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नीतीश सरकार का बड़ा एलान: ग्रेजुएट बेरोजगारों को हर महीने मिलेगा आर्थिक सहारा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेरोजगार ग्रेजुएट युवाओं के लिए नई योजना की घोषणा की है. इसके तहत सरकार 20 से 25 साल की उम्र के ऐसे स्नातक युवकों और युवतियों को हर महीने 1000 रुपये देगी, जिनके पास न नौकरी है और न ही स्वरोजगार. यह भत्ता अधिकतम दो साल तक दिया जाएगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घोषणा की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की. उन्होंने लिखा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही युवाओं को रोजगार और नौकरी देने को प्राथमिकता दी गई है. आने वाले पांच साल में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया जाए. इस दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है और युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है. किन छात्रों को मिलेगा फायदा? नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार का मानना है कि जब तक युवा पढ़ाई या ट्रेनिंग के दौरान आत्मनिर्भर नहीं होंगे, तब तक वे नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अच्छे से नहीं कर पाएंगे. इसी सोच के तहत पहले से चल रही मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार किया गया है. पहले इस योजना का लाभ सिर्फ इंटर पास बेरोजगार युवाओं को मिलता था. लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है. अब कला, विज्ञान और वाणिज्य में स्नातक पास बेरोजगार युवक-युवतियों को भी यह भत्ता मिलेगा. आत्मनिर्भर बनने में मदद सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है. भत्ता मिलने से वे अपनी पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा और कौशल प्रशिक्षण में आर्थिक मदद पा सकेंगे. नीतीश कुमार को उम्मीद है कि यह राशि बेरोजगार युवाओं को अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद करेगी. युवाओं को फायदा ही फायदा विशेष बात यह है कि सरकार का यह ऐलान चुनावी साल में आया है. ऐसे में इसे युवाओं को साधने की कोशिश भी माना जा रहा है. हालांकि, नीतीश कुमार का कहना है कि यह कदम राज्य को आत्मनिर्भर और रोजगारमूलक बनाने की दिशा में सरकार की दूरदर्शी सोच का हिस्सा है.

साढ़े आठ वर्षों में 15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे: मुख्यमंत्री

₹5 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के साथ नवंबर में होगी जीबीसी@5: मुख्यमंत्री साढ़े आठ वर्षों में 15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे: मुख्यमंत्री भूमि अधिग्रहण में संवाद व समन्वय को प्राथमिकता, किसानों की संतुष्टि और उनका हित सुरक्षित करने के निर्देश बोले मुख्यमंत्री, भूमि से किसानों का भावनात्मक संबंध, अधिग्रहण पर मुआवजा दर बढ़ाने पर हो विचार औद्योगिक इकाइयों को आवंटित भूमि तीन साल में उपयोग न होने पर होगी रद्द नोएडा क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित करने पर मुख्यमंत्री का जोर, कहा बैंकिंग व निर्यात को बढ़ावा देने के हों प्रयास मुख्यमंत्री का निर्देश, और सरल व सहज बनाएं निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टल, निवेशकों को कतई न लगाना पड़े दफ्तरों का चक्कर 22 सितम्बर से लागू हो रहे जीएसटी सुधार का आम नागरिक को लाभ मिलना सुनिश्चित करायें: मुख्यमंत्री हर जिले में सरदार पटेल रोजगार ज़ोन विकसित करने की कार्ययोजना पर मंथन, उद्योग व रोजगार का नया मॉडल बनेगा यूपी 2025-26 में विनिर्माण क्षेत्र का ₹5 लाख करोड़ GVA लक्ष्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹5 लाख करोड़ से अधिक की निजी निवेश परियोजनाओं के साथ पांचवें ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के आयोजन की तैयारी के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को औद्योगिक विकास विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ बीते साढ़े 08 वर्षों में अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जा चुकी है। इसके माध्यम से 15 लाख करोड़ से अधिक की औद्योगिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं तथा 60 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी एवं रोजगार की गारंटी मिली। अब आगामी नवंबर माह में जीबीसी@5 के आयोजन की तैयारी की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्यवाही सुनिश्चित करें और प्रत्येक निवेश प्रस्ताव की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। विभिन्न निजी औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सामंजस्य के साथ ही होनी चाहिए। अपनी भूमि के साथ हर किसी का एक भावनात्मक संबंध होता है। यह उसके जीवन भर की पूंजी है। यदि प्रदेश हित में उनकी भूमि का अधिग्रहण आवश्यक है तो उन्हें अच्छा मुआवजा मिलना चाहिए। कहीं से भी उत्पीड़न की शिकायत नहीं आनी चाहिए। संवाद और समन्वय से यह काम बड़ी आसानी से हो सकता है। सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि अधिग्रहण के लिए वर्तमान मुआवजे की दर में बढ़ोतरी पर विचार करें। यह समय की मांग है, इसी में किसानों का हित है। निर्यात प्रोत्साहन के प्रयासों को बढ़ाने की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में से किसी एक क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित किया जाए। यहां बड़े बैंकिंग संस्थाओं के कार्यालय हों। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्यात को और बेहतर करने के लिए नियोजित प्रयास की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि भूमि आवंटन के उपरांत भूमि का समुचित उपयोग न करने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटन अधिकतम तीन वर्षों के उपरांत रद कर दिया जाए। वह भूमि अन्य निवेशक को आवंटित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टलों को और अधिक सहज व सरल बनाये जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि निवेशक छोटा हो या बड़ा, कार्यालयों के चक्कर किसी को भी न लगाना पड़े। आगामी 22 सितम्बर से प्रभावी होने जा रहे जीएसटी सुधारों का लाभ हर आम नागरिक को मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि इससे आम आदमी को सीधा लाभ होगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित विशेष रोजगार ज़ोन के विकास की कार्ययोजना पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध रूप से सभी जिलों में कम से कम 100 एकड़ में इस रोजगार ज़ोन का विकास किया जाना है, इसके लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यह क्षेत्र उद्योग, निवेश, उद्यमिता, नवाचार, कौशल विकास और रोजगार का हब होगा। यह कार्ययोजना पूरे देश में एक मॉडल बनेगी।  बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025-26 के लिए विनिर्माण क्षेत्र का ₹5 लाख करोड़ का GVA लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए फैक्ट्री अधिनियम के अंतर्गत 8,000 नई/विद्यमान इकाइयों का पंजीकरण आवश्यक है। अभी तक 1,354 इकाइयों का पंजीकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने श्रम सुधारों की प्रक्रिया को और तेज करने और अप्रयुक्त औद्योगिक भूखंडों को सक्रिय करने के निर्देश दिए।

‘नायसा’ के पीछे कौन? संजय पाठक ने कर्मचारी के नाम पर बनाई कंपनी, खरीदी करोड़ों की सहारा ज़मीन

जबलपुर  कटनी जिले से विधायक संजय पाठक ने जमीनों की खरीद फरोख्त के लिए न सिर्फ आदिवासियों की मदद ली, बल्कि अपने कर्मचारियों के नाम पर भी कंपनियां बनाईं। आदिवासियों के नाम पर करीब 1100 एकड़ जमीन खरीदने के आरोप से घिरे संजय पाठक सायना ग्रुप के मालिक हैं, इसलिए उन्होंने मिलते-जुलते नाम वाली नायसा देव बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बना ली। इस कंपनी का कर्ताधर्ता अपने ही कर्मचारी सचिन तिवारी को बनाया। इस कंपनी से सहारा सिटी की जमीन खरीदी, वो भी औने-पौने दाम पर। सूत्रों की माने सचिन तिवारी के पास विधायक संजय पाठक के लिए जमीन खरीदने-बेचने से लेकर जनसंपर्क आदि कार्यों की जिम्मेदारी है। जबलपुर के तेवर स्थित सहारा सिटी की जमीन का सौदा करने और उसका भुगतान करने की पूरी जिम्मेदारी सचिन और उसके सहयोगियों ने संभाली। दोनों ही संजय पाठक से जुड़ी फर्म सूत्र बताते हैं कि कटनी और जबलपुर की दो फर्मों को सहारा सिटी की करीब 110 एकड़ जमीन खरीदी का काम दिया गया। ये दोनों ही संजय पाठक से जुड़ी फर्म हैं। इस जमीन को कमर्शियल के बजाय कृषि भूमि बताकर पंजीयन शुल्क की चोरी की गई। इतना ही नहीं, सूत्रों का कहना है कि यह जमीन 50 करोड़ में बेची गई, जबकि बाजार मूल्य 200 करोड़ था। इधर ग्रुप से जुड़े लोगों का कहना है कि यह मूल्य कलेक्ट्रेट गाइडलाइन के मुताबिक तय किया गया था। वहीं 2014 में सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में इस जमीन की कीमत 125 करोड़ रुपये तक दिखाई गई थी। माइनिंग कान्क्लेव में निवेश के बाद जांच ठंडी दरअसल, मेसर्स नायसा देव बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने सहारा कंपनी से जमीने खरीदीं। 2022 में हुए इस सौदे के दौरान नायसा देव बिल्ड के तत्कालीन डायरेक्टर्स और प्राधिकृत अधिकारी को ईओडब्ल्यू ने नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया भी था। जानकार बताते हैं कि रजिस्ट्री के दस्तावेजों की जांच में तीन पदाधिकारियों के नाम थे। जांच अधिकारियों ने यह पता लगाया कि नायसा कंपनी ने सहारा से खरीदी गई जमीन के एवज में कितनी रकम और किस माध्यम से सहारा को दी। इसके लिए ईओडब्ल्यू ने इनके बैंक खातें भी खंगाले, जिनसे जमीन के पैसों का भुगतान किया गया। हालांकि कंपनी में माइनिंग कान्क्लेव में सायना ग्रुप के बड़े निवेश के बाद मामला ठंडा करने में कई जुट गए, जिससे ईओडब्ल्यू की जांच ठंडी पड़ गई। खनिज से कलेक्टर के बीच घूम रही फाइल खनिज विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा बनाई गई जांच टीम ने जब सिहोरा, घुघरी कला समेत कई जगहों की जांच की तो वे भी हैरान हो गए। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जांच के दौरान यह देखा गया कि जिस जमीन के उत्खनन का लाइसेंस लिया गया है, उससे लगी हजारों एकड़ जमीन में भी अवैध उत्खनन कर दिया गया। इस जमीन को जब गूगल और सैटेलाइट के माध्यम से खंगाला गया तो पता चला कि यह काम आज का नहीं बल्कि पिछले 10 सालों से जारी है। विभाग ने संजय पाठक की तीनों कंपनी निर्मला मिनरल, आनंद माइनिंग कार्पोरेशन और मेसर्स पेसिफिक एक्सपोर्ट के नाम पर जारी आठ खदानों को खंगाला तो करीब 443 करोड़ का अवैध उत्खनन पाया गया। इसे वसूलने का काम जबलपुर कलेक्टर को दिया है। भोपाल से फाइल आए हुए करीब 10 दिन से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन अब तक कुल जुर्माने की राशि का आकलन नहीं हो सका है।

हैंडशेक विवाद में दीप्ति शर्मा का बड़ा बयान, क्या महिला टीम भी अपनाएगी आक्रामक अंदाज़?

नई दिल्ली एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बाद हुआ हैंडशेक विवाद अब गहराता जा रहा है. ये सिलसिला अब भारत-पाक के बीच होने वाले आगे के मैचों में भी देखने को मिल सकता है. इसी बीच, अगले महीने से शुरू हो रहे महिला वनडे विश्व कप को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. इस वर्ल्ड कप में भी भारत और पाकिस्तान के बीच टक्कर होनी है. दोनों टीमें  5 अक्टूबर को आमने-सामने होंगी. यह हाई-वोल्टेज मैच कोलंबो में खेला जाएगा. फिलहाल भारतीय महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में व्यस्त है. पहला मैच गंवाने के बाद टीम इंडिया का दूसरा मैच बुधवार को था. इस मैच से पहले टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा मीडिया से रूबरू हुईं. जब उनसे पूछा गया कि क्या भारतीय महिला टीम भी पाकिस्तान से भिड़ने पर पुरुष टीम की तरह हाथ मिलाने से इनकार करेगी, तो उन्होंने इसका जवाब दिया. हैंडशेक विवाद पर क्या बोंली दीप्ति शर्मा दीप्ति शर्मा ने कहा, 'अभी हमारा पूरा फोकस ऑस्ट्रेलिया सीरीज पर है. पाकिस्तान मैच अभी दूर है, इसलिए इस बारे में बाद में ही सोचा जाएगा. जब मुकाबला होगा, तब देखा जाएगा कि क्या करना है.' दीप्ति ने यह भी कहा कि टीम इंडिया मजबूत है और अगर सभी खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ दें, तो सीरीज बराबरी पर लाई जा सकती है. इसके बाद महिला टीम सीधे अपने विश्व कप मिशन पर निकल पड़ेगी. बता दें कि आईसीसी वुमेंड वर्ल्ड कप 2025 का आगाज 30 सितंबर से हो रहा है. वर्ल्ड कप का पहला मैच भारत और श्रीलंका के बीच गुवाहाटी में खेला जाना है. वर्ल्ड कप का फाइनल मैच 2 नवंबर को खेला जाएगा. पाकिस्तान के चलते ये मैच भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में हो रहा है.  एशिया कप में भारत-पाक के बीच एक और भिड़ंत पक्की पाकिस्तान और यूएई के बीच बुधवार को खेले गए एशिया कप के 10वें मुकाबले में पाकिस्तान ने 41 रनों से जीत दर्ज की. इस जीत के साथ ही पाकिस्तान ने सुपर-4 के लिए क्वालिफाई कर लिया है. जबकि मेजबान यूएई का सफर अब खत्म हो गया है. ग्रुप-ए से टीम इंडिया और पाकिस्तान की टीम क्वॉलिफाई कर गई है. इसी के साथ भारत और पाकिस्तान के बीच एक और भिड़ंत का रास्ता साफ हो गया है. दोनों टीमों के बीच अब अगला मुकाबला 21 सितंबर यानी की रविवार को दुबई में खेला जाएगा. भारत-पाक के बीच एक और भिड़ंत… दरअसल, एशिया कप में इस बार 8 टीमों ने हिस्सा लिया था. इन टीमों को दो अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया था. सुपर-4 के लिए दोनों ग्रुप से कुल 4 टीमों का चयन होना था. ग्रुप ए में भारत के साथ पाकिस्तान, यूएई और ओमान की टीम थी. भारत ने अपने दोनों शुरुआती मुकाबले जीतकर पहले ही सुपर-4 के लिए क्वालिफाई कर लिया था.  ओमान पहले ही बाहर हो चुका है. पाकिस्तान और यूएई के बीच आगे जाने की टक्कर थी. लेकिन इस मैच में पाकिस्तान ने बाजी मार ली और अब भारत के साथ उसका मुकाबला होगा.  भारत ने 7 विकेट से दी थी पटखनी इस टूर्नामेंट में रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच ग्रुप स्टेज का मुकाबला खेला गया था. इस मैच में टीम इंडिया ने 7 विकेट से जीत दर्ज की थी. लेकिन ये मैच उस वक्त विवादों में आ गया था, जब भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी प्लेयर्स से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था. पाकिस्तान ने इसे लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी. पीसीबी ने आईसीसी से इस मैच के रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को टूर्नामेंट से हटाने की मांग की थी. हालांकि, आईसीसी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था. इसके बाद पाकिस्तानी टीम ने यूएई के साथ होने वाले मैच से पहले तगड़ा ड्रामा किया और मैच न खेलने की धमकी दी. हालांकि, एक घंटे की देरी से टीम स्टेडियम पहुंची और मुकाबला हुआ.

MP और महाराष्ट्र में बाघों के शिकार पर बवाल, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब, उठे संगठित गिरोहों के सवाल

भोपल  सुप्रीम कोर्ट ने  केंद्र सरकार, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और अन्य से उस जनहित याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में कथित संगठित बाघ शिकार और अवैध वन्यजीव व्यापार रैकेट की सीबीआइ जांच की मांग की गई है। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ वकील गौरव कुमार बंसल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें सक्रिय संगठित शिकार गिरोहों द्वारा बाघों के लिए उत्पन्न गंभीर खतरे पर प्रकाश डाला गया था। बंसल ने कहा कि कम से कम 30 प्रतिशत बाघ निर्दिष्ट बाघ अभयारण्यों के बाहर हैं और उन्होंने बाघों के बड़े पैमाने पर शिकार की खबरों का हवाला दिया। इन बिंदुओं पर दायर हुई है याचिका महाराष्ट्र सरकार की एसआईटी जांच में शिकारी, तस्करों और हवाला नेटवर्क का संगठित गिरोह सामने आया। यह गिरोह बाघों की खाल, हड्डियां और ट्रॉफी को राज्य की सीमाओं से बाहर और विदेशों तक तस्करी करता है। याचिका में रिपोर्ट का हवाला देकर कहा गया है कि बाघों का शिकार अब संरक्षित क्षेत्रों से बाहर वन प्रभागों और कॉरिडोर में ज्यादा हो रहा है, जहां निगरानी और सुरक्षा बेहद कमजोर है। वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India) ने इन क्षेत्रों को बाघों के फैलाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। बाघों के अंगों की तस्करी में लगे एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के पर्दाफाश पीठ ने केंद्र एवं अन्य प्राधिकारियों की ओर से अदालत में पेश हुईं अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से याचिका पर निर्देश लेने को कहा। याचिका में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में बाघों के व्यवस्थित शिकार और राज्यों एवं म्यांमार तक फैले बाघों के अंगों की तस्करी में लगे एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के पर्दाफाश का हवाला दिया गया है। याचिका में कहा गया है, ''कई आरोपितों की गिरफ्तारी, बाघों की खाल, हड्डियां, हथियार और वित्तीय रिकार्ड की जब्ती, साथ ही एसआइटी के गठन से यह स्पष्ट हो गया है कि यह समस्या किसी एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि एक गहरे आपराधिक नेटवर्क के अस्तित्व को दर्शाती है जो कानून के शासन को कमजोर करता है।'' बाघ अभयारण्यों से सटे गैर-संरक्षित प्रादेशिक वन शिकारियों के आसान शिकार याचिका में यह भी कहा गया है कि अधिसूचित बाघ अभयारण्यों से सटे गैर-संरक्षित प्रादेशिक वन क्षेत्र बार-बार शिकारियों का आसान निशाना बन गए हैं। इसके फलस्वरूप कार्रवाई करने की वजहें और भी मजबूत हो जाती हैं। सीबीआइ जांच की मांग करते हुए याचिका में कहा गया है, ''जब तक यह अदालत हस्तक्षेप नहीं करती और एक व्यापक, स्वतंत्र और समन्वित जांच का निर्देश नहीं देती, तब तक राष्ट्र की पारिस्थितिक सुरक्षा और राष्ट्रीय पशु के अस्तित्व को गंभीर खतरा रहेगा।'' याचिका में यह भी कहा गया है, ''प्रतिवादियों (केंद्र और अन्य) को एसआइटी की सिफारिशों को तुरंत लागू करने और बाघ अभयारण्यों से सटे बाघ गलियारों और प्रादेशिक वन प्रभागों में प्रभावी सुरक्षा, निगरानी और गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया जाए, और उन्हें मुख्य क्षेत्रों के समान माना जाए।'' याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) और एनटीसीए को पक्ष बनाया गया है। बंसल ने अदालत में कहा याचिकाकर्ता के वकील बंसल ने कहा कि भारत में 30% से अधिक बाघ संरक्षित क्षेत्रों के बाहर पाए जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि तस्करी का यह संगठित नेटवर्क वन गुर्जर समुदाय जैसे आदिवासी समूहों से जुड़े गिरोहों को भी शामिल करता है। उन्होंने अदालत से मांग की कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।  

गुजरात में बड़ी कार्रवाई: साबरमती तट पर 700+ निर्माण ढहाए गए, प्रशासन का सख्त एक्शन

अहमदाबाद गुजरात के गांधीनगर में एक बार फिर बड़ा बुलडोजर ऐक्शन लिया गया है। साबरमती के किनारे कई इलाकों में गुरुवार सुबह से ही बुलडोजर गरजने लगे। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सरकारी जमीन पर बने 700 से अधिक मकान और अन्य ढांचों को तोड़ा जा रहा है। गांधीनगर जिला प्रशासन के मुताबिक साबरमती नदी के किनारे जीईबी, पेथापुर, चारेदी इलाकों में सरकारी जमीनों पर अतिमक्रमण किया गया था। कई बार इन्हें जगह खाली करने की चेतावनी दी गई थी। गुरुवार सुबह भारी सुरक्षा इंतजाम के बीच तोड़फोड़ दस्तों ने बुलडोजर अभियान की शुरुआत की। एक साथ दर्जनों बुलडोजर मकानों को तोड़ते नजर आए। लोगों का भारी विरोध, बुलडोजर पलटा पेटापुर में बुलडोजर ऐक्शन के विरोध में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। भारी सुरक्षा के बावजूद लोग जोरदार विरोध प्रदर्शन करने लगे। माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस बीच अफरा-तफरी में एक बुलडोजर भी पलट गया। गनीमत है कि इसकी जद में कोई नहीं आया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह लोगों को काबू किया।

नवरात्रि स्पेशल: सफलता और पॉजिटिविटी पाने के लिए अपनाएँ ये 7 आसान टिप्स

हिंदू धर्म मेंनवरात्रि के नौ दिनों का बेहद खास महत्व माना गया है। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की उपासना के लिए समर्पित होते हैं। नवरात्रि व्रत ना सिर्फ आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया है बल्कि इसे रखने से व्यक्ति अपनी लाइफ में मौजूद नकारात्मकता को भी बड़ी आसानी से सकारात्मकता में बदलकर सफलता का लक्ष्य तय कर सकता है। अगर आप भी अपनी लाइफ से नेगेटिविटी या किसी तरह की निराशा को दूर करना चाहते हैं तो सकारात्मक मानसिकता बनाएं रखने के लिए नवरात्रि के दौरान अपनाएं ये 7 टिप्स। प्रतिदिन मंत्र जाप करें सुबह या शाम "ॐ दुं दुर्गायै नमः" जैसे मंत्रों का जाप करें। मंत्रों का जाप मन को शांत और एकाग्र करके सकारात्मक ऊर्जा से भरता है। जिससे व्यक्ति को तनाव और चिंता कम होती है और वो पॉजिटिविटी से भरा रहता है। नकारात्मक विचारों से बनाएं दूरी किसी की बुराई करने, तनाव या नकारात्मक खबरों को करने या सुनने से बचें। इसके अलावा माइंड को पॉजिटिव बनाए रखने के लिए हमेशा प्रेरणादायक किताबें पढ़ें या भक्ति संगीत सुनें। छोटे लक्ष्य निर्धारित करें मन को प्रसन्न और सकारात्मक बनाए रखने के लिए नवरात्र व्रत के दौरान कोई एक नई रेसिपी ट्राई करें या फिर रोजाना 10 मिनट ध्यान लगाने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपका मन खुश रहेगा और मेडिटेशन से तनाव कम करने में मदद मिलेगी। जिससे व्यक्ति चिंता मुक्त होकर अच्छे से अपना काम कर पाएगा। बता दें, मेडिटेशन आपके मानसिक स्वास्थ्य को सुधारकर आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम करता है। प्रकृति के करीब रहें सुबह सूरज की रोशनी में थोड़ी देर बैठें या पौधों के पास समय बिताएं। यह मन को तरोताजा और सकारात्मक बनाए रखता है। सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताएं परिवार या दोस्तों के साथ हंसी-मजाक और अच्छी बातें करें ताकि मन प्रसन्न रहे। सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताना बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि वे आपको प्रेरित करते हैं, उत्साहित करते हैं और आपके जीवन में सकारात्मकता लाते हैं। दिन की शुरुआत प्रार्थना से करें दिन की शुरुआत प्रार्थना से करने से मानसिक शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक विकास में मदद मिलती है। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा से शक्ति और सकारात्मकता की प्रार्थना करें। इससे दिनभर आत्मविश्वास बना रहता है। गरबा या भक्ति नृत्य की लें मदद नवरात्रि के नौ दिनों में लोग मिट्टी के एक मटके में दीपक जलाते है जिसे 'गरबी' कहा जाता है। इस मटके को मां दुर्गा की शक्ति और ऊर्जा के रूप में जाना जाता है, जिसके चारों ओर लोग गरबा नृत्य करते हैं। नृत्य करने से शरीर और मन दोनों में ऊर्जा आती है। यह तनाव दूर करके खुशी का एहसास देता है। आप भी अपनी लाइफ का स्ट्रेस दूर करने के लिए किसी भी तरह का डांस फॉर्म फॉलो कर सकते हैं।

सुपर-4 में पाकिस्तान की एंट्री, यूएई को हराया — अगला मुकाबला भारत से

दुबई  एशिया कप का 10वां मैच आज पाकिस्तान और मेजबान यूएई के बीच दुबई में खेला गया. इस मैच में 41 रनों से यूएई को हराकर पाकिस्तान ने सुपर-4 के लिए क्वालिफाई कर लिया है. रविवार को पाकिस्तान की भारत से भिड़ंत भी पक्की हो गई है.  इस मुकाबले में टॉस जीतकर यूएई ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था. पाकिस्तान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए फखर जमां की फिफ्टी और शाहीन आफरीदी की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के दम पर यूएई के सामने 147 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में उतरी यूएई की टीम 105 रनों पर ही सिमट गई. बता दें कि ये मैच तय समय से एक घंटे की देरी से शुरू हुआ था. क्योंकि पाकिस्तानी टीम ने शाम करीब 6 बजे इस मैच को खेलने से इनकार कर दिया था. हालांकि, बाद में पाकिस्तानी टीम मैच खेलने के लिए पहुंची. इस ग्रुप से टीम इंडिया और पाकिस्तान ने क्वालिफाई किया है, जबकि यूएई और ओमान बाहर हो गए हैं. 21 सितंबर को भारत-पाक मैच होगा. ऐसी रही यूएई की पारी 147 रनों के जवाब में उतरी यूएई की शुरुआत अच्छी रही. वसीम और शराफू ने कुछ अच्छे शॉट लगाए. लेकिन तीसरे ओवर में टीम को पहला झटका शराफू के रूप में लगा. इसके बाद कप्तान वसीम भी सस्ते में निपट गए. जोहैब भी कमाल नहीं दिखा पाए और 4 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद राहुल चोपड़ा ने 35 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की. ध्रुव ने उनका साथ भी दिया. लेकिन दोनों का विकेट गिरने के बाद यूएई की पारी बिखर गई और ये मुकाबला गंवा दिया. इस हार के साथ ही यूएई का एशिया कप अभियान भी समाप्त हो गया है.  ऐसी रही पाकिस्तान की पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही. पहले ही ओवर में पाकिस्तान को झटका लगा जब सैम अयूब बिना खाता खोले आउट हो गए. भारत के खिलाफ भी अयूब खाता नहीं खोल सके थे. इसके बाद तीसरे ओवर में फिर पाकिस्तान का विकेट गिरा और फरहान आउट हो गए. फिर फखर जमां ने पारी को संभालने की कोशिश की. उन्होंने अर्धशतक भी लगाया. लेकिन पाक के रनों की रफ्तार धीमी ही रही. लेकिन अंतिम ओवरों में शाहीन शाह आफरीदी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और 14 गेंद में 29 रन पीट दिए, जिसकी बदौलत पाकिस्तान ने 20 ओवर में 146 रन बना लिया.  बता दें कि ये मुकाबला सुपर-4 के लिहाज से दोनों ही टीमों के लिए अहम था. इस मैच में जीत के साथ ही पाकिस्तान ने टीम इंडिया के साथ सुपर-4 के लिए क्वालिफाई कर लिया. पाकिस्तान ने एशिया कप में अपने अभियान की शुरुआत ओमान के खिलाफ की थी. इस मैच में पाक को बड़े अंतर से जीत मिली थी. लेकिन दूसरे मैच में उसे भारत के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था. मैच से पहले हुआ तगड़ा ड्रामा इस मैच के शुरू होने से एक घंटे पहले पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि पाकिस्तान यूएई के साथ मैच नहीं खेलेगा. टीम होटल से स्टेडियम के लिए रवाना भी नहीं हुआ. मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को हटाने की मांग पर पीसीबी अड़ा रहा. लेकिन आईसीसी ने उनकी एक न सुनी और बाद में पाकिस्तान मैच खेलने के लिए राजी हो गया. इस मैच में एंडी पायक्रॉफ्ट ही रेफरी रहे.

बड़वारा को मिलेगी बड़ी सौगात: CM डॉ. यादव करेंगे 233 करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ

भोपाल  मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 18 सितंबर को कटनी जिले के बड़वारा विकासखंड मुख्‍यालय में बड़वारा और विकासखंड रीठी में नवनिर्मित सांदीपनि स्‍कूल भवनों के लोकार्पण सहित 233.82 करोंड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव यहां 106.18 करोड़ रूपये के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण और 127.64 करोड़ रूपये के 14 विकास कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री हितग्राहियों को हितलाभों का वितरण भी करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव बड़वारा में मुख्‍यमंत्री नि:शुल्‍क स्‍कूटी वितरण योजना, लाड़ली लक्ष्‍मी छात्रवृत्ति राशि, मुख्‍यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, ग्रामीण आजीविका मिशन और ई-कृषि यंत्रीकरण अनुदान योजनांतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव सेवा पखवाड़ा अभियान की थीम पर आयोजित वृहद प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। प्रदर्शनी में राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वोकल फॉर लोकल की भावना को सशक्‍त करने के उद्देश्य से स्‍व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्‍पादों और जिला व्यापार एवं उद्योग केन्‍द्र के द्वारा एक जिला एक उत्‍पाद के तहत कटनी सैंड स्‍टोन से निर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। इसके अलावा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा यहां विशेष शिविर लगाकर स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण, आयुष्‍मान कार्ड निर्माण और स्‍वस्‍थ्‍य नारी, सशक्‍त परिवार की थीम पर स्‍वास्‍थ्‍य एवं महिला बाल विकास द्वारा गैर संचारी रोगों की स्‍क्रीनिंग और  अन्‍न से निर्मित उत्‍पादों व खाद्य पदार्थों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा दिव्‍यांगजनों की ई-स्‍क्रीनिंग और कृत्रिम उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा ‘स्‍वच्‍छता ही सेवा पखवाड़ा’ के विभिन्‍न घटकों को प्रदर्शित करने वाले क्रियाकलापों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ एवं ‘एक बगिया मां के नाम’ कार्यक्रम के तहत पौधारोपण करेंगे और छात्रों की कक्षा में पहुंच कर चर्चा करेंगे।     

मुंबई को मिलेगी अंडरग्राउंड मेट्रो की सौगात, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 सितंबर को मुंबई जाएंगे. इस दौरान वो मुंबईवासियों को बड़ी सौगात देंगे. पीएम मुंबई के वर्ली से कफ परेड तक की अंडरग्राउंड मेट्रो का उद्घाटन करेंगे. इस मेट्रो का फर्स्ट फेज सिप्ज एमआईडीसी से आचार्य अत्रे मेट्रो स्टेशन तक शुरू है. पीएम मोदी दूसरे फेज का उद्घाटन करेंगे. मेट्रो के अधिकारियों के मुताबिक इस मेट्रो सर्विस की लाइन 33.5 किमी लंबी होगी. बताया जा रहा है कि इसमें कुल 27 स्टेशन होंगे जिसमें 26 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगी. आरे से वर्ली तक का लगभग 22.5 किमी का हिस्सा पहले से ही शुरू किया जा चुका है. वहीं अब कफ परेड से लेकर वर्ली तक का 11 किमी वाला दूसरा फेज भी आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा. सफर की दूरी होगी कम बताया जा रहा है कि अंडरग्राउंड मेट्रो के इस फेज के उद्घाटन के बाद कोलाबा से आरे कॉलोनी तक का सफर एक घंटे से कम समय में पूरा किया जा सकेगा. यानि सड़क के 2-3 घंटे का सफर इस मेट्रो से बहुत कम समय में पूरा होगा. साथ ही यात्रियों का सफर भी आराम दायक रहेगा. क्या बोले सीएम फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मेट्रो की जानकारी देते हुए बताया कि आपने (विपक्ष) इतने सालों तक बीडीडी चॉल को विकसित नहीं होने दिया. इस देवा भाऊ ने इसे विकसित किया. उन्होंने कहा कि यह एशिया की सबसे बड़ी परियोजना है. सीएम ने कहा कि 120 फुट की जगह थी, एक मराठी व्यक्ति 520 फुट के घर में चला गया. प्रवीण दारेकर की वजह से, अभ्युदय नगर का एक मराठी व्यक्ति 600 फुट के घर में जाएगा. सीएम ने कहा कि हमने गिरगांव में पुनर्वास भवन भी बनाए. 1600 परियोजनाएं स्व-पुनर्विकास में चली गईं. उन्होंने कहा कि क्या आप इनमें से कम से कम एक भी कर पाए हैं? मुंबई की क्या हालत है जो आपने की है? 2000 के बाद, आपने लगातार मुंबई को पीछे रखने की कोशिश की है. ‘मुंबई स्टार्टअप की राजधानी बन गई’ देवेंद्र फडणवीस ने कहा पिछले 10 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, मुंबई स्टार्टअप की राजधानी बन गई है. इस देश का अगला बदलाव डेटा सेंटर है, इसकी 60 फीसदी क्षमता महाराष्ट्र ने पूरी की है. अगर यह अगली क्रांति है, यह महाराष्ट्र का होगा.