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जशपुर में कृषि क्रांति लाने मुख्यमंत्री साय ने किसान कॉल सेंटर का किया शुभारम्भ, शैक्षणिक भ्रमण हेतु दिखाई हरी झंडी

रायपुर,  जिले के किसानों के हित में चलाई जाने वाले कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत आज किसान कॉल सेंटर एग्रीबिड और बाजार व्यवस्था को सरल बनाने के उद्देश्य से क्यू आर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा अपने बगिया स्थित निज निवास कार्यालय से किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, विधायक जशपुर रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।       इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिले में कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों के लिए भी उपयुक्त वातावरण उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में आम, लीची, नाशपाती के साथ चाय, टाऊ, कटहल जैसी फसलों का भी बहुतायत में उत्पादन हो रहा है। ऐसे में किसानों के पास बाजारों के विकल्प के ना होने से उन्हें औने पौने दामों में अपनी फसलों को बिचौलियों को बेचना पड़ता था, अब क्यू आर कोड के माध्यम से सीधे उपार्जकों तक पहुंच एवं बेचने की व्यवस्था होने से जिले के किसान देश के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को अपनी फसल को बेच सकेंगे, जिससे किसानों को अनावश्यक बिचौलियों, कोचियों जैसे लोगों से छुटकारा मिलेगा और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त होगा। कॉल सेंटर से किसानों को विशेषज्ञों द्वारा किसी भी समस्या पर सहायता प्राप्त होगी। इन दोनों पहलों से कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और किसानों को उचित मूल्य मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि एनडीडीबी के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 06 जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत उत्तम किस्म के दुधारू पशुओं के वितरण के साथ ग्रामीणों को पशुपालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने कहा कि किसानों के लिए प्रारम्भ किया गया कॉल सेंटर जिले में कृषि के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, किसानों को इसके दूरगामी परिणाम प्राप्त होंगे। विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जिले में नाशपाती, लीची के साथ कटहल की फसल भी बहुतायत में होती है। जिसके प्रसंस्करण और विकास के लिए जशपुर में विगत दिनों कटहल मेला भी आयोजित किया गया था। ऐसे में इन नवीन पहलों से किसान उत्पादन के साथ उचित मूल्य पर उत्पादों का निर्यात भी कर सकेंगे। किसानों को नवाचारी कृषि और कृषि के विकास हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कृषि क्रांति एवं आत्मा योजनांन्तर्गत 35 कृषकों के दल को रायपुर एवं दुर्ग के शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। इसमें कुनकुरी के 15 एवं कांसाबेल के 20 किसान शामिल हैं। यह किसान वहां जाकर वैज्ञानिक पद्धति से खेती और खाद्य प्रसंस्करण के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे, जिसे वे जिले में आकर अपना सकेंगे। बीएनआर सीड रायपुर एवं इंडस मेगा फूड पार्क रायपुर द्वारा इस भ्रमण में कृषकों को जानकारी प्रदान की जाएगी। किसान कॉल सेंटर में 08069378107 नम्बर पर किसानों को मिलेगी सहायता          इस किसान कॉल सेंटर के माध्यम से जिले के किसान खेती से जुड़े प्रश्नों एवं समास्याओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त कर पाएंगे। इसके लिए आज मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष जिला प्रशासन एवं एग्रिबिड के मध्य एमओयू पर भी हस्ताक्षर किया गया। इस कॉल सेंटर से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ योजना का लाभ लेने हेतु लोगों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इसके माध्यम से किसान अपनी समस्याओं को भी बिना किसी देरी के अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे किसानों को उनकी छोटी छोटी समस्याओं का सीधा निराकरण प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए 12 विशेषज्ञों का दल कार्य करेगा, जिसमें विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं अन्य कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो कॉल, मैसेज, व्हाट्सप्प द्वारा किसानों से जुड़ेंगे। किसानों को केवल कॉल सेंटर के नम्बर 08069378107 पर सम्पर्क करना होगा। जिले के किसानों की उत्पादों कोे पूरे देश से मिलेंगे खरीददार जी कॉम इंडिया के क्यू आर कोड से देश के किसी भी कोने के क्रेता से जिले के किसान से सीधे संपर्क कर व्यापार कर पाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से जिले के किसानों को स्थानीय मंडी पर निर्भर ना रहते हुए पूरे देश की सभी मंडियों से संपर्क हो सकेगा। देश के किसी भी कोने में बैठे खरीददार ऐप के माध्यम से किसान के पास उपलब्ध उत्पाद की जानकारी प्राप्त करने के साथ साथ उनसे संपर्क कर व्यवसाय कर सकेंगे। इस ऐप के माध्यम से यदि किसी व्यक्तिगत किसान के पास उत्पाद की मात्रा उपलब्ध ना हो तो वह समुदाय के अपने साथी किसानों के पास उपलब्ध मात्रा को जोड़कर क्रेता को उपलब्ध करा सकते हैं, इससे सभी का सामूहिक विकास सुनिश्चित होगा। इस अभियान से किसानों को धान के साथ साथ उनकी तिलहन, दलहन, नगदी फसलों को घर बैठे उचित मूल्य प्राप्त होगा। किसान को केवल अपने पास उपलब्ध फसलों की मात्रा और उसकी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

वापसी के संकेत: मायावती ने दिया अशोक सिद्धार्थ को चार राज्यों का कड़ा जिम्मा

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने अपने समधी अशोक सिद्धार्थ के माफी मांगने के बाद हाल ही में पार्टी में उनकी वापसी कराई थी। अब उन्होंने अशोक सिद्धार्थ को केंद्रीय कोआर्डिनेटर बनाकर चार राज्यों का जिम्मा सौंप दिया है। अशोक सिद्धार्थ को हिमाचल, छत्तीसगढ़, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में पार्टी संगठन को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। बता दें कि इसके पहले बसपा में इस सेक्टर का काम रणधीर सिंह बेनीवाल देख रहे थे। अब उन्हें सेक्टर-चार का केंद्रीय कोऑडिनेटर बनाया गया है। अब तक सेक्टर चार का काम देख रहे डॉ.लालजी मेधांकर को अब सेक्टर पांच का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं पूर्व विधायक अतर सिंह राव को सेक्टर छह की जिम्मेदारी मिली है। इसकी जिम्मेदारी पहले पूर्व विधायक धर्मवीर सिंह के पास थी। इन बदलावों के बीच सेक्टर एक में पूर्व सांसद रामजी गौतम और सेक्टर दो में पूर्व सांसद राजाराम पहले की तरह काम करते रहेंगे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने संगठन की दृष्टि से देश भर में छह सेक्टर बनाए हैं। हर सेक्टर में तीन-चार राज्यों को रखा गया है। सेक्टर के केंद्रीय कोऑडिनेटरों के कामों की समीक्षा राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद करेंगे। कांशीराम की पुण्यतिथि पर बडे़ कार्यक्रम की तैयारी इसके साथ ही बसपा में इन दिनों पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर बड़े कार्यक्रम की तैयारी है। इसमें कार्यकर्ताओं से ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने को कहा गया है। बताया जा रहा है कि मायावती इस बार पंचायत चुनाव के जरिए 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनावों के लिए बड़ा संदेश देना चाहती हैं। कांशीराम की पुण्यतिथि नौ अक्टूबर को है। पार्टी इस दिन बड़ी भीड़ जुटाकर अपनी ताकत जुटाने की तैयारी में है। पिछले दिनों बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में तैयारियों का जायज़ा लिया था और इसे सफल बनाने के निर्देश दिया था। इस दिन बसपा लखनऊ में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने जा रही हैं। बसपा,सालों बाद इसमें अपनी ताक़त दिखाएगी। इस कार्यक्रम में मायावती के साथ आकाश आनंद भी रहेंगे।  

गीता ही भारत और इंडोनेशिया की सांस्कृतिक विरासत की रीढ़: अरविंद शर्मा

हरियाणा  हरियाणा के विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि भारत व इंडोनेशिया में सनातन धर्म की जीवंतता एवं आध्यात्मिक परम्पराओं की साझी विरासत को जोड़ने में गीता ज्ञान रीढ़ की भांति योगदान दे रही है। गीता ज्ञान का अलौकिक प्रकाश पुंज हमेशा से ही काल, देश और सीमाओं से परे रहा है, ऐसे में कुरुक्षेत्र की धरती से प्रारम्भ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव अब वैश्विक आंदोलन बन चुका है, जिसे दुनिया भर में पहुंचाने के लिए हमें मिलकर काम करना है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दूसरे दिन इंडोनेशिया के बाली स्तिथ गरुड़ विष्णु कंचन संस्कृति पार्क में 'शांति, सद्भाव व भाईचारे के लिए' विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसका गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज व विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित करते हुए शुभारम्भ किया। संगोष्ठी में मुख्यातिथि के नाते संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में आरम्भ हुआ यह महोत्सव एवं वैश्विक आंदोलन बन गया है, जो भारत से गीता के शाश्वत ज्ञान को दुनिया भर में पहुंचा रहा है।  मॉरीशस, इंग्लैंड, कनाडा, आस्ट्रेलिया, श्रीलंका होते हुए इंडोनेशिया के बाली में पहुंचना ऐतिहासिक है, क्योंकि इस भूमि के साथ भारत के गहरे सांस्कृतिक, सभ्यतागत और आध्यात्मिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की जीवंतता वाला बाली इस महोत्सव का स्वाभाविक घर है। इस भूमि की आध्यात्मिक परंपराओं ने धर्म सद्भाव और भक्ति के शाश्वत मूल्यों को जीवित रखा है, ये वे जीवित मूल्य हैं, जो भागवत गीता का भी मूल है। इसलिए यह आयोजन न केवल साझी विरासत का उत्सव है, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु को सशक्त बनाने का माध्यम भी है। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा भागवत गीता एक यात्रा है, जो अशांति से शांति, अंधकार से प्रकाश की तरफ लेकर जाती है। भागवत गीता हिंदुओं की आस्था है, यह सत्य है, लेकिन यह पूरे विश्व के लिए एक ऐसा माध्यम है, जो उनके सामने आने वाली चिंताओं, समस्याओं और दुविधाओं का निराकरण करती है।   इंडोनेशिया ने गीता के नाम से जारी किया डाक टिकट मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए ज्ञान के दिव्य संदेश को पूरे विश्व मे फैलाया जा रहा है। इंडोनेशिया के साथ भारत के पुराने सांस्कृतिक संबंध तो थे ही अब इन संबंधों में गीता ज्ञान भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार की शाम को इंडोनेशिया के बाली संसद सभागार में चल रही तीन दिवसीय छठे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर अपना वीडियो संदेश दे रहे थे। इस दौरान इंडोनेशिया ने गीता पर डाक टिकट जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडोनेशिया में स्वामी ज्ञानानंद के तत्वाधान में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया है। यहां के नागरिक भी गीता का ज्ञान प्राप्त कर आगे प्रचार करेंगे। ताकि इस ज्ञान के आलोक से जगत का कल्याण हो सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटना में की भगवान श्रीकृष्ण के विचारों पर केंद्रित सांस्कृतिक सम्मेलन में सहभागिता

तीन सौ से अधिक सांदीपनि विद्यालयों के जरिए हमारी सरकार दे रही गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमारे पूर्वजों ने लोकतंत्र रूपी पौधे की जड़ों को इतनी खूबसूरती से सींचा है कि अब यह विशाल वटवृक्ष बन चुका है। भगवान श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक व्यवस्था के पक्षधर थे। उन्होंने अपने राजकाज में लोकतांत्रिक मूल्यों और सभी के विचारों को महत्व दिया। हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर ही चल रही है। उनके विचार हमारे लिए अमूल्य पूंजी और हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए मध्यप्रदेश एवं देश में उनकी लीला स्थलों को चिन्हित कर श्रीकृष्ण पाथेय विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को पटना (बिहार) में भगवान श्रीकृष्ण के विचारों का जन समरस 'सांस्कृतिक सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर की बिहार इकाई द्वारा आयोजित नियमित समाज सुधार श्रृंखला में भी सहभागिता की और समाज सुधार की दिशा में अपने विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक सम्मेलन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण यदुकुल के महान गौरव हैं। वे योगीराज थे। सभी ललित कलाओं में निपूण थे। उन्होंने मात्र 11 साल की उम्र में कंस जैसे शक्तिशाली एवं आततायी राजा से युद्ध कर तत्समय लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में हमारी सरकार मध्यप्रदेश के हर नगरीय निकायों में गीता भवनों का निर्माण करने जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि के नाम पर हम मध्यप्रदेश में 300 से अधिक स्थानों पर सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना कर गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पाटलिपुत्र (पटना) और अवन्तिका (उज्जैन) देश के सबसे पुराने नगर हैं। कभी पाटलिपुत्र में सम्राट, तो अन्वतिका (उज्जैन) में युवराज विराजते थे। बौद्ध धर्म के विचारों का प्रवाह बिहार से ही पूरे विश्व में फैला। इस मायने में बिहार ने पूरे विश्व को शांति, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना की दिशा दी है। उन्होंने कहा कि भारत की मूल पहचान हमारी समृद्ध संस्कृति है। यदि आप विदेश में भारत का नाम लिए बगैर सिर्फ इतना कह दें कि आप राम-कृष्ण-बुद्ध की धरती से आएं हैं, तो भी विदेशी यह समझ जाएंगे कि हम भारतीय हैं। यही हमारी मूल पहचान है। उन्होंने कहा कि भगवान गोपाल श्रीकृष्ण की इस पावन धरती पर हम अपनी संस्कृति, अपने मूल्यों और अपने विचारों पर दृढ़ता से आगे बढ़ें, यही हमारा संकल्प होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार राज्य के नागरिकों को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने हमारे प्रदेश में अपना बाल्यकाल बिताया। यहीं सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। श्रीकृष्ण-सुदामा की अजर-अमर दोस्ती की नींव भी यहीं पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में हम परम सौभाग्यशाली हैं कि मध्यप्रदेश के कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां और उनकी लीलाएं समाई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबका समग्र विकास ही लोक कल्याणकारी राज्य का मूल उद्देश्य है। यह शासन का लक्ष्य भी है और कर्तव्य भी। सबके विकास की चिंता कर शासन की सुव्यवस्था (सुशासन) के जरिए हर जरूरतमंद को सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए मध्यप्रदेश तेजी से अग्रसर है। हम विरासत से विकास की अवधारणा को हृदय से आत्मसात कर देश के विकास में योगदान के लिए समर्पित हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान श्रीकृष्ण का पूजन कर सांस्कृतिक सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में बिहार राज्य के विधानसभा अध्यक्ष श्री नंदकिशोर यादव, छत्तीसगढ़ राज्य के मंत्री श्री हरिलाल यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रामप्रकाश यादव, श्री गजेन्द्र यादव, श्री हंसराज यादव, अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांस्कृतिक सम्मेलन के सूत्रधार डॉ. अशोक यादव सहित बड़ी संख्या में यादव समाजजन उपस्थित थे।  

गंगा एक्सप्रेसवे अपडेट: 594 किलोमीटर पर गाड़ियों की रफ्तार कब बढ़ेगी?

मेरठ  मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे का काम लगभग पूरा हो गया है. अमरोहा जिले के हसनपुर तहसील इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा किया जा चुका है. फिनिशिंग का काम बाकी है, लेकिन वो भी अंतिम फेज में है. एक महीने में वाहन भी यहां दौड़ते दिखेंगे. हसनपुर तहसील इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे पर पूरी सड़क बनकर तैयार हो गई है. लाइटिंग का काम भी किया जा चुका है. हसनपुर तहसील इलाके में 23.60 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण 12 अक्टूबर 2025 तक पूरा किया जाना है. गंगा एक्सप्रेसवे के ऊपर से बरसात का पानी नीचे उतारने के लिए पाइप लाइन का काम भी हो चुका है. मंगरौला में हसनपुर रहरा मार्ग के ऊपर ओवरब्रिज और टी प्वाइंट बन चुका है. टी प्वाइंट के दोनों ओर चारों जगहों पर टोल बूथ भी बन चुके हैं. गंगा पर पाइंदापुर में पुल बनाया जा चुका है. गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर है लंबा अधिकारियों ने बताया कि बारिश की वजह से फिनिशिंग काम रुका हुआ था. इस काम को अगले महीने तक खत्म कर लिया जाएगा. हालांकि सुत्रों के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे के नवंबर में चालू होने की उम्मीद जताई जा रही है. बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा है. एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक का सफर फर्राटेदार और आसान हो जाएगा. मेरठ से प्रयागराज का सफर होगा आसान मेरठ, हापुड़ और अमरोहा के लोग जो संगम में आस्था की डुबकी लगाने प्रयागराज आने की ख्वाहिश रखते हैं, उनके लिए भी प्रयागराज का सफर काफी आसान हो जाएगा. पश्चिमी यूपी के वादकारियों और अधिवक्ताओं को भी इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचने में आसानी होगी. यहां के वादकारी सुबह हाईकोर्ट में अपने मामलों की पैरवी करके रात तक वापस आ सकेंगे.

योगी आदित्यनाथ ने रखा है उत्तर प्रदेश को 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

लखनऊ और नोएडा बनेंगे वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) हब, बड़े पैमाने पर होगा रोजगार सृजन रोजगार सृजन में एग्रीटेक और रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर निभाएगा अहम रोल लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार 'विकसित उत्तर प्रदेश-समर्थ उत्तर प्रदेश @2047' विज़न को साकार करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर रही है। इस रूपरेखा में तीन मिशन- समग्र विकास, आर्थिक नेतृत्व और सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा तीन थीम- अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट मत है कि अगले 22 साल में उत्तर प्रदेश की ग्लोबल पहचान भविष्योन्मुखी उद्योगों पर ध्यान केंद्रित किये बगैर नहीं प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए सरकार का विशेष ध्यान एआई, बॉयोटेक, ग्रीन एनर्जी और एग्रीटेक आधारित उद्योग पर है। इसके साथ ही सरकार प्रदेश के 12 प्रमुख सेक्टर (कृषि, औद्योगिक विकास, आईटी व इमर्जिंग टेक, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, नगर व ग्राम्य विकास, सतत विकास, पशुधन, पर्यटन, अवस्थापना और सुरक्षा-सुशासन) के जरिए भविष्य के उद्योगों की रूपरेखा तैयार करने में जुटी हुई है। इस व्यापक खाके का आर्थिक लक्ष्य 2030 तक प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। 2017 से पहले की चुनौतियां 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश की गिनती बीमारू और विकास की दौड़ में पिछड़े राज्य की बन चुकी थी। सुरक्षा तंत्र की कमजोरी, निवेश के लिए असुरक्षित माहौल, हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और कौशल विकास की अनुपस्थिति के कारण निवेशकों का विश्वास घटा हुआ था। पुलिस सशक्तिकरण और स्मार्ट मॉनिटरिंग का ढांचा न होने से अपराध पर नियंत्रण ढीला था। यही कारण था कि रोजगार और उद्योग दोनों ही सीमित स्तर पर ठहर गए थे। यहां तक कि अधिकांश उद्यमी अन्य राज्यों की ओर पलायन कर चुके थे। 2017-2025 : सुशासन और सुरक्षा का नया युग योगी सरकार ने 2017 के बाद से कानून-व्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार किए। पुलिस भर्ती और आधुनिकीकरण, स्मार्ट निगरानी नेटवर्क, कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई से प्रदेश का सुरक्षा वातावरण पूरी तरह बदल गया। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ जैसी पहलों ने सजा दर बढ़ाई और निवेशकों के लिए विश्वासपूर्ण माहौल तैयार किया। इसका सीधा असर उद्योग और व्यापार पर पड़ा और प्रदेश निवेश का सुरक्षित गढ़ बन सका। यही वजह रही कि 2023 में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश-विदेश की नामचीन कंपनियों ने यूपी में 45 लाख करोड़ से अधिक के निवेश का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रख दिया। इसमें से 15 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतर भी चुके हैं। 2017-2025 : ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और टेक इन्वेस्टमेंट यूपी ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति लागू करके नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का नया केंद्र बनाने की पहल की है। इस नीति का उद्देश्य फॉर्च्यून 500 कंपनियों को आकर्षित करना है ताकि प्रदेश में उच्च वेतन वाली नौकरियां, आरएंडडी, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसी उच्च मूल्य सेवाएं विकसित हो सकें। राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जा रही जमीन, टैक्स छूट और बुनियादी ढांचे की सुविधा ने घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है। भविष्य के उद्योग : यूपी की नई आर्थिक धमनियां प्रदेश अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), बायोटेक, अक्षय ऊर्जा, एग्रीटेक, क्वांटम, साइबर सिक्योरिटी और मेटावर्स जैसे भविष्य के उद्योगों को अपनी अर्थव्यवस्था का आधार बना रहा है। एआई से उत्पादकता बढ़ेगी, जबकि अक्षय ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी में नए विनिर्माण क्लस्टर और रोजगार सृजित होंगे। बायोटेक और हेल्थ-टेक पार्क राज्य को फार्मा और मेडिकल रिसर्च का हब बनाएंगे। एग्रीटेक और वर्टिकल फार्मिंग किसानों की आय बढ़ाकर ग्रामीण समृद्धि को मजबूत करेंगे। 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च मूल्य सेवाएं, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और एग्रीटेक सुधार प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर ले जाएंगे। जीसीसी और आईटी-एआई हब से सेवाओं का निर्यात बढ़ेगा, रिन्युएबल और ई-मोबिलिटी क्लस्टर से विनिर्माण व एक्सपोर्ट में तेजी आएगी और कृषि आधारित प्रोसेसिंग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बायोटेक और मेडिकल आरएंडडी से विशेषीकृत रोजगार और निर्यात अवसर खुलेंगे। रोजगार सृजन पर केंद्रित है सरकार का विजन योगी सरकार का यह विजन रोजगार सृजन पर केंद्रित है। प्रत्यक्ष तौर पर लाखों उच्च-वेतन नौकरियां ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और आईटी हब से मिलेंगी। वहीं, रिन्युएबल, स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन में लाखों मध्यम और निम्न-कुशल नौकरियां बनेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में एग्रीटेक और कोल्ड चेन से स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और शहरी पलायन कम होगा। स्किल-विकास योजनाएं और प्राइवेट पार्टनरशिप इस रोजगार रोडमैप को व्यवहार्य बनाएंगी। 2047 तक उत्तर प्रदेश को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए राज्य को लगातार 16% वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखनी होगी। इस विज़न के अंतर्गत प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में प्रदेश का योगदान लगभग 20% तक पहुंचेगा। यह केवल तभी संभव होगा जब निजी और सार्वजनिक निवेश, क्लस्टर-बिल्डिंग, मानव संसाधन विकास और सुरक्षित निवेश माहौल निरंतर बनाए रखा जाए।

पूर्णिया GMCH में पीएम से पहले पहुंचे तेजस्वी, उठाया विवादित मुद्दा

पूर्णिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर यानी कल पूर्णिया आएंगे। लेकिन, आज पूर्णिया सुर्खियों में है। कारण है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का औचक निरीक्षण। तेजस्वी यादव शनिवार मध्य रात्रि को अचानक पूर्णिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) पहुंच गए। उन्होंने मरीजों से बातचीत की। अस्पताल का निरीक्षण किया। इसके बाद आज सुबह सोशल मीडिया पर निरीक्षण का वीडियो शेयर करते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन वाली सरकार पर जमकर हमला बोला। तेजस्वी यादव ने अस्पताल की बदहाली पर सवाल उठाए। कहा कि यह 20 वर्षों के एनडीए शासन की विफलता का उदाहरण है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या उन्हें "डबल जंगलराज" की बदहाली, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था नहीं दिखती।  तेजस्वी ने पीएम मोदी को पूर्णिया के इस मेडिकल कॉलेज का दौरा करने की सलाह दी। पीएम को मुख्यमंत्री को भी साथ लाना चाहिए, ताकि वे 2005 से पहले की स्थिति का बहाना न दे सकें। कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी 20 साल की बिहार और 11 साल की केंद्र सरकार की "डबल इंजन" की विफलताओं को देखना चाहिए। उन्होंने बताया कि GMCH, जो एक मेडिकल कॉलेज है, में न तो आईसीयू (ICU) है और न ही ट्रॉमा सेंटर चालू है। साथ ही, कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विभाग भी मौजूद नहीं है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एक ही बेड पर तीन-तीन मरीजों को लिटाया गया है और 15-20 दिनों तक बेडशीट नहीं बदली जाती, जिससे स्वच्छता की स्थिति अत्यंत खराब है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में नर्सों के 255 स्वीकृत पदों में से केवल 55 ही कार्यरत हैं, और वे भी तीन शिफ्टों में काम करती हैं। डॉक्टरों के 80 फीसदी पद खाली हैं। इसके अलावा, अस्पताल में एक भी स्थायी ड्रेसर नहीं है, और केवल चार ऑपरेशन थिएटर सहायक हैं। मेडिकल इंटर्न्स को छह महीने से वेतन नहीं मिला तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि 23 में से कई विभाग बंद हैं, और मेडिकल इंटर्न्स को छह महीने से वेतन नहीं मिला है।  तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार हजारों करोड़ रुपये सिर्फ आलीशान इमारतें बनाने पर खर्च करती है, लेकिन डॉक्टरों, नर्सों, लैब टेक्निशियन और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं करती। वे आरोप लगाते हैं कि कमीशन के चक्कर में महंगे स्वास्थ्य उपकरण तो खरीद लिए जाते हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए तकनीशियन ही नहीं हैं।  

सर्वोदय विद्यालयों व छात्रावासों में शुरू हुआ श्रमदान अभियान

अनुशासन, सहयोग और जिम्मेदारी की सीख देंगे श्रमदान कार्यक्रम सदनवार जिम्मेदारी से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा और स्वच्छता की ललक बागवानी से विद्यालयों में खिलेगी हरियाली और पर्यावरण चेतना डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए QR कोड से अपलोड होंगी तस्वीरें लखनऊ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक और अभिनव कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के निर्देश पर प्रदेश के सभी जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों और राजकीय छात्रावासों में प्रत्येक रविवार श्रमदान कार्यक्रम शुरू हो गया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, सहयोग और श्रम के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। परिसर की साफ-सफाई और मरम्मत कार्य श्रमदान कार्यक्रम के तहत प्रत्येक रविवार को विद्यालय और छात्रावास परिसर की साफ-सफाई की जाएगी। टूटी हुई कुर्सियाँ, मेज और अन्य फर्नीचर की मरम्मत, पानी की टंकियों व नालियों की सफाई तथा कचरा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आवश्यक उपकरण—झाड़ू, फावड़े, बाल्टी, तसला और कूड़ेदान—की व्यवस्था पहले से कर दी गई है। बागवानी से हरियाली को बढ़ावा बागवानी पर जोर देते हुए पेड़-पौधों की निराई-गुड़ाई, नए पौधों का रोपण और सूखे पत्तों व टहनियों से खाद बनाने का कार्य भी किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना मजबूत होगी। सदनवार जिम्मेदारी और डिजिटल मॉनिटरिंग विद्यालयों को सदनों में बाँटकर श्रमदान की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इससे विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जागेगी और परिसर को सुंदर बनाने की प्रेरणा मिलेगी। श्रमदान कार्य की पहले और बाद की तस्वीरें निर्धारित प्रारूप में QR कोड के माध्यम से अपलोड की जाएंगी, जिससे निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।  

एसटीएफ ने पकड़े हथियार तस्कर, भोजपुर से बरामद भारी मात्रा में आग्नेयास्त्र

भोजपुर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले पुलिस और एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल की है। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को पटना एसटीएफ और शाहपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए। इनमें एके-47 राइफल भी शामिल है। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि शाहपुर थाना क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी हो रही है। इसके बाद शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 5 और 10 में छापेमारी की गई। पुलिस ने मौके से एके-47 राइफल, एक दुनाली बंदूक, एक पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, दो देशी कट्टा, एक देसी थार्नेट और करीब 76 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके साथ ही तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया। इनमें वार्ड नंबर 5 के निवासी पंकज कुमार राय (पिता- स्वर्गीय शैलेश चंद्र राय) और वार्ड नंबर 10 के निवासी अंकित कुमार (पिता- अयोध्या यादव) शामिल हैं। भोजपुर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि ये दोनों एक बड़े अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क का खुलासा करने के लिए अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की तैयारी कर रही है। चुनाव से ठीक पहले इस तरह की बड़ी बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। बिहार में इससे पहले भी चुनावी माहौल में हथियारों की तस्करी और बरामदगी के मामले सामने आ चुके हैं।

18 राज्यों की 2.5 लाख छात्राओं को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति

वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमें से भोपाल जिले की 295 छात्राएंहुईं लाभान्वित भोपाल अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशनके जिला संस्थान द्वारा वार्षिक कार्यक्रम“सफ़र –शिक्षा से समाज तक” का आयोजन 11 सितंबर 2025 को भोपाल में संयोजित किया गया। । इस आयोजन में संस्थान द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों कोकार्य प्रदर्शनी के रूप में प्रदर्शित किया गया।कार्यक्रम में भोपाल जिले के सभी विकासखंडों में फ़ाउण्डेशन द्वारा किये जा रहे शिक्षकों के पेशेवर विकास संबधी कार्यों पर विस्ताोर से चर्चाएं हुई। एक बड़ी स्क्रीन पर पिछले वर्ष विभिन्नं क्षेत्रों में किये गए शैक्षिक गतिविधियों/ कार्यों की वीडियो क्लिप के माध्याम से प्रदर्शन किया गया । विगत अकादमिक वर्ष 2024-25 में निपुण शिक्षण कार्यक्रम के तहत प्राथमिक शिक्षकों के साथ कक्षा शिक्षण, डेमो कक्षाओं एवं शैक्षिक संवाद व माध्यमिक शिक्षकों के साथ किए गए विभिन्न कार्यों को उल्लेखित गया। शाला पूर्व शिक्षा के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ किए जा रहे अकादमिक प्रयासों को भी साझा किया गया। युवाओं के साथसंस्थान के कार्य, जिनमें समाज में सृजनात्मक योगदान, संवैधानिक मूल्यों की समझ तथा परिवेश में सकारात्मक बदलाव लाने पर किए जा रहे प्रयासों को भी प्रस्तुत किया गया।इसमें शामिल आमंत्रित पदाधिकारियों ने केवल उपलब्धियों को जानने के साथ खुली चर्चा में यह भी साझा किया कि इन पहलों से जमीनी स्तर पर किस प्रकार बदलाव आ रहे हैं। आमंत्रित पदाधिकारियों को अवगत कराया गया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश की 18000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्राप्त हुई, जिसमें भोपाल जिले की 295 छात्राएँ शामिल हैं| योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों से स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहीं छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है| अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें: • पात्रता: o    ऐसी छात्राएं,जिन्होंनेसरकारी स्कूलों से कक्षा 10वींऔर 12वीं की पढ़ाई की हो। o    किसी प्रमाणित उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रमाणित’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे। • छात्रवृत्ति: o    डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है। o    उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली लड़की को उन 4 वर्षों में 1,20,000 रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी। o    यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओं के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। वह अपनी ज़रूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है। फाउण्‍डेशन का अनुमान है कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओं को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी। यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जाएगा। अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति को पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश,उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था। इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओंको छात्रवृत्ति दी गई है। छात्रवृत्ति के पहले वर्ष की राशि रू 30000इन छात्राओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई  है। वर्ष 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 सितंबर 2025से शुरू हो गई है।। अट्ठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड। कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा।