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महिलाओं को मिलेगा बढ़ावा! हरियाणा में 2 हजार डिपो exclusively महिलाओं के लिए, उम्र और शिक्षा की शर्त

चंडीगढ़   हरियाणा के लोगों के लिए अच्छी खबर आई है। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में युवाओं को बड़ी सौगात दी है। सरकार द्वारा राज्य में 6 हजार नए राशन डिपो खोले जाएंगे, जिसमें 33% भागीदारी महिलाओं की रहेगी, यानि 2 हजार राशन डिपो महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। इस संबंध में फूड एंड सप्लाई विभाग ने फाइल तैयार कर सीएम नायब सैनी की मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भेज दी है। फूड एंड सप्लाई विभाग के मंत्री राजेश नागर ने बताया कि विभाग की इस योजना को इसी सप्ताह मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। इसको लेकर एक विभागीय बैठक बुलाई गई है जिसमें अधिकारियों से चर्चा की जायेगी. जल्द ही, आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। आवेदन के लिए शर्तें राशन डिपो आवेदन के लिए आवेदनकर्ता हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 21- 45 साल के बीच होनी चाहिए।आवेदन के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट जमा कराना होगा। आवेदनकर्ता न्यूनतम 12वीं पास होना चाहिए और उसे कम्प्यूटर का ज्ञान होना चाहिए। महिलाओं को 33% आरक्षण का लाभ मिलेगा और नए डिपो के आवंटन में भी इसका फायदा महिलाओं को मिलेगा। ऐसे करें आवेदन     अंत्योदय सरल पोर्टल पर जाएं, इसमें लॉग- इन करें.     स्क्रीन के बाईं ओर “सेवा के लिए आवेदन करें” पर क्लिक करें.     नई उचित मूल्य की दुकान का लाइसेंस जारी करने की सेवा चुनें.     ऑनलाइन आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी भरें.     पोर्टल पर बताए दस्तावेज अपलोड करें.     आखिर में ऑनलाइन अपना आवेदन जमा करें.  

60 Cr फ्रॉड केस: राज कुंद्रा पर शिकंजा, EOW ने तलब किया

 मुंबई    शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को 60.48 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पिछले हफ्ते ही मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने दोनों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था. अब इस मामले में मुंबई पुलिस ने एक्शन लेते हुए शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा को समन जारी किया है. जानकारी के मुताबिक, यह मामला 13 अगस्त को दर्ज हुआ था. राज कुंद्रा अब 15 सितंबर (सोमवार) को EOW दफ्तर पहुंचकर बयान दर्ज कराएंगे. EOW के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ‘बुधवार (10 सितंबर) को राज कुंद्रा को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने अपने प्रतिनिधि के जरिए निवेदन किया कि वे सोमवार (15 सितंबर) को शामिल होंगे.’ क्यों जारी हुआ था लुक आउट सर्कुलर पिछले हफ्ते, EOW ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था, क्योंकि यह कपल अक्सर विदेश यात्रा करता है. यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया कि जांच के दौरान दोनों मुंबई में उपलब्ध रहें. दीपक कोठारी की शिकायत यह धोखाधड़ी का मामला मुंबई के बिजनेसमैन और लोटस कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज के निदेशक दीपक कोठारी की शिकायत पर आधारित है. बिजनेसमैन दीपक कोठारी ने आरोप लगाया है कि 2015 से 2023 के बीच शिल्पा और राज ने उनके साथ 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की. दीपक का दावा है कि यह राशि कंपनी के विस्तार के लिए ली गई थी, लेकिन इसका इस्तेमाल निजी खर्चों के लिए किया गया. कोठारी का आरोप है कि शिल्पा और राज ने शुरू में 75 करोड़ रुपये का ऋण 12% वार्षिक ब्याज पर मांगा था, लेकिन बाद में टैक्स बचाने के लिए इसे निवेश के रूप में दिखाने की सलाह दी. कोठारी ने अप्रैल 2015 में 31.95 करोड़ रुपये और सितंबर 2015 में 28.53 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, जो बेस्ट डील टीवी के बैंक खातों में जमा हुए. लिखित गारंटी और कंपनी से इस्तीफा दीपक कोठारी का कहना है कि अप्रैल 2016 में शिल्पा शेट्टी ने लिखित रूप से व्यक्तिगत गारंटी दी थी कि राशि एक निश्चित समय में 12% ब्याज के साथ लौटाई जाएगी. लेकिन कुछ ही महीनों बाद, सितंबर 2016 में शिल्पा ने कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया. उन्हें बाद में पता चला कि 2017 में कंपनी के खिलाफ 1.28 करोड़ रुपये का एक दिवालियापन मामला भी चल रहा था, जिसके बारे में उन्हें पहले नहीं बताया गया. ईओडब्ल्यू की जांच मामला 10 करोड़ रुपये से अधिक का होने के कारण जुहू पुलिस स्टेशन से ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर कर दिया गया. पुलिस ने शिल्पा, राज और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 403 (बेईमानी से संपत्ति का दुरुपयोग), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 34 (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है.

Maruti Hybrid Cars 2026: दमदार इंजन और शानदार माइलेज के साथ लॉन्च होने वाली 4 नई कारें

नई दिल्ली  मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने जा रही है। कंपनी 2026 तक चार नई हाइब्रिड कारें लॉन्च करेगी। Victoris, Fronx Hybrid, नई Baleno और Suzuki Spacia बेस्ड MPV इसमें शामिल हैं। आइए जानते हैं इन कारों के माइलेज, फीचर्स और लॉन्च डिटेल्स। मारुति का बड़ा दांव– हाइब्रिड कारों की एंट्री भारत में तेजी से बढ़ते ऑटोमोबाइल बाजार में अब इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए मारुति सुजुकी आने वाले वर्षों में ग्रीन मोबिलिटी पर जोर दे रही है। कंपनी 2026 तक चार नई हाइब्रिड कारें लॉन्च करने वाली है। इनमें Victoris, Fronx Hybrid, नई Baleno और Suzuki Spacia प्लेटफॉर्म पर आधारित एक मिनी MPV शामिल है। Victoris 1.5 लीटर माइल्ड हाइब्रिड पेट्रोल इंजन (103bhp) 1.5 लीटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन (116bhp) 1.5 लीटर पेट्रोल + CNG इंजन (89bhp) कंपनी का दावा है कि Victoris का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट 28.65 kmpl तक का माइलेज देगा। अगर यह दावा सही साबित होता है तो यह SUV भारत की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली कार बन जाएगी। Fronx Hybrid मारुति अपनी इन-हाउस हाइब्रिड टेक्नोलॉजी HEV (Hybrid Electric Vehicle) पर काम कर रही है। यह एक सीरीज हाइब्रिड सिस्टम होगा, जिसमें पेट्रोल इंजन, इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी का उपयोग होगा। इसकी खासियत होगी कि यह बेहद किफायती होगा और 35 kmpl से ज्यादा का माइलेज देगा। इस सिस्टम को सबसे पहले 2026 में आने वाली Fronx Hybrid में इस्तेमाल किया जाएगा। बाहर की ओर ‘Hybrid’ बैज और अंदर खास सॉफ्टवेयर देखने को मिलेंगे। हालांकि डिजाइन और इंटीरियर में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन माइलेज और ड्राइविंग अनुभव में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। Baleno Hybrid  मारुति की नेक्स्ट-जेन Baleno भी हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ आएगी। इसमें नया स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन, बेहतर स्टाइलिंग और फीचर-लोडेड इंटीरियर दिया जाएगा। इसका डिजाइन मौजूदा Baleno से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न होगा। हाइब्रिड इंजन की वजह से ग्राहकों को बेहतर परफॉर्मेंस और माइलेज दोनों मिलेंगे। Suzuki Spacia मारुति अपनी नई सब-4 मीटर MPV को जापान-स्पेक Suzuki Spacia के प्लेटफॉर्म पर तैयार करेगी। यह कार सीधे तौर पर Renault Triber और Nissan की आने वाली सब-कॉम्पैक्ट MPV से टक्कर लेगी। इसमें हाइब्रिड पावरट्रेन के साथ ज्यादा स्पेस और प्रैक्टिकल फीचर्स मिलेंगे, जिससे यह फैमिली कार सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनेगी। मारुति का भविष्य का हाइब्रिड रोडमैप 2027 में आने वाली नई Swift में यह हाइब्रिड सिस्टम मिलेगा। 2029 में लॉन्च होने वाली नई Brezza में भी यही टेक्नोलॉजी दी जाएगी। क्यों खास है मारुति की नई हाइब्रिड टेक्नोलॉजी? पेट्रोल और इलेक्ट्रिक मोटर का संयोजन, जिससे फ्यूल की बचत होगी। 35 kmpl से ज्यादा माइलेज देने की क्षमता। कम उत्सर्जन, जिससे पर्यावरण को कम नुकसान। किफायती और मिडिल क्लास ग्राहकों के लिए उपयुक्त विकल्प।

पितृपक्ष में खरीददारी से बचें! अगर जरूरी हो तो अपनाएँ ये आसान उपाय

  पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष) का समय हमारे पितरों को याद करने, तर्पण और दान करने के लिए माना गया है। इस काल में नया सामान खरीदने या नया काम शुरू करने को सामान्यतः अशुभ माना जाता है। इसके पीछे धार्मिक और व्यवहारिक दोनों कारण हैं। पितृपक्ष में नहीं खरीदना चाहिए नया सामान: पितृपक्ष पितरों को समर्पित काल है। यह समय भोग-विलास या नए कार्यों का नहीं बल्कि पितरों के प्रति कृतज्ञता, तर्पण और दान का माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए नए कार्य का फल पितरों को समर्पित हो जाता है। इस अवधि में वातावरण में श्राद्ध संस्कार, तर्पण और प्रेतात्माओं की स्मृति से जुड़ी ऊर्जा मानी जाती है। नया सामान खरीदना या नया कार्य शुरू करना स्थिरता और शुभ फल नहीं देता। लोक मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि पितृपक्ष में खरीदे गए वस्त्र, आभूषण, भूमि या गृह निर्माण कार्य का फल स्थायी नहीं होता, या कार्य में बाधा आती है। पितृपक्ष में अवश्य खरीदना पड़े सामान तो क्या करें: कभी-कभी आवश्यक परिस्थितियों में खरीदारी करनी पड़ जाए तो ये उपाय करने चाहिए- गंगाजल या पवित्र जल छिड़क कर वस्तु को शुद्ध करें। पितरों को समर्पण करें। वस्तु को पितरों को मानसिक रूप से अर्पित करें और उनसे आशीर्वाद लेकर उपयोग करें। गोदान या ब्राह्मण सेवा करें। नए सामान खरीदने पर एक छोटा-सा दान (अन्न, वस्त्र या दक्षिणा) ब्राह्मण या गरीब को देना चाहिए। पितृपक्ष में नए कार्य का शुभारंभ टालें सामान खरीदना यदि अनिवार्य हो तो कर सकते हैं लेकिन उसका प्रथम उपयोग या कार्यारंभ पितृपक्ष के बाद करना श्रेष्ठ माना जाता है। पितृपक्ष में हर कार्य पितरों की तृप्ति के लिए माना जाता है इसलिए इस समय भोग-विलास, उत्सव और नये आरंभ से जुड़े कार्य वर्जित कहे गए हैं। लेकिन दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को देखते हुए कुछ वस्तुएं खरीदी जा सकती हैं। पितृपक्ष में न खरीदें ये सामान सुनार का सामान (सोना–चांदी, आभूषण, बहुमूल्य धातुएं) यह शुभ अवसरों के लिए होता है, जबकि पितृपक्ष शोक-श्राद्ध काल माना जाता है। नया मकान, भूमि या वाहन खरीदना इस अवधि में गृह प्रवेश, भूमि पूजन या वाहन क्रय को अशुभ माना जाता है। नए वस्त्र (शुभ अवसर हेतु) खासकर शादी, त्यौहार या मंगल कार्यों के लिए कपड़े खरीदना वर्जित है परंतु रोज़मर्रा के उपयोग हेतु सामान्य कपड़े खरीदे जा सकते हैं। शुभ मांगलिक कार्यों का सामान जैसे शादी का जोड़ा, मंगलसूत्र, सगाई की अंगूठी आदि। नया व्यापार आरंभ करने के उपकरण। यदि नया व्यापार शुरू करने के लिए सामान खरीदा जाए तो माना जाता है कि उसका फल पितरों को चला जाता है। पितृपक्ष में खरीदा जा सकता है ये सामान दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे अनाज, सब्ज़ी, दालें, फल आदि। घर के लिए आवश्यक सामान जैसे तेल, नमक, मसाले। श्राद्ध व पूजा के लिए सामग्री जैसे कुश, तिल, घी, धूप, पिंडदान हेतु सामग्री, पत्तल, कपड़े (दान हेतु)। आवश्यक जीवनोपयोगी सामान जैसे दवा, बच्चों की ज़रूरत की चीज़ें, किताबें, स्टेशनरी। टूटा-फूटा बर्तन बदलने के लिए नए बर्तन (यदि बहुत ज़रूरी हो)। यदि किसी को कपड़े की तत्काल ज़रूरत है तो साधारण वस्त्र ले सकते हैं पर शुभ अवसर वाले कपड़े नहीं। पितृपक्ष में जरूरी खरीद करने पर करें ये उपाय खरीदे गए सामान पर गंगाजल छिड़कें। पितरों को मानसिक रूप से अर्पित कर दान करें (थोड़ा अन्न, वस्त्र या दक्षिणा)। सामान का प्रथम उपयोग पितृपक्ष के बाद करना श्रेष्ठ माना जाता है।

आचार्य चाणक्य से सीखें सफलता का मंत्र: हर इंसान को खुद से पूछने चाहिए ये 5 सवाल

हर इंसान जीवन में सफल होना चाहता है और इसके लिए भागता ही रहता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार सफल होना है तो कुछ देर ठहरकर आत्ममंथन करना बहुत जरूरी है। अपने आप से कुछ सवाल करना जरूरी है ताकि कामयाबी की ओर कदम बढ़ा सकें। सफलता के लिए जरूरी है आत्म मंथन जीवन में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत के साथ-साथ आत्म मंथन की भी जरूरत होती है। जब तक इंसान को अपनी काबिलियत, हैसियत, और खुद की अहमियत का अंदाजा नहीं होगा, वो सही दिशा में कदम नहीं बढ़ा पाएगा। और बिना सही दिशा जानें तो सफलता की ओर एक पग बढ़ाना भी मुश्किल है। इसलिए अगर जीवन में सफल होना है, तो खुद के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है और ये आपसे बेहतर भला कौन जानता है। इसलिए आगे बढ़ना है तो थोड़ा सा ठहरना भी जरूरी है। शांत मन से खुद को टटोलना भी जरूरी है और कुछ सवालों के जवाब ढूंढना भी जरूरी है। आचार्य चाणक्य ने बताए सफलता के सूत्र आचार्य चाणक्य भारत के इतिहास में हुए उन विद्वानों में से एक हैं, जिनकी बातें आज भी लोगों का मार्गदर्शन करने का काम कर रही हैं। उन्होंने जीवन के लगभग हर एक पहलू पर अपने स्पष्ट विचार रखे। जीवन में कोई भी व्यक्ति कैसे सफलता पा सकता है, इसपर तो आचार्य ने खूब लिखा। उन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि व्यक्ति को समय-समय पर खुद से कुछ जरूरी सवाल कर लेने चाहिए ताकि उसके सामने चीजें स्पष्ट हो सकें और वो अपने जीवन की सही राह चुन पाए। आइए जानते हैं आचार्य ने खुद से किन सवालों के जवाब तलाशने की बात कही है। कैसा चल रहा है समय हर इंसान के जीवन में उतार-चढ़ाव तो लगे ही रहते हैं। कभी सुख तो कभी दुख, जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। आपका समय कैसा चल रहा है, इसके बारे में समय-समय पर खुद से सवाल जरूर करते रहें। जीवन के उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय, इस पर आत्ममंथन करें। अगर जीवन में दुख है तो किन कारणों से है, उससे बाहर निकलने का समाधान क्या है; ये आपको तभी पता चलेगा जब आप शांत मन से इस पर विचार करेंगे। कौन है आपका सच्चा मित्र आपका सच्चा मित्र कौन है, इसके बारे में भी इंसान को जानकारी होना बहुत जरूरी है। हर इंसान के जीवन में कई तरह के लोग होते हैं लेकिन सब पर आंख मूंद कर भरोसा कर लेना समझदारी नहीं। अगर आपको जीवन में तरक्की पानी है, तो इंसान की परख होना जरूरी है। कौन सा इंसान आपका सच्चा साथी है और कौन सिर्फ दिखावे के लिए आपके साथ है, इस बात को भी आप तभी समझ पाएंगे जब खुद से एकांत में इसे लेकर सवाल करेंगे। कैसी जगह पर है आपका निवास स्थान इंसान जिस जगह पर रहता है, उस माहौल का उसके जीवन पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए अपने माहौल को अच्छा रखना जरूरी है। हर इंसान को खुद से ये सवाल करना चाहिए कि वह जिन लोगों के साथ उठ- बैठ रहा है, क्या वो उसके लिए सही हैं। आपके आसपास के माहौल का आपके जीवन पर पॉजिटिव असर पड़ रहा है या नेगेटिव, इसके बारे में विचार करना जरूरी है। अगर आपके माहौल का आपके जीवन पर नेगेटिव असर पड़ रहा है तो उसे बदलने का प्रयास करें। कितनी है कमाई और कितना है खर्च इंसान अपने जीवन में तरक्की तभी हासिल करता है, जब उसे अपनी कमाई और खर्च के बीच बैलेंस बनाना आता है। वो कहावत तो आप सब ने सुनी होगी 'उतने पैर पसारिए जितनी लंबी सौर', इस कहावत का अर्थ है कि आदमी को अपनी आमदनी को ध्यान में रखकर ही खर्चा करना चाहिए। हर इंसान को इस पर विचार जरूर करना चाहिए कि उसकी कमाई कितनी है और उसका खर्चा कितना है। साथ ही कोशिश करनी चाहिए की जितनी कमाई हो, खर्च उससे कम ही हो और बचत की जा सके। क्या है आपकी काबिलियत हर इंसान में अलग अलग गुण होते हैं। किसी को पढ़ाई में रुचि है तो किसी को संगीत में, कोई अच्छी आर्ट बना सकता है तो कोई स्वादिष्ट खाना। इसके अलावा हर इंसान का इंटरेस्ट ऑफ एरिया भी अलग-अलग होता है। कोई बिजनेस करना चाहता है तो कोई इंजीनियर बनना चाहता है, किसी को डॉक्टर बनना है तो कोई एक्टर बनने के सपने देखता है। ऐसे में जीवन में सफल होने के लिए हर इंसान को अपनी काबिलियत जरूर पहचाननी चाहिए। किस काम में आपका मन लगता है और कौन से काम को आप आसानी से कर सकते हैं, इस पर विचार जरूर करें। अपनी काबिलियत को पहचानकर ही भविष्य की प्लानिंग करें। इसके बाद आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

एशिया कप 2025 का आगाज़: टीम इंडिया के युवा और अनुभवी खिलाड़ी तैयार, सबसे बड़ा रोमांच IND vs PAK

दुबई  एशिया कप का 17वां संस्करण 9 सितंबर को शुरू होगा और यह 28 सितंबर तक चलेगा. टूर्नामेंट T20 प्रारूप में खेला जाएगा और सभी मुकाबले अबू धाबी और दुबई में खेले जाएंगे. डबल हेडर वाले दिन पहला मैच भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे से खेला जाएगा, जबकि बाकी सभी मुकाबले भारतीय समयानुसार रात 8:00 बजे खेले जाएंगे. एशिया कप UAE में क्यों खेला जा रहा है? बीसीसीआई मूल रूप से इस टूर्नामेंट की मेजबानी करने वाला था, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़े राजनीतिक रिश्तों और एक-दूसरे की सरजमीं पर क्रिकेट खेलने से इनकार की वजह से आयोजन स्थल को बदलना पड़ा. इसी कारण टूर्नामेंट का आयोजन अब यूएई में होगा. हालांकि, बीसीसीआई अभी भी इस प्रतियोगिता का आधिकारिक मेजबान बना रहेगा, मगर सभी मुकाबले दुबई और अबू धाबी में खेले जाएंगे. टूर्नामेंट का इतिहास क्या कहता है? पहला एशिया कप 1984 में भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला गया था. 2008 से यह टूर्नामेंट नियमित रूप से होता आ रहा है. भारत मौजूदा चैम्पियन है, जिसने 2023 के फाइनल में श्रीलंका को हराकर 8वां खिताब जीता. श्रीलंका 6 बार खिताब जीत चुका है. जबकि पाकिस्तान सिर्फ दो बार चैम्पियन बना.  इस बार टूर्नामेंट T20 फॉर्मैट में होगा, जो कि इतिहास में सिर्फ तीसरी बार हो रहा है. टूर्नामेंट में कौन-कौन सी टीमें हिस्सा लेने वाली है? पहली बार एशिया कप में आठ टीमें हिस्सा लेने जा रही हैं. भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान ने इस टूर्नामेंट में सीधा प्रवेश पाया. जबकि ओमान , संयुक्त अरब अमीरात और हॉन्ग कॉन्ग को ACC पुरुष प्रीमियर कप के जरिए प्रवेश मिला है, जो कि एशिया में एसोसिएट देशों के बीच खेला जाने वाला टूर्नामेंट है. इस बार का फॉर्मेट कैसा है? आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है. दोनों ग्रुप की शीर्ष दो टीमें ‘सुपर फोर’ के लिए क्वालिफाई करेंगी.और फिर इसमें सबसे ऊपर रहने वाली दो टीमें 28 सितंबर को फाइनल खेलेंगी. ग्रुप A: भारत, पाकिस्तान, ओमान, यूएई ग्रुप B: श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग भारत-पाकिस्तान भिड़ंत कब है? भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़े राजनीतिक हालात के बाद असमंजस की स्थिति थी, लेकिन भारत सरकार की स्पष्टता के बाद दोनों टीमों का मुकाबला तय हो गया. 14 सितंबर को दुबई में ग्रुप मैच होगा और अगर दोनों सुपर 4 या फाइनल तक पहुंचते हैं तो इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच तीन मुकाबले खेले जा सकते हैं. कौन से नए खिलाड़ी हैं चर्चा में? इस एशिया कप में कई नए और युवा चेहरे हैं. 24 वर्षीय अभिषेक शर्मा, जिनके नाम दो T20I शतक और 193.84 का स्ट्राइक रेट है, भारत के लिए अब तक 17 मैच खेल चुके हैं. अफगानिस्तान के 19 वर्षीय मिस्ट्री स्पिनर अल्लाह गजनफर ने 11 वनडे मैचों में प्रभावित किया है. वही पाकिस्तान के 31 वर्षीय तेज गेंदबाज सलमान मिर्जा ने पीएसएल 2025 में कुल 11 विकेट लिए थे. यूएई के कप्तान मुहम्मद वसीम टी20 इंटरनेशनल में 2,922 रन बना चुके हैं और वो 155.67 का स्ट्राइक रेट रखते हैं. हॉन्ग कॉन्ग के 34 वर्षीय यासिम मुर्तजा पहली बार अपनी टीम की कप्तानी करेंगे जिन्होने टी20I में कुल 70 विकेट लिए हैं. क्यों है खास यह एशिया कप? टी20 फॉर्मेट में उलटफेर की संभावना हमेशा रहती है. हॉन्ग कॉन्ग और अफगानिस्तान जैसी टीमें पहले भी दिग्गज टीमों को चुनौती दे चुकी हैं. श्रीलंका ने 2022 में T20 एशिया कप जीतकर साबित किया था कि यह टूर्नामेंट सरप्राइज से भरा है.

अनाया बांगर की दास्तां: जेंडर बदलने के बाद अब बिना शादी मां बनने का सपना

मुंबई  पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया की सनसनी बनी हुईं हैं। जेंडर ट्रांसफॉर्मेशन के बाद से वो लगातार अपनी हर अपडेट फैंस से शेयर करती हैं। लड़का से लड़की बनीं अनाया बांगर ने इंस्टाग्राम पर एक मजेदार वीडियो शेयर किया है। जिसमें वो अपने दोस्त के साथ हैं और कुछ दिलचस्प सवालों का हां और ना में जवाब दे रही हैं।    वीडियो में सबसे दिलचस्प मोमेंट तब आया जब सवाल था कि क्या आप शादी के बाद बच्चा चाहेंगी या सिर्फ शादी करेंगी और बच्चे नहीं? अनाया ने बिना एक सेकेंड लगाए अपने दिल की बात बयां कर दी।    पिछले साल लड़का से लड़की बनीं अनाया बांगर बिना शादी किए बच्चे की इच्छा रखती हैं। इसके अलावा ये भी सवाल था कि क्या आप अपने से छोटे उम्र के लड़के को डेट करेंगी? इसपर भी अनाया ने हां में जवाब दिया। जब ये सवाल आया कि क्या अपने पार्टनर का फोन चेक करेंगी तो अनाया बांगर ने समझाते हुए कहा कि ऐसा होना तो नहीं चाहिए, लेकिन आज के जमाने में ऐसा करना बहुत जरूरी है।  संजय बांगर की बेटी अनाया ने 2024 में जेंडर चेंज कराने का बड़ा फैसला लिया था। वो 'आर्यन' से 'अनाया' बन गईं। हाल ही में उन्होंने बताया कि उन्हें कई तरह की सर्जरी से गुजरना पड़ा है।  

सुपोषण, महतारी वंदन योजना सहित राज्य सरकार के प्रयासों की यूनिसेफ इंडिया ने की सराहना

रायपुर : विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में यूनिसेफ इंडिया देगा तकनीकी सहयोग सुपोषण, महतारी वंदन योजना सहित राज्य सरकार के प्रयासों की यूनिसेफ इंडिया ने की सराहना मुख्यमंत्री से यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और यूनिसेफ की ओर से तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूनिसेफ इंडिया के सहयोग का स्वागत करते हुए कहा कि यूनिसेफ द्वारा विश्वभर में जनकल्याण हेतु विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ के अंतर्गत सरकार की प्राथमिकताओं को प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा किया। मुख्यमंत्री को यूनिसेफ के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सर्विसेज प्रमुख सुसोलेदाद हेरेरो ने राज्य की पोषण संबंधी पहल और "विकसित छत्तीसगढ़" निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। सुहेरेरो ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ छत्तीसगढ़ में हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम में भी सहयोग प्रदान कर रहा है, जिसके अत्यंत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस पहल को मध्यप्रदेश, राजस्थान और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यूनिसेफ इंडिया द्वारा छत्तीसगढ़ में किए जा रहे योगदान की सराहना की और भविष्य में भी अंजोर विजन 2047 के लक्ष्यों को केंद्र में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान किया है। उसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संकल्पित है और इसके लिए अंजोर विजन 2047 दस्तावेज़ तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के तहत आदिवासी समुदाय, विशेषकर विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। शिशु मृत्यु दर, कुपोषण सहित स्वास्थ्य एवं पोषण के सूचकांकों को बेहतर बनाने में यूनिसेफ का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के प्रमुख विलियम हैनलॉन जूनियर तथा डॉ. बाल परितोष दास भी उपस्थित रहे।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत राज्य सरकार की 1.85 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण

रायपुर : प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता ऊर्जा उत्पादक के साथ-साथ बन रहे हैं ऊर्जा दाता : मुख्यमंत्री साय प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता ऊर्जा उत्पादक के साथ-साथ बन रहे हैं ऊर्जा दाता पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत राज्य सरकार की 1.85 करोड़ रुपये की सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक जागरूकता के लिए सूर्य रथ को दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानित रायपुर प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता अब केवल ऊर्जा उत्पादक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति के संकल्प को तीव्र गति से पूर्ण करने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सौर ऊर्जा के फायदों, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और इसके अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी के विषय में लोगों को जानकारी देने और जागरूक करने के उद्देश्य से सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने 618 उपभोक्ताओं के खातों में प्रत्येक को 30 हजार रुपये की दर से कुल 1.85 करोड़ रुपये की राज्यांश सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण किया। मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में हुए शामिल, उत्कृष्ट वेंडरों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ता प्रदूषण हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है और छत्तीसगढ़ इस लक्ष्य की प्राप्ति में पूरे समर्पण और क्षमता के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए हॉफ बिजली बिल से आगे बढ़ते हुए मुफ्त बिजली की ओर ले जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इसे हर्ष का विषय बताते हुए कहा कि प्रदेशवासी इस योजना के महत्व को समझते हुए स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आमजन से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों को भी इस योजना से जोड़ें और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रदेश को अग्रसर बनाने में योगदान दें। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उपभोक्ताओं को सब्सिडी उपलब्ध करा रही हैं। साथ ही बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से आसान वित्तीय सुविधा भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उपभोक्ताओं को पूर्ण रूप से मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत आज लाभार्थियों को लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किए गए हैं। इन योजनाओं से उपभोक्ता स्वयं सौर ऊर्जा का उत्पादन कर बिजली का विक्रय कर रहे हैं और साथ ही सस्ती बिजली का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सौभाग्य योजना के माध्यम से हर घर बिजली पहुँचाने का संकल्प लिया था। उस समय देश के 18 हजार गाँव अंधेरे में थे और आज उन सभी गाँवों तक बिजली पहुँच चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब देश स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन क्षमता केवल 1,400 मेगावाट थी, जबकि आज प्रदेश 30,000 मेगावाट का उत्पादन कर रहा है और पड़ोसी राज्यों को भी बिजली उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू संपादित हुए हैं और आने वाले समय में प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता और भी बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाएँ और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की प्राप्ति में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष राजनांदगांव से आए कक्षा 12वीं के छात्र प्रथम सोनी ने सौर ऊर्जा की विशेषताओं और शासन द्वारा इसे बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘इम्पैक्ट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी ऑन ग्रिड स्टेबिलिटी’ तथा ‘एग्रीवोल्टाइक्स परफार्मर हैण्डबुक’ का भी विमोचन किया। इस अवसर पर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में विशेष भूमिका निभाने वाले उत्कृष्ट वेंडरों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा के चेयरमैन भूपेंद्र सवन्नी, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, क्रेडा के सीईओ राजेश राणा, भारतीय सौर ऊर्जा महासंघ के अध्यक्ष सुमन कुमार, तीनों पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक सहित बड़ी संख्या में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता उपस्थित थे।

रायपुर: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने कौशल विकास से जोड़ें – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

रायपुर: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने कौशल विकास से जोड़ें – मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का संदेश: रायपुर में कहा, आत्मनिर्भर भारत के लिए युवाओं को कौशल विकास से जोड़ना जरूरी मंत्रालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक, योजनाओं की प्रगति पर हुई गहन चर्चा रायपुर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल में सशक्त बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए जाएँ, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को आसानी से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम चाहते हैं कि हर युवा अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बने और उसे बेहतर रोजगार या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हों। मंत्री जी ने यह भी निर्देश दिए कि ग्रामीण और  दूरदराज़ क्षेत्रों के युवाओं को  योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके। मंत्री साहेब ने कहा कि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री साहेब ने आज मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार और अनुसूचित जाति विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने राज्य के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष बल दिया। मंत्री साहेब ने कहा- छत्तीसगढ़ के तकनीकी संस्थानों को देश के श्रेष्ठ संस्थानों की श्रेणी में लाने के लिए हमें शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना होगा। प्रयोगशालाओं  सहित अन्य सुविधाएँ सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। अनुसूचित जाति विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री साहेब ने अधिकारियों से कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र छात्र को छात्रवृत्ति से वंचित नहीं रहना चाहिए। यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा, प्रशिक्षण और आवासीय सुविधाएँ समय पर रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने जिला स्तर पर विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सतत निगरानी हो सके। मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने रोजगार विभाग के अधिकारियों से रोजगार मेला एवं प्लेसमेंट कैंप, स्कूल और कॉलेजांे में कैरियर मार्गदर्शन, ई-रोजगार पोर्टल, छत्तीसगढ़ रोजगार एप, अग्निवीर भर्ती परीक्षा तथा विभागीय नवाचार सहित विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य स्तरीय विशाल रोजगार मेला का आयोजन किया जाए ताकि बेरोजगार नवयुवक नियोजित हो सके। मंत्री साहेब ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँचना चाहिए।  साथ ही उन्होंने अधिकारियों को आमजन के साथ संवाद बनाए रखने, नियमित फील्ड विजिट करने और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष व्यापम श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने व्यवसायिक परिक्षा मण्डल की गतिविधियों से अवगत कराया साथ ही उन्होंने व्यापम द्वारा ली जाने वाली प्रवेश परीक्षा, पात्रता परीक्षा और भर्ती परीक्षाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। श्रीमती पिल्ले ने आयोजित परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने के लिए किए गए प्रयासों से भी अवगत कराया।  बैठक में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस भारतीदासन, कौशल विकास के संचालक विजय दयाराम, तकनीकी विश्वविद्यालय एवं आई.टी. आई के अधिकारी गण सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।