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China Open 2025: गॉफ तीसरे दौर में, देखें मुकाबले की रोमांचक झलकियाँ

बीजिंग फ्रेंच ओपन चैंपियन कोको गॉफ ने रविवार को यहां कड़े मुकाबले में लेला फर्नांडीज को तीन सेट में हराकर चीन ओपन टेनिस टूर्नामेंट के तीसरे दौर में प्रवेश किया। गत चैंपियन गॉफ ने दूसरा सेट गंवाने के बावजूद फर्नांडीज को 6-4, 4-6, 7-5 से शिकस्त दी। दूसरा सेट गंवाने के बाद गॉफ ने तीसरे और निर्णायक सेट के 12वें गेम में विरोधी खिलाड़ी की सर्विस तोड़कर जीत दर्ज की। गॉफ इस डब्ल्यूटीए 1000 सीरीज टूर्नामेंट के अगले दौर में 16वें नंबर की खिलाड़ी बेलिंडा बेनसिच और ऑस्ट्रेलिया की प्रिसकिला होन के बीच होने वाले मैच के विजेता से भिड़ेंगी। इससे पहले इवा लिस ने 10वें नंबर की खिलाड़ी एलेना रिबाकिना को 6-3, 1-6, 6-4 से हराया जबकि अमेरिका की मैकार्टनी केसलर ने बारबरा क्रेसिकोवा के 1-6, 7-5, 3-0 के स्कोर पर मुकाबले के बीच से हटने पर अगले दौर में जगह बनाई। महिला टूर्नामेंट के साथ चल रहे एटीपी 500 पुरुष टूर्नामेंट में लोरेंजो मुसेटी ने अनुभवी एड्रियन मनारिनो को दूसरे दौर के मुकाबले में 6-3, 6-3 से हराया। मुसेटी अगले दौर में लर्नर टिएन से भिड़ेंगे जिन्होंने फ्लावियो कोबोली को 6-3, 6-2 से हराया।   

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में माता काली और माता शक्ति का पूजन किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन प्रवास के दौरान शहर में बंगाली मार्केट और ऋषि नगर में आयोजित नवदुर्गा उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाली कॉलोनी में माँ काली मंदिर में पूजा कर धूप अर्पित की। उन्होंने कहा कि यहां के आयोजन की परम्परा बहुत पुरानी और समृद्धशाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऋषि नगर में माँ शक्ति की पूजा कर आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगातार विकास के कार्य हो रहे हैं। उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। माता के आशीर्वाद से सिंहस्थ का आयोजन बहुत दिव्य होगा। उन्होंने सभी माता-बहनों और श्रद्धालुओं को नवरात्रि पर्व की मंगल कामनाएँ दी।  

उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी किया जाएगा विस्तारीकरण

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि पर उज्जैन को दी विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 370 करोड़ रुपए की राशि के 11 कार्यों का किया भूमिपूजन उज्जैन जिले के नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन का किया भूमिपूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 में भारतीय संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। सिंहस्थ 2028 के लिए हाल ही में 2675 करोड़ रुपए की लागत राशि से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दी गई है। उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का भी विस्तारीकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला कार्यालय एक ही छत के नीचे होने चाहिए इसलिए नवीन कलेक्टर कार्यालय भवन के निर्माण की आज आधारशिला रखी गई है। कलेक्टर कार्यालय का नवीन भवन 7 मंजिला बनेगा। नवरात्रि पर मां हरसिद्धी और भगवान श्रीमहाकाल की कृपा से उज्जैन को लगभग 370 करोड़ लाख लागत के 11 विकास कार्यों की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में नवीन संयुक्त प्रशासनिक भवन के साथ अन्य विकास कार्यों के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वल कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के लिए शिप्रा नदी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे सुविधायुक्त नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पुराने घाटों का उन्नयन कर 5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था की जा रही है। शिप्रा नदी पर ब्रिजों की श्रृंखलाओं का निर्माण किया जा रहा है। बहुत जल्द मेट्रो ट्रेन भी उज्जैन में आएगी। उन्होंने कहा कि कृषकों के लिए भावांतर योजना लागू कर लगभग 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ दिया जायेगा। सिंहस्थ के लिए साधु-संतों की मंशानुसार कार्य हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिंहस्थ में क्राउड मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश और उज्जैन की कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा नदी पर 77 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 4 नए पुलों से आने वाले दिनों में मोक्षदायिनी शिप्रा मैया पुलों वाली नदी भी कहलाएंगी। यह उज्जैन की काया पलटने वाले विकास कार्य हैं जो सिंहस्थ-2028 को भव्यता प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन में बन रहा संयुक्त प्रशासनिक भवन लोक-कल्याण और सुशासन का उदाहरण बनेगा। यह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों के लिए नवीन आवासीय भवन बनाए जायेंगे। इस अवसर पर विधायक श्री सतीश मालवीय ने कहा कि उज्जैन की दिशा और दशा बदलने का काम निरंतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। एक ही छत के नीचे जिला अधिकारी नवीन प्रशासनिक भवन में आमजन की सेवा में अपना काम करेंगे। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शिप्रा नदी में कान्ह नदी का पानी न मिले इसके लिए कान्ह डायवर्जन योजना का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर के साथ-साथ इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में विकास के कार्य कराएं जा रहे है। इन विकास कार्यों का भी हुआ शिलान्यास कार्तिक चौक से शंकराचार्य चौराहा रोड (छोटा पुल) शिप्रा नदी पर पुल के निर्माण के लिए 27.06 करोड़, लालपुल के डाउन स्ट्रीम में रेल्वे पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 17.69 करोड़, काल भैरव मंदिर से गढकालिका मार्ग (ओखलेश्वर) को जोडने वाले पुल के समानांतर शिप्रा नदी पर नवीन टू लेन पुल के निर्माण के लिए 13.96 करोड, एम.आर 24 इन्दौर मार्ग से चिंतामन रेल्वे स्टेशन मार्ग पर शिप्रा नदी पर नवीन 4 लेन पुल निर्माण के लिए 15.86 करोड, उज्जैन शहर की ओर आने वाले प्रमुख मार्गों पर शहर से 10 कि.मी. दूरी पर नवीन विश्राम गृह निर्माण 20.64 करोड, केंद्रीय जेल उज्जैन में आवास गृहों के निर्माण 19.18 करोड़,100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल माधवनगर का 200 बिस्तरीय सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन / निर्माण कार्य के लिए 24.08 करोड़, मुल्लापुरा में 50 कक्षों के नवीन सर्किट हाउस निर्माण के लिए 49.10 करोड़ और पंचक्रोशी यात्रा मार्ग के 06 पड़ाव एवं उप पड़ाव पर सुविधा केंद्र निर्माण कार्य (डोम, शौचालय एवं रसोईघर) के लिए 14.52 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि पूजन हुआ। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, महापौर श्री मुकेश टटवाल, सभापती श्रीमती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, पूर्व विधायक श्री राजेन्द्र भारती, श्री संजय अग्रवाल, श्री रुप पमनानी, श्री विशाल राजौरिया, श्री जगदीश पांचाल, श्री ओम जैन, श्री आनंद खिची, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अभिलाष मिश्रा तथा बड़ी संख्या में गणमान्यनागरिक उपस्थित थे।  

फिर सहमी दिल्ली! एयरपोर्ट और कई स्कूलों को भेजी गई बम धमाके की चेतावनी

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बम धमाके की धमकी से सहम गई। रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट, स्कूलों और कई संस्थानों को ईमेल के जरिये बम रखने की धमकी दी गई। इस धमकी भरे मेल के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच शुरू कर दी गई। जैसे ही एयरपोर्ट और अन्य संस्थानों को मेल प्राप्त हुआ, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया। एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी गई। स्कूलों व संस्थानों से बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, अब तक की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस को अब तक की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मेल कहां से भेजा गया है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में इस तरह के बम धमाके की झूठी धमकियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले, 20 सितंबर को दिल्ली के कई स्कूलों को फिर से बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी मिलने वाले स्कूलों में नजफगढ़ का कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल, कुतुब मीनार स्थित सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, और द्वारका का डीपीएस स्कूल शामिल थे। धमकी मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने सभी स्कूलों को खाली कराया और परिसरों में गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसी तरह, 13 सितंबर को दिल्ली के शालीमार बाग, द्वारका और साकेत स्थित मैक्स के तीन अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। मैक्स हॉस्पिटल के सेंटर ऑफिस को मिले ईमेल में स्पष्ट धमकी दी गई थी कि अस्पताल को बम से उड़ा दिया जाएगा। हालांकि, यह भी अफवाह मात्र साबित हुई। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट को धमकी भरा एक ईमेल मिला। दिल्ली पुलिस को स्पष्ट रूप से संबोधित करते हुए लिखे गए ईमेल में कहा गया, “उदाहरण के तौर पर शुक्रवार को आपके दिल्ली हाईकोर्ट में धमाका पिछले झांसों का संदेह दूर कर देगा। दोपहर के तुरंत बाद जज चैंबर में धमाका होगा।”  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्यालयों के खातों में अंतरित करेंगे 489 करोड़ रुपये

हरदा जिले के खिरकिया में 29 सितम्बर को होगा कार्यक्रम 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों के बैंक खातों में अंतरित होगी राशि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 29 सितम्बर को हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। प्रदेश में नि:शुल्क अध्ययनरत बच्चों की वर्ष 2023-24 की 8 लाख 45 हजार बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव साथ ही विकास कार्यों का भूमि-पूजन, लोकार्पण और इस राशि से जन-कल्याणकारी योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी करेंगे। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके समीप के विद्यालय में प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश का प्रावधान है। वर्तमान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश में लगभग 8 लाख 50 हजार बच्चे अशासकीयविद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अब तक 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक 3 हजार करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति की जा चुकी है।  

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ‘यूपी का स्वाद’ बेमिसाल, जायकों के संग उमड़ी भीड़

यूपीआईटीएस 2025 – ट्रेड में सजी परंपरागत व्यंजनों से फूड स्ट्रीट, हर जिले की खासियत एक ही जगह – पारंपरिक जायकों के संग अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स खरीदने को उमड़ रहे युवा, युवाओं के लिए खास आकर्षण बनी क्यूएसआर चेन – महिला उद्यमियों के हाथों से बने व्यंजन, कुल्हड़ और मिट्टी के बर्तनों से सजी परंपरा ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का सबसे आकर्षक पहलू इस बार का फूड कोर्ट बन गया है। यहां लगे ‘यूपी का स्वाद’ स्टॉल्स पर प्रदेश के हर कोने से लाए गए परंपरागत व्यंजन लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। खाने-पीने के इन जायकों ने न सिर्फ आगंतुकों का मन मोह लिया है बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा को भी देश-दुनिया के सामने जीवंत कर दिया है। प्रदेश के हर शहर का अनोखा जायका इस फूड कोर्ट में ऐसा इंतजाम किया गया है कि आगंतुक एक ही जगह पर पूरे प्रदेश का जायका चख सकें। मुरादाबाद का दाल और बिस्किट रोटी, लखनऊ का मशहूर गालौटी कबाब और टुंडे कबाब से लेकर लखनवी बिरयानी तक हर स्वाद मौजूद है। बनारस का पान, टमाटर चाट और कुल्हड़ वाली चाय लोगों की खास पसंद बन रहे हैं। कानपुर का दही जलेबी और समोसा चाट, आगरा का पेठा और बेडाई, मथुरा का पेड़ा, प्रयागराज का तहरी और लस्सी, गोरखपुर का ठेकुआ और बलिया की लिट्टी-चोखा भी बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं मेरठ का रबड़ी और गजक, अयोध्या की गुजिया और देसी घी की मिठाइयां तथा बरेली का आलू टिक्की और सीक कबाब मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं। लोकल से ग्लोबल स्वाद की झलक इस फूड कोर्ट में यूपी की पहचान को न सिर्फ परंपरागत व्यंजन बल्कि पॉपुलर क्यूएसआर (Quick Service Restaurants) भी पेश कर रहे हैं। डोमिनोज़, सबवे, केएफसी, पिज्जा हट, बर्गर किंग जैसे ब्रांड्स के साथ-साथ वॉव मोमोज़, चायोस, टाको बेल और बीकानेरवाला जैसे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्वाद भी मौजूद हैं। इन ब्रांडेड स्टॉल्स पर भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं, खासकर युवा वर्ग इन व्यंजनों का लुत्फ उठा रहा है। ग्रामीण उद्यमियों का हुनर भी खास आकर्षण यूपीएसआरएलएम (उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) की ओर से भी विशेष फूड स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें ग्रामीण महिलाओं और उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए व्यंजन आगंतुकों को खूब पसंद आ रहे हैं। ये स्टॉल न सिर्फ स्वाद परोस रहे हैं बल्कि आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की झलक भी पेश कर रहे हैं। भीड़ ने बना दिया ‘खाऊ गली’ का माहौल फूड कोर्ट का नजारा ऐसा है मानो पूरा प्रदेश एक ही छत के नीचे आ गया हो। जहां-जहां व्यंजन रखे हैं, वहां भीड़ का जमावड़ा लगा हुआ है। ‘यूपी की खाऊ गली’ सेक्शन में बनारस, कानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, बलिया, गोरखपुर और गाजीपुर के स्वादिष्ट व्यंजन पेश किए जा रहे हैं। यहां शाम होते ही तिल रखने की जगह नहीं बचती। हर कोई अपने परिवार और दोस्तों संग चाट, मिठाई और पेय पदार्थों का आनंद ले रहा है। यूपी का स्वाद बेमिसाल फूड कोर्ट में आए आगंतुकों का कहना है कि यहां का हर व्यंजन प्रदेश की संस्कृति और परंपरा का अहसास करा रहा है। एक ही जगह पर पूरे यूपी का स्वाद मिल जाना अद्भुत है। कई विदेशी मेहमानों ने भी भारतीय व्यंजनों का स्वाद चखते हुए उत्साह जताया। खासतौर पर लखनऊ के कबाब और बनारस का पान विदेशी मेहमानों को खूब भा रहे हैं। फूड कोर्ट में लगे स्टॉल्स केवल खानपान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय जीवनशैली भी सामने आई है। कुल्हड़ में परोसी गई चाय और मिट्टी के बर्तनों में सजी व्यंजन थाली ने लोगों को पारंपरिक स्वाद का असली अनुभव दिया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगा यह फूड कोर्ट न सिर्फ लोगों की भूख मिटा रहा है बल्कि उत्तर प्रदेश के असली ‘स्वाद’ को दुनिया तक पहुंचा रहा है। प्रदेश के हर जिले और शहर की विशेषता यहां मौजूद है, जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि “यूपी का स्वाद सचमुच बेमिसाल है।

दिल्ली में गैंगस्टर नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, काला जठेड़ी गिरोह के 6 गुर्गे हथियारों संग गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात काला जठेड़ी गिरोह के अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने गिरोह के मुख्य हथियार सप्लायर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 6 अत्याधुनिक पिस्टल और 13 कारतूस बरामद किये गए हैं। क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि यह गिरफ्तारी अवैध हथियारों के धंधे में शामिल अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम की इस कार्रवाई से बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सबसे पहले सहदेव उर्फ देव को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान सहदेव ने खुलासा किया कि वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से अवैध हथियार लाकर काला जठेड़ी गिरोह के विभिन्न सक्रिय सदस्यों को उनकी मांग पर सप्लाई करता था। सहदेव की निशानदेही पर ही पुलिस ने गिरोह के अपराधी साहिल को दिल्ली में गिरफ्तार किया। हर्ष इंदौरा ने बताया कि साहिल की निशानदेही पर पुलिस ने अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूस बरामद किए, जिससे उसकी अवैध हथियारों के धंधे में शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गिरोह का सक्रिय सदस्य रोहित उर्फ बच्ची अपने साथियों के साथ नोएडा होते हुए दिल्ली आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर नोएडा-दिल्ली सीमा के पास उनकी कार को रोककर रोहित और उसके तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी गिरफ्तारी के बाद, उनके कब्जे से भी अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है, जल्द ही नए खुलासे हो सकते हैं। जांच में ये बात सामने आई है कि गिरोह के विभिन्न सदस्यों को उनकी मांग पर हथियारों की सप्लाई होती थी। ये लोग अब तक किस-किस को हथियार की सप्लाई करते थे, इसकी भी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।  

500 करोड़ का साइबर स्कैम: बैंककर्मियों ने उजागर किया ग्राहकों के डेटा बेचने का जाल

जयपुर  जिले में चल रहे ऑपरेशन साइबर संग्राम के तहत अलवर पुलिस ने एक सनसनीखेज साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें बैंककर्मियों की सीधे तौर पर मिलीभगत सामने आई है। यह संगठित गिरोह सैकड़ों करंट/कॉर्पोरेट खातों (म्यूल अकाउंट्स) को ऊंचे कमीशन पर साइबर अपराधियों को बेच रहा था, जिससे 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया गया। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि थाना वैशाली नगर की टीम ने अपनी कार्रवाई को तेज करते हुए इस मामले में 4 बैंक कर्मियों और 1 मास्टरमाइंड सहित 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या 16 हो गई है। 500 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन पुलिस जांच में पता चला है कि इन म्यूल अकाउंट्स में 500 करोड़ रुपये से अधिक के स्कैम फंड का लेन-देन हुआ है। इन खातों के खिलाफ अकेले एनसीआरपी पोर्टल पर 4,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं। गिरफ्तार हुए 6 नए आरोपियों में मास्टरमाइंड वरूण पटवा (40) निवासी हिरणमगरी उदयपुर हाल गुरुग्राम, हरियाणा व सतीश कुमार जाट (35) निवासी उकलाना जिला हिसार हरियाणा है। चारों बैंककर्मी एक्सिस बैंक हिसार में कार्यरत है, जिनमे साहिल अग्रवाल (33) व गुलशन पंजाबी (33) निवासी नरवाल जिला जींद सेल्स मैनेजर, आसु शर्मा (23) निवासी खेड़ाचोपड़ा हिसार मर्चेंट इंक्वारी बिजनेस (MIB) और आंचल जाट (24) निवासी उकलाना हिसार सेल्स ऑफिसर है। कैसे काम करता था यह नेटवर्क बैंक कर्मी ग्राहकों को कमीशन देकर, फर्जी फर्मों के नाम, पते और टर्नओवर के आधार पर करंट अकाउंट खुलवाते थे। ये अकाउंट्स मास्टर माइंड और दलाल द्वारा व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप्स में साइबर ठगों को बेचे जाते थे। आरोपी बैंक से लिंक मोबाइल नंबर को दूसरे फोन में डालकर, APK फाइल इंस्टॉल करवाकर, ठगों को ओटीपी और इंटरनेट बैंकिंग का सीधा एक्सेस दे देते थे। इन खातों का उपयोग बेटिंग, गेमिंग फ्रॉड और क्रिप्टो एक्सचेंजों (जैसे Binance) के माध्यम से बड़ी मात्रा में ठगी की रकम निकालने के लिए किया जाता था। बड़ी मात्रा में बरामदगी पुलिस ने कार्रवाई के दौरान ₹2.51 लाख नकद जब्त किए हैं और लगभग ₹5 लाख की अपराध राशि 10 खातों में फ्रीज करवाई है। इसके अलावा 26 एटीएम कार्ड, 33 मोबाइल फोन, 34 सिम कार्ड, 12 चेक बुक, 06 बैंक पासबुक, 12 हस्ताक्षरयुक्त चेक, एक-एक आधार व पैन कार्ड, दो पहचान पत्र, तीन आरसी, मोहर, रसीद बुक और दो कारें भी जब्त की गई हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कांबले शरण गोपीनाथ के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम मामले की गहनता से जाँच कर रही है, ताकि इस पूरे रैकेट के सरगना और बचे हुए अन्य सदस्यों को पकड़ा जा सके। पूर्व में भी मामले में इस टीम द्वारा 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

आत्मनिर्भर पंचायतों से ही साकार होगी विकसित यूपी की परिकल्पना: मुख्यमंत्री

जिला और क्षेत्र पंचायतों से मुख्यमंत्री का आह्वान, नवाचारों को अपनाएं, लोककल्याण के साथ आय संवर्धन को भी दें वरीयता विकसित यूपी की परिकल्पना साकार करने मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों और सदस्यों से सहयोग का किया आह्वान विकसित यूपी@2047” को जन-जन का संकल्प बनाने में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी भूमिका त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी: मुख्यमंत्री सभी जिला और क्षेत्र पंचायतों में विकसित यूपी@2047 विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाए: मुख्यमंत्री प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच सर्वश्रेष्ठ सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आत्मनिर्भर पंचायतें ही विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047 की परिकल्पना को साकार कर सकती हैं। उन्होंने जिला व क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों एवं सदस्यों से संवाद करते हुए आह्वान किया कि पंचायतें अपनी वार्षिक कार्ययोजना में नवाचारों को बढ़ावा दें और लोककल्याण के साथ आय संवर्धन को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से विकास के नए मॉडल तैयार होंगे और यही आत्मनिर्भरता व सुशासन का आधार बनेगा। ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला के अंतर्गत रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस अवसर पर अभियान से संबंधित एक वीडियो फ़िल्म दिखाई गई तथा क्यूआर कोड और पोर्टल के माध्यम से सुझाव साझा करने की प्रक्रिया से प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित यूपी@2047’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना और जनभागीदारी का ऐतिहासिक संकल्प है। भारत की आत्मा गांवों में बसती है और पंचायतें ही इस महान लक्ष्य की वास्तविक शिल्पकार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाली सबसे अहम कड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। प्रदेश की जीडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर 35 लाख करोड़ की ओर अग्रसर है, प्रति व्यक्ति आय 52 हजार रुपये से बढ़कर 1.20 लाख रुपये तक पहुँची है। 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। महिला कार्यबल भागीदारी 13% से बढ़कर 34% तक पहुँची है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र की परिकल्पना हेतु स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। तीन थीम; 'अर्थशक्ति, सृजनशक्ति और जीवनशक्ति' तथा 12 प्राथमिक सेक्टर चिन्हित किए गए हैं। अगले पाँच वर्षों में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को बताया कि विकसित यूपी@2047 विषय पर विधानमंडल के मानसून सत्र में 27 घंटे की विशेष चर्चा की गई थी। उन्होंने कहा कि 'विकसित यूपी@2047' की सफलता में पंचायतों की भागीदारी सर्वोपरि है। इसी क्रम में सभी पंचायत प्रतिनिधियों को पत्र, बुकलेट और लीफलेट भेजे गए हैं, जिनमें विशेष क्यूआर कोड व पोर्टल उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से आमजन अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे इस पत्र को बैठकों में पढ़ें, जनता को अभियान से जोड़ें और गाँव-गाँव, वार्ड-वार्ड तक संदेश पहुँचाएँ। उन्होंने बताया कि अब तक 11 लाख से अधिक लोग अपने सुझाव साझा कर चुके हैं। प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच सर्वश्रेष्ठ सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिला और क्षेत्र पंचायतों में “विकसित यूपी@2047” विषय पर संगोष्ठियाँ भी आयोजित की जाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संवाद केवल विचार-विनिमय नहीं, बल्कि साझा संकल्प का अवसर है। जब हर ग्राम, हर ब्लॉक और हर जिला आत्मनिर्भरता व सुशासन का प्रतीक बनेगा, तब उत्तर प्रदेश विकसित भारत 2047 का पथप्रदर्शक राज्य बनेगा।

यूपीआईटीएस में सौर ऊर्जा से चलने वाला आधुनिक UAV बना आकर्षण

यूपीआईटीएस 2025 आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को योगी सरकार दे रही नया आयाम पूरी तरह इलेक्ट्रिक और अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह ड्रोन कई मायनों में है खास इसकी ऊंचाई क्षमता 5 किलोमीटर है और यह एक बार उड़ान भरने पर लगातार 12 घंटे तक आसमान में रह सकता है यह UAV लगभग 200 मीटर लंबे रनवे से आसानी से उड़ान भर सकता है पायलट समेत केवल दो लोगों की टीम इसे नियंत्रित कर सकती है इसका सेटअप सिर्फ 30 मिनट में तैयार हो जाता है ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) में इस बार सौर ऊर्जा से संचालित हाई-एंड्यूरेंस UAV (Unmanned Aerial Vehicle) लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पूरी तरह इलेक्ट्रिक और अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह ड्रोन कई मायनों में खास है। इसकी ऊंचाई क्षमता 5 किलोमीटर तक है और यह एक बार उड़ान भरने पर लगातार 12 घंटे तक आसमान में रह सकता है। निर्माताओं ने बताया कि यह UAV लगभग 200 मीटर लंबे रनवे से आसानी से उड़ान भर सकता है। इसका संचालन बेहद सरल है और केवल दो लोगों की टीम, जिसमें एक पायलट शामिल होता है, इसे नियंत्रित कर सकती है। विशेष बात यह है कि इसका सेटअप सिर्फ 30 मिनट में तैयार हो जाता है। योगी सरकार का विज़न, नवाचार और सुरक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राज्य को रक्षा उत्पादन और स्टार्टअप हब बनाने के प्रयास कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिला है। यह UAV इन्हीं प्रयासों का प्रतीक है, जिसमें लगभग 75% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यूपीआईटीएस में यह प्रदर्शनी योगी सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। विशेष तकनीक "Auxiron" से किया गया विकसित कंपनी ने इस UAV में एक अनोखी तकनीक “Auxiron” विकसित की है, जो पंखों को झुकाकर सूर्य की किरणों को कैच करती है। इससे सोलर पैनल से अधिकतम ऊर्जा उत्पन्न होती है और UAV की उड़ान अवधि कई गुना बढ़ जाती है। Auxiron न केवल एयरोडायनमिक ड्रैग को कम करता है, बल्कि विमान को बिना स्लिपिंग के सीधी उड़ान भरने में भी मदद करता है। इस पेटेंटेड तकनीक के चलते UAV दिन में आठ घंटे अतिरिक्त और रात में चार घंटे बैटरी बैकअप के साथ उड़ सकता है। रक्षा और नागरिक उपयोग यह UAV खासकर इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉन्नसेंस (ISR) मिशनों के लिए आदर्श है। कंपनी के मुताबिक इसके कई डिफेंस और सिविलियन उपयोग हैं: ▪️सीमा क्षेत्रों में निगरानी और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर ▪️पाइपलाइन और पावरलाइन निरीक्षण ▪️खोज एवं बचाव अभियान (Search & Rescue) ▪️आपदा प्रबंधन और राहत कार्य ▪️सटीक कृषि और पर्यावरण मॉनिटरिंग भविष्य की योजनाएं कंपनी का कहना है कि जून-जुलाई 2025 से हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (HALE) UAV प्रोग्राम पर भी काम शुरू होगा। इसे "प्स्यूडो सैटेलाइट" कहा जा रहा है, जो लंबे समय तक ऊंचाई पर रहकर बार्डर मॉनिटरिंग, शुरुआती चेतावनी और संचार नेटवर्क जैसे कार्यों में क्रांति ला सकता है। यूपीआईटीएस-2025 में इस UAV के स्टॉल पर बड़ी संख्या में लोग और डिफेंस सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि पहुंचे और इसकी तकनीकी खूबियों को करीब से समझा। वो कहते हैं कि यह कहना गलत नहीं होगा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब डिफेंस और ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में नई उड़ान भर रहा है।