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छात्राओं के स्वास्थ्य पर जोर: सरोजनी नायडू महाविद्यालय में हुआ बड़ा हेल्थ चेकअप कैंप

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सरोजनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय भोपाल में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार” अभियान का मूल किशोरियों और युवतियों का संपूर्ण स्वास्थ्य है। स्वस्थ परिवार की आधारशिला महिलाओं का स्वास्थ्य है। उन्होंने कहा कि हीमोग्लोबिन जांच, पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाकर जीवन के लक्ष्यों को सहजता से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में जाकर नियमित स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएँ, जहाँ जांच, परामर्श और उपचार निःशुल्क उपलब्ध है। स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत सरोजनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय भोपाल में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 4,518 छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही, विषय विशेषज्ञों ने छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गयीं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने छात्राओं से कहा कि अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को छुपाने से वे और गंभीर हो सकती हैं। इसलिए बेझिझक होकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं या संस्थाओं से परामर्श लेना चाहिए। विधायक भगवानदास सबनानी, माननीय महापौर श्रीमती मालती राय, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना सहित स्वास्थ्य विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में हीमोग्लोबिन, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सिकल सेल स्क्रीनिंग, क्षय रोग तथा नेत्र रोग की जांच कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया गया। छात्राओं ने ‘खुल के पूछो’ कार्यक्रम में पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, त्वचा व सौंदर्य संबंधी प्रश्न पूछे जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया। स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के अंतर्गत स्वास्थ्य खेल, जुम्बा सत्र (थोड़ी सेहत, थोड़ी मस्ती) का आयोजन किया गया। कई छात्राओं ने स्वैच्छिक रक्तदान भी किया। शिविर में आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ आईडी एवं आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। कुल 439 आभा और आयुष्मान कार्ड बनाए गए, 459 छात्राओं का दंत परीक्षण, 152 को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, 381 को आयुष एवं पोषण सेवाएँ तथा 120 की सिकल सेल टेस्टिंग की गई। साथ ही, 20 यूनिट रक्तदान भी हुआ।  

दुनिया को चौंकाने वाला दान: लैरी एलिसन देंगे 31.24 लाख करोड़, 15 साल पहले ली थी संकल्प

न्यूयॉर्क  दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्‍यक्ति और ओरैकल के फाउंडर लैरी एलिसन ने अपनी कुल संपत्ति का 95 फीसदी दान करने की बात कही है. एलिसन फिलहाल टेस्‍ला के सीईओ एलन मस्‍क के बाद दूसरे सबसे अमीर आदमी हैं. ब्‍लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्‍स के मुताबिक, एलिसन के पास सितंबर, 2025 तक करीब 373 अरब डॉलर की संपत्ति थी. इस लिहाज से अगर देखा जाए तो इसका 95 फीसदी यानी 31 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की संपत्ति वे दान करने वाले हैं. एलिसन की संपत्ति में सबसे ज्‍यादा उछाल ओरैकल के एआई मॉडल की ग्रोथ के बाद आया है, जिसकी वजह से ओरैकल के स्‍टॉक में जबरदस्‍त उछाल दिखा है. एलिसन ने साल 2010 में ही अपनी कुल संपत्ति का 95 फीसदी दान करने की बात कही थी. उनकी संपत्ति में सबसे बड़‍ी हिस्‍सेदारी ओरैकल की इक्विटी में 41 फीसदी भागीदारी के रूप में आती है. सितंबर, 2025 तक एलिसन के पास 373 अरब डॉलर की संपत्ति रही है. उन्‍होंने टेस्‍ला में भी बड़ा निवेश किया हुआ है. कहां दान करते हैं अपना पैसा एलिसन पहले से ही अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्‍सा दान करते आए हैं, जो ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक गैर लाभकारी संगठन एलिसन इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी के जरिये किया जाता रहा है. यह संस्‍थान दुनियाभर में हेल्‍थकेयर, खाने की कमी, क्‍लाइमेट में बदलाव और एआई रिसर्च के लिए फंडिंग करता है. इस संस्‍थान का नया कैंपस साल 2027 में खुलने वाला है, जिसकी वैल्‍यू करीब 1.3 अरब डॉलर की होगी. इससे पहले एलिसन ने 20 करोड़ डॉलर का दान यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया को कैंसर रिसर्च सेंटर स्‍थापित करने के लिए दिया था. इसके अलावा 1 अरब डॉलर का दान एलिसन मेडिकल फाउंडेशन को भी दिया था. मुश्किल प्रोजेक्‍ट पर कर रहे काम  एलिसन ने पिदले साल साइंटिस्‍ट जॉन बेल को अपने रिसर्च सेंटर की अगुवाई के लिए नियुक्‍त किया था. लेकिन, पिछले अगस्‍त में उन्‍होंने कहा कि यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के पूर्व प्रेसिडेंट सैंटा ओनो को हायर किया है, जो बेल के साथ मिलकर काम करते. इसके दो सप्‍ताह बाद ही बेल ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया. उनका कहना था कि यह बहुत मुश्किल प्रोजेक्‍ट है और इस पर काम नहीं किया जा सकता है. कोड लिखने से की थी करियर की शुरुआत एलिसन ने यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस से पढ़ाई समाप्‍त करने के बाद डाटाबेस कोड लिखने से अपने करियर की शुरुआत की थी. साल 1977 में उन्‍होंने बतौर सह-संस्‍थापक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लैबोरेटरीज की स्‍थापना की, जो बाद में ओरैकल के नाम से जानी गई. साल 2014 तक वह ओरैकल के सीईओ रहे. इसके बाद एग्‍जीक्‍यूटिव चेयरमैन और सीटीओ के पद पर काम किया. एलिसन के पास इस कंपनी के अलावा भी कई और निवेश हैं. उन्‍होंने हवाई द्वीप का करीब 98 फीसदी हिस्‍सा खरीद रखा है.

व्यावहारिक ज्योतिर्विज्ञान डिप्लोमा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि: 30 अक्टूबर

भोपाल  स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान एक वर्षीय व्यवहारिक ज्योतिर्विज्ञान (ज्योतिष) और व्यावहारिक वास्तु शास्त्र डिप्लोमा कोर्स शुरू कर रहा है। डिप्लोमा के लिये एमपी ऑनलाइन के माध्यम से 25 सितंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। आवेदन 30 अक्टूबर 2025 तक किये जा सकेंगे। इसके लिये न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता माध्यमिक शिक्षा मंडल अथवा मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कक्षाएं एक नवम्बर 2025 से ऑनलाइन प्रारंभ की जायेंगी। ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से ज्योतिर्विज्ञान कक्षाओं का संचालन सप्ताह में 3 दिवस सोमवार, बुधवार, शुक्रवार एवं व्यावहारिक वास्तु शास्त्र कक्षाओं का संचालन सप्ताह में 3 दिवस मंगलवार, गुरूवार, शनिवार को किया जायेगा। ऑनलाइन कक्षाओं का केन्द्र महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल के सेकण्ड स्टॉप स्थित संस्कृत भवन रहेगा। पाठ्यक्रम से संबंधित नियम तैयार कर लिये गये हैं। पाठ्यक्रम विवरण, प्रश्न पत्र एवं अन्य जानकारी संस्थान की वेबसाइट https://www.mpssbhopal.org पर उपलब्ध हैं।  

राजस्थान को विकास की रफ्तार, पीएम मोदी ने दी 1.22 लाख करोड़ की परियोजनाएं, युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

बांसवाड़ा राजस्थान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सौगात दी है. पीएम मोदी ने बांसवाड़ा में केंद्र और राज्य सरकार की 1,22,100 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. साथ ही 15000 से अधिक नियुक्ति पत्र भी बांटा.  प्रधानमंत्री मोदी ने तीन ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाया.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बांसवाड़ा में 1,22,100 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. साथ ही उन्होंने राजस्थान के सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त युवाओं को 15,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए. इनमें 5770 से अधिक पशु परिचारक, 4190 कनिष्ठ सहायक, 1800 कनिष्ठ प्रशिक्षक, 1460 कनिष्ठ अभियंता, 1200 तृतीय श्रेणी लेवल-2 शिक्षक आदि शामिल हैं. पीएम मोदी ने तीन ट्रेनों को भी दिखाई हरी झंडी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान दौरे में तीन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई. जिसमें बीकानेर और दिल्ली कैंट के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन, जोधपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन और दिल्ली कैंट और उदयपुर सिटी-चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं. 90,000 करोड़ रुपये की बिजली परियोजनाओं का शुभारंभ किया : पीएम मोदी बांसवाड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “नवरात्रि के दौरान शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है. और आज ‘ऊर्जा शक्ति’, यानी बिजली उत्पादन से जुड़ा एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. भारत की बिजली उत्पादन क्षमताओं का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है… आज 90,000 करोड़ रुपये की बिजली परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया… हर राज्य को महत्व दिया जा रहा है.” कांग्रेस के समय बिजली गई ,खबर नहीं थी, आई वो खबर थी : पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला. कहा, “कांग्रेस ने कभी बिजली के महत्व पर ध्यान नहीं दिया. 2014 में जब मुझे सेवा करने का मौका मिला, तब देश में 2.5 करोड़ घर ऐसे थे जिनमें बिजली का कनेक्शन नहीं था. आजादी के 70 साल बाद भी 18,000 गांवों में बिजली के खंभे नहीं थे. बड़े शहरों में घंटों बिजली कटौती होती थी. गांवों में 4-5 घंटे बिजली आने पर जश्न मनाया जाता था. लोग मजाक करते थे, “हमारे यहां बिजली गई वो खबर नहीं है. बिजली आई, वो खबर है…” लोग एक-दूसरे को बधाई देते थे जब उनके यहां एक घंटे के लिए बिजली आती थी… 2014 में हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने का फैसला किया… हमने भारत के हर गांव में बिजली पहुंचाई. हमने 2.5 करोड़ घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए.” हमारी सरकार कांग्रेस के भ्रष्टाचार से मिले घावों पर मरहम लगा रही : पीएम मोदी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारी सरकार कांग्रेस के भ्रष्टाचार से मिले घावों पर मरहम लगा रही है. कांग्रेस सरकार में राजस्थान पेपर लीक का अड्डा बन गया था. जल जीवन मिशन भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया. महिलाओं के खिलाफ अपराध चरम पर थे. बलात्कारियों को संरक्षण दिया जा रहा था. बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जैसे क्षेत्रों में अपराध और अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा था. लेकिन जब भाजपा को मौका मिला, तो हमने कानून-व्यवस्था को मजबूत किया. नई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं.”

डब्ल्यूबीएम रोड निर्माण में मिली अनियमितता, भिण्ड प्रशासन ने किया कड़ा एक्शन

 भिण्ड नगर पालिका भिण्ड में डब्ल्यूबीएम (WBM) रोड के निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत लोकायुक्त के माध्यम से नगरीय विकास एवं आवास विभाग को प्राप्त हुई थी। इस शिकायत के आधार पर विभाग द्वारा अधीक्षण यंत्री स्तर पर एक जांच समिति गठित की गई। जांच समिति की रिपोर्ट में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री हरीश बाबू शाक्यवार, तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेन्द्र तिवारी तथा उपयंत्री अमित कुमार शर्मा को दोषी पाया गया है। दोष सिद्ध होने पर हरीश बाबू शाक्यवार एवं वीरेन्द्र तिवारी की आगामी एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है। उपयंत्री अमित कुमार शर्मा मूलत: नगर निगम मुरैना के कर्मचारी है अतएव उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के लिये आयुक्त नगरीय प्रशासन  संकेत भोंडवे द्वारा आयुक्त नगर निगम मुरैना को निर्देशित किया गया है। आयुक्त  भोंडवे ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये विभाग निरंतर सक्रिय है। स्थानीय निकायों में किसी भी स्तर पर अनियमितता की शिकायत मिलने पर दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।  

रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आंगनबाड़ी सुविधाओं का विकास, 10 नए भवन बनेंगे

रायपुर  दक्षिण विधानसभा में 10 नए आधुनिक आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएंगे। इसके पश्चात अन्य वार्डों में भी आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने हैं। शासन से प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। यह बात दक्षिण विधानसभा के भाजपा विधायक सुनील सोनी ने कही। हमारा रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र विकास की नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। क्षेत्र में लगातार ऐसे विकास कार्य हो रहे हैं, जिससे सीधे आमजन को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के ब्राह्मणपारा वार्ड और महंत लक्ष्मीनारायण दास वार्ड, पुरानी बस्ती में आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए 23,38000 रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके लिए उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम लगातार समस्याओं के समाधान और सुविधाओं के विस्तार के साथ क्षेत्र के चहुंमुखी विकास की दिशा में कार्य कर रहे हैं जिससे क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। इसी प्रकार आगे बढ़ते हुए हम निश्चित ही एक विकसित विधानसभा क्षेत्र के निर्माण में सफल होंगे।

कर्मचारियों को बड़ी राहत: जनवरी से ATM के ज़रिए मिलेगी PF की सुविधा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) के मेंबर्स के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है. ईपीएफओ जनवरी 2026 से एटीएम से पैसा निकालने की सर्विस शुरू कर सकता है. खबरों के मुताबिक, ईपीएफओ की सर्वोच निर्णय लेने वाली संस्‍था CBT अक्‍टूबर के दूसरे सप्‍ताह में होने वाली अपनी आगामी बोर्ड बैठक में ATM से पैसे निकालने की सुविधा को मंजूरी दे सकती है.  ATM से पैसा निकालने की सुविधा से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी. उन्‍हें पैसा निकालने के लिए किसी तरह के ऑनलाइन क्‍लेम की आवश्‍यकता नहीं पड़ेगी. साथ ही लंबे इंतजार की भी जरूरत खत्‍म हो जाएगी. कर्मचारी सीधे एटीएम ब्रांच जाकर ATM से पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं.   सीबीटी के एक सदस्य ने मनीकंट्रोल को बताया कि हमें पता चला है कि ईपीएफओ का आईटी ढांचा ATM जैसे ट्रांजेक्‍शन की अनुमति देने के लिए तैयार है. उन्होंने आगे कहा कि एटीएम से पैसे निकालने की एक सीमा होगी, लेकिन इस पर चर्चा होनी बाकी है.  मंत्रालय ने आरबीआई से की बात  लेबर मिनिस्‍ट्री के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने ईपीएफओ एटीएम की सुविधा शुरू करने के लिए बैंकों के साथ-साथ, RBI से भी बात की है. अधिकारी ने कहा कि एटीएम सुविधा को एक जरूरत के तौर पर देखा जा रहा है, क्‍योंकि सरकार लोगों को उनके पीएफ अकाउंट तक ज्‍यादा पहुंच देना चाहती है.  ईपीएफओ के पास कुल 28 लाख करोड़ ईपीएफओ के तहत अभी 7.8 करोड़ लोग रजिस्‍टर्ड हैं, जिन्‍होंने मिलकर EPFO के पास 28 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा डिपॉजिट किया है. 2014 में यह आंकड़ा- 7.4 लाख करोड़ रुपये और 3.3 करोड़ था.  PF विड्रॉल के लिए जारी होगा कार्ड  सूत्रों ने बताया कि संभावना है कि EPFO अपने सदस्यों को एक विशेष कार्ड जारी करेगा, जिससे वे ATM से अपनी राशि का एक हिस्सा निकाल सकेंगे. इस साल की शुरुआत में EPFO ने कस्‍टमर्स के लिए पैसे की उपलब्‍धता को आसान बनाने के लिए ऑटोमैटिव क्‍लेम सेटलमेंट अमाउंट को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया था. इस प्रॉसेस के तहत ऑटोमैटिक सिस्‍टम क्‍लेम की पात्रता की पुष्टि के लिए डिजिटल जांच और एल्‍गोरिदम के एक सेट का उपयोग करती है. पूरी प्रक्रिया सिस्टम-संचालित है और सदस्य के केवाईसी विवरण पर आधारित है.  विशेषज्ञों का कहना है कि ATM के माध्यम से ईपीएफओ फंड विड्रॉल की अनुमति देने से सदस्यों के लिए धन तक पहुंच अधिक सुविधाजनक हो जाएगी. खासतौर से इमरजेंसी के समय में, क्योंकि वर्तमान में विड्रॉल में अक्सर प्रक्रियागत देरी और कागजी कार्रवाई शामिल होती है. 

मध्य प्रदेश: तेज रफ्तार ने ली 14 हजार से ज्यादा जानें, ग्रामीण क्षेत्रों में दोगुनी मौतें

भोपाल  मध्य प्रदेश में तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों पर अंकुश लगाया जाए तो हर साल 10 हजार से अधिक लोगों की जान बच सकती है। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 75 प्रतिशत मामले तेज रफ्तार के रहे। पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरआई) के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2024 में 14 हजार 791 लोगों की मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं में हुई है, जबकि 2023 से 13 हजार 798 लोगों की जान चली गई थी।ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर हुई मौतों की संख्या शहरी क्षेत्र की तुलना में दोगुना से भी अधिक है। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर दुर्घटनाओं से लगभग नौ हजार लोगों की मौत हुई है। पिछले चार वर्ष से यह संख्या आठ हजार से नौ हजार के बीच है। इसका कारण यह है कि भीड़ नहीं होने के कारण लोग तेज गति से वाहन चलाते हैं। दूसरा यह की सड़कों पर संरक्षा (सेफ्टी) मापदंडों का पालन भी ठीक से नहीं हो पाता। अंधेरा, अंधा मोड़, संकरी सड़क जैसे ब्लैक स्पाट भी यहां दुर्घटनाओं की वजह बनते हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कुल मौतों में शराब पीकर और मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने के कारण 500 से अधिक लोगों की मौत हुई है। पुलिस मुख्यालय अब इस रिपोर्ट के आधार पर सभी जिलों और संबंधित एजेंसियों को दुर्घटनाएं रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित करने जा रहा है। ये है दुर्घटनाओं की बड़ी वजह     मध्य प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस का अमला मात्र साढ़े तीन हजार है, जबकि जिस तरह से वाहनों की संख्या बढ़ रही है उससे इसका दोगुना पुलिस बल चाहिए।     मध्य प्रदेश में ब्लैक स्पाट यानी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की संख्या घटने की जगह बढ़ रही है। इनकी संख्या 400 से अधिक है। स्थायी तौर पर इस समस्या को हल करने के लिए जिम्मेदार एजेंसिया रुचि नहीं ले रही हैं। पुलिस की चेकिंग के दौरान चालान की कार्रवाई में सबसे अधिक ध्यान हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों पर रहता है। दोनों को मिला लें तो प्रतिवर्ष आंकड़ा औसत 10 लाख के ऊपर रहता है, जबकि तेज गति से वाहन चलाने वालों में 50 हजार के विरुद्ध भी कार्रवाई नहीं होती। वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी     यह सही है कि सड़क हादसों की बड़ी वजह तेज गति से वाहन चलाना है। सभी को गति सीमा का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सड़कें बेहतर होने से रफ्तार भी बढ़ी है। दुर्घटनाएं रोकने के लिए विशेष अभियान चलाकर भी यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। – शाहिद अबसार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पीटीआरआई)।  

आयुर्वेद से नई उम्मीद: मध्य प्रदेश में ओजोन थेरेपी से होगा कैंसर पीड़ितों का इलाज आसान

भोपाल  कैंसर रोगियों को आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रेडिएशन से होने वाली पीड़ा कम करने के लिए आयुर्वेद चिकित्सकों ने ओजोन थेरेपी की शुरुआत की है। इंदौर के आयुर्वेद शासकीय अस्तपताल में प्रयोग के तौर पर यह थेरेपी शुरू कर दी गई है। इसके सकारात्मक परिणाम देख प्रदेश भर के शासकीय आयुर्वेद अस्पतालों में शुरू करने की तैयारी है। दरअसल आयुष मंत्रालय ने ही इस तरह की थेरेपी का सुझाव दिया था, जिसके बाद इसे शुरू किया गया है। आयुर्वेद में ओजोन थेरेपी नई प्रक्रिया है, जिसे पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के संतुलित मेल से विकसित किया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह प्रक्रिया शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाकर कैंसर कोशिकाओं को कमजोर करती है। वहीं शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर शरीर को बीमारी से लड़ने के लिए तैयार करती है। इसमें आयुर्वेदिक औषधियों का ही इस्तेमाल होता है। एक महीने पहले इंदौर के शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय अस्पताल में प्रायोगिक तौर पर इसे शुरू किया गया था। 50 रोगियों पर हुआ इसका प्रयोग 50 रोगियों पर इसका प्रयोग हुआ। उनमें दर्द, सूजन में कमी और जीवन स्तर में सुधार दिखा है। उसके बाद इसे कारुण्य कार्यक्रम में शामिल किया गया है, जो कैंसर, अल्जाइमर और पार्किंसन जैसे रोगों में सहायक उपचार के लिए वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के इस्तेमाल के लिए है। अधिकारियों का कहना है कि इसी महीने से भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय अस्पताल में इसकी सुविधा मिलने लगेगी। उसके बाद प्रदेश के सभी सात शासकीय आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों में इसकी सुविधा मिलेगी। ऐसे काम करती है ओजोन थेरेपी विशेषज्ञों के मुताबिक ओजोन ऑक्सीजन का सक्रिय रूप है। इसे शरीर में अलग-अलग तरीकों से पहुंचाया जाता है। इसे अंतःशिरा (आईवी), इंजेक्शन, ऑटोहेमोथेरेपी, ओजोन साना और ओजोनेटेड तेल या पानी का उपयोग कर शरीर में पहुंचाया जाता है। इसका असर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, संक्रामक तत्वों को रोकने, दर्द और सूजन कम करने तथा कोशिकाओं के पुनर्जन्म को बढ़ावा देने में दिखता है। दूसरी बीमारियों में भी उपयोगी कैंसर के अलावा ओजोन थेरेपी का प्रयोग गठिया, घुटनों और कमर दर्द, त्वचा रोग, मधुमेह, हृदय रोग और घाव भरने की प्रक्रिया में भी कारगर पाया गया है। इंदौर में शुरू किया गया है उपचार     ओजोन थेरेपी से कैंसर के मरीजों का उपचार इंदौर में शुरू किया गया है। प्रयास है कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी प्रमुख आयुर्वेद अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। हम भी इसकी तैयारी कर रहे हैं। – डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल।  

पेमेंट का नया दौर: QR कोड की छुट्टी, अब अंगूठा लगाएंगे और हो जाएगा भुगतान

नई दिल्ली भारत में कई लोगों को स्मार्टफोन से QR Code स्कैन करके UPI पेमेंट करते हुए देखा होगा, लेकिन जिनके पास मोबाइल ना हो वे क्या करें. ऐसे ही लोगों के लिए अब Proxgy स्टार्टअप ने ThumbPay नाम का प्रोडक्ट अनवील किया है, जो बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन की मदद से पेमेंट करने की सुविधा देता है. यानी आप सिर्फ अंगूठा लगाकर दुकान, पेट्रोल पंप और शोरूम आदि पर पेमेंट कर सकेंगे. यह सिस्टम आधार ऑथेंटिकेशन को UPI से कनेक्ट करता है. इसके लिए फोन, कार्ड या वॉलेट को कनेक्ट करने की जरूरत नहीं होगी. कस्टमर्स को पेमेंट करने के लिए सिर्फ डिवाइस पर अपना अंगूठा लगाना होगा.  ThumbPay में पेमेंट का प्रोसेस ?  ThumbPay से पेमेंट करने के लिए कस्टमर्स को डिवाइस पर अपना अंगूठा लगाना होगा, जिसके बाद उसकी स्कैनिंग होगी. आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम (AEPS) सिस्टम पहले अंगूठे की मदद से शख्स को वेरिफाई करेगा. ऑथेंटिकेशन कंप्लीट होने के बाद UPI सिस्टम बैंक टू बैंक पेमेंट कंप्लीट करेगा. इसके लिए कस्टमर्स को QR Code, स्मार्टफोन और कैश रखने की जरूरत नहीं होगी.  सिक्योरिटी और हाइजीन का भी रखा ध्यान कंपनी ने बताया है कि इस डिवाइस में सर्टिफाइड फिंगरप्रिंट स्कैनर लगाया है, जो फ्रॉड डिटेक्शन के साथ आता है. इसमें वेरिफिकेशन्स के लिए एक छोटा कैमरा भी दिया है. इसमें हाइजीन के लिए UV स्टेरेलाइजेशन भी दिया जाता है.  ThumbPay में QR कोड और NFC पेमेंट का सपोर्ट डिवाइस को और बेहतर बनाने के लिए इसमें QR कोड और NFC पेमेंट का सपोर्ट दिया है. UPI साउंडबॉक्स और 4G का सपोर्ट मिलेगा. इसमें वाईफाई कनेक्शन की भी सुविधा है.   ThumbPay की कीमत ThumbPay की कीमत करीब 2 हजार रुपये है. यह बैटरी पावर के साथ भी काम कर सकेगा, जिसकी मदद से इसे बड़े शोरूम, छोटी दुकानों और गांवों की दुकानों में भी यूज किया जा सकेगा.  असल में यह आधार से कनेक्टेड बैंक खाते से सीधे जुड़ता है. इसके बाद कोई भी शख्स जिसका आधार कार्ड से बैंक अकाउंट लिंक है, वो इस डिवाइस पर अपना अंगूठा लगाकर कर पेमेंट कर सकते हैं.  दुकान वालों के लिए कब से होगा उपलब्ध  जानकारी के मुताबिक, इस डिवाइस ने पायलट ट्रायल को कंप्लीट कर लिया है. अब इसको UIDAI और NPCI की तरफ से कंप्लाइंस चेक मिलना है. एक बार सिक्योरिटी का अप्रूवल मिलने के बाद Proxgy इसे स्टेप बाई स्टेप तरीके से डिस्ट्रीब्यूट करेगी.