samacharsecretary.com

जैश सरगना मसूद अजहर के परिवार पर करारा प्रहार, ऑपरेशन सिंदूर से हड़कंप

नई दिल्ली  पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए किए गए ऑपरेशन सिंदूर में कुख्यात आतंकी मसूद अजहर के परिवार के चिथड़े उड़ गए हैं। यह कबूलनामा जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर ने की है। इस सैन्य कार्रवाई के महीनों बाद जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी ने यह स्वीकार किया है कि बहावलपुर में भारत द्वारा किए गए हमलों में आतंकी समूह के शीर्ष कमांडर मसूद अजहर के परिवार के 'टुकड़े-टुकड़े' हो गए थे। इंटरनेट पर वायरल एक वीडियो में, जैश कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी को यह बताते हुए सुना जा सकता है कि कैसे भारतीय सशस्त्र बलों ने उनके ठिकानों में घुसकर उन पर हमले किए। वीडियो में इलियास कश्मीरी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 7 मई को बहावलपुर के आतंकी अड्डे पर जब भारत ने हमला किया तो आतंकी मसूद अजहर का परिवार टुकड़ों-टुकड़ों में तक्सीम हो गया, रेजा-रेजा हो गया। मंच पर पीछे कई बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी वायरल वीडियो में कश्मीरी ने उर्दू में कहा, "आतंकवाद को गले लगाते हुए, हमने इस देश की सीमाओं की रक्षा के लिए दिल्ली, काबुल और कंधार से लड़ाई लड़ी। सब कुछ बलिदान करने के बाद, 7 मई को मौलाना मसूद अजहर के परिवार को बहावलपुर में भारतीय सुरक्षा बलों ने खत्म कर दिया।" कश्मीरी जिस मंच से यह कबूल कर रहा था और लोगों को संबोधित कर रहा था, उस मंच पर उसके पीछे कई बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी उसे घेरे हुए थे। नौ ठिकानों पर भारत ने किए थे हमले बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी। इस घटना के कुछ हफ़्तों बाद, भारतीय सशस्त्र बलों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत, पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मदऔर लश्कर-ए-तैयबा के कुल नौ ठिकानों पर रातोंरात हमले कर उसे ध्वस्त कर दिया था। उसी में बहावलपुर स्थित जैश -ए मोहम्मद का ठिकाना भी शामिल था। पाकिस्तान ने बाद में स्वीकार किया था कि हमलों में बहावलपुर, कोटली और मुरीदके के नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया था। ये सभी आतंकी ठिकानों के केंद्र रहे हैं।  

स्कूल के बाहर से नर्सरी छात्र का अपहरण, 6 घंटे में पुलिस ने बच्चे को छुड़ाया

पश्चिमी चंपारण बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के लौरिया थाना क्षेत्र स्थित व्यासपुर के एक निजी विद्यालय से अपहृत नर्सरी के छात्र को पुलिस ने गोरखपुर से सकुशल बरामद कर लिया है। छह वर्षीय आर्यन कुमार के अपहरण की सूचना सोमवार दोपहर उसके पिता अनुप कुमार श्रीवास्तव ने दी थी। शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। विद्यालय के शिक्षक से मिली जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने बच्चे के बारे में पूछताछ की थी। जांच के क्रम में यह सामने आया कि अपहरणकर्ता पीले रंग की टी- शर्ट पहने हुए था और स्कूल के बाहर से ही बच्चे को लेकर चला गया। पश्चिम चंपारण के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ विवेक दीप के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के साथ- साथ मानवीय इनपुट के जरिए आरोपी की पहचान की गई। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पता चला कि आरोपी रामनगर स्टेशन से अवध असम एक्सप्रेस से गोरखपुर गया है। तत्काल गोरखपुर पुलिस, रेल जीआरपी और वरिष्ठ रेल अधिकारियों की मदद से बच्चे और आरोपी की जानकारी साझा की गई। गोरखपुर पुलिस और रेल जीआरपी की तत्परता से कार्रवाई करते हुए छात्र को छह घंटे के अंदर सुरक्षित बरामद कर लिया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बेतिया पुलिस टीम छात्र को लेकर वापस लौट आई है और आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस ने छह घंटे के अंदर गोरखपुर से बरामद कर लिया।

मारुति की नई मिड-साइज धाकड़ SUV Victoris हुई लॉन्च, कीमत ₹10.5 लाख से शुरू

मुंबई  स्वदेशी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने कुछ समय पहले ही अपनी नई मिड-साइज एसयूवी Maruti Suzuki Victoris का खुलासा किया था, लेकिन इसकी कीमतों की घोषणा नहीं की गई थी. लेकिन अब कंपनी ने इसकी कीमतों का खुलासा कर दिया है. इस कार को कुल छह ट्रिम लेवल में पेश किया गया है, और इसकी शुरुआती कीमत 10.5 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है, जबकि इसके टॉप-स्पेक वेरिएंट की कीमत 19.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है. कंपनी ने जानकारी दी है कि Maruti Victoris की बुकिंग 3 सितंबर, 2025 से शुरू हो चुकी है और इस कार को विशेष रूप से Maruti Arena शोरूम के माध्यम से बेचा जाएगा. Maruti Suzuki Victoris के पावरट्रेन और गियरबॉक्स इसमें मिलने वाले पावरट्रेन की बात करें तो इसमें Maruti Grand Vitara के ही इंजन विकल्प मिलते हैं. कार में तीन मुख्य पावरट्रेन हैं, जिनमें पहला 102 bhp की पावर देने वाला 1.5-लीटर, 4-सिलेंडर माइल्ड हाइब्रिड पेट्रोल इंजन, दूसरा 114 bhp की पावर देने वाला 1.5-लीटर, 3-सिलेंडर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन, और तीसरा 88 bhp की पावर देने वाला 1.5-लीटर पेट्रोल-सीएनजी इंजन शामिल हैं. Maruti Suzuki ने इसके CNG टैंक को अंडरबॉडी में स्थानांतरित कर दिया है, जिससे इसमें मिलने वाला बूट स्पेस खाली हो गया है. गियरबॉक्स विकल्पों की बात करें तो इसमें पेट्रोल इंजन के लिए 5-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमेटिक, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड के लिए ई-सीवीटी और सीएनजी वेरिएंट के लिए 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है. Maruti Victoris में पेट्रोल-ऑटो कॉन्फ़िगरेशन के साथ ऑल-व्हील ड्राइव का विकल्प भी दिया गया है. Maruti Suzuki Victoris की प्राइस लिस्ट Maruti Suzuki Victoris वेरिएंट के अनुसार एक्स-शोरूम कीमत वेरिएंट LXI VXI ZXI ZXI(O) ZXI+ ZXI+(O) 1.5-लीटर माइल्ड-हाइब्रिड 5-स्पीड MT 10.5 लाख रुपये 11.8 लाख रुपये 13.57 लाख रुपये 14.08 लाख रुपये 15.24 लाख रुपये 15.82 लाख रुपये 1.5-लीटर माइल्ड-हाइब्रिड 6-स्पीड AT – 13.36 लाख रुपये 15.13 लाख रुपये 15.64 लाख रुपये 17.19 लाख रुपये 17.77 लाख रुपये 1.5-लीटर माइल्ड-हाइब्रिड 6-स्पीड AT, AWD – – – – 18.64 लाख रुपये 19.22 लाख रुपये 1.5-लीटर CNG 5-स्पीड MT 11.5 लाख रुपये 12.8 लाख रुपये 14.57 लाख रुपये – – – 1.5-लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड eCVT – 16.38 लाख रुपये 17.80 लाख रुपये 18.39 लाख रुपये 19.47 लाख रुपये 19.99 लाख रुपये इन कीमतों के अलावा, कंपनी ने Maruti Victoris के लिए मासिक सब्सक्रिप्शन की सुविधा भी पेश की है, जिसे 27,707 रुपये से शुरू किया गया है. ध्यान देने वाली बात यह है कि Maruti Suzuki की सब्सक्रिप्शन योजना के तहत मासिक किराये में वाहन की लागत, रजिस्ट्रेशन, मेंटेनेंस, इश्योरेंस और रोड साइड असिस्टेंस की सुविधा शामिल है. Maruti Suzuki Victoris का इंटीरियर इसके इंटीरियर की बात करें तो नए Maruti Victoris को ज़्यादा तकनीक-केंद्रित डैशबोर्ड डिज़ाइन के साथ कंपनी की मौजूदा Maruti Grand Vitara से काफ़ी अलग रखा गया है. इसके डैशबोर्ड के ऊपर एक बड़ा 10.25-इंच का इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन, दाईं ओर एक डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और तीन-स्पोक वाला स्टीयरिंग व्हील दिया गया है. गौरतलब है कि Maruti Victors को एक 5-सीटर कार के तौर पर पेश किया गया है. Maruti Suzuki Victoris में ADAS 2.0 के फीचर्स Maruti Victoris के सेफ्टी पैकेज में स्टैंडर्ड तौर पर छह एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, ट्रैक्शन कंट्रोल, ब्रेक असिस्ट, हिल होल्ड कंट्रोल और ISOFIX चाइल्ड सीट एंकरेज जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इसके हायर वेरिएंट में 360-डिग्री कैमरा, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और मारुति मॉडल में पहली बार लेवल 2 ADAS भी मिलता है. इसके अलावा, Maruti Victoris को भारत NCAP क्रैश सेफ्टी रेटिंग में 5-स्टार हासिल किया है. Maruti Suzuki Victoris के प्रतिद्वंद्वी सबसे नई Maruti Victoris का मुकाबला, अपनी ही सिबलिंग Maruti Grand Vitara से होने वाला है. ऐसा इसलिए, क्योंकि Maruti Victoris के अलावा Maruti Grand Vitara कंपनी की बेहद लोकप्रिय मिडसाइज़ एसयूवी है. इसके अलावा, भारत में इस कार का मुकाबला, Hyundai Creta, Kia Seltos, Toyota Urban Cruiser, MG Astor और Honda Elevate जैसी कारों से होने वाला है.

मध्यप्रदेश में कोदो-कुटकी की MSP पर खरीदी का आगाज़, 15 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू

 जबलपुर  मध्य प्रदेश सरकार पहली बार किसानों से कोदो-कुटकी खरीदेगी। इसकी शुरुआत जबलपुर के कुंडम तहसील से हो रही है। 15 सितंबर से सरकार को फसल बेचने वाले किसानों का पंजीयन शुरू हो गया है। कुंडम तहसील में करीब सात हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसानों ने कोदो-कुटकी की खेती की है।सीएम ने कहा कि इस कृषि उत्‍पाद को देश के साथ-साथ विदेश में भी पहुंचाया जाएगा. उन्‍होंने धान उत्‍पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रुपये बोनस देने की बात भी कही. प्रशासन ने यह जिम्मा कृषि विभाग को सौंपा है। जिसके बाद विभाग, किसानों से फसल खरीदने के लिए एफपीओ चयनित करेगा। पहले चरण में सिर्फ एक एफपीओ, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को यह काम दिया जाएगा। कृषि विभाग के उपसंचालक डॉ. एसके निगम ने बताया कि खरीदी में प्रदेश सरकार पारंपरिक पब्लिक-प्रोक्योरमेंट यानी धान, गेहूं जैसी खरीदी नहीं करेगा, बल्कि सरकार इसमें केवल व्यवस्था का समन्वय करेगी, जबकि खरीदे गए अनाज का भुगतान अन्न फेडरेशन कंपनी, भोपाल द्वारा किया जाएगा। राघवेंद्र सिंह (कलेक्टर जबलपुर) के अनुसार, इस बार जिले के कुंडम तहसील में किसानों से कोदो और कुटकी की खरीदी करने जा रहे हैं। एफपीओ के माध्यम से खरीदी होगी, जिसके लिए पंजीयन सोमवार से शुरू हो गया है। सरकार हर एक किलो पर 10 रुपये का समर्थन मूल्य भी देगी। देश में पहली बार ऐसा हो रहा यह देश में संभवत: पहली बार हो रहा है कि सरकार अनाज की खरीदी किए बगैर किसानों को बोनस देने जा रही है। सरकार का बोनस देने का मकसद प्रदेश में आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक किसानों को कोदी-कुटकी की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गत 3 जनवरी को जबलपुर में हुई कैबिनेट की बैठक में रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई थी। योजना में मिलेट्स की खेती को प्रोत्साहन देने और किसानों से उचित दाम पर इसकी समरीदी का कार्य किया जाना है। बैठक में मिलेट्स का उत्पादन करने वाले किसानों को प्रति किलो 10 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद सरकार ने मिलेट्स की खरीदी से लेकर इसके प्रसंस्करण, ब्रांडिंग व मार्केटिंग के लिए मिलेट्स फेडरेशन का गठन किया। कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में कोदो- कुटकी की बुवाई की गई है। मिलेट्स फेडरेशन को राजस्व विभाग से इसका फाइनल आंकड़ा मिलना बाकी है। इस तरह कोदो-कुटकी के रकबे के आधार पर सरकार किसानों को प्रति विटेयर 3900 रुपए के हिसाब से करीब 40 करोड़ का बोनस देगी। सचिव कृषि विभाग एम, सेलवेदन का कहना है कि जल्द ही किसानों के खाते में बोनस की राशि ट्रांसफर की जाएगी। इसकी तैयारी की जा रही है।

अमेरिका ने माना कूटनीति विफल, इजरायल ने गाजा पर तेज़ हमलों का आगाज किया

 तेल अवीव कतर में सोमवार को 60 मुस्लिम देशों की मीटिंग हुई, जिसमें इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ। वहीं उसी समय इजरायल में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मौजूद थे। उन्होंने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ कई घंटे तक मीटिंग की और मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि गाजा में जारी जंग का कोई कूटनीतिक समाधान होने की उम्मीद नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि हमास एक आतंकी और बर्बर संगठन है। वह जब तक सरेंडर नहीं करेगा, तब तक फिलिस्तीन के मसले पर किसी समाधान की उम्मीद करना बेमानी होगा। उनका यह स्टैंड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एकदम उलट है, जिन्होंने पिछले दिनों कहा था कि जल्दी ही गाजा में जंग समाप्त होगी। मार्को रुबियो के बयान से स्पष्ट है कि गाजा में अब इजरायल और आक्रामक हो सकता है क्योंकि उसे अमेरिका की ओर से समर्थन हासिल है। यही नहीं इजरायल ने गाजा पर हमले करना शुरू भी कर दिया है। सोमवार देर रात से ही इजरायल की ओर से गाजा पर हमले जारी हैं। रुबियो ने कहा कि हम चाहते हैं कि जंग समाप्त हो, लेकिन हमास एक आतंकी संगठन है, जो सरेंडर नहीं कर रहा है। उसके सरेंडर किए बिना गाजा में जंग का कोई कूटनीतिक समाधान निकलने की उम्मीद बेहद कम है। उन्होंने कहा कि हमास का घोषित लक्ष्य इजरायल की बर्बादी है। उसने लगातार कई हमले इजरायल पर किए हैं। इसलिए उसके खात्मे के साथ ही समाधान संभव है। फिलहाल गाजा में भीषण हमलों का दौर जारी है। इजरायल की चेतावनी के बाद से हजारों लोग गाजा छोड़कर निकल रहे हैं। इसी को लेकर रुबियो ने चेतावनी दी है कि हमास के पास कुछ दिन का ही वक्त बचा है। वह सीजफायर डील को स्वीकार कर ले या फिर गाजा पर इसी तरह बमबारी जारी रहेगी। इजरायल ने तो ऑपरेशन शुरू भी कर दिया है। हालांकि इजरायल के लिए भी राह आसान नहीं है। एक तरफ मुस्लिम देश एकजुट हैं तो वहीं यूरोप के कई मुल्क भी इजरायल के खिलाफ हैं। अब लग्जमबर्ग का भी कहना है कि वह संयुक्त राष्ट्र आम सभा में फिलिस्तीन को मान्यता देने के प्रस्ताव का समर्थन करेगा। इससे पहले ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी ऐसा प्रस्ताव रख चुके हैं। बता दें कि रुबियो ने इजरायल की यात्रा के बाद अब कतर का दौरा किया है। वहीं कतर के पीएम इस्लामिक देशों की मीटिंग से पहले अमेरिका गए थे। माना जा रहा है कि अमेरिकी दखल के चलते ही कतर शांत है और मध्यस्थता की मीटिंग जारी रखने पर सहमत है। वहीं नेतन्याहू का कहना है कि कतर पर हमले से पहले उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को जानकारी दी थी, लेकिन उनकी ओर से रोका नहीं गया।

रैपिड मेट्रो संचालन की जिम्मेदारी GMRL को सौंपने की प्रक्रिया शुरू, अब तक 62 लाख यात्रियों ने किया सफर

गुरुग्राम हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन लिमिटेड (एचएमआरटीसी) ने गुरुग्राम रैपिड मेट्रो को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) से गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल रैपिड मेट्रो का संचालन और रखरखाव डीएमआरसी और जीएमआरएल संयुक्त रूप से कर रहे हैं। प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए संयुक्त समितियों का गठन किया गया है और समय-सीमा तय कर दी गई है ताकि यात्रियों की सेवाओं में किसी प्रकार का व्यवधान न आए और हस्तांतरण सुरक्षित रूप से पूरा हो। यात्रियों और प्रदर्शन का आंकड़ा सोमवार को एचएमआरटीसी की 62वीं बोर्ड बैठक में बताया गया कि गुरुग्राम रैपिड मेट्रो ने अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच 62.49 लाख यात्रियों को सेवा दी। यह संख्या पिछले साल की तुलना में 13.59 प्रतिशत अधिक है। किराया राजस्व में भी 11.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। एचएमआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्रशेखर खरे ने बताया कि परिचालन व्यय में 6.33 प्रतिशत की कमी आई, जिससे वित्तीय स्थिति मजबूत हुई। गैर-किराया स्रोतों से आय भी बढ़ी और 21.11 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल 15.56 करोड़ रुपये थी। वित्तीय और विज्ञापन आय में बढ़ोतरी मेट्रो वायाडक्ट और पिलर्स पर 22 विज्ञापन स्थलों की ई-नीलामी से 58.34 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व की उम्मीद है। इसमें एचएमआरटीसी का हिस्सा 35 करोड़ रुपये से अधिक रहेगा। बैठक में क्षेत्र में चल रही अन्य मेट्रो और रैपिड रेल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने दिल्ली-रोहतक और गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा/ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर की डीपीआर पर काम शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी। भविष्य की परियोजनाएं और लागत दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर का विस्तार 103.02 किमी से बढ़ाकर 136.30 किमी किया गया है, जिसमें 17 स्टेशनों की बजाय अब 21 स्टेशन शामिल होंगे। इस परियोजना की अनुमानित लागत 33,051.15 करोड़ रुपये है, जिसमें हरियाणा का हिस्सा लगभग 7,472.11 करोड़ रुपये है। यह निवेश प्रदेश के वित्तीय और आर्थिक लाभ को बढ़ाने में मदद करेगा। बैठक में परिवहन, नगर एवं ग्राम आयोजना और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और परियोजनाओं की समय पर प्रगति सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।

युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर ठोस कार्ययोजना बनाएं: टंकराम वर्मा की अधिकारियों को हिदायत

रायपुर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर उच्च शिक्षा क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्ता सुधार एवं राज्य की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा को आधुनिक, नवाचारी और युवाओं के भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजनाओं पर अमल जरूरी है। मंत्री वर्मा ने बैठक में स्टेट हायर एजुकेशन प्लान (SHEP) का निर्माण, नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत, रूसा की प्रिपरेटरी ग्रांट एवं डडम्त् मद से प्रशिक्षण कार्यक्रम, राज्य उच्चतर शिक्षा योजना अंतर्गत भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य निर्धारण तथा संस्थागत विकास योजनाओं (IDP) के अनुरूप बजट अनुमान शामिल आदि विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विशेष आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं, विशेषकर बस्तर और सरगुजा जैसे जनजाति बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार और नवाचार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने ‘नियद नेल्ला नार’ जैसे विशेष कार्यक्रमों और वन-औषधियों के संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने हेतु विशेष कार्यक्रम, उच्च शिक्षा का डिजिटाइजेशन एवं डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास तथा साथी, समर्थ, एमओओसी, स्वयं, स्वयं प्रभा जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया। बैठक में स्टार्टअप, इनक्यूबेशन, इंटर्नशिप, पेटेंट और विश्व स्तरीय शोध को प्रोत्साहन देने के लिए आवश्यक पहल करने पर सहमति बनी। अंत में, राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की गुणवत्ता सुधार हेतु नीतिगत निर्णय लेने की रूपरेखा तय की गई। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मानसून की विदाई के बीच इन जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में इस बार करीब 2 महीने तक एक्टिव रहे मानसून में औसत से काफी ज्यादा बारिश हुई। कई जिलों में अच्छी बारिश के चलते लोगों को बड़ी राहत मिली लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों में यह आफत बनकर बरसी। लगातार हुई बारिश के चलते ज्यादातर तालाब और बांध भी ओवरफ्लो हो गए। हनुमानगढ़, अजमेर सहित कई जिलों में लोगों के घर तक बह गए लेकिन अब राजस्थान में मानसून की विदाई होना शुरू हो चुकी है। सीमावर्ती क्षेत्र जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर से मानसून विदाई ले चुका है। साथ ही जोधपुर और नागौर के भी कुछ हिस्सों से भी मानसून की विदाई हो चुकी है। अब आगामी दिनों में पूरे प्रदेश से मानसून विदाई लेगा। ऐसे में बारिश की गतिविधियां भी न के बराबर रहेंगी। बता दें कि प्रदेश में इस बार 10 सितंबर तक मानसून एक्टिव रहा था, जिसके चलते लगातार कई दिनों तक अलग-अलग जिलों में तेज बारिश हुई थी। 10 सितंबर के बाद मानसून पर ब्रेक सा लग गया। कुछ ही इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। हालांकि आज झालावाड़, बारां, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कल 17 सितंबर को कोटा, बारां, झालावाड़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में यहां हल्की बूंदाबांदी से लेकर सामान्य दर्जे की बारिश हो सकती है। इसके बाद प्रदेश में बारिश का कोई भी अलर्ट नहीं है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा बताते हैं कि वैसे तो राजस्थान में मानसून की विदाई 17 सितंबर के नजदीक शुरू होती है लेकिन इस बार मानसून की विदाई पहले ही होना शुरू हो चुकी है। प्रदेश में लगातार उत्तर-पश्चिमी हवाओं का दबाव बढ़ाने की वजह से मानसून की विदाई पहले हो रही है। अब आगामी दिनों में प्रदेश में मौसम साफ रहने पर दोपहर के तापमान में तो बढ़ोतरी होगी ही। इसके साथ ही यहां सुबह और रात के समय हल्की ठंडक होना भी शुरू हो जाएगी। बात करें प्रदेश के तापमान की तो अजमेर में 33.5, जयपुर में 34.8, सीकर में 35, कोटा में 34.6, उदयपुर में 32.5,जोधपुर में 34.4 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

पीने के पानी की किल्लत से गांव में फैली बीमारियाँ, प्रशासन बेखबर

लंबी  लंबी हल्के के गांव मिठड़ी बुद्धगिर के वार्ड एक में दर्जनों परिवारों के लिए साफ पानी की कमी दशक से भी अधिक समय से गंभीर चुनौती बनी हुई है। पानी सप्लाई पाइपों की गलत लेवलिंग के कारण 12 साल से वॉटर वर्क्स का पानी यहां नहीं पहुंचा। मजबूरीवश लोग सबमर्सिबल पंपों से 950 टीडीएस से अधिक वाला दूषित ज़मीन का पानी पी रहे हैं। दूषित पानी का सबसे बड़ा असर ग़रीब परिवारों पर पड़ा है। 70 वर्षीय जसदेव कौर को दूषित पानी पीने से गठिया की बीमारी हो गई और उनके हाथ-पांव टेढ़े-मेढ़े हो चुके हैं। अन्य परिवार भी त्वचा और बालों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं। इसी मध्य, लगभग 10 लाख रुपये की ग्रांट बीडीपीओ दफ़्तर लंबी में एक साल से पड़ी है, लेकिन स्थानीय आम आदमी पार्टी के दो धड़ों के बीच टकराव के कारण यह रुकी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक धड़ा ज़िद पर अड़ा है कि ग्रांट तभी जारी होगी, जब अकाली सरपंच, मंत्री की हाज़री लगाएगा। इस राजनीतिक अड़ंगे ने ग़रीब परिवारों की स्वास्थ्य व और दोनों को बर्बाद कर दिया है। लोगों को रोज़ाना 30-50 रुपये का आरओ पानी ख़रीदना पड़ता है और महीने में कई बार 1,000 रुपये प्रति टैंकर पानी मंगवाना पड़ता है। वार्ड निवासी अमनदीप कौर, बलदेव कौर, सरबजीत कौर और अन्य ने कहा कि ग़रीबी के साथ पानी की समस्या दोहरा नरक बन गई है। विधवा वीरपाल कौर ने बताया कि वह दो दिव्यांग पुत्रों का दुख झेल रही है। उसे पहले रोज़ाना घरों में झाड़ू-पोचा करना पड़ता है और बाद में पानी के लिए मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। भोली नामक महिला ने बताया कि पानी सप्लाई न आने के कारण उसने 8 हज़ार रुपये का कर्ज़ लेकर घर में बोरवेल लगवाना पड़ा है। भाकियू एकता उगराहां के नेता दलजीत सिंह व तरसेम सिंह ने आरोप लगाया कि पाइपों की बिगड़ी लेवलिंग के कारण यहां कभी पानी नहीं पहुंच सका, जबकि सरकारी ग्रांट होने के बावजूद नई पाइपलाइन नहीं डलवाई जा रही। वॉटर वर्क्स से बिना फ़िल्टर पानी सप्लाई 10 लाख रुपये की ग्रांट न लगने के कारण वॉटर वर्क्स का फ़िल्टर मीडिया फेल हो चुका है। इस वजह से गांव को बिना फ़िल्टर किया पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। वार्डवासियों ने इस मुद्दे पर हाल ही में बीडीपीओ दफ़्तर लंबी के बाहर धरना भी दिया था।

न्याय व्यवस्था में तकनीक की दस्तक: केरल हाई कोर्ट WhatsApp से देगा कानूनी सूचना

तिरुवनंतपुरम  सूचना तक पहुंच बढ़ाने और समय पर संचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, केरल हाई कोर्ट ने घोषणा की है कि वह 6 अक्टूबर से अपने केस मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) में एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में WhatsApp मैसेजिंग शुरू करेगा. यह नई सेवा मौजूदा सूचना चैनलों के साथ-साथ रियल टाइम में अपडेट प्रदान करके वकीलों, वादियों और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने वाले पक्षकारों को लाभान्वित करेगी. केरल हाई कोर्ट द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह सुविधा शुरुआत में चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी. WhatsApp के माध्यम से भेजे जाने वाले अपडेट में ई-फाइलिंग में खामियों, मामलों की लिस्ट, कार्यवाही और अन्य प्रासंगिक अदालती संचार से संबंधित विवरण शामिल होंगे. हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि WhatsApp मैसेज केवल संचार के एक अतिरिक्त माध्यम के रूप में काम करेंगे और आधिकारिक नोटिस, सम्मन या अन्य अनिवार्य प्रक्रियाओं का स्थान नहीं लेंगे, जब तक कि अन्यथा निर्दिष्ट न किया जाए. सुरक्षा और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए, सभी संदेश केवल सत्यापित प्रेषक आईडी "केरल उच्च न्यायालय" से ही भेजे जाएंगे. हितधारकों से आग्रह किया गया है कि वे धोखाधड़ी वाले संदेशों के प्रति सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि अपडेट केवल इसी आधिकारिक प्रेषक आईडी से प्राप्त हों. अदालत ने सभी अधिवक्ताओं और वादियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उनके CMS प्रोफाइल में एक सक्रिय WhatsApp-सक्षम नंबर शामिल हो. यदि रजिस्ट्रेशन प्राथमिक नंबर WhatsApp से लिंक नहीं है, तो एक द्वितीयक WhatsApp-सक्षम नंबर अवश्य जोड़ा जाना चाहिए. प्राथमिक नंबरों को मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार ईमेल के माध्यम से अनुरोध प्रस्तुत करके अपडेट किया जा सकता है, जबकि द्वितीयक नंबरों को CMS में एडवोकेट पोर्टल के माध्यम से सीधे संशोधित किया जा सकता है. केरल हाई कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि WhatsApp मैसेज की किसी भी देरी या गैर-डिलीवरी से हितधारकों को अदालत में उपस्थित होने या कार्यवाही का पालन करने की उनकी ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जाएगा. उपयोगकर्ताओं को हाई कोर्ट के आधिकारिक वेब पोर्टल पर अपडेट की बार-बार जांच करने की सलाह दी गई है. यह पहल हाई न्यायालय के डिजिटल आधुनिकीकरण अभियान में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य संचार को सुव्यवस्थित और न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सुलभ बनाना है.