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राजनीतिक तैयारी: भाजपा हर क्षेत्र में बढ़ाएगी वोटर बेस, हर विधानसभा में 5-7 हजार नए मतदाता

पटना  विधान सभा चुनाव 2022 में 53 सीटें ऐसी थीं जिनमें जीत हार का अंतर पांच हजार से कम का रहा था। इनमें से 15 सीटें तो ऐसी थी जिनमें एक हजार से कम मतों से जीत-हार हुई थी। यही वजह है कि पार्टी ने हर विधान सभा सीट पर पांच से सात हजार नए मतदाता पंजीकृत कराने की रणनीति बनाई है। दरअसल, वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव में 53 सीटें ऐसी थीं जिनमें जीत हार का अंतर पांच हजार से कम का रहा था। इनमें से 15 सीटें तो ऐसी थी जिनमें एक हजार से कम मतों से जीत-हार हुई थी। यही वजह है कि पार्टी ने हर विधान सभा सीट पर पांच से सात हजार नए मतदाता पंजीकृत कराने की रणनीति बनाई है। लॉगइन फीचर्स: अपनी पसंदीदा खबरों को लाइक कर, उन्हें बुकमार्क करें और कमेंट के जरिए अपनी राय साझा करें!  

विदेश में नौकरी का मौका: योगी सरकार की योजना से 25 हजार युवा होंगे लाभान्वित

लखनऊ उत्तर प्रदेश का सेवायोजन विभाग इस साल 25 हजार अभ्यर्थियों को विदेश रोजगार के लिए भेजेगा। अभी तक उप्र से सेवायोजन विभाग द्वारा 5978 निर्माण श्रमिकों को इजराइल भेजा जा चुका है। जिनके द्वारा प्रदेश को 1400 करोड़ का रिमिटेन्स प्राप्त हुआ है। निदेशक नेहा प्रकाश ने गुरुवार को बताया कि कैबिनेट द्वारा प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिये उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है। 5978 निर्माण श्रमिकों को इजराइल भेजा इस क्रम में सेवायोजन विभाग द्वारा गत वर्ष 5978 निर्माण श्रमिकों को इजराइल भेजा जा चुका है। जिसके द्वारा 1400 करोड़ का रिमिटेन्स प्रदेश को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि अभी एक दिन पूर्व मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अधीन गठित राज्य संचालन समिति की बैठक भी हुई थी। 25000 अभ्यर्थियों को विदेश में रोजगार देने का लक्ष्य उन्होंने ने बताया कि सेवायोजन विभाग द्वारा मिशन के माध्यम से इस वर्ष 25000 अभ्यर्थियों को विदेश में रोजगार देने एवं देश में निजी क्षेत्र में 300000 अभ्यर्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ 400000 अभ्यर्थियों की कॅरियर कॉउन्सिलिंग कराये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर नेहा प्रकाश ने बताया कि रोजगार मिशन की कार्ययोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का पता लगाने के लिए इन्डस्ट्री एसोसिएशन जैसे फिक्की, एसोचैम, सीआईआई, इत्यादि के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी। जिससे आगामी वर्षों में उद्योगों में उत्पन्न होने वाले रोजगार की जानकारी के लिये दीर्घकालीक रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि विदेशों में रोजगार मांग के सर्वेक्षण के लिए एम्बेसी के सहयोग से विदेशों में रोड शो, इन्डस्ट्रीज के साथ कोलेबोरेशन, डेलीगेशन विजिट की जाएगी। साथ ही पोस्ट प्लेसमेन्ट सर्पोट के अन्तर्गत एम्बेसी के माध्यम से लोकल गार्जियनशीप की व्यवस्था किये जाने के निर्णय एवं इन्टीग्रेटेड कॉल सेंटर का संचालन 2437 किया जाएगा।

