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PM मोदी ने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, CM योगी ने की खुलकर तारीफ

मथुरा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह मथुरा पहुंचे। यहां उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति महोत्सव मेले में शिरकत की। वहीं सीएम योगी ने यहां मौजूद जनसभा को संबोधित भी किया। सीएम योगी ने इस दौरान कहा कि आज भारत का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने की क्षमता रखता है। सीएम योगी ने कहा कि खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वाली केंद्र की पिछली सरकारें भारत को विश्व शक्ति बनाने में नाकाम रहीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे संभव कर दिखाया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 11 वर्षों में हमने भारत को बदलते देखा है।  '11 सालों में भारत ने की अभूतपूर्व प्रगति' सीएम योगी ने कहा, "पंडित दीन दयाल उपाध्याय का सपना तब साकार होता है जब भारत और पीएम मोदी के मुंह से वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी के मंत्र को सुनता है और उसे प्रभावी ढंग से जमीन पर उतरते हुए देखता है। भारत ने पिछले 11 साल में हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। पिछले 11 वर्षों में आपने इस नए बदलते हुए भारत को देखा होगा। पहले भारत दुनिया के बॉटम 5 देशों में गिना जाता था, लेकिन आज वह दुनिया के टॉप 4 अर्थव्यवस्था में भारत का नाम है और अगले तीन वर्ष तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।" 'पीएम मोदी ने किया असंभव को संभव' उन्होंने आगे कहा, "पिछले 11 वर्षों में हमने भारत को बदलते देखा है। पिछली सरकारों के लोग, जो खुद को धर्मनिरपेक्ष कहते थे, अपनी सरकारों में भारत को विश्व शक्ति बनाने के लिए असंभव शब्द जोड़ देते थे। इस असंभव को पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संभव कर दिखाया है, जिन्होंने दीनदयाल उपाध्याय के मंत्र को आत्मसात किया है। यानी पंडित दीन दयाल उपाध्याय के मंत्र में असंभव को संभव करने का मंत्र छिपा हुआ है। स्वदेशी है तो हम सशक्त हैं, स्वदेशी है तो स्वावलंबन भी है, यही पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का मंत्र था।’’

शॉकिंग! इंडिया-पाकिस्तान कप्तान हाथ नहीं मिलाए, मैच रेफरी को देर से पता चला

नई दिल्ली  एशिया कप 2025 को लगभग पटरी से उतारने वाले विवाद के केंद्र में रहे आईसीसी मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। 14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान मैच के टॉस से कुछ मिनट पहले ही मैच रेफरी को बताया गया था कि दोनों कप्तान हाथ नहीं मिलाएंगे। उस समय, उन्होंने खुद को निर्देश देने के बजाय संदेश देने वाला समझा। इसके बाद पीसीबी ने पाइक्रॉफ्ट के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन पर आईसीसी के नियमों और क्रिकेट भावना का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया और उन्हें टूर्नामेंट से हटाने की मांग की गई। 14 और 17 सितंबर को पाकिस्तान द्वारा खेले गए दो मैचों के दौरान हुई घटनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने लगी है। मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक अधिकारी के अनुसार, यह विवाद रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच में "टॉस से चार मिनट पहले" शुरू हुआ। जैसे ही पाइक्रॉफ्ट मैदान पर पहुंचे, उन्हें एसीसी स्थल प्रबंधक ने बताया कि बीसीसीआई ने उन्हें – भारत सरकार की अनुमति से – सूचित कर दिया है कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और सलमान अली आगा के बीच हैंडशेक नहीं होगा। पीसीबी अधिकारियों ने तर्क दिया कि पाइक्रॉफ्ट को इस असामान्य अनुरोध के बारे में आईसीसी को सूचित करना चाहिए था; ऐसा माना जा रहा है कि पाइक्रॉफ्ट ने कहा कि उनके पास ऐसा करने का समय नहीं था। अगर पर्याप्त समय होता, तो वह आईसीसी से सलाह लेते। इसके बजाय, टॉस से कुछ क्षण पहले, उन्होंने सलमान अली आगा को स्थिति के बारे में बताया, यह सोचकर कि अगर आगा सूर्यकुमार से हाथ मिलाने गए, तो वह सार्वजनिक रूप से शर्मनाक स्थिति उत्पन्न होने से बचा रहे थे। पाइक्रॉफ्ट के इस फैसले को आईसीसी ने किसी भी समय आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में नहीं देखा, बल्कि एक ऐसी कार्रवाई के रूप में देखा, जो उन्हें खेल के प्रबंधन के लिए नियुक्त एक मैच अधिकारी के रूप में अपने अधिकार क्षेत्र में करने के लिए अधिकृत किया गया था। यह मुद्दा बुधवार को तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान के यूएई के खिलाफ होने वाले जरूरी मैच को लेकर अनिश्चितता के बादल छा गए और पीसीबी ने धमकी दी कि अगर इस मैच के लिए चुने गए पाइक्रॉफ्ट की जगह कोई और मैच रेफरी नियुक्त नहीं किया गया तो वह टूर्नामेंट से हट जाएगा। पाइक्रॉफ्ट और पाकिस्तानी टीम के शीर्ष अधिकारियों के बीच आनन-फानन में हुई एक स्पष्ट बैठक के बाद आखिरकार एक घंटे की देरी के बाद मैच शुरू हुआ। पीसीबी ने एक बयान में दावा किया कि पाइक्रॉफ्ट ने "पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मैनेजर और कप्तान से माफी मांगी है।" हालांकि, स्थिति से परिचित सूत्रों का कहना है कि यह माफी नहीं थी, बल्कि घटना के बारे में "गलतफहमी और गलत संचार पर खेद की अभिव्यक्ति" थी। पीसीबी ने भारत से पाकिस्तान की हार के बाद रविवार रात और सोमवार सुबह के बीच आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक वसीम ख़ान को एक आधिकारिक शिकायत भेजी थी। इसमें बोर्ड ने टॉस से पहले की घटनाओं का क्रम बताया और पाइक्रॉफ्ट पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। बोर्ड ने कहा कि वह "यह जानकर चिंतित है कि आईसीसी द्वारा नियुक्त और कथित रूप से तटस्थ मैच रेफरी ने ऐसा आचरण करने का विकल्प चुना जो स्पष्ट रूप से क्रिकेट की भावना और एमसीसी के कानूनों का उल्लंघन है।" पीसीबी ने कहा कि पाइक्रॉफ्ट "कप्तानों के साथ-साथ दोनों प्रतिस्पर्धी टीमों के बीच सम्मान बनाए रखने और अपने आचरण से सकारात्मक माहौल बनाने और कप्तानों तथा भाग लेने वाली टीमों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में विफल रहे।" बोर्ड ने एशिया कप से उनके तत्काल हटने की मांग की। 15 सितंबर को अपनी पहली प्रतिक्रिया में, आईसीसी ने पीसीबी को बताया कि उसने शिकायत की "सावधानीपूर्वक जांच" की है, लेकिन "निष्कर्ष निकाला" कि "पाइक्रॉफ्ट की ओर से जवाब देने लायक कोई मामला नहीं है", और उनकी किसी भी तरह से "कोई ग़लती नहीं" थी। अपनी समीक्षा में, आईसीसी ने पाइक्रॉफ्ट, अन्य मैच और टूर्नामेंट अधिकारियों, और टूर्नामेंट निदेशक एंड्रयू रसेल से बात की थी। आईसीसी ने स्पष्ट किया कि पाइक्रॉफ्ट द्वारा आगा को हाथ न मिलाने का संदेश एसीसी स्थल प्रबंधक के "स्पष्ट निर्देश" के बाद दिया गया था। आईसीसी ने कहा कि इतने कम समय में यह संदेश मिलने के बाद, पाइक्रॉफ्ट ने स्थिति को पेशेवर तरीके से संभाला। "मैच रेफ़री ने टॉस की पवित्रता बनाए रखने और किसी भी संभावित शर्मिंदगी की स्थिति उत्पन्न होने से रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।"  

भारत का ऑपरेशन सिंदूर: आधी रात 1.30 बजे हमले के पीछे की असली वजह सामने आई

नई दिल्ली  पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने रात के डेढ़ बजे ही ऑपरेशन सिंदूर क्यों चलाया था? इस बारे में CDS अनिल चौहान ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में एक कार्यक्रम में बताया कि 7 मई 2025 की रात को पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया था. रात 1 बजे से 1:30 बजे के बीच हमला किया था और इतनी रात को इतने बजे हमला करने के पीछे भी 2 वजहें थीं.   इन 2 वजहों से किया आधी रात को हमला उन्होंने कहा कि आधी रात के करीब अंधेरा घना होता है, उस समय सैटेलाइट इमेज कैप्चर करना और सबूत इकट्ठा करना सबसे मुश्किल काम होता है. फिर भी भारतीय सेना ने रात 1 से 1:30 बजे के बीच हमला किया, क्योंकि भारत को अपने सैटेलाइट पर भरोसा था कि वे रात को भी तस्वीरें कैप्चर कर पाएंगे. दूसरा कारण यह था कि भारतीय सेना पाकिस्तान के नागरिकों को नुकसान से बचाना चाहती थी. हालांकि हमला करने का सबसे अच्छा समय सुबह 5:30-6 बजे के बीच होता, लेकिन उस समय पहली अजान या पहली नमाज होती है. बहावलपुर और मुरीदके में उस समय लोगों की काफी चहल-पहल हो सकती थी. इसलिए रात के एक से डेढ़ बजे के बीच हमला किया.   7 मई को ही क्यों किया गया था अटैक? CDS अनिल चौहान ने बताया कि 7 मई की रात को ही पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक करने का फैसला कई कारणों से किया गया था. एक तो उन दिनों फ्लाइट्स की आवाजाही बंद थी, दूसरा मौसम भी अनुकूल था. 7 मई के बाद बारिश होने का पूर्वानुमान था, इसलिए फैसला किया गया कि 7 मई की रात को मौसम साफ रहेगा तो उसी तारीख को ऑपरेशन सिंदूर चलाया जाए, जिसमें इस बार सेना के तीनों अंगों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जबकि उरी और बालाकोट एयर स्ट्राइक में सिर्फ एयरफोर्स ने जिम्मेदारी निभाई थी. सेना को बैक स्पोर्ट के लिए स्टैंड बाय मोड पर रखा गया था.

रायपुर : स्ट्रीट लाइट पोल्स के विस्तार के लिए 1.35 करोड़ रुपए मंजूर

रायपुर राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मुंगेली जिले के सरगांव नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में स्ट्रीट लाइट पोल्स के विस्तार के लिए एक करोड़ 35 लाख 41 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की गई है।  

टैरिफ की धमकी पर रूस सख्त, ट्रंप को दिया दो-टूक संदेश

वाशिंगटन  अमेरिका लगातार भारत, चीन समेत सभी यूरोपीय देशों को रूस से तेल खरीदने पर एतराज जता रहा है। यहां कि ट्रंप ने जी7 देशों और यूरोप से यह तक कहा दिया कि रूस और उससे संबंध रखने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं। अब रूस ने पहली बार ट्रंप की धमकियों का सीधा जवाब दिया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक इंटरव्यू में ट्रंप के धमकी को दरकिनार करते हुए कहा कि अमेरिका केवल धमकी देकर भारत और चीन को रूस से तेल खरीदने से नहीं रोक सकता। कहा कि दोनों देश राष्ट्रीय हित में तेल खरीदना जारी रखेंगे। दबाव या टैरिफ जैसे कदम उनका फैसला नहीं बदल सकते। ब्रिटेन में ट्रंप ने जताथा था विरोध अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कल ब्रिटेन दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर रूसी तेल पर आपत्ति जताई थी। ट्रंप ने रूस से भारत की तेल खरीद का विरोध करते हुए टैरिफ लगाने को सही ठहराया था। इससे पहले भी लगातार ट्रंप रूस से तेल खरीदने वाले देशों को उच्च टैरिफ लगाने की धमकी दे चुके हैं।

‘या अली’ गायक जुबिन गर्ग का दुखद निधन, स्कूबा डाइविंग के दौरान हुआ हादसा

असम  मशहूर गायक जुबिन गर्ग का 52 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। शुक्रवार को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग करते वक्त उनके साथ दुखद हादसा हुआ और वह इस दुनिया को हमेशा के लिए छोड़कर चले गए। बता दें, जुबिन गर्ग बॉलीवुड फिल्म ‘गैंगस्टर’ के सुपरहिट गाने ‘या अली’ से पूरे देश में लोकप्रिय हुए थे। मंत्री अशोक सिंघल ने की पुष्टि असम के कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए उनके निधन की पुष्टि की है। उन्होंने लिखा, “हमारे प्रिय जुबिन गर्ग के असमय निधन से गहरा दुख पहुंचा है। असम ने न केवल एक आवाज खोई है, बल्कि एक धड़कन भी। जुबिन दा केवल एक गायक नहीं थे, वे असम और देश के गौरव थे, जिनके गीतों ने हमारी संस्कृति को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाया। उनके परिवार, दोस्तों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनकी विरासत सदैव प्रेरणा देती रहे। ओम शांति।” सिंगापुर में कैसे हुआ हादसा? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुबिन गर्ग स्कूबा डाइविंग कर रहे थे तभी अचानक हादसा हो गया। पुलिस ने तुरंत उन्हें समुद्र से निकालकर अस्पताल पहुंचाया और डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में होनी थी प्रस्तुति जुबिन गर्ग सिंगापुर नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में परफॉर्म करने पहुंचे थे। लेकिन उससे पहले ही यह त्रासदी घट गई। उनकी अचानक मौत ने न सिर्फ उनके फैंस बल्कि पूरे असमिया समुदाय और भारतीय संगीत जगत को गहरे शोक में डाल दिया है।

बिलासपुर: बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए निकले रईसजादों का हाईवे पर हंगामा, स्टंट करते बनाए वीडियो, NH पर लगा जाम

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर-मस्तूरी नेशनल हाईवे पर फिर रसूखदारों ने गाड़ियों का काफिला निकालकर जाम लगा दिया। शहर की सड़कों पर 15-20 कारों का काफिला एक साथ निकला। जिसमें करीब 18 लड़के सवार थे। ये सभी मस्तूरी में किसी कारोबारी के फॉर्म हाउस में बर्थडे पार्टी मनाने जा रहे थे।  मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र का है। बदमाशों ने ना केवल सड़कों पर जाम लगाया बल्कि रील बनाने के लिए स्टंटबाजी भी की। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लड़के चलती कार की खिड़की पर बैठकर फोन चलाते दिखे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने सभी 18 बदमाशों को पकड़ लिया है। कार की विंडो पर बैठकर स्टंटबाजी, लगा जाम इस दौरान शहर के बदमाश युवक नेशनल हाईवे पर अलग-अलग 15-20 कारों में सवार थे, विंडो पर बैठकर मस्ती कर रहे थे। युवकों ने रील्स बनाने के लिए फिल्मी स्टाइल पर नेशनल हाईवे पर कारों का काफिला लगाकर स्टंटबाजी भी की। बर्थडे पार्टी में शामिल होने जा रहे थे सभी बताया जा रहा है कि मस्तूरी क्षेत्र में एक जमीन कारोबारी का फार्म हाउस है, जहां बुधवार की रात बर्थ-डे सेलिब्रेशन किया जा रहा था। इस आयोजन में शहर के युवाओं को बुलाया गया था। फार्म में DJ लगाकर शराब और कबाब के साथ युवक मस्ती कर रहे थे। वहीं, पार्टी में शामिल होने के लिए शहर के रसूखदार युवक नेशनल हाईवे पर कारों का काफिला लगाकर सड़क जाम कर दिए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की बदमाशों के इस काफिले से नेशनल हाईवे जाम हो गया था। पीछे चल रही गाड़ियों के कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। सभी गाड़ियों को जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। 18 युवकों के खिलाफ होगी कार्रवाई पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी कार को जब्त कर 18 युवकों को गिरफ्तार किया गया। एडिशनल एसपी अर्चना झा ने बताया कि पुलिस ने सभी कार को जब्त किया है। साथ ही कार सवार 18 युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

देर से गर्भपात के नियम स्पष्ट: 22 हफ्ते बाद अबॉर्शन पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 30 वर्षीय महिला को 22 हफ्तों की प्रेग्नेंसी को खत्म करने का आदेश दिया है. हालांकि, ऐसा हर महिला के साथ संभव नहीं है. इसके अलावा, भारतीय कानून के मुताबित, 22 हफ्ते की प्रेग्नेंसी को खत्म करने के लिए भी कोर्ट की मंजूरी चाहिए होती है. ऐसे में क्यों महिला को बिना किसी मौजूदा कारणों के बाद गर्भपात की मंजूरी दी गई? चलिए जानते हैं पूरी बात. किस मामले में सुनाया यह फैसला? दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट मे एक 30 वर्षीय महिला के केस की सुनवाई चल रही थी. महिला अपने बॉयफ्रेंड के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रही थी. उस दौरान वह दो बार प्रेग्नेंट हुई थी. पहली बार भी उसे अपने पार्टनर द्वारा बहलाये जाने के बाद गर्भनिरोधक गोलियों से अबॉर्शन किया. मगर दूसरी बार जब वह फिर गर्भवती हुई तो अब लंबे समय की प्रेग्नेंसी थी. हालांकि, महिला ने पहले ही बच्चे को गिराने से इंकार किया था लेकिन पार्टनर ने उसे जबरदस्ती मेडिकल अबॉर्शन करने के लिए कहा. दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस की टिपण्णी पार्टनर की बात न मानने पर उसके साथ मारपीट की गई और प्रताड़ित किया गया. इसके बाद महिला ने FIR कर केस दर्ज करवाया था. इस पर दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस रविंद्र डुडेजा ने स्पष्ट कहा है कि गर्भावस्था को जारी रखना पीड़िता की तकलीफों को बढ़ाना होगा. दरअसल, महिला को शादी का झूठा वादा किया गया था. मगर अब ऐसा नहीं होगा तो गर्भावस्था को जारी रखना युवती के लिए कठिन हो सकता है. किस संदर्भ में दिया गया फैसला? जस्टिस ने यह फैसला महिला को और कष्ट न पहुंचाने और सामाजिक कलंक से बचाने के लिए सुनाया था. पीड़ित महिला को पहले से ही आरोपी मित्र से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था और कोर्ट भी उसकी मनोस्थिति को नहीं समझेगा तो उसके लिए मुश्किल आ सकती है. कोर्ट ने महिला को एम्स में गर्भपात करवाने की अनुमति दे दी है. क्या है यह नियम और कब महिला को ऐसे अधिकार मिलते हैं? भारतीय कानून में यह नियम नया नहीं है. इस नियम को साल 1970 में ही लागू कर दिया गया था, जिसमें 20 हफ्ते के भ्रूण को गिराने का प्रावधान है लेकिन कुछ विशेष मामलों में. इसे MTP Act, 1971 कहते हैं. इसमें लीगल अबॉर्शन प्रोसेस के बारे में बताया जाता है. इसे साल 2021 में बदला गया जिसके बाद 24 हफ्तों तक गर्भपात करने की अनुमति दी जाती है. मगर विशेष परिस्थितियों में. एक्ट के मुताबिक, शादीशुदा और अविवाहित महिलाओं के बीच अब कोई फर्क नहीं रखा गया है. दोनों को समान अधिकार हैं. रेप सर्वाइवर, नाबालिग, विकलांग महिलाओं को 24 हफ्ते तक गर्भपात का अधिकार दिया गया है. इस केस में भी मामला यौन शोषण से जुड़ा था. इसलिए, गर्भपात की अनुमती दी गई है.

सोशल मीडिया सेंसेशन बना ट्रैफिक कॉप रंजीत, अब वायरल चैट के चलते हुआ लाइन अटैच

इंदौर अपने खास अंदाज में शहर का ट्रैफिक संभालने वाले डांसिंग कॉप रंजीत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. एक महिला से सोशल मीडिया चैट के चक्कर में इंदौर पुलिस ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है. वायरल चैट के मुताबिक ट्रैफिक कॉप रंजीत का कसूर ये था कि उन्होंने अपनी एक फॉलोअर को इंदौर आने का ऑफर दिया था. कथित तौर पर रंजीत ने अपनी फॉलोअर को एयर टिकट भेजने और होटल में रुकवाने का भी ऑफर दिया था. यह ऑफर महिला को इतना नागवार गुजरा कि उसने रंजीत सिंह के साथ हुई अपनी चैट वायरल कर दी. डांसिंग कॉप ने इसे बताया बदनाम करने की साजिश महिला द्वारा चैट वायरल किए जाने के बाद रंजीत ने अपने बचाव में कहा कि युवती उसे बदनाम करने के लिए उन मैसेज का दुरुपयोग कर ही है. रंजीत ने बताया कि वह कई साल पुराने चैट हैं. इस मामले में दोनों के वीडियो सामने आने के बाद इंदौर पुलिस ने ट्रैफिक कॉप रंजीत को लाइन अटैच कर दिया है लेकिन महिला अब भी रंजीत को बख्शने को तैयार नहीं है. महिला ने फिर वीडियो जारी कर रंजीत को चेतावनी दी है. ट्रैफिक जागरुकता और डांसिंग स्टाइल के लिए फेमस हैं रंजीत गौरतलब है इंदौर के ट्रैफिक कॉप रंजीत सिंह अपनी अनोखी स्टाइल में ट्रैफिक ड्यूटी निभाने और डांस मूव्स के लिए फेमस हैं. वे अपने अनोखे अंदाज के जरिए ट्रैफिक जागरुकता फैलाने के कारण इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पहचान बना चुके हैं. सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं. इस बीच एक महिला द्वारा लगाए गए आरोप से रंजीत पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए यह तक आरोप लगाया दिया कि रंजीत ने उसे होटल में मिलने के लिए एप्रोच किया था. पुलिस कमिश्नर ने किया लाइन अटैच रंजीत का कहना है कि महिला द्वारा जिन संदेशों का जिक्र किया जा रहा है, वे कई साल पुराने हैं और उन्हें गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि वीडियो और आरोप झूठे हैं व उनका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना है. दोनों पक्षों के वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया और गुरुवार को पुलिस कमिश्नर ने तत्काल प्रभाव से रंजीत सिंह को लाइन अटैच करने का आदेश जारी कर दिया है. साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि महिला की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. इधर संबंधित महिला ने गुरुवार को फिर अपनी ओर से वीडियो जारी करते हुए रंजीत के आरोपों का जमकर खंडन किया. महिला ने इसके साथ ही रंजीत के पुराने मैसेज भी सार्वजनिक करने की चेतावनी भी दी है. वहीं, इंदौर पुलिस के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडौतिया ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, '' सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो और समाचार माध्यमों से मिला जानकारी के आधार पर ट्रैफिक प्रधान आरक्षक रंजीत सिंह को अमर्यादित व्यवहार के लिए लाइन अटैच किया गया है.''  

रायपुर : प्रदेश में अब तक 1033.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1033.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1469.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 494.6 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 900.0 मि.मी., बलौदाबाजार में 752.5 मि.मी., गरियाबंद में 904.6 मि.मी., महासमुंद में 733.3 मि.मी. और धमतरी में 933.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1083.9 मि.मी., मुंगेली में 1047.9 मि.मी., रायगढ़ में 1257.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 901.8 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1234.0 मि.मी., सक्ती में 1125.7 मि.मी., कोरबा में 1053.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1004.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 796.1 मि.मी., कबीरधाम में 751.5 मि.मी., राजनांदगांव में 870.7 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1242.8 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 753.6 मि.मी. और बालोद में 1080.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 733.8 मि.मी., सूरजपुर में 1099.0 मि.मी जशपुर में 1011.1 मि.मी., कोरिया में 1168.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1052.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1406.6 कोंडागांव जिले में 954.7 मि.मी., कांकेर में 1149.3 मि.मी., नारायणपुर में 1239.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1379.3 मि.मी., सुकमा में 1088.9 मि.मी. और बीजापुर में 1415.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।