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आई लव बुलडोजर पोस्टर लखनऊ की सड़कों पर, CM योगी का हुआ जिक्र

लखनऊ कानपुर से शुरू हुआ I Love Muhammad का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद ने लखनऊ की सड़कों पर भी एक नया माहौल तैयार कर दिया है। हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए शहर के अलग अलग स्थानों ओर हो रहे प्रदर्शन के बीच अब इस विवाद में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ चुके हैं, जिससे अब ये विवाद सियासी गलियारों में एक नई हलचल पैदा कर सकता है। दरअसल, I Love Muhammad विवाद के बीच भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अमित त्रिपाठी ने शहर में जगह-जगह I Love Yogi Adityanath Ji और I Love Bulldozer लिखे होर्डिंग्स लगवाए हैं। इन पोस्टरों में सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर और बुलडोजर का चित्र लगाया गया है। अमित त्रिपाठी का कहना है कि योगी आदित्यनाथ ने यूपी में गुंडों-माफियाओं पर बुलडोजर चलाकर शांति व्यवस्था कायम की है और जनता का विश्वास जीता है। योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर एक्शन पर पोस्टर वॉर लखनऊ के वीवीआईपी चौराहा, समता मूलक चौराहा और जानकीपुरम में अचानक I Love Bulldozer और I Love Yogi Adityanath Ji के पोस्टर नजर आने लगे। इन पोस्टरों में सीएम योगी की छवि को लॉ एंड ऑर्डर के मसीहा के रूप में दिखाया गया है। आपको बता दें कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अमित त्रिपाठी ने इन्हें लगवाया और कहा कि योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन से उत्तर प्रदेश में अपराधियों की कमर टूटी है और जनता सुरक्षित महसूस कर रही है। योगी के सख्त प्रशासन पर मिला जनसमर्थन भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री अमित त्रिपाठी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी है और अपराधियों पर जिस तरह बुलडोजर चलाया है, वह पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों का उद्देश्य जनता को यह संदेश देना है कि यूपी में शांति और अमन-चैन CM योगी के कारण कायम है। इस कदम को योगी की बुलडोजर बाबा वाली छवि को और मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है। 'I Love Muhammad' विवाद से जुड़ा नया सियासी एंगल इस पूरे घटनाक्रम की जड़ कानपुर का 4 सितंबर का विवाद है, जब बारावफात जुलूस के दौरान I Love Muhammad बैनर लगाया गया। विरोध के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और मामला बढ़ता चला गया। कई जगह हिंदू समुदाय ने I Love Mahadev/Mahakaal पोस्टर लगाए। अब लखनऊ में लगे I Love Bulldozer और I Love Yogi Adityanath Ji होर्डिंग्स को इस विवाद का राजनीतिक जवाब माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर सीएम योगी की सख्त छवि को केंद्र में रखता है।

चैतन्यानंद का काला इतिहास: यौन शोषण, बड़े घोटाले और अनगिनत साजिशें सामने आईं

नई दिल्ली दिल्ली के वसंत कुंज में मौजूद श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च (SRISIIM) का चांसलर स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी फरार है. उसके खिलाफ 17 EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की छात्राओं ने यौन शोषण और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं. दिल्ली पुलिस की कई टीमें अलग-अलग शहरों और राज्यों में छापेमारी कर रही हैं, लेकिन बाबा इतना शातिर है कि अब तक कानून के कटघरे में नहीं आया है. संस्थान में पढ़ने वाली कई लड़कियों ने पुलिस के सामने बाबा का काला सच बयां किया है. एक पूर्व छात्र ने भी 'आज तक' के कैमरे पर बाबा की काली करतूतों का खुलासा किया है, जो हैरान करने वाला है. इस मामले को लेकर 4 अगस्त 2025 को वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई, और तब शुरू हुआ पाखंडी बाबा की हरकतों के किस्से बाहर आने का सिलसिला. श्रृंगेरी मठ के प्रशासक पीए मुरली ने स्वामी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद बाबा फरार हो गया. कहां छुपा है चैतन्यानंद? शातिर स्वामी का ठिकाना अब बड़ा रहस्य बन गया है. यौन शोषण के आरोप लगने के बाद से वो भगवाधारी फरार है. दिल्ली से भागने में उसकी मदद कौन कर रहा है? ये सवाल भी सिर उठा रहा है. पुलिस को शक है कि संस्थान और बाहर मौजूद उसके कॉकस के लोग इस काम में शामिल हैं. 5 राज्यों में पुलिस टीमें उसकी तलाश कर रही हैं, लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है. लेकिन बाबा का कोई सुराग नहीं मिल रहा. क्या वह भूमिगत हो गया है? देश से बाहर भागा है? या बहुरूपिया बनकर घूम रहा है? दिल्ली की सड़कों पर डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट वाली कारों से फर्राटा भरने वाला वो शातिर बाबा लेक्चर, किताबों और वीडियो की आड़ में अपना खेल करता था. लेकिन अब उसका पता नहीं है. फर्जी बाबा चैतन्यानंद मैनेजमेंट, नीति और नैतिकता का लेक्चर दिया करता था, अब वही संगीन आरोपों में घिरा है. अब दिल्ली पुलिस को उसकी तलाश है, जो खुद नामी संस्थान का सर्वेसर्वा था. उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद वह लापता हो गया था. उसे ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि वह मोबाइल, डेबिट-क्रेडिट कार्ड या UPI का इस्तेमाल नहीं कर रहा है. लग्जरी गाड़ियों का शौकीन था फर्जी बाबा माथे पर त्रिपुंड, भगवा वस्त्र, वेदांत की बातें करने वाला वो ढ़ोंगी बाबा लग्जरी गाड़ियों का शौकीन था. पुलिस को सिर्फ उसकी लग्जरी BMW कार हाथ लगी, जो दिल्ली पुलिस ने बरामद कर ली. दावा है कि इसी BMW से चैतन्या भागा था, लेकिन कहां, यह रहस्य है. इसके अलावा, उसकी वोल्वो कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया. यह कार फर्जी डिप्लोमेटिक नंबर (39 UN 1) वाली थी, जिसके लिए अलग FIR दर्ज हुई. 25 अगस्त 2025 को उसकी कार जब्त की गई. दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. देश के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर उसकी निगरानी बढ़ा दी गई है. चैतन्यानंद उर्फ पार्थासारथी की तलाश में पुलिस जर्रा-जर्रा छान रही है. पूर्व छात्रों ने बताया कि बाबा के खिलाफ कई बार लड़कियों ने शिकायत की, लेकिन पुलिस से मदद न मिलने पर उनका हौसला टूट गया. साल 2016 में डिफेंस कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज हुई थी. साल 2009 का भी एक पुराना केस था, लेकिन पैसे और रसूख से बाबा हर बार बच निकलता था. पीड़ितों का कहना है कि असफलता से डरकर कई लड़कियां चुप हो जाती थीं. अब उसके खिलाफ 5 FIR दर्ज हैं, जिनमें दो पुरानी और तीन नई है. जिनमें धोखाधड़ी, छेड़छाड़ और फर्जी नंबर प्लेट का केस भी शामिल है. चौंकाने वाला तथ्य यह है कि बाबा ज्यादातर आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को निशाना बनाता था. EWS स्कॉलरशिप वाली छात्राओं को बेहतर करियर और विदेश यात्रा का लालच देकर फंसाया जाता था. जो लड़कियां विरोध करतीं, उन्हें एग्जाम में फेल करने की धमकी दी जाती थी. वॉर्डन लड़कियों को उसके कमरे भेजती थी, WhatsApp पर 'कम टू माय रूम' जैसे मैसेज भेजे जाते. कई बार मैसेज अश्लील होते थे. लिहाजा, चैट्स डिलीट कर दिए जाते थे. CCTV टैम्पर किया जाता. 32 महिलाओं में से 17 ने शोषण की शिकायत की है. पूर्व छात्र ने बताया कि इंस्टीट्यूट में अब भी पढ़ रही लड़कियां ऐसी ही कहानियां सुना रही हैं. यह सिस्टेमैटिक एक्सप्लॉइटेशन था, जो 16 साल से चल रहा था. पुलिस ने 3 वॉर्डन्स से पूछताछ की, जो मैसेज डिलीट करने के आरोपी हैं. लड़कियों का यौन शोषण करने वाले बाबा के बारे में अब कई विस्फोटक बातें सामने आईं हैं. एक पूर्व छात्र ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को लेकर जो खुलासा किया, वो हैरान करने वाला है. बाबा अपने रौब और दबदबे से सालों से इंस्टीट्यूट की लड़कियों का शोषण कर रहा था. यकीन नहीं आता, लेकिन पूर्व छात्र ने 'आज तक' से बातचीत में बाबा की मोडस ऑपरेंडी खोलकर रख दी. इंस्टीट्यूट के पूर्व छात्र ने साफ कहा कि सिर्फ पूर्व छात्राएं ही नहीं, बल्कि वर्तमान लड़कियां भी ऐसी शिकायतें कर रही हैं. बाबा के खिलाफ यह कोई पहला मामला नहीं, पहले भी कई केस दर्ज हुए हैं. लेकिन शुरू से पुलिस हाथ साफ रखती रही. अब गवाह सामने आ रहे हैं. इंस्टीट्यूट का पूर्व छात्र चैतन्यानंद को लेकर जो खुलासे कर रहा था, हमने उससे पूछा कि क्या किसी लड़की ने खुद शिकायत की? उसका जवाब था कि कई लड़कियों ने कमोबेश एक जैसी कहानियां सुनाईं हैं. शिकायते की हैं. पुलिस ने बाबा के ठिकाने से जो विवादित BMW कार बरामद की, उसमें भी बाबा ने कथित तौर पर ज्यादती की थी. उस कार को खरीदने के बाद बाबा ऋषिकेश पूजा के लिए गया था, लेकिन रास्ते में साथ गई लड़कियों का शोषण भी किया था. श्री श्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम का यह दागी चांसलर अब कानून की पहुंच से बाहर है. पुलिस सबूतों के साथ गवाहों को इकट्ठा कर रही. NCW ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को तुरंत इस मामले में आरोपी बाबा की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. उधर, दिल्ली की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से घिरे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की अग्रिम … Read more

शहबाज की जीत वाली कहानी पर भारत का UN में करारा जवाब, पाक का सच बयां

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के भाषण पर भारत ने कड़ा पलटवार किया है. भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने 'राइट टू रिप्लाई' का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद पर घेरा. 'शहबाज ने किया आतंकवाद का महिमामंडन' पेटल गहलोत ने कहा कि सुबह इस सभा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का भाषण सुना, जिसमें उन्होंने एक बार फिर आतंकवाद का महिमामंडन किया, जो उनकी विदेश नीति का अहम हिस्सा है. उन्होंने याद दिलाया कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान ने 'रेसिस्टेंस फ्रंट' जैसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन का बचाव किया था जो जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार था. उन्होंने कहा कि यह वही पाकिस्तान है जिसने ओसामा बिन लादेन को सालों तक अपने यहां छिपाए रखा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का दिखावा करता रहा. उनके मंत्रियों ने खुद माना है कि पाकिस्तान दशकों से आतंकी कैंप चलाता आया है. 'टूटे और जले हुए एयरबेस को जीत बता रहा पाकिस्तान'   भारत की राजनयिक ने पाकिस्तान को उसके झूठे दावों पर भी घेरा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जिस 'जीत' की बात कर रहे हैं, वह दरअसल भारतीय हमले में नष्ट हुए उनके एयरबेस, जले हुए हैंगर और टूटे हुए रनवे की तस्वीरें हैं, जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं. अगर पाकिस्तान इन्हें जीत मानता है, तो उसे मानने दीजिए. 'सिर्फ द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाए जाएंगे सभी मुद्दे' गहलोत ने कहा कि सच यही है कि पाकिस्तान भारत में निर्दोष नागरिकों पर आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है और भारत हमेशा अपने लोगों की सुरक्षा के लिए जवाबी कदम उठाएगा. भारत ने एक बार फिर दोहराया कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो भी मुद्दे हैं, वे केवल द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाए जाएंगे और किसी तीसरे पक्ष की इसमें कोई भूमिका नहीं होगी.

कांग्रेस के आरोपों पर टंकराम वर्मा का पलटवार, कहा- मोदी पर ‘वोट चोर’ का ठप्पा लगाना बेबुनियाद

रायपुर देशभर में कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का अभियान चला रही है. PM मोदी को ‘वोट चोर’ कहने पर छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने सबूत मांगे थे, लेकिन कांग्रेस कोई सबूत पेश नहीं कर सकी. जनता ने उन्हें एक लाइन में खारिज कर दिया है. प्रदेश और देश में कांग्रेस का जनाधार खत्म : मंत्री टंक राम वर्मा मंत्री वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के पास अब बोलने को कुछ नहीं है. पीएम मोदी को पहले ‘चौकीदार चोर’ कहा, अब ‘वोट चोर’ बोल रहे हैं. वे जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश और देश में उनका जनाधार खत्म हो चुका है. कांग्रेस बूथ अध्यक्ष नियुक्ति पर कसा तंज कांग्रेस के संगठन सृजन पर मंत्री टंक राम वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में बूथ, मंडल से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक लोकतांत्रिक नियुक्ति होती है. कांग्रेस में पहले राष्ट्रीय नेताओं की नियुक्ति होती है, फिर उनके नीचे अन्य नेताओं की. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते हैं कि ऐसा बूथ अध्यक्ष बनाएंगे, जो उनके आदेश पर कुत्ते की तरह भौंके. कम बारिश होने से फसलें प्रभावित वहीं छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में इस साल कम वर्षा हुई है, जिसके चलते कई किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं. राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग सभी जिलों में सर्वे कर रहा है, रिपोर्ट आने के बाद कहां और कितनी फसल प्रभावित हुई है, यह स्थित साफ होगी.

अमृतसर हवाई अड्डे से दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर रूबल सरदार को किया गिरफ्तार

अमृतसर  दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने हाशिम गिरोह के सदस्य गैंगस्टर रूबल सरदार को अमृतसर हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि सरदार के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी था और उस पर पुलिस टीम लगातार नजर बनाए हुए थीं। हाशिम गिरोह के सदस्यों के खिलाफ जारी कार्रवाई के तहत ही उसे गिरफ्तार किया गया है।

यूपी ट्रेड शो में दर्शकों का उमड़ा सैलाब, दूसरे दिन पहुँचे 91 हजार से ज़्यादा लोग

बड़ी संख्या में पहुंच रहे युवा, शनिवार को और अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) के दूसरे दिन दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ट्रेड शो के दूसरे दिन कुल 91,259 आगंतुक पहुंचे, जिनमें 23,758 बी2बी (बिजनेस टू बिजनेस) और 67,501 बी2सी (बिजनेस टू कंज्यूमर) शामिल रहे। पहले दिन आए 49 हजार आगंतुकों को जोड़कर दो दिनों में कुल 1,40,259 दर्शक ट्रेड शो पहुंचे। यह रिकॉर्ड-ब्रेकिंग फुटफॉल उत्तर प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक ताकत और यूपीआईटीएस की वैश्विक पहचान को दर्शाता है। इस आयोजन को न केवल व्यापार जगत के पेशेवरों ने सराहा, बल्कि आम दर्शकों ने भी प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गहरी रुचि दिखाई। दिनभर चले विविध कार्यक्रमों में भारत-रूस बिजनेस डायलॉग केंद्र में रहा। इसमें 85 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया और 240 से ज्यादा बी2बी बैठकें हुईं। इन बैठकों के परिणामस्वरूप लगभग 120 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए, जिनका अनुमानित मूल्य 5.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। दूसरे दिन एमएसएमई, शहरी विकास, आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि और स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी कई विषयगत सत्र आयोजित किए गए। छात्रों और युवाओं की भारी भागीदारी ने भी आयोजन को विशेष बनाया। करीब दो हजार से अधिक युवा व्यापार-उन्मुख गतिविधियों से जुड़े, जबकि 362 छात्रों ने क्विज, माइम और मॉडल यूनाइटेड नेशंस जैसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभा दिखाई। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। इसमें भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की नृत्य-नाटिका, श्रीकृष्ण लीला, रसिया गायन, चरकुला नृत्य और जयपुर के स्वराग बैंड की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो सरीखे और आयोजनों की जरूरत यूपीआईटीएस 2025 के दूसरे दिन आयोजित सत्र ‘एमएसएमई@2047 – एक विकसित भारत का इंजन’ में शामिल हुए केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए यूपीआईटीएस जैसे और आयोजन देशभर में होने चाहिए। इससे न केवल उद्यमियों को मंच मिलेगा बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित होंगे। मांझी ने कहा कि यूपी में हर जिले तक एमएसएमई को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार प्रयासरत है और ऐसी पहल पूरे देश में फैलनी चाहिए। इसी सत्र में प्रदेश के एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी। जहां आवश्यकता होगी, नीतियों में संशोधन किया जाएगा और हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। सचान ने कहा कि भारत को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य एमएसएमई की ताकत और योगदान के बिना पूरा नहीं हो सकता।

World Heart Day: डॉक्टर से जानिए बाजू के दर्द से लेकर हार्ट ब्लॉकेज तक के अहम सवालों के जवाब

खराब दिनचर्या, अनहेल्दी खानपान, तनाव और बढ़ती व्यस्तता के बीच अपनी सेहत और दिल का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है। अगर किसी को हार्ट डिजीज से संबंधित कोई लक्षण दिखे तो उसे तत्काल डॉक्टर से मिल कर अपना पूरा इलाज कराना जरूरी है। डॉक्टर बताते हैं कि हार्ट अटैक की स्थिति में शुरुआती 60 मिनट मरीज के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में, इस दौरान मरीज को जल्द से जल्द हास्पिटल पहुंचना चाहिए ताकि उसके जीवन को बचाया जा सके। आइए, 29 सितंबर को मनाए जा रहे World Heart Day 2025 के मौके पर विशेषज्ञ से जानते हैं हार्ट हेल्थ से जुड़े कुछ सवालों के बारे में। सवाल : मेरी उम्र 76 वर्ष है। मैं एक हार्ट पेशेंट हूं। पेसमेकर लगा है। मुझे उचित सलाह दें? जवाब : आप डाइट कंट्रोल रखें और सुपाच्य व पौष्टिक भोजन ही करें। ईको आदि जरूरी जांच समय-समय पर कराते रहें। कैल्शियम, प्रोटीन और कोलेस्ट्रॉल को बैलेंस रखें। इन्हें बढ़ने न दें। सीआरपीसी यानी सी-रिएक्टिव प्रोटीन टेस्ट आप जरूर करा लें। यदि समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से आकर मिल लें। सवाल: मेरी उम्र 82 वर्ष है। मेरी दो बार बाईपास सर्जरी हो चुकी है। एंजियोप्लास्टी भी हो रखी है। मुझे किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है? जवाब : आप डॉक्टर के संपर्क में रहें। उनकी सलाह व दवाओं का नियमित सेवन करते रहें। चाहें तो आप सीटी एंजियोग्राफी करा सकते हैं। आपको प्रोग्रेसिव हार्ट डिजीज से बचाव की भी जरूरत है। ऐसे में सतर्कता ही बचाव है। इसके अलावा अपने खानपान और दिनचर्या का विशेष ख्याल रखें। सवाल : मुझे सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है। जल्दी थक जाता हूं। क्या करूं? जवाब : सबसे पहले तो यदि आप तंबाकू सेवन या धूमपान आदि करते हों तो उसे बिलकुल छोड़ दें। अल्कोहल आदि से भी दूरी जरूरी है। इसके अलावा इकोकार्डियोग्राम यानी ईको और टीएमटी यानी ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट भी आपको कराना चाहिए। आपको एक बार ये जांच कराकर डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए। सवाल : मेरी उम्र 58 साल है। मेरा बीपी अक्सर हाई ही रहती है। क्या इससे हार्ट की दिक्कत हो सकती है? जवाब : लगातार बीपी का हाई रहना हार्ट, किडनी व अन्य आंतरिक अंगों के लिए नुकसानदेह है। इसे आप अन्यथा न लें। जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें और अपना ईको और टीएमटी आदि जांच जरूर करा लें। सवाल : मेरी उम्र 64 साल है। जांच में मेरे दिल में 70 प्रतिशत ब्लॉकेज की शिकायत मिली है। क्या छल्ला लगवाना पड़ेगा? जवाब : सीने या बाएं हाथ में दर्द, थकान, अत्यधिक पसीना आना आदि लक्षण दिख रहे हों और ब्लॉकेज भी हो तो आपको डॉक्टर से मिल लेना चाहिए। संभव है कि दवा से ठीक हो जाए। लेकिन यदि कुछ समय बाद भी राहत न मिले तो आपको छल्ला यानी स्टेंट जरूर लगवा लेना चाहिए। आप अपने बीपी और शुगर की भी नियमित निगरानी रखें। एंजियोग्राफी के बाद ही आपको बेहतर सुझाव दे सकते हैं। सवाल : मेरी उम्र 62 वर्ष है। मेरी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। अभी भी सीने में जकड़न महसूस करती हूं। मैं क्या करूं? जवाब: तनाव, अवसाद या भूख में कमी आपको महसूस हो सकती है। बीपी और शुगर ठीक रखें। स्ट्रेस इको ईसीजी एवं ब्लड व यूरिन टेस्ट करा लें। जांच के बाद ही हम सही से आपको उचित सलाह दे पाएंगे। दवाओं के बदलाव से इस समस्या का समाधान संभव हो। आप सीपीके टेस्ट भी करा सकती हैं। सवाल : मेरी उम्र 50 साल है। मेरे लेफ्ट साइड में दर्द की शिकायत रहती है। मुझे उचित सलाह दें? जवाब : आप इको टेस्ट, टीएमटी, बीपी व शुगर की जांच कराने के बाद एक बार आकर डॉक्टर से मिल लें। कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखें। पानी खूब पीएं और हर रोज टहला करें। सुपाच्य भोजन ही करें। भोजन में मोटा अनाज व दाल को शामिल करें। योग-व्यायाम नियमित करें। हर रोज टहलें और शरीर को एक्टिव रखें। सवाल : मेरी उम्र 48 वर्ष है। हार्ट बीट कभी बराबर नहीं रहती। क्या यह किसी जोखिम के लक्षण हैं? जवाब : आप डॉक्टर से तुरंत मिल लें और अपना इको टेस्ट भी कराएं। कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले भोजन आदि न करें। ईसीजी व वाल टेस्ट आपको करा लेना चाहिए। आप नियमित साइकिलिंग करें या तेज चाल से चलें। इसके साथ ही योग व व्यायाम को भी अपनाएं। तले-भुने भोजन से बचें। सवाल : मुझे काफी पसीना होता है। शरीर में दर्द भी रहता है। क्या मेरे दिल में परेशानी शुरू हो चुकी है? जवाब : सीने, पीठ व बाजू में दर्द को गंभीरता से लेना चाहिए। यह दिल की बीमारी के संकेत हो सकते हैं। आपको यदि चलने-फिरने में भी परेशानी महसूस हो रही हो तो डॉक्टर से जरूर मिल लें। कई बार ऐसी समस्याएं न्यूरो से भी संबंधित होती हैं। अत: जांच के बाद ही हम सही बता सकते हैं।  

8.25 लाख प्रदेशवासियों ने साझा किए अपने मूल्यवान सुझाव

समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान 8.25 लाख प्रदेशवासियों ने साझा किए अपने मूल्यवान सुझाव अभियान के तहत सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों का संवाद जारी ग्रामीण क्षेत्रों से 6.3 लाख तो नगरीय क्षेत्रों से 1.75 लाख प्रदेशवासी जुड़ चुके अभियान से सर्वाधिक 4.5 लाख सुझाव 31-60 आयु वर्ग के लोगों द्वारा दिए गए 3.5 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु के तो 50 हजार सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए सबसे ज्यादा 2.85 लाख सुझाव शिक्षा क्षेत्र से, जबकि 1.5 लाख सुझाव नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र से मिले स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि, आईटी & टेक, इंडस्ट्री और सुरक्षा से सम्बंधित विषयों पर भी मिले सुझाव  महाराजगंज 65 हजार से अधिक फीडबैक के साथ अव्वल, कानपुर देहात और सम्भल भी पीछे नहीं लखनऊ समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 अभियान के तहत 26 सितम्बर, 2025 तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघटनों, मीडिया एवं आमजन से संवाद किया। इस दौरान विगत 8 वर्षों की विकास यात्रा पर जानकारी साझा करने के साथ भविष्य की विकास रूपरेखा पर चर्चा की गई। अभियान के तहत शुक्रवार तक लगभग 8.25 लाख प्रदेशवासियों ने अपने सुझाव साझा किए हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 6.3 लाख तो वहीं नगरीय क्षेत्रों से लगभग 1.75 लाख प्रदेशवासी जुड़ चुके हैं। अभियान से जुड़ रहा युवा वर्ग सर्वाधिक 4.5 लाख सुझाव 31-60 आयु वर्ग के लोगों द्वारा दिए गए हैं, जबकि 3.5 लाख सुझाव  31 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों ने दिए हैं। वहीं 50 हजार सुझाव सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए है। सर्वाधिक 2.85 लाख सुझाव शिक्षा क्षेत्र से, 1.5 लाख नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र से, 60 हजार स्वास्थ्य क्षेत्र से, 65 हजार समाज कल्याण से, 1.7 लाख कृषि क्षेत्र से, 22 हजार आईटी & टेक, 23 हजार इंडस्ट्री तथा 15 हजार सुरक्षा से सम्बंधित विषयों पर प्राप्त हुए हैं। जनपद महाराजगंज से 65 हजार से अधिक, कानपुर देहात से 35 हजार, 34 हजार फीडबैक सम्भल से प्राप्त हुए हैं। प्राप्त हुए ये महत्वपूर्ण सुझाव सीतापुर से विमल कुमार के अनुसार उत्तर प्रदेश को 2047 तक समृद्ध और सशक्त राज्य बनाने के लिए गांव पंचायतों को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी दो सबसे प्राथमिक कदम हैं, जो पूरे प्रदेश के विकास का आधार बन सकते हैं। गांवों तक बेहतर सड़क और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि ग्रामीण जनता के व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो सके। गांवों में इंटरनेट की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र सरकार की योजनाओं, ऑनलाइन शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जुड़ सकें। हापुड़ से सबनम का विचार है कि भारत को 2047 तक पर्यटन के क्षेत्र में विश्व अग्रणी बनाने के लिए सांस्कृतिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का संतुलित विकास जरूरी है। ऐतिहासिक स्थलों और स्मारकों की देखभाल, स्वच्छता, सुरक्षा, और बेहतर परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। ग्रामीण पर्यटन, इको-टूरिज्म और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने से देश को विविध अनुभवों का केंद्र बनाया जा सकता है। स्थानीय कला, हस्तशिल्प और व्यंजनों को प्रोत्साहित कर रोजगार बढ़ाया जा सकता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट गाइडेंस के जरिये पर्यटकों को सुगम जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है। यदि सतत विकास और आधुनिकता का संतुलन रखा जाए तो भारत 2047 तक दुनिया का सबसे आकर्षक और विकसित पर्यटन स्थल बन सकता है। कानपुर देहात से प्रीति केशरी का सुझाव है कि परिवहन की सुरक्षा और सुगमता हेतु अच्छे मार्गों का निर्माण आवश्यक है। विद्यालय तक पहुँच के लिए सड़कों का चौड़ीकरण हो, ताकि बच्चों का विद्यालय तक पहुँचना सरल हो सके और ग्रामीण क्षेत्र तेजी से विकसित हों। यह व्यवस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी। लखनऊ से संतोष कुमार के अनुसार प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर एक प्रशिक्षित चिकित्सा टीम के साथ पशु एम्बुलेंस होनी चाहिए ताकि पशुओं को बेहतर उपचार मिल सके। टोल फ्री नंबर 1962 का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर किए जाने की आवश्यकता है। अधिकांश जनता इस संपर्क नंबर से अनजान है। इसे व्यापक रूप से प्रचारित किया जाना चाहिए।

धान क्रय लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन, सेमीकंडक्टर निवेश और लिंक एक्सप्रेसवे को हरी झंडी

योगी कैबिनेट में 22 प्रस्ताव मंजूर, कृषि खरीद से लेकर औद्योगिक निवेश तक हुए बड़े निर्णय – धान क्रय लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन, सेमीकंडक्टर निवेश और लिंक एक्सप्रेसवे को हरी झंडी – धान खरीद : कॉमन 2369, ग्रेड ए 2389 रुपये/क्विंटल – मक्का खरीद : 2400 रुपये/क्विंटल, 25 जिलों में 15,000 मीट्रिक टन लक्ष्य – बाजरा खरीद : 2775 रुपये/क्विंटल, 33 जिलों में 2.2 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य – ज्वार खरीद : हाईब्रिड 3699, मालदांडी 3749 रुपये/क्विंटल, 50,000 मीट्रिक टन लक्ष्य – उज्ज्वला योजना : 1.86 करोड़ परिवारों को होली-दीपावली पर 2 मुफ्त सिलेंडर – आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे तक 90 km का नया लिंक एक्सप्रेसवे स्वीकृत, 7488 करोड़ आएगी लागत – डीएमएफ न्यास संशोधन 2025 : 70% निधि स्वास्थ्य-शिक्षा पर, राज्य पर कोई बोझ नहीं – शहरी विस्तारीकरण योजना : 970 करोड़ सीड कैपिटल रामपुर-अयोध्या समेत 5 शहरों के लिए स्वीकृत – 3 नई निजी यूनिवर्सिटी को अनुमति, यूपी में अब कुल 50 निजी विश्वविद्यालय होंगे – छात्रवृत्ति : एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी के 4 लाख से अधिक छात्र होंगे लाभान्वित, डीबीटी से भेजे जाएंगे 647 करोड़ रुपए लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की गई। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की। खन्ना ने बताया कि सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली है, जो राज्य के आर्थिक, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में नई दिशा प्रदान करेंगे। 2025-26 के लिए धान क्रय नीति की घोषणा कृषि क्षेत्र को राहत देने वाले फैसलों ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए मूल्य संवर्धन योजना के अंतर्गत धान क्रय नीति की घोषणा की गई है। इसके तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक धान की खरीद की जाएगी। गत वर्ष कॉमन धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2300 रुपये प्रति क्विंटल था, जो इस वर्ष बढ़ाकर 2369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसी प्रकार, ग्रेड ए धान के लिए पिछले वर्ष 2330 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले इस वर्ष 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। कुल 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें वर्तमान में 3100 क्रय केंद्र कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इनकी संख्या बढ़ाकर 700 अतिरिक्त केंद्र जोड़े जाएंगे, ताकि किसानों को अधिक सुविधा मिल सके। खन्ना ने स्पष्ट किया कि सभी क्रय केंद्रों पर नमी मापक यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक कांटे और किसानों की अन्य सुविधाओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मक्का की खरीद के लिए 2400 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित मोटा अनाज की खरीद नीति भी मंत्रिपरिषद ने मंजूर कर ली है, जो 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी। मक्का की खरीद के लिए 2400 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 2225 रुपये प्रति क्विंटल से 175 रुपये की वृद्धि दर्शाता है। मक्का की खरीद 25 जिलों में होगी, जिनमें बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, गोंडा, बहराइच, बलिया, सोनभद्र, जौनपुर, मीरजापुर, देवरिया और ललितपुर शामिल हैं। इसके लिए 75 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे और 15 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है। बाजरा की खरीद के लिए 2775 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य तय  बाजरा की खरीद के लिए 2775 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के 2625 रुपये से 150 रुपये अधिक है। बाजरा की खरीद 33 जिलों में होगी, जिनमें बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई और उन्नाव प्रमुख हैं। 300 क्रय केंद्रों के माध्यम से 2 लाख 20 हजार मीट्रिक टन बाजरा खरीदा जाएगा। 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार खरीद का लक्ष्य ज्वार की खरीद नीति में भी वृद्धि की गई है। हाईब्रिड ज्वार के लिए 3699 रुपये प्रति क्विंटल तथा मालदांडी ज्वार के लिए 3749 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है। ज्वार की खरीद 11 जनपदों में होगी, जिनमें कानपुर, कानपुर देहात, जालौन, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर, मीरजापुर, उन्नाव और हरदोई शामिल हैं। 80 क्रय केंद्रों से 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इन नीतियों से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर बैठक में ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाने वाले फैसलों पर विशेष जोर दिया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) न्यास तृतीय संशोधन नियमावली 2025 को मंत्रिपरिषद ने अपना अनुमोदन दे दिया है। इस संशोधन से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। संशोधन के तहत जिला खनिज फाउंडेशन निधि (डीएमएफ) का 70 प्रतिशत हिस्सा प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में व्यय किया जाएगा। शेष 30 प्रतिशत निधि का उपयोग भौतिक संरचना विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास में किया जाएगा। खन्ना ने कहा कि यह कदम खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाएगा। सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक और बड़ा फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत होली-दीपावली अवसर पर 1 करोड़ 86 लाख लाभार्थी परिवारों को दो नि:शुल्क एलपीजी गैस सिलेंडर प्रदान किए जाएंगे। यह निर्णय गरीब महिलाओं को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। न्यायिक क्षेत्र में भी राहत मिली है। मा. उच्चतम न्यायालय में दायर अपील 'प्रेमलता बनाम उत्तर प्रदेश सरकार' पर फैसले के अनुपालन में मृतक आश्रित योजना को संशोधित किया गया है। अब मृतक कर्मचारी के आश्रित को उसी कैडर में नौकरी … Read more

रूस की 30 कंपनियों ने दिखाई यूपी में रुचि, ग्रेटर नोएडा में B2B संवाद से खुले निवेश के नए अवसर

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में रूस–भारत व्यापार संवाद ने खोले सहयोग के नए द्वार रूस की 30 कंपनियों ने दिखाई यूपी में रुचि, ग्रेटर नोएडा में B2B संवाद से खुले निवेश के नए अवसर तीन घंटे की अवधि में 240 से अधिक लक्षित B2B बैठकें संपन्न हुईं ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में 2025 के अवसर पर इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को रूस–भारत व्यापार संवाद पर केंद्रित एक विशेष बी2बी (B2B) बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस संवाद में 85 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया, जिसके तहत मात्र तीन घंटे की अवधि में 240 से अधिक लक्षित B2B बैठकें संपन्न हुईं। रूस की 30 कंपनियाँ विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय उद्यमियों के साथ व्यापार और निवेश के अवसरों पर चर्चा करने, रणनीतिक साझेदारियाँ स्थापित करने और द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु सक्रिय रूप से शामिल हुईं। इन सेक्टर्स पर हुई चर्चा प्रतिनिधित्व किए गए प्रमुख क्षेत्र थे विनिर्माण (औद्योगिक एवं इंजीनियरिंग), ऊर्जा, उपयोगिताएँ एवं अवसंरचना, एफएमसीजी, आईटी एवं डिजिटल समाधान, रसायन एवं सौंदर्य प्रसाधन, पैकेजिंग, चिकित्सा एवं चिकित्सा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घटक एवं ट्रांसमिशन, खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि, पर्यटन, व्यापार एवं थोक वितरण और पशुपालन। चर्चाओं में परस्पर हित के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर बल दिया गया और उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के लिए एक गतिशील केंद्र के रूप में उभरते हुए प्रस्तुत किया गया। रूसी निवेशकों ने राज्य के विस्तारित औद्योगिक आधार, सक्रिय शासन और क्षेत्र-विशिष्ट प्रोत्साहनों में गहरी रुचि दिखाई। आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा इस सत्र की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, श्री आलोक कुमार ने की, जबकि सह-अध्यक्षता इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री शशांक चौधरी ने की। यह आयोजन दोनों पक्षों की आर्थिक साझेदारी को सुदृढ़ करने और सतत विकास के नए मार्ग खोलने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। साथ ही, यह उत्तर प्रदेश की वैश्विक निवेश सहयोग के लिए रणनीतिक स्थिति और निवेशक अनुकूल नीतियों को उजागर करता है। रूस–भारत व्यापार संवाद ने सहयोग और निवेश संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव स्थापित किया है, जो भविष्य में दीर्घकालिक साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करेगा।