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सड़क और ड्रेनेज सुधार पर ग्वालियर प्रशासन करेगा अहम निर्णय

ग्वालियर  शहर में अतिवर्षा के कारण सड़कों की स्थिति खराब है। वर्षा जल की निकासी नहीं होने के कारण डामर की सड़कें उधड़ चुकी हैं। इसका मुख्य कारण सामने आया है कि सड़कों के किनारे नाले-नालियों के अलावा ड्रेनेज का प्रविधान नहीं होने से यह स्थिति बनी है। नईदुनिया ने भी लगातार ये मुद्दा उठाया कि सड़कों के किनारे ड्रेनेज सिस्टम का प्रविधान किया जाए, जिसके बाद निगम के जनकार्य विभाग ने कई कॉलोनियों में नई सड़कें स्वीकृत करने के साथ ही उन्हें ड्रेनेज का प्रविधान करना शुरू कर दिया है। व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी जो नए टेंडर भी अपलोड किए जा रहे हैं, उनमें ड्रेनेज का प्रविधान विशेष रूप से किया जा रहा है। इसके अलावा जिन स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं होगी, वहां प्रयास किया जाएगा कि डामर की सड़कें तैयार नहीं की जाएं। वहां व्हाइट टॉपिंग या सीसी रोड बनाई जाएंगी। इसके अलावा जहां-जहां बिटुमिन की नई सड़कें बनाई जा रही हैं, वहां ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। इन स्थानों पर ड्रेनेज का प्रविधान वार्ड 30 एयरटेल ऑफिस रोड और नाली निर्माण। वार्ड 19 सूर्य विहार कॉलोनी में बिटुमिन रोड के किनारे सीसी ड्रेनेज। वार्ड 55 शिवाजी नगर में चौहान हाउस से सिकरवार हाउस तक और राकेश तोमर वाली गली में सीसी रोड और ड्रेनेज। वार्ड 62 पदमपुर खेरिया के पटेल मोहल्ला में सीसी रोड व ड्रेनेज। वार्ड 63 के ग्राम रुद्रपुर में सीसी रोड और ड्रेनेज। वार्ड 63 के ग्राम मालनपुर में सीसी रोड व ड्रेनेज। वार्ड 49 हारकोटासीर में सीसी रोड व ड्रेनेज निर्माण। (इसके अलावा लगभग 20 सड़कों के निर्माण में ड्रेनेज का प्रविधान कर टेंडर किए जा रहे हैं।) निगमायुक्त ने की समीक्षा, 15 दिन में सड़कें चकाचक करने के निर्देश उधर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने शनिवार को शहर की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देशित किया कि शीघ्र सड़कों पर काम प्रारंभ करें और 15 दिवस में शहर की सड़कें चकाचक दिखने लगें। जिन सड़कों के वर्क आर्डर जारी हो गए हैं, उनमें अगले पांच दिवस में कार्य शुरू हो जाएं। साथ ही जो सड़कें स्वीकृत हो चुकी हैं और अनुबंध होना है, उसमें तत्काल अनुबंध कर कार्य प्रारंभ कराएं। सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। सड़कों के किनारे ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कई नई सड़कों को स्वीकृति देते समय ड्रेनेज का प्रविधान किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि जहां हम ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, वहां डामर की सड़कें बनाई ही ना जाएं। वहां सीसी रोड या व्हाइट टापिंग कराई जाए। – संघ प्रिय, आयुक्त नगर निगम

भाजपा पंजाब में विवाद: बड़े नेता के भाई पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई

लुधियाना  थाना पीएयू की पुलिस ने बीजेपी के पूर्व प्रधान राजेंद्र भंडारी के भाई सहित तीन लोगों के खिलाफ साजिश तहत धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए जांच अधिकारी अमरीक सिंह ने बताया कि ये कार्रवाई शिकायतकर्ता संजीव गर्ग पुत्र धर्मपाल गर्ग वासी संत नगर कॉलेज रोड ने शिकायत के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि संजीव गर्ग ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी कि उपेंद्र जीत कौर वासी सराभा नगर, शशि इंदर सिंह वासी शास्त्री नगर और राजकुमार भंडारी वासी बी.आर.एस. नगर ने साजिश तहित धोखाधड़ी करते हुए प्लाट की गलत रजिस्ट्री करवाई है। इसके बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की गई और जांच करने के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 

फर्स्ट फेज में शुरू होंगे आदर्श सुविधा केंद्र, नगरीय विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र खोलने के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। फर्स्ट फेज में सभी 14 नगर निगमों और सभी 55 नगर पालिकाओं में ये केंद्र शुरू किए जाएंगे। ये सुविधा केंद्र नागरिकों को विभिन्न तरह के प्रमाण पत्र और लाइसेंस प्राप्त करने और पंजीयन व शिकायत निवारण जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत केंद्र की तरह काम करेंगे। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की विशेष पहल पर ये केंद्र प्रदेश में खुलने जा रहे हैं। भारत सरकार ने नगरीय निकायों से जुड़ी सभी तरह की सेवाओं पर आधारित आदर्श सुविधा केन्द्र खोलेने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के तहत सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर  के लिए यह राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र स्थापित किए जाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारी सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत हम प्रदेश के नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं और जीवन स्तर प्राप्त हो, यह हमारी सरकार का लक्ष्य है। आदर्श सुविधा केंद्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नगरीय प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाएगा। नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देवसाय की सुशासन की सरकार नगरीय निकायों के नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य कर रही है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा राज्य शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय और प्रदेश में सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर स्थापित करने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के अंतर्गत प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के इस प्रस्ताव को स्वीकृति एवं अनुशंसा प्रदान करते हुए इसके लिए 50 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। ये सिटीजन एक्सपीरियंस सेंटर नगरीय निकायों से संबंधित सेवाओं (म्यूनिसिपल सर्विसेस) के लिए वन-स्टॉप हब के रूप में काम करेंगे। श्री साव ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने के लिए केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी है। सिंगल प्लेटफार्म की तर्ज पर कार्य उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आदर्श सुविधा केंद्रों के माध्यम से ‘‘वन स्टेट – वन पोर्टल‘‘ सिंगल प्लेटफार्म की तर्ज पर नागरिकों को जन्म, मृत्यु, विवाह जैसे आवश्यक प्रमाण पत्र, व्यापार, वेंडिंग, विज्ञापन के लिए लाइसेंस सेवाएं, संपत्ति कर, जल/सीवरेज, ठोस अपशिष्ट सेवाएँ, नगर निगम संपत्ति बुकिंग के लिए  पंजीकरण, शिकायत निवारण की सुविधा तथा डिजिटल समावेशन सेवाओं का लाभ सुलभ और समयबद्ध रूप से प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि ये केन्द्र नागरिक सेवाओं को सरल और मानकीकृत करने के साथ ही प्रशासनिक बाधाओं को भी दूर करेगी, जिससे लोगों और नगरीय निकायों के अधिकारियों के मध्य पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही यह पहल पूरे राज्य में समावेशिता को बढ़ावा देगी तथा इज ऑफ लिविंग में  सुधार सुनिश्चित करेगी। क्या है आदर्श सुविधा केन्द्र? आदर्श सुविधा केन्द्र नगरीय निकायों में जनसुविधाओं से संबंधित समस्त सेवाओं के लिए एकीकृत केन्द्र की तरह कार्य करेगी। इस केन्द्र के माध्यम से नगरीय निकायों में नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रदेश में संचालित अन्य नागरिक सुविधा पोर्टल जैसे निदान-1100, मोर संगवारी, संपत्ति कर तथा नगरीय प्रशासन से संबंधित अन्य सेवाओं व सुविधाओं को भी आदर्श सुविधा केन्द्र के साथ जोड़ा जाएगा। कैसे मिलेगी नागरिकों को सुविधाएं? आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से सेवाएं प्राप्त करने के लिए नागरिकों को अपनी इच्छित सेवाओं से संबंधित आवेदन सुविधा केन्द्र में जाकर दर्ज/जमा करानी होगी। नागरिकों से प्राप्त आवेदन की प्रकृति एवं गुण-दोष के आधार पर नगरीय निकाय द्वारा आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी होगी और इसकी मॉनिटरिंग राज्य शहरी विकास अभिकरण में स्थापित राज्य स्तरीय कमाण्ड एंड कण्ट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी।

एशिया कप 2025: टीम इंडिया ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, हार्दिक बाहर

दुबई  एशिया कप 2025 के फाइनल में टीम इंडिया की भिड़ंत पाकिस्तान के साथ हो रही है। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। 41 साल में यह पहला मौका है जब भारत-पाकिस्तान के बीच इस टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला खेला जाना है। फाइनल मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। जीत के विजय रथ पर सवार टीम इंडिया सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम जीत के विजय रथ पर सवार है और अभी तक टूर्नामेंट में अजेय रही है। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा का बल्ला खूब रन उगल रहा है, तो गेंदबाजी में इंडियन स्पिनर्स की फिरकी का जादू सिर चढ़कर बोला है।   बल्लेबाजी पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता दूसरी ओर, पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में अपनी बेस्ट क्रिकेट नहीं खेली है। गिरते-पड़ते सलमान आगा की सेना फाइनल तक पहुंची है। हालांकि, सुपर 4 में भारत के खिलाफ मिली हार के बाद टीम ने जोरदार कमबैक करते हुए लगातार दो मैचों में जीत का स्वाद चखा है। गेंदबाजी में शाहीन अफरीदी फॉर्म में लौट चुके हैं। वहीं, हैरिस रऊफ ने भी लय पकड़ ली है। मगर पाकिस्तान की चिंता उनका बैटिंग ऑर्डर रहा है, जो हर बड़े मैच में फेल नजर आया है।

भ्रष्टाचार पर चीन का बड़ा प्रहार: पूर्व मंत्री तांग रेनजियान को रिश्वतखोरी में मौत की सज़ा

शेन्जेन चीन के पूर्व कृषि एवं ग्रामीण मामलों के मंत्री तांग रेनजियान को भ्रष्टाचार और घुसखोरी के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। उन पर अपने मंत्री रहने के दौरान 3 अरब रुपये से ज्यादा की रिश्वतखोरी का आरोप है। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने 2007 से 2024 तक पद पर रहते हुए अकूत संपत्तियां बनाई थीं। जिसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में यह साबित हुआ है कि उन्होंने आय से ज्यादा की कमाई की और अपने पद का दुरुपयोग किया। ऐसे में कोर्ट ने न सिर्फ संपत्ति जब्त कर ली, बल्कि तांग रेनजियान को मौत की सजा भी सुनाई है। पूर्व मंत्री ने कमाए थे 3 अरब रुपये चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, पूर्व कृषि एवं ग्रामीण मामलों के मंत्री तांग रेनजियान को रविवार को जिलिन प्रांत की एक अदालत में रिश्वतखोरी के आरोप में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। रिपोर्ट में बताया गया कि तांग ने 2007 से 2024 तक विभिन्न पदों पर रहते हुए 268 मिलियन युआन (37.6 मिलियन डॉलर) से अधिक मूल्य की नकदी और संपत्ति सहित रिश्वत ली। चांगचुन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने यह कहते हुए उनकी मृत्युदंड की सजा दो साल के लिए निलंबित कर दी कि उन्होंने अपने अपराध स्वीकार कर लिए हैं। तांग को कम्युनिष्ट पार्टी ने किया निष्कासित चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी संस्था द्वारा जांच के दायरे में रखे जाने और पद से हटाए जाने के छह महीने बाद, नवंबर 2024 में तांग को निष्कासित कर दिया था। तांग की जांच असामान्य रूप से तेज थी और रक्षा मंत्री ली शांगफू और उनके पूर्ववर्ती वेई फेंगहे के खिलाफ भी इसी तरह की जांच की गई थी। जिनपिंग ने चलाया है शुद्धिकरण अभियान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2020 में चीन के घरेलू सुरक्षा तंत्र के शुद्धिकरण का अभियान शुरू किया था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पुलिस, अभियोजक और न्यायाधीश "पूरी तरह से वफादार, पूरी तरह से शुद्ध और पूरी तरह से विश्वसनीय" हों। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, कृषि और ग्रामीण मामलों के मंत्री नियुक्त होने से पहले, तांग 2017 से 2020 तक पश्चिमी प्रांत गांसु के गवर्नर थे। जनवरी में, शी ने कहा था कि भ्रष्टाचार चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के लिए सबसे बड़ा खतरा है और यह लगातार बढ़ रहा है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, पूर्व कृषि एवं ग्रामीण मामलों के मंत्री तांग रेनजियान को रविवार को जिलिन प्रांत की एक अदालत में रिश्वतखोरी के आरोप में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। रिपोर्ट में बताया गया कि तांग ने 2007 से 2024 तक विभिन्न पदों पर रहते हुए 268 मिलियन युआन (37.6 मिलियन डॉलर) से अधिक मूल्य की नकदी और संपत्ति सहित रिश्वत ली। चांगचुन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने यह कहते हुए उनकी मृत्युदंड की सजा दो साल के लिए निलंबित कर दी कि उन्होंने अपने अपराध स्वीकार कर लिए हैं। तांग को कम्युनिष्ट पार्टी ने किया निष्कासित चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी संस्था द्वारा जांच के दायरे में रखे जाने और पद से हटाए जाने के छह महीने बाद, नवंबर 2024 में तांग को निष्कासित कर दिया था। तांग की जांच असामान्य रूप से तेज थी और रक्षा मंत्री ली शांगफू और उनके पूर्ववर्ती वेई फेंगहे के खिलाफ भी इसी तरह की जांच की गई थी। जिनपिंग ने चलाया है शुद्धिकरण अभियान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2020 में चीन के घरेलू सुरक्षा तंत्र के शुद्धिकरण का अभियान शुरू किया था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पुलिस, अभियोजक और न्यायाधीश "पूरी तरह से वफादार, पूरी तरह से शुद्ध और पूरी तरह से विश्वसनीय" हों। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, कृषि और ग्रामीण मामलों के मंत्री नियुक्त होने से पहले, तांग 2017 से 2020 तक पश्चिमी प्रांत गांसु के गवर्नर थे। जनवरी में, शी ने कहा था कि भ्रष्टाचार चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के लिए सबसे बड़ा खतरा है और यह लगातार बढ़ रहा है।

