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संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण के लिए उप मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों की ली बैठक

रायपुर : विसंगतियां दूर करने संपत्ति कर सुधार अति आवश्यक : अरुण साव संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण के लिए उप मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों की ली बैठक वार्षिक भाड़ा मूल्य को संपत्ति के वर्तमान मूल्यों के अनुरूप अपडेट करने के दिए निर्देश महापौर, आयुक्त, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष तथा सीएमओ वर्चुअल बैठक में हुए शामिल रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज नगरीय निकायों में संपत्ति करों के युक्तियुक्तकरण के लिए बैठक ली। मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित वर्चुअल बैठक में राज्य के सभी नगर निगमों के महापौर व आयुक्त तथा नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव के साथ नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक आर. एक्का भी मंत्रालय से बैठक में ऑनलाइन जुड़े। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में कहा कि नगरीय निकायों के कार्यों से प्रदेश की छवि निर्मित होती है। शहर में नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना संबंधित नगरीय निकाय की जिम्मेदारी है। उन्होंने महापौरों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्षों से कहा कि शहर को आगे ले जाने का जिम्मा आप पर है। शहर में संपत्ति करों के मूल्यांकन और उनमें सुधार की शुरुआत अपने कार्यालयों और अपने घरों से करें। उन्होंने कहा कि वार्षिक भाड़ा मूल्य (ARV) को वर्तमान संपत्ति मूल्यों के अनुरूप अपडेट करने से राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी होगी। इससे कर भार सभी संपत्ति मालिकों पर समानुपातिक रूप से वितरित होगा। उन्होंने कहा कि अधिक राजस्व से निकाय वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे और उन्हें अनुदानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बढ़े हुए राजस्व से नागरिकों को तेजी से बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय निकायों से कहा कि राज्य शासन की मंशा ई-गवर्नेंस मॉडल के माध्यम से नागरिकों को पारदर्शी और सुगम सेवाएं प्रदान करने की है। यह शहरों के चहुंमुखी विकास और त्वरित नागरिक सेवाओं के लिए जरूरी है। इससे साफ-सफाई, पानी और बिजली आपूर्ति की व्यवस्थाएं और बेहतर होंगी। साव ने बताया कि वर्ष 2016 के बाद से संपत्ति कर प्रणाली में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके चलते कई नगरीय निकायों में विसंगतियां उत्पन्न हो गई हैं। उन्होंने सभी महापौरों और अध्यक्षों से संपत्ति करों में सुधार के कार्यों को पूरी शिद्दत और गंभीरता से करने का आग्रह किया। साव ने बैठक में नगरीय निकायों को अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को रोज प्रातः भ्रमण कर निर्माण और साफ-सफाई के कार्यों का निरीक्षण करने को भी कहा। उन्होंने निविदा प्रक्रिया में त्रुटि या लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। नगरीय प्रशासन विभाग की उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य भी बैठक में मौजूद थे।

रायपुर में CM साय के निर्देश पर तेजी से राहत, बाढ़ पीड़ितों को राशन-इलाज के साथ मिलेंगे जरूरी दस्तावेज

रायपुर बस्तर संभाग में पिछले सप्ताह हुई अतिवृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। अपने विदेश दौरे से लौट कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा पहुंचकर संभागीय बैठक में जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यो में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये थे। अब मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर तेजी अमल किया जा रहा है।  बाढ़ पीड़ित नागरिकों को जहां एक ओर राशन, ईलाज और दवाईयां के साथ-साथ गैस चुल्हे और सिंलेण्डर दिये गये हैं वहीं राहत शिविरों में उनके दैनिक जीवन की उपयोगी सभी व्यवस्थाएं भी की गई है। अब बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही नुकसान का वास्तविक आंकलन और अन्य जरूरी सहायता तथा मुआवजा देने की कार्यवाही पर भी तेजी से अमल किया जा रहा है। बाढ़ के पानी में खराब या नष्ट हो गये जरूरी दस्तावेजों को बनाने का काम भी राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया हैं। बाढ़ की इस भीषण आपदा में छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नेतृत्व में एक संवेदनशील पहल कर त्वरित राहत कार्य और सहायता-मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर पीड़ित परिवारों को एक बड़ी राहत दी है।       बाढ़ से प्रभावित गाँवों में राहत दल तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के लोहन्डीगुड़ा तहसील के मांदर गांव के प्रभावित किसानों को किसान किताब वितरित की जा रही है, जो बाढ़ के कारण बह गई थी। किसान किताब के मिलने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और भविष्य में किसी भी सहायता के लिए पात्र बनने में मदद करेगी। वहीं प्रभावितों को नवीन राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं बैंक पासबुक तैयार कर प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे कर रही हैं और पात्रता के अनुसार तत्काल राहत राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कर भुगतान कर रही हैं।       सरकार का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी पीड़ित परिवार को उनकी जरूरत के समय अकेला न छोड़ा जाए। इसके लिए, मकान क्षति सहित पशु, फसल और घरेलू सामग्री की क्षति का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर, हर एक प्रकरण पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, ताकि जरूरतमंद प्रभावितों तक मुआवजा राशि सीधे और समय पर पहुँच सके। स्थानीय प्रभावित परिवारों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। एक प्रभावित ग्रामीण मुरहा पटेल ने कहा कि हमने सोचा था कि बाढ़ के बाद सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन सरकार की इस त्वरित मदद ने हमें फिर से जीवन को नये सिरे से शुरू करने की उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला आधिकारियों की इस पहल को प्रशासन की ओर से एक मजबूत और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। जो यह दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में सरकार न सिर्फ राहत कार्य बल्कि पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस तरह के प्रयास बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा देते हैं, जिससे उन्हें जीवन को सामान्य पटरी पर लाने में मदद मिलती है।

उत्तराखंड : कांग्रेस की मीटिंग में हंगामा, आपसी भिड़ंत में नेताओं के बीच हाथापाई

देहरादून  उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आई है. कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित बैठक में उस वक्त अफरातफरी का माहौल बन गया जब दो गुट आपस में भिड़ गए. मामला इतना बढ़ा कि बैठक मारपीट में बदल गई और पूरा घटनाक्रम मीडिया के कैमरों में कैद हो गया. आपस में भिड़े दो गुट रुद्रपुर के सिटी क्लब में हुई इस बैठक में एआईसीसी ऑब्जर्वर डॉक्टर नरेश कुमार और कांग्रेस नेता प्रदीप टम्टा मौजूद थे. बैठक के बीच ही कांग्रेसियों के दो गुटों में गाली-गलौज शुरू हो गई. हालांकि ऑब्जर्वर के हस्तक्षेप के बाद मामला अस्थायी रूप से शांत हुआ और बैठक समाप्त कर दी गई.  कांग्रेस नेता के कपड़े फटे जैसे ही बैठक खत्म हुई, सिटी क्लब का माहौल एकदम बदल गया और दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट हो गई. झगड़े के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र मिश्रा पर हमला किया गया और उनके कपड़े तक फट गए.  इस घटना के बाद एक पक्ष सीधे पुलिस चौकी पहुंचा और मामले में कार्रवाई की मांग की. रुद्रपुर की यह बैठक कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी का एक और बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है.

शेयर बाजार हरे निशान पर बंद, GST कट से कुछ स्टॉक्स चमके तो कुछ लुढ़के

मुंबई  जीएसटी सुधार के ऐलान के बाद आज लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में तेजी जारी है, लेकिन निवेशकों को जैसी उम्‍मीद थी, वैसी तेजी नहीं देखी जा रही है. सेंसेक्‍स-निफ्टी आज भी ग्रीन जोन में खुले हैं. लार्ज कैप स्‍टॉक में अच्‍छी है. सेंसेक्‍स 266.27 अंक चढ़कर 80,982.96 पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 69 अंक चढ़कर 24803 लेवल पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी बैंक में भी 89  अंकों की उछाल है.  बीएसई टॉप 30 शेयरों की बात करें तो इसमें से सिर्फ 2 शेयर ही गिरावट पर हैं, बाकी सभी शेयरों में तेजी बढ़ रही है. महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स, पावरग्रिड और रिलायंस जैसे शेयरों में 1 फीसदी तक की तेजी आई है. खासकर ऑटो, FMCG और बैंकिंग के शेयरों में तेजी है, लेकिन उतना भी नहीं जितनी कि निवेशक उम्‍मीद जता रहे थे.  इन टॉप 10 शेयरों में उछाल  अम्‍बर एंटरप्राइजेज, पीजी इलेक्‍ट्रोपास्‍ट, रिलायंस पावर जैसे शेयरों में 1 फीसदी से ज्‍यादा तेजी आई है. इसके अलावा, बीएसई, विशाल मेगा मार्ट, ग्‍लेनमार्क और मैक्‍स फाइनेंस सर्विसेज में 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी है. वही लार्जकैप स्‍टॉक- महिंद्रा एंड महिंद्रा, डीएलएफ और आईसर मोटर्स के शेयर में 1.50 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई है.  इन शेयरों में गिरावट जीएसटी कटौती के बाद गिरावट वाले शेयरों की बात करें तो वरुण वेबरेज के शेयर में 2.42 फीसदी, ITC में 2 फीसदी, एलआईसी में 1 फीसदी, ओला इलेक्‍ट्र‍िक में 4 फीसदी, मारिको में 1.14 फीसदी और प्रीमियर एनर्जीज में 1 फीसदी की गिरावट आई है.  जीएसटी कटौती से किस सेक्‍टर में तेजी और कौन गिरा?  GST कट के ऐलान के बाद से ऑटो शेयरों में कल और आज तेजी देखी गई है. FMCG सेक्‍टर्स में गिरावट है, जबकि हेल्‍थकेयर,  बैंकिंग और ऑटो सेक्‍टर अच्‍छे चल रहे हैं. सबसे ज्‍यादा तेजी ऑटो सेक्‍टर में 1.32 फीसदी की है. इसके बाद 1 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी फाइनेंशियल सर्विसेज में है. ऑयल एंड गैस के शेयर भी शानदार ग्रोथ दिखा रहे हैं. 

गणेश उत्सव में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम, युवाओं का राष्ट्रप्रेम देख भावुक हुए CM यादव

युवाओं का राष्ट्रप्रेम काबिले-तारीफ, गणेश उत्सव में दिखा ऑपरेशन सिंदूर का जज़्बा: CM डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव गणेश उत्सव कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के गुलमोहर कॉलोनी में शिवाजी फाउंडेशन और श्रीगणेश उत्सव समिति के गणेश चतुर्थी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुलमोहर गणेश उत्सव समिति द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर केंद्रित प्रदर्शनी और झांकी देखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं में राष्ट्र प्रेम की भावना सराहनीय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने आपरेशन सिंदूर के माध्यम से पड़ोसी शत्रु ही नहीं बल्कि विश्व को भारत की शक्ति से परिचित करवाया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी और पुष्प मालाओं से स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री और समिति के संरक्षक नरेंद्र शिवाजी पटेल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा अर्चना कर आरती की। युवाओं ने गजानन विघ्नहर्ता गणेशजी की आराधना और समूह नृत्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री करमा तिहार 2025 कार्यक्रम में हुए शामिल, करमा दलों को सम्मानित कर किया प्रोत्साहित

रायपुर : संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय करमा तिहार के रंग में डूबा मुख्यमंत्री निवास मुख्यमंत्री करमा तिहार 2025 कार्यक्रम में हुए शामिल, करमा दलों को सम्मानित कर किया प्रोत्साहित रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की।  मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है। संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं। संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा। संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देती रही है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आजादी के लगभग 40 वर्षों बाद आदिवासी विभाग का पृथक मंत्रालय बनाकर आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के बताए मार्ग पर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आदिवासी समाज के बेहतरी एवं समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना का संचालन कर रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण का गठन कर विकास को गति प्रदान करने का कार्य किया। मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि युवा आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमने नई उद्योग नीति बनाई है, जिसमें बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना राज्य में ही की जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा के निर्वहन में आज हम करमा तिहार मना रहे हैं। हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साय जी के नेतृत्व में ही बस्तर संभाग में बस्तर पांडुम के नाम से ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिसकी चर्चा पूरे भारत में हुई। कश्यप ने इस अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। संरक्षक, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति पमशाला, जशपुर, श्रीमती कौशिल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं। आदिवासी समाज के लिए प्रकृति सदैव आराध्य रही है। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। हमारी संस्कृति अत्यंत गौरवशाली रही है और उसका संरक्षण तथा समय के साथ संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि समाज की महिलाएँ आगे आकर इस संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राम कुमार टोप्पो, विधायक आशाराम नेताम, विधायक प्रबोध मिंज, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम राम सेवक सिंह पैकरा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुमोना सेन, सभापति जिला पंचायत धमतरी टीकाराम कंवर, प्रदेश अध्यक्ष कंवर समाज हरवंश सिंह मिरी, अध्यक्ष कंवर समाज रायपुर महानगर मनोहर सिंह पैकरा सहित कंवर समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

23 जिलों में बाढ़ से हाहाकार, नांगल-आनंदपुर साहिब में अलर्ट जारी, डूबे 1902 गांव

अमृतसर इन दिनों पूरा पंजाब इन दिनों बाढ़ से जूझ रहा है. इस प्राकृतिक आपदा में 43 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1.71 लाख हेक्टेयर में फैली फसलें बर्बाद हो गई हैं. 23 जिलों के 1902 गांव पानी में पूरी तरह से डूब गए हैं, जिससे 3,84,205 लोग प्रभावित हुए हैं. साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 20,972 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. पंजाब के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने कहा कि अभूतपूर्व बाढ़ के कारण 23 जिलों के कुल 1,902 गांव प्रभावित हुए हैं, जिससे 3.84 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 20,972 लोगों को निकाला गया है. 24 घंटे में छह और लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही 14 जिलों में मृतकों की संख्या बढ़कर अब 43 हो गई है. 14 जिलों में 43 लोगों की मौत उन्होंने बताया कि मौतें होशियारपुर (7), पठानकोट (6), बरनाला और अमृतसर (5-5), लुधियाना और बठिंडा (4-4), मनसा (3), गुरदासपुर और एसएएस नगर (2-2), पटियाला, रुपनगर, संगरूर, फाजिल्का और फिरोजपुर (1-1) में दर्ज की गई हैं. पठानकोट में तीन लोग लापता हैं. बाढ़ से संबंधित आंकड़े 1 अगस्त से 4 सितंबर तक की अवधि के हैं. उन्होंने बताया कि 1.71 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर खड़ी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचने की खबर है, जिसमें गुरदासपुर, अमृतसर, फाजिल्का, फिरोजपुर, कपूरथला और मानसा सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं. इसी बीच AAP आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल ने केंद्र सरकार पंजाब की मदद करने की अपील की है. केजरीवाल ने बयान जारी कर कहा कि मैं केंद्र सरकार से विनती करना चाहूंगा कि इस भीषण स्थिति में जितनी हो सके पंजाब की मदद करें. उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा अफगानिस्तान को मुहैया कराई मदद का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने अभी देखा कि केंद्र सराकर ने अफगानिस्तान में भूकंप आया तो वहां पर उन्होंने काफी मदद भेजी है. वो अच्छी बात है, दुनिया में कहीं भी कुछ हो तो हमें मदद करनी चाहिए, लेकिन पंजाब में इतना बड़ा संकट है तो पंजाब को भी केंद्र सरकार मदद करे. शिवराज सिंह ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों अमृतसर, गुरदासपुर और कपूरथला का दौरा किया और लोगों को आश्वासन दिया कि संकट की इस घड़ी में केंद्र उनके साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि दो केंद्रीय दल स्थिति का आकलन करने के लिए पंजाब का दौरा कर रहे हैं और वे केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे. उन्होंने कहा, 'नुकसान साफ़ दिख रहा है. फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं और खेत जलमग्न हो गए हैं.' राज्यपाल ने कृषि मंत्री को सौंपी रिपोर्ट पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अमृतसर एयरपोर्ट पर शिवराज चौहान को बाढ़ की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी, जिसमें जानमाल, फसलों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की जानकारी दी गई. इसके अलावा अरविंद केजरीवाल ने भी कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और केंद्र से इस संकट में पंजाब की मदद करने की अपील की. इससे पहले दिन में केजरीवाल ने चंडीगढ़ स्थित अपने आधिकारिक आवास पर मान से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. बुखार से पीड़ित मान बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान केजरीवाल के साथ नहीं जा सके. प्रभावित गांव में गजटेड अधिकारी तैनात मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक गांव में एक गजटेड अधिकारी को तैनात किया गया है. उनका कहना है कि इससे प्रभावित लोगों की समस्याएं आसानी से प्रशासन तक पहुंच सकेंगी, जिससे समस्या का समाधान तुरंत हो सके. राज्य सरकार ने बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी का आदेश दिया है. भाखड़ा बांध पर जलस्तर स्थिर इस बीच रूपनगर के उपायुक्त वरजीत सिंह वालिया ने नंगल और आनंदपुर साहिब के कई गांवों में सतलुज नदी के पास निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने या जिला प्रशासन द्वारा स्थापित राहत शिविरों में जाने की अपील की है. उन्होंने बताया कि भाखड़ा बांध का जलस्तर स्थिर है. गुरुवार को बांध से लगभग 85,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इससे पहले दिन में डीसी ने कहा था कि बांध में जलस्तर 1,679 फीट तक पहुंच गया है, जबकि पानी का डिस्चार्ज लगभग 75,000 क्यूसेक है और इसे बढ़ाकर 80,000 से 85,000 क्यूसेक किया जा सकता है. पटियाला जिला प्रशासन ने भी घग्गर नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के मद्देनजर पटरान में घग्गर नदी के निकटवर्ती गांवों के निवासियों के लिए अलर्ट जारी किया है. आपको बता दें कि पंजाब दशकों में अपनी सबसे भीषण बाढ़ आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है. ये बाढ़ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद सतलुज, व्यास और रावी नदियों के साथ-साथ मौसमी नालों में आए उफान का नतीजा है. इसके अलावा पंजाब में हाल के दिनों में हुई भारी बारिश ने लोगों की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है.

तेंदुए ने मचाई दहशत, स्कूल 13 सितंबर तक बंद रहेंगे

इटारसी मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी में तेंदुओं की दहशत से लोग परेशान हैं। अलग-अलग जगहों पर तेंदुए रहवासी इलाकों में पहुंच रहे हैं। पथरौटा स्थित पॉवर ग्रिड परिसर में एक शावक की करंट लगने से मौत हो गई थी। उसके बाद से दो तेंदुए लगातार इलाके में मूवमेंट कर रहे हैं। जिसके कारण स्कूल प्रबंधन ने फैसला लेते हुए 4 से 13 सितंबर तक स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। दरअसल, तेंदुआ तवा बफर रेंज के धांसई में 3 दिनों से घुसकर ग्रामी मुर्गों को निशाना बना रहा है। ग्रामीण तेंदुए के डर से घर के बाहर निकलने में डर रहे हैं। तेंदुए के मूवमेंट पर टीम नजर रख रही है। इटारसी के पथरौटा मादा तेंदुआ दिखाई दे रही थी, लेकिन शावक की मौत के बाद से वह और आक्रमक हो गई है। जिसको देखते हुए स्कूल को 4 से 13 सितंबर ऑनलाइन क्लासेस चलेंगी। इधर, स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। वन विभाग का कहना है कि बारिश के कारण पिंजरा नहीं लग पाया है। एक पिंजरा हिरनचापड़ा में फंसा है और दूसरा नर्मदापुरम में है। जिसे जल्द से जल्द लाने का इंतजाम किया जा रहा है। 

नई खोज: गेहूं का बीज, ग्लूटेन एलर्जी पीड़ितों के लिए सुरक्षित रोटी

नर्मदापुरम ग्लूटेन (प्रोटीन) एलर्जी के मरीजों के लिए गेहूं के आटे से बनी रोटियां खाना मुश्किल होता है। मध्य प्रदेश सरकार पवारखेड़ा अनुसंधान केंद्र की अखिल भारतीय गेहूं परियोजना में गेहूं का नया बीज तैयार करवा रही है। इसके आटे से रोटियां खाने से मरीजों को एलर्जी नहीं होगी। वैज्ञानिकों ने इस पर शोध शुरू कर दिया है। तीन साल की फील्ड ट्रायल के बाद गेहूं की नई किस्म तैयार हो जाएगी। गेहूं में ग्लूटेन की मात्रा बहुत कम करने के लिए अनुसंधान केंद्र के वैज्ञनिकों ने देशभर से विभिन्न किस्मों के गेहूं के सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को जबलुपर के फूड साइंस प्रयोगशाला में भेजा गया है। यहां सबसे कम ग्लूटेन वाली किस्मों को चिनिह्त किया जाएगा। इनकी स्क्रेनिंग कर वैज्ञानिक देखेंगे कि बीजों में ग्लूटेन प्रोटीन को और कम कैसे किया जाए। इस पर विभिन्न प्रकार के प्रयोग करेंगे। वैज्ञानिको की देखरेख में अनुसंधान केंद्र के खेतों में अलग-अलग वैरायटी को लगाया जाएगा।   यह देखा जाएगा कि हर साल बनाए गए बीज से कितना ग्लूटेन कम हुआ। इसका आंकलन भी होगा। तीन सालों तक यह शोध होने के बाद सबसे कम ग्लूटेन के गेहूं का बीज तैयार होगा। केंद्र इसे सरकार को देकर पेटेंट कराएगा। इसके बाद गेहूं बाजार से किसानों तक पहुंचेगा। अनुसंधान केंद्र के वैज्ञनिकों के मुताबिक लगभग 20 हजार लोगों में किसी एक को ग्लूटेन एलर्जी होती है। गेहूं में ग्लूटेन होता है। इसकी रोटी खाते ही मरीज के पेट की छोटी आंत में एलर्जी होने लगती है। इससे कई तरह की परेशानी सामने आती हैं। अभी तक नहीं हुआ ग्लूटेन पर कोई शोध वैज्ञानिकों के मुताबिक देश में ग्लूटेन एलर्जी के मरीजों की संख्या कम होने के कारण यह रिकार्ड नहीं की गई है। मरीजों के लिए कम ग्लूटेन के गेहूं को लेकर अभी तक प्रदेश और देश में कोई शोध नहीं हुआ है। मध्य प्रदेश में पवारखेड़ा अनुसंधान केंद्र में पहली बार इस पर काम कर रहा है। तीन साल के फील्ड ट्रायल के बाद इसे तैयार किया जाएगा। और किसानों को उगाने के लिए दिया जाएगा। अनुसंधान केंद्र ने देश को दी 56 गेहूं की किस्म जबलपुर कृषि विश्वविद्यालय के प्रदेश में सागर, जबलपुर, पवारखेड़ा में तीन अनुसंधान केंद्र हैं। इसमें पवारखेड़ा का अनुसंधान केंद्र की स्थापना 1903 में की गई थी। केंद्र की अखिल भारतीय गेहूं परियोजना ने अभी तक देशभर में मिलने वाले 56 प्रकार के गेहूं की प्रजातियां विकसित कर किसानों को दी हैं। जिनका किसान उपयोग कर रहे हैं। गेहूं का नया बीज तैयार कर रहे केके मिश्रा, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी अखिल भारतीय गेहूं परियोजना पवारखेड़ा नर्मदापुरम  ने बताया- ग्लूटेन के मरीजों के लिए गेहूं का नया बीज तैयार कर रहे हैं। इसमें ग्लूटेन की मात्रा सबसे कम होगी। इसको खाने से मरीज को एलर्जी नहीं होगी। विभिन्न किस्मों के गेहूं के सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं। कम ग्लूटेन वाले किस्मों पर तीन साल तक फील्ड ट्रायल कर नया गेहूं का बीज बनाया जाएगा।

नए 4-लेन हाईवे के लिए 14 गांवों से होगी जमीन की खरीद, गुजरात-एमपी जोड़ेगा कनेक्टिविटी

धार एमपी में 70 किलोमीटर का नेशनल हाईवे अभी उज्जैन से बदनावर के नागेश्वर धाम तक बना है। अब दूसरे चरण का कार्य बदनावर से टिमरवानी तक 80 किमी का काम शुरू होने वाला है। यह मार्ग भी 552 डी के अंतर्गत ही आएगा तथा इसका निर्माण भी नेशनल हाईवे द्वारा किया जाएगा। इसके टेंडर हो चुके हैं अक्टूबर माह में इस रोड़ का कार्य शुरू हो जाएगा। 1900 करोड़ी की लागत से बन रहा यह नेशनल हाईवे गुजरात से जुड़ेगा तथा इसके बनने से उज्जैन से टिमरवानी की दूरी भी कम हो जाएगी व आवागमन भी सुगम हो होगा। इसका निर्माण सिंहस्थ के पहले किया जाएगा। ताकि गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं को इसका फायदा मिल सके तथा भैंसोला में बन रहा पीएम मेगा टेक्सटाईल पार्क भी इस रोड़ से जुड जाए।   14 गांव की जमीन होगी अधिग्रहित फोरलेन निर्माण के लिए बदनावर तहसील के पश्चिम क्षेत्र की करीब 14 गांवों की भूमि अधिग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है। इसके निर्माण के लिए कुल 155.579 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करेंगे। इसमें सरकारी व निजी भूमि शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण के लिए सूची भी प्रकाशित हो चुकी है। इससे संबंधित गांवों के किसानों में भी हलचल तेज हो गई है। यह फोरलेन उज्जैन से सीधा दिल्ली मुंबई एट लेन एक्सप्रेस वे से सीधा जुड़ जाएगा।   जीतू पटवारी के वाहन पर पथराव, बाल-बाल बचे, गाड़ी के कांच फूटे तहसीलदार सुरेश नागर के मुताबिक, बदनावर से टिमरवानी तक फोरलेन सड़क बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बदनावर तहसील के 14 गांवों की भूमि से यह फोरलेन निकलेगा। इसके लिए ग्राम व भूमि प्रस्तावित है। संबंधित गांवो के हल्का पटवारी व राजस्व अमले को भूमि की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है। औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा फायदा अभी तक मालवांचल से गुजरात जाने के लिए इंदौर-अहमदाबाद मार्ग ही प्रमुख है। अब इस मार्ग के फोरलेन बनाए जाने से यातायात इस पर अधिक डायवर्ट होगा। इससे समय की बचत होगी। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बदनावर के लोग भी गुजरात इसी मार्ग से होकर जाते हैं। भैंसोला में बड़ा पीएम मेगा टेक्सटाइल पार्क बन रहा है, जबकि छायन में कपड़ा कारखाना शुरू हो चुका है। इसी तरह दोतरिया में भी एक फैक्टरी की नींव रखी जा चुकी है। इन उद्योगों के लिए आवागमन में भी इस मार्ग के चौड़ीकरण से यातायात सुगम होगा।