samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से वर्चुअल संवाद

विकसित यूपी महाअभियान के अग्रिम सेनानी हैं ग्राम प्रधान: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से वर्चुअल संवाद  मुख्यमंत्री बोले ग्राम प्रधान लोकतंत्र की प्रथम पंक्ति के प्रतिनिधि विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प की धुरी बनेगा ग्रामीण भारत: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रधानों को याद दिलाये प्रधानमंत्री के पंच प्रण, कहा विकसित यूपी के लिए हर प्रदेशवासी का योगदान जरूरी आज उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, स्थिरता और शांति का पर्याय बन चुका है: मुख्यमंत्री विकसित यूपी अभियान के बारे में ग्राम प्रधानों को किया जागरूक, कहा; पंचायत की खुली बैठक में करें चर्चा, हर प्रदेशवासी का सुझाव अमूल्य प्रत्येक जनपद के तीन और प्रदेश स्तर पर 05 सर्वोत्तम सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा अगले 04 वर्षों में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक प्रदेश होगा: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' की परिकल्पना को साकार करने में गांवों की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर गांव समृद्ध और आत्मनिर्भर होंगे, तो प्रदेश भी आत्मनिर्भर बनेगा और जब प्रदेश आत्मनिर्भर होगा तो विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता।  मुख्यमंत्री शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से संवाद कर रहे थे। यह संवाद नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने ग्राम प्रधानों को विकसित यूपी@2047 के संकल्पों से परिचित कराते हुए उनसे इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। इस दौरान ग्राम प्रधानों को विकसित यूपी@2047 अभियान के बारे में जानकारी देने वाली एक वीडियो फ़िल्म भी दिखाई गई और क्यूआर कोड तथा पोर्टल के माध्यम से सुझाव देने के तरीके से अवगत भी कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। जब देश की स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होंगे, तब भारत को विश्व की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित करना हम सबका साझा लक्ष्य है। इस महान लक्ष्य की प्राप्ति में ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आजादी के अमृतकाल के लिए प्रधानमंत्री जी ने 'पंच प्रण' लिए हैं, हर नागरिक इनको अपने जीवन मे उतारे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का स्पष्ट संदेश है कि यदि गांव सशक्त होंगे तो भारत सशक्त होगा और यदि भारत सशक्त होगा तो विश्व मंच पर उसका नेतृत्व सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पिछड़ेपन और अव्यवस्था के बोझ तले दबा हुआ था। किसान कठिन परिस्थितियों में परिश्रम करते थे, लेकिन सिंचाई, तकनीक और विपणन की सुविधाएँ सीमित थीं। बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें अधूरी थीं। युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं थे। भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और भेदभाव सरकारी व्यवस्थाओं में गहराई तक जकड़े हुए थे। पलायन की पीड़ा आम परिवारों को झेलनी पड़ती थी और गरीबी के कारण बच्चों की असमय मौतें होती थीं। लेकिन बीते आठ वर्षों में प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री जी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र ने उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा को नई पहचान दी है। आज उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, स्थिरता और शांति का पर्याय बन चुका है। 07 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपए हो रही है। प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से बढ़कर 01 लाख 20 हजार रुपये हो गई है। इन 08 वर्षों में 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश' का निर्माण हुआ है और अब अगले 04 वर्षों में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक प्रदेश होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तय किया गया है। इसमें तीन प्रमुख थीम रखी गई हैं; अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति। अर्थ शक्ति के अंतर्गत कृषि, उद्योग, निवेश और पर्यटन को नई गति दी जाएगी। सृजन शक्ति के तहत आधुनिक बुनियादी ढाँचा और हरित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं जीवन शक्ति का लक्ष्य एक स्वस्थ, शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण है। इसके तहत 12 सेक्टर निर्धारित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति में ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे अहम है क्योंकि लोकतंत्र की प्रथम पंक्ति के प्रतिनिधि होने के नाते वे ही इस महाअभियान के सच्चे शिल्पकार और अग्रिम सेनानी हैं। उन्होंने कहा कि आपके सुझावों के आधार पर एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा, जो अगले 22 वर्षों में विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा और रोडमैप तय करेगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि वे अपनी पंचायत की बैठकों में विकसित उत्तर प्रदेश के इस अभियान पर चर्चा करें, गांव-गांव, वार्ड-वार्ड और मोहल्लों में लोगों को जोड़ें और समर्थ पोर्टल पर अधिक से अधिक सुझाव दिलाएँ। ग्राम प्रधानों को भेजे गए पत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे पंचायत की खुली बैठक में जरूर पढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद के तीन और प्रदेश स्तर पर 05 सर्वोत्तम सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा। आने वाली पीढियां आपके सुझावों पर गर्व करेगी। उन्होंने कहा कि जब करोड़ों लोगों की ऊर्जा इस यात्रा से जुड़ेगी, तब विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना एक विराट जन-आंदोलन के रूप में साकार होगा। उन्होंने ग्राम प्रधानों से आग्रह किया कि वे ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की राह पर आगे बढ़ें और विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में अपनी भूमिका निभाएँ।

विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में ग्राम प्रधानों के अनुभवों ने दिखाई नये उत्तर प्रदेश की तस्वीर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के गाँव अब सिर्फ बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे, बल्कि बदलाव की जीती-जागती मिसाल बन गए हैं। विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुए वर्चुअल संवाद में ग्राम प्रधानों ने बताया कि बीते आठ वर्षों में जिस विकास को उन्होंने देखा, वह कभी सिर्फ एक सपना था। आज वही सपना हकीकत बनकर गाँव-गाँव में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर रहा है। श्रावस्ती जिले के इकौना विकास खंड की ग्राम पंचायत टड़वा महंत के प्रधान शिवकुमार राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के अभियान से पूरा गांव जुड़ गया है। उन्होंने उत्साहित होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी अगले दिन उनके गांव आ रहे हैं और हर घर में उल्लास का माहौल है। इसी उत्साह की झलक कौशांबी जिले में भी दिखी। मंझनपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत उखैया खास की प्रधान सीमा निर्मल ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा कि पंचायत की बैठकों का संचालन वह स्वयं करती हैं और बीसी सखी गांव-गांव जाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं। बरेली जिले की बिथरी चैनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भरतौल की प्रधान प्रवेश ने कहा कि उनके गांव में सबसे पहले मॉडल राशन की दुकान खोली गई थी। आज भरतौल मॉडल ग्राम के रूप में जाना जाता है और गांव की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार काम कर रही हैं। इसके बाद अलीगढ़ जिले की गोंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत तलेसरा के प्रधान गजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने गांव की ऐतिहासिक विरासत से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उनके गांव से 13 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जुड़े हैं और उनकी स्मृति में स्टेडियम व अमृत सरोवर बने हैं। साथ ही ग्राम सचिवालय, बैंक्वेट हॉल और स्कूल में स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। अयोध्या जिले के सोहावल विकास खंड की ग्राम पंचायत सनाहा की प्रधान रीना पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित सभी योजनाएं उनके गांव में लागू हैं। उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा निस्तारण व्यवस्था का उल्लेख किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने इसे विकसित यूपी की ठोस नींव बताया। बाँदा जिले के बड़ोखर खुर्द ब्लॉक की ग्राम पंचायत दुरेड़ी के प्रधान देवीदयाल सिंह ने गर्व से बताया कि उनकी पंचायत को मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना के तहत 36 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है। उन्होंने उत्साहपूर्वक विकसित यूपी के तीन आयाम 'अर्थ शक्ति, जीवन शक्ति और सृजन शक्ति' के बारे में भी मुख्यमंत्री को बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत के सभी आठ विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चल रहे हैं। शाहजहाँपुर जिले की भवालखेड़ा ग्राम पंचायत के प्रधान जय प्रकाश ने कहा कि उनके गांव को दो बार मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार मिला है। उन्होंने गांव में स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि इन समूहों ने गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। ग्राम प्रधान ने जोर देते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उनके गांव के विकास में बड़ा योगदान किया है। रामपुर जिले के चमरौआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोयला के प्रधान भूकन लाल ने बताया कि उनकी पंचायत की आबादी 7700 है और हर परिवार तक विकास पहुंचाने के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इंटर कॉलेज, बैंक, डाकखाना और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने कूड़ा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। इन सभी संवादों ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के गांव अब आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की नई कहानियां लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों की सक्रियता और जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि यही प्रयास विकसित यूपी @2047 के लक्ष्य को पूरा करने की वास्तविक शक्ति हैं।

अधिकारियों को मुख्यमंत्री का दो टूक निर्देश, उपद्रवियों के खिलाफ हो निर्णायक कार्रवाई, कोई बच न सके

दशहरा बुराई और आतंक के दहन का प्रतीक, उपद्रवियों पर कार्रवाई के लिए यही समय है-सही समय है: मुख्यमंत्री विभिन्न जिलों में सम्प्रदाय विशेष द्वारा जुलूस प्रदर्शनों से अराजकता फैलाने की कोशिशों पर मुख्यमंत्री सख्त, कहा, हर उपद्रवियों को सरकार कुचल देगी अधिकारियों को मुख्यमंत्री का दो टूक निर्देश, उपद्रवियों के खिलाफ हो निर्णायक कार्रवाई, कोई बच न सके उपद्रवी बचेंगे नहीं, कार्रवाई ऐसी होगी कि दोबारा अराजकता फैलाने की सोच नहीं सकेंगे: मुख्यमंत्री कानपुर, वाराणसी, मुरादाबाद सहित विभिन्न जिलों की घटनाओं पर नाराजगी, उपद्रवियों पर तुरंत एफआईआर, संपत्ति तक जांच के आदेश हर उपद्रवी चिन्हित हो, वीडियो फुटेज व सोशल मीडिया मॉनीटरिंग से कोई भी बच न पाए: मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, छेड़खानी, चेन स्नेचिंग, एसिड अटैक पर थाने से लेकर पीआरवी तक जवाबदेही तय होगी: मुख्यमंत्री गरबा-डांडिया में बहरूपियों की घुसपैठ रोकें, मिशन शक्ति 5.0 को जमीन पर उतारें: मुख्यमंत्री ड्रोन से रेकी और चोरी की अफवाहों पर कड़ा एतराज, अफवाह फैलाने वालों की गिरफ्तारी व चौकीदारों की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश जातीय संघर्ष भड़काने की कोशिशों पर पूरी तरह लगाम, मुख्यमंत्री ने कहा आदेशों का अक्षरशः पालन हो दुर्गा पूजा व रावण दहन कार्यक्रमों में सुरक्षा सर्वोपरि, सुरक्षित ऊंचाई से अधिक बड़ी प्रतिमा न हो, विसर्जन के वैकल्पिक इंतजाम जरूरी: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, बूचड़खानों का औचक निरीक्षण करें पुलिस कप्तान, मानक अनुपालन सुनिश्चित करें यूपी आईटीएस में उमड़ रहा लोगों का उत्साह, बोले मुख्यमंत्री, कोई जाम न हो, सुरक्षा पुख्ता रहे जिलों में प्रभारी मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों के दौरों और बैठकों को प्राथमिकता में रखे जिला प्रशासन, कोर ग्रुप की बैठकों को मुख्यमंत्री कार्यालय तक रिपोर्ट करें लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई के साथ कुचल देगी। पर्व-त्योहारों के अवसर पर कतिपय असामाजिक तत्वों द्वारा अशांति फैलाने के कुत्सित प्रयासों पर कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "दशहरा बुराई और आतंक के दहन का पर्व है। उपद्रवियों पर ऐसी कार्रवाई हो कि वे दोबारा कभी इस गलती की सोच भी न सकें। कार्रवाई के लिए किसी और समय का इंतज़ार न करें, यही समय है, सही समय है।" हाल के दिनों में कानपुर नगर, वाराणसी, मुरादाबाद, बदायूं, महराजगंज, उन्नाव, संभल, आगरा और बरेली में आपत्तिजनक जुलूस और भड़काऊ नारेबाजी की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि यह सब प्रदेश का माहौल खराब करने की सुनियोजित साजिश है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। आयोजकों और मास्टरमाइंड की पहचान कर उनकी संपत्ति तक की जांच हो। इन जुलूसों में शामिल एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए। वीडियो फुटेज खंगालें, सोशल मीडिया मॉनीटरिंग करें और हर एक उपद्रवी पर कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री शुक्रवार देर रात शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, जोनल एडीजी, आईजी, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों सहित फील्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शारदीय नवरात्र से प्रारंभ मिशन शक्ति 5.0 की प्रगति पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने गरबा-डांडिया जैसे आयोजनों में बहरूपिये अराजक तत्वों की घुसपैठ रोकने के सख्त निर्देश दिए। महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छेड़खानी, चेन स्नेचिंग या एसिड अटैक जैसी घटनाओं पर न केवल थाने और चौकी की जवाबदेही तय होगी बल्कि पीआरवी की भूमिका भी जांची जाएगी। दशहरे के बाद जोनल एडीजी इसकी थानावार समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती और प्रयागराज आदि जिलों में ड्रोन के जरिए रेकी व चोरी की अफवाहों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों की गिरफ्तारी हो और पुलिस लगातार गश्त करती रहे। चौकीदारों की सक्रियता बढ़ाई जाए ताकि गलत सूचनाओं से जनता आतंकित न हो। उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम के लिए कड़ी मॉनीटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जातीय संघर्ष भड़काने की कोशिशों पर भी सख्ती दिखाई और कहा कि शासन के स्पष्ट आदेशों का अक्षरशः पालन कराया जाए। जाति के नाम पर वैमनस्य फैलाने की कोशिशों को पूरी तरह खत्म करना होगा। त्योहारों के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिमाएं सुरक्षित सीमा से अधिक ऊंची न हों और नदियों में जलस्तर अधिक होने के कारण विसर्जन की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दुर्गा पूजा समितियों से संवाद कर सुरक्षित व्यवस्था बनाएं और रावण दहन कार्यक्रम सुरक्षा मानकों के अनुरूप संपन्न कराएं। गो-तस्करी और बूचड़खानों पर कठोर कार्रवाई की हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कप्तान औचक निरीक्षण कर सुनिश्चित करें कि बूचड़खाने मानक के अनुरूप ही संचालित हो रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में भारी भीड़ और विदेशी खरीदारों की मौजूदगी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि सप्ताहांत में संभावित बड़ी भीड़ को देखते हुए कहीं भी यातायात जाम न हो और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए। जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर ने बताया कि दूसरे दिन लगभग 49 हजार लोगों ने ट्रेड शो का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया कि प्रभारी मंत्रियों के साथ-साथ सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ जनों से बने कोर ग्रुप के निर्देशों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। इनकी बैठकों के विवरण से मुख्यमंत्री कार्यालय को भी अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री ने विकसित यूपी@2047 के अभियान को जनांदोलन बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास के भी निर्देश दिए।

पर्यटन के माध्यम से वसुधैव कुटुंबकम की भावना को आगे बढ़ा रहा है म.प्र.

विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब अंतरराष्ट्रीय मानकों की बराबरी कर ली है। मध्यप्रदेश का पर्यटन "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना को साकार कर रहा है। प्रदेश में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मध्यप्रदेश पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। पिछले साल तक 13.41 करोड़ पर्यटकों ने मध्यप्रदेश आने का आनंद उठाया। अकेले उज्जैन में 7 करोड़ से ज्यादा की संख्या में आध्यात्मिक पर्यटक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का पर्यटन सतत विकास के सभी मानदंडों को पूरा कर रहा है। प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, ग्रामीण पर्यटन, वन्य जीव पर्यटन के अलावा नए क्षेत्र जैसे खेल पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन, जल क्रीड़ा पर्यटन, कृषि पर्यटन, इतिहास बोध कराने वाला पर्यटन भी लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश जैसे राज्यों का पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। भारत की पूरे विश्व में साख बढ़ी है। वैश्विक पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे राज्यों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने पर्यटन की गतिविधि को केवल आर्थिक गतिविधि से अलग हटकर सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय पुनर्जागरण का माध्यम बनाया है। "वोकल फॉर लोकल", देखो अपना देश और ट्रिपल टी-टेक्सटाइल टूरिज्म और टेक्नोलॉजी जैसे नई सोच पर्यटन को विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक नवजागरण से जोड़ रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या पिछले पांच सालों में मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2019 में 8.9 करोड़ पर्यटक यहां आए थे। वर्ष 2020 और 2021 में कोविड महामारी के चलते पर्यटन की संख्या वैश्विक स्तर पर यात्रा प्रतिबंधों और स्वास्थ्य संकट (कोविड) के कारण कम हुई लेकिन मध्यप्रदेश लोगों की पहली पसंद बना। वर्ष 2022 में परिस्थितियों के सामान्य होने के साथ ही पर्यटकों की संख्या में सुधार हुआ। इसके बाद 2023 में आशा अनुरूप बढ़कर पर्यटकों की संख्या 11.21 करोड़ और वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 हजार तक पहुंच गई। वैश्विक धरोहरों का प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक धरोहरों का प्रदेश बन गया है। भारत के 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 18 मध्यप्रदेश में है। इनमें खजुराहो के मंदिर समूह, सांची के बौद्ध स्मारक, भीमबेटका जैसे स्थल विश्व भर में भारतीय सभ्यता की गौरव गाथा को अभिव्यक्त कर रहे हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश के तीन स्थल स्थाई सूची में और 15 स्थल अस्थाई सूची में शामिल है। ग्वालियर किला, मांडू, ओरछा, चंदेरी, भेड़ाघाट, लमेटा घाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व अशोक शिलालेख स्थल तथा 64 योगिनी मंदिरों की संख्या जैसी धरोहर इस सूची में शामिल है। स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश की प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत अत्यंत समृद्ध है । मध्यप्रदेश का पर्यटन आज बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने में सक्षम बन गया है। हाल ही में रीवा और ग्वालियर में आयोजित रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्साहपूर्वक निवेशकों ने भाग लिया और रीवा में 3000 करोड़ से ज्यादा और ग्वालियर में 3500 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन अधोसरंचना में सुधार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन की अधोसंरचना में सुधार करते हुए पीएम पर्यटन वायु सेवा का शुभारंभ किया है। इंदौर ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, रीवा, सिंगरौली उज्जैन एवं खजुराहो में शुरू हो चुका है। अब सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन भी जल्दी शुरू होगी। प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा। श्रेष्ठता का सम्मान वर्ष 2025 मध्यप्रदेश पर्यटन के लिए उपलब्धियों का स्वर्णिम अध्याय रहा है। जनवरी में नई दिल्ली में आयोजित हॉस्पिटैलिटी इंडिया अवॉर्ड्स में प्रदेश को “Best State for Promoting Fairs and Festivals” और “Best State for Publicity” का सम्मान मिला। फरवरी में SATTE 2025 में हमें “Best State Tourism Award” प्राप्त हुआ। अप्रैल में VETA ने मध्यप्रदेश को “Leading Heritage Tourism Destination” घोषित किया। सितंबर में इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स (DDP Publication) द्वारा प्रदेश को “Best State Tourism Board” का सम्मान दिया गया, वहीं द वीक पत्रिका ने हमें “Golden Banyan Award – Heritage Tourism (Best State)” से नवाजा है। अगस्त में गोवा में आयोजित MADX Summit & Awards 2025 में एमपी टूरिज्म–किडज़ानिया एक्सपीरियंस सेंटर को दो महत्वपूर्ण सम्मान—“Best Experiential Marketing Campaign” और “Best Travel & Tourism Marketing Campaign”—प्राप्त हुए। ये सभी पुरस्कार इस बात का प्रमाण हैं कि मध्यप्रदेश पर्यटन आज राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नए मानक स्थापित कर रहा है।  

सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन उमड़ा उत्साह

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 में दिख रहा युवाओं का जोश सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन उमड़ा उत्साह एनसीआर के करीब 1500 युवाओं ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन समस्त स्टॉल्स पर युवाओं द्वारा 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी की गईं ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई विभिन्न मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर रही जबरदस्त भीड़ योगी सरकार की पहल से बढ़ा स्टार्टअप्स का मनोबल ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) में आयोजित सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन युवाओं की भारी भीड़ देखी गई। हजारों छात्र-छात्राओं ने स्टॉल्स का भ्रमण कर नए बिजनेस आइडियाज और इनोवेटिव उद्यमों की जानकारी प्राप्त की। 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी फिरोजाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, गौतमबुद्ध नगर, मैनपुरी और मथुरा से आए 700 से अधिक छात्रों समेत एनसीआर के करीब 1500 युवाओं ने प्रदर्शनी विजिट की। समस्त स्टॉल्स पर युवाओं द्वारा 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी की गईं। खास तौर पर ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई। वहीं, क्यूटीएम, ग्रिप इंटरनेशनल, प्रॉस्पर ग्रुप और कोशिश सस्टेनेबल साल्यूशन्स के मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर भी जबरदस्त भीड़ रही। स्टार्टअप्स और फूड ब्रांड्स का आकर्षण कॉनक्लेव के दौरान 20 से अधिक बी टू बी मीटिंग्स सम्पन्न हुईं। इसके साथ ही डॉ. गैराज, मिस्टर सैंडविच, धोबीलाइट, अर्द्धसैनिक कैंटीन और अमूल इंडिया जैसे स्टार्टअप्स व ब्रांड्स ने छात्रों को अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए। विषय विशेषज्ञों ने भी उद्यमिता और स्टार्टअप स्थापना पर विस्तृत जानकारी देकर युवाओं का मार्गदर्शन किया। योगी सरकार की पहल से बढ़ा आत्मविश्वास सीएम युवा कॉनक्लेव ने स्पष्ट कर दिया कि योगी सरकार की नीतियां और UPITS-2025 जैसे प्लेटफॉर्म न केवल निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं बल्कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।

डॉ अनु सपन बनीं जन परिषद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

भोपाल  अखिल भारतीय स्तर की सामाजिक  संस्था जन परिषद के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी श्री एन के त्रिपाठी ने , जन परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री श्रीमती सुनील डबास एवं  महासचिव सुश्री कमला रावत की अनुशंसा पर  राष्ट्रीय स्तर की सुप्रसिद्ध कवियत्री डॉ अनु सपन को जन परिषद की वूमेन विंग  का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत  किया है । संस्था के संयोजक  एवं वरिष्ठ पत्रकार रामजी श्रीवास्तव के अनुसार  जन परिषद राष्ट्रीय स्तर की सामाजिक एवं गैरराजनीतिक संस्था है l  जो कि गत 36 वर्षों से सामाजिक एवम् रचनात्मक कार्यों में सक्रिय होने के साथ साथ, कई ऐतिहासिक एवम् अभूतपूर्व संदर्भ ग्रन्थों का प्रकाशन कर चुकी है।संस्था  पर्यावरण पर केंद्रित बारह  अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस आयोजित कर चुकी है । संस्था के इस समय पूरे देश में  275 से अधिक एवम् विदेशो में 7 चैप्टर्स बन चुके हैं। संस्था की अगली कॉन्फ्रेंस एवं  सम्मान समारोह  जनवरी फरवरी में क्रमशः थाईलैंड , सिंगापुर और मलेशिया में आयोजित किए जाएंगे । संस्था  प्रतिवर्ष उन व्यक्तियों को भी  अलंकृत करती है जो कि रचनात्मक एवम् सामाजिक सुधार के कार्यों को मूर्तरूप दे रहे हैं।संस्था लगभग दस से अधिक बहुप्रचारित संदर्भ ग्रंथों का प्रकाशन कर चुकी है ।संस्था का मुख्य आधार मानवीय , सामाजिक एवम् राष्ट्रीय दृष्टिकोण है l

मतदाता सूचियों की त्रुटिरहित तैयारी हो प्राथमिकता : पंचायत व नगरीय निकायों पर विशेष ज़ोर

मतदाता सूचियों की त्रुटिरहित तैयारी हो प्राथमिकता : पंचायत व नगरीय निकायों पर विशेष ज़ोर पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करें राज्य निर्वाचन आयुक्त  वास्तव ने की मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण तैयारियों की समीक्षा भोपाल पंचायत एवं नगरीय निकायों की मतदाता सूची की शुद्धता पर विशेष ध्यान दें। किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची में छूटना नहीं चाहिए। राज्य निर्वाचन आयुक्त  मनोज वास्तव ने यह निर्देश मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण-2025 की तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा के दौरान दिये। फोटोयुक्त मतदाता सूची का प्रकाशन 13 नवम्बर 2025 को किया जाना है। इसके समय में वृद्धि नहीं की जायेगी।  वास्तव ने कहा कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य पूरा कराएं। प्रारूप मतदाता सूची पर प्राप्त होने वाले दावा-आपत्तियों का निराकरण गंभीरता से करें। उन्होंने कहा कि आगामी दिसम्बर माह में पंचायत एवं नगरीय निकायों के उप निर्वाचन प्रस्तावित हैं।  वास्तव ने नगर पालिका एवं नगर परिषद के अध्यक्षों के प्रत्यक्ष प्रणाली से निर्वाचन और अध्यक्ष को पद से वापस बुलाये जाने के निर्वाचन के संबंध में जारी अध्यादेशों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों की शंकाओं का भी समाधान किया। इस दौरान सचिव राज्य निर्वाचन आयोग  दीपक सिंह, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन आयोग के उप सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

भोपाल क्रिएटिव क्लब का माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का सौजन्य भ्रमण

भोपाल  भोपाल क्रिएटिव क्लब के सदस्यों ने आज कुलगुरु  विजय मनोहर तिवारी के आमंत्रण पर बिशनखेड़ी स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नवीन परिसर का अवलोकन किया। इस अवसर पर क्लब के सदस्यों ने सर्वप्रथम राष्ट्रकवि दादा माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में आयोजित “हिन्दी पत्रकारिता : सौ वर्ष, सौ सुर्खियाँ” शीर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें देश की पत्रकारिता यात्रा के स्वर्णिम पड़ाव सजीव हो उठे। भ्रमण के पश्चात चाणक्य भवन स्थित कुलगुरु कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भोपाल क्रिएटिव क्लब के मुख्य संयोजक डॉ. नवीन आनंद जोशी सहित उपस्थित सदस्यों ने कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी का सारस्वत अभिनंदन किया। संगोष्ठी में सर्वश्री जगदीश कौशल, सुरेश अवतरमानी, राजा दुबे, प्रकाश साकल्ले, प्रतीष पाठक, प्रदीप भाटिया, चन्द्रकिशोर सिसोदिया, मनोज खरे, अतुल खरे, राजेंद्र शर्मा, आरिफ़ मिर्ज़ा एवं विनोद नागर की सक्रिय सहभागिता रही। संगोष्ठी का परिवेश संस्मरणों की गरिमा से भरा रहा। क्लब के वरिष्ठ सदस्यों ने अपने पत्रकारिता जीवन के रोचक और प्रेरणादायी प्रसंग साझा किए। कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने भी वर्ष 2008 में प्रकाशित अपनी चर्चित कृति “एक साध्वी की सत्ता कथा” से जुड़ा एक रोचक अनुभव सुनाया। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक को पढ़कर जब प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने उन्हें फोन किया था, तो वे उन्हें पहचान न सके और साधारण पाठक समझकर यहाँ तक पूछ बैठे – “आप क्या करते हैं?” बाद में अपनी भूल का आभास होने पर उन्होंने हंसी-मजाक के साथ स्थिति को सँभाला। कुलगुरु  तिवारी ने विश्वविद्यालय में चल रहे शैक्षणिक नवाचारों और प्रशासनिक सुधारों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सत्र में अनुशासन और नियमितता सुनिश्चित करने हेतु सख्त कदम उठाए गए हैं। विश्वविद्यालय ने उन पाँच सौ से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रथम आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित कर दिया है जिनकी उपस्थिति पचास प्रतिशत से कम रही। गत सेमेस्टर में भी “आदतन अनुपस्थित” 121 विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा से बाहर रखा गया था। उपस्थिति सुधार हेतु इस बार विश्वविद्यालय ने शहर के प्रमुख स्थानों से विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क बस सेवाएँ प्रारंभ की हैं।  तिवारी ने यह भी बताया कि मीडिया शिक्षा को समय की बदलती चुनौतियों के अनुरूप ढालने हेतु निरंतर नई पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में अगले सप्ताह विश्वविद्यालय में डीप फेक, फेक न्यूज़ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर केंद्रित एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह भ्रमण-संगोष्ठी न केवल विश्वविद्यालय की नवीन पहलों से परिचित कराने का अवसर बनी, बल्कि पत्रकारिता और जनसंचार के विविध अनुभवों के आदान-प्रदान का भी अविस्मरणीय क्षण सिद्ध हुई।

अपेक्स बैंक एवं सहकारी विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी आयोजित

अपेक्स बैंक एवं सहकारी विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में  संगोष्ठी आयोजित सहकारिता क्षेत्र में माईक्रो फायनेंस के प्रयास अत्यन्त  सराहनीय – व्ही.जी.धर्माधिकारी शासन के मार्गदर्शन में सकारात्मक प्रयास हेतु तत्पर अपेक्स बैंक  – मनोज गुप्ता भोपाल  अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष,  2025 के दौरान अपेक्स बैंक एवं सहकारी विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में समन्वय भवन  के सभागार में बैंकिंग क्षेत्र में नये परिवेश में राष्ट्रीयकृत एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के सामने सहकारी बैंकों के लिए उपस्थित चुनौतियों एवं उनके निराकरण की दिशा में उचित प्रबंधन के माध्यम से किस प्रकार अधिक से अधिक लोगों को माईक्रो फाईनेंस करते हुए सहकारी आन्दोलन से जोड़कर अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सूक्ष्म वित्त सुविधा का लाभ प्रदान किया जा सके, इस विषय पर सम्बोधित करते हुये मैनिट की सहायक प्राध्यापक डाॅ.जागृति गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश में विविध संस्कृति एवं बोलचाल क्षेत्रीय आधार पर विद्यमान हैं, अतः उपयुक्त होगा कि सेेल्फ हेल्प ग्रुप (एस.एच.जी) एवं अन्य समूहों के माध्यम से गरीब तबके तक सूक्ष्म वित सहायता की सुविधा आंगनबाड़ियों, एनजीओ एवं अन्य लोकल समूह के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करके प्रदान करायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म वित्त (माईक्रो फायनेंस) ने सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान को प्रत्यक्ष रूप से जन्म दिया है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के परिवर्तन को तीव्र व स्थायी रूप से गति भी प्रदान की है ।  सहकारी विचार मंच के अध्यक्ष  मध्यप्रदेश के पूर्व सचिव, सहकारिता श्री व्ही.जी. धर्माधिकारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है और आज के परिदृश्य में उत्तम ढंग से उपलब्ध तकनीक के माध्यम से सूक्ष्म वित्त (माईक्रो फायनेंस) के क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का जो काम किया जा रहा है, वह अत्यन्त सराहनीय है ।  अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता ने बताया कि मैंने अपेक्स बैंक में विगत लगभग डेढ़ वर्ष के दौरान बेहतर मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए हैं, जिन्हें म.प्र.शासन के सहयोग से पूर्ण करने में मुझे सफलता भी प्राप्त हुई है और अपेक्स बैंक व जिला बैंकों के लिये नवागत अधिकारियों व कर्मचारियों को बैंकिंग व अन्य समस्त प्रकार के प्रशिक्षण के माध्यम से पारंगत करने हेतु भी हम प्रयासरत हैं । उन्होंने आश्वस्त किया कि वर्तमान में उपस्थित चुनौतियों का सुनियोजित ढंग से सामना करने के दिशा में अपेक्स बैंक निरन्तर सकारात्मक प्रयास कर रहा है और हमें पूर्ण विश्वास है कि हम शासन के नीति-निर्देशों का पालन करते हुये इसे धरातल पर उतारने में अवश्य सफल होंगे। संगोष्ठी का संचालन अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कालेज के प्राचार्य श्री पी.एस.तिवारी द्वारा एवं आभार प्रदर्शन अपेक्स बैंक के सेवानिवृत्त महाप्रबंधक (ऋण/परिचालन/जनसम्पर्क) श्री एस.के.गुप्ता ने किया ।  संगोष्ठी में उप सचिव, सहकारिता श्री मनोज सिन्हा, पूर्व मुख्य महाप्रबंधक, अपेक्स बैंक श्री के.आर.साहू, पूर्व सलाहकार, अपेक्स बैंक श्री एल.डी.पंडित, अति.मु.कार्य.अधिकारी, जिला बैंक, उज्जैन श्री नीलेश जिंदल, शरण माईक्रो फाईनेंस कंपनी के प्रतिनिधि ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।  संगोष्ठी में सहकारिता विभाग एवं शीर्ष सहकारी संस्थाओं के सेवानिवृत्त व सेवारत अधिकारीगण उपस्थित हुए।                  

3 राज्यों की कार्यशाला भोपाल में होना गौरव का विषय : डॉ. पटेल

भोपाल  केन्द्र सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा उम्मीद पोर्टल के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भोपाल में मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के सहयोग से किया गया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान वक्फ बोर्ड के अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान वक्‍फ बोर्ड में सुधार के लिये आईआईटी दिल्‍ली की पांच स्‍तंभ आधारित रिपोर्ट में की गई अनुशंसाओं पर समीक्षा की गई। मध्यप्रदेश वक़्फ़ संपत्ति के संस्थागत प्रशासन और संपत्ति डेटा से संबंधित स्तंभ में टॉप परफ़ॉर्मर बना। अन्य स्तंभों में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए वक़्फ़ बोर्ड की कार्य योजना की प्रशंसा की गई। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने कहा कि प्रदेश के लिए यह गौरव की बात है कि तीन राज्यों के वक्फ बोर्ड की संयुक्त कार्यशाला भोपाल में आयोजित हो रही है। उन्होंने बताया कि वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने WAMSI-MP पोर्टल के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है और इस कार्य के लिए विभाग के आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन विशेष बधाई के पात्र हैं। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड का प्रस्तुतीकरण सहायक संचालक सु इतिशा जैन ने प्रस्तुत किया। छत्तीसगढ़ की ओर से  तारीक अशरफी तथा राजस्थान की ओर से  आसिफ इकबाल एवं  मोहसिन ने प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यशाला में केन्द्र सरकार के नवीन सेंट्रल 'उम्मीद' पोर्टल पर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान केन्द्र सरकार के अधिकारियों ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण में नवाचार के लिए WAMSI-MP पोर्टल को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड मिलने पर आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन को बधाई दी और विभाग के प्रयासों की सराहना की। कार्यशाला में केन्द्र सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के उपसचिव  समीर सिन्हा एवं अवर सचिव  विशाल विश्वकर्मा, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आयुक्त  सौरभ कुमार सुमन, मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. फरजाना गजाल, राजस्थान वक्फ बोर्ड से  आसिफ इकबाल तथा छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी  पवन कुमार सहित तीनों राज्यों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक डॉ. ममता भट्टाचार्य ने किया।