मौलाना तौकीर का खेल बदला? धार्मिक और राजनीतिक बयानबाजी पर बरेली में पलटा असर

बरेली  बरेली बवाल में जेल भेजा गया मौलाना तौकीर रजा एक बार नहीं, बल्कि हर बार अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहा है। मौलाना के तल्ख टिप्पणी से कई बार शहर का माहौल खराब हो चुकी है। सीएए, एनआरसी से लेकर अपने समाज से जुड़े तमाम संवेदनशील मुद्दों पर उनकी तकरीरें माहौल गरमा चुकी हैं। तीखी बयानबाजी के चलते मौलाना कई बार नजरबंद हो चुका है। लेकिन इसके बाद भी उसकी बयानबाजी से जहर उलगना बंद नहीं हुआ। लेकिन शुक्रवार को बरेली बवाल के लिए लोगों को उकसाने के मामले में उसका दांव उलटा पड़ गया। इस बार मौलाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया और उसे जेल जाना पड़ा। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां कट्टर और भड़काऊ भाषणों के लिए पहचाने जाते हैं। हर नया बयान उनके विवादों के ग्राफ में इजाफा करता गया है। धर्म से लेकर राजनीति तक, हर मुद्दे पर उनके तीखे बोल न सिर्फ बहस को जन्म देते हैं, बल्कि कई बार प्रशासन और समाज दोनों को असहज स्थिति में डाल देते हैं। विवादित बयान देने के लिए चर्चित है मौलाना तौकीर 2017 में बोले, तुम्हारे धर्म में भी तो एक महिला के पांच-पांच पति होते हैं। महिला को पता भी नहीं होता है कि उसके बच्चे का बाप कौन है। 2020 में सीएए को वापस नहीं लिए जाने पर गलियों में खून बहने की धमकी दी थी। 2022 में नूपुर शर्मा के बयान को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन का किया था एलान। 2022 में कहा था जिस दिन मुसलमान सड़कों पर आ गया तो संभलेगा नहीं। 2023 में अयोध्या मामले में उन्होंने कहा कि अब सड़क पर लड़ाई लड़ी जाएगी। 2024 में दूसरे धर्म के 23 युवाओं का सामूहिक निकाह कराने का एलान किया। 2025 में ऐलान करके जुमा नमाज के दिन लोगों को प्रदर्शन के लिए इक्ट्ठा किया। नफरत भरी तकरीर करके इक्ट्ठा की हमेशा भीड़ मौलाना ने बरेली में जेल भरो आंदोलन का एलान किया था और अपनी गिरफ्तारी देने के लिए सड़क पर उतरे थे। उनके आह्वान पर हजारों की तादाद में भीड़ जुटी थी। इस दौरान उन्होंने हल्द्वानी हिंसा को लेकर विवादित बयान दिया। कहा था कि हमें मजबूर कर दिया गया है। मुल्क में नफरत का माहौल बनाया हुआ है। मौलाना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अगर संज्ञान नहीं ले रहा है तो हम अपनी हिफाजत खुद करेंगे। हमें कानूनी अधिकार है कि अगर कोई हम पर हमलावर होता है तो उसे जान से मार दें।  

भगत सिंह की प्रतिमा पर मुख्यमंत्री ने अर्पित किया पुष्पहार, भावुक पल देखिए

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित भगत सिंह चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अमर शहीद भगत सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वह तेजस्वी नायक थे, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, अटूट देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान से आने वाली पीढ़ियों के लिए अमिट प्रेरणा छोड़ी है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और स्वतंत्रता के लिए त्याग ही सच्ची देशभक्ति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह के विचार और आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पाकिस्तान की नींद उड़ी! POK में कुछ बड़ा होने की खबर, जॉइंट अवामी कमेटी ने किया ऐलान

इस्लामाबाद  पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (Pok) में जनाक्रोश और विरोध प्रदर्शनों के कारण तनाव चरम पर पहुंच गया है। नीलम वैली पब्लिक एक्शन कमेटी के नेता शौकत नवाज मीर ने जनता की लंबे समय से लंबित मांगों ( जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और स्वच्छ पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं ) को पूरा करने के दबाव में पूरे क्षेत्र को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा कर दी है। उन्होंने चेतावनी जारी की है कि लोगों का सब्र अब अपनी हद पार कर चुका है और यह वर्षों की सरकारी उपेक्षा, भ्रष्टाचार तथा संसाधनों के दुरुपयोग का सीधा परिणाम है, जहां राजनीतिक संरक्षण और रिश्वतखोरी पर धन बर्बाद हो रहा है। उनके इस आह्वान पर व्यापक बहस छिड़ गई है कि क्या कुछ बड़ा होने वाला है? शौकत नवाज मीर की अपील के बाद पीओके में तनाव है। दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन ने प्रदर्शन को बलपूर्वक दमन करने की धमकी दी है। कमेटी के प्रवक्ता के रूप में मीर ने कहा कि लोगों का सब्र अब अंतिम सीमा पर पहुंच चुका है और यह बंद सरकारी लापरवाही तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ सीधा प्रतिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बुनियादी सुविधाओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़कें और स्वच्छ जल से नागरिकों को वंचित रखा जा रहा है, जबकि फंड राजनीतिक संरक्षण और रिश्वतखोरी में उड़ाए जा रहे हैं। दूसरी ओर सरकार की बल प्रयोग की चेतावनी ने आग में घी डालने का काम किया है, जिससे जनता का रोष और भड़क गया। स्थानीय वकीलों ने पब्लिक एक्शन कमेटी का खुला समर्थन किया और हड़ताल को लोकतांत्रिक हक करार दिया। उन्होंने सरकार से दमन के बजाय शिकायतों का निपटारा करने की अपील की। मुफ्तीराबाद के एक वरिष्ठ वकील ने कहा कि लोगों की मांगें पूरी होनी चाहिए, उन्हें कुचलना नहीं। कानूनी बिरादरी प्रदर्शनकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। बताया जा रहा है कि पूरे पीओजेके में हड़ताल से सामान्य जीवन ठप होने की पूरी आशंका है। दुकानें, बाजार और परिवहन सेवाएं बंद रहेंगी। नागरिक समाज का मानना है कि बल प्रयोग से तनाव और बढ़ेगा, जिससे अशांति फैल सकती है। वहीं कई लोग सरकार के कठोर रवैये को असहमति दबाने की साजिश बता रहे हैं। विभिन्न जिलों की पब्लिक एक्शन कमेटियां पारदर्शी फंड वितरण, आरक्षण और स्थानीय शासन में भ्रष्टाचार खत्म करने जैसी मांगों पर लोगों को एकजुट कर रही हैं। ऐसे में पीओके पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां सरकार और जनता के बीच टकराव तेज होता नजर आ रहा है।  

आईईडी विस्फोट में पैर गंवाने के बाद चुनौतियों से उबरते हुए विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियन बने तोमन

नई दिल्ली दक्षिण कोरिया में आयोजित विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता तोमन कुमार ने छत्तीसगढ़ में 2022 में एक नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक घातक आईईडी विस्फोट में अपