे विधिवत पूजा अर्चना कर कामकाज की शुरूआत की। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक अनुज शर्मा, संपत अग्रवाल, प्रबोध मिंज, श्रीमती उद्धेश्वरी पैंकरा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा एवं पवन साय और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय में कामकाज संभाला संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव के मार्गदर्शन में राज्य में पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में काफी तेजी से कार्य करना है। राज्य में पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में काफी संभावनाऐं है। पर्यटन क्षेत्रों के विकसित होंने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेगें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की मदद से राज्य में सड़क कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है, इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य में नई सड़कों की स्वीकृति के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय भू-तल परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी के प्रति आभार जताया।   पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय में कामकाज संभाला     इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग सुब्रत साहू, संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के जनरल मैनेजर वेदव्रत सिरमौर, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव श्रीमती पुष्पा साहू सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

रायपुर : विद्यार्थी करेंगे, विश्वविद्यालय का नाम रोशन- उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा

रायपुर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करें, ताकि वे देश और दुनिया में अपनी पहचान बना सकें और विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित कर सकें।         मंत्री वर्मा आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।         बैठक में मंत्री वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में विद्यार्थियों का ड्रॉपआउट नहीं होना चाहिए, इसके लिए विश्वविद्यालयों को कड़ी निगरानी रखनी होगी और विद्यार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने कुलपतियों से कहा कि परीक्षा का टाइम-टेबल पहले से तय करें ताकि परीक्षाएं समय पर आयोजित हो सकें।        बैठक में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों पर चर्चा की गई। वर्मा ने विश्वविद्यालयों से अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं के कोर्स और नई शैक्षणिक योजनाओं को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया। विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक एवं नॉन-शैक्षणिक पदों की स्थिति, स्वीकृत पद, कार्यरत प्राध्यापकों की संख्या तथा पाठ्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई।      बैठक में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने अवगत कराया कि सभी पाठ्यक्रम यूजीसी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप निर्धारित होंगे। कुलपतियों ने अपने-अपने विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध कॉलेजों की स्थिति का प्रस्तुतीकरण भी दिया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुए गड़बड़ी की होगी पुलिस से जांच- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव

रायपुर : शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने मंत्रालय में ली समग्र शिक्षा विभाग की अधिकारियों की समीक्षा बैठक व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में हुए गड़बड़ी की होगी पुलिस से जांच- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव  भ्रष्टाचार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव शिक्षा की गुणवत्ता सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: शिक्षा मंत्री यादव रायपुर   स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य में संचालित शैक्षणिक योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा की गई। मंत्री यादव ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को गंभीरता और जिम्मेदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि तथा आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।मंत्री यादव ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें ढिलाई, भ्रष्टाचार और गैर-जिम्मेदारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे। व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी पर नाराजगी व्यक्त की व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में सबसे अधिक शिकायतें आने पर मंत्री ने नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में किसी भी प्रकार का लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्यवाही होगी। गड़बड़ी की पुलिस से जांच कराने के निर्देश दिए।  भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त रुख मंत्री यादव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता सर्वाेच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घटिया या निकृष्ट सामग्री देने वाले आपूर्तिकर्ताओं को काली सूची में डाला जाए। उन्होंने वित्तीय अनुशासन पर बल देते हुए कहा कि बजट का समुचित एवं समय पर उपयोग किया जाए और उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को समय पर भेजा जाए, ताकि अनुदान की आगामी किश्त समय पर राज्य को प्राप्त हो सके। बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी एवं समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजय झा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं व गतिविधियों की जानकारी दी। मंत्री यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नवाचार और तकनीकी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कक्षाएँ, डिजिटल अधिगम, विज्ञान प्रयोगशालाएँ और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा पद्धति से लाभान्वित हो सकें। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन पाठ्यक्रम, डिजिटल अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक अनुप्रयोगों के उपयोग से शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करने के निर्देश दिए। बैठक में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ व्यावसायिक कौशलों के विकास, उन्हें रोजगार उन्मुख बनाने, समावेशी शिक्षा, बलवाड़ी, खेल एवं शारीरिक शिक्षा, वार्षिक शाला अनुदान, निपुण भारत मिशन, शाला त्यागी बच्चों की पुनर्वापसी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, प्रधानमंत्री विद्यालय, विद्या समीक्षा केंद्र, मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान और रजत जयंती समारोह से जुड़ी गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री यादव ने छात्रावासों, कन्या छात्रावासों और पोटा केबिनों में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। हाल ही में पाकेला (छिंदगढ़ विकासखण्ड) के पोटा केबिन में भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिलाने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ शासन की छवि को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाती हैं। अतः जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

रायपुर को बड़ी सौगात: अब बिना जोखिम के होगी नदी पार, CM विष्णुदेव साय का ऐलान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले– अब जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की जरूरत नहीं मुख्यमंत्री ने चार उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को दी मंजूरी रायपुर जशपुर जिले में आवागमन को सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा लगातार पहल की जा रही है। जिले में सड़क, पुल-पुलियों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले में चार वृहद पुलों निर्माण के लिए कुल 13 करोड़ 46 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। जिले के गुलझरिया-बम्हनी मार्ग पर श्री नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग के निर्माण की काफी अरसे से मांग की जा रही थी। बरसात के दिनों में ग्रामीणों को नदी पार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीनदी पर पुल निर्माण के लिए 3 करोड़ 66 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस पुल के निर्माण से गुलझरिया और बम्हनी के बीच बसे लगभग दर्जनभर गांवों के निवासियों का विकासखंड मुख्यालय दुलदुला तक पहुँचना सरल हो जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी हेतु एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध हो सकेगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले में अन्य तीन पुल निर्माण की भी स्वीकृति दी है। इनमें किलकिला से केराकछार मार्ग पर बेनसारी नाला में पुल निर्माण के लिए 1.71 करोड़ रुपये, कांसाबेल से शब्दमुंडा मार्ग पर मैनी नदी में पुराने जर्जर पुल की जगह नए पुल के निर्माण के लिए 3.49 करोड़ रुपये जिला मुख्यालय जशपुर में बांकी नदी पर जर्जर पुल के स्थान पर उच्च स्तरीय नए पुल के निर्माण 4 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि किसी भी जिले के विकास का आधार बुनियादी ढांचा होता है। जशपुर जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। सड़क और पुल-पुलिया निर्माण के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। 

सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता– मुख्यमंत्री साय

रायपुर : लुत्ती बांध के टूटने पर जताई गहरी नाराज़गी, इस तरह की गलती नहीं की जाएगी बर्दाश्त – मुख्यमंत्री साय सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता– मुख्यमंत्री साय मैदानी अधिकारी–कर्मचारी फील्ड में जाकर बांधों एवं संबंधित संरचनाओं का करें सतत निरीक्षण– मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की जल संसाधन विभाग के कामकाज की समीक्षा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में स्थित लुत्ती बांध के टूटने की घटना पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की गलती किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साय ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि मैदानी अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतत रूप से फील्ड में जाकर बांधों सहित अन्य संरचनाओं का निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान देने, सभी बांधों की जलभराव क्षमता, वर्तमान सिंचाई स्थिति और आगामी परियोजनाओं की प्रगति आदि के सम्बन्ध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा–निर्देश दिए। साथ ही विशेष रूप से बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 का कड़ाई से पालन करने तथा जिला प्रशासन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने लक्षित सिंचाई क्षमता और वास्तविक सिंचाई क्षमता के बीच अंतर को कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेषकर बस्तर और सरगुजा संभाग की अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर बल दिया, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में 04 वृहद परियोजनाएँ, 357 लघु परियोजनाएँ और 300 एनीकेट, इस प्रकार कुल 661 कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 1036 जीर्णोद्धार कार्य भी चल रहे हैं। इस तरह कुल 1697 कार्य प्रगतिरत हैं, जिनमें लगभग ₹8966 करोड़ की राशि व्यय होगी। इस बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव रवि मित्तल, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके तथा बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग मंडलों के मुख्य अभियंता सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।