samacharsecretary.com

सरकार का कर्ज 4.53 लाख करोड़ पार, आज फिर 4 हजार करोड़ उधार लेगी मोहन सरकार

भोपाल  मोहन सरकार आज एक बार फिर 4,000 करोड़ रुपए का कर्ज उठाने जा रही है। यह कर्ज तीन हिस्सों में लिया जाएगा, जिसमें 1,500-1,500 करोड़ रुपए के दो और 1,000 करोड़ रुपए का एक लोन शामिल है। इससे पहले सरकार ने 26 अगस्त को भी 4,800 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से उठाया।  सरकार इस धनराशि का उपयोग लाड़ली बहना योजना की किस्त, सितंबर में मनाए जाने वाले सेवा पर्व और अलग-अलग बड़ी परियोजनाओं के भुगतान में करेगी। कुल कर्ज पहुंचा ₹4.53 लाख करोड़ के पार चालू वित्त वर्ष में मोहन सरकार अब तक मई, जून, जुलाई, अगस्त में कई बार कर्ज ले चुकी है। आज के ऋण के बाद चालू वित्त वर्ष में अब तक उठाया गया कुल कर्ज 31,900 करोड़ रुपए हो जाएगा। इसके साथ ही राज्य पर कुल बकाया कर्ज की राशि बढ़कर ₹4,53,640.27 करोड़ हो जाएगी। 31 मार्च 2025 तक की स्थिति में सरकार पर कुल कर्ज ₹4,21,740.27 करोड़ था। सरकार ने दिया राजस्व सरप्लस का हवाला सरकार का कहना है कि वह कर्ज लोन लिमिट के भीतर ही ले रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार ₹12,487.78 करोड़ के राजस्व अधिशेष (सरप्लस) में थी। उस साल सरकार की कुल आमदनी ₹2,34,026.05 करोड़ और खर्च ₹2,21,538.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए संशोधित अनुमान के अनुसार, प्रदेश की आमदनी ₹2,62,009.01 करोड़ और खर्च ₹2,60,983.10 करोड़ रहने की संभावना है। इस प्रकार ₹1,025.91 करोड़ का अनुमानित राजस्व अधिशेष है।

MBBS में नामांकन रद्द: तीन छात्राओं ने जमा किए फर्जी EWS दस्तावेज़

रायपुर/ बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तीन छात्राओं सुहानी सिंह, श्रेयांशी गुप्ता और भव्या मिश्रा का मेडिकल कॉलेज में दाखिला फर्जी (EWS certificate) के कारण रद्द कर दिया गया है. नीट परीक्षा पास करने के बाद इन छात्राओं ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) कोटे के तहत प्रवेश के लिए प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए थे, लेकिन तहसील कार्यालय की जांच में ये दस्तावेज फर्जी पाए गए. इस कारण Directorate of Medical Education (DME) ने उनका दाखिला निरस्त कर दिया. तहसीलदार गरिमा ठाकुर के मुताबिक तीनों छात्राओं के EWS प्रमाणपत्रों में हस्ताक्षर और सील फर्जी थे, और ये नियमानुसार जारी नहीं किए गए थे. जांच रिपोर्ट कलेक्टर संजय अग्रवाल को सौंपी गई. DME ने छात्राओं को 8 सितंबर तक वैध प्रमाणपत्र और लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अंतिम मौका दिया था, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सकीं. नतीजतन, उनका Medical College Admission रद्द कर दिया गया, और अब वे इस साल किसी भी मेडिकल कॉलेज में दाखिला नहीं ले सकेंगी DME ने स्पष्ट किया कि Transparent Admission Process के तहत सभी दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य है. यदि कोई प्रमाणपत्र अधूरा, विवादित या समय पर प्रस्तुत नहीं होता, तो नियमों के अनुसार प्रवेश रद्द किया जाता है. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मीडिया से कहा है कि EWS प्रमाणपत्र नियमानुसार नहीं बनाए गए थे, जिसके कारण यह कार्रवाई हुई.

बम की अफवाह से हड़कंप: गोल्डन स्कूल इंदौर में स्कूल खाली, पुलिस को तीन घंटे बाद दी सूचना

इंदौर  गोल्डन इंटरनेशनल स्कूल को देर रात बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रशासन को रात 3:17 बजे ईमेल के माध्यम से धमकी मिली थी. जैसे ही इसकी सूचना पुलिस तक पहुंची, तुरंत मौके पर बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और डॉग स्क्वॉड की टीम भेजी गई. सुबह स्कूल को एहतियातन खाली कराया गया और पुलिस ने पूरे परिसर की सघन सर्चिंग करवाई. बम डिस्पोजल टीम ने हर कोने की बारीकी से जांच की. हालांकि, जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी पूरी तरह फर्जी निकली. सर्चिंग पूरी होने के बाद पुलिस टीम स्कूल से बाहर निकल आई. फिलहाल, पुलिस ईमेल भेजने वाले की तलाश कर रही है. मेल में लिखा- कभी भी फट सकता है जानकारी के मुताबिक, स्कूल प्रबंधन को मेल रात 3 बजे करीब आया था। सुबह 7 बजे स्कूल प्रबंधन ने मेल चेक किया तो उसमें लिखा था कि आपके स्कूल में बम प्लांट किया गया है। जो कि कभी भी फट सकता है। धमकी भरा ये ईमेल स्कूल प्रबंधन को नयनतारा आउटलुक नाम से रात के 3.18 बजे प्राप्त हुई थी। जिसे उन्होंने सुबह 7 बजे देखा। इसके लगभग तीन घंटे बाद तकरीबन 10 बजे इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जानकारी के मुताबिक, इमेल में लिखा है कि आपके स्कूल में बम प्लांट किया गया है, जो कि कभी भी फट सकता है। जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने परिसर को खाली करवाया और सभी बच्चों को बस से उनके घर भेजा। ये पहली बार नहीं है जब शहर के किसी स्कूल को ऐसी धमकी प्राप्त हुई हो। इसी साल तकरीबन सात महीनें पहले फरवरी में इंदौर के दो स्कूलों को ऐसा ही धमकी भरा ईमेल मिला था। उस दौरान स्कूल प्रबंधन को ये ईमेल तमिलनाडु से आया था। वहीं, इसके करीब चार महीने पहले इंदौर के देवी अहिल्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। जिसके बाद एयरपोर्ट की सिक्योरिटी को बढ़ा दी गई थी।

त्योहारों में राहत! रीवा-महू स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा, देखें ट्रेन टाइमिंग्स

इंदौर  यात्रियों की सुविधा और त्योहारी सीजन में अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने रीवा-महू (डा. अंबेडकर नगर) के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल पाँच-पाँच फेरे लगाएगी। रीवा-महू स्पेशल ट्रेन 27 सितंबर से 25 अक्टूबर तक रीवा से हर शनिवार रात 10:20 बजे रवाना होगी और रविवार दोपहर 3:05 बजे महू पहुँचेगी। रास्ते में यह ट्रेन रतलाम मंडल के सीहोर सुबह 10:05, शुजालपुर 11:05, मक्सी 11:50, देवास 1:21 और इंदौर 2:15 बजे पहुँचेगी। वापसी में महू-रीवा स्पेशल 28 सितंबर से 26 अक्टूबर तक प्रत्येक रविवार रात 9:20 बजे महू से रवाना होगी और सोमवार तड़के 1:30 बजे रीवा पहुँचेगी। वापसी यात्रा के दौरान यह ट्रेन इंदौर 9:45 बजे, देवास 10:30 बजे, मक्सी 11:30 बजे, शुजालपुर रात 12:25 बजे और सीहोर सुबह 1:12 बजे ठहरेगी। यहां होगा ठहराव दोनों दिशाओं में इस ट्रेन का ठहराव सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, गाडरवारा, पिपरिया, इटारसी, नर्मदापुरम, रानी कमलापति, भोपाल, संत हिरदाराम नगर, सीहोर, शुजालपुर, मक्सी, देवास और इंदौर स्टेशनों पर रहेगा। यह स्पेशल ट्रेन सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी कोच के साथ चलेगी।  

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: डायरेक्ट नगर निगम चुनाव और स्क्रैप पॉलिसी की हरी झंडी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे बड़ा निर्णय नगरीय निकायों में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर रहा। अब नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्षों का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाएगा, जबकि पहले यह प्रक्रिया पार्षदों के माध्यम से होती थी। अध्यक्ष पद पर अविश्वास प्रस्ताव की नई व्यवस्था बैठक में तय किया गया कि अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए अब तीन-चौथाई पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव लाना होगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी-भरी कुर्सी’ चुनाव कराएगा। इसमें जनता ही यह निर्णय करेगी कि अध्यक्ष पद पर रहेंगे या हटेंगे। वाहन स्क्रैप पॉलिसी को मंजूरी कैबिनेट ने वाहन स्क्रैप पॉलिसी को भी स्वीकृति दी। अब वाहन स्क्रैप करने वाली संस्थाओं को उद्योग का दर्जा मिलेगा। इन्हें वही प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जो अन्य उद्योगों को मिलते हैं। वाहन स्क्रैप कराने वाले व्यक्तियों को नया वाहन खरीदते समय मोटरयान कर में 50% की छूट प्रदान की जाएगी। सेवा सप्ताह और पीएम मोदी का दौरा बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा सप्ताह में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें और आमजन से मिलकर कार्य करें। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धार जिले के बदनावर में पीएम मित्रा का भूमिपूजन और अन्य कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे।  कब से लागू होगी नई व्यवस्था अध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव की यह नई व्यवस्था वर्ष 2027 के नगरीय निकाय चुनाव से लागू होगी। तब जनता अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी और अविश्वास प्रस्तावों के कारण बार-बार पैदा होने वाली अस्थिरता समाप्त होगी। स्क्रैप नीति में विशेष छूट कैबिनेट बैठक में वाहनों से प्रदूषण घटाने को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। बीएस-1 और बीएस-2 गाड़ियों को स्क्रैप करने के लिए अधिक प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। अब अधिकृत स्क्रैपिंग संस्था को इंडस्ट्री की तरह ही सुविधाएं मिलेंगी। जो वाहन मालिक अपनी पुरानी गाड़ी स्क्रैप करेंगे, उन्हें नई गाड़ी खरीदते समय मोटर रियायत में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल प्रदूषण घटेगा बल्कि आम लोगों को नई गाड़ी खरीदने में आर्थिक राहत भी मिलेगी। सेवा पखवाड़े की तैयारी बैठक में यह भी तय हुआ कि 17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा चलाया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री जिलों का दौरा करेंगे और कार्यक्रमों में शामिल होकर योजनाओं की समीक्षा करेंगे।  मोहन कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर     कैबिनेट के फैसलों की नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जानकारी देते हुए कहा कि अब महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष का सीधा चुनाव होगा।अब वर्ष 2027 में नगर निगम के महापौर की तरह ही नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों का भी सीधे जनता द्वारा चुनाव होगा।अब तक नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद महापौर को चुनते थे, लेकिन अब संशोधन के बाद से ऐसा नहीं होगा।     राज्य सरकार द्वारा 17 सितंबर से 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा चलेगा।17 से 24 सितम्बर तक रक्तदान और स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।एक पेड़ मां के नाम एवं मां की बगिया के तहत पौधरोपण भी किया जाएगा। पर्व के दौरान नए नमो पार्क, नमो बाग, नमो वन, नमो उपवन बनाए जाएंगे। 27 सितम्बर को नमो मैराथन आयोजित की जाएगी।  पर्व के दौरान विकास मेले एवं प्रदर्शनी के अलावा विद्यार्थियों की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। 22 सितम्बर को नवरात्रि पर्व और 02 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा। 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक पूरे देश में आदि कर्मयोगी अभियान चलाया जायेगा।     BS-1 और BS-2 गाड़ियां काफी प्रदूषण पैदा करती हैं।इसके लिए स्क्रैब करने वाली संस्था को भी इंडस्ट्री में दी जाने वाली सुविधा का लाभ दिया जाएगा। जो व्यक्ति स्क्रैब करेगा,उसको नई गाड़ी खरीदने पर मोटर कर यान 50% की छूट दी जाएगी। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे एमपी कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को धार में मित्र पार्क का शुभारंभ करने मध्य प्रदेश आएंगे। राज्य सरकार का फोकस मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण, स्वदेशी, पर्यावरण और स्वच्छता पर है । इसके लिए 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाए जाने वाले स्वच्छता पखवाड़े में भी अन्य बातों पर फोकस किया जाएगा>

किरोड़ी और गोठवाल के बीच बैठक में संघर्ष, CM की तुरंत हस्तक्षेप से टला बवाल

जयपुर  भाजपा के अंदरूनी मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ रहे हैं। राजस्थान विधानसभा में आज मंगलवार को सीएम भजनलाल की ओर से बुलाई गई विधायक दल की बैठक में सरकार के कैबिनेट मंत्री और सीएम के करीबी विधायक जितेंद्र गोठवाल में जोरदार भिडंत हो गई। मामला तू- तड़ाक तक पहुंच गया। इसके बाद सीएम को दखल देकर दोनों को शांत करवाना पड़ा। जानकारी के अनुसार सुबह 10 बजे विधानसभा परिसर में सीएम भजनलाल शर्मा ने विधायक दल की बैठक बुलाई थी। इसमें जितेंद्र गोठवाल ने सवाई माधोपुर में पीएचईडी से जुड़े एक अफसर की शिकायत करते हुए कहा कि वह मेरा काम नहीं कर रहा है। इस पर किरोड़ी ने कहा कि तुम फालतू बकवास करते हो। इसके बाद जितेंद्र गोठवाल ने भी किरोड़ी से आक्रामक अंदाज में बोलना शुरू किया। दोनों के बीच मामला तू तड़ाक तक पहुंच गया। इसके बाद सीएम भजनलाल शर्मा को बीच में दखल देकर मामला शांत करवाना पड़ा। वसुंधरा नहीं पहुंची विधायक दल की बैठक में विधायक दल की बैठक में वसुंधरा राजे का शामिल नहीं होना भी चर्चाओं में रहा। हालांकि वसुंधरा राजे सोमवार को विधानसभा पहुंची थीं, जहां उन्होंने हां पक्ष में बीजेपी विधायकों से मुलाकात भी की थी। इसके बाद वे स्पीकर वासुदेव देवनानी से भी मिलीं थीं। लेकिन आज सीएम भजनलाल शर्मा ने विधायक दल की बैठक बुलाई उसमें वे मौजूद नहीं थीं। सीएम आज पेश करेंगे विधेयक विधानसभा में सीएम भजनलाल शर्मा आज धर्म स्वातंत्रा विधेयक पेश करेंगे। इसे लेकर ही यह विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। बीजेपी के लिए यह विधेयक बहुत अहम है।  पिछले सत्र में भी यह विधेयक लाया गया था लेकिन सरकार अब इसमें नए प्रावधान जोड़कर फिर से लाई है। 

योगी सरकार के आईजीआरएस पोर्टल से जन शिकायतों के निस्तारण में आई तेजी, पीड़ितों को मिल रहा त्वरित न्याय

जनशिकायतों के निस्तारण में योगी सरकार का देवीपाटन मंडल अव्वल, मीरजापुर मंडल ने हासिल किया दूसरा स्थान    योगी सरकार के आईजीआरएस पोर्टल से जन शिकायतों के निस्तारण में आई तेजी, पीड़ितों को मिल रहा त्वरित न्याय   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मॉनीटरिंग से शिकायतों का समयबद्ध हो रहा निस्तारण  – आईजीआरएस की अगस्त माह की रिपोर्ट में जनमानस की शिकायतों के निस्तारण में देवीपाटन मंडल ने पहले स्थान पर  – रिपोर्ट में मीरजापुर दूसरे तो अलीगढ़ मंडल है तीसरे स्थान पर, शिकायतों के निस्तारण के बाद मंडलायुक्त ले रहे फीडबैक  – मंडलायुक्तों की मॉनीटरिंग, विभागीय आख्या की जांच और शिकायकर्ता के फीडबैक से समस्या के समाधान में आ रही तेजी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी से जन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी आई है। योगी सरकार के आईजीआरएस पोर्टल से शिकायतों के समाधान में न केवल पारदर्शिता आई है, बल्कि पीड़ितों को त्वरित न्याय भी मिल रहा है। योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में प्रशासनिक सुधारों और तकनीकी उपायों को अपनाकर शिकायतों के निस्तारण को सुनिश्चित किया है। वहीं, आईजीआरएस की अगस्त माह की रिपोर्ट में देवीपाटन मंडल ने जन शिकायतों के निस्तारण में बाजी मारी है और प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह प्रदेशभर में मीरजापुर मंडल ने दूसरा और अलीगढ़ मंडल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  हर माह रेंडम पांच शिकायतकर्ता से दवीपाटन मंडलायुक्त खुद लेते हैं निस्तारण का फीडबैक देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। इसके लिए देवीपाटन मंडल के जिलों क्रमश: श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर में जनशिकायतों के पारदर्शी और त्वरित समाधान के लिए कई बिंदुओं पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिलों में जनशिकायतों की निस्तारण की रिपोर्ट की लगातार मॉनीटरिंग की जाती है। मंडलायुक्त ने बताया कि वह खुद मंडल के सभी जिलों के जनशिकायतों के निस्तारण के पहलुओं की मॉनीटरिंग करते हैं। इसके साथ ही रेंडम पांच शिकायतकर्ता से मंडलायुक्त कार्यालय से फीडबैक लिया जाता है ताकि यह पता चल सके कि पीड़ित की शिकायत पर वास्तविकता में एक्शन लिया गया है या फिर रिपोर्ट ही लगायी गयी है। इसके साथ ही हर माह जनशिकायतों के मामलों की विभागीय आख्या की जांच की जाती है। यही वजह है कि देवीपाटन मंडल ने जन शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है। मंडलायुक्त ने बताया कि अगस्त माह की आईजीआरएस रिपोर्ट में दवीपाटन मंडल को पूर्णांक 120 में से 105 अंक प्राप्त हुए हैं और सफलता दर 87.50 प्रतिशत है।    मीरजापुर मंडल ने दूसरा तो अलीगढ़ मंडल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया योगी सरकार द्वारा लांच आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कई सुधारों के बाद यह अत्यधिक प्रभावी साबित हुआ है। आईजीआरएस की अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार मीरजापुर मंडल ने जन शिकायतों के निस्तारण में प्रदेशभर में दूसरा प्राप्त किया है। मीरजापुर मंडलायुक्त ने बताया कि अगस्त माह की आईजीआरएस रिपोर्ट में मीरजापुर मंडल को पूर्णांक 120 में से 96 अंक प्राप्त हुए हैं और सफलता दर 80 प्रतिशत है। इसी तरह अलीगढ़ मंडल ने जनशिकायतों के निस्तारण में पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। अलीगढ़ मंडलायुक्त संगीता सिंह ने बताया कि अगस्त माह की आईजीआरएस रिपोर्ट में अलीगढ़ मंडल को पूर्णांक 120 में से 93 अंक प्राप्त हुए हैं और सफलता दर 77.50 प्रतिशत है। इसके साथ ही टॉप फाइव मंडल में बस्ती मंडल ने चौथा और प्रयागराज मंडल ने पांचवां स्थान प्राप्त किया है। इन मंडलों ने शिकायतों के निस्तारण में समय की बचत और पीड़ितों से फीडबैक लेकर सुधार की प्रक्रिया को तेज किया है। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि कोई भी शिकायत अनसुलझी न रहे और समाधान की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध हो। साथ ही अधिकारियों के फील्ड विज़िट्स ने इस प्रक्रिया को और भी प्रभावी बना दिया है।  

रेलवे अलर्ट! त्योहारों के सीजन में 46 ट्रेनें रद्द, कई ट्रेनों का रूट बदला – जानें पूरी लिस्ट

मुजफ्फरपुर  त्योहारों में घर लौटने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए बड़ा झटका है। गोरखपुर-डोमिनगढ़ तीसरी लाइन और गोरखपुर-नकहा जंगल दोहरीकरण की कमीशनिंग को लेकर 22 से 26 सितंबर तक प्री-इंटरलाकिंग और नन-इंटरलाकिंग कार्य किया जाएगा। इसी कारण रेलवे ने 46 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, वहीं कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्रा ने बताया कि नन-इंटरलाकिंग कार्य पूरा होने के बाद 26 सितंबर को रेल संरक्षा आयुक्त निरीक्षण करेंगे। इसके बाद डोमिनगढ़ में ट्रेनों के विलंब में कमी आएगी और आगामी त्योहारों (दशहरा, दीपावली, छठ) में अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा। रद्द की गईं प्रमुख ट्रेनें 12537 मुजफ्फरपुर–प्रयागराज जं. एक्सप्रेस – 22 व 24 सितंबर 15098 जम्मूतवी–भागलपुर अमरनाथ एक्सप्रेस – 23 सितंबर 15047 कोलकाता–गोरखपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस – 25 व 27 सितंबर 15705 कटिहार–दिल्ली चंपारण हमसफर – 22 व 25 सितंबर 15273 रक्सौल–आनंद विहार सत्याग्रह एक्सप्रेस – 22 से 27 सितंबर कुल 46 ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें 02563 बरौनी–नई दिल्ली क्लोन स्पेशल अब छपरा–औंड़िहार–वाराणसी–प्रयागराज होते हुए जाएगी। 11123 ग्वालियर–बरौनी एक्सप्रेस अब लखनऊ–सुल्तानपुर–वाराणसी–छपरा रूट से चलेगी। 12553 वैशाली एक्सप्रेस अब भटनी–मऊ–वाराणसी–अयोध्या कैंट–बाराबंकी मार्ग से जाएगी। कई अन्य ट्रेनें भी वैकल्पिक मार्गों से चलाई जाएंगी। आंशिक समापन/पुनर्निर्धारण 15027 संबलपुर–गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस का आंशिक समापन देवरिया सदर तक होगा। 15047 कोलकाता–गोरखपुर एक्सप्रेस भी देवरिया सदर तक ही चलेगी। 13507 आसनसोल–गोरखपुर एक्सप्रेस का समापन अब सीवान जं. पर होगा। कई ट्रेनों को 90 मिनट से लेकर 4 घंटे तक की देरी से पुनर्निर्धारित किया गया है। 

योगी सरकार के आमंत्रण पर उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, बिजनेस डेलिगेशन और सांस्कृतिक कलाकार होंगे शामिल

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार रूस बनेगा पार्टनर कंट्री योगी सरकार के आमंत्रण पर उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, बिजनेस डेलिगेशन और सांस्कृतिक कलाकार होंगे शामिल योगी सरकार के आमंत्रण पर रूस ने दी पार्टनर कंट्री बनने की औपचारिक स्वीकृति बिजनेस डेलिगेशन बैंकिंग, ऊर्जा, स्किलिंग, शिक्षा और आईटी/आईटीईएस क्षेत्रों में करेगा सहभागिता 9 सदस्यीय सांस्कृतिक दल भी प्रस्तुत करेगा रूसी कला-संस्कृति ‘डूइंग बिजनेस इन रूस’ पर नॉलेज सेशन की होगी खास प्रस्तुति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को करेंगे यूपीआईटीएस 2025 का शुभारंभ  मेगा इवेंट में योगी सरकार की पहल से बढ़ेगा वैश्विक सहयोग लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में लगातार तीसरे वर्ष होने जा रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में इस बार रूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने रूस को इस मेगा इवेंट में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया है। रूस की ओर से भी इस आमंत्रण को स्वीकृत कर लिया गया है और इसकी जानकारी प्रदेश सरकार को दे दी गई है। इस मेगा इवेंट में रूस का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, उद्योग जगत के प्रमुख प्रदर्शक और सांस्कृतिक कलाकार शो का हिस्सा बनेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को यूपीआईटीएस 2025 का शुभारंभ करेंगे, जो 29 सितंबर तक चलेगा।  2024 में वियतनाम बना था पार्टनर कंट्री  इससे पहले 2024 में भी योगी सरकार की पहल पर वियतनाम को बतौर पार्टनर कंट्री यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सम्मिलित किया गया था। इस दौरान भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वियतनाम-इंडिया फोरम और यूपी-वियतनाम टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों देशों के बीच व्यापार एवं पर्यटन संबंधों पर जोर दिया था। उनका मानना है कि उत्तर प्रदेश न केवल भारत का ग्रोथ इंजन है बल्कि वैश्विक निवेश का हब भी बन रहा है। ऐसे में रूस के यूपीआईटीएस 2025 में पार्टनर कंट्री बनने से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश के उद्योगों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। रूस ने दी पार्टनर कंट्री बनने की स्वीकृति  27 मई 2025 को भारत के मास्को स्थित दूतावास ने रूस के प्रमुख मंत्रालयों—मिनिस्ट्री ऑफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड, मिनिस्ट्री ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट, मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड हायर एजुकेशन तथा मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर—को औपचारिक निमंत्रण भेजा था। इसके अलावा, रूस के प्रमुख व्यापारिक संगठनों जैसे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ रशिया, बिजनेस रशिया, ओपोरा रशिया और विभिन्न सेक्टर-विशेष ट्रेड बॉडीज़ से भी सक्रिय संवाद स्थापित किया गया है। इसके जवाब में रूस की ओर से आमंत्रण को स्वीकार करते हुए अपनी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इस संबंध में रूस की स्वीकृति पत्र भी प्रदेश सरकार को मिल चुका है।  बिजनेस और कल्चरल डेलिगेशन होगा आकर्षण का केंद्र रूस की ओर से आने वाले डेलिगेशन में बैंकिंग, ऊर्जा, स्किलिंग, शिक्षा और आईटी/आईटीईएस सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। वे उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्तर के अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही रूस का 9 सदस्यीय सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुति देगा, जिससे ट्रेड शो में भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा मिलेगी। नॉलेज सेशन और बिजनेस अवसर ट्रेड शो में एक विशेष ‘डूइंग बिजनेस इन रूस’ नॉलेज सेशन भी आयोजित होगा। इसमें भारतीय और उत्तर प्रदेश के उद्योगपतियों को रूस के व्यापारिक अवसरों और निवेश संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।  

नीतीश कैबिनेट की बैठक: पटना में नया जीविका मुख्यालय, 176 थानों में सुरक्षा कैमरे लगाए जाएंगे

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 26 एजेंडों पर मुहर लग गई है। इस बैठक में मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत 50 करोड़ की राशि की स्वीकृति की गई है। 8053 पंचायत में चरणबद्ध तरीके से विवाह मंडप का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को भी मंजूरी नीतीश कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट के तहत 100 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। पटना 176 नए थानों में सीसीटीवी लगाने के लिए 280 करोड़  रुपए को मंजूर मिली है। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। वहीं पटना में जीविका मुख्यालय भवन बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर 73 करोड़ 66 लाख 15 हजार रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका को बढ़ा हुआ मानदेय एक सितंबर 2025 के प्रभाव से लागू किया गया है।