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जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान, नून नदी को पुनर्जीवित कर पेश की अनूठी मिसाल

जालौन  बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित जालौन जिले का नाम अब राष्ट्रीय स्तर पर रोशन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुए जल संरक्षण कार्यों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने पर जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को केंद्र सरकार सम्मानित करने जा रही है। दरअसल, डीएम राजेश कुमार पांडेय ने जल संकट से जूझते बुंदेलखंड में जन भागीदारी आंदोलन के माध्यम से न केवल जल संरक्षण का अनूठा मॉडल विकसित किया, बल्कि जिले के लोगों को भी इस मुहिम से जोड़ा। उनकी पहल पर कोंच तहसील के ग्राम सतोह से उद्गमित 83 किलोमीटर लंबी नून नदी को पुनर्जीवित किया गया। यह नदी वर्षों से सूखी और उपेक्षित थी, लेकिन प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयास से इसमें फिर से जलधारा बहने लगी। इसके अलावा उनके द्वारा चेकडैम, रैन हार्वेसिंग को लेकर भी बेहतरीन काम किया, जिससे पानी की बचत हुई। नून नदी पुनर्जीवन बना मिसाल डीएम राजेश कुमार पांडेय के नेतृत्व में चले अभियान के दौरान नून नदी की सफाई, गहरीकरण, तटबंधों का निर्माण और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य कराया गया। इसमें गांव-गांव के लोगों को शामिल किया गया और इसे पूरी तरह जन आंदोलन का रूप दिया गया। इस प्रयास ने न केवल इलाके के जल संकट को काफी हद तक दूर किया बल्कि खेती और पेयजल की समस्या भी कम हुई। राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान जालौन का यह मॉडल इतना प्रभावी साबित हुआ कि उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की टीमों ने भी इसका स्थलीय निरीक्षण किया और इसे देशभर के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना। नतीजतन, JSJB 1.0 Award to Best Districts के तहत जालौन जिले का चयन किया गया। इस सम्मान के तहत जालौन को ₹2 करोड़ की पुरस्कार राशि दी जाएगी। साथ ही जिले के डीएम राजेश कुमार पांडेय को औपचारिक समारोह में दिल्ली बुलाकर सम्मानित किया जाएगा। यूपी के अन्य जिले भी होंगे सम्मानित जालौन के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और वाराणसी को भी ₹2-2 करोड़ की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा, जबकि चित्रकूट को ₹1 करोड़ का अवॉर्ड दिया जाएगा। अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ के बलौद, राजनांदगांव और रायपुर, तेलंगाना के आदिलाबाद, नलगोंडा और मंचेरियल, मध्यप्रदेश के ईस्ट निमाड़, राजस्थान के भीलवाड़ा व बाड़मेर, त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिलों का भी चयन हुआ है। प्रेरणा बनी जालौन की उपलब्धि यह उपलब्धि साबित करती है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनता की भागीदारी से किसी भी बड़े संकट का समाधान निकाला जा सकता है। जालौन में नून नदी का पुनर्जीवन न सिर्फ जिले बल्कि पूरे बुंदेलखंड के लिए नई उम्मीद की किरण है। डीएम राजेश कुमार पांडेय का यह प्रयास आने वाले समय में देशभर के लिए जल संरक्षण का सफल मॉडल बनेगा।

सीएम योगी के मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस ने भटके लोगों को परिजनों से मिलवाया

मिशन शक्ति 5.0  योगी सरकार की पुलिस ने तीन दिन में खोए 12 लोगों को अपनों से मिलाया, खिले चेहरे सीएम योगी के मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस ने भटके लोगों को परिजनों से मिलवाया महज तीन दिन में बिछड़े एक दर्जन लोग अपनों को पा कर पुलिस का किया धन्यवाद लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश भर में चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत पिछले तीन दिनों में 12 (गुमशुदा, भटके) बच्चे, बालिकाओं और महिलाओं को बरामद किया गया। वहीं सभी को पुलिस ने गुमशुदा को परिजनों को सौंपा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। भटके बच्चे मिले तो खिल उठे परिजनों के चेहरे डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश में पूरे प्रदेश में मिशन शक्ति 5.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत गुमशुदा लोगों की बरामदगी के लिये सर्च ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान लखनऊ के जानकीपुरम में 3 वर्ष की एक बच्ची को उनके परिजनों को सौंपी। इसी तरह अमरोहा के थाना गजरौला में एक बच्चे, बरेली थाना के भमोरा के गाँव खेड़ा की 6 वर्षीय बच्ची, बलरामपुर के थाना रेहरा बाजार में भटकती एक बच्ची, पीलीभीत के थाना के काशीराम कॉलोनी से गायब एक एक बेटी और मुरादाबाद थाना नागफनी की पुलिस टीम को भ्रमण के दौरान रामलीला मैदान के पास एक गुमशुदा बच्चा पाया गया। बच्चा को परिजनों को सौंपा गया। मऊ में तीन नाबालिग बच्चियों को उनके परिजनों को सौंपा डीजीपी ने बताया कि बरेली के थाना हाफिजगंज के तहत एक बुजुर्ग महिला गुलशन, संतकबीरनगर के थाना धनघटा के तहत पीड़िता ज्ञानवती देवी पत्नी राहुल राव घरेलू वाद-विवाद और पैसों के लेन-देन को लेकर तनाव की स्थिति में अपने घर से अपनी छोटी बच्ची को लेकर विडहरघाट पुल पर चली गई। पीड़िता ने बच्ची को पुल पर छोड़कर खुद नदी में कूदने का प्रयास किया। पुलिस ने पीड़िता को समझा-बुझाकर नदी में कूदने से रोक लिया और सुरक्षित चौकी ले जाकर पीड़िता और बच्ची को परिजनों को सौंपा। बलिया के थाना बांसडीहरोड में परिजनों से नाराज होकर बिना बताये घर छोड़कर जा रही 2 नाबालिग लड़कियों को बरामद कर उनके परिजनों को सकुशल सुपुर्द किया गया। बस्ती के महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक डॉ शालिनी सिंह को एक महिला रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध अवस्था में महिला घूमती हुई मिली। महिला को परिजनों सौंपा गया। महराजगंज के थाना कोतवाली के अंतर्गत दो बेटियां उम्र 5 वर्ष व  उम्र 10 वर्ष, मऊ के थाना दोहरीघाट के अंतर्गत 3 नाबालिक बच्चियों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की बालिकाओं ने की बैंक शाखाओं का भ्रमण

नवरात्रि में दिखा ‘नारी शक्ति’ का अनोखा रूप, 1.91 लाख बालिकाओं ने सीखी बैंकिंग की बारीकियां   प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की बालिकाओं ने की बैंक शाखाओं का भ्रमण  छात्राओं को मिला बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल बैंकिंग का ज्ञान – बालिकाओं ने जाना छोटी-छोटी बचत ही है भविष्य में बड़े लाभ का आधार – शाखाओं में पहुंची बालिकाओं ने बैंक अधिकारियों के साथ संवाद कर शांत की अपनी जिज्ञासाएं – बेटियों के कल की आर्थिक सशक्तिकरण यात्रा की नींव बनी बैंक शाखाओं का भ्रमण: मोनिका रानी लखनऊ महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए चल रहे ‘मिशन शक्ति’ विशेष अभियान वर्ष 2025-26 के पांचवे चरण ने गुरुवार को एक नया इतिहास रचा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितम्बर को शुभारम्भ किए गए इस चरण के अंतर्गत गुरुवार को प्रदेशभर के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की कक्षा 6 से 8 की कुल 1.91 लाख बालिकाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न बैंक शाखाओं का भ्रमण किया। बता दें कि यह कार्यक्रम केवल एक भ्रमण नहीं रहा, बल्कि भविष्य की आत्मनिर्भर नारी शक्ति की सशक्त नींव रही, जहां छात्राओं को बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल बैंकिंग की बारीकियों से रूबरू कराया गया। ज्ञातव्य हो कि इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को बचत, बैंकिंग प्रक्रिया और डिजिटल सेवाओं से परिचित कराना था। छात्राओं को खाता खोलने की प्रक्रिया, पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही जमा-निकासी पर्ची भरने की विधि, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाओं का भी प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।  बचत और निवेश योजनाओं पर रहा फोकस इस दौरान बचत और निवेश योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया, जिससे छात्राएं समझ सकें कि छोटी-छोटी बचत भविष्य में बड़े लाभ का आधार बन सकती है। बैंक अधिकारियों ने उन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट और आवर्ती जमा जैसी बुनियादी निवेश योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही वित्तीय सुरक्षा और ऑनलाइन सतर्कता के उपाय भी समझाए गए, ताकि वे सुरक्षित तरीके से लेन-देन कर सकें। बेटियों में दिखा उत्साह, प्रश्न पूछ शान्त करती रहीं जिज्ञासाएं बैंक भ्रमण के दौरान बालिकाओं में गजब का उत्साह देखा गया। बैंक की शाखाओं में पहुंची बालिकाएं, बैंक अधिकारियों के साथ संवाद कर अपनी जिज्ञासाएं शान्त करती नजर आई। छात्राओं ने उनसे उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे। बैंक अधिकारियीं ने भी उनके प्रश्नों का उत्तर सरल भाषा में दिया। इस अनुभव ने न केवल उनके ज्ञान को समृद्ध किया बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाया। बैंक भ्रमण के दौरान सीखा – बचत खाता खोलने की प्रक्रिया क्या है और इसमें कौन-कौन से दस्तावेज लगते हैं। – पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड का उपयोग किस तरह से किया जाता है। – जमा और निकासी की पर्ची कैसे भरी जाती है और बैंकिंग लेन-देन की प्रणाली कैसे चलती है। – मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं कैसे काम करती हैं। – बचत और निवेश योजनाओं का महत्व और उनका दीर्घकालिक लाभ क्या है? – ऑनलाइन धोखाधड़ी और एटीएम सुरक्षा से संबंधित सावधानियां क्यों जरूरी हैं। नवरात्रि के पावन दिनों में 1.91 लाख बालिकाओं का बैंक भ्रमण के आयोजनन को केवल एक गतिविधि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह आने वाले कल की आर्थिक महिला सशक्तिकरण यात्रा की नींव है। मिशन शक्ति का उद्देश्य बेटियों को ज्ञान के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की शक्ति देना है और यह पहल उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

ट्रंप की घोषणा का असर: 5 बड़ी फार्मा कंपनियों के शेयर धड़ाम

मुंबई   डोनाल्‍ड ट्रंप ने गुरुवार देर रात फार्मा समेत कई सेक्‍टर पर टैरिफ का ऐलान कर दिया.फार्मा पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया है, जिसका असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है. भारतीय शेयर बाजार आज दबाव में कारोबार कर रहा है. सेंसेक्‍स 412.67 अंक गिरकर 80,747.01 पर है और निफ्टी 115 अंक गिरकर 24,776 पर कारोबार कर रहा है. वहीं फार्मा शेयर, जिनका अमेरिका में बड़ा एक्‍सपोजर है, आज बिखर गए. ट्रंप टैरिफ के ऐलान के बाद भारत के 5 फार्मा शेयर तेजी से बिखरे हैं, जिसमें अरबिंदो, ल्यूपिन, डीआरएल, सन और बायोकॉन शामिल हैं. Arvindo Pharma आज 1.91 फीसदी गिरकर 1,076 रुपये पर कारोबार कर रहा है. Lupin शेयर में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 1918.60 रुपये पर कारोबार कर रहा है. सन फार्मा के शेयर करीब 3.8 फीसदी टूटकर 1580 पर कारोबार कर रहा है. Cipla के शेयर में 2 फीसदी की गिरावट आई है. Strides Pharma Science 6 फीसदी, नैट्को फॉर्मा 5 फीसदी, बॉयोकॉन 4 फीसदी, ग्‍लैनफार्मा 3.7%, डिविलैब 3%, IPCA लैब 2.5% और Zydus life 2 % टूटे हैं. मैनकाइंड फार्मा में भी 3.30 फीसदी की गिरावट रही.  बीएसई टॉप 30 शेयरों की बात करें तो सबसे ज्‍यादा ग‍िरावट सनफार्मा के शेयर में 3.8 फीसदी की रही. इसके बाद इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एशियन पेंट्स जैसे 25 शेयर 2 फीसदी तक टूटे हैं. बाकी 5 शेयरों में तेजी है. भारी दबाव में ये सेक्‍टर्स टैरिफ ऐलान के बाद आज फार्मा सेक्‍टर में सबसे बड़ा दबाव दिखाई दे रहा है. यह सेक्‍टर 1.80  फीसदी टूट चुका है. इसके अलावा, H-1B वीजा के कारण आईटी 1.30 फीसदी और हेल्‍थकेयर सेक्‍टर 1.50 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहे हैं. 88 शेयर 52वीक के लो पर  बीएसई के 3,073 शेयरों में से 864 शेयरों में तेजी देखी जा रही है, जबकि 2,062 शेयर गिर हुए हैं. 147 शेयरों में कोई एक्‍शन नहीं दिखाई दे रहा है. 76 शेयरों में अपर सर्किट और 65 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है. 88 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे हैं.  निवेशकों को तगड़ा नुकसान  शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों को आज भी तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन आज 454 लाख करोड़ हो चुका है, जबकि कल 457 लाख करोड़ रुपये था. इसका मतलब है कि निवेशकों को करीब 3 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है.     

धनतेरस, दिवाली, दशहरा समेत अक्टूबर के सभी व्रत-त्योहारों की तारीखें एक क्लिक में

नईदिल्ली  साल 2025 का अक्टूबर  भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में बेहद खास रहने वाला है. इसी महीने 1 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र का समापन होगा. इसके बाद करवा चौथ, दशहरा, धनतेरस, दिवाली और छठ महापर्व भी मनाए जाएंगे. देश के हर हिस्से में ये सभी त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाए जाते हैं. आइए अक्टूबर में आने वाले व्रत त्योहारों पर एक नजर डालते हैं. अक्टूबर में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट 1 अक्टूबर 2025 – महानवमी शारदीय नवरात्र की महानवमी 1 अक्टूबर को मनाई जाएगी. इस दिन नवमी तिथि का कन्या पूजन किया जएगा. 2 अक्टूबर 2025 – दशहरा/विजयादशमी दशहरा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है. इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया और माता दुर्गा ने महिषासुर पर विजय प्राप्त की. देशभर में रावण दहन और विजयादशमी उत्सव बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं. यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है. 3 अक्टूबर 2025 – पापांकुशा एकादशी सनातन धर्म में पापांकुशा एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की उपासना से समस्त पापों से मुक्ति मिलने की मान्यता है. 4 अक्टूबर 2025 – शनि प्रदोष व्रत शनि प्रदोष व्रत का महत्व ग्रह शांति और आयु वृद्धि में होता है. इस दिन शनि देव की पूजा और हनुमानजी की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है. 6 अक्टूबर 2025 – शरद पूर्णिमा शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होकर अमृत की वर्षा करता है. मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों में औषधीय गुण होते हैं. कोजागर पूजा के दौरान देवी लक्ष्मी की आराधना से धन, वैभव और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. 7 अक्टूबर 2025 – वाल्मीकि जयंती / मीराबाई जयंती संत वाल्मीकि और भक्ति मार्ग की आदर्श महिला मीराबाई की जयंती इस दिन मनाई जाती है. ये हमें सच्चे भक्ति भाव और जीवन में नैतिकता का महत्व सिखाते हैं. 8 अक्टूबर 2025 – कार्तिक माह प्रारंभ कार्तिक माह धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है. इस महीने में किए जाने वाले व्रत और पूजा विशेष रूप से फलदायी माने जाते हैं. 10 अक्टूबर 2025 – करवा चौथ / संकष्टी चतुर्थी करवा चौथ विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत करती हैं. संकष्टी चतुर्थी भी इस दिन विशेष महत्व रखती है. 13 अक्टूबर 2025 – अहोई अष्टमी अहोई अष्टमी व्रत माताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस व्रत में माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन के लिए कामना करती हैं. 17 अक्टूबर 2025 – रमा एकादशी / तुला संक्रांति रमा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. तुला संक्रांति के दिन सूर्य तुला राशि में प्रवेश करता है, जो कृषक और व्यापारियों के लिए शुभ माना जाता है. 18 अक्टूबर 2025 – शनि प्रदोष व्रत / धनतेरस / यम दीपम धनतेरस पर मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है. इस दिन धातु और गहनों की खरीदारी शुभ मानी जाती है. यम दीपम का उत्सव यमराज के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाया जाता है. 20 अक्टूबर 2025 – नरक चतुर्दशी / लक्ष्मी पूजा / दिवाली दीवाली का पर्व इस साल 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा. यह पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है. इस दिन घरों में दीप जलाए जाते हैं और मां लक्ष्मी की पूजा कर धन, समृद्धि और सुख की प्राप्ति की जाती है. इस वर्ष दिवाली का पूजा मुहूर्त शाम 07:08 से 08:18 बजे तक रहेगा. 21 अक्टूबर 2025 – कार्तिक अमावस्या कार्तिक अमावस्या को पितरों की स्मृति में तर्पण और पितृपक्ष संबंधित धार्मिक कर्म किए जाते हैं. 22 अक्टूबर 2025 – गोवर्धन पूजा गोवर्धन पूजा पर गोवर्धन पर्वत की पूजा कर जीवन में संपन्नता और खुशहाली की कामना की जाती है. 23 अक्टूबर 2025 – भाई दूज भाई दूज भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है. बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. 25 अक्टूबर 2025 – विनायक चतुर्थी गणपति भगवान की पूजा इस दिन की जाती है. यह दिन विशेष रूप से व्यापारियों और गृहस्थों के लिए मंगलकारी माना जाता है. 27 अक्टूबर 2025 – छठ पूजा छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित होती है. यह व्रत स्वास्थ्य, समृद्धि और परिवार में खुशहाली लाने वाला माना जाता है. 31 अक्टूबर 2025 – अक्षय नवमी अक्षय नवमी को अक्षय संपत्ति और अक्षय लाभ की कामना के साथ मनाया जाता है. इस दिन की गई पूजा और दान स्थायी लाभ प्रदान करता है.

अंतरिक्ष संघर्ष: भारत की खोज पर विराम, चंद्रमा पर टकराव और पृथ्वी का जिम्मा

  चंद्रमा, जो हमेशा से शांत और निर्जीव ग्रह के रूप में जाना जाता रहा है, वहां जंग लगने की घटना ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। चांद पर हवा का अभाव होने के बावजूद हेमेटाइट नामक लौह-समृद्ध खनिज की मौजूदगी ने इस रहस्य को और बढ़ा दिया है। हेमेटाइट आमतौर पर ऑक्सीजन और पानी के संपर्क में आने से बनता है, लेकिन चंद्रमा पर दोनों तत्व सीमित मात्रा में हैं। भारत के चंद्रयान-1 मिशन की रिसर्च ने भी इसी दिशा में संकेत दिए थे, जिससे अब इस खोज को और पुष्टिप्राप्ति मिली है।  नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक, जंग तब बनती है जब लोहा ऑक्सीजन और पानी के संपर्क में आता है। हाल ही में हुए अध्ययनों में चंद्रमा की सतह, विशेषकर ध्रुवीय क्षेत्रों में, हेमेटाइट पाए गए हैं। यह खोज चंद्रमा पर जंग लगने की प्रक्रिया को समझने में नए आयाम खोलती है।साल 2020 में भारतीय चंद्रयान-1 मिशन ने चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों में हेमेटाइट की उपस्थिति की पुष्टि की थी। इस मिशन ने चंद्रमा की सतह से डेटा इकट्ठा किया, जिसमें पानी के अणुओं के प्रमाण भी शामिल हैं। नासा और हवाई इंस्टीट्यूट ऑफ जियोफिजिक्स एंड प्लैनेटोलॉजी के शोधकर्ताओं ने इस डेटा का विश्लेषण किया और हेमेटाइट के संकेत पाए। वैज्ञानिकों का मानना है कि चंद्रमा पर जंग लगने में पृथ्वी का योगदान हो सकता है। चंद्रमा पृथ्वी की चुंबकीय पूंछ के संपर्क में आता है, जो ऑक्सीजन अणुओं को चंद्रमा तक ले जाने में मदद करती है। चंद्रमा के 28 दिन के चक्र में लगभग छह दिनों तक पूर्णिमा के समय यह प्रक्रिया सबसे प्रभावी होती है। यह ऑक्सीजन के स्रोत को समझाने में मदद करती है, हालांकि पानी की भूमिका अभी भी रहस्यमय बनी हुई है। जिलियांग और उनकी टीम ने प्रयोगशाला में पृथ्वी की हवा की नकल कर यह देखा कि कैसे हाइड्रोजन और ऑक्सीजन आयनों से चंद्रमा के लौह-समृद्ध खनिज क्रिस्टल हेमेटाइट में बदल सकते हैं। कुछ क्रिस्टलों में यह प्रक्रिया उलटकर भी होती है, जिससे लोहे में परिवर्तन होता है। यह प्रयोग चंद्रमा पर जंग लगने की संभावित प्रक्रियाओं को समझने में मददगार साबित हुआ है।  

एसएमएस-ओटीपी पर निर्भरता खत्म: अप्रैल 2026 से आरबीआई के नए भुगतान प्रमाणीकरण नियम

 नई दिल्ली डिजिटल भुगतान पर नए नियम, जो एसएमएस-आधारित वन-टाइम पासवर्ड से परे दो-कारक प्रमाणीकरण (2एफए) का अनुपालन करने के अधिक तरीकों की अनुमति देते हैं, 1 अप्रैल से लागू होंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को यह एलान किया। केंद्रीय बैंक ने कहा कि प्रमाणीकरण का आधार "यूजर्स के पास कुछ है", "यूजर जो जानता है" या "यूजर जो है" हो सकते हैं। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ पासवर्ड, एसएमएस-आधारित ओटीपी, पासफ्रेज, पिन, कार्ड हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर टोकन, फिंगरप्रिंट या बायोमेट्रिक्स का कोई अन्य रूप (डिवाइस-नेटिव या आधार-आधारित) शामिल हो सकते हैं। भारत दुनिया के उन बाजारों में से एक है जो 2FA पर जोर देते हैं। इसके तहत वित्तीय क्षेत्र के खिलाड़ी लेनदेन को निष्पादित करने के लिए एसएमएस-आधारित अलर्ट पर भरोसा करते रहे हैं। आरबीआई ने (डिजिटल भुगतान लेनदेन के लिए प्रमाणीकरण तंत्र) निर्देश, 2025 लॉन्च किया है। इसमें यह स्पष्ट किया गया कि 2FA अनिवार्य बना रहेगा और एसएमएस ओटीपी का भी उपयोग किया जा सकता है। केंद्रीय बैंक ने पहली बार फरवरी 2024 में इस कदम की घोषणा की थी ताकि भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को वैकल्पिक प्रमाणीकरण तंत्र को लागू करने के लिए तकनीकी प्रगति का लाभ उठाने में सक्षम बनाया जा सके। आरबीआई ने कहा कि जोखिम प्रबंधन के नजरिए से वित्तीय प्रणाली के हितधारक लेनदेन के स्थान, उपयोगकर्ता के व्यवहार पैटर्न, डिवाइस विशेषताओं, ऐतिहासिक लेनदेन प्रोफाइल आदि के आधार पर मूल्यांकन के लिए लेनदेन की पहचान कर सकते हैं। केंद्रीय बैंक ने कहा कि यदि इन निर्देशों का पालन किए बिना किए गए लेनदेन से कोई नुकसान होता है, तो जारीकर्ता को बिना किसी आपत्ति के ग्राहक को नुकसान की पूरी भरपाई करनी होगी। इसमें कार्ड जारीकर्ताओं से गैर-आवर्ती, सीमा-पार कार्ड नॉट प्रेजेंट (सीएनपी) लेनदेन को मान्य करने के लिए एक तंत्र स्थापित करने को भी कहा गया है। इसके तहत 1 अक्टूबर, 2026 से विदेशी व्यापारी या विदेशी अधिग्रहणकर्ता की आरे से प्रमाणीकरण के लिए अनुरोध किया जा सकेगा।

WiFi की स्पीड घटने का असली कारण: घर के हरे-भरे पौधे

 नई दिल्ली जरा सोचकर देखें कि आप आप अपने घर में आराम से बैठे हैं, नेटफ्लिक्स पर अपनी पसंदीदा सीरीज देख रहे हैं, अचानक वीडियो बफर होने लगता है। आप राउटर को चेक करते हैं, इंटरनेट स्पीड टेस्ट करते हैं, लेकिन कुछ समझ नहीं आता। ऐसी सिचुएशन में कोई सर्विस प्रोवाइडर को डांटने लगता है, तो कोई अपने राउटर को बदलने पर विचार करने लगता है। लेकिन शायद ही लोगों का ध्यान घर में रखे हुए पौधों पर जाता होगा, जो घर के अंदर की सुंदरता को बढ़ाते हैं। लेकिन क्या वाकई पौधे आपके वाई-फाई की रफ्तार को धीमा कर रहे हैं? चलिए, जान लेते हैं। ब्रिटेन की कंपनी Broadband Genie एक चौंकाने वाला दावा किया कि घर में रखे बड़े पौधे या बहुत सारे छोटे पौधे आपके वाई-फाई की स्पीड को कम कर सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पौधों की मिट्टी में नमी होती है और उनकी घनी पत्तियां वाई-फाई सिग्नल को सोख लेती हैं या उसे इधर-उधर मोड़ देती हैं। खासकर, छोटे फ्लैट या कमरे में ढेर सारे पौधे हों, तो इनका ऐसा असर ज्यादा दिख सकता है। हालांकि, यह असर आमतौर पर बहुत छोटा होता है, लेकिन अगर आपका राउटर पौधे के आसपास लगा है, तो स्पीड में फर्क पड़ सकता है। पौधे के अलावा, ये भी रोक सकते हैं सिग्नल पौधे वाई-फाई सिग्नल को थोड़ा कमजोर कर सकते हैं, लेकिन घर में सबसे बड़ा रुकावट दीवारें बनती हैं। ये सिग्नल को ज्यादा रोकते हैं। इसके अलावा, अगर आप किसी ऐसी जगह रहते हैं जहां पड़ोसियों के घर पास-पास हैं, तो उनके वाई-फाई नेटवर्क भी आपके सिग्नल में दखल दे सकते हैं। अगर आप वाई-फाई एनालाइजर ऐप का इस्तेमाल करें, तो आपको अपने आसपास 5-6 नेटवर्क दिख सकते हैं। ये आपके वाई-फाई सिग्नल में अवरुद्ध पैदा कर सकते हैं। इंटरनेट की स्पीड 36% तक बढ़ सकती है Broadband Genie का कहना है कि अपने राउटर को पौधों के पास या उनके पीछे न छिपाएं। Broadband Genie के एक प्रयोग में पाया गया कि राउटर को पौधों से दूर ले जाने पर इंटरनेट की स्पीड 36% तक बढ़ सकती है। कंपनी के एक्सपर्ट पीटर एम्स का कहना है, 'हमें यह देखकर हैरानी हुई कि राउटर को पौधों से दूर ले जाने से इतना बड़ा फर्क पड़ सकता है इसलिए, अपने राउटर को ऐसी जगह रखें जहां सिग्नल को पौधे, दीवारें या अन्य चीजें कम से कम रोकें।' स्पीड कम है तो ये उपाय अपनाकर देखें अगर आपके घर में वाई-फाई की स्पीड कम है, तो आप मेश नेटवर्क या वाई-फाई एक्सटेंडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये डिवाइस सिग्नल को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, आप वायर्ड कनेक्शन यानी Ethernet Cable का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आजकल पावरलाइन नेटवर्क किट भी उपलब्ध हैं, जो आपके घर की बिजली की वायरिंग का इस्तेमाल करके इंटरनेट सिग्नल पहुंचाते हैं।

मंगल दोष की चिंता छोड़ें! स्कंद षष्ठी पर अपनाएं ये असरदार उपाय

हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी का पर्व भगवान कार्तिकेय (स्कंद) को समर्पित है. हर माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह विशेष तिथि मनाई जाती है. यह दिन न केवल भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय की पूजा के लिए खास है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है जो अपनी कुंडली में मंगल दोष से पीड़ित हैं. मंगल ग्रह के नकारात्मक प्रभावों और उससे होने वाले कष्टों को दूर करने के लिए स्कंद षष्ठी का दिन किसी वरदान से कम नहीं है. स्कंद षष्ठी का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का प्रारंभ 27 सितंबर 2025, शनिवार को दोपहर 12 बजकर 03 मिनट से होगा. उदया तिथि के चलते, स्कंद षष्ठी का व्रत और पूजन 27 सितंबर 2025, शनिवार को ही किया जाएगा. इस शुभ तिथि पर किए गए उपाय शीघ्र फलदायी होते हैं. क्यों खास है स्कंद षष्ठी और मंगल दोष का संबंध? पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कार्तिकेय को देवताओं का सेनापति कहा जाता है और इन्हें मंगल ग्रह का कारक देव माना जाता है. यानी मंगल ग्रह का सीधा संबंध भगवान स्कंद से है.जिन जातकों की कुंडली में मंगल दोष होता है, उनके विवाह में बाधाएं आती हैं, वैवाहिक जीवन में कलह, कर्ज और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी रहती हैं. ऐसे में, भगवान कार्तिकेय की विधि-विधान से पूजा और उनसे संबंधित उपाय करने से मंगल के दोष शांत होते हैं और जीवन से कष्ट दूर होते हैं. भगवान कार्तिकेय की विशेष पूजा     विधि: स्कंद षष्ठी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. उन्हें लाल रंग के फूल अर्पित करें, विशेषकर गुलाब का फूल.     अर्घ्य: पूजा में उन्हें कपूर, सिंदूर, और रोली चढ़ाएं.     भोग: भोग में खीर या मिष्ठान्न का भोग लगाएं और बाद में इसे प्रसाद के रूप में वितरित करें. ‘स्कंद षष्ठी स्तोत्र’ का पाठ     महत्व: मंगल दोष से मुक्ति पाने के लिए इस दिन ‘स्कंद षष्ठी स्तोत्र’ का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना गया है. पूरे भक्तिभाव से इस स्तोत्र का पाठ करने से मंगल जनित सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं.     मंत्र जाप: इसके अलावा, भगवान कार्तिकेय के ‘ओम तत्पुरुषाय विद्महे महासेनाय धीमहि तन्नो स्कन्दः प्रचोदयात्’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें. लाल वस्तुओं का दान दान: मंगल ग्रह का रंग लाल है. इसलिए, इस दिन लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबा, और लाल वस्त्र का दान किसी गरीब या जरूरतमंद को करें. इससे मंगल शांत होता है और दोष का प्रभाव कम होता है. जल में गुड़ मिलाकर करें अभिषेक अभिषेक: यदि संभव हो तो, भगवान कार्तिकेय का जल में गुड़ मिलाकर अभिषेक करें. यह उपाय जमीन-जायदाद संबंधी विवादों और कर्ज की समस्या को दूर करने में भी सहायक माना जाता है, जो कि मंगल दोष के कारण उत्पन्न हो सकते हैं. मान्यता है कि स्कंद षष्ठी के दिन किए गए ये सभी उपाय मंगल दोष के कारण उत्पन्न होने वाली सभी बाधाओं, खासकर विवाह और वैवाहिक जीवन की समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं.

वैश्विक स्तर पर चमकी भारत की अर्थव्यवस्था, अमित शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियों का किया दावा

मुंबई मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था के विश्लेषक भारत की विकास गाथा को स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में हुए सुधारों को ऐतिहासिक बताया। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में उन सुधारों की शुरुआत की, जो वर्षों तक भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता से ग्रसित रहा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए। शाह ने बताया कि बीते दस वर्षों में देश में 53 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए। इसका उद्देश्य गरीब से गरीब व्यक्ति को भी बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच दिलाना था। उन्होंने कहा कि इससे देश की आर्थिक संरचना मजबूत हुई। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने पहली बार नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) की जानकारी को पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत किया। इससे न केवल बैंकों की कार्यप्रणाली में सुधार आया बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा। भारत की छवि मजबूत हुई उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर और सुधारों ने वैश्विक स्तर पर देश की छवि को मजबूती दी है। अब दुनिया भारत को आर्थिक शक्ति के रूप में देख रही है। शाह ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और तेजी से विकास करेगा और विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। जीएसटी पर क्या बोले शाह? शाह ने जीएसटी सुधारों पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी की पार्टी इसे अपना विचार बताती रही, लेकिन उनकी सरकार राज्यों को 14% वृद्धि की गारंटी नहीं दे पाई। मोदी सरकार ने यह भरोसा दिलाकर इसे लागू किया। गृह मंत्री ने आगे कहा कि ग्रीन ग्रोथ और रक्षा उत्पादन भारत की विकास यात्रा के प्रमुख कारक होंगे। उन्होंने बैंकों से कहा कि भारतीय बैंक अब वैश्विक शीर्ष बैंकों में शामिल होने के लिए पैमाना बदलें। भारत-अमेरिका वार्ता पर भी बोले शाह इस दौरान शाह ने भारत-अमेरिकी वार्ता पर भी अपनी बात कई बाते रखी। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका वार्ता अपने अंतिम चरण में है और एक सप्ताह में इसका परिणाम सबके सामने होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को मजबूती और सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। इसके साथ ही शाह ने ‘मेक इन इंडिया’ और एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने की बात करते हुए कहा कि यह भारत को निर्माण केंद्र बनाने में निर्णायक साबित होगा। उन्होंने यूपीआई को डिजिटल क्रांति की धुरी बताया।