त्योहारों को लेकर DC का बड़ा निर्देश, प्रशासन हुआ अलर्ट

अमृतसर जिला मैजिस्ट्रेट एव डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने त्यौहारी सीजन में पटाखों की बिक्री व पटाखे चलाने संबंधी माननीय सुप्रीमो कोर्ट के आदेशानुसार प्रशासनिक निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रशासन की तरफ से जारी अस्थायी लाइसैस धारक ही पटाखों की बिक्री कर सकते हैं और ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकते हैं और ग्रीन पटाखे ही चलाए जा सकते हैं। ग्रीन पटाखे जो कि लीथियम, मरकरी, आरसैनिक, सिक्का, थोरियम साल्ट आदि के बिना बनें होंगे सिर्फ वही ग्रीन पटाखे चलाए जा सकते हैं। दीवाली व भगवान वाल्मीकि प्रकाशोत्सव पर सात 8 बजे से लेकर 10 बजे तक, गुरुपुर्व वाले दिन सुबह 4 बजे से लेकर 5 बजे तक और रात को 9 से 10 बजे तक पटाखे चलाए जा सकते हैं। इसी प्रकार से क्रिसमिस वाले दिन रात 11.55 बजे से लेकर सुबह 12.30 बजे तक नववर्ष पर रात 11.55 बजे से लेकर सुबह 12.30 बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकते हैं। प्रशासन की तरफ से निर्धारित समय से पहले व बाद में पटाखे चलाने पर पूर्णतय प्रतिबंध है। इसके अलावा वैबसाइट-ई कामर्स आदि पर पटाखे नहीं बेचे जा सकते हैं। विवाह शादी समागम में पटाखे चलाने के लिए मैरिज पैलेस मालिक की तरफ से लाइसैंस लेना होगा, शोभा यात्रा, नगर कीर्तन, प्रभात फेरी व अन्य समागमों में पटाखे चलाने के लिए भी लाइसैंस लेना होगा।  

अब हर लाभार्थी तक पहुंचेगी पेंशन, योजना की सघन निगरानी के आदेश जारी

अब हर लाभार्थी तक पहुंचेगी पेंशन, योजना की सघन निगरानी के आदेश जारी पेंशन वितरण में लापरवाही नहीं चलेगी, ‘पेंशन आपके द्वार’ योजना की होगी कड़ी मॉनिटरिंग भोपाल  "पेंशन आपके द्वारा योजना" का शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हो सके, इसके लिए कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योजना की नियमित समीक्षा करें। यह निर्देश प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण मती सोनाली वांयणकर ने सभी जिला कलेक्टर को दिये हैं। प्रमुख सचिव मती वायंगणकर ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत सिंगल क्लिक के माध्यम से पेंशन राशि हितग्राहियों के खाते में प्रति माह अंतरित की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कल्याणी, दिव्यांगजन, वृद्धजन को प्रति माह पेंशन राशि निकालने के लिए बैंकों के चक्कर न लगाना पड़े। इस उद्देश्य से 'पेंशन आपके द्वार योजना' संचालित की जा रही है। योजना के तहत बैंकिंग कॅरेसपंडेंस के माध्यम से ऐसी ग्राम पंचायत में जिनसे बैंक या पोस्ट ऑफिस की दूरी 3 किलोमीटर से अधिक है, उन स्थानों पर बैंक करस्पॉन्डेंट्स, बैंकिंग सखीज, कॉमन सर्विस सेंटर, एसएचजी मेंबर्स के माध्यम से पेंशन राशि हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर इस योजना की सघन मॉनिटरिंग की जाए और जहां पर कोई कमी या शिकायत प्राप्त होती है वहां यथोचित कार्रवाई की जाये, जिससे राज्य शासन की मंशा अनुसार हितग्राहियों को पेंशन का सही समय पर लाभ प्राप्त हो सके।  

शारदीय नवरात्रि 2025 कब से? तारीख, कलश स्थापना का समय और सही पूजा-विधि की पूरी जानकारी

पंचांग के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर 2025, सोमवार से शुरू हो रही है. और यह पावन पर्व 2 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ समाप्त होगा. नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. इन दिनों में भक्त मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और उनकी विशेष कृपा पाने के लिए भक्ति में लीन हो जाते हैं. आइए जान लेते हैं किस शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें और पूजा का सही विधि- विधान क्या है. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त नवरात्रि का पहला दिन कलश स्थापना के साथ शुरू होता है, जिसे घटस्थापना भी कहते हैं. कलश स्थापना का मुहूर्त बहुत महत्वपूर्ण होता है और इसे शुभ समय में ही किया जाना चाहिए.     घटस्थापना मुहूर्त: 22 सितंबर 2025, सुबह 6 बजकर 9 मिनट से 8 बजकर 6 मिनट तक.     अवधि: 1 घंटा 56 मिनट. कलश स्थापना की पूजा विधि सबसे पहले सुबह स्नान कर घर को शुद्ध करें और पूजन स्थल को गंगाजल से पवित्र करें. फिर पूजा के कलश को अच्छी तरह से साफ करके उसमें जल भरें. अब इसमें सुपारी, सिक्का, अक्षत, और फूल डालें. मिट्टी के पात्र में जौ बोएं और उसके ऊपर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें. कलश पर रोली, अक्षत, मौली, सुपारी, सिक्का और आम के पत्ते रखें. कलश के ऊपर नारियल रखकर लाल कपड़े से लपेटें और मौली से बांध दें. कलश के समीप मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें और धूप, दीप, पुष्प अर्पित कर पूजन आरंभ करें. सबसे आखिर में दुर्गा सप्तशती, देवी स्तुति या देवी कवच का पाठ करें. कलश स्थापना के लिए इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. क्योंकि सही विधि से पूजा करने पर मां दुर्गा की कृपा जल्दी मिलती है. नवरात्रि का महत्व नवरात्रि का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध करने के लिए नौ दिनों तक युद्ध किया था. आखिर में, उन्होंने महिषासुर का वध करके धर्म की रक्षा की. इसीलिए, इन नौ दिनों को मां दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित किया गया है. इस साल, मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, जो सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है. यह आने वाले समय में अच्छी बारिश और समृद्धि का संकेत देता है. नवरात्रि के दौरान व्रत और पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है, कष्ट दूर होते हैं और मन शांत रहता है.

साधारण दिन, असाधारण सौभाग्य: महिला मजदूर को खदान से 8 हीरे मिले

पन्ना  पन्ना जिले में एक महिला मजदूर रचना गोलदार की किस्मत हीरे की चमक से बदल गई। उसने हजारा मुद्दा क्षेत्र में खदान लगाई और उसे 8 छोटे-बड़े हीरे मिले जिनमें से 6 जेम्स क्वालिटी के हैं जिनका कुल वजन 3.10 कैरेट है। सबसे बड़े हीरे का वजन 0.79 कैरेट है। इन हीरों को हीरा कार्यालय में जमा कर दिया गया है जिनकी बाजारू कीमत लाखों में है। कितना है हीरों का वजन? वहीं हीरा पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि इन 8 हीरों में से 6 नग जेम्स क्वालिटी के हैं, जिनका कुल वजन 3.10 कैरेट है। इनमें सबसे बड़े हीरे का वजन 0.79 कैरेट है। अब होगी हीरों की नीलामी इसके अलावा, दो हीरे ऑफ-कलर के हैं। ​इन सभी हीरों को महिला ने हीरा कार्यालय में जमा कर दिया है और इन हीरो की बाजारू कीमत लाखों में बताई जा रही है। इन्हें आगामी नीलामी में रखा जाएगा। रचना की लगन और कड़ी मेहनत का फल मिलने से उनके परिवार में खुशी का माहौल है।  

NHM कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा, 14 हजार स्टाफ को सीधा लाभ

चंडीगढ़  हरियाणा के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। मिशन निदेशक, एनएचएम हरियाणा द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह लाभ तीन चरणों में दिया जाएगा। तीन चरणों में मिलेगा डीए का लाभ: 1 जनवरी 2024 से: डीए 230% से बढ़ाकर 239% किया जाएगा। 1 जुलाई 2024 से: डीए 239% से बढ़कर 246% हो जाएगा। 1 जनवरी 2025 से: डीए 246% से बढ़ाकर 252% कर दिया जाएगा। इस निर्णय से एनएचएम के लगभग 14,000 से अधिक कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। याचिकाकर्ताओं को मिलेगा लाभ सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह बढ़ा हुआ डीए फिलहाल उन्हीं कर्मचारियों को दिया जाएगा जिन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की थी, या फिर ऐसे मामलों में याचिकाकर्ता हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि भविष्य में अदालत का कोई विपरीत आदेश आता है, तो कर्मचारियों को दी गई राशि वापस करनी पड़ सकती है। लंबे इंतजार के बाद मिली राहत एनएचएम कर्मचारियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इस फैसले की प्रतीक्षा कर रहे थे और अब उनकी मांग आंशिक रूप से पूरी हुई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह राहत लंबे संघर्ष और न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद संभव हो सकी है।  

ट्रंप का बदला रुख? भारत पर से हट सकता है 25% एक्स्ट्रा टैक्स का बोझ

नई दिल्ली अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ में बड़ी राहत मिल सकती है और रूसी तेल खरीद पर ट्रंप द्वारा लगाया गया एक्स्ट्रा 25% टैरिफ हटाया जा सकता है. मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन ने गुरुवार ये उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका जल्द ही भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त टैरिफ हटा सकता है और रेसिप्रोकल टैरिफ को भी घटाकर 10 से 15% किया जा सकता है. इसके साथ ही सीईए ने भारत-US ट्रेड डील के आगे बढ़ने का भी संकेत दिया है.  8-10 हफ्ते में निकल आएगा हल कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए सीईए नागेश्वरन ने कहा कि उन्हें टैरिफ मसले का अगले 8 से 10 हफ्तों के भीतर समाधान होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि अगले कुछ महीनों में कम से कम 25% के एक्स्ट्रा टैरिफ का समाधान जरूर निकल आएगा.' बिजनेस टुडे पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, नागेश्वरन ने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में तेजी के संकेत मिल रहे हैं, जिससे करीब 50 अरब  डॉलर मूल्य के भारतीय निर्यात पर दबाव कम हो सकता है. ट्रंप ने क्यों लगाया 25% एक्स्ट्रा टैरिफ? गौरतलब है कि भारत पर पहले अमेरिकी की ओर से 25% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया था, लेकिन अगस्त में भारत की रूसी तेल खरीद को युक्रेन युद्ध में पुतिन की आर्थिक मदद करने का जरिया करार देते हुए जुर्माने के रूप में 25% का एक्स्ट्रा टैरिफ जुर्माने के तौर पर लगाया था. इसके बाद भारत पर कुल टैरिफ बढ़कर 50% हो गया था और इससे ये ब्राजील के साथ सबसे ज्यादा ट्रंप टैरिफ को झेलने वाले देशों में शामिल हो गया था. अपने संबोधन में नागेश्वरन ने कहा कि अमेरिका और भारत दोनों ही सरकारों के बीच सतह के नीचे तमाम मुद्दों को हल करने के लिए काफी बातचीत हो रही है. भारत-US ट्रेड डील में क्या प्रोग्रेस?   भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील एग्रीकल्चर और डेयरी प्रोडक्ट्स समेत अन्य मुद्दों को लेकर अटकी हुई थी और इस पर बातचीत भी ट्रंप के एक्स्ट्रा टैरिफ के बाद थमी हुई थी. लेकिन बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पीएम मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताते हुए ट्रेड डील के सफल निष्कर्ष निकलने की बात कही थी.  इसके बाद इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका की ओर से प्रमुख वार्ताकर ब्रेंडेन लिंच ट्रेड डील पर छठे चरण की बैठक करने के लिए नई दिल्ली आए थे और भारत के मुख्य व्यापार वार्ताकार राजेश अग्रवाल के साथ करीब 7 घंटे की लंबी चर्चा की थी.  55% सामान हाई टैरिफ के अंदर रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में अमेरिका को भारत के निर्यात का लगभग 55% हिस्सा ट्रंप के हाई टैरिफ के अंदर आ रहा है. इसकी मार से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले सेक्टर्स की बात करें, तो कपड़ा, केमिकल, मरीन फूड, जेम्स एंड ज्वेलरी के साथ ही मशीनरी शामिल हैं. ये इसलिए भी खास हैं, क्योंकि भारत की श्रम-प्रधान निर्यात अर्थव्यवस्था के प्रमुख हिस्से हैं. टैरिफ के असर को देखें, तो अगस्त महीने में अमेरिका को निर्यात घटकर 6.87 अरब डॉलर रह गया, जो 10 महीने का सबसे निचला स्तर है.

आयुर्वेदिक शिक्षा को बढ़ावा: MP के शिक्षण संस्थानों में विकसित होंगे हर्बल गार्डन

भोपाल  मध्य प्रदेश के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय अब स्कूलों और कालेजों में हर्बल गार्डन विकसित करने की तकनीक साझा करेंगे। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में औषधीय पौधे लगाना और नई पीढ़ी को इन पौधों के महत्व की जानकारी देना है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय की इस पहल के दौरान विशेषज्ञ स्कूलों में जाकर बताएंगे कि किन-किन औषधीय पौधों को घर में लगाया जा सकता है और उनकी देखभाल किस तरह करनी चाहिए। भोपाल में इसकी जिम्मेदारी शासकीय पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय ने उठाई है। महाविद्यालय के विशेषज्ञों का दल स्कूलों और कालेजों में जाकर विद्यार्थियों को बता रहा है कि हर्बल गार्डन में तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा और शतावरी जैसे पौधे कैसे लगाए और संभाले जा सकते हैं। साथ ही पौधों की उपयोगिता और औषधीय गुण भी समझाए जा रहे हैं। शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्थान की ओर से आयुर्वेदिक किचन वर्कशाप भी आयोजित हो रही है। इसमें विद्यार्थियों को पौष्टिक और स्वास्थ्यकर व्यंजन तैयार करना सिखाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बचपन से ही प्राकृतिक खानपान और औषधीय पौधों का महत्व समझ में आएगा, तो बच्चे आगे चलकर इन्हें अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना सकेंगे। औषधीय पौधे जीवन का आधार अस्पताल के दृव्यगुण विभाग की प्रमुख डॉ. अंजली जैन ने बताया कि हर्बल गार्डन छात्रों को किताबों से परे जाकर प्रत्यक्ष अनुभव देता है। जब बच्चे इन पौधों को लगाते और उनकी देखभाल करते हैं तो वे प्रकृति और स्वास्थ्य के बीच के गहरे संबंध को समझ पाते हैं। बच्चों में बढ़ेगा आयुर्वेद के प्रति लगाव     हमारी कोशिश है कि हर शैक्षणिक संस्थान और घर में हर्बल गार्डन हो, इससे बच्चों में आयुर्वेद के प्रति लगाव बढ़ेगा। आयुष मंत्रालय की पहल को हम बड़े स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। – डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद अस्पताल  

ChatGPT चैट हिस्ट्री हटाने का आसान तरीका, प्राइवेसी रखें पूरी सुरक्षित

नई दिल्ली ChatGPT और Google Gemini जैसे AI टूल्स लोगों की लाइफ का पार्ट बनते जा रहे हैं. धीरे धीरे लोग अपने सर्च क्वेरीज के लिए गूगल सर्च के बजाए AI टूल्स की तरफ़ जा रहे हैं. जो सवाल आप गूगल से भी नहीं पूछते थे वो AI से पूछ रहे हैं.  सवाल पूछने का मतलब ये है कि आप उस AI टूल को अपनी पर्सनल डिटेल्स दे रहे हैं. बहरहाल, ये डिबेट तो चलती रहेगी कि आपका पर्सनल डेटा ChatGPT और Gemini जैसे टूल्स के पास कितना सेफ है. लेकिन अभी आपको ये बताता हूं कि आप चैट जीपीटी से चैट हिस्ट्री और डेटा कैसे क्लियर कर सकते हैं. डेटा सर्वर से डिलीट कैसे कराएं ये आपको बाद में बताएंगे.  किसी भी AI टूल से आप से आप कॉन्वर्सेशन स्टार्ट करते हैं तो एक लॉग बन जाता है. अमूमन ये लेफ्ट साइड में होता है. ChatGPT, Gemini और Grok जैसे टूल्स में लॉगइन करने के बाद होम पेज ओपन होता है और लेफ्ट साइड में एक पैनल खुलता है. यहां आपकी कॉन्वर्सेशन हिस्ट्री होती है.  कॉन्वर्सेशन हिस्ट्री डिलीट करने के लिए आपको थ्री डॉट को सेलेक्ट करना है. यहां पर रिनेम और डिलीट का ऑप्शन दिखेगा जहां से आप हिस्ट्री क्लियर कर सकते हैं.  ChatGPT से ऐसे करें हिस्ट्री डिलीट  — स्मार्टफ़ोन पर ChatGPT ओपन करें और मेन्यू आइकॉन पर टैप करें.  — यहां सबसे नीचे आपको अपना प्रोफ़ाइल आइकॉन दिखेगा यानी आपका नाम — यहां टैप करना है.  — एक लिस्ट खुलेगी जहां Data Controls दिखेगा. इस मेन्यू में जा कर आप Clear Chat History सेलेक्ट कर सकते हैं.  Chat Export कैसे करें? ChatGPT आपको अपने चैट्स को एक्सपोर्ट करने का भी ऑप्शन देता है. डेटा कंट्रोल्स ऑप्शन में ही आपको और भी कई ऑप्शन्स दिखेंगे. यहां बॉटम में Export Data का ऑप्शन मिलता है. Export Data कन्फर्म करते ही आपकी पूरी चैट जीपीटी की हिस्ट्री आपकी ईमेल आईडी पर एक्सपोर्ट हो जाएगी.   इसी तरह ChatGPT की वेबसाइट पर लॉगइन करके भी आप अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं. लॉगइन के बाद सेटिंग्स में जाना है Data Controls सर्च करें. यहां आपको डिलीट ऑल चैट्स का ऑप्शन दिखेगा जिसे सेलेक्ट करके ChatGPT से अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं.