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CM नीतीश ने बताया मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की अगली 10,000 रुपये की किस्त जारी होने का समय

पटना   बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 75 लाख महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये मिल चुके हैं. अब 3 अक्टूबर को शेष महिलाओं को भी यह राशि दी जाएगी.  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ राज्य की बड़ी आबादी तक पहुंचने लगा है. शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संयुक्त रूप से इस महत्वाकांक्षी योजना की पहली किस्त जारी की. पहले चरण में 75 लाख महिलाओं के खाते में डीबीटी के जरिए 10-10 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की गई. कुल मिलाकर 7500 करोड़ रुपये की रकम सीधे लाभार्थियों तक पहुंची. 3 अक्टूबर को जारी होगी अगली किस्त सरकार ने अब शेष महिलाओं को भी योजना से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली है. 3 अक्टूबर को अगली किस्त जारी होगी, जिसमें बाकी पात्र महिलाओं के खाते में भी यह राशि भेजी जाएगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य हर परिवार की एक महिला को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. उन्होंने बताया कि आगे जो महिलाएं इससे जुड़ेंगी, उन्हें भी इसी तरह 10-10 हजार रुपये का लाभ मिलेगा. 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता कब मिलेगा? नीतीश कुमार ने यह भी घोषणा की कि जिन महिलाओं का रोजगार सफलतापूर्वक आगे बढ़ेगा, उन्हें सरकार की ओर से दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. इससे महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी.  29 अगस्त को हुई थी इस योजना की घोषणा गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने 29 अगस्त को इस योजना की घोषणा की थी. शुक्रवार को कार्यक्रम के दौरान नीतीश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का इसमें शामिल होना राज्य के लिए गर्व की बात है. उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाएं इस राशि का सही उपयोग कर अपने परिवार और समाज को मजबूत बनाएंगी. महिला रोजगार योजना को सरकार ने चुनावी दौर में एक बड़ा कदम माना है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इस योजना से लाखों परिवारों को राहत मिलेगी और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी. 

महिलाओं के लिए खुशखबरी! हरियाणा में 2100 रुपये पाने के लिए ऐसे करें आवेदन

चंडीगढ़ हरियाणा में 'दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना' गुरुवार यानी 25 सितंबर से लागू हो गई है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये मिलेंगे। इसके लिए आवेदन आज से शुरू भी हो गया है। 2100 रुपये सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाएगी।  'दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना' के लिए कौन पात्र है? दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ उन महिलाओं को मिलेगा जिनकी उम्र 23 वर्ष से 60 साल तक होगी।  इस योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो हरियाणा की रहने वाली होंगी। महिला आवेदन के समय 15 वर्ष या उससे अधिक समय से हरियाणा में रह रही हो। 2100 रुपये हर महीने उन्हीं महिलाओं को मिलेंगे जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय  (परिवार सूचना डेटाबेस रिपॉजिटरी के अनुसार) एक लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक न हो।  इस योजना का लाभ उठाने वाली परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। कौन पात्र नहीं है? यदि कोई महिला पहले से ही सामाजिक सुरक्षा या वित्तीय सहायता योजनाओं में से किसी के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त कर रही है, तो वह DDLLY के तहत पात्र नहीं होगी।  वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना, विधवा और निराश्रित महिला पेंशन और हरियाणा दिव्यांग वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिलेगा।  पद्म पुरस्कार विजेता महिला, जो हरियाणा गौरव सम्मान योजना का लाभ ले रही हैं। उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यदि कोई महिला किसी सरकारी या स्थानीय/वैधानिक निकाय, या सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण वाले संगठन से कोई अन्य वित्तीय सहायता प्राप्त कर रही है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। आवेदन दाखिल करते समय किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी? दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण के समय आवेदक को सरकार द्वारा निर्धारित व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी, जैसे स्वयं और परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) आईडी, बिजली कनेक्शन का विवरण, वाहनों का स्वामित्व, बैंक विवरण आदि प्रदान करने होंगे। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए कैसे आवेदन करें आवेदन करने के लिए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या मोबाइल ऐप डाउनलोड करें। आवश्यक विवरण के साथ आवेदन पत्र भरें, अनिवार्य दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियां संलग्न करें और फॉर्म ऑनलाइन जमा करें।  सबसे पहले योजना के लिए "आवेदन करें" विकल्प पर क्लिक करें। स्व-घोषणा: स्व-घोषणा बॉक्स पर निशान लगाएं और "आगे बढ़ें" पर क्लिक करें। आवेदन पत्र को सभी आवश्यक जानकारी के साथ पढ़ें और पूरा करें। आवेदन के लिए आवश्यक अनिवार्य दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियाँ अपलोड करें। अपने आवेदन को अंतिम रूप देने और चयन प्रक्रिया के अगले चरण पर आगे बढ़ने के लिए "सबमिट करें" पर क्लिक करें। DDLLY के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होगी। किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 0172-4880500 और 18001802231 पर कॉल भी कर सकते हैं।   

आपदा प्रबंधन की तैयारी: बाढ़ व क्लोरीन रिसाव पर मॉकड्रिल

कोरबा शनिवार की सुबह कटघोरा स्थित राधासागर तालाब में जलजनित आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रील का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत एक काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, अचानक भारी वर्षा के कारण जलस्रोतों में जलस्तर बढ़ गया और कुछ लोग पानी में फंस गए। इस स्थिति में बचाव दलों ने वास्तविक परिस्थिति की तरह तत्काल कार्रवाई की। रेस्क्यू टीम ने लाइफ जैकेट, रस्सियों और नाव की मदद से तालाब में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशिक्षित गोताखोरों और रेस्क्यू टीम ने पानी में फंसे व्यक्तियों की पहचान की, फंसे व्यक्तियों तक रस्सियां और लाइफ जैकेट पहुंचाई गईं, नाव और टीम के सहयोग से सभी लोगों को पानी से बाहर लाकर किनारे तक पहुंचाया गया। मेडिकल टीम ने तत्काल मौके पर ही उनकी स्वास्थ्य जांच की। डूबने की स्थिति में कृत्रिम श्वसन (सीपीआर), ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक दवाओं का प्रदर्शन किया गया और गंभीर स्थिति के अनुमानित मरीजों को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। इसी क्रम में कोहड़िया स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव पर आधारित मॉक ड्रील का आयोजन किया गया। क्लोरीन गैस का उपयोग पेयजल शोधन के लिए किया जाता है, किंतु इसका अधिक मात्रा में रिसाव मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अभ्यास में यह स्थिति बनाई गई कि संयंत्र में अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया है। जैसे ही अलार्म बजा, आपदा प्रबंधन टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए सिलेंडर को बंद करने, वाटर स्प्रे कर प्रभावित क्षेत्र को सील करने और गैस को फैलने से रोकने के उपायों का प्रदर्शन किया गया। मेडिकल टीम ने गैस से प्रभावित व्यक्तियों का प्राथमिक उपचार किया। उन्हें ताजी हवा में लाया गया, आंखों और त्वचा को साफ पानी से धोने की प्रक्रिया दिखाई गई तथा सांस लेने में कठिनाई होने पर ऑक्सीजन सपोर्ट प्रदान किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, अग्निशमन दल तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर थार की तेज़ रफ्तार दुर्घटना, गुरुग्राम में 5 लोगों की मौत

गुरुग्राम गुरुग्राम में शनिवार सुबह दिल्ली-जयपुर हाईवे पर झाड़सा चौक के पास तेज रफ्तार काले रंग की थार गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में 3 लड़कियों सहित 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुग्राम में शनिवार 27 सितंबर 2025 की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर झाड़सा चौक के पास NH-48 के एग्जिट 9 पर यूपी नंबर वाली- UP81 CS 2319 तेज रफ्तार काले रंग की थार गाड़ी के डिवाइडर से टकरा गई। पुलिस के अनुसार, हादसा सुबह करीब 4:30 बजे हुआ, जब थार कार का ड्राइवर तेज गति के कारण नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी डिवाइडर से टकराकर कई बार पलट गई। यह हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए। दिल्ली से गुरुग्राम की ओर जा रही थी कार जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त कार दिल्ली से गुरुग्राम की ओर जा रही थी। गाड़ी में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें तीन युवक और तीन युवतियां शामिल थीं। हादसे में दो युवतियों और दो युवकों समेत 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, एक लड़की ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, एक युवक गंभीर रूप से घायल है और निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया और क्षतिग्रस्त वाहन को मुख्य मार्ग से हटाया। हादसे की जांच जारी है। पुलिस मृतकों की पहचान करने की कोशिश में जुटी है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, गुरुग्राम पुलिस के पीआरओ संदीप कुमार ने बताया कि घायलों और मृतकों के परिवारों को सूचना दे दी गई है। आगे की जांच जारी है। मृतक और घायलों के नाम पते 1. प्रतिष्ठा (मृतक), निवासी उत्तर प्रदेश 2. आदित्य (30 वर्ष, मृतक), निवासी उत्तर प्रदेश 3. गौतम (मृतक), निवासी सोनीपत, हरियाणा 4. लावण्या (26 वर्ष, मृतक), निवासी उत्तर प्रदेश 5. सोनी (मृतक) , निवासी उत्तर प्रदेश 6. कपिल शर्मा (28 वर्ष, घायल), निवासी बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश 

अमित शाह का बिहार दौरा: मिथिला, कोसी और सीमांचल के नेताओं को मिलेगा बड़ा टास्क

पटना गृह मंत्री अमित शाह बिहार दौरे पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने सारण और चंपारण के नेताओं के साथ बेतिया में बैठक की। इसके बाद पटना में भाजपा प्रदेश कार्यालय में बैठक की। आज यानी शनिवार को मिथिला, कोसी, सीमांचल और अंग प्रदेश के 70 से विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की तैयारियों का जायजा लेंगे। वह समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, बेगूसराय, खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, भागलपुर, बांका  भाजपा कोर कमेटी के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। बैठक में इन इलाकों से आने वाले मंत्री, विधायक, सांसद और वरीय पदाधिकारी शामिल होंगे। गृह मंत्री पहले समस्तीपुर के सरायगंज में बैठक करेंगे। इसके बाद अररिया के फॉरबिसगंज जाएंगे। यहां करीब पांच हजार नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देंगे। बैठक को लेकर सारी तैयारी पूरी इधर, सांगठनिक जिलों कोर कमेटी  बैठक में गृह मंत्री अमित शाह पहले सभी विधानसभा क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं की लिस्ट देखेंगे। इसके बाद यहां की तैयारियों का जायजा लेंगे। इसके बाद नेताओं को अपने क्षेत्र में आगामी चुनाव से जुड़े कुछ टास्क देंगे। बैठक को लेकर सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कोर कमेटी के सदस्यों को शत-प्रतिशत तैयार होकर आने का निर्देश दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया इधर, गृह मंत्री ने शुक्रवार को पहले पश्चिम चंपारण के चनपटिया में भाजपा कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। उन्होंने सारण, पश्चिम और पूर्वी चंपारण समेत 10 सांगठनिक जिलों के कोर कमेटी के नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने पटना में प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठक की। यहां पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव हमारा लक्ष्य 225 सीटों पर जीत दर्ज करना है। इसलिए हर सीट पर कम से कम 225 बार जनसंपर्क करें। लोगों को एनडीए सरकार के विकास कार्यों को बताएं। महिला परिवार की केंद्र बिंदु हैं। उनकी समस्याओं को सुने। उनकी शिकायत और सुझावों को डायरी में नोट करें और उस पर काम करें। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की हर सीट को आप अपना समझें। अपनी पार्टी, उसकी पार्टी की बातों को मन में नहीं लाएं। हर एक सीट पर अपना 100 प्रतिशत दें। बगैर किसी भेदभाव के चुनाव जीतना ही एनडीए का लक्ष्य है।  

BKI के आतंकवादी परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ की अबू धाबी से भारत में सफल वापसी

नई दिल्ली बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के कुख्यात आतंकी परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ को अबू धाबी (UAE) से सफलतापूर्वक भारत लाया गया है. पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के सहयोग से यह कामयाबी हासिल की है. पिंडी विदेश में बैठे कुख्यात आतंकियों हरविंदर सिंह उर्फ ‘रिंदा’ और हैप्पी पासिया का करीबी सहयोगी माना जाता है. वह गुरदासपुर के बटाला इलाके में पेट्रोल बम हमलों, हिंसक वारदातों और जबरन वसूली जैसे कई गंभीर अपराधों में वांछित था. कैसे पकड़ा गया पिंडी? पंजाब पुलिस के मुताबिक, बटाला पुलिस की ओर से अनुरोध किए गए रेड कॉर्नर नोटिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने 24 सितंबर UAE जाकर वहां की सरकार और भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ समन्वय कर सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और आरोपी को भारत लेकर लौट आई. पंजाब पुलिस ने कहा कि यह सफल प्रत्यर्पण राज्य की आतंकवाद और संगठित अपराध के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति को दर्शाता है और पुलिस की उन्नत जांच क्षमताओं और वैश्विक स्तर पर पहुंच को भी साबित करता है. पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों, विदेश मंत्रालय और UAE सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कदम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. कौन है पिंडी? परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ का जन्म पंजाब के तरन तारन जिले में हुआ था. वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल का एक सक्रिय सदस्य और ऑपरेटिव है, जो संगठन के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह वर्ष 2000 के बाद से विदेशों में रहते हुए भारत में आतंकवादी मॉड्यूल्स को संचालित करने में सक्रिय हो गया. उसकी उम्र लगभग 45-50 साल के बीच मानी जाती है. पिंडी को बब्बर खालसा के वरिष्ठ कमांडरों में से एक माना जाता है, जो हथियारों की तस्करी, टेरर फंडिंग और युवाओं के बीच कट्टरपंथ बढ़ाने में शामिल रहा है. उसका नाम पहली बार 2005 में तब चर्चा में आया, जब पंजाब पुलिस ने बब्बर खालसा के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसमें वह एक प्रमुख साजिशकर्ता था. इसके बाद, उसने भारत छोड़ दिया और विदेश में बसे सिखों के जरिये संगठन को फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट देना शुरू किया. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पिंडी ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हथियार और विस्फोटक भारत में भेजने का जिम्मा संभाला. 2018 में पंजाब पुलिस ने एक ऑपरेशन में उसके नेटवर्क से जुड़े 10 किलो आरडीएक्स जब्त किया. खुफिया जानकारी के मुताबिक, वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में है, जो BKI को हथियार और प्रशिक्षण मुहैया कराती है.

जेएसपी बनी भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता मिली

जेएसपी बनी भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता मिली जिंदल स्टील को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (NCVET) द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।जिंदल स्टील यह मान्यता प्राप्त करने वाली भारत की पहली विविधीकृत बड़ी कंपनी तथा पहली एकीकृत इस्पात निर्माता कंपनी है।यह मान्यता जेएसपी को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत उद्योग-उन्मुख स्किलिंग कार्यक्रम तैयार करने और लागू करने की शक्ति प्रदान करती है। इसमें डीकार्बोनाइजेशन, सर्कुलर इकॉनमी और उन्नत तकनीकों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। रायपुर जिंदल स्टील ने देश की पहली बड़ी विविधीकृत कंपनी और पहली एकीकृत इस्पात निर्माता कंपनी बनकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसे एनसीवीईटी द्वारा अवार्डिंग बॉडी के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि कंपनी की कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा को नए मानक देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इस्पात एवं अवसंरचना क्षेत्र में इसकी नेतृत्वकारी स्थिति को और मजबूत करती है। एनसीवीईटी और जिंदल स्टील के बीच हुए इस समझौते के तहत जेएसपी को पैन-इंडिया स्तर पर "अवार्डिंग बॉडी" का अधिकार प्राप्त हुआ है। अब जेएसपी उद्योग-उन्मुख मानक तय करने, संरचित स्किलिंग प्रोग्राम लागू करने और भविष्य की कार्यबल तैयार करने की दिशा में तेजी से कार्य कर सकेगी। इसके अंतर्गत तैयार सभी प्रशिक्षण मानक और योग्यताएँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क में मान्यता प्राप्त होंगी। यह मील का पत्थर शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने में सहायक होगा और बहु-क्षेत्रीय, परिणाम-आधारित स्किलिंग को बढ़ावा देगा। यह जेएसपी की राष्ट्र निर्माण, अंतर्विषयक क्षमता विकास और हरित ऊर्जा तथा आधुनिक अवसंरचना की दिशा में भारत के संक्रमण के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। इस ढांचे के अंतर्गत जारी सभी प्रमाणपत्र अधिक विश्वसनीय होंगे और वैश्विक स्तर पर भी मान्यता प्राप्त होंगे, जिससे करियर अवसरों और गतिशीलता में वृद्धि होगी। जेएसपी के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने कहा: “एनसीवीईटी द्वारा ‘अवार्डिंग बॉडी’ के रूप में मान्यता मिलना एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसे हम गंभीरता और उद्देश्य के साथ स्वीकार करते हैं। यह हमें उद्योग मानकों को सीधे शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने की शक्ति देता है, ताकि भारत के युवा आवश्यक ज्ञान और अनुशासन प्राप्त कर सकें और कार्यस्थल पर सफल होते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।”

लेह में इंटरनेट सेवा बंद, सोनम वांगचुक को जोधपुर की हाई-सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया

लेह   लद्दाख में राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर दो दिन पहले हिंसक प्रदर्शन हुआ था, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 90 लोग घायल हुए. इसके बाद शुक्रवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख पुलिस प्रमुख एस. डी. सिंह जामवाल के नेतृत्व में पुलिस दल ने उन्हें दोपहर करीब ढाई बजे हिरासत में लिया. गिरफ्तारी के बाद वांगचुक को लद्दाख से राजस्थान के जोधपुर की जेल में भेज दिया गया है. यह कदम प्रदर्शन और बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया. वांगचुक पर लगे आरोपों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन लद्दाख प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाया गया है. सुरक्षा कारणों से लेह में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं. सोनम वांगचुक लंबे समय से ‘लेह एपेक्स बॉडी’ और ‘कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ जैसे संगठनों की आवाज उठाते रहे हैं. वे लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और लेह व कारगिल के लोगों के लिए संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं. पिछले पांच सालों से वे इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. केंद्र ने हिंसा के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया लेह और कारगिल, 2019 में पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य को विभाजित कर बनाये गए लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश का हिस्सा हैं. केंद्र ने हालिया हिंसा के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि जलवायु कार्यकर्ता ने सभी आरोपों से इनकार किया है. वांगचुक ने गुरुवार को कहा था, ‘‘यह कहना कि यह (हिंसा) मेरे द्वारा भड़कायी गयी थी, समस्या की जड़ तक पहुंचने के बजाय, कोई बलि का बकरा ढूंढने जैसा है, और इससे हमें कोई फायदा नहीं होगा.’’ गृह मंत्रालय ने उठाया सख्त कदम जलवायु कार्यकर्ता की गिरफ्तारी उनके द्वारा स्थापित संगठन ‘स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख’ का विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) लाइसेंस गृह मंत्रालय द्वारा रद्द करने के एक दिन बाद हुई. मंत्रालय ने कथित वित्तीय विसंगतियों और ‘‘राष्ट्रीय हित’’ के खिलाफ माने जाने वाले धन अंतरण का हवाला देते हुए वांगचुक के संगठन का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया था.

सरकार का बड़ा फैसला: तबादलों पर सख्ती, विभागीय स्वीकृति ज़रूरी

जयपुर तबादलों में विभागों के मनमाने रवैये से नाराज सरकार ने अब कर्मचारियों के  स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति या नई पदस्थापना को लेकर सख्ती कर दी है। राज्य सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश कु अनुसार अब किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति या नई पदस्थापना प्रशासनिक विभाग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं हो सकेगी।  आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि बिना सहमति कोई आदेश जारी किया गया तो वह स्वतः प्रभावहीन माना जाएगा और संबंधित विभागीय अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी विशेष या आपात स्थिति में बिना अनुमति आदेश जारी करना अत्यावश्यक हो, तो तुरंत प्रशासनिक विभाग को सूचना देकर अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बीते दिनों सरकार के कई विभागों ने अपने स्तर पर ही तबादले, प्रतिनियुक्ति और पदस्थापन के आदेश जारी कर दिए थे। इनमें सबसे ज्यादा मामले प्रतिनियुक्ति को लेकर सामने आते हैं। अपनी मनमानी जगह पर तबदला लेने के लिए सरकार में बड़ी संख्या में प्रतिनियुक्तियां भी करवाई गई हैं। सरकार ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए सख्ती से रोका गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश सभी विभागों को भेज दिया गया है और इस पर तत्काल प्रभाव से अमल सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके तहत अब बिना सक्षम अनुमति के जारी हुए सभी आदेश शून्य प्रभाव माने जाएंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में अफसरशाही और संगठन दोनों स्तरों पर संवेदनशील नियुक्तियों और फेरबदल को लेकर गंभीरता बढ़ी है।

नक्सलियों को करारा झटका: गुप्त हथियार फैक्ट्री ध्वस्त, जखीरा किया गया जब्त

सुकमा सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया है. सुकमा जिले के मेट्टागुड़ा कैम्प क्षेत्र में नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है. फैक्ट्री से भारी मात्रा में हथियार, बारूद और निर्माण उपकरण बरामद किया गया है. दरअसल, मेट्टागुड़ा कैम्प से जिला बल और 203 कोबरा वाहिनी की संयुक्त पार्टी सर्च ऑपरेशन के लिए निकली थी. इस दौरान ग्राम कोईमेंटा के आसपास जंगल-पहाड़ियों में जवानों ने गहन सर्चिंग शुरू की. जंगल में नक्सलियों की हथियार और विस्फोटक बनाने की फैक्ट्री का पता चला. जवानों ने मौके पर नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया. नक्सलियों की फैक्ट्री से क्या-क्या मिला ?     वर्टिकल मिलिंग मशीन – 01     बेंच वाइस – 03     बीजीएल लांचर (बड़ा) – 02     बीजीएल शेल (खाली) – 12     बीजीएल हेड्स – 94     हैंड ग्राइंडर मशीन – 01     लकड़ी के राइफल बट – 06     भरमार का ट्रिगर मैकेनिज्म – 01     भरमार ट्रिगर मैकेनिज्म (पिस्टल ग्रिप सहित) – 01     सोलर बैटरी – 04     बोरवेल ड्रिलिंग बिट (10 फीट) – 01     गैस कटर हेड्स – 02     डायरेक्शनल आईईडी पाइप्स – 03     मेटल मोल्डिंग पॉट्स – 06     स्टील वाटर पॉट्स – 02     एल्युमिनियम पॉट – 01     आयरन कटर व्हील्स – 06     टैपिंग रॉड – 01     आयरन स्टैंड – 01     स्टील पाइप पीस (BGL हेतु) – 80     आयरन स्क्रैप्स – बड़ी मात्रा