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राज्यपाल पटेल ने राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह का किया पुण्य स्मरण

राज्यपाल  पटेल ने राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह का किया पुण्य स्मरण बलिदान दिवस कार्यक्रम राजभवन में मना भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने जनजातीय महानायक राजा शंकरशाह- कुंवर रघुनाथशाह के बलिदान दिवस पर उनका पुण्य स्मरण किया। उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। बलिदान दिवस कार्यक्रम का आयोजन राजभवन के बेंक्वेट हॉल में गुरुवार को किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव सहित राजभवन के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने भी क्रांतिवीरों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।                       

मांगों को लेकर वेरका मिल्क व कैटलफीड आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन CM आवास घेराव की तैयारी में

चंडीगढ़  वेरका मिल्क और कैटलफीड प्लांट आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन ने चंडीगढ़ वेरका प्लांट के गेट पर रैली की और पंजाब सरकार व मिल्कफेड प्रबंधन के खिलाफ  नारेबाजी की। यूनियन के प्रधान रूपिंदर सिंह ने बताया कि इसी तरह की रैलियां वेरका के अन्य प्लांटों में भी आयोजित की गईं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यूनियन की मांगें लंबित हैं और प्रबंधन पिछली बैठकों में स्वीकार की गई मांगों को भी लागू नहीं कर रहा है। जायज मांगों को मानने की बजाय पंजाब सरकार की शह पर यूनियन नेताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। रूपिंदर सिंह ने बताया कि 15 सितंबर को चंडीगढ़ में प्रबंध निदेशक राहुल गुप्ता के साथ हुई बैठक के दौरान यूनियन नेताओं को मुकदमे दर्ज करने और जेल भेजने की धमकियाँ दी गई थीं। इसके विरोध में सूबा कमेटी ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। यूनियन ने घोषणा की कि 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर “ठेका संघर्ष मोर्चा” के बैनर तले पंजाब के मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यूनियन ने 6 अक्टूबर 2025 से लगातार तीन दिन तक विरोध प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया। प्रधान रूपिंदर सिंह ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी जायज़ माँगें स्वीकार नहीं होतीं, तब तक यह शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस दौरान किसी भी प्लांट को नुकसान होता है तो उसकी ज़िम्मेदारी पंजाब सरकार और वेरका प्रबंधन की होगी। इस अवसर पर पवित्र सिंह, रविंदर सिंह, इंदरजीत सिंह, हरमिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद थे।

कूनो की रानी धीरा पहुंची गांधी सागर, जहां पहले से हैं दो नर चीते — जंगल में रोमांच बढ़ा

मंदसौर  प्रोजेक्ट चीता के तहत मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या बढ़ाने की कवायद लगातार चल रही है. कूनो नेशनल पार्क के बाद मंदसौर के गांधी सागर अभ्यारण्य को चीतों के नए आशियाने के रूप में स्थापित किया जा रहा है. इसी के तहत बुधवार को यहां पर कूनो की मादा चीता 'धीरा' का छोड़ा गया. धीरा के आने से यहां चीतों की संख्या 3 हो गई. करीब 5 महीने पहले यहां पर 2 नर चीतों को छोड़ा गया था. यह कदम कूनो के बाहर चीतों के प्राकृतिक संबंध और प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है. गांधी सागर अभ्यारण्य में धीरा को शिफ्ट किया गया चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क के बाद गांधी सागर अभ्यारण्य चीतों का दूसरा आश्रय स्थल है. इसको चीतों के लिए अनुकूल स्थान माना गया है. बीते अप्रैल माह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां पर 2 नर चीतों 'प्रभाष' और 'पावक' को छोड़ा था. इस अभ्यारण्य में चीतों में प्रजनन बढ़ाने के उद्देश्य से साढ़े 7 वर्षीय मादा चीता धीरा को छोड़ा गया. बुधवार की सुबह कुनो राष्ट्रीय उद्यान से शुरू हुए इस ऑपरेशन में वन विभाग की टीम, वेटरनरी विशेषज्ञ और फील्ड स्टाफ हर चरण पर बारीकी से नजर रख रहे. धीरा को विशेष रूप से तैयार एयर-कंडीशंड वाहन से 7 घंटे में 300 किलोमीटर की यात्रा कर गांधी सागर लाया गया. इस चीता को उसी बाड़ा भाग-2 में छोड़ा गया है, जहां दोनों नर चीता को छोड़ा गया था. 3 महीने तक धीरा पर रखी जाएगी नजर गांधी सागर अभ्यारण क्षेत्र के अधीक्षक के अमित राठौर ने बताया कि "मादा चिता धीरा को रावली कुड़ी इलाके में सुरक्षित छोड़ दिया गया है. अगले 3 महीने तक यहां लगे सीसीटीवी कैमरे के जरिए इसकी निगरानी की जाएगी." इस अवसर पर मध्य प्रदेश शासन के कई अधिकारी मौजूद रहे. गांधी सागर अभ्यारण्य में चीतों की यह बढ़ती संख्या परियोजना के सफल क्रियान्वयन और प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है. दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों में से एक है धीरा भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना 'चीता प्रोजेक्ट' के तहत 2022 में नामीबिया से 8 चीते (5 नर 3 मादा) लाए गए थे. इसके बाद फरवरी 2023 में साउथ अफ्रीका के वॉटरबर्ग बायोस्फीयर रिजर्व से 12 चीते और लाए गए. धीरा भी उन्हीं 12 अफ्रीकी चीते में से एक है. सभी चीतों को कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया था. इनमें से अभी तक 9 की मौत हो चुकी है. जबकि अभी तक यहां पर 26 शावकों ने जन्म लिया, जिनमें से भी 10 की मौत हो गई. अभी प्रदेश में 27 चीते मौजूद हैं. इसमें 24 चीते कूनो और 3 चीते गांधी सागर अभ्यारण्य में मौजूद हैं. इस चीते प्रोजेक्ट के 3 साल भी पूरे हो गए हैं. 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर कूनो में पहली बार चीतों को छोड़ा था.  

महिलाओं-बच्चों के लिए खुशखबरी! यूपी के सभी जिलों में फ्री सुविधा की शुरुआत, मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर फोकस

लखनऊ  यूपी के सभी 75 जिलों में एक साथ सीएम योगी के आदेश पर एक बड़ा अभियान शुरू हुआ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर और केजीएमयू में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बटन दबाकर 75 जिलों में एक साथ स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की. खास बात यह रही कि इन शिविरों का केंद्रबिंदु महिलाएं और बच्चे है. 75 जिलों में एक साथ 20,000 से अधिक स्वास्थ्य शिविर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पूरे प्रदेश के 75 जनपदों में कुल 20,324 स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की गई है. इन शिविरों में रक्तचाप, मधुमेह, रक्त जांच, एनीमिया, ओरल कैंसर, स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों की निःशुल्क जांच की जाएगी. यह सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उपचार और परामर्श की सुविधाएं भी वहीं पर उपलब्ध कराई जाएंगी. कार्यक्रम के दौरान यह भी घोषणा हुई कि पूरे अभियान के अंतर्गत 507 रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और रक्तदान कर किसी की जान बचाने के पुण्य से जुड़ें. मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर जोर न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक योगी ने कहा कि यह अभियान खासतौर से गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व देखभाल, बच्चों के टीकाकरण और कुपोषण दूर करने पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की कोशिश है कि किसी भी गर्भवती महिला या बच्चे को समय पर इलाज और देखभाल से वंचित न रहना पड़े. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को गोद में लेकर अन्नप्राशन संस्कार कराया, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की और स्वयं पोषाहार वितरण भी किया. यह दृश्य कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा, जहां मुख्यमंत्री ने मातृत्व और बचपन के सम्मान को अपनी संवेदनाओं से जोड़ा. आंगनबाड़ी बहनों के लिए बड़ी सौगात मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए मानदेय वृद्धि और स्मार्ट फोन वितरण की घोषणा की. उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी बहनों ने कोरोना काल से लेकर पोषण अभियान तक जिस समर्पण से काम किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है. उनकी मेहनत और सेवा का सम्मान करते हुए सरकार ने उनके मानदेय में वृद्धि करने और हर कार्यकर्ता को स्मार्ट फोन देने का निर्णय लिया है. योगी ने कहा कि इससे न केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि समय पर मानदेय और प्रशिक्षण से वे और आत्मनिर्भर बनेंगी. महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना, कन्या सुमंगला और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे कदम आज के भारत को एक नई पहचान दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि यूपी सरकार ने पिछले 8 वर्षों में बेटियों की निशुल्क शिक्षा से लेकर कन्या सुमंगला योजना के तहत 25,000 रुपये का पैकेज, और सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत हर बेटी की शादी पर 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है. सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश की 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों और 10 लाख महिला स्वयं-सहायता समूहों की मदद से 1 करोड़ से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं. वहीं THR प्लांट्स से जुड़ी 60,000 महिलाएं प्रतिमाह लगभग 8,000 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं. स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव सीएम योगी ने बताया कि पिछले आठ सालों में प्रदेश में 41 नए मेडिकल कॉलेज बने हैं. हाल ही में अमेठी में मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन इसका उदाहरण है. उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर 45 से घटकर 37 और मातृ मृत्यु दर 141 तक आ गई है. उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि एनीमिया के स्तर में 5.1% सुधार, स्टंटिंग में 6.6% सुधार, अल्पवजन में 7.4% सुधार, और कुपोषण में 0.6% सुधार दर्ज किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो परिणाम आने में देर नहीं लगती. इंसेफेलाइटिस पर विजय सीएम योगी ने बड़ी उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि प्रदेश से इंसेफेलाइटिस पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है. यह वही बीमारी है जिसने 40 सालों में 50,000 से अधिक मासूम बच्चों की जान ले ली थी. अब सरकार का ध्यान मलेरिया, डेंगू, कालाजार और टीबी उन्मूलन पर केंद्रित है. सामुदायिक प्रयासों को मिली सराहना मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिला स्वयं-सहायता समूहों की भूमिका को सराहा. उन्होंने कहा कि 10 लाख ग्रामीण और 1 लाख शहरी महिला समूहों ने लगभग 1 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम योगदान दिया है. योगी ने रक्तदान शिविरों और पोषण पोटली वितरण जैसे सामुदायिक प्रयासों की भी तारीफ की और कहा कि यही सहयोग उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और सशक्त राज्य बनाएगा.

कस्टम मिलिंग घोटाले में बड़ी कार्रवाई: भिलाई में ED की रेड, राइस मिलर सुधाकर के ठिकानों पर दस्तावेजों की पड़ताल

दुर्ग   भिलाई के हुडको में ईडी की टीम ने दबिश दी है.बताया जा रहा है कि मामला कस्टम मिलिंग घोटाला से जुड़ा है.सुबह 6 बजे ईडी की चार सदस्यीय टीम हुडको निवासी सुधाकर रावके के घर पहुंची.जहां टीम ने घर के अंदर जाकर घोटाले से जुड़े दस्तावेजों को खोजना शुरु किया. ईडी की टीम सुधाकर के घर पर मौजूद है और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. पूर्व आईएएस आलोक शुक्ला के घर भी दबिश : वहीं पूर्व आईएएस आलोक शुक्ला के तालपुरी स्थित आवास पर भी ईडी की टीम पहुंची है.बताया जा रहा है कि टीम ने कुछ डिजिटल साक्ष्य भी इकट्ठा किए हैं.ईडी से जुड़े सूत्रों की माने तो छत्तीसगढ़ के अलग-अलग 10 जिलों में ईडी की टीम कार्रवाई कर रही है. ये घोटाला 140 करोड़ से अधिक का बताया जा रहा है. पहले भी भिलाई में पड़ा था छापा : इससे पहले भी 3 सितंबर को कस्टम मिलिंग घोटाला को लेकर भिलाई, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर सहित कई जगहों पर एक साथ ईडी की रेड जारी है. कृषि कारोबार से जुड़े व्यापारियों के घरों और दफ्तरों में ईडी ने दबिश देकर अहम दस्तावेजों को इकट्ठा किया था. रायपुर में ईडी की दबिश : 3 सितंबर को ही तीन कृषि कारोबारी के ठिकानों पर दबिश दी गई. जिसमें शंकर नगर चौपाटी के पास, दूसरा महावीर नगर और तीसरा अमलीडीह के विस्टा कॉलोनी में रेड की कार्रवाई हुई. इस कार्रवाई में जानकारी मिली थी कि विक्रेताओं, ठेकेदारों और कथित बिचौलियों के कम से कम 18 परिसरों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है. आरोप है कि छत्तीसगढ़ के बीज निगम के माध्यम से डीएमएफ निधि की राशि का दुरुपयोग किया गया है. क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला ?: आपको बता दें कि कस्टम मिलिंग के एवज में प्रति क्विंटल 20 रुपए की वसूली की जाती थी.जिसका मास्टर माइंड राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर और मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी थे.दोनों के खिलाफ ईडी ने 3500 पेज का चालान पेश किया है. जिसमें 35 पेज की समरी भी शामिल है. सूची में अफसरों के नाम गृह विभाग के उपसचिव आरपी चौहान द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सुरेश कुमार भगत को पीटीएस मैनपाट से अजाक क्राइम सरगुजा, ओमप्रकाश कुजूर को बिलासपुर से मैनपुर, तूलसिंह पट्टावी को बालोद से अबिकापुर, नोहरलाल मण्डावी को सारंगढ़ बिलाईगढ़ से मोहला मानपुर चौकी अंबागढ़, यशकरण द्वीप ध्रुव को दुर्ग से धमतरी, शशिकला उईके को बस्तर से बेमेतरा, सुशील मलिक को जिला गरियाबंद से डीएसपी जिला गरियाबंद, कमलेश्वर कुमार भगत को बलरामपुर से क्राइम बलरामपुर, बृजेश कुमार तिवारी सक्ती से पुलिस मुख्यालय रायपुर। रमाकांत साहू एटीएस मुयालय से सीएसपी सिविल लाइन रायपुर, चंद्रशेखर ध्रुव को एसीबी-ईओडब्ल्यू से आईजी सरगुजा रेंज, इंद्रभूषण सिंह को महासमुंद से राज्य पुलिस अकादमी चंद्रखुरी रायपुर, विपीन रंगारी को दुर्ग से नगरी धमतरी, चुन्नू तिग्गा को पुलिस मुयालय से महासमुंद, हरविंदर सिंह को मुंगेली से डीएसपी अधीक्षक मुंगेली हैं। रीना नीलम कुजूर को बलौदाबाजार भाटापारा से सूरजपुर, क्रिसेन्सिया तिर्की को बलौदाबाजार से राज्य पुलिस अकादमी चंद्रखुरी रायपुर, लता चौरे रायपुर से पीटीएस माना रायपुर, प्रमोद कुमार किस्पोट्टा को सूरजपुर से बलरामपुर, गोपाल सिंह धुर्वे बलौदाबाजार से पुलिस मुयालय रायपुर, गंगा धुर्वे पीटीएस माना से डीएसपी पीटीएस माना रायपुर, सत्यपा तारम को सक्ती से जांजगीर चांपा, मीना चौधरी को पीटीएस माना से पीटीएस राजनांदगांव। स्वाति मिश्रा को छग लोक आयोग रायपुर से डॉयल 112 रायपुर, कुमारी चंद्राकर सरगुजा से रायपुर, मंजूलता राठौर रायपुर से गरियाबंद, श्रुति चक्रवर्ती रायपुर से बालोद, संतोषी ग्रेस को बेमेतरा से सारंगढ़-बिलाईगढ़, आशा तिर्की जशपुर से डीएसपी जशपुर, वैजन्तीमाला तिग्गा को पुलिस मुयालय से दुर्ग हैं। वहीं, किरण गुप्ता को रायपुर, रोशनी वासनिक कुजूर को पीएचक्यू से एसआईए रायपुर, उषा सौंधिया कोरबा से बलौदाबाजार, विवेक शर्मा को सक्ती से बिलासपुर, माया शर्मा डॉयल 112 रायपुर से बालोद, ममता शर्मा अली को दुर्ग से खैरागढ़ -छुईखदान-गंडई, सत्यकला रामटेके को जांजगीर चांपा से गौरेला- पेण्ड्रा- मरवाही, योगिताबाली खपर्डे को बलौदाबाजार से जांजगीर, प्रमिला मण्डावी सामा को रायपुर से कबीरधाम। कविता धुर्वे को बस्तर से कांकेर, भारती मरकाम को बिलासपुर से दुर्ग, लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल को बालोद से पुलिस मुयालय रायपुर और सहायक सेनानी रुस्तम सारंग को अमलेश्वर से भिलाई, नरेश नेहरू को बलरामपुर से बालोद, तेलेस्फोर मिंज को बिलासपुर से बालोद, यादराम बघेल को दुर्ग से एसटीएफ बघेरा, विकास कुजूर को बलरामपुर से कोरबा, मनोज गुप्ता को माना से कबीरधाम, नीलकिशोर अवस्थी को माना से राजभवन। डीएसपी फिंगररप्रिंट अजय साहू को रायपुर से पीएचक्यू, राकेश कुमार को पीएचक्यू से फिंगरप्रिंट शाखा पीएचक्यू, विद्या जौहर को रायपुर से पीएचक्यू फिंगरप्रिंट के साथ ही डीएसपी (रक्षित) सीमा अहिरवार को पीएचक्यू से भिलाई, अनिल कुमार को पीएचक्यू से अंबिकापुर और संजय शुक्ला को पीएचक्यू से विशेष शाखा पीएचक्यू में स्थानांतरित किया गया है। कस्टम मिलिंग के एवज में मिलने वाली रकम का भुगतान 20 रुपए प्रति क्विंटल देने पर ही बिल का भुगतान होता था. इस रकम के कलेक्शन का काम राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर करते थे. रकम देने वाले मिलर्स की सूची तैयार करने के बाद उन्हें ही कस्टम मिलिंग की रकम जारी होती थी.

मठाधीश की तरह आचरण? चुनाव अधिकारी महेश तिवारी पर लापरवाही का आरोप, नोटिस जारी

मठाधीश बन गए चुनाव अधिकारी महेश तिवारी.. चुनाव अधिकारी महेश तिवारी पर लापरवाही के आरोप, निर्वाचन प्रक्रिया पर उठे सवाल.. सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं बिलासपुर ने जारी किया नोटिस… बिलासपुर  बिलासपुर प्रेस क्लब के निर्वाचन 2025 को लेकर चुनाव अधिकारी महेश तिवारी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं बिलासपुर ने जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि निर्वाचन संबंधी मामले में प्रस्तुत शिकायतों पर चुनाव अधिकारी की ओर से समय-सीमा में जवाब नहीं दिया गया। पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रेस क्लब के निर्वाचन प्रक्रिया में विभिन्न आपत्तियों और शिकायतों को लेकर 09 से 12 सितंबर तक स्मरण पत्र भेजे गए थे, लेकिन नियमानुसार तय अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर सहायक पंजीयक कार्यालय ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए इसे गंभीर त्रुटि माना है। कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि निर्वाचन अधिकारी की यह लापरवाही पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करती है। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में ऐसे मामलों में लापरवाही पाई जाती है, तो विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं निर्वाचन अधिकारी की होगी। गौरतलब है कि प्रेस क्लब के चुनाव को लेकर पहले ही कई तरह की शिकायतें उठ चुकी हैं। अब निर्वाचन अधिकारी पर लगे इन आरोपों ने चुनाव की निष्पक्षता पर नई बहस छेड़ दी है। प्रेस क्लब बिलासपुर के चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए सहायक रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएं, बिलासपुर ने निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए हैं।पंजीकृत नियमावली और अधिनियम की धारा 27 के अनुसार चुनाव कराना जरूरी है।पहले प्राप्त शिकायत आवेदन पत्रों का निराकरण करना होगा, तभी चुनाव की कार्यवाही पूरी की जा सकेगी।चुनाव में पद वही होंगे जो पंजीकृत विधान में दर्ज हैं। वर्ष 2023 की सदस्यों की सूची, नियमावली और शिकायत पत्र निर्वाचन अधिकारी को भेज दिए गए हैं। जिसका अब तक निराकरण नहीं हुआ है, चुनाव अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर चुनाव कराते हैं, तो आगे कोई भी कार्रवाई इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। मतलब साफ है – चुनाव से पहले सभी आपत्तियों का समाधान और नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

हाईकोर्ट ने भोपाल गैस हादसे के मामलों में ट्रायल कोर्ट को दी सख्त हिदायतें

भोपाल भोपाल गैस त्रासदी के मामले में हाईकोर्ट ने भोपाल ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि त्रासदी से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण यथाशीघ्र करें। भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने टिप्पणी कर कहा, 'हम 40 साल तक मामले लंबित नहीं रख सकते'। पीठ ने भोपाल की संबंधित कोर्ट को निर्देश दिए कि वे कार्यवाही की मासिक प्रगति रिपोर्ट हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को सौंपें, जिसे प्रशासनिक स्तर पर सीजे के सामने पेश किया जाएगा। समिति ने जुलाई 2025 में लगाई थी याचिका समिति ने जुलाई 2025 को याचिका लगाई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता राजेश चंद ने बताया, भोपाल सीजेएम कोर्ट (MP High Court) ने 7 जून 2010 को आरोपियों को सजा सुनाई थी। आरोपियों ने सेशन कोर्ट में अपील की, वह 15 साल से लंबित है। मामला 5 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया है। वहीं शासन की ओर से दलील दी गई कि सीबीआइ जांच एजेंसी है, अब भी एक आपराधिक अपील व विविध आपराधिक मामला लंबित है।

हरियाणा की महिला आईपीएस अधिकारी अब सीबीआई में सेवाएं देंगी

चंडीगढ़ हरियाणा की महिला आईपीएस अधिकारी अब सीबीआई में सेवाएं देंगी। वर्ष 2013 बैच की आईपीएस आस्था मोदी की केंद्रीय जांच ब्यूरो में एंट्री हो गई है। आस्था मोदी एनआईए के पूर्व डीजी और सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक वाईसी मोदी की बेटी हैं। आस्था मोदी को प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई में पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, वह 5 वर्षों की प्रारंभिक अवधि या अगले आदेश तक इस पद पर नियुक्त रहेंगी। आस्था मोदी हरियाणा में कई जिलों में बतौर एसपी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

सरकारी अस्पताल में बड़ा हादसा: बाथरूम में हुआ प्रसव, नवजात की गिरते ही मौत, निरीक्षण को पहुंचे अधिकारी

छिंदवाड़ा  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरई में घोर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गुरुवार रात प्रसव पीड़ा से तड़पती एक युवती को नर्स ने बार-बार टाल दिया। परिजन मदद के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन नर्स 'अभी समय है' कहकर खुद सोने चली गई। इस बीच दर्द से कराहती युवती को पेशाब का अहसास हुआ तो उसकी सास उसे बाथरूम ले गई। वहां उसने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नवजात सीधे फर्श पर गिरा और दम तोड़ दिया। जिस घर में खुशियां आने वाली थीं, वहां मातम पसर गया। 'अभी टाइम है' कहकर सो गई नर्स जानकारी के मुताबिक, ग्राम मंदरिया की रहने वाली सोना कहार को रात दो बजे 108 एम्बुलेंस से अस्पताल लाया गया। डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं थे। जांच कर रही नर्स ने कहा कि डिलीवरी अगले दिन शाम तक होगी और बेबी की धड़कन व बीपी सामान्य बताया। पीड़ा बढ़ने पर जच्चा की सास ने तीन बार नर्स को नींद से उठाकर बुलाने की कोशिश की, लेकिन हर बार जवाब मिला- 'अभी बच्चा होने में वक्त है।' इसके बाद नर्स फिर से सो गई। नवजात की फर्श पर गिरते ही मौत दर्द असहनीय होने पर सास बहू को बाथरूम ले गई। इसी दौरान बच्चा जन्मा और सीधा फर्श पर गिरा। नवजात ने कुछ सेकंड रोने के बाद दम तोड़ दिया। घटना से परिजन हताश रह गए। सुबह डॉक्टरों ने रिपोर्ट में लिखा कि बच्चा गर्भ में ही मर चुका था। लेकिन गायनिक विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भ में मृत्यु की स्थिति में इस तरह प्रसव पीड़ा असहनीय नहीं होती, और आमतौर पर ऑपरेशन कर भ्रूण बाहर निकाला जाता है। अस्पताल का यह दावा और दस्तावेज परिजनों से जबरन साइन करवाने की बात अब गंभीर सवाल खड़े कर रही है। दिन में कमिश्नर-कलेक्टर का निरीक्षण, रात में हादसा सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसी दिन दोपहर में संभागीय कमिश्नर धनंजय सिंह और कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। मातृत्व योजना और सुविधाओं पर चर्चा कर सुधार के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन कुछ ही घंटों बाद बाथरूम में नवजात की मौत ने स्वास्थ्य केंद्र की पोल खोल दी। परिजनों ने दिए जांच के लिए ज्ञापन घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसडीएम चौरई प्रभात मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने कहा— 'परिजनों ने शिकायत दी है, जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।'

अभिजीत रंजन के बाद अब एक और अधिकारी की मुश्किलें बढ़ीं, जल्द हो सकता है बड़ा फैसला

भोपाल  आइपीएस अभिजीत रंजन के बाद नागेंद्र सिंह की विभागीय जांच की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय ने 6 पन्ने की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर गृह विभाग भेजी है। बता दें, बालाघाट एसपी रहे नागेंद्र सिंह पर पुलिस अधिकारी पत्नी ने आरोप लगाए थे, जिस पर पीएचक्यू की टीम ने जांच की। इसमें आरोप सिद्ध होने के बाद पीएचक्यू द्वारा विभागीय जांच की अनुशंसा की है। अब गृह विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। तत्काल हटाने के बाद दिए थे जांच के निर्देश वहीं कटनी में एसपी रहे अभिजीत रंजन पर वहां पदस्थ रहीं सीएसपी ख्याति मिश्रा के तहसीलदार पति शैलेंद्र बिहारी शर्मा ने परिवार के लोगों से मारपीट करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले की डीजीपी, यूपीएससी तक शिकायत हुई। सीएम ने उन्हें तत्काल हटाने के बाद जांच के निर्देश दिए थे। यह था मामला बालाघाट एसपी रहे नागेंद्र सिंह की डीजीपी से गुप्त शिकायत उनकी पत्नी ने की थी। यह जांच कई महीनों तक चली। लेकिन बाद में पीएचक्यू की जांच में आरोप सही पाए गए जिसके बाद पुलिस मुख्यालय द्वारा 6 पन्नों की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर विभागीय जांच के लिए गृह विभाग को फाइल भेजी गई।