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सचिन पायलट के नेतृत्व में बिलासपुर में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे गूंजे

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में आज कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन होगा। बिलासपुर के मुंगेली नाका स्थित ग्रीन गार्डन मैदान में वोट चोर, गद्दी छोड़ आमसभा का आयोजन किया गया है, जहां कांग्रेस के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। यह अभियान राहुल गांधी के आह्वान पर पूरे देश में चल रहा है। कुछ देर में सचिन पायलट आमसभा में शामिल होंगे। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव समेत अन्य नेता मंच पर मौजूद हैं। महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल समेत सभी मोर्चा और प्रकोष्ठ के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में सभा में पहुंचे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने कहा, प्रदेशभर में जनता को जागरूक करने के लिए यात्रा निकाली जा रही है। वोट चोरी हो रही है, लोकतंत्र के साथ हेराफेरी हो रही है। सचिन पायलट ने कहा, राहुल गांधी के साथ विपक्ष खड़ा है, सब मिलकर लोकतंत्र की रक्षा करेंगे। 15 तारीख से प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान होगा। सभी नेता मिलकर जन-जागरण अभियान को अंजाम देंगे। वोट चोरी जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। इस दौरान पायलट ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।

गर्भपात कानून में बदलाव? MP हाईकोर्ट ने कहा – MTP एक्ट के तहत गर्भवती की सहमति अनिवार्य

जबलपुर  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी) अधिनियम के तहत गर्भवती की सहमति जरूरी है। कोर्ट ने पाया कि नाबालिग बलात्कार पीड़िता तथा उसकी मां ने गर्भपात की अनुमति प्रदान करने से इनकार कर दिया है। इस मत के साथ कोर्ट ने याचिका का निराकरण कर गर्भपात की अनुमति देने से इनकार कर दिया।  ये है मामला दरअसल, मैहर जिला अदालत ने 17 वर्षीय रेप पीड़िता के गर्भवती होने के संबंध में सूचना देने हाईकोर्ट को पत्र प्रेषित किया था। हाईकोर्ट (MP High Court) ने संज्ञान याचिका के रूप में लिया। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट मंगवाई। इसके अनुसार पीड़िता की गर्भावस्था 28 सप्ताह से अधिक है। बोर्ड से मांगी जानकारी एमपी कोर्ट ने कहा कि एमटीपी अधिनियम के तहत अपेक्षित पूरी जानकारी मेडिकल बोर्ड प्रदान नहीं कर रहा। अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत आवश्यकताओं के अनुसार मेडिकल बोर्ड को विशिष्ट अवलोकन और स्पष्ट राय देनी चाहिए। अक्सर मेडिकल रिपोर्ट में उपरोक्त संबंध में कोई उल्लेख नहीं रहता। कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देशित किया कि आदेश की प्रति राज्य के सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों और राज्य मेडिकल बोर्ड को भेजी जाए।

बड़ी खबर: नेपाल के बाद इस देश में भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन, यूजर्स को लगा झटका

नेपाल सरकार ने हाल ही में 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया है। इसमें YouTube, Instagram और WhatsApp से लेकर X समेत कुल 26 ऐप्स के नाम शामिल हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगने के बाद से नेपाल की सरकार पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। लोग इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सुरक्षाकर्मी और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 8 लोगों की जान भी चली गई है। नेपाल के बाद अब तुर्की सरकार ने भी ऐसा ही फैसला ले लिया है। जी हां, इस्तांबुल में पुलिस और विपक्षी समर्थकों के बीच झड़प के बाद तुर्की सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगा दी। हालांकि, यह रोक अभी अस्थायी रूप से लगाई गई है। सरकार ने YouTube, X (पहले ट्विटर), Instagram और WhatsAppजैसी साइटों पर एक्सेस को सस्पेंड कर दिया है। आइये, पूरी खबर जानते हैं। 12 घंटे तक नहीं चला इंटरनेट TOI की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की में अस्थायी रूप से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगा दी गई है। देश भर में व्यापक इंटरनेट प्रतिबंध लागू किया गया, जो लगभग 12 घंटे तक चला। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) के मुख्यालय पर एक ट्रस्टी नियुक्त किया है। इसे कंट्रोल लेने से रोकने के लिए हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद इस प्रतिबंध को लागू किया गया। सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद सरकार द्नारा ये प्रतिबंध लगाए गए। इस प्रतिबंध से बचने के लिए कई ने वीपीएन सेवाओं का सहारा लिया।

भिनभिनाती सफलता! AIIMS भोपाल में पैर की हड्डी से नया जबड़ा और 13 दांत लगाए गए

 भोपाल डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं। यही भगवान जब आपको किसी बीमारी से उभारते हैं, तो आपको जीवन भर की हंसी-खुशी आपकी झोली में डाल देते हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के भोपाल से सामने आया है। यहां के एम्स के डेंटल विभाग के डॉक्टरों ने अनोखी सर्जरी के जरिए एक युवती के चेहरे को नई खुशी दी है। दरअसल डॉक्टरों ने युवती का जबड़ा दोबारा बनाकर उसमें 13 दांत लगाए हैं। अनोखी बात यह है कि डॉक्टरों ने ये जबड़ा युवती के पैर की हड्डी से बनाया है। अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि युवती को नया जबड़ा क्यों लगाना पड़ा? दरअसल युवती के मुंह की सूजन और लगातार पस आने की समस्या थी। इसके चलते युवती भोपाल एम्स में दिखाने आई थी। जांच हुई तो पता चला कि युवती को बिनाइन ओडोन्टोजेनिक ट्यूमर है। आसान भाषा में समझाएं तो युवती को दांतों से संबंधित ट्यूमर निकला। ये जबड़े की हड्डी या दांतों के पास होता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल एम्स के डॉक्टरों ने सर्जरी करने की बात कही। युवती तैयार हो गई। सर्जरी को कई चरणों में पूरा किया गया। पहले जबड़े से ट्यूमर को काटकर हटाया गया। इसके चलते 13 दांत निकालने पड़ गए। इस कारण दांत कमजोर हो गया। युवती का चेहरा भी खराब लगने लगा। इसके बाद डॉक्टरों ने पैर की हड्डी (इलिएक क्रेस्ट) से नया जबड़ा बनाया। बनाए गए नए जबड़े के हिस्से को युवती के मुंह में फिट किया गया। इसके बाद करीब छह महीना का इंतजार किया गया, ताकि जबड़ा फिट हो जाए। इसके बाद युवती के मुंह में दांत लगाए गए। सर्जरी के बाद लड़की का चेहरा लगभग पहले जैसा हो गया है। उसके चेहरे की वही प्यारी मुस्कान वापस आ गई है, जो पहले थी। इस सर्जरी को सफल बनाने वाले डॉक्टर अंशुल राय के मुताबिक उन्होंने इस अनोखे केस को इंटरनेशनल इम्प्लांट्स जर्नल में प्रकाशित होने के लिए भेजा है।

सुरक्षा के लिहाज से भोपाल प्रशासन ने जारी किया नया आदेश, अब सभी ठहरने वालों की जानकारी अनिवार्य

भोपाल  भोपाल में किरायेदार, होटल और लॉज में रूकने वाले लोगों की जानकारी रजिस्ट्रर में दर्ज कर संबंधित थान या मध्य प्रदेश पुलिस सिटिजन पोर्टल पर देना अनिवार्य हो गया है। पुलिस आयुक्त भोपाल हरिनारायणचारी मिश्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, शहर में किरायेदार, होटल-लॉज, रिसॉर्ट, धर्मशाला और छात्रावासों में ठहरने वाले व्यक्तियों की पूरी जानकारी रजिस्टर में दर्ज कर संबंधित थाने या मध्यप्रदेश पुलिस सिटिजन पोर्टल पर देना अनिवार्य होगा। किराएदार की जानकारी एक सप्ताह में देना होगा  आदेश में कहा गया है कि मकान मालिक यदि अपना मकान या हिस्सा किराए पर देते हैं तो एक सप्ताह के भीतर किरायेदार अथवा पेइंग गेस्ट का विवरण देना होगा। पहले से रह रहे किरायेदार और घरेलू नौकरों की जानकारी भी 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। होटल, लॉज, रिसॉर्ट और धर्मशालाओं के प्रबंधकों को मेहमानों का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज कर पुलिस को देना होगा। छात्रावास संचालकों को भी रह रहे छात्रों की जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी। स्पा सेंटर के कर्मचारियों का ID प्रूफ जमा करना होगा  निर्माण कार्य में लगे ठेकेदारों को मजदूरों का विवरण देना होगा, जबकि ट्रेवल एजेंसियों को वाहन किराए पर देने से पहले ग्राहक की पहचान की पुष्टि करनी होगी। स्पा सेंटर, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर और प्राइवेट सुरक्षा एजेंसियों को अपने कर्मचारियों की जानकारी और आईडी प्रूफ जमा करना होगा। साथ ही, ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी एजेंसियों को अपने डिलीवरी बॉय की पूरी जानकारी और दस्तावेज पुलिस को देने होंगे। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा। आदेश का पालन न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

दुर्योधन ने गयाजी में अदा किया पाकिस्तानी पूर्वजों को श्रद्धांजलि, बिहार की व्यवस्था पर जताया प्रशंसा

पटना पितृपक्ष माह में पितरों की आत्मा की शांति के लिए लोग बिहार के गया में पिंडदान करने के लिए आते हैं। गया श्राद्ध को सबसे पवित्र माना जाता है। इस बार भी पितृपक्ष मेले में कई चर्चित चेहरों का आगमन हो रहा है। इसी कड़ी में 'महाभारत' सीरियल में 'दुर्योधन' का रोल करने वाले एक्टर पुनीत इस्सर सोमवार को गया पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पाकिस्तानी पूर्वजों समेत समस्त पितरों का पिंडदान किया। 'यह तो एकदम बदला हुआ बिहार है' दरअसल, पुनीत इस्सर अपनी पत्नी दीपावली इस्सर संग यहां पहुंचे। गयाजी के विष्णुपद अक्षय वट में उन्होंने पूर्वजों की मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान किया। इस मौके पर पुनीत और उनकी पत्नी दोनों ने बिहार की व्यवस्था की जमकर तारीफ की। पुनीत इस्सर ने कहा कि, 'यह तो एकदम बदला हुआ बिहार है। जो कहा जाता था वह बिहार नहीं है, यह नया बिहार है। हमने यहां की व्यवस्था देखी, जो शानदार है। हम इसकी प्रशंसा करते हैं।' बता दें कि पुनीत इस्सर के पूर्वज पाकिस्तान के पंजाबी रावलपिंडी में रहते थे। साथ ही इनके साले साहब सत्यजीत पूरी के पूर्वज गुजरांवाला पाकिस्तान पंजाब से थे। वहीं पशुपति दाढ़ी वाला ने बताया कि पुनीत इस्सर ने अपनी पत्नी दीपावली इस्सर संग गयाजी में पूर्वजों की मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान तर्पण किया।

EOW ने किया बड़ा खुलासा: फर्जी मुख्तारनामा के जरिए करोड़ों की जमीन हड़पने का प्रयास

भोपाल  आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने राजधानी में जमीन संबंधी एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। आरोपियों ने कूटरचित मुख्तारनामा (Forged Power of Attorney) तैयार कर वास्तविक मालिक की जमीन को धोखाधड़ी से बेच डाला। मामला ग्राम बरखेड़ी कलां, तहसील हुजूर, जिला भोपाल स्थित 0.134 हेक्टेयर (लगभग 0.33 एकड़) भूमि से जुड़ा है। इस जमीन की वास्तविक मालिक मेवल रेबेलो हैं, जो वर्तमान में गोवा में निवासरत हैं। शिकायतकर्ता पीएमके भारद्वाज की रिपोर्ट पर हुई जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल शर्मा ने मेवल रेबेलो के नाम से फर्जी मुख्तारनामा तैयार कराया था। पंजीयन क्रमांक, पुस्तक व पृष्ठ संख्या की जांच में यह पाया गया कि जिस क्रमांक का उल्लेख मुख्तारनामे में किया गया था, उस पर वास्तव में सुरैया हसन और मोहम्मद ताहिर के बीच अन्य दस्तावेज दर्ज था। इसके बावजूद आरोपी राहुल शर्मा ने स्वयं को मुख्तारनामा धारक बताते हुए 12 दिसंबर 2024 को विक्रय पत्र तैयार कराया और भूमि को आरोपी नीरज पटेल के नाम बेच दिया। विक्रय पत्र में 71 लाख 72 हजार रुपये का भुगतान दर्शाया गया, जिसमें सात चेक और नकद राशि शामिल थी। लेकिन EOW की जांच में पता चला कि पांच चेक बाउंस हो गए और वास्तविक भुगतान केवल 8 लाख 22 हजार रुपये ही हुआ। बैंक विवरणों से भी यह तथ्य पुष्ट हुआ। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी राहुल शर्मा और नीरज पटेल ने आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए फर्जी दस्तावेज का उपयोग कर जमीन का नामांतरण करा लिया। EOW ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318, 336, 338, 340 सहपठित धारा 61 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है। 

मानसून की कमी ने बढ़ाई परेशानी, राजस्थान के लोग राहत की राह देख रहे

जयपुर राजस्थान में मानसून अब कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियों में तेजी से कमी आएगी। छिटपुट स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। राजस्थान के उपर बना गहरा अवदाब क्षेत्र अब अवदाब में बदलकर पश्चिमी की ओर शिफ्ट हो रहा है। इससे प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। मौमस विभाग की ओर से बाड़मेर और जैसलमेर को छोड़कर प्रदेश के किसी भी जिले में बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है। इसके साथ ही अगले 4 दिनों के पूर्वानुमान में भी बारिश की चेतावनी नहीं है। अगस्त-सितंबर में हुई भारी बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ से भारी नुकसान उठाना पड़ा। सरकार ने विधानसभा में आंकड़े पेश किए कि प्रदेश में वर्षा जनित हादसों में 193 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं। खास तौर पर दौसा, सवाई माधोपुर, धौलपुर, अजमेर, सिरोही, जालौर, भरतपुर सहित करीब 20 जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट का कहना है कि अतिवृष्टि के कारण अधिकांश क्षेत्रों में फसल 75% से लेकर 90% तक खराब हो चुकी है| बुवाई का समय भी समाप्त हो चुका है|    मुआवजे की मांग को लेकर विधानसभा में हंगामा किसानों को मुआवजे की मांग को लेकर कांग्रेस लगातार विधानसभा में प्रदर्शन कर रही है। 5 सितंबर को कांग्रेस विधायक मुआवजे की मांग को लेकर ट्रैक्टर पर बैठकर विधानसभा पहुंचे थे। कांग्रेस विधायकों के हाथों में फसलें भी थीं। इस दौरान काफी हो-हंगामा भी हुआ। सोमवार को भी कांग्रेस ने मुआवजे और कानून व्यवस्था को लेकर जमकर प्रदर्शन किया था।  सीएम के निर्देश 3  दिन में मरम्मत प्रस्ताव स्वीकृत हों सीएम भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने, अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों, नहरों, एनिकट तथा भवनों के मरम्मत के प्रस्तावों को तीन दिन में स्वीकृत करने के विशेष रूप से निर्देश दिए। साथ ही, इन स्वीकृत प्रस्तावों का कार्य 23 सितंबर तक प्रारंभ करने और क्षतिग्रस्त पक्के और कच्चे मकान की रिपोर्ट 2 दिन में प्राप्त कर तत्काल स्वीकृति जारी करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों से क्षतिग्रस्त सड़कों और भवनों के प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित भी करवाए जाएं।

बाघ ने दिखाई मौजूदगी, पांडुका रेंज में पाए गए पंजे के निशान – गांवों में सतर्कता बढ़ी

गरियाबंद  गरियाबंद के पाण्डुका रेंज में बाघ की मौजूदगी नजर आने से क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया है. स्थिति को देखते हुए पाण्डुका वन विभाग ने दर्जन भर गांव में हाई अलर्ट जारी किया है. वन विभाग से मिली जानकारी, पांडुका रेंज के नागझर जंगल में बाघ की मौजूदगी सामने आई है. क्षेत्र में कई जगह बाघ के पैरों के निशान देखे गए हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि धमतरी जिले के सिंगपुर परिक्षेत्र से नदी पार कर बाघ पहुंचा है. क्षेत्र में पहले से ही दो हाथी मौजूद हैं, ऐसे में स्थानीय रहवासियों की चिंता बढ़ गई है.

स्किल्ड युवा और गांव बनेंगे विकसित उत्तर प्रदेश के ध्वजवाहक

‘विकसित यूपी @2047’ : युवा को ज्ञान, सबको घरबार स्किल्ड युवा और गांव बनेंगे विकसित उत्तर प्रदेश के ध्वजवाहक 2047 तक यूपी को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में जुटे योगी आदित्यनाथ – हर परिवार को पक्का घर, हर गांव को बुनियादी सुविधाएं देने का संकल्प  – यूपी बनेगा स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड युवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता – कृषि अनुसंधान और फूड प्रोसेसिंग से बढ़ेगी किसानों की आय – पश्चिमांचल की तरह पूर्वांचल और बुंदेलखंड भी बनेगा विकास का मॉडल  – 2017 से पहले शिक्षा और गांवों में थी अव्यवस्था, अब बन रहा विकास का सेंटर – ग्रामीण आवास में आई क्रांति- 36.57 लाख घर स्वीकृत, 36.34 लाख हुए पूरे – 3310 आईटीआई और 2138 पॉलीटेक्निक से युवाओं को मिल रहे नए अवसर लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक ‘विकसित यूपी’ के रूप में स्थापित करने का विजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तय किया है। इस विजन के मुख्य आधार में से एक है ग्रामीण युवा को उच्च शिक्षा के साथ ही ग्राम स्वच्छता एवं ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना। सरकार का मानना है कि यदि अगले 22 वर्षों में इन दोनों क्षेत्रों में बड़े परिवर्तन किए जाएं तो प्रदेश 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनकर भारत की विकास यात्रा में अहम योगदान देगा। 2017 से पहले की स्थिति साल 2017 से पहले प्रदेश उच्च शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कई चुनौतियों से जूझ रहा था। शिक्षा व्यवस्था रोजगार उन्मुख नहीं थी और तकनीकी शिक्षा के संस्थान सीमित थे। प्रदेश में केवल 526 पॉलीटेक्निक और 2642 आईटीआई संचालित हो रहे थे। अनुसंधान और नवाचार का बुनियादी ढांचा भी कमजोर था। ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीर भी उतनी ही चिंताजनक थी। लाखों परिवार पक्के मकानों से वंचित थे। गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल जैसी सुविधाओं का व्यापक अभाव था। ग्राम पंचायतें संसाधनों और क्षमता की कमी से जूझ रही थीं, जिससे योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर नहीं दिख पाता था। 2017 से 2025 : विकास की नई दिशा योगी सरकार ने बीते साढ़े आठ वर्षों में उच्च शिक्षा और ग्रामीण विकास दोनों क्षेत्रों में ठोस कदम उठाए। "एक मंडल, एक विश्वविद्यालय" की दिशा में आगे बढ़ते हुए अब प्रदेश में 24 राज्य और 49 निजी विश्वविद्यालय हैं। इस दौरान 6 नए राज्य विश्वविद्यालय और 23 नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। तकनीकी शिक्षा में भी बड़ा विस्तार हुआ। आईटीआई की संख्या बढ़कर 3310 और पॉलीटेक्निक संस्थानों की संख्या 2138 हो गई। टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ करार कर 150 से अधिक सरकारी आईटीआई को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया। गुणवत्ता सुधार के लिए 95 से अधिक संस्थानों को एनएएसी की मान्यता मिली और 67 संस्थान राष्ट्रीय रैंकिंग में शामिल हुए। युवाओं को डिजिटल युग से जोड़ने के लिए 49.86 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन भी वितरित किए गए। ग्रामीण विकास में ऐतिहासिक बदलाव ग्रामीण अवसंरचना के क्षेत्र में सरकार ने करोड़ों लोगों के जीवन को बदलने वाला काम किया। अब तक 56.90 लाख परिवारों को पक्के घर मिले हैं। पीएम आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 36.57 लाख घर स्वीकृत हुए और इनमें से 36.34 लाख का निर्माण पूरा हो चुका है। गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। 165 ब्लॉक मुख्यालय दो लेन सड़कों से जुड़े, 1385 किलोमीटर नई सड़कें बनीं और 25 हजार किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण व मजबूतीकरण किया गया। जल सुरक्षा के लिए अमृत सरोवर बनाए गए और 550 ग्राम पंचायतों को अटल भूजल योजना से जोड़ा गया। पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 24,489 पंचायत भवन बनाए गए। हर ग्राम पंचायत को सचिवालय मिला और पंचायत सहायकों की नियुक्ति हुई। अब हर गांव में शासन की योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन की मजबूत व्यवस्था है। मुख्यमंत्री का मिशन 'विकसित यूपी 2047' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन 'विकसित भारत @2047' को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश को ग्रोथ इंजन बनकर इसमें पूरा सहयोग देना होगा। पीएम मोदी के विजन को मिशन मोड में पूरा करने का संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है। उन्होंने आगामी 22 वर्षों में यूपी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का रोडमैप स्पष्ट किया है। 2030 तक लक्ष्य है कि प्रदेश के गांव केवल उत्पादन ही नहीं बल्कि उत्पादकता और निर्यात में भी अग्रणी बनें। इसके लिए सीड पार्क, उन्नत बीज, फसल विविधिकरण और फूड प्रोसेसिंग जैसी व्यवस्थाओं का विस्तार होगा। दीर्घकालिक लक्ष्य के तहत 2047 तक अनाज, फल और सब्जियों की उत्पादकता को विश्वस्तरीय स्तर पर ले जाया जाएगा। आधुनिक कृषि अनुसंधान और नवाचार केंद्र स्थापित होंगे। दुग्ध और अंडा उत्पादन में यूपी को विश्व में शीर्ष पर पहुंचाया जाएगा और पशुधन विज्ञान के अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही हर परिवार को पक्का मकान, अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक प्रणाली, गरीबी का उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। पूर्वांचल और बुंदेलखंड को पश्चिमांचल के बराबर लाकर क्षेत्रीय असमानता समाप्त करने का लक्ष्य है। 6 ट्रिलियन डॉलर की ओर प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है। यह भारत की अनुमानित जीडीपी का 20 प्रतिशत होगा। इसके लिए 2025 से 2047 तक लगातार 16 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखना जरूरी है। उच्च शिक्षा और कौशल विकास से तैयार कार्यबल घरेलू व वैश्विक उद्योगों को गति देगा। ग्रामीण अवसंरचना और कृषि उत्पादकता बढ़ने से आय और खपत में वृद्धि होगी। इन दोनों क्षेत्रों का संयुक्त योगदान ही यूपी को 26 लाख रुपये प्रति व्यक्ति आय के स्तर तक ले जाएगा।