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SL vs AFG: दुनिथ वेल्लालागे की विराट-सचिन से क्यों हो रही तुलना?, दुखों का पहाड़ टूटा, फिर भी नहीं छोड़ा मैदान

दुबई  एशिया कप 2025 में 18 सितंबर को श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच मैच हुआ. मुकाबले के बीच श्रीलंकाई खिलाड़ी दुनिथ वेल्लालागे के पिता का निधन हो गया. वो बल्लेबाजी के लिए तैयार थे और पैड पहन चुके थे. हालांकि, टीम को उनकी जरूरत नहीं पड़ी और उन्होंने 6 विकेट से जीत अपने नाम कर ली. दुनिथ वेल्लालागे को मैच के बाद कोच सनथ जयसूर्या ने पिता के निधन की दुखद खबर दी थी. भारतीय दिग्गज विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर ने भी अपने पिता को टूर्नामेंट के बीच खोया था. सोशल मीडिया पर अब दुनिथ के भी उसी दुखद स्थिति में रहने की बात हो रही है. दुनिथ के पिता का कैसे हुआ निधन? श्रीलंकाई ऑलराउंडर दुनिथ वेल्लालागे को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच के बाद पता चला कि उनके पिता का निधन हो गया. दरअसल, उनके पिता सुरंगा वेल्लालागे को दिल का दौरा पड़ा था. दुनिथ ने अफगानिस्तान के खिलाफ मैच खेला और उन्हें पता नहीं था कि वो अपने सबसे करीबी व्यक्ति को खो चुके हैं. बाद में कोच सनथ जयसूर्या और सपोर्ट स्टाफ ने उन्हें दुखद खबर दी. वेल्लालागे तुरंत ही घर के लिए रवाना हो गए. अहम टूर्नामेंट के बीच अचानक इतनी दुखद खबर मिलना उन्हें बड़ा झटका दे गया होगा.   वर्ल्ड कप के बीच तेंदुलकर ने अपने पिता को खोया था सचिन तेंदुलकर 1999 का आईसीसी वर्ल्ड कप इंग्लैंड में खेल रहे थे. उस समय उनके पिता रमेश तेंदुलकर का निधन हो गया था. खबर मिलने के बाद सचिन भारत वापस आए और अपने पिता का अंतिम संस्कार किया. इसके बाद उन्होंने बिल्कुल ब्रेक नहीं लिया और दोबारा भारतीय स्क्वाड का हिस्सा बने. उन्होंने इसके बाद केन्या के खिलाफ मैच में शतक लगाया और इसे अपने पिता को समर्पित किया. इस चीज से सचिन को बदल दिया और इसके बाद उन्होंने अपनी कई यादगार पारियों को अपने पिता को डेडिकेट किया. विराट कोहली को बेहद कम उम्र में लगा था झटका विराट कोहली जब 18 साल के थे, तो उनके पिता प्रेम कोहली का दिसंबर 2006 में निधन हो गया था. उस समय वो दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी खेल रहे थे. वो कर्नाटक के खिलाफ मैच खेल रहे थे और 40 रन पर नॉट आउट थे. उसी के बाद रात में उनके पिता का निधन हो गया. इस दुखद घटना के बावजूद विराट ने अगले दिन आकर बल्लेबाजी की और कुल 90 रन की पारी खेली. खली ने खुद इंटरव्यू में बताया था कि उनके लिए ये बहुत हैरान करने वाली घटना थी और उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था. दुनिथ वेल्लालागे ने भी चलते टूर्नामेंट में अपने पिता को खोया और वो शायद इस दुखद घटना को नहीं भूल पाएंगे. 

अब नेताओं के घर भी होंगे हाई-टेक, स्मार्ट मीटर से घटेगा बिजली बिल का झंझट

चंडीगढ़ हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने प्रदेश में बिजली क्षेत्र को आधुनिक बनाने की बड़ी घोषणा की है। विज ने बताया कि प्रथम चरण में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे और शुरुआत सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों, विधायक, सांसद, मंत्रियों और मुख्यमंत्री आवासों से होगी। इसके बाद योजना आम उपभोक्ताओं तक विस्तारित होगी। मंत्री ने कहा कि जल्द ही स्मार्ट मीटर लगाने के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। सोसायटीज में भी हर उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर देने पर विचार चल रहा है। विज ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह मोबाइल उपभोक्ता प्रीपेड या पोस्टपेड चुनते हैं, उसी तरह बिजली उपभोक्ता भी अपनी सुविधा अनुसार विकल्प चुन सकेंगे। प्रदेश में बिजली डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर करीब 7500 करोड़ रुपये की बकाया राशि है। विज ने बताया कि इस वसूली को लेकर जल्द ही अधिकारियों की विस्तृत बैठक बुलाई जाएगी। बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में विज ने कहा – मैंने पहले ही निर्देश दिए थे कि तीन माह के भीतर वसूली की प्रगति की समीक्षा होगी। अब सभी अधीक्षण अभियंताओं और वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। विज ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी भवनों और संस्थानों में बकाया भुगतान टालने वालों पर भी कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी। गांवों में सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरता ऊर्जा मंत्री ने बताया कि गांवों में सोलर पावर हाउस स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। भूमि की पहचान कर ली गई है और इसे पायलट आधार पर शुरू किया जाएगा। हाल ही में उत्तर भारत के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में इस विचार को व्यापक समर्थन मिला। विज ने कहा – यदि हर गांव के लोड के हिसाब से सोलर पावर हाउस स्थापित किया जाए तो गांव आत्मनिर्भर बनेंगे और प्रदेश बिजली उत्पादन में सरप्लस स्थिति तक पहुंच सकता है। पंचायत भूमि पर सोलर पावर हाउस बिजली मंत्री विज ने बताया कि अंबाला की एक पंचायत ने अपनी भूमि पर सोलर पावर हाउस लगाने का प्रस्ताव दिया है। विज ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार जल्द ही इस दिशा में ठोस योजना लेकर आएगी।

इंदौर में मेट्रो का ट्रायल फिर शुरू: इस बार 4 KM तक दौड़ी ट्रेन, पिछली बार तय किए थे 6 KM

इंदौर  इंदौर में  सुबह मेट्रो ट्रेन का सफर आगे बढ़ा है। दो साल पहले छह किलोमीटर का ट्रायल रन हुआ था। अब चार किलोमीटर तक ट्रेन को चलाया गया। अब तक कुल दस किलोमीटर से ज्यादा का ट्रायल रन हो चुका है। आने वाले दिनों में गांधी नगर स्टेशन से रेडिसन चौराहा तक मेट्रो का 17 किलोमीटर तक ट्रायल रन होगा।  मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन एमआर-10 बस स्टेशन तक होना था, लेकिन एक किलोमीटर पहले ही ट्रेन फिर लौट गई। पहली बार ट्रेन ने दस किलोमीटर तक का सफर तय किया। इस कारण ट्रेन की गति दस किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई। अब धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाकर ट्रायल रन किया जाएगा। फिलहाल सुरक्षा विशेषज्ञों से चार किलोमीटर तक के रन की अनुमति मिली थी। इससे पहले अफसर 17 किलोमीटर तक ट्राॅली रन भी चार बार कर चुके है।  सालभर बाद रेडिसन चौराहा तक होगा संचालन अभी मेट्रो का संचालन छह किलोमीटर हिस्से में हो रह है,लेकिन यह आबादी क्षेत्र नहीं है। इस कारण मेट्रो को अब ज्यादा यात्री नहीं मिल रहे है। शुरुआती दिनों में मेट्रो ट्रेन को देखने के लिए शहरवासियों की भीड़ उमड़ी। अब तक दो लाख से ज्यादा यात्री मेट्रो में सफर कर चुके है, लेकिन अब यात्री नहीं मिल रहे है। अगले साल तक मेट्रो के संचालन का लक्ष्य रेसिसन चौराहे तक करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां तक मेट्रो चलेगी तो यात्री संख्या भी बढ़ेगी,क्योकि विजय नगर, सुखलिया ग्राम व आसपास से सुपर काॅरिडोर की आईटी कंपनियों व काॅलेजों में कर्मचारी व विद्यार्थी जाते है, हालांकि अब पांच से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों का काम बाकी है। उसे जल्दी पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

ED का खुलासा: ‘BIG BOSS’ वॉट्सएप ग्रुप के जरिए घोटालों की प्लानिंग, चैतन्य के लिए पप्पू और सौम्या के लिए दीपेंद्र पहुंचाते थे पैसा

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताजा चार्जशीट ने प्रदेश की सियासत गरमा दी है। कोर्ट में पेश चार्जशीट में दावा किया गया है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 'बिग बास ग्रुप' नामक एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जिसमें बड़े अधिकारी, कारोबारी, नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल और उनके करीबी मित्र शामिल थे। यह नेटवर्क शराब, कोयला और ऑनलाइन सट्टेबाजी जैसे अवैध कारोबार से अरबों रुपये की कमाई के साथ-साथ अधिकारियों के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रचता था। चार्जशीट में दर्ज चैट्स और दस्तावेजों से ईडी का कहना है कि यह गैंग फिल्मी स्क्रिप्ट और मनगढ़ंत कहानियों का सहारा लेकर अफसरों की छवि को खराब करने में लगा था। खासकर एक विवादित आइपीएस की 'कल्पनाओं पर आधारित डायरी' को हथियार बनाकर ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ अफवाहें फैलाकर उन्हें दबाव में लाने की कोशिश की गई। इससे कई अधिकारियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और वे मानसिक रूप से प्रताड़ित हुए। वॉट्सएप ग्रुप में शराब घोटाले से जुड़ी चर्चा और पैसों के लेन-देन की बातें हैं। ED ने अपनी चार्जशीट में खुलासा किया है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया शराब सिंडिकेट के लोगों से बातचीत के दौरान IAS अफसरों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करती थी, उन्हें गाली देती थी। इसके साथ ही उन्होंने कई बार सिंडिकेट के कुछ सदस्यों काे हिसाब किताब की जानकारी नहीं देने की बात भी लिखी है। चैट में इस बात का भी जिक्र है कि चैतन्य के लिए पप्पू बंसल, सौम्या के लिए दीपेंद्र कुरियर बॉय का काम करता था, ये उन्हें पैसे पहुंचाते थे, जिसे वह डिलीवर कहकर बात करते थे। चैट्स से खुला सिंडिकेट का राज, चैतन्य का नंबर बिट्टू नाम से सेव था शराब घोटाले में गिरफ्तार अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया के मोबाइल की जांच में कई चौंकाने वाले राजफाश हुए हैं। अनवर के मोबाइल में चैतन्य बघेल का नंबर 'बिट्टू' नाम से सेव था, जिसमें पैसों की डीलिंग से लेकर नकली होलोग्राम बनाने तक की बातचीत सामने आई है। ईडी की चार्जशीट के अनुसार, ‘बिग बॉस’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में चैतन्य बघेल, अनवर ढेबर, सौम्या चौरसिया, अनिल टुटेजा और पुष्पक जैसे प्रमुख सदस्य जुड़े थे। इस ग्रुप के जरिए शराब घोटाले की प्लानिंग, मनी लाड्रिंग, रकम के वितरण और हेराफेरी की सूचनाएं साझा की जाती थी। चैट्स में कब, किसे कॉल किया गया और कितनी देर बातचीत हुई, इसका पूरा विवरण भी चार्जशीट में शामिल है। 1000 करोड़ का कैश मैनेज किया भिलाई के शराब कारोबारी पप्पू बंसल ने ईडी की पूछताछ में बताया है कि उसने चैतन्य के साथ मिलकर 1000 करोड़ से अधिक कैश मैनेज किया। यह राशि अनवर ढेबर से दीपेन चावड़ा होते हुए कांग्रेस नेताओं रामगोपाल अग्रवाल और केके श्रीवास्तव तक पहुंचाई गई। बंसल ने यह भी माना कि उसे तीन महीने में 136 करोड़ रुपये मिले थे। पप्पू बंसल ने खोला राज दुर्ग-भिलाई के शराब कारोबारी और भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले लक्ष्मी नारायण उर्फ पप्पू बंसल ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया था। उन्होंने माना कि उन्होंने और चैतन्य ने मिलकर 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश को मैनेज किया। बंसल ने बताया कि यह रकम अनवर ढेबर से दीपेंद्र चावड़ा और फिर कांग्रेस नेताओं रामगोपाल अग्रवाल और केके श्रीवास्तव तक पहुंचाई जाती थी। बंसल ने यह भी स्वीकार किया कि तीन महीने की अवधि में ही उन्हें 136 करोड़ रुपए मिले। रियल एस्टेट में लगाया ब्लैक मनी ED ने आरोप लगाया कि चैतन्य ने अपने विठ्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट और बघेल डेवलपर्स एंड एसोसिएट्स में शराब घोटाले की रकम निवेश की। असल खर्च 13-15 करोड़ रुपए था, लेकिन दस्तावेजों में मात्र 7.14 करोड़ दिखाया गया। वहीं डिजिटल डिवाइस की जांच से पता चला कि एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ रुपए कैश में भुगतान किया गया, जिसका हिसाब रिकॉर्ड में नहीं था। इसी प्रोजेक्ट में त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने 19 फ्लैट खरीदे, लेकिन भुगतान खुद किया। ED के मुताबिक यह सब ब्लैक मनी को सफेद दिखाने के लिए किया गया। मोबाइल चैट्स से खुलासा ED ने जब अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया के मोबाइल की जांच की तो चौंकाने वाले चैट्स मिले। अनवर के मोबाइल में चैतन्य का नंबर ‘बिट्टू’ नाम से सेव था। इसमें पैसों की डीलिंग और नकली होलोग्राम बनाने तक की चर्चा थी।

भूकंप के तेज झटकों से दहला रूस, रिक्टर स्केल पर 7.8 की तीव्रता दर्ज

मॉस्को  रूस के पूर्वी क्षेत्र कामचटका में शुक्रवार को 7.8 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस हुए। इस शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, भूकंप की वजह से अभी तक किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। भूकंप का केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर नीचे था। मुख्य भूकंप के बाद 6 घंटे तक झटकों का सिलसिला जारी रहा। USGS के आंकड़ों के अनुसार, 30 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए, जिनकी तीव्रता 4.4 से 5.8 के बीच रही। इन झटकों ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी और कई लोग घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में चले गए।। क्षेत्रीय गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने कहा कि आपातकालीन टीमें हाई अलर्ट पर हैं। भूकंप के तेज झटकों के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। सोशल मीडिया पर भूकंप के कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें फर्नीचर, कारें, लाइट्स तेजी के साथ हिलते दिखाई दे रहे हैं। आफ्टरशॉक्स के सिलसिले     12:28 AM – 7.8 (मुख्य झटका)     12:38 AM – 5.8     12:56 AM – 5.6     1:33 AM – 5.6     3:07 AM – 5.7     5:52 AM – 5.4 इसके अलावा, दर्जनों झटके 4.4 से 5.4 तीव्रता के बीच रहे। सुनामी का अलर्ट जारी भूकंप के कुछ ही मिनटों के भीतर आवासीय भवनों और सार्वजनिक सुविधाओं का निरीक्षण शुरू कर दिया गया। कई तटीय क्षेत्रों में 0.5 मीटर से 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है। अधिकारियों ने निवासियों से तटीय इलाकों से दूर रहने की अपील की है। इससे पहले शनिवार (13 सितंबर) को भी कामचटका में 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। 7.8 रही भूकंप की तीव्रता अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की मानें तो भूकंप का केंद्र कामचटका प्रायद्वीप के पूर्वी तट से के पास धरती से करीब 85 किलोमीटर नीचे था. तो वहीं दूसरे भूकंप का केंद्र धरती के नीचे 30 किलोमीटर नीचे था. रूस की स्टेट जियोफिजिकल सर्विस के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 7.8 रही और उसके बाद करीब 5 आफ्टरशॉक लगे. भूकंप के झटकों के तुरंत बाद अमेरिकी मौसम विभाग ने सुनामी का अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही लोगों से समुद्री तटों से दूर रहने की अपील की है. क्यों कामचटका में आते हैं भूकंप? पेट्रोपावलोव्स्क-कमचाट्स्की दुनिया के सबसे भूकंपीय सक्रिय क्षेत्रों में आता है. यहां प्रशांत प्लेट और उत्तरी अमेरिकी प्लेट आपस में टकराती हैं, जिसके चलते अक्सर भूकंप आते रहते हैं. एक सप्ताह पहले शनिवार को इसी इलाके में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था. हालांकि, तब प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र (PTWC) ने कहा था कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है. लगातार खतरे में कामचटका लगातार आने वाले तेज भूकंप यह दिखाते हैं कि रूस का यह इलाका हमेशा खतरे में रहता है. यहां रहने वाले लोग हर बार नई दहशत के बीच जीते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार नज़र बनाए हुए हैं. इससे पहले बुधवार को भी नेपाल में भूकंप आया था. तब 4 की तीव्रता वाले भूकंप से देश हिला था. भूकंप की गहराई 10 किमी थी. एक हफ्ते में तीसरी बार भूकंप के झटके रूस के कामचटका में पिछले एक महीने के भीतर कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. बीते एक सप्ताह में ये तीसरी बार है कि जब कामचटका की धरती भूकंप के कारण कांपी है. शुक्रवार रात को यहां 2 बार झटके महसूस किए गए हैं. इससे पहले, 29 जुलाई 2025 को कामचटका तट के पास 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था. इसे पिछले एक दशक के सबसे बड़े भूकंपों में गिना गया. इस भूकंप के बाद कई देशों में अलर्ट जारी किया गया था. भूकंप के बाद समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगी थी. हालांकि मौसम विभाग के अलर्ट के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया था.

एसएचओ सहित 3 पुलिसकर्मियों पर हमला, तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

बठिंडा बठिंडा जिले के रायके कलां गांव में पुलिस टीम पर हमले की बड़ी खबर सामने आई है। यह घटना उस समय घटी जब बुधवार देर रात को रायके कलां गांव में चल रहे बाबा दाता बाबा हरि दास जी के मेले के दौरान युवकों के दो गुटों के बीच झगड़ा हो गया। इस दौरान थाना नंदगढ़ पुलिस ने हुडदंग करने वाले लोगों को रोकने की कोशिश की, तो नौजवानों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में नंदगढ़ थाने के एसएचओ रविंदर सिंह और दो अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद, स्थिति कंट्रोल से बाहर होता देख पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। जानकारी के अनुसार, इस उपद्रव पर उतारू लोगों ने जमकर ईंट व पत्थर बारसाए। इस दौरान करीब 9-10 फायर राउंड कर भीड़ को तितर-बितर किया गया और अन्य थानों की पुलिस बुलाकर स्थिति को कंट्रोल किया गया। एसएसपी बठिंडा अमनीत कोंडल ने मीडिया को बताया कि रायके कलां में चल रहे तीन दिवसीय मेले के दौरान पुलिस को लड़कों के दो गुटों में झगड़े की सूचना मिली थी। जहां बलकरण सिंह नंबरदार के घर में घुसे युवक को बाहर निकालने के लिए भारी भीड़ जमा थी। जिसके बाद थाना प्रमुख इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे, जब पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो इस भीड़ ने पुलिस पार्टी पर ही हमला कर दिया। जिसमें थाना प्रमुख रविंदर सिंह और अन्य कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल और सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएसपी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवा में फायरिंग और लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इस बीच, बठिंडा से मौके पर पहुँची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में किया।

आईपीएससी एथलेटिक चैंपियनशिप में जीते 29 मेडल, इंदौर में चमके राई के सितारे

सोनीपत इंदौर के एमराल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल में 14 से 17 सितंबर तक आयोजित आईपीएससी अंडर-14 और अंडर-17 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मोतीलाल नेहरू खेल स्कूल राई के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। देशभर के 500 प्रतिभागियों के बीच स्कूल ने कुल 29 मेडल जीतकर अपनी उत्कृष्टता साबित की, जिसमें 15 गोल्ड मेडल शामिल हैं। अंडर-14 वर्ग में स्कूल ने ओवरऑल चैंपियन ट्रॉफी अपने नाम की। सुमित ने 4 गोल्ड मेडल जीतकर प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ एथलीट का खिताब अपने नाम किया। इसके अलावा ईशांत, संयम, तनिश और प्रत्यक्ष ने भी गोल्ड मेडल जीतकर टीम का मान बढ़ाया। वहीं, अंडर-17 वर्ग में मानव ने 3 गोल्ड और 2 सिल्वर, शुभम ने 2 गोल्ड और 3 सिल्वर, मोक्ष परमार ने 1 गोल्ड और 3 सिल्वर, संसार ने 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल जीते। कार्तिक और कार्तिक देओल ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर स्कूल की उपलब्धियों में योगदान दिया। स्कूल लौटने पर प्राचार्य प्रमोद कुमार और खेल अधिकारी चंद्रशेखर शर्मा समेत अन्य स्टाफ ने विजेता खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

60 वर्षों की सेवा: ग्वालियर की महिला एनसीसी ट्रेनिंग अकादमी ने तैयार किए 4000+ राष्ट्रभक्त अफसर

ग्वालियर  देश की इकलौती महिला एनसीसी ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी(ओटीए) अपने 60 साल पूरे कर चुकी है। इस लंबे सफर में ओटीए ने 4000 एसोसिएट ट्रेनिंग ऑफिसर(एएनओ) देश को दिए हैं, जिन्होंने यहां से विभिन्न कोर्सों के माध्यम से प्रशिक्षण लेकर देशभर के स्कूलों और महाविद्यालयों के एनसीसी कैडेट्स को ट्रेनिंग दी है। यहां प्रशिक्षण लेने आईं महिला केयर टेकर प्री कमीशन कोर्स के बाद अफसर बनकर निकलीं। इस दरम्यान उन्होंने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने कौशल को बढ़ाया। ओटीए की स्थापना सन् 1964 में हुई थी। वहीं पहली बार 10 जुलाई 1965 में एनसीसी महिला प्रशिक्षण अकादमी की परेड हुई, जिसकी समीक्षा और अकादमी का औपचारिक उद्घाटन तत्कालीन रक्षामंत्री वाईबी चव्हाण ने किया था। सन् 1964 में ओटीएस कांपटी के रूप में थी पहचान अक्टूबर 1964 में बालिका यूनिट्स की बढ़ती संख्या के कारण ग्वालियर में एक अलग एनसीसी कॉलेज या ओटीए स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भारत का यह एकमात्र एनसीसी महिला प्रशिक्षण संस्थान स्थापित हुआ। संस्थान का नाम शुरू में एनसीसी कॉलेज फॉर विमेन था और बाद में 1964 में ओटीएस कांपटी के अनुरूप इसका नाम बदलकर महिला अधिकारी प्रशिक्षण स्कूल या डब्ल्यूओटीएस कर दिया गया और फिर 2002 में इसका नाम बदलकर ओटीए ग्वालियर कर दिया गया, जो अब अफसर प्रशिक्षण अकादमी यानी ओटीए ग्वालियर के नाम से जाना जाता है। प्री-कमीशन सहित चार प्रकार के कोर्स होते हैं यहां ओटीए में कुल चार प्रकार के कोर्स होते हैं। इनमें सबसे मुख्य प्री कमीशन कोर्स है। यह इन दिनों 75 दिन और 45 दिन का संचालित हो रहा है। इसमें कुल 120 महिला प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। दूसरा रिफ्रेशर कोर्स है, जो 20 दिन का होता है। यह प्री कमीशन कोर्स कर चुकी महिला अफसरों के लिए होता है। इसके साथ ही जीसीआइ 20 दिन का और एसएसबी कोर्स 10 दिन का होता है। इनमें से एसएसबी कोविड के बाद नहीं कराया गया। पासिंग आउट परेड में 131 महिला एनसीसी अफसर शामिल ओटीए में आज पासिंग आउट परेड हुई। इस परेड के साथ एनसीसी ओटीए अपनी हीरक जयंती मना रहा है। मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिणी कमान के आरओ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ उपस्थित रहे। पासिंग आउट परेड में 131 महिला केयर टेकर अधिकारी शामिल है। परेड में शामिल होने जा रहे सभी प्रशिक्षु अधिकारी एनसीसी के 17 निदेशालयों से आई हैं। इन सभी का 75 दिवसीय प्रशिक्षण सात जुलाई को शुरू हुआ था। ओवरआल डवलपमेंट हुआ     मैंने ओटीए से डब्ल्यूटीएनओ (होल टाइम लेडी ऑफिसर इन एनसीसी) कोर्स किया था। यह बेसिक ट्रेनिंग छह महीने की थी। इसमें हमारा ओवरआल डवलपमेंट हुआ। वर्तमान में मैं ओटीए में ही एडिशनल ट्रेनिंग ऑफिसर की पोस्ट पर हूं। इससे पहले मैं गुजरात में एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर थी।- मेजर अरुंणधति शाह, बैच 2006 महिला अफसर छात्रों को देती हैं प्रशिक्षण     ओटीए को 60 साल पूरे हो चुके हैं। इस लम्बे सफर में लगभग 4000 महिला अफसर देश को मिली हैं, जिन्होंने एनसीसी की दिशा में बेहतर काम किया है। अकादमी में प्री कमीशन कोर्स, रिफ्रेशर कोर्स और जीसीआइ कोर्स कराए जाते हैं, जिसमें केयर टेकर का ओवर आल डवलपमेंट होता है। प्रशिक्षण के बाद ये महिला अफसर स्कूल और महाविद्यालय में छात्रों को प्रशिक्षण देती हैं। – लेफ्टिनेंट कर्नल अस्मिता, प्रशिक्षण अधिकारी (समन्वय), ओटीए  

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 26 सितंबर को रूस–इंडिया बिजनेस डायलॉग 2025 का होगा आयोजन

यूपीआईटीएस 2025: रूस के साथ नए व्यापारिक अवसरों की मिलेगी सौगात  यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 26 सितंबर को रूस–इंडिया बिजनेस डायलॉग 2025 का होगा आयोजन इस वर्ष पार्टनर कंट्री के रूप में यूपीआईटीएस में सम्मिलित हो रहा है रूस  भारत और रूस के शीर्ष उद्योगपतियों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों, शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधियों की होगी भागीदारी  संवाद में दोनों देशों के सरकारी नीति-निर्माताओं के द्वारा तय होगी भविष्य की नीति  भारत और रूस के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य  तकनीकी सहयोग और संयुक्त उपक्रमों को प्रोत्साहित करने पर भी होगा जोर  बैंकिंग एवं निवेश, बीमा, शिक्षा और सामान्य व्यापार जैसे क्षेत्रों पर होगी विशेष चर्चा  तकनीकी हस्तांतरण, क्षमता निर्माण और नए निवेश मॉडल पर भी किया जाएगा विचार  दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध होंगे मजबूत, प्रदेश के उद्योग और कारोबारी भी होंगे लाभान्वित  योगी सरकार की निवेशोन्मुख नीतियों से यूपी बना वैश्विक आर्थिक साझेदारी का केन्द्र लखनऊ  उत्तर प्रदेश की धरती एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय निवेश और साझेदारी का मंच बनने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी नीतियों और निवेश अनुकूल माहौल की वजह से प्रदेश वैश्विक स्तर पर तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है। इसी कड़ी में आगामी रूस–इंडिया बिजनेस डायलॉग का आयोजन 26 सितम्बर 2025 को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) के दौरान इंडिया एक्सपोज़िशन मार्ट, ग्रेटर नोएडा में किया जाएगा। यह संवाद सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। विशेष बात यह है कि इस वर्ष रूस पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हो रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश और भारत को नए व्यापारिक अवसरों की बड़ी सौगात मिलेगी। नीति-निर्माताओं की होगी भागीदारी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेश को वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने में जुटे हैं। उनकी सरकार द्वारा लागू की गई ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों, पारदर्शी नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ने विदेशी निवेशकों का विश्वास जीता है। यही कारण है कि आज यूपी में बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक आयोजन हो रहे हैं। रूस–इंडिया बिजनेस डायलॉग इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है, जो प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है। इस संवाद में भारत और रूस के शीर्ष उद्योगपतियों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों, शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधियों और दोनों देशों के सरकारी नीति-निर्माताओं की भागीदारी होगी।  और बढ़ेंगे रोजगार और विकास के अवसर  कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत और रूस के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाना, तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना और संयुक्त उपक्रमों को प्रोत्साहित करना है। बैंकिंग एवं निवेश, बीमा, शिक्षा और सामान्य व्यापार जैसे क्षेत्रों पर विशेष चर्चा होगी। इससे दोनों देशों के बीच न केवल आर्थिक संबंध मजबूत होंगे, बल्कि प्रदेश के उद्योग और कारोबारी भी लाभान्वित होंगे। संवाद में तकनीकी हस्तांतरण, क्षमता निर्माण और नए निवेश मॉडल पर भी विचार किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और भारत की साझेदारी शिक्षा, बीमा और निवेश क्षेत्रों में नई संभावनाओं को जन्म देगी। साथ ही, उत्तर प्रदेश में चल रही औद्योगिक नीतियों और मेगा प्रोजेक्ट्स में रूस की कंपनियों की भागीदारी से रोजगार और विकास के अवसर और बढ़ेंगे। आर्थिक रिश्तों को मिलेगी नई गति  इस आयोजन से उम्मीद है कि भारत और रूस के बीच आर्थिक रिश्तों को नई गति मिलेगी और उत्तर प्रदेश एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विज़न है कि प्रदेश न केवल देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निवेशकों के लिए पहला विकल्प बने। यह बिजनेस डायलॉग उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

सड़क गड्ढों से मौत हुई तो होगी कार्रवाई: इंदौर सांसद शंकर लालवानी का अल्टीमेटम

 इंदौर  कलेक्टर कार्यालय में  सांसद शंकर लालवानी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक हुई। इसमें सिंहस्थ से पहले कान्ह एवं सरस्वती नदी को स्वच्छ और साफ करने के अलावा सड़कों के गड्ढों पर चर्चा हुई। बैठक में सांसद ने निर्देश दिए कि बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य जल्द प्रारंभ करें। सड़क के गड्ढों के कारण किसी की जान गई, तो वे स्वयं थाने जाकर जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारी पर एफआईआर कराएंगे। गड्ढों के कारण किसी की जान नहीं जानी चाहिए। बैठक में शहर और ग्रामीण के अलावा इंदौर-देवास बायपास की सड़कों पर गड्ढों का मुद्दा छाया रहा। बैठक में सांसद ने एनएचएआइ को बायपास पर राऊ से लेकर शिप्रा तक निर्माणाधीन ओवरब्रिज के लिए डायवर्शन सड़क की मरम्मत का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही आइडीए और नगर निगम को भी अपने क्षेत्र की सड़कों के सुधार के लिए निर्देशित किया गया। जवाबदेही तय कर कार्रवाई के निर्देश दिए सड़कों की तकनीकी खामियों से होने वाली दुर्घटनाओं के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सांसद कविता पाटीदार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला सहित कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना मालवीय, आईडीए मुख्य कार्यपालन अधिकारी डा. परीक्षित झाड़े, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। करोड़ों खर्च किए फिर भी सफाई अधूरी कान्ह और सरस्वती नदी पर साल 2000 से 2021 तक ग्यारह सौ करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन फिर भी साफ नहीं हो सकी। बैठक में एक बार फिर सिंहस्थ के मद्देनजर दोनों नदियों के साफ और सुंदरीकरण के लिए योजना तैयार कर क्रियान्वयन के निर्देश दिए। सांसद कविता पाटीदार ने भी ग्रामीण क्षेत्रों की नदियों को स्वच्छ रखने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण नदियों की स्वच्छता पर ही कान्ह और सरस्वती नदी की शुद्धता निर्भर है। ऐसे में ड्रेनेज व्यवस्था सुदृढ़ बनाएं, ताकि दूषित पानी नहीं मिले। शहर से लगे गांवों के कचरे की प्रोसेसिंग निगम करेगा बैठक में महापौर भार्गव ने कहा कि इंदौर की शहरी सीमा से लगे हुए गांवों और शहर की तरफ आने वाली ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को स्वच्छ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर से लगे गांवों के कचरा संग्रहण के लिए संयुक्त दल बनाकर विशेष कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। इस कार्य में निगम द्वारा पूरी मदद दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के कचरे के प्रोसेसिंग की व्यवस्था भी निगम द्वारा की जाएगी। 54 गांवों में स्थापित होंगे आदि कर्मयोगी सेवा केंद्र जिले के 54 गांवों में आदि कर्मयोगी अभियान शुरू किया गया है। इसमें महू जनपद के 52 गांव और इंदौर जनपद के दो गांव शामिल हैं। चयनित प्रत्येक गांव में आदि कर्मयोगी सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। सेवा पखवाड़ा के तहत सांसद खेल महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें ग्राम से लेकर जिला स्तर तक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। जिम्मेदारी खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग को सौंपी गई है।