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नोएडा को मिलेगी नई उड़ान: पीएम मोदी 30 अक्टूबर को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली   ग्रेटर नोएडा के यमुना सिटी में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 30 अक्टूबर को होगा। उद्घाटन के मद्देनजर जमीन पर तैयारियों का खाका खींचा जाना शुरू हो चुका है। कार्यक्रम स्थल से लेकर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और जनसभा की व्यवस्था तक हर पहलू पर अधिकारियों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एयरपोर्ट उद्घाटन में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे। वह एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह व एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने संभावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में उद्घाटन कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उड़ान के लिए तैयार एयरपोर्ट जेवर में बन रहा यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एनसीआर का दूसरा और उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। अधिकारियों के मुताबिक निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और लगभग सभी प्रमुख हिस्से तैयार हो चुके है। अनुमान है कि अक्टूबर तक एयरपोर्ट उड़ानों के संचालन के लिए तैयार हो जाएगा। आमंत्रण भेजा गया प्रदेश सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उद्घाटन समारोह के लिए आमंत्रण भेजा गया है। फुल-स्केल ग्राउंड प्लानिंग अमल में लाई जा रही है। सूत्रों की मानें तो उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने के लिए न केवल जिला प्रशासन बल्कि राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न विभाग तालमेल के साथ काम कर रहे है। कार्यक्रम के दौरान आने वाले अतिथियों की सुरक्षा, आगंतुकों की आवाजाही और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष प्लान तैयार किया जा रहा है।

US की खबर ने भरा बाजार में जोश, सेंसेक्स ने पार किया 83,000 का आंकड़ा

मुंबई  अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा साल 2025 में पहली बार पॉलिसी रेट में की गई कटौती का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है. सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को मार्केट के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही तगड़ी छलांग लगाते हुए 83,000 के आंकड़े को पार कर गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 25,400 का स्तर क्रॉस कर गया. इस बीच शुरुआती कारोबार में आईटी से लेकर फार्मा तक के शेयर तूफानी तेजी के साथ भागते हुए नजर आए.  बाजार पर दिखा US रेट कट का असर पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत के दौरान बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,693.71 की तुलना में तेज उछाल लेकर 83,108.92 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में इसकी रफ्तार और तेज हो गई, 10 मिनट के कारोबार के दौरान ही ये 83,141.21 के स्तर पर पहुंच गया. एनएसई के निफ्टी की बात करें, तो ये इंडेक्स बीते कारोबारी दिन बुधवार को मार्केट क्लोज होने पर 25,330.25 पर बंद हुआ था और गुरुवार को 25,441.05 पर ओपनिंग की.  भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान जहां 1651 कंपनियों के स्टॉक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले तेज बढ़त लेकर ओपन हुए, तो वहीं 698 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार शुरू किया. इसके अलावा 152 शेयरों की ओपनिंग फ्लैट रही, यानी इनके भाव में ओपनिंग के साथ कोई बदलाव देखने को नहीं मिला या ये बेहद मामूली घट-बढ़ रही. ओपनिंग पर ये शेयर सबसे तेज भागे गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल इंफोसिस का शेयर करीब 2 फीसदी की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक से लेकर सनफार्मा तक का शेयर 1-1.50 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों पर नजर डालें, तो एस्कॉर्ट शेयर (3.29%), इरेडा शेयर (2.86%), टाटा कम्युनिकेशन शेयर (2.50%), बायोकॉन शेयर (2.10%) और केपीआई टेक का शेयर (1.80%) की छलांग लगाकर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में से आईआरएम एनर्जी शेयर (13%), पूनावाला शेयर (11.10%), एसएमएस फार्मा शेयर (7%), एचआईटेक शेयर (6.50%), जबकि न्यूजेन (4.86%) और जेनटेक का शेयर (4.80%) की तूफानी तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए.  US ने कम कर दीं ब्याज दरें बता दें कि बुधवार को अमेरिका में फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक के नतीजों का ऐलान किया गया और फेड ने बड़ा कदम उठाते हुए पॉलिसी रेट में 25 बेसिस पॉइंट या 0.25% की कटौती की घोषणा की. अमेरिकी सेंट्रल बैंक की ओर से पॉलिसी रेट में एक चौथाई अंकों की ये कटौती साल 2025 में पहली बार है और ट्रंप के टैरिफ वॉर से बढ़े महंगाई के खतरे के बीच बड़ी राहत है. ताजा रेट कट के बाद अब अमेरिका में ब्याज दरें 4 से 4.25 फीसदी के दायरे आ गई हैं.

एसआईआर को लेकर बड़ा दावा, मतदाता सूची पुनरीक्षण में अधिकांश राज्यों में नहीं चाहिए दस्तावेज़

नई दिल्ली बीते लगभग दो महीने में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए। बिहार से उपजा यह मामला इतना गंभीर हो चुका है कि सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा हुआ और अदालत को सख्त टिप्पणी में कहना पड़ा कि अगर गड़बड़ी पाई गई तो कोर्ट पूरी एसआईआर प्रक्रिया को निरस्त कर देगा। अब ताजा घटनाक्रम में एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बड़ा दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण के वक्त दस्तावेजों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। अधिकारियों ने इस दावे के समर्थन में तर्क भी दिए हैं। जानिए अधिकारियों ने और क्या कहा… दस्तावेज और मतदाताओं का ब्योरा पहले से ही मौजूद बुधवार को चुनाव आयोग (EC) के अधिकारियों ने कहा, देश के अधिकांश राज्यों में आधे से अधिक मतदाताओं को आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। इसका कारण है कि दस्तावेज और मतदाताओं का ब्योरा पहले से ही उन राज्यों की पिछली गहन पुनरीक्षण सूची के दौरान दर्ज हो चुके हैं। दस्तावेजों की जरूरत क्यों नहीं? इस उदाहरण से समझिए अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश राज्यों में पिछली बार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2002 से 2004 के बीच हुआ था। उसी वर्ष की मतदाता सूची के आधार पर आगामी एसआईआर कराई जाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि बिहार में 2003 की मतदाता सूची का उपयोग इस साल के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए किया गया। दिल्ली में पिछला SIR 2008 और उत्तराखंड में 2006 में हुआ था। इन राज्यों की उस समय की मतदाता सूचियां संबंधित CEO (मुख्य निर्वाचन अधिकारी) की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। मतदाताओं के लिए प्रावधान बिहार में जारी निर्देशों के अनुसार, 2003 के विशेष गहन पुनरीक्षण में सूचीबद्ध लगभग 4.96 करोड़ मतदाताओं (कुल वोटर्स का 60%) को जन्मतिथि या जन्मस्थान साबित करने के लिए कोई अतिरिक्त दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें केवल उसी सूची का संबंधित हिस्सा दिखाना होगा। हालांकि, लगभग 3 करोड़ मतदाताओं (40%) के लिए जन्मस्थान या जन्मतिथि साबित करने के लिए 12 निर्धारित दस्तावेजों में से एक देना अनिवार्य होगा। नया घोषणा प्रपत्र एसआईआर को लेकर जारी गहमागहमी के बीच निर्वाचन आयोग ने एक अतिरिक्त घोषणा प्रपत्र (declaration form) भी लागू किया है। यह उन आवेदकों के लिए है जो पहली बार मतदाता बनना चाहते हैं या किसी अन्य राज्य से पता बदलकर आए हैं। इसमें उन्हें यह घोषणा करनी होगी कि उनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ था। ऐसे मतदाता भी अपने जन्म से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। अगर किसी शख्स का जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ हो, तो ऐसे मामले में उन्हें अपने माता-पिता के जन्म संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। एसआईआर पर विवाद और सुप्रीम कोर्ट का निर्देश गौरतलब है कि बिहार में हो रहे मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर विपक्षी दलों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। विरोध कर रहे दलों की दलील है कि चुनाव से चंद महीने पहले जल्दबाजी में कराए जा रहे SIR को लेकर आयोग की टाइमिंग संदिग्ध है। ऐसा करने के कारण करोड़ों योग्य नागरिकों मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। विवाद को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए।

SC का बड़ा आदेश: महाराष्ट्र में 31 जनवरी तक पूरे हों नगर निकाय चुनाव

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (16 सितंबर) को महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर अहम सुनवाई हुई. कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 31 जनवरी, 2026 तक राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव कराने का आदेश दिया है. कोर्ट ने साफ किया है कि 31 जनवरी के बाद कोई और समय सीमा नहीं दी जाएगी. चुनाव टालने के राज्य चुनाव आयोग के अनुरोध को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने कहा है कि इसके बाद वह तारीख आगे बढ़ाने पर विचार नहीं करेगा. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को SC द्वारा निर्धारित पूर्व समय-सीमा के मुताबिक कदम न उठाने पर फटकार लगाई. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने महाराष्ट्र के अधिकारियों को इस साल 10 अक्टूबर तक राज्य में परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि लंबित परिसीमन 31 अक्टूबर तक पूरा किया जाए इसके बाद कोई और विस्तार नहीं दिया जाएग. ‘परिसीमन प्रक्रिया चुनाव स्थगित करने का आधार नहीं’ कोर्ट ने कहा कि परिसीमन प्रक्रिया चुनाव स्थगित करने का आधार नहीं होगी. चूंकि स्कूल बोर्ड परीक्षाएं मार्च 2026 में होंगी, इसलिए हम चुनाव स्थगित करने के इस आधार को अस्वीकार करते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्य सचिव आवश्यकतानुसार रिटर्निंग अधिकारियों और अन्य सहायक कर्मचारियों के कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए आवश्यक कर्मचारियों को तुरंत तैनात करें. सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि 6 मई को जारी उसके आदेश, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना चार सप्ताह के अंदर और चुनाव चार महीने के भीतर कराने का निर्देश दिया गया था के बावजूद राज्य चुनाव आयोग इस संबंध में जल्द कार्रवाई करने में विफल रहा. सुप्रीम कोर्ट ने किए सवाल जस्टिस सूर्यकांत ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा- क्या चुनाव हो चुके हैं?. इस पर सरकार के वकील ने कहा कि प्रक्रिया चल रही है. मई में आदेश पारित हुआ था. चुनाव 4 महीने में होने थे. परिसीमन हो चुका है और राज्य चुनाव आयोग कुछ समय विस्तार की मांग कर रहा है. एक अंतरिम अर्जी दायर की गई है. कोर्ट ने लगाई फटकार सरकार के वकील का जवाब सुनकर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम आपको जनवरी तक का समय क्यों दें?. सुनवाई के दौरान एक वकील ने कहा कि 29 नगर निगम हैं. पहली बार एक साथ चुनाव हो रहे हैं. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा-आपकी निष्क्रियता अक्षमता को दर्शाती है. हमें मौखिक रूप से कारण बताएं. इस पर वकील ने कहा कि हमारे पास 65 हजार EVM मशीनें हैं, 50 हजार और चाहिए, हमने ऑर्डर दे दिए हैं. दरअसल, मई में सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए एक अंतरिम आदेश पारित किया था, जो ओबीसी के लिए आरक्षण लागू करने से संबंधित मुकदमेबाजी के कारण 2022 से रुके हुए थे.  

भक्तों के लिए खुशखबरी: दुबारा खुल रहे हैं माता वैष्णो देवी के द्वार

जम्मू कई सप्ताह के इंतजार के बाद माता वैष्णो देवी यात्रा पुनः शुरू हो गई है। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित इस पवित्र तीर्थस्थल का रास्ता, जो भारी भूस्खलन के कारण लगभग 22 दिनों तक बंद रहा था, अब श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। यह फैसला नवरात्रि के शुभ अवसर से ठीक पहले आया है, जिससे देश-विदेश से लाखों भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई है। भूस्खलन से यात्रा मार्ग हुआ था बाधित अगस्त के अंत में अर्धकुंवारी इलाके में भारी लैंडस्लाइड ने भारी तबाही मचाई थी। इस प्राकृतिक आपदा में 34 तीर्थयात्रियों की मृत्यु हुई और कई लोग घायल हो गए थे। इसके चलते माता वैष्णो देवी की यात्रा मार्ग को सुरक्षा कारणों से तत्काल बंद कर दिया गया। तब से संबंधित विभागों ने लगातार मार्ग की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य में जुटे रहे। दोबारा शुरू हुई तीर्थयात्रा श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बुधवार, 17 सितंबर 2025 से यात्रा मार्ग को फिर से खोलने की घोषणा की। बोर्ड ने भक्तों से आग्रह किया है कि वे यात्रा के संबंध में आधिकारिक जानकारी और अपडेट्स के लिए केवल आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें। यात्रा के फिर से शुरू होने के फैसले से कटरा के आधार शिविर पर भारी संख्या में श्रद्धालु जमा हुए और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी कतारें लगीं। श्रद्धालुओं की मांग और विरोध प्रदर्शन मार्ग खुलने से पहले कुछ श्रद्धालुओं ने यात्रा फिर से शुरू करने की मांग को लेकर कटरा में विरोध प्रदर्शन भी किया था। सुरक्षा कारणों से यात्रा पहले स्थगित की गई थी, लेकिन लगातार बढ़ती भक्तों की भीड़ और उनकी मांगों को देखते हुए श्राइन बोर्ड ने अंतिम रूप से यात्रा की अनुमति दे दी। हालांकि, बोर्ड ने यात्रियों को सतर्क रहने और नियमों का पालन करने की भी सलाह दी है। मौसम की भूमिका और सावधानियां जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुई तेज बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने पूरे इलाके में तबाही मचाई थी, जिसका असर माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भी पड़ा था। फिलहाल मौसम अनुकूल है, लेकिन अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। श्रद्धालुओं के लिए उत्साह का माहौल यात्रा मार्ग खुलते ही श्रद्धालुओं में जोश और उत्साह का माहौल है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर माता के दर्शन का सौभाग्य पाने के लिए देश-विदेश से भक्त कटरा पहुंच रहे हैं। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि श्रद्धालुओं के जीवन में सुख-शांति और मनोबल भी बढ़ाती है।  

डेस्कटॉप की स्पीड हो गयी है कम, इस तरह बढ़ाएं

कंप्यूटर हो या अन्य कोई टेक्नोलॉजी इनका एक अभिन्न अंग हैं-स्पीड। जैसे-जैसे नवीन टेक्नोलॉजी या प्रोडक्ट आते हैं, वैसे ही उनमें स्पीड को लेकर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ जाती है। आज कम समय में मल्टीटास्क को तवज्जो दी जाती है। कोई भी प्रोडक्ट खरीदते समय यूजर को उसकी परफॉरमेंस से कई उम्मीदें होती हैं। डेस्कटॉप खरीदते समय भी हमें यही आशा होती है की उसमें एक ही समय पर कई एप्लीकेशन के प्रयोग कर पाएं। इन सस्ते उपायों से आपके गैजेट्स रहेंगे हमेशा साफ… नए डेस्कटॉप पर आमतौर से हमें परेशानियां नहीं आती। शुरुआत में मल्टी एप्लीकेशन का प्रयोग करते हुए भी कंप्यूटर तेज स्पीड पर चलता है, पर डेस्कटॉप की ख्वाइश रखने वाले अक्सर उसमें कई सारी एप्लिकेशंस का प्रयोग करना चाहते हैं। साथ ही अगर आपको पिक्चर्स एडिट करने का शौक है तो आपको अपने पीसी में अच्छी खासी मेमोरी की भी आवश्यकता पड़ती होगी। इन सभी कार्यों के बीच धीरे-धीरे जैसे आपकी कंप्यूटर की स्टोरेज बढ़ती जाती है, उसकी स्पीड कम होने लगती है। आपको महसूस होता है की आप पहले की तरह अपने पीसी का इस्तमाल नहीं कर पा रहे, उसकी फक्शन करने की स्पीड भी कम हो गई। ऐसे में अगर आपको आज की डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ चलना है तो सबसे सस्ता और अच्छा उपाय अपने कंप्यूटर की रैम को बदलना है। इससे आप अपने पीसी का बेहतर रूप में प्रयोग कर पाएंगे और वह सभी कार्य कर पाएंगे, जो आप करना चाहते है-जैसे की ढेर सारी पिक्चर्स, गाने रखना, सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर उन्हें यूज करना आदि। अपने डेस्कटॉप के लिए रैम का चुनाव कैसे करें…. जब भी आप कोई एप्लीकेशन चलाते है तो वो टास्क कंप्यूटर की मेमोरी में जाता है लेकिन अगर आप अपने डेस्कटॉप पर उसकी क्षमता से अधिक काम का भार डाल रहे हैं तो वह अपनी स्पीड से कम चलने लगेगा और समय के साथ साथ अन्य परेशानियां भी खड़ी करेगा। इस समय आपको यह ध्यान देने की जरूरत है की आप अपने पीसी का किस-किस कार्य के लिए प्रयोग कर रहे है। अपने डेस्कटॉप के लिए रैम लेने जाने से पहले ये जरूर देखे की आपको कितने रैम की जरूरत है। अगर आप अपने पीसी का प्रयोग बेसिक चीजों जैसे की मेल चेक करना आदि के लिए करते है तो 384 से 512 एमबी रैम आपकी लिए काफी है। कंप्यूटर में जितनी अधिक प्रोसेसिंग होगी उतनी अधिक रैम की आवश्यकता होगी। अगर आपका डेस्कटॉप ऑफिस वर्क के लिए प्रयोग होता है और आप एक समय में कई एप्लिकेशंस का प्रयोग करते हैं तो आपको 1 जीबी तक रैम की जरूरत पड़ेगी। हालांकि गेमिंग और हैवी प्रोग्राम्स के लिए कंप्यूटर में 1 से 2 जीबी या उससे अधिक तक की रैम होनी चाहिए। अपने डेस्कटॉप में रैम कैसे लगाएं… एक बार आपने अपने कंप्यूटर के लिए रैम का चुनाव कर लिया, उसके बाद समय है की आप अपने डेस्कटॉप में रैम लगाएं। इससे पहले की आप इस कार्य की शुरुआत करें, ध्यान रखे की आपका डेस्कटॉप बंद हो और उससे जुडी सभी वायर सॉकेट से बाहर हो। खुद को किसी भी तरह के इलेक्ट्रिक खतरे से बचाने के लिए सावधानियां बरते। डेस्कटॉप अलग-अलग तरह से बने होते है, पर उसके ऊपर या साइड का कवर स्क्रूड्राइवर की मदद से खुल जाता है। रैम स्लॉट्स कंप्यूटर के मदरबोर्ड पर होता है। आमतौर पर इसके लिए दो स्लॉट होते है, हालांकि इससे अधिक भी उपलब्ध हो सकते हैं। अगर सभी स्लॉट में रैम लगी हुई है, तो कॉम स्पेस की रैम को ज्यादा स्पेस की रैम से बदला जा सकता है। अब पुराने मॉड्यूल को निकाल नया मॉड्यूल डालने के लिए टैब को रिलीज कर दें। अगर स्लॉट पहले से खुला है तो नए मॉड्यूल को उसमें सेट कर दें। एक बार जब आपने अपनी रैम इनस्टॉल कर ली, तब अपने कंप्यूटर को बंद करें और उसे रीस्टार्ट कर लें। कंप्यूटर अपने आप नइ रैम को एक्सेप्ट कर लेगा और आपका काम बेहद आसानी और सस्ते में पूरा हो जाएगा। अब आपकी कंप्यूटर की स्पीड बढ़ जाएगी और आप आसानी से एक समय में कई एप्लिकेशंस का प्रयोग कर पाएंगे।  

सुपर 4 की राह: श्रीलंका पर हार का असर नहीं, अफगानिस्तान के लिए जीत जरूरी

नई दिल्ली अफगानिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ गुरुवार 18 सितंबर को एशिया कप 2025 के ‘करो या मरो’ के ग्रुप मुकाबले में आक्रामक खेल दिखाना होगा। वहीं, श्रीलंका की टीम चाहेगी कि जीत के साथ सुपर 4 के लिए क्वालीफाई किया जाए। हालांकि, श्रीलंका की टीम बिना जीते भी सुपर 4 का टिकट हासिल कर सकती है, लेकिन इसके लिए टीम को ध्यान में रखना होगा कि अफगानिस्तान से 70 रन या 50 गेंद शेष रहते ना हारे। उधर, बांग्लादेश से हार झेलने के बाद अफगानिस्तान को सुपर चार में जगह बनाने के लिये श्रीलंका को हर हालत में हराना होगा । इसमें जीतने पर उसके श्रीलंका और बांग्लादेश के समान चार अंक होंगे, लेकिन उसका रन रेट (2.150) बांग्लादेश (माइनस 0.270) से बेहतर है, जिसके सारे लीग मैच खत्म हो चुके हैं। टी20 विश्व कप 2024 सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद राशिद खान की कप्तानी वाली टीम से काफी उम्मीदें हैं, लेकिन एशिया कप में अभी तक वह अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी है। अफगानिस्तान को बांग्लादेश के खिलाफ मंगलवार की रात 155 रन का लक्ष्य हासिल करना था, लेकिन वह नाकाम रही। राशिद ने मैच के बाद कहा था, ‘‘हम उस तरह का आक्रामक क्रिकेट नहीं खेल पाये हैं, जिसके लिये हम मशहूर हैं। हमने खुद पर काफी दबाव बनने दिया। हमारे गेंदबाजों ने उन्हें 160 रन के नीचे रोक दिया, लेकिन बल्लेबाजों ने गैर जिम्मेदाराना शॉट खेले। टी20 क्रिकेट में कई बार पहले छह ओवर में ही मैच हाथ से निकल जाता है, लेकिन आपको वापसी करनी होती है।’’ वहीं, अपने दोनों मैच जीत चुकी श्रीलंकाई टीम भी बेहतर बल्लेबाजी करना चाहेगी। कप्तान चरित असलांका ने स्वीकार किया कि उन्हें हार से चोटिल अफगानिस्तान के खिलाफ अधिक पेशेवर प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने कहा ,‘‘ हम पेशेवर हैं और हमें बेहतर खेलना होगा।’’ उनके बल्लेबाजों को अफगानिस्तान के स्पिनरों से कड़ी चुनौती मिलेगी जबकि अफगानिस्तान को भी उनके रहस्यमयी स्पिनर वानिंदु हसरंगा को खेलना होगा। श्रीलंका के शीर्षक्रम के बल्लेबाज पाथुम निसांका, कुसल मेंडिस और कामिल मिशारा भी अच्छे फॉर्म में हैं। मैच भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होगा। टीमें इस प्रकार हैं श्रीलंका: चरित असलांका (कप्तान), पथुम निसांका, कुसल मेंडिस, कुसल परेरा, नुवानिदु फर्नांडो, कामिंडु मेंडिस, कामिल मिशारा, दासुन शनाका, जेनिथ लियानगे, चमिका करुणारत्ने, डुनिथ वेलालेज, वानिंदु हसरंगा, महीश थीक्षाना, दुष्मंथा चमीरा, बिनुरा फर्नांडो, नुवान तुषारा, मथीशा पथिराना। अफगानिस्तान: राशिद खान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, दरविश रसूली, सेदिकुल्लाह अटल, अजमतुल्लाह उमरजई, करीम जनत, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नायब, शराफुद्दीन अशरफ, मोहम्मद इशाक, मुजीब उर रहमान, अल्लाह गजनफर, नूर अहमद, फरीद मलिक, नवीन-उल-हक, फजलहक फारूकी।  

मौसम अपडेट: कई जिलों में झमाझम बारिश की संभावना, यलो अलर्ट जारी

जयपुर यूं तो प्रदेश में मानसून लगभग समाप्ति की ओर है लेकिन प्रदेश में कुछ जगहों पर मानसून अब भी एक्टिव है। इसी के चलते प्रदेश के कई जिलों में आज और कल बारिश होने की संभावना है।  20 सितंबर से प्रदेश के सभी इलाकों में मौसम ड्राई रहने के साथ ही साफ होगा। मौसम विभाग ने आज बारां, बूंदी, धौलपुर, झालावाड़, करौली, कोटा और सवाई माधोपुर में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके बाद 19 सितंबर को बांसवाड़ा, बारां, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़ और सलूंबर में बारिश का यलो अलर्ट है। यहां बादल छाए रहने के साथ सामान्य दर्जे की बारिश हो सकती है। इसके अतिरिक्त प्रदेश की राजधानी जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर जैसे बड़े शहरों में आज और कल ज्यादातर समय धूप निकली रहेगी। हालांकि यहां बादलों की आवाजाही रह सकती है। मौसम एक्सपर्ट्स का मानना है कि दो से तीन दिन के दौरान राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और गुजरात के कई हिस्सों से मानसून की विदाई होने वाली है। बता दें कि प्रदेश में भी जैसलमेर, जोधपुर, नागौर के अलावा राजधानी जयपुर के नजदीकी जिले सीकर और आसपास के इलाकों से मानसून की विदाई हो चुकी है। अब जल्द ही तीन से चार दिन में मानसून पूरे प्रदेश से ही विदाई ले लेगा। अमूमन 17 और 18 सितंबर के आसपास ही प्रदेश से मानसून की विदाई होती है लेकिन इस बार 3 दिन पहले 14 सितंबर से ही मानसून लौटने लगा है। औसत बारिश का रिकॉर्ड भी इस साल टूटा है। यहां करीब 432 मिलीमीटर होती है लेकिन इस बार प्रदेश में करीब 750 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं इन दिनों मौसम में हुए बदलाव से दोपहर के समय तो धूप रहती है लेकिन रात के समय अब ठंडक का एहसास होने लगा है। हल्की गुलाबी सर्दी का असर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में देखा जा सकता है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में न्यूनतम तापमान 18 से 25 डिग्री और अधिकतम तापमान 30 से 38 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है।

फिल्म ‘ड्रैगन’ के लिए जूनियर एनटीआर ने किया गजब का ट्रांसफॉर्मेशन, वायरल वीडियो में दिखा नया लुक

मुंबई,  जूनियर एनटीआर ने प्रशांत नील की इस फिल्म के लिए खुद को पूरी तरह ट्रांसफॉर्म कर लिया है। उन्होंने वजन घटाया है और अब उनका लुक पहले से कहीं ज्यादा लीन और फिट दिखाई दे रहा है।अभिनेता ने पहले भी 'आरआरआर' जैसी फिल्मों में अपने दमदार परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीता है और अब 'ड्रैगन' के लिए भी दिन-रात एक कर रहे हैं। ड्रैगन का निर्देशन कर रहे हैं प्रशांत नील, जिन्होंने 'केजीएफ' और 'सालार' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से अपनी पहचान बनाई। इंडस्ट्री में चर्चा है कि यह फिल्म उनकी अब तक की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजना है। बताया जा रहा है कि निर्देशक इस बार किसी बजट सीमा से बंधे नहीं हैं। यानी दर्शकों को एक ऐसा सिनेमाई अनुभव मिलने वाला है जिसमें एक्शन, विजुअल्स और स्टोरीटेलिंग सब कुछ भव्य स्तर पर होगा। फिल्म में कैमरे के पीछे भी वही मजबूत टीम है, जिसने केजीएफ जैसे सिनेमाई चमत्कार को संभव किया था। सिनेमैटोग्राफर भुवन गौड़ा और संगीतकार रवि बस्रूर एक बार फिर प्रशांत नील के साथ काम कर रहे हैं। रुक्मिणी वसंत भी आएंगी नजर फिल्म की लीड एक्ट्रेस के रूप में रुक्मिणी वसंत नजर आएंगी। वहीं खबर यह भी है कि 'कांतारा' फेम अभिनेता-निर्देशक ऋषभ शेट्टी का इसमें कैमियो हो सकता है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन अगर यह सच हुआ तो फिल्म के प्रति दर्शकों का उत्साह और भी बढ़ जाएगा। फिल्म की रिलीज डेट फिल्म की शूटिंग इस साल मार्च में शुरू हो चुकी है और मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट 25 जून 2026 तय कर दी है। पहले फिल्म का फर्स्ट लुक जूनियर एनटीआर के जन्मदिन पर जारी होना था, लेकिन इसे आगे बढ़ा दिया गया ताकि अभिनेता की एक और बड़ी फिल्म 'वॉर 2' की घोषणा को स्पेस मिल सके।  

परीक्षण सफल तो जबलपुर में जल्द शुरू होगी सरकारी बस सेवा, होगा बड़ा विस्तार

भोपाल प्रदेश में लोक परिवहन सेवा अगले वर्ष मार्च-अप्रैल तक सबसे पहले इंदौर, इसके बाद उज्जैन और फिर जबलपुर से प्रारंभ होगी। छह माह के भीतर रीवा, सागर ग्वालियर, भोपाल आदि शहरों से सेवा प्रारंभ करने की तैयारी है। शुरू में 50 से 100 किमी दूर तक के लिए बसें चलाई जाएंगी। इसके बाद सुविधा का परीक्षण कर इसमें विस्तार किया जाएगा। कुछ जगह रूट सर्वे का काम पूरा हो गया है और कई जगह चल रहा है। नगरीय निकायों के नियंत्रण में पहले से चल रही बसों को भी संभागीय स्तर पर क्षेत्रीय सहायक कंपनियां बनाकर उसके नियंत्रण में लाया जाएगा। भोपाल शहर में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) बसों का संचालन कर रही है। इसी तरह से इंदौर व अन्य शहरों में बसें निजी ऑपरेटरों की हैं, पर नियंत्रण स्थानीय प्रशासन का होता है। लोक परिवहन सेवा के प्रबंधन के लिए राज्य स्तर पर एक होल्डिंग कंपनी बनाई जा रही है। इसके नीचे सात संभागीय मुख्यालयों के स्तर पर सहायक कंपनियां बनाई जाएंगी। उज्जैन में रूट सर्व का काम पूरा बस संचालन के लिए उज्जैन में रूट सर्वे का काम लगभग पूरा हो गया है। इंदौर और जबलपुर में श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और रूट सर्वे भी लगभग अंतिम चरण में है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी निजी बस ऑपरेटरों से अनुबंध कर बसें चलाई जाएंगी। आगे चलकर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की प्राथमिकता रहेगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने भी इसके निर्देश दिए हैं। सीएम ने इसी महीने की मीटिंग बता दें कि मुख्यमंत्री ने इसी माह लोक परिवहन सेवा की तैयारियों को लेकर बैठक की थी। उन्होंने मार्च के पहले बसें चलाने के लिए कहा है, पर समय सीमा एक-दो माह और आगे जा सकती है। इसमें निगरानी, प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा के लिए आईटी प्लेटफॉर्म का अधिकाधिक उपयोग किया जाएगा। बड़े शहरों के बाद सरकार की प्राथमिकता उन स्थानों के बीच बसें चलाने की हैं, जहां यात्रियों की संख्या ज्यादा है।