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बारिश बनी आफत: इंदौर में मासूम की मौत, उज्जैन के मंदिरों में जलभराव, भोपाल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित

इंदौर इंदौर शहर में बुधवार रात हुई तेज बारिश में मायाखेड़ी क्षेत्र में ओमेक्स सिटी के करीब एक बच्चा तेज पानी के बहाव में नाले में बह गया। बच्चे का नाम राजवीर मालवीय बताया जा रहा है और उसकी उम्र करीब 8 साल है। जानकारी के मुताबिक देर रात तेज बारिश के दौरान राजवीर के पिता राजपाल उसे एक जगह पर खड़े करके अपनी गाड़ी पार्क करने गए, जब वो वापस लौटे तो बच्चा वहां पर नहीं था। रात में ही परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। अंधेरा होने की वजह से बच्चे को खोजा नहीं जा सका। गुरुवार सुबह लसूड़‍िया थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने एक बार फिर सर्चिंग शुरू की तो राजवीर का शव मिला। बच्चे का शव कुछ दूरी पर एक पुल में फंसा हुआ मिला। आशंका जताई जा रही है कि बारिश में फिसलने की वजह से वो नीचे गिर गया और पानी के बहाव में बह गया। घटना के बाद राजवीर के माता-पिता सदमे में हैं, वो उनका एकलौता बेटा था। उधर इलाके के लोग नाले के आस-पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होने पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर वहां दीवार या जाली लगी होती तो बच्चा अंदर नहीं बहता। भोपाल में सबसे ज्यादा ढाई इंच पानी गिर गया। शाजापुर में 2.1 इंच, इंदौर में 2 इंच, उमरिया में 1.9 इंच, उज्जैन-सिवनी में 1.8 इंच, रीवा में 1.6 इंच, टीकमगढ़ में 1.3 इंच बारिश दर्ज की गई। गुरुवार सुबह से बादल छाए हुए हैं। कुछ जिलों में हल्की बारिश भी हुई। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की विदाई के दौरान भी पूरे प्रदेश में तेज बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है। हालांकि, 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। भोपाल, जबलपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। इस मानसूनी सीजन में औसत 42.7 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे से 7 इंच ज्यादा है। रायसेन, सागर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दतिया, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर, बैतूल, सीधी, नरसिंहपुर, गुना, दमोह, पांढुर्णा, डिंडौरी, विदिशा और सीहोर में भी बुधवार को हल्की बारिश दर्ज की गई। सीजन में चौथी बार खुले भदभदा डैम के गेट भोपाल में शाम 7:30 बजे से रात 11:30 बजे तक सिर्फ 4 घंटे में लगभग ढाई इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। बड़ा तालाब एक बार फिर लबालब भर गया, जिससे रात में भदभदा डैम का एक गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी। इस मानसून सीजन में चौथी बार डैम का गेट खोला गया है। 4 दिन प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट नहीं मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन लोकल सिस्टम की वजह से पानी गिर सकता है। पिछले एक सप्ताह से ऐसा ही हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आधे राजस्थान से मानसून लौट चुका है। वहीं, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कई जिलों से भी मानसून लौटा है। यदि वापसी की यही रफ्तार रही तो एमपी के भी कई जिलों में अगले हफ्ते ऐसी स्थिति बन सकती है। मध्यप्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 42.7 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.1 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है।

फायरिंग केस: दिशा पाटनी के घर तक ऐसे पहुंचे हमलावर, लाल जूतों ने खोला राज, इनाम घोषित

बरेली  सिविल लाइंस में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर दो दिन हमला हुआ था। गोल्डी बराड़-रोहित गोदारा गिरोह का शूटर विजय व नकुल ने 11 सितंबर की सुबह 4.30 बजे फायरिंग की थी मगर, प्रकरण चर्चा में नहीं आ सका।  मारे गए शूटरों की पहचान रविंद्र (रोहतक) और अरुण (सोनीपत) के रूप में हुई है। इन दोनों बदमाशों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एनकाउंट के दौरान शूटरों के पास से जिगाना पिस्टल बरामद हुई है। दिल्‍ली के नामी गैंगस्‍टर्स को भी यह पिस्‍टल बड़ी पसंद है। तुर्की में बनने वाली जिगाना पिस्‍टल खरीद पाना सबके बस की बात नहीं।  वे दोनों फायरिंग कर स्पलेंडर बाइक से लौटते समय झुमका चौराहा के पास पहुंचे, तभी रांग साइड में अपाचे बाइक पर लाल जूते पहने रविंद्र व अरुण शहर के अंदर प्रवेश कर रहा था।  इसके बाद विजय व नकुल दिल्ली की ओर लौट गया, जबकि आगे की घटना का जिम्मा रविंद्र व अरुण ने ले लिया था। दोनों बदमाश रेकी के बाद रामपुर के घमौरा में अपना पंजाब होटल में रुके।  इसके बाद 12 सितंबर की रात दो बजे वहां से निकलकर तड़के दिशा पाटनी के घर पहुंचे थे। फायरिंग के बाद दोनों आरोपित भागे मगर, सोमवार को गाजियाबाद में ढेर कर दिए गए। इन दोनों एवं फरार विजय व नकुल पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित हो चुका था।  2500 सीसीटीवी कैमरे खंगाले एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि शहर, हाईवे और टोल प्लाजा के 2500 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए तो कई सुराग मिले। रविंद्र व अरुण 12 सितंबर की रात 2.32 बजे झुमका चौराहा (दिल्ली से आते समय शहर का प्रवेश द्वार) पहुंचा था। वहां 22 मिनट तक रुककर एक दुकान पर चाय पी, कैश में पेमेंट किया।  इसके बाद दोनों 3.24 बजे चौपुला चौराहा, फिर 3.33 बजे दिशा पाटनी के घर पहुंच गए। बाइक चला रहा अरुण हेलमेट लगाए था, जबकि विदेशी पिस्टल से फायरिंग करने वाला रविंद्र लाल जूते पहनकर पीछे बैठा था।  अंधेरे में नजर नहीं आ रहे थे चेहरे एसएसपी ने बताया कि अंधेरा होने के कारण कई फुटेज में शूटर्स के चेहरे स्पष्ट नहीं हो रहे थे मगर, हर जगह अरुण के लाल जूते तस्दीक करते रहे। इसी के सहारे अंधेरे वाली अस्पष्ट फुटेज की कड़ियां भी जोड़ी गईं, जिनके सहारे शूटर्स की लोकेशन पता चलती गई।  इसके बाद हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान पुलिस की मदद से गिरोह के 515 बदमाशों की एलबम बनाई। इससे मिलान करने के बाद स्पष्ट हो गया कि फायरिंग अरुण व रविंद्र ने की थी। तभी से टीमें उन दोनों के पीछे लगी थीं। बेखौफ बदमाश बिना चेहरा छिपाए आए थे।  सिविल लाइंस में अभिनेत्री दिशा पाटनी का घर है। वह मुंबई, जबकि पिता रिटायर्ड सीओ जगदीश पाटनी, मां पदमा व बहन रिटायर्ड मेजर खुशबू पाटनी यहां रहती हैं।  जगदीश ने बताया कि 11 सितंबर को फायरिंग की जानकारी उन्हें सुबह हुई, जब पड़ोसियों ने बताया। इसके बाद 12 सितंबर को तड़के आहट होने पर बालकनी में आए तो बाइक सवार बदमाश फायरिंग कर फरार हो गए थे।  उसी दोपहर को गोल्डी बराड़ गिरोह ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट लिखकर और दिल्ली में कुछ मीडिया हाउस को पुर्तगाल के फोन नंबर से वाइस मैसेज भेजकर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी।  जगदीश की तहरीर पर बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर छह पुलिस टीमें तलाश में लगाई गईं, जिसमें चार एसपी शामिल थे। जांच के आरंभिक 24 घंटे में पुलिस को पता चल गया था कि दिल्ली की ओर से आए बदमाश फायरिंग करने के बाद नैनीताल रोड पर भागे।  यह था विवाद जुलाई में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने ‘लिवइन रिलेशनशिप’ पर एतराज जताते हुए टिप्पणी की थी। इस पर खुशबू पाटनी ने वीडियो जारी कर तल्ख शब्दों में अनिरुद्धाचार्य का विरोध किया था।  इंटरनेट मीडिया पर बहस के बीच यह भी चर्चा उठी कि खुशबू ने संत प्रेमानंद के विरुद्ध भी बयान जारी किया। इस पर खुशबू ने सफाई दी कि उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के विरुद्ध कभी कुछ नहीं कहा।  गोल्डी बराड़ गिरोह ने खुशबू के विरोध वाले बयान से नाराज होकर हमला कराया था। उसने इंटरनेट मीडिया पर लिखा था कि दिशा पाटनी व खुशबू ने संतों का अपमान किया, इसलिए हमला कराया। इस बहाने उसने बॉलीवुड को भी धमकाया कि वहां सनातन के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है।  

IPS संवर्ग में होंगे शामिल 7 राज्य पुलिस सेवा अधिकारी, 5 को इसी साल पदोन्नति

भोपाल राज्य पुलिस सेवा के पांच अधिकारी इस वर्ष आईपीएस संवर्ग में पदोन्नत हो जाएंगे। अगले वर्ष एक जनवरी 2025 की स्थिति में सात को पदोन्नति मिलनी है। यह सभी 1998 बैच के होंगे। यानी, अभी 27 वर्ष की सेवा के बाद भी वह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ही हैं। बड़े-बड़े बैच, हर पांच वर्ष में काडर रिव्यू नहीं होने सहित कई कारणों से मप्र के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति में अन्य राज्यों से काफी पीछे हैं। वर्ष 2025 में सात पदों के लिए डीपीसी की तैयारी शासन अक्टूबर-नवंबर से प्रारंभ कर सकता है। इनकी डीपीसी लगभग एक वर्ष पीछे चल रही है।   बता दें कि कर्नाटक में 2012, तेलंगाना, गुजरात और आंध्र प्रदेश में 2010 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी पदोन्नत होकर आइपीएस बन चुके हैं, पर प्रदेश में अभी वर्ष 1998 का ही पूरा बैच पदोन्नत नहीं हो पाया है। उधर, प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2006 के अधिकारी आईएएस में पदोन्नत हो चुके हैं। राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी लंबे समय से शासन से मांग कर रहे हैं कि छोटे जिलों में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी उन्हें दी जाए, पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, जबकि यह व्यवस्था मध्य प्रदेश में पहले लागू रही है। शशिकांत शुक्ला, रमन सिंह सहित कई अधिकारी दो जिलों में एसपी रहने के बाद आइपीएस बने। अब कई वर्षों से इसे बंद कर दिया गया है।

मानसून में सेहत का रखें खास ख्याल

मानसून के मौसम में ज्यादातर लोग अपनी सेहत को लेकर लापरवाह हो जाते हैं। इस मौसम में आपको अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना चाहिए, वरना आपको भविष्य में सेहत संबधित बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपको हम बता रहे हैं कुछ महत्वपूर्ण बातें जिससे आप अपनी सेहत का ख्याल रख पाएंगे… कच्चा सलाद और जूस: बरसात के मौसम में कच्चा सलाद खाने से बचें। कच्चे सलाद में कई तरह के कीड़े होने का डर बना रहता है। इसलिए सलाद को स्टीम्ड करके खाएं। इससे सलाद के कीटाणु भी नष्ट हो जाएंगे और ये अधिक स्वास्थ्यवर्धक भी बन जाता है। यहां तक घर पर भी फलों को काटकर न रखें बल्कि काटने के बाद तुरंत खा लें। इसके अलावा बाजार में बिकने वाले जूस से भी इन्हीं कारणों से परहेज करें। मशरूम: बरसात के मौसम में मशरूम खाने से भी बचें। इस मौसम में मशरूम से इंफेक्शन होने का खतरा अन्य मौसम के मुकाबले कहीं अधिक होता है। बाजार के पकौड़े: सड़क के किनारे बिकने वाले पकौड़ों को न खाएं। इन पकौड़ों को तलने के लिये जो तेल प्रयोग किया जाता है वह अच्छा नहीं होता। इसके साथ ही मानसून में आपके पेट की खाना पचाने की क्षमता कम हो जाती है इसलिये इन्हें न खाएं, अगर बहुत मन है तो घर पर ही बना कर पकौड़े खाएं। इन्हें आजमाएं… तुलसीः मानसून के दौरान अपनी डाइट में हर रोज तुलसी की तीन-चार पत्तियों को शामिल करें। तुलसी में दमदार एंटी-वायरल एजेंट होता है। यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर है। आप चाहें तो सलाद में तुलसी की तीन-चार पत्तियां काट कर डाल लें, या फिर तुलसी की पत्ती को धोकर चीनी या गुड़ के साथ खाएं। इसके अलावा आप तुलसी से बनी हर्बल टी भी पी सकते हैं। हर्बल टीः मानसून के मौसम में हर्बल टी का इस्ते माल बेहद फायदेमंद होता है वैसे सेहत के लिए हर्बल टी किसी भी मौसम में काफी अच्छी रहती है।  

ग्वालियरवासियों को राहत: कैपेसिटर बैंक से सुधरेगी बिजली आपूर्ति

ग्वालियर बिजली उपभोक्ताओं को अब पहले से ज्यादा स्थिर बिजली मिलेगी। उन्हें अब लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिल जाएगी, क्योंकि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश भर में 417 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सब स्टेशनों में से 412 सब स्टेशनों पर विभिन्न क्षमताओं के कैपेसिटर बैंक लगा दिए हैं। इन कैपेसिटर बैंकों की मदद से वोल्टेज में स्थिरता लाई जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और बार-बार उपकरण खराब होने की समस्या से निजात मिलेगी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ट्रांसमिशन सिस्टम और अधिक मजबूत हो रहा है।   यह होते हैं कैपेसिटर बैंक कैपेसिटर बैंक (संधारित्र बैंक) कई कैपेसिटर का एक समूह होता है, जो विद्युत ऊर्जा को संग्रहित और जारी करने के लिए एक साथ समानांतर या श्रेणीक्रम में जुड़े होते हैं। इन्हें विद्युत प्रणालियों की दक्षता में सुधार करने, पावर फैक्टर को सही करने और प्रतिक्रियाशील शक्ति को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। ग्वालियर जिले में 11 हाई टेंशन सब स्टेशनों पर 222 एमवीएआर क्षमता के कैपेसिटर बैंक क्रियाशील किए गए हैं। एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों से विद्युत आपूर्ति के दौरान पावर ट्रांसफार्मर पर प्रायः इंडक्टिव लोड (सिंचाई मोटर एवं घरेलू उपकरण) होता है, जिससे वोल्टेज में कमी आती है और विद्युत गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस समस्या के समाधान के लिए कैपेसिटर बैंक लगाए गए हैं, जो अपने कैपेसिटिव लोड के माध्यम से उस इंडक्टिव प्रभाव को संतुलित कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप पावर फैक्टर में सुधार होता है और उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति होती है।

घातक ‘मेलिओइडोसिस’: पहचानना मुश्किल, मध्य प्रदेश में बढ़ रही चिंता

भोपाल प्रदेश में एक नए स्वास्थ्य संकट ने दस्तक दी है। यह जीवाणु (बैक्टीरिया) का संक्रमण है, जिसकी पहचान मेलिओइडोसिस बीमारी के रूप में हुई है। इसके लक्षण बिल्कुल टीबी जैसे होते हैं। अगर मरीज का गलत इलाज हो जाए तो जीवन पर खतरा हो जाता है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल का दावा है कि इससे संक्रमित प्रत्येक 10 में से चार मरीजों की मौत हो जा रही है। प्रदेश के 20 जिलों में 130 मरीज इस बीमारी से संक्रमित पाए गए हैं। मध्य प्रदेश में दो लाख से अधिक लोग मिले जो सिकल सेल पीड़ित बच्चों को दे सकते थे जन्म पिछले दिनों राजधानी के पास रहने वाले एक 45 वर्षीय किसान को एम्स लाया गया था। वह कई महीनों से बार-बार आने वाले बुखार, खांसी और सीने में दर्द से परेशान थे। स्थानीय डाॅक्टरों ने इसे टीबी मानकर इलाज शुरू किया था। महीनों तक दवा खाने के बाद भी जब उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो थक-हारकर उन्हें एम्स भोपाल लाया गया। यहां जब माइक्रोबाॅयोलाजी विभाग ने गहराई से जांच की, तो पता चला कि उन्हें टीबी नहीं, बल्कि मेलिओइडोसिस है। सही बीमारी पकड़ में आने के बाद मरीज ठीक हो गया।     एम्स के विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले छह वर्षों से इस बीमारी पर वह नजर बनाए हुए हैं।     प्रदेश में अब तक 20 जिलों में 130 से ज्यादा मरीजों की पहचान हो चुकी है।     यह बीमारी अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे प्रदेश में फैल रही है।     सही समय पर इसकी पहचान न हो पाने के कारण यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।     क्योंकि इसके लक्षण टीबी जैसे होने के कारण अक्सर डाॅक्टर भी धोखा खा जाते हैं। यह होता है मेलिओइडोसिस     मेलिओइडोसिस एक संक्रामक बीमारी है जो 'बर्कहोल्डरिया स्यूडोमल्ली' नामक बैक्टीरिया से होती है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर मिट्टी और पानी में पाया जाता है।     विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी अब प्रदेश में स्थानिक (एंडेमिक) हो चुकी है, यानी यहीं के वातावरण में स्थायी रूप से मौजूद है। किसान और मधुमेह रोगी होते हैं आसान शिकार     बताया गया कि इसका सबसे अधिक खतरा ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़े लोगों को होता है, क्योंकि उनका सीधा संपर्क मिट्टी और पानी से होता है।     शहरी इलाकों में डायबिटीज(मधुमेह) के मरीजों और अधिक शराब का सेवन करने वालों को भी यह बीमारी आसानी से अपनी चपेट में ले सकती है। डाॅक्टरों को प्रशिक्षित कर रहा एम्स     एम्स का माइक्रोबायोलाजी विभाग प्रदेश भर के डाॅक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को इस बीमारी की सही और समय पर पहचान के लिए प्रशिक्षित कर रहा है।     पिछले ढाई सालों में 25 सरकारी और निजी अस्पतालों के 50 से ज्यादा विशेषज्ञों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।     इस प्रशिक्षण का ही नतीजा है कि अब प्रदेश के अन्य अस्पतालों से भी 14 नए मामले सामने आए हैं, जिनका सही इलाज संभव हो पाया है। 

रसोई का खुला डस्टबिन: घर में बीमारियों का कारण और वास्तु दोष

भारतीय संस्कृति में रसोईघर को घर का अन्नपूर्णा स्थल माना जाता है। यही वह स्थान है जहां से परिवार के स्वास्थ्य, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की शुरुआत होती है। लेकिन कई बार हम छोटी-छोटी गलतियों के कारण इस पवित्र स्थान को नकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बना देते हैं। ऐसी ही एक आम गलती है- किचन में खुला डस्टबिन रखना। कई घरों में लोग किचन में ही डस्टबिन रखते हैं, और वह भी बिना ढक्कन वाला। यह आदत न केवल वास्तु दोष उत्पन्न करती है बल्कि यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक अशांति का कारण भी बन सकती है। आइए जानते हैं, किचन में खुले डस्टबिन रखने के वास्तु दोष, नकारात्मक प्रभाव और सुधार के उपाय। वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई में अग्नि तत्व का वास होता है और यह तत्व ऊर्जा, उत्साह, समृद्धि और जीवन शक्ति से जुड़ा होता है। वहीं डस्टबिन को अपवित्रता और नकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। जब रसोई जैसे शुद्ध स्थान में खुला डस्टबिन रखा जाता है, तो यह अग्नि तत्व को दूषित करता है और पूरे घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलने लगती है। इससे न केवल वास्तु दोष उत्पन्न होते हैं, बल्कि मानसिक और शारीरिक समस्याओं की शुरुआत भी यहीं से होती है। स्वास्थ्य ही नहीं, खुला डस्टबिन मानसिक शांति को भी भंग करता है। रसोई में गंदगी, बदबू और कीटाणुओं की मौजूदगी घर के वातावरण को भारी और तनावपूर्ण बना देती है। यह स्थिति मानसिक थकान, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं को जन्म देती है। वास्तु शास्त्र का मानना है कि जहां गंदगी है, वहां लक्ष्मी का वास नहीं होता। यही कारण है कि ऐसे घरों में अक्सर आर्थिक परेशानियां, क्लेश और दुर्भाग्य का अनुभव होता है। खुला डस्टबिन न केवल वास्तु दोष पैदा करता है बल्कि यह घर में स्थिरता, सुख-शांति और समृद्धि में भी बाधा डालता है। कई बार देखने में आता है कि जिन घरों में किचन में खुला डस्टबिन होता है, वहां बार-बार आर्थिक रुकावटें, अप्रत्याशित खर्चे और मानसिक तनाव बने रहते हैं। यह एक ऐसी छोटी गलती है, जो धीरे-धीरे पूरे परिवार को प्रभावित करती है। कैसे करें इस समस्या से बचाव सबसे पहले तो कोशिश करें कि रसोई में डस्टबिन बिल्कुल न रखें। अगर रखना ही पड़े, तो उसे ढक्कन वाले डस्टबिन में रखें ताकि दुर्गंध और कीटाणु बाहर न निकल सकें। रोजाना डस्टबिन खाली करें और समय-समय पर उसे अच्छे से साफ भी करें। अगर आपके घर में बालकनी, वॉश एरिया या सर्विस कॉर्नर है, तो वहीं डस्टबिन रखें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि डस्टबिन को कभी भी दक्षिण-पश्चिम दिशा में न रखें, क्योंकि यह दिशा स्थिरता और समृद्धि की होती है, जहां गंदगी रखने से नकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।

अभियान की सफलता तभी, जब बेटियों में हो सुरक्षा का भाव और कानून के भय से आतंकित हों अपराधी: मुख्यमंत्री

शारदीय नवरात्र से होगा मिशन शक्ति के 5वें चरण का शुभारंभ: मुख्यमंत्री अभियान की सफलता तभी, जब बेटियों में हो सुरक्षा का भाव और कानून के भय से आतंकित हों अपराधी: मुख्यमंत्री 01 माह के विशेष अभियान की तैयारियों पर मुख्यमंत्री ने दिए दिशा-निर्देश, कहा, सड़क पर उतरें एडीजी, आईजी/डीआईजी व अन्य अधिकारी पुलिस पेट्रोलिंग और पीआरवी-112 गाड़ियों की सक्रियता को और प्रभावी बनाने के निर्देश महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए 57 हजार ग्राम पंचायतों और 14 हजार वार्डों में भ्रमण करेंगी महिला बीट पुलिस अधिकारी बोले मुख्यमंत्री, महिला हो या पुरुष, कानून का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई में भेदभाव न हो त्योहारों और धार्मिक स्थलों पर महिला पुलिस की विशेष तैनाती के निर्देश एंटी रोमियो स्क्वाड को और सक्रिय करने तथा शोहदों पर नजीर बनाने वाली कार्रवाई के आदेश सभी नगर निगमों में स्थापित होंगे पिंक बूथ, आपात स्थिति में महिलाओं और बेटियों के लिए होगा मददगार विद्यालयों, महाविद्यालयों और औद्योगिक संस्थानों में महिला सुरक्षा संवाद एवं लघु फिल्मों के प्रदर्शन के निर्देश मुख्यमंत्री का निर्देश, जेल में बंद असहाय महिलाओं को दिलाएं विधिक सहायता और महिला अपराधों के त्वरित निस्तारण की ठोस व्यवस्था के आदेश पिछले चरण की उपलब्धियों पर भी हुई चर्चा, 3.44 लाख कार्यक्रम, 2.03 करोड़ महिलाओं की सहभागिता, लाखों को रोजगार विशेष अभियानों (गरुड़, बचपन, मजनू, नशा मुक्ति, रक्षा और ईगल) की सफल कार्रवाई से बदला माहौल, आगे और प्रभावी संचालन के निर्देश सभी विभागों को निर्देश, परंपरा समन्वय से सुनिश्चित करें महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी शारदीय नवरात्र से महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन को समर्पित ‘मिशन शक्ति’ के 05वें चरण के शुभारंभ की घोषणा की है। बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 से प्रारम्भ हुआ इस अभियान से प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में आशातीत परिणाम मिले हैं। अब तक इसके चार चरण पूरे हो चुके हैं और आगामी 22 सितम्बर से प्रारम्भ होकर यह पांचवा चरण 30 दिनों तक सतत रूप से संचालित होगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस चरण में विभागीय समन्वय के साथ व्यापक कार्यक्रम चलाए जाएँ। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की फुट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाया जाए। पीआरवी-112 की सभी गाड़ियाँ लगातार सड़कों पर सक्रिय रहें। जोनल एडीजी, आईजी, डीआईजी जैसे वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरकर आमजन से संवाद करें, पुलिस लाइनों का निरीक्षण करें और गश्त में शामिल हों, ताकि जनता को यह विश्वास हो सके कि सरकार और प्रशासन 24×7 उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन में सुरक्षा का भाव और अपराधी कानून के भय से आतंकित दिखाई देना चाहिए। कानून का दुरुपयोग करने वाला पुरुष हो अथवा महिला, किसी के साथ भी कार्रवाई में भेदभाव नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में 44,177 महिला कार्मिकों के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में महिला पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान के 30 दिनों के भीतर सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और 14 हजार नगरीय वार्डों में महिला बीट पुलिस अधिकारियों को चरणबद्ध ढंग से भेजा जाए। ग्राम प्रधान, सभासद, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री आदि के साथ यह महिला पुलिस अधिकारी भ्रमण कर महिलाओं और बालिकाओं से संवाद करें, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझें तथा उन्हें उनके अधिकारों और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दें। आपात स्थिति में सहायता कहाँ और कैसे प्राप्त की जा सकती है, इसकी जानकारी भी उन्हें उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि नवरात्र व अन्य पर्व-त्योहारों की अवधि में मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर महिला पुलिस की विशेष तैनाती सुनिश्चित की जाए। एंटी रोमियो स्क्वाड को और अधिक सक्रिय करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि शोहदों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने अपराध करने का साहस न कर सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई में संवेदनशीलता आवश्यक है। यह सुनिश्चित करें कि कार्रवाई जिसके विरुद्ध हो रही वह शोहदा ही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिला अपराधों में संलग्न अपराधियों पर इस प्रकार की सख्त कार्यवाही की जाए कि वे दोबारा मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में महिला सुरक्षा से जुड़े संवाद और कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जाएँ, जिनमें अस्पतालों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। विद्यालयों और महाविद्यालयों में लघु फिल्मों का प्रदर्शन कर छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल में बंद असहाय महिलाओं को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जाए। महिला संबंधी अपराधों के निस्तारण के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लक्ष्य तय कर अभियोजन की व्यवस्थित कार्यवाही की जाए, ताकि अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई हो और तेजी से सजा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर आने वाली प्रत्येक कॉल को पूरी गंभीरता से लिया जाए और हर स्थिति में उसका संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित हो। सभी नगर निगमों में पिंक बूथ की स्थापना के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मिशन शक्ति केन्द्रों पर कार्यरत पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाए। इस प्रशिक्षण में जेंडर सेंसिटाइजेशन, डिजिटल एविडेंस कलेक्शन, केस मैनेजमेंट और वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से शामिल हो। पिंक बूथों पर 24×7 सहायता उपलब्ध रहे और मिशन शक्ति केन्द्रों को 360 डिग्री मॉडल पर विकसित किया जाए, जहाँ शिकायत पंजीकरण, काउंसलिंग, लीगल एड, फीडबैक और फॉलो-अप जैसी सभी सेवाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान तभी सफल होगा जब हर गाँव, हर वार्ड और हर परिवार तक इसकी पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने का एक व्यापक सामाजिक अभियान है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस चरण को मिशन मोड में सफल बनाया जाए और प्रदेश की हर बेटी को सुरक्षा एवं सम्मान का भरोसा दिलाया जाए। बैठक में मिशन शक्ति के पिछले चरण की उपलब्धियों पर भी एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। अवगत कराया गया … Read more

खुशखबरी! 24-25 सितंबर को ही खाते में आएगा सरकारी कर्मचारियों का वेतन

नई दिल्ली दुर्गा पूजा के त्योहार से पहले राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर दी है। वित्त विभाग ने घोषणा की है कि इस साल सितंबर माह का वेतन कर्मचारियों को 24 और 25 सितंबर को ही जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद 26 सितंबर से 7 अक्टूबर तक सभी सरकारी दफ्तरों में छुट्टियां रहेंगी। इस फैसले से कर्मचारी और उनके परिवार त्योहार की तैयारियों में आर्थिक तनाव से राहत महसूस कर सकेंगे। वेतन भुगतान का नया शेड्यूल सरकार ने स्पष्ट किया है कि सितंबर महीने का वेतन निर्धारित समय से पहले ही जारी किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को छुट्टियों के दौरान आर्थिक परेशानी न हो। केवल वेतन ही नहीं, बल्कि मजदूरी, मानदेय, पारिश्रमिक और स्टाइपेंड भी इसी दौरान समय पर दिए जाएंगे। इस फैसले का लाभ सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनभोगी भी उठाएंगे, जिनके खाते में पेंशन 1 अक्टूबर को जमा कर दी जाएगी। त्योहार के अवसर पर आर्थिक सहूलियत 1 अक्टूबर को महानवमी के दिन पेंशन के साथ-साथ ‘जय बंगला’, ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि भी लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी। यह समय पर आर्थिक सहायता त्योहार के दौरान परिवारों के लिए खास राहत लेकर आएगी और उनकी खुशियों को दोगुना कर देगी। महंगाई भत्ता (डीए) का मामला अभी भी अधर में हालांकि, कर्मचारी महंगाई भत्ते (डीए) के मुद्दे पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट में लंबित इस मामले का कोई फाइनल फैसला अभी तक नहीं आया है। कन्फेडरेशन ऑफ स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज के वकील विकासरंजन भट्टाचार्य के मुताबिक, इस साल के भीतर ही निर्णय आने की उम्मीद है, लेकिन दुर्गा पूजा से पहले इसका हल नहीं निकल पाएगा। कर्मचारियों में मिली राहत DA विवाद के बावजूद समय पर वेतन और पेंशन मिलने की घोषणा ने कर्मचारियों के बीच उत्साह और राहत की भावना पैदा कर दी है। कई सरकारी कर्मचारियों ने इस फैसले को सराहा और बताया कि त्योहार के मौके पर वेतन मिलना परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करता है और मनोबल बढ़ाता है। साथ ही, 22 सितंबर से जीएसटी में भी आएगी राहत सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि 22 सितंबर से जीएसटी दरों में बदलाव होगा, जिससे जरूरी वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। ऐसे में त्योहार के मौसम में लोगों की खरीददारी में मदद मिलेगी और परिवारों को अतिरिक्त वित्तीय सहारा मिलेगा।  

आबकारी विभाग लखनऊ द्वारा अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की गई

लखनऊ आबकारी आयुक्त महोदय उत्तर प्रदेश व जिलाधिकारी लखनऊ द्वारा दिए गए आदेश के अंतर्गत एवं संयुक्त आबकारी आयुक्त लखनऊ जोन तथा उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार के निर्देशन व जिला आबकारी अधिकारी लखनऊ के नेतृत्व में अवैध रूप से मदिरा की बिक्री के रोकथाम  के दृष्टिगत चलाए जा रहे दैनिक प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत दिनांक 16.09.2025 को आबकारी विभाग लखनऊ द्वारा अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की गई। आबकारी निरीक्षक विवेक सिंह , राहुल सिंह , शिखर मल्ल तथा अभिषेक सिंह मय स्टाफ द्वारा थाना गोसाईगंज क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक किआ सोनट (KIA SONET) वाहन संख्या PB27L1428 से 473 बोतल गैर प्रांत की अवैध शराब बरामद की गई।   उपरोक्त वाहन को नाका लगाकर किसान पथ पर रोक गया किंतु वाहन चालक मौके से भागने का प्रयास करते हुए गोसाईगंज के ग्रामीण क्षेत्र में घुस गया तब गोसाईगंज पुलिस व सर्विलांस टीम की मदद ली गई और अंदर कासिमपुर ग्राम के पास अभियुक्तों को कार में अवैध गैर प्रांत की मदिरा के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में चालक मोहन ने स्वीकार किया कि शराब हरियाणा से बिहार तस्करी हेतु ले जाई जा रही थी। मौके से तीन मोबाइल फोन तथा 2030 रुपये नकद भी बरामद किए गए।   बरामद शराब में रॉयल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड व अन्य ब्रांड्स शामिल हैं जिन पर “FOR SALE IN HARYANA ONLY" अंकित था। वाहन एवं शराब को कब्जे में लेकर संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।   आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के खिलाफ लगातार सघन चेकिंग व छापेमारी की कार्यवाही की जा रही है ताकि अवैध शराब की तस्करी एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। अभी कुछ दिनों पूर्व ही राजधानी लखनऊ आबकारी टीम ने कृष्णा नगर व छितवापुर क्षेत्र में दो ठिकानों में छापेमारी कर निम्न ब्रांड की शराब हाई ब्रांड की बोतलों में भरकर बेचने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तथा डालीगंज क्षेत्र में एक लाइसेंसी कम्पोजिट शॉप में अवैध मिलावटी शराब बिक्री किये जाने पर दुकान के बिक्रेताओं को जेल भेजा गया साथ ही दुकान के लाइसेन्स को निरस्त करने की कार्यवाही की जा रही है एवं एक अन्य कार्यवाही में हजरतगंज क्षेत्र में संचालित टनाटन रेस्टोरेंट में बिना बार लाइसेन्स के अवैध रूप से शराब पिलाये जाने के कारण पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।