samacharsecretary.com

रिसॉर्ट मालिक का बेटा बन गया विवाद का केंद्र, जालंधर में हुई हिट एंड रन घटना

जालंधर  जालंधर में मोहिंदर सिंह के पी के जवान बेटे रिची केपी की मौत के मामले में अभी तक आरोपी पकड़ा नहीं गया कि शहर में एक और हिट एंड रन का मामला सामने आया है। आरोप है कि फगवाड़ा के एक रिसॉर्ट मालिक का बेटा नशे की हालत में गाड़ी चलाते हुए रॉन्ग साइड पर तेज रफ्तार से आया और कपड़ा व्यापारी की कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। पीड़ित कपड़ा व्यापारी डाबर का कहना है कि हादसे के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उन पर ही केस कर दिया गया। व्यापारी के मुताबिक आरोपी पक्ष ने झूठी खबरें छपवाकर पुलिस और प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की है। घटना के दौरान टक्कर इतनी जोरदार थी कि पीड़ित परिवार के लोग दहशत में आ गए। आरोप है कि बाद में रिसॉर्ट मालिक और उसके साथियों ने पीड़ित से मारपीट भी की। इस पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें आरोपी की कार को रॉन्ग साइड भागते देखा जा सकता है। डाबर ने कहा कि अगर उन्हें जालंधर पुलिस से इंसाफ नहीं मिला तो वह हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

राजद नेता का बयान: एनडीए के वादों पर तेजस्वी यादव ने साधा निशाना

पटना बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और केंद्र की भाजपा सरकार विधानसभा चुनाव से पहले योजनाओं की घोषणाएं कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन बिहार की समझदार जनता इनके झांसे में नहीं आएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार के पास राजस्व की कमी है, तो ये वादे कैसे पूरे होंगे। तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र सरकार से बिहार की जनता पूछ रही है कि आपके पास 1 लाख करोड़ रुपए नहीं हैं, फिर 7 लाख 8 हजार 729 करोड़ रुपए की घोषणाएं कैसे पूरी करेंगे? बिहार का राजस्व सृजन कितना है? यह पैसा कहां से आएगा? तेजस्वी ने भ्रष्टाचार पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू से ज्यादा, भ्रष्ट अधिकारी डरे हुए हैं। उन्हें लगता है कि अगर तेजस्वी सत्ता में आए, तो उनका 'रैकेट' खत्म हो जाएगा और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि राजद के पास ठोस योजनाएं हैं, जबकि डबल इंजन सरकार केवल खोखले वादे कर रही है। तेजस्वी ने कहा कि यह डबल इंजन सरकार इस बार दोगुनी गति से हारने वाली है। ये घोषणाएं डर के मारे की जा रही हैं। बता दें कि हाल ही में पीएम मोदी ने बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत 75 लाख महिलाओं के बैंक खाते में 10 हजार रुपए की सहायता राशि ट्रांसफर की गई है।

ग्रामीण इलाकों से मिल रहे सबसे ज्यादा फिडबैक, अबतक 9.5 लाख ग्रामीणों ने दिये सुझाव

शहरी क्षेत्रों से आए लगभग 3 लाख सुझाव, शिक्षा, कृषि और विकास पर जनता दे रही खुलकर अपने सुझाव फीडबैक देने के मामले में महाराजगंज, संभल और सोनभद्र सबसे आगे, इटावा और फिरोजाबाद से सबसे कम फीडबैक लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में जारी योगी सरकार का 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान' नई ऊंचाइयां छू रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब 300 नोडल अधिकारी और प्रबुद्धजन विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद कर न सिर्फ बीते 8 वर्षों की उपलब्धियां साझा कर रहे हैं, बल्कि जनता से भविष्य की योजनाओं पर सुझाव भी ले रहे हैं। अभियान में रविवार तक करीब 12.5 लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से लगभग 9.5 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 3 लाख शहरी क्षेत्रों से आए हैं। युवा, महिला, किसान, छात्र और वरिष्ठ नागरिक सभी वर्ग इसमें उत्साहपूर्वक भागीदारी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षा और कृषि पर आम जनमानस की राय एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए विकसित पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 12.5 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। फीडबैक में सबसे ज्यादा राय शिक्षा क्षेत्र पर आई। लोग चाहते हैं कि सरकारी स्कूलों को और मज़बूत किया जाए और शिक्षा को डिजिटल तरीके से आगे बढ़ाया जाए। कृषि क्षेत्र पर भी बड़ी संख्या में सुझाव मिले हैं, जिसमें किसानों को और सुविधाएं देने और बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने जैसी बातें प्रमुख रहीं। फीडबैक देने में महाराजगंज, संभल, सोनभद्र, कानपुर देहात और गोरखपुर सबसे आगे हैं। वहीं इटावा, फिरोजाबाद, ललितपुर, महोबा और संतकबीर नगर में सबसे कम भागीदारी रही है। जनता के सुझाव महाराजगंज के नागरिकों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने और बंद पड़ी गन्ना मिलों को फिर से चालू कराने की मांग की है। गाजियाबाद की सुषमा ने बच्चों की पढ़ाई को रोचक और खेल-कौशल आधारित बनाने का सुझाव दिया, ताकि मानसिक और शारीरिक विकास साथ-साथ हो सके। लखनऊ के रणजीत पटेल ने 112 पुलिस की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मोबाइल वैन शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने शिक्षा में सरकारी स्कूलों को बढ़ावा देने और बेरोजगारी दूर करने के लिए सेवानिवृत्ति आयु घटाने का सुझाव दिया। मऊ की वंदना सिंह ने कॉलोनियों में सड़क और नाली की समुचित व्यवस्था की आवश्यकता बताई और निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सुझाव के आधार पर सरकार तैयार करेगी विजन डॉक्युमेंट सरकार इन सुझावों का विश्लेषण कर 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विजन डॉक्युमेंट तैयार करेगी। इसमें आम जनता की राय सीधे तौर पर शामिल होगी, ताकि विकास योजनाएं ज़मीनी जरूरतों से जुड़कर आगे बढ़ सकें। सर्वाधिक अच्छे सुझावों को जनपद और प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। 

एक साथ मंच पर उतरीं केजीबीवी की 68,000 बालिकाएं, सामाजिक बुराइयों पर करारा प्रहार

– प्रदेशभर के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में आयोजित हुआ नुक्कड़ नाटक – दहेज, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बालिकाओं ने दिया संदेश – मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत अभिनय में झलका बालिकाओं का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता – बालिकाएं ही समाज में बदलाव की असली प्रेरणा हैं: मोनिका रानी लखनऊ  रविवार को प्रदेशभर के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की 68,000 बालिकाएँ नुक्कड़ नाटकों के मंच पर उतरीं और दहेज, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जोरदार और प्रेरक संदेश दिया। अभिनय कर रही बालिकाओं ने अपने अपने पात्र के साथ पूरी तरह से न्याय किया। मिशन शक्ति 5.0 की यह पहल बालिकाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व और जागरूकता का अद्भुत प्रेरक उदाहरण बनी।  बता दें कि इस पहल की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितंबर को किया गया था और अब यह कार्यक्रम बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के निर्देशन में पूरे प्रदेश में प्रभावी ढंग से गति पर है। बालिकाओं ने दिया सशक्त संदेश नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बालिकाओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर करारा प्रहार करते हुए समाज को सशक्त संदेश दिया। दहेज प्रथा को सामाजिक कलंक बताते हुए यह स्पष्ट किया गया कि बेटी का सम्मान उसकी शिक्षा और योग्यता में है, न कि दहेज में। बाल विवाह के खिलाफ प्रस्तुतियों में यह जोर दिया गया कि नाबालिग विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य में बाधा डालता है। बाल श्रम पर आधारित नाटकों ने यह रेखांकित किया कि शिक्षा से वंचित बचपन समाज और राष्ट्र दोनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस पहल के दौरान बालिकाओं ने टीमवर्क, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता का भी विकास किया। पुलिस, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के साथ हुए संवाद ने बालिकाओं में सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया। बालिकाओं की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता की त्रयी को मिला बल मिशन शक्ति 5.0 के तहत आयोजित यह कार्यक्रम नवरात्रि के शुभ अवसर पर बालिकाओं की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता की त्रयी को साकार करता हुआ नजर आया है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि जब बेटियों को मंच और अवसर मिलता है, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव की सबसे सशक्त वाहक बन सकती हैं। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि बालिकाएँ भविष्य में समाज और राष्ट्र की नेतृत्वकारी भूमिका निभाकर विकास की नई राहें खोलेंगी। वास्तव में, यह पहल इस बात का प्रतीक है कि शिक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास ही नारी सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार हैं।

लावरोव की चेतावनी: रूस पर हमला पड़ा तो मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

संयुक्त राष्ट्र रूस और यूक्रेन में साल 2022 से युद्ध जारी है। इस बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस को संबोधित करते हुए रूस के खिलाफ साजिश करने वाले देशों को चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने यूक्रेन पर हमले रोकने के लिए शर्तें रख दीं। खबर के अनुसार, उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश रूस के खिलाफ बल प्रयोग की धमकियां लगातार दे रहे हैं और मास्को पर नाटो और यूरोपीय संघ के देशों पर हमला करने की योजना बनाने का आरोप लगा रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बार-बार इस तरह के उकसावे को खारिज किया है। लावरोव ने कहा कि रूस का ऐसा कोई इरादा न तो कभी था और न ही है। रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर लावरोव ने कहा, "जैसा कि राष्ट्रपति ने बार-बार कहा है कि रूस शुरू से ही संघर्ष के मूल कारणों को खत्म करने के लिए बातचीत के लिए तैयार रहा है और रहेगा।" लावरोव ने कहा कि रूस की सुरक्षा और महत्वपूर्ण हितों की विश्वसनीय गारंटी होनी चाहिए। यूक्रेन के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में रूसियों और रूसी भाषी लोगों के अधिकारों को बहाल किया जाना चाहिए और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। इस आधार पर हम यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी पर बात करने के लिए तैयार हैं। रूस-अमेरिका संबंधों पर लावरोव ने कहा कि रूस को दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहने की उम्मीद है, खासकर अगस्त में अमेरिकी राज्य अलास्का में हुई शिखर वार्ता के बाद। लावरोव ने कहा कि रूस अमेरिका की ओर से न केवल यूक्रेन संकट के समाधान के लिए यथार्थवादी तरीके खोजने में योगदान देने की चाह रखता है, बल्कि बिना किसी वैचारिक रुख अपनाए व्यावहारिक सहयोग विकसित करने की इच्छा भी रखता है। उन्होंने कहा कि रूस और अमेरिका विश्व की स्थिति और मानवता को एक नए युद्ध में धकेलने वाले जोखिमों से बचाने के लिए विशेष जिम्मेदारी लेते हैं। लावरोव ने पुतिन द्वारा प्रस्तावित एक नई पहल को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि मास्को फरवरी 2026 में नई सामरिक शस्त्र न्यूनीकरण संधि (न्यू स्टार्ट) की समाप्ति के बाद एक वर्ष तक परमाणु हथियारों की सीमा का पालन करने के लिए तैयार है, बशर्ते अमेरिका भी यही कदम उठाए और ऐसी कार्रवाइयों से परहेज करे जो निवारक क्षमताओं के मौजूदा संतुलन को बिगाड़ सकती हैं। रूस और अमेरिका द्वारा 2010 में हस्ताक्षरित न्यू स्टार्ट संधि तैनात किए गए परमाणु हथियारों और सामरिक वितरण प्रणालियों की संख्या पर सीमा लगाती है। यह संधि 5 फरवरी, 2011 को लागू हुई थी और 5 फरवरी, 2021 को समाप्त होनी थी। मॉस्को और वाशिंगटन ने आधिकारिक तौर पर इस संधि को पांच साल के लिए बढ़ाकर फरवरी 2026 कर दिया है।

राम मंदिर संग अयोध्या में दिखेगी वाल्मीकि व निषादराज की आस्था

– पीएम मोदी ने “मन की बात” में किया विशेष उल्लेख, कहा दर्शन जरूर करें – संगमरमर से बनी महर्षि वाल्मीकि व निषादराज गुह्य की प्रतिमाएं स्थापित – अक्टूबर 2025 तक श्रद्धालुओं को मिलेगा दर्शन का सौभाग्य – रामायण की समरस परंपरा को साकार करेगा भव्य रामजन्मभूमि परिसर अयोध्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का भव्य निर्माण अंतिम चरण में है। यह पावन धाम अब श्रद्धालुओं के लिए लगभग पूर्णता की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में भगवान श्रीराम की कथा से जुड़े महापुरुषों, महर्षि वाल्मीकि और निषादराज गुह्य के राम मंदिर का निर्माण भी तेजी से संपन्न हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के 126वें एपिसोड में महर्षि वाल्मीकि और रामायण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अगले महीने 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती है। महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के सबसे बड़े आधार स्तंभों में से एक हैं। उन्हीं की रचना रामायण ने मानवता को भगवान श्रीराम के आदर्शों और मूल्यों से परिचित कराया। श्रीराम ने सेवा, समरसता और करुणा से सबको अपने साथ जोड़ा। यही कारण है कि रामायण में माता शबरी और निषादराज जैसे पात्रों का विशेष स्थान है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के निर्माण के साथ ही महर्षि वाल्मीकि और निषादराज के मंदिर भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जब भी कोई अयोध्या जाए, तो रामलला के दर्शन के साथ महर्षि वाल्मीकि और निषादराज मंदिर के दर्शन अवश्य करे। संगमरमर की प्रतिमाओं से सजेगा मंदिर परिसर बता दें कि रामजन्मभूमि परिसर में बीते शनिवार को सप्तमंडप में निषादराज गुह्य और महर्षि वाल्मीकि की भव्य प्रतिमाओं की स्थापना की गई। ये प्रतिमाएं जयपुर के प्रसिद्ध शिल्पकारों द्वारा विशेष संगमरमर पत्थर से तराशी गई हैं। इन मूर्तियों को मंदिर के दक्षिणी हिस्से में स्थित अंगद टीले के समीप स्थापित किया गया है। ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, आगामी अक्टूबर 2025 के बाद यह परिसर श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण रूप से खोल दिया जाएगा। तब देशभर से आने वाले भक्त रामलला के दर्शन के साथ महर्षि वाल्मीकि और निषादराज गुह्य की प्रतिमाओं के भी दर्शन कर पाएंगे। अयोध्या बनेगी आस्था और समरसता का प्रतीक धार्मिक विद्वानों का मानना है कि अयोध्या का यह स्वरूप भारतीय संस्कृति की समरस परंपरा का जीवंत प्रतीक बनेगा। भगवान श्रीराम केवल अयोध्या के ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। ऐसे में महर्षि वाल्मीकि और निषादराज के मंदिर श्रद्धालुओं को यह संदेश देंगे कि रामकथा केवल राजाओं और महलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने वाली धारा है।

दक्षिण कोरिया-अमेरिका की नई पहल: वीजा प्रक्रिया आसान करने के लिए वर्किंग ग्रुप लॉन्च होगा

सियोल दक्षिण कोरिया और अमेरिका साथ मिलकर कोरियाई कामगारों के लिए वीजा प्रणाली में सुधार के लिए इस हफ्ते एक कार्य समूह का गठन करेंगे। इस बात की जानकारी राजनयिक सूत्रों ने दी। हाल ही में अमेरिका के जॉर्जिया में हुंडई प्लांट पर इमिग्रेशन एनफोर्समेंट ऑपरेशन के तहत छापेमारी की थी। छापेमारी के बाद करीब 475 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 300 दक्षिण कोरिया के रहने वाले हैं। जॉर्जिया में हुंडई प्लांट पर सितंबर की शुरुआत में हुई इस छापेमारी के बाद दक्षिण कोरियाई कामगारों को वीजा नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के आरोप में एक हफ्ते तक हिरासत में रखा गया। योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, राजनयिक बातचीत के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। सूत्रों ने बताया कि सियोल के विदेश मंत्रालय और अमेरिकी विदेश विभाग इस कार्य समूह का नेतृत्व करेंगे। माना जा रहा है कि अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग और वाणिज्य विभाग भी इस समूह में भाग ले सकते हैं। ऐसे समय में जब कोरियाई कंपनियां अमेरिका में बड़ी विनिर्माण परियोजनाएं चला रही हैं, दोनों देशों के बीच दक्षिण कोरियाई श्रमिकों के लिए अमेरिकी वीजा प्रणाली को बेहतर बनाने पर चर्चा होने की व्यापक संभावना है। बता दें, हिरासत में लिए गए कई लोग बी1 वीजा पर अमेरिका आए थे, जो व्यावसायिक उद्देश्यों, जैसे बैठकों में भाग लेने या अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने, या अल्पकालिक प्रवास के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फॉर ट्रैवल ऑथराइजेशन (ईएसटीए) वीजा छूट कार्यक्रम के तहत जारी किया गया था। दोनों देशों के बीच बी1 वीजा को हल्के तरीके से लागू करने पर चर्चा होने की संभावना है। अगर बी1 वीजा के तहत व्यावसायिक उद्देश्यों का दायरा स्पष्ट हो जाता है, तो अमेरिका मौजूदा वीजा प्रणाली में बदलाव किए बिना दक्षिण कोरियाई व्यापारियों की कठिनाइयों का तुरंत समाधान कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका में निवेश करने वाले कोरियाई लोगों के लिए अमेरिका स्थित दक्षिण कोरियाई दूतावास में एक अलग वीजा डेस्क स्थापित करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। चर्चा यह भी थी कि इन सभी लोगों को इन सभी श्रमिकों को वापस कोरिया भेज दिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया जाहिर की थी। प्रतिभाशाली लोगों को कानूनी तरीके से अमेरिका आने को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर लिखा कि आपके निवेश का स्वागत है, और हम विश्वस्तरीय उत्पाद बनाने के लिए अपने बेहद कुशल और तकनीकी रूप से प्रतिभाशाली लोगों को कानूनी तौर पर लाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और हम इसे आपके लिए शीघ्र और कानूनी रूप से संभव बना देंगे। बदले में हम आपसे यही मांग करते हैं कि आप अमेरिकी कर्मचारियों को नियुक्त करें और प्रशिक्षित करें। हम सब मिलकर अपने देश को न केवल उत्पादक बनाने के लिए, बल्कि पहले से कहीं अधिक एकजुट बनाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।  

पोलियो को हराकर हज़ारों महिलाओं की ताकत बनीं हिना नाज़

मिशन शक्ति-5.0  – कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं हिना – योगी सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी व लाभ दिलाने में करती हैं महिलाओं की मदद – अबतक 26 हजार से अधिक महिलाओं की कर चुकी हैं मदद लखनऊ कठिनाइयाँ जब हौसलों से टकराती हैं, तो इतिहास बनता है। कुछ ऐसी ही कहानी है एटा जिले की मोहल्ला पोस्तीखाना, कस्बा सकीब हिना नाज की। हिना योगी सरकार के मिशन शक्ति अभियान के जरिए जरिए नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रेरक मिसाल बनी हैं। बचपन से एक पैर से पोलियोग्रस्त होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हिना साहस और सेवा-भावना की जीती-जागती मिसाल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने हिना जैसे समर्पित महिलाओं को नारी शक्ति के रूप में सशक्त किया, जो पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही हैं। हिना नाज़ रोज़ सुबह घर से निकलकर कासगंज कार्यालय पहुँचती हैं। रोजना 150 किलोमीटर की दौड़ लेकिन न ठंड उन्हें रोकती है, न तपती धूप। उनका एक ही संकल्प है, किसी भी पात्र महिला को योजनाओं से वंचित न रहने देना। जिला प्रोबेशन कार्यालय में आने वाली महिलाओं के लिए वे अब सहारा और उम्मीद का प्रतीक बन चुकी हैं। हिना स्वयं दस्तावेज़ों का सत्यापन करती हैं, कंप्यूटर फीडिंग का पूरा कार्य संभालती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि हर पात्र महिला को समय पर पेंशन मिले। उनकी कार्यशैली में ईमानदारी और संवेदनशीलता झलकती है। जब उन्होंने शुरुआत की थी, तब जिले में केवल करीब 8,000 महिलाएं निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ उठा रही थीं। लेकिन उनके अथक प्रयासों और लगन से सितम्बर 2025 तक यह संख्या 26,928 तक पहुँच गई। साथ में योगी सरकार की और स्पॉन्सरशिप योजना के तहत बच्चों को योजना का लाभ दिलाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ रही हैं। यह उपलब्धि बताती है कि यदि निष्ठा और लगन हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। असली शक्ति शारीरिक सामर्थ्य में नहीं, बल्कि मनोबल और आत्मविश्वास की दृढ़ता में होती है। हिना मानती हैं कि शारीरिक चुनौतियाँ इंसान की शक्ति को परिभाषित नहीं करतीं। वो कहती हैं कि “खुश रहने के लिए किसी सहारे की आवश्यकता नहीं होती, बस खुद पर भरोसा होना चाहिए।” उन्होंने अपने संघर्ष को ही अपनी शक्ति बनाया और आज हज़ारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाया जा रहा मिशन शक्ति अभियान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर केंद्रित है। हिना नाज़ का जीवन इस अभियान की सजीव तस्वीर है। उन्होंने यह साबित किया है कि महिला सशक्तीकरण केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर महिलाओं की बदलती सोच और आत्मविश्वास से साकार होता है। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी हिना की मेहनत और सकारात्मक ऊर्जा हर एटा और कासगंज दोनों जिलों की महिलाओं को संबल देती है। उनके प्रयासों से प्रभावित होकर अब अन्य महिलाएँ भी उनसे प्रेरणा लेती हैं और मार्गदर्शन प्राप्त करती हैं। आज हिना नाज़ न केवल कासगंज और एटा की ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। वे यह सिखाती हैं कि यदि मन में सेवा की भावना और कार्य के प्रति निष्ठा हो, तो कोई भी कठिनाई रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती।

नीतीश कुमार का बड़ा बयान – दो बार साथ लेकर गलती की थी

गोपालगंज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद पर हमला बोला है। पहले दो बार राजद के साथ सरकार बनाने पर नीतीश कुमार ने कहा कि उस समय हमसे गलती हो गई थी। अब इधर-उधर नहीं करेंगे। उन्होंने राजद पर हमला बोलते हुए कहा, "पहले कुछ नहीं था, चीजें गड़बड़ थीं। इसलिए इसे याद रखें। पहले यहां-वहां काम हो रहा था, और अब वे कई जगहों पर कुछ चीजें कर रहे हैं। आप जानते हैं कि गलती हुई थी, कुछ लोगों ने डेढ़ साल तक कुछ चीजों को हल्के में लिया, दो बार। बाद में मैंने उन्हें दोनों बार हटा दिया। उसके बाद, मैंने कहा कि अब से यहां-वहां कुछ नहीं किया जाएगा। जो शुरू से था, वह हमेशा रहेगा।" सीएम नीतीश कुमार ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। लोग शाम को घर से निकलने में डरते थे, लेकिन पिछले 20 सालों में बिहार ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में अब तक 5 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई नए मेडिकल कॉलेज खोले गए। आम जनता को राहत देते हुए 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त की गई। वहीं, वृद्धा पेंशन में बढ़ोतरी और महिलाओं को रोजगार देने पर भी सरकार ने जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस में जितनी महिलाओं की संख्या है, उतनी पूरे भारत के किसी भी राज्य में नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए बराबरी से काम किया है। मुस्लिम समुदाय के लिए कब्रिस्तान की घेराबंदी की गई तो मंदिरों की चाहरदीवारी भी बनवाई गई। पहले हिंदू-मुस्लिम के नाम पर राजनीति होती थी, लेकिन अब सब खत्म हो गया है।" मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री बिहार के विकास में काफी मदद कर रहे हैं।

यूपी में महिला उद्यमिता को मिल रही नई उड़ान

यूपीआईटीएस 2025 यूपीआईटीएस में दिख रहा महिला शक्ति का जलवा   डॉ. निधि जैन की प्रेरक यात्रा अन्य महिलाओं को भी कर रही है प्रेरित  लखनऊ के छोटे से कमरे से शुरू हुआ सफर, आज नोएडा तक पहुंचा लखनऊ चिकनकारी को वैश्विक पहचान दिला रहीं डॉ. निधि जैन 30 से 40 महिलाओं को रोजगार देकर रच रहीं आत्मनिर्भरता की कहानी योगी सरकार की नीतियों से महिला उद्यमिता को मिल रहा संबल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से बदला उत्तर प्रदेश का कारोबारी परिदृश्य महिला सुरक्षा और आत्मविश्वास से बढ़ा व्यापार का हौसला हैंडमेड चिकनकारी डिज़ाइन ने खींचा खरीदारों का ध्यान ग्रेटर नोएडा आठ साल पहले लखनऊ में के छोटे से कमरे में बैठी डॉ. निधि जैन के पास केवल सपने थे और उन्हें पूरा करने का जज्बा। परिवार और समाज की तमाम जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपने हुनर पर विश्वास किया और महिला परिधानों में पारंपरिक लखनऊ चिकनकारी और इंब्रायडरी को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। शुरुआत में संसाधन सीमित थे, लेकिन हौसला अटूट। यही वजह रही कि उनका छोटा-सा काम धीरे-धीरे लखनऊ शहर से निकलकर नोएडा तक पहुंच गया। आज उनके पास न केवल लखनऊ में, बल्कि नोएडा में भी आधुनिक स्टूडियो हैं, जहां 30 से 40 महिलाएं रोज़गार पा रही हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उनके ब्रांड को एक पहचान दिलाई है। खास बात यह है कि उनके द्वारा बनाई गई कढ़ाई पूरी तरह से हैंडमेड होती है, जिसमें एक-एक डिजाइन तैयार करने में महीनों का समय लग जाता है। योगी सरकार ने दिया नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का विश्वास डॉ. जैन मानती हैं कि उनकी सफलता की कहानी केवल उनकी मेहनत की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में बदले माहौल की भी गवाही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिला उद्यमियों के लिए जो नीतियाँ बनीं, उनका उन्हें सीधा लाभ मिला। चाहे ब्याजमुक्त लोन हो, आसान सब्सिडी स्कीम्स हों या बिज़नेस स्थापित करने की सहूलियत—आज हर महिला को प्रदेश में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिल रहा है। डॉ. जैन कहती हैं कि योगी सरकार ने महिला उद्यमियों को फुल सपोर्ट दिया है। आज हम सर उठाकर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में योगदान कर पा रहे हैं। यूपीआईटीएस 2025 से महिला शक्ति को मिला बड़ा मंच उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) इस नई सोच और बदलते परिदृश्य का सबसे बड़ा प्रमाण है। लखनऊ और नोएडा से अपने ब्रांड को खड़ा करने वाली डॉ. जैन भी इस शो का हिस्सा बनीं। उन्होंने स्टॉल नंबर 15 पर अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। यहां आने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने उनके चिकनकारी डिज़ाइनों की खूब सराहना की। उनके स्टॉल पर महिलाओं की भागीदारी और रोजगार का मॉडल देखकर अन्य महिला उद्यमियों को भी प्रेरणा मिली। उनके अनुसार, यूपीआईटीएस 2025 केवल एक ट्रेड शो नहीं, बल्कि यह संदेश है कि उत्तर प्रदेश अब महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित और अनुकूल निवेश गंतव्य बन चुका है। बदलते उत्तर प्रदेश में बदलती महिलाएं डॉ. निधि जैन के मुताबिक, पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने एक ऐतिहासिक बदलाव देखा है। व्यापार करना और व्यापार शुरू करना अब बेहद आसान हो गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से व्यापारियों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचने में आसानी हो रही है। सबसे बड़ी बात ये है कि अब महिला उद्यमियों को सुरक्षा और आत्मविश्वास दोनों मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल आज डॉ. निधि जैन जैसी उद्यमी न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार और सम्मानजनक जीवन का अवसर दे रही हैं। इस तरह की कहानियाँ इस बात का सबूत हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव का साक्षी बन रहा है। डॉ. निधि जैन की यह यात्रा केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, जहां महिला उद्यमियों को न सिर्फ सपने देखने की आजादी मिली है, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए सरकार की ठोस नीतियां और समर्थन भी मिल रहा है।