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चूहों के हमले से मचा हड़कंप: इंदौर अस्पताल में अधीक्षक छुट्टी पर, विभागाध्यक्ष की छुट्टी

इंदौर इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में चूहों के हमले में दो नवजात बच्चियों की मौत के बाद सरकारी अस्पताल ने शिशु शल्य चिकित्सा विभाग के प्रमुख को उनके पद से हटा दिया, जबकि अधीक्षक अचानक 15 दिन की छुट्टी पर चले गए.   महाराजा यशवंतराव अस्पताल में चूहों के हमले की घटनाओं की जांच करने वाली राज्य स्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रशासन ने प्रोफेसर डॉ. ब्रजेश लाहोटी को एमवायएच के शिशु शल्य चिकित्सा विभाग के प्रमुख पद से हटा दिया है. लाहोटी की जगह एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक लड्ढा को नियुक्त किया गया है. इसी क्रम में, एमवायएच के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव अपने 'बेहद खराब स्वास्थ्य' का हवाला देते हुए 15 दिन की छुट्टी पर चले गए हैं. चूहों के काटने से नवजात शिशुओं की मौत के मामले में एमवायएच प्रशासन पहले ही 6 अन्य अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर चुका है, जिसमें निलंबन और उनके संबंधित पदों से निष्कासन भी शामिल है. बता दें कि 31 अगस्त और 1 सितंबर की दरम्यानी रात को एमवायएच के आईसीयू में चूहों ने जन्मजात विकृतियों से ​​पीड़ित दो नवजात बच्चियों पर हमला कर दिया. बाद में दोनों की मौत हो गई. अस्पताल के अधिकारियों ने चूहों के काटने के बजाय, पहले से मौजूद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और जन्मजात विकृतियों को इसका कारण बताया. इनमें से एक बच्ची का परिवार देवास जिले में रहता है, जबकि दूसरी नवजात के परिजन धार जिले के रहने वाले हैं. देवास और धार, इंदौर के पड़ोसी जिले हैं. उधर, आदिवासी संगठन 'जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस)' शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया और एमवायएच अधीक्षक यादव को निलंबित करने और मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहा है.

सुशीला कार्की का बड़ा बयान: मोदी जी को किया नमस्कार, भारत को लेकर दिए ये संदेश

 नई दिल्ली/काठमांडू  हिंसा से जूझ रहा नेपाल धीरे-धीरे शांति की ओर बढ़ रहा है. पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की नेपाल की अंतिरम सरकार की प्रमुख बनने के लिए रजामंद हो गई हैं. नेपाल की कमान संभालने से पहले ही कार्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है. कार्की ने कहा कि मैं मोदी जी को नमस्कार करती हूं. मुझ पर मोदी जी का बहुत अच्छा प्रभाव है. उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वह इस जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं. नेपाल में हालिया मूवमेंट की अगुवाई कर रहे Gen-Z ग्रुप ने मुझ पर विश्वास जताया है कि मैं भले ही छोटी अवधि के लिए लेकिन सरकार की अगुवाई करूं. उन्होंने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता उन लोगों का सम्मान करने की होगी, जिन्होंने प्रदर्शनों में अपनी जान खोई है. कार्की ने कहा कि हमारा पहला काम प्रोटेस्ट के दौरान मारे गए लोगों के परिवार वालों के लिए कुछ करने का होगा.  कार्की ने नेपाल का समर्थन को लेकर भारत की भूमिका की बात करते हुए कहा कि मैं भारत का बहुत सम्मान करती हूं और उनसे प्यार करती हूं. मैं मोदी जी की कार्यशैली से प्रभावित हूं. भारत ने नेपाल की बहुत मदद की है. नेपाल के अस्थिर राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कार्की ने कहा कि नेपाल में शुरू से ही समस्याएं रही हैं. अब स्थिति मुश्किल है. हम नेपाल के विकास के लिए काम करेंगे. हम देश की नई शुरुआत करेंगे. बता दें कि कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रही हैं. उन्होंने 2016 में यह पद संभाला था. लेकिन उन पर सरकार के काम में दखल देने का  आरोप लगाकर महाभियोग लाया गया था. लेकिन कार्की ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, कोर्ट ने इसके बाद उन्हें राहत देने से फैसले को पलट दिया था.  नेपाल में बवाल: जेलब्रेक के दौरान कैदियों पर सेना की फायरिंग, 2 की मौत नेपाल में उथल-पुथल और राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी है. इस बीच नेपाल के रामेछाप में कैदियों ने जेल से भागने की कोशिश की, जिसके बाद सेना ने गोली चला दी. सेना की गोली लगने से दो कैदियों की मौत हो गई है. सेना से झड़प के दौरान 10 और कैदियों को गोली लगी है. नेपाल में सेना का नियंत्रण होने के बाद गोलीबारी की ये पहली घटना है.  इससे पहले काठमांडू जेल ब्रेक से भागे बांग्लादेशी नागरिक को एसएसबी ने पकड़ा. यह शख्स सोने की तस्करी के आरोप में पांच साल से नेपाल में बंद था. बिहार-नेपाल सीमा के रक्सौल सीमा की सुरक्षा में लगी SSB की 47 बटालियन ने एक बांग्लादेशी नागरिक महमद अबुल हसन ढाली को हिरासत में लिया. SSB 47वीं बटालियन के कमांडेंट संजय पांडे ने बताया कि नेपाल में तीन दिनों से बदले स्थिति को देखते हुए सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है. बुधवार लगभग तीन बजे दिन में संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया. जांच में महमद अबुल हसन ढली ने बताया कि यह नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित जेल में पांच साल से कैद है और नेपाल में हुए जेल ब्रेक में भाग कर यह रक्सौल पहुंचा है, जिससे आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए हरपुर थाना को सौंपा जा रहा है. बता दे कि नेपाल में ओली सरकार के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दूसरे ओर तीसरे दिन नेपाल के विभिन्न जिलों से लगभग 15000 कैदी जेल से भाग निकले हैं.

बिजली चोरी मामलों में समाधान का मौका: नेशनल लोक अदालत में होंगे निपटारे

लोक अदालत 13 सितंबर को भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि 13 सितंबर 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अन्‍य अनियमितताओं के प्रकरणों को समझौते के माध्यम से निराकृत किया जाएगा। उन्होंने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत विद्युत चोरी के लंबित प्रकरणों एवं विशेष न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए लोक अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। धारा 135 के अंतर्गत विद्युत चोरी के बनाए गए लंबित प्रकरण एवं अदालत में लंबित प्रकरणों में निराकरण के लिये निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं में प्रकरणों में ही छूट दी जाएगी। प्रि-लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्‍येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। कंपनी ने कहा है कि नेशनल लोक अदालत में छूट कुछ नियम एवं शर्तों के तहत दी जाएगी जो आकलित सिविल दायित्‍व राशि रू. 10,00,000 (दस लाख ) तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 13 सितंबर 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के लंबित प्रकरणों में भी लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण भी लोक अदालत के माह के दौरान किया जाएगा। लोक अदालत की प्रक्रिया के अनुरूप निर्धारित मापदंडों के अधीन 10 लाख रूपए तक की सिविल दायित्व की राशि के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट तक गैर घरेलू व 10 अश्वशक्ति के औद्योगिक श्रेणी के लंबित प्रकरणों का आवेदन संबंधित उप महा प्रबंधक को देना होगा, आकलित राशि पर 20 प्रतिशत एवं अधिशासित ब्‍याज राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने पर, इसके पश्चात प्रत्येक 6 माही चक्रवर्ती ब्याज अनुरूप 16 प्रतिशत की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर, 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। बशर्ते किसी प्रकरण में धारा 127 के अंतर्गत गठित अपील प्राधिकरण के समक्ष अथवा उच्‍च न्‍यायालय में कोई अपील लंबित न हो।  

कुनकुरी को मिली सौगात: सीएम विष्णुदेव साय बनाएंगे अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

63 करोड़ 84 लाख की लागत से बनेगा अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व में जशपुर जिले को लगातार विकास की सौगातें मिल रही हैं। खेल प्रतिभाओं को पहचान और बेहतर अवसर दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। जिले के कुनकुरी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए शासन द्वारा 63 करोड़ 84 लाख 89 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह खेल कॉम्प्लेक्स न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए मील का पत्थर साबित होगा।            खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधा इस कॉम्प्लेक्स के निर्माण से मिलेगा l  ग्रामीण और आदिवासी अंचल के खेल में रुचि रखने वाले युवाओं को  राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अब खिलाड़ियों को बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यहीं पर उन्हें प्रशिक्षण, प्रतियोगिताएं और खेल आयोजन की बेहतर सुविधाएं  मिलेगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की छुपी हुई खेल प्रतिभाएं निखरकर सामने आएंगी। युवाओं के लिए खेलों में कैरियर और रोजगार की नई संभावनाएं भी खुलेंगी। स्थानीय खेल प्रेमियों और युवाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि इस कॉम्प्लेक्स के बनने से जशपुर जिले की पहचान खेलों के क्षेत्र में और भी मजबूत होगी। ये होंगी विशेष सुविधाएं इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को अत्याधुनिक खेल ढांचे और सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे— एथलेटिक्स ट्रैक एवं पवेलियन, बास्केटबॉल कोर्ट, कबड्डी और खो-खो के मैदान,आधुनिक स्विमिंग पूल एवं ड्रेस चेंजिंग रूम, वॉलीबॉल ग्राउंड , जंपिंग गेम और खेल उपकरण इन सभी व्यवस्थाओं से खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। जशपुर का खेलों में नया स्वर्णिम अध्याय जशपुर जिला पहले से ही अपनी खेल प्रतिभाओं के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। अब इस इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण से यह परंपरा और मजबूत होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का यह कदम न केवल खेल प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है, बल्कि यह जशपुर को खेलों की भूमि के रूप में नई पहचान भी दिलाएगा।

सीएम डॉ. यादव ने पीएम मोदी के 17 सितंबर दौरे की तैयारियों का लिया जायज़ा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में बुधवार की रात्रि को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 17 सितम्बर को धार जिले में आगमन के संबंध में की जा रही तैयारियों की विभागवार जानकारी प्राप्त की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी प्राप्त कर पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास सहित "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार और पोषण" अभियान के संबंध में निर्देश दिए। प्रदेश में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक यह अभियान और स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी की जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश को पीएम मित्रा पार्क की सौगात मिल रही है। यह देश के सात पीएम मित्रा पार्क में से प्रथम पार्क होगा, जहां शीघ्र कार्य प्रारंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पार्क में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को आमंत्रित किया है। धार जिले सहित मालवा-निमाड़ अंचल के कपास उत्पादक किसानों के जीवन में पीएम मित्र पार्क निर्णायक परिवर्तन लाने का माध्यम बनेगा। बैठक में जानकारी दी गई कि पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पीएम मित्र पार्क युवाओं, महिलाओं, किसानों और निर्धन वर्ग के कल्याण की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की ठोस पहल है। धार जिले में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य कियोस्क के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का संयोजन किया गया है।  

सिर्फ चार नहीं, भारत में मिलते हैं 5 पासपोर्ट: किसके लिए कौन सा पासपोर्ट ज़रूरी?

नई दिल्ली भारत में पासपोर्ट सिर्फ विदेश यात्रा का दस्तावेज नहीं बल्कि आपके पद और उद्देश्य का भी प्रतीक है। ज्यादातर लोग सिर्फ नीले रंग के पासपोर्ट के बारे में जानते हैं लेकिन भारत में चार नहीं, बल्कि 5 तरह के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। हर पासपोर्ट का रंग अलग होता है और वह धारक को मिलने वाली सुविधाओं और उसकी पहचान को दर्शाता है। पासपोर्ट के प्रकार और उनका महत्व भारत में पांच तरह के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं जिन्हें उनके रंग से आसानी से पहचाना जा सकता है: नीला पासपोर्ट: यह सबसे आम पासपोर्ट है जो सामान्य नागरिकों को जारी किया जाता है। इसका इस्तेमाल नौकरी, पढ़ाई, पर्यटन या व्यापार के लिए विदेश यात्रा करने वाले लोग करते हैं। यह पासपोर्ट धारक की पहचान एक आम नागरिक के रूप में करता है। सफेद पासपोर्ट: यह उन सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए है जो आधिकारिक काम के लिए विदेश जाते हैं। सफेद पासपोर्ट मिलने से अधिकारी को विदेश यात्रा के दौरान कुछ खास सुविधाएं मिलती हैं। इस पासपोर्ट में एक RFID चिप भी लगी होती है जो सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। लाल या मरून पासपोर्ट: यह पासपोर्ट राजनयिकों और भारत के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को जारी किया जाता है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य उच्च-पदस्थ सरकारी अधिकारियों के पास यही पासपोर्ट होता है। इस पासपोर्ट के धारकों को विदेश में काफी सम्मान और विशेष सुरक्षा मिलती है। नारंगी पासपोर्ट: यह पासपोर्ट ECR (इमीग्रेशन चेक रिक्वायर्ड) कैटेगरी के लोगों के लिए होता है। ऐसे लोगों को कुछ खास देशों में यात्रा करने से पहले आव्रजन अधिकारियों द्वारा अतिरिक्त जांच से गुजरना पड़ता है। हरा पासपोर्ट: यह पासपोर्ट विदेशी कर्मचारियों को जारी किया जाता है जो भारत में काम करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में उनकी पहचान स्थापित करना और उनके काम को आसान बनाना है। कैसे करें आवेदन? भारत में पासपोर्ट के लिए आवेदन करना अब बहुत आसान है। आप गृह मंत्रालय के पासपोर्ट सेवा पोर्टल (www.passportindia.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में आपको अपना अकाउंट बनाना होगा जरूरी दस्तावेज जैसे एड्रेस प्रूफ और पहचान पत्र अपलोड करने होंगे। इसके बाद आप अपनी सुविधा के अनुसार पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) में जाकर सत्यापन के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। आप ऑनलाइन अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक भी कर सकते हैं जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस में बढ़ी सुरक्षा, लगे अत्याधुनिक सिस्टम

ग्वालियर देश की पहली शताब्दी एक्सप्रेस का दर्जा प्राप्त नई दिल्ली से ग्वालियर होते हुए भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन तक जाने वाली ट्रेन को नए स्वचालित दरवाजों से लैस कर दिया गया है। दरवाजों को अब इमरजेंसी बटन और वैक्यूम लॉकिंग सिस्टम से जोड़ दिया गया है। गति पकड़ते ही ट्रेन के दरवाजे बंद हो जाएंगे। ट्रेन जब अगले स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचेगी या आउटर में रुकेगी, तभी ट्रेन के गेट खुल पाएंगे। इसके लिए ट्रेन के रैक में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, सिर्फ दरवाजों को बदलकर उनमें नया सिस्टम लगाया गया है। नए सिस्टम से रुकेंगे हादसे दरअसल, शताब्दी एक्सप्रेस में आरक्षण का सिस्टम कुछ ऐसा है कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच बुक होने वाली ज्यादातर सीटें एक ही कोच में आवंटित की जाती हैं। ऐसे में स्टेशन पर उतरने के लिए यात्रियों की भीड़ जुट जाती है। कई यात्री जल्दी उतरने के चक्कर में प्लेटफॉर्म आने से पहले ही दरवाजा खोल देते थे और हादसों का शिकार हो जाते थे। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई व्यवस्था की जा रही है। ऐसी ही व्यवस्था हजरत निजामुद्दीन से ग्वालियर होते हुए वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन जाने वाली गतिमान एक्सप्रेस में भी है। चूंकि ये दोनों ट्रेनें एक जैसे रैक के साथ ही संचालित होती हैं, इसलिए इस रूट पर गतिमान के बाद शताब्दी एक्सप्रेस को भी इस सिस्टम से जोड़ा गया है। रेल मंडल झांसी के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि इस बदलाव से सफर भी सुरक्षित रहेगा और दुर्घटना की आशंका कम होगी। लोको पायलट के पास कंट्रोल, प्लेटफॉर्म की तरफ के गेट ही खुलेंगे इन दरवाजों का कंट्रोल लोको पायलट और गार्ड के पास रखा गया है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जब ट्रेन किसी स्टेशन पर पहुंचती है, तो सिर्फ उसी दिशा के दरवाजे खुलें जिस तरफ प्लेटफॉर्म रहेगा। दूसरी दिशा के दरवाजों को बिना लोको पायलट की मर्जी के नहीं खोला जा सकता है। इससे इन लक्जरी ट्रेनों में अनावश्यक प्रवेश को भी रोका जा सकता है। बेस किचन हुई शिफ्ट, खाने का समय भी बदला शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे यात्रियों के खाने के समय में भी परिवर्तन किया गया है। पहले ग्वालियर में इस ट्रेन का बेस किचन था और यहीं से खाना ट्रेन में भेजा जाता था। ऐसे में यात्रियों को झांसी स्टेशन गुजरने के बाद लगभग साढ़े 11 बजे खाना परोसा जाता था। अब बेस किचन को झांसी में ही शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में यात्रियों को अब ललितपुर गुजरने के बाद लगभग साढ़े 12 बजे खाना परोसा जाता है। भोपाल से लौटते समय ग्वालियर स्टेशन से ट्रेन गुजरने के बाद खाना परोसना शुरू किया जाता है।

भारी बारिश की चेतावनी! बिहार के इन जिलों में 14 सितंबर तक रहेगा ऑरेंज अलर्ट

पटना मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने राज्य के कई हिस्सों में 14 सितंबर तक भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। पटना, तिरहुत, दरभंगा, भागलपुर, कोसी, पूर्णियां और मुंगेर प्रमंडलों के जिलों में झमाझम बारिश के प्रबल आसार जताये गये हैं। मौसम विभाग ने भागलपुर, बांका, जमुई, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, खगड़यिा, बेगूसराय, मुंगेर, लखीसराय, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, समस्तीपुर, गोपालगंज, सीवान, वैशाली, पटना, जहानाबाद और नालंदा समेत 20 से अधिक जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इन जिलों में तेज बारिश, वज्रपात और 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवायें चलने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले सात दिनों तक राज्य में वज्रपात और तेज हवाओं का सिलसिला बना रह सकता है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, दक्षिण- पश्चिम राजस्थान और उससे सटे क्षेत्रों में बना गहरा दबाव क्षेत्र अब उत्तर- पश्चिम भारत की ओर सक्रिय हो चुका है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण 3.1 से 7.6 किमी की ऊंचाई तक सक्रिय है। इसके अतिरिक्त, पूर्व- मध्य बंगाल की खाड़ी में भी एक नया चक्रवातीय परिसंचरण बना है, जिसका प्रभाव आने वाले दिनों में बिहार पर पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर पश्चिम, उत्तर मध्य और उत्तर पूर्व बिहार के जिलों में नौ से 14 सितंबर तक कई स्थानों पर लगातार बारिश के संकेत हैं। दक्षिण पश्चिम, दक्षिण मध्य और दक्षिण पूर्व बिहार के हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटे में पटना, पूर्णियां, भागलपुर और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई है।  बारिश के कारण मौसम ठंडा बना हुआ है। दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।  

एशिया कप में भारतीय तूफान: 27 गेंद में UAE ढेर, इंग्लैंड का बड़ा रिकॉर्ड बाल-बाल बचा

दुबई  एशिया कप 2025 के दूसरे मैच में टीम इंडिया ने यूएई को 9 विकेट से रौंदकर विजयी आगाज किया है. ये मुकाबला दुबई के दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया. मुकाबले में टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. यूएई की टीम पहले बैटिंग करते हुए महज 57 के स्कोर पर ढेर हो गई थी. कुलदीप यादव को 4 तो शिवम दुबे को 3 सफलता मिली. इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम ने इस टोटल को 5वें ओवर में ही चेज कर लिया. यूएई की टीम जब पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी तो उसका पहला विकेट 26 के स्कोर पर गिरा. लेकिन अगले 31 रन बनाने में यूएई ने 9 विकेट गंवाए. कुलदीप ने इस मैच में 4 तो शिवम दुबे ने एक विकेट झटका. 58 रनों के जवाब में उतरी भारतीय टीम ने अभिषेक शर्मा के 16 गेंद में 30 और गिल के नाबाद 9 गेंद में 20 रनों और कप्तान सूर्या के नाबाद 7 रनों के दम पर ये मैच 4.3 ओवर में ही चेज कर लिया. भारत का अगला मैच 14 सितंबर को पाकिस्तान से होना है. T20 में इंग्लैंड का ये रिकॉर्ड टूटने से बचा टीम इंडिया के नाम जुड़ा ये खास रिकॉर्ड इस जीत के साथ भारत ने एक शानदार रिकॉर्ड अपने नाम किया है. किसी फुल मेंबर टीम द्वारा सबसे अधिक गेंदें शेष रहते टी20 जीत दर्ज करने के मामले में भारत अब दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. यहां देखें सबसे ज्यादा गेंद रहते जीत वाले मैच… 101 गेंद शेष: इंग्लैंड बनाम ओमान, नॉर्थ साउंड, 2024 93 गेंद शेष: भारत बनाम यूएई, दुबई, 2025 90 गेंद शेष: श्रीलंका बनाम नीदरलैंड, चटगांव, 2014 90 गेंद शेष: ज़िम्बाब्वे बनाम मोज़ाम्बिक, नैरोबी, 2024 भारत का पिछला रिकॉर्ड 2021 में स्कॉटलैंड के खिलाफ दुबई में था, जब टीम ने 81 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की थी. इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने भी एक शानदार उपलब्धि हासिल की. इस मैच में अभिषेक शर्मा ने पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा. ऐसा करने वाले वो कुछ चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए. भारतीय बल्लेबाज़ जिन्होंने T20I की पहली गेंद पर छक्का जड़ा रोहित शर्मा– आदिल राशिद (इंग्लैंड) के खिलाफ, अहमदाबाद, 2021 यशस्वी जायसवाल– सिकंदर रज़ा (ज़िम्बाब्वे) के खिलाफ, हरारे, 2024 संजू सैमसन– जोफ्रा आर्चर (इंग्लैंड) के खिलाफ, मुंबई WS, 2025 अभिषेक शर्मा- हैदर अली (यूएई) के खिलाफ, दुबई, 2025 ऐसा रहा ये मुकाबला मुकाबले में टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. यूएई की टीम पहले बैटिंग करते हुए महज 57 के स्कोर पर ढेर हो गई थी. कुलदीप यादव को 4 तो शिवम दुबे को 3 सफलता मिली. इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम ने इस टोटल को 5वें ओवर में ही चेज कर लिया. यूएई की टीम जब पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी तो उसका पहला विकेट 26 के स्कोर पर गिरा. लेकिन अगले 31 रन बनाने में यूएई ने 9 विकेट गंवाए. कुलदीप ने इस मैच में 4 तो शिवम दुबे ने एक विकेट झटका. 58 रनों के जवाब में उतरी भारतीय टीम ने अभिषेक शर्मा के 16 गेंद में 30 और गिल के नाबाद 9 गेंद में 20 रनों और कप्तान सूर्या के नाबाद 7 रनों के दम पर ये मैच 4.3 ओवर में ही चेज कर लिया. भारत का अगला मैच 14 सितंबर को पाकिस्तान से होना है. सूर्या ने प्लेइंग इलेवन में संजू सैमस को मौका दिया था. तिलक वर्मा भी टीम में थे. लेकिन जितेश और रिंकू को मौका नहीं मिला था.   ऐसी रही यूएई की बल्लेबाजीः पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूएई के लिए पारी का आगाज कप्तान मुहम्मद वसीम और शराफू ने किया. पहले दो ओवर में यूएई ने धारदार बल्लेबाजी की. लेकिन चौथे ओवर में यूएई को पहला झटका लगा जब बुमराह ने शराफू को बोल्ड किया. शराफू के बल्ले से 22 रन आए. इसके बाद 5वें ओवर में वरुण चक्रवर्ती ने जोहैब को बाहर का रास्ता दिखाया. 5 ओवर के बाद यूएई का स्कोर 32-2 था. इसके बाद मुहम्मद वसीम से बड़ी उम्मीदें थीं. लेकिन कुलदीप यादव कहर बनकर बरपे. उन्होंने एक के बाद एक यूएई को झटके दिए, जिससे यूएई की पारी लड़खड़ा गई. कुलदीप के बाद शिवम दुबे ने भी गेंदबाजी से कहर बरपाया और यूएई की टीम महज 57 के स्कोर पर ढेर हो गई. यूएई का विकेट पतनः 26-1 (अलीशान शराफू, 3.4), 29-2 (मुहम्मद जोहैब, 4.4), 47-3 (राहुल चोपड़ा, 8.1), 48-4 (मुहम्मद वसीम, 8.4), 50-5 (हर्षित कौशिक, 8.6), 51-6 (आसिफ खान, 10.3), 52-7 (सिमरनजीत सिंह, 11.2), 54-8 (ध्रुव पाराशर, 12.1), 55-9 (जुनैद सिद्दीकी, 12.4), 57-10 (हैदर अली, 13.1)

राज्य स्तरीय हिन्दी दिवस समारोह: साहित्यकारों को मिलेगा हिन्दी सेवा पुरस्कार

जयपुर प्रदेश में हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और उन्नयन के उद्देश्य से भाषा एवं पुस्तकालय विभाग द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाने वाला प्रतिष्ठित ‘हिन्दी सेवा पुरस्कार’ इस बार 14 सितम्बर को राज्य स्तरीय हिन्दी दिवस समारोह में प्रदान किया जाएगा। समारोह का आयोजन सवाई मानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय के मुख्य सभागार में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि होंगे और चयनित लेखकों को सम्मानित करेंगे। स्कूल शिक्षा, भाषा एवं पुस्तकालय विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि इस वर्ष यह पुरस्कार आठ विधाओं- हिन्दी साहित्य (कथा), हिन्दी साहित्य (कथेतर), संविधान एवं विधि, विज्ञान, तकनीकी एवं अभियांत्रिकी, चिकित्सा विज्ञान एवं स्वास्थ्य (भारतीय चिकित्सा पद्धति सहित), कला, संस्कृति एवं पर्यटन, दर्शन, योग एवं अध्यात्म तथा जनसंचार, पत्रकारिता एवं सिनेमा में प्रदान किए जाएंगे। इस बार पुरस्कृत होने वाले साहित्यकारों और लेखकों में डॉ. कृष्ण कुमार कुमावत उनके उपन्यास ‘लक्ष्य’ के लिए, डॉ. मूलचन्द बोहरा उनके शैक्षिक निबन्ध संग्रह ‘समझ गए ना’ के लिए, डॉ. अनुपम चतुर्वेदी एवं डॉ. दीप्ति चतुर्वेदी संयुक्त रूप से ‘भारतीय राजनीतिक व्यवस्था’ पुस्तक के लिए सम्मानित होंगे। इसी प्रकार, डॉ. पूर्णेन्दु घोष को ‘वैज्ञानिक विचार द्वीपों के बीच सामाजिक काव्य पुलों का निर्माण’ पर कार्य हेतु, डॉ. हिमांशु भाटिया को ‘सेरेब्रल पाल्सी: व्यथा, कथा एवं कानून’ पुस्तक के लिए, डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी को उनके यात्रा वृत्तान्त ‘ओकुहेपा’ के लिए, डॉ. मनोज कुमार गट्टानी को ‘मन सनातन’ कृति के लिए तथा श्री विजय प्रकाश शर्मा विप्लवी एवं डॉ. कुंजन आचार्य को संयुक्त रूप से लिखी पुस्तक ‘पत्रकार दीनदयाल उपाध्याय’ के लिए सम्मानित किया जाएगा। शासन सचिव ने कहा कि प्रत्येक विधा में चयनित लेखक को पुरस्कार स्वरूप पचास हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि हिन्दी दिवस समारोह केवल भाषा के सम्मान का अवसर ही नहीं, बल्कि भाषा और साहित्य से जुड़े रचनाकारों के योगदान को मान्यता देने का मंच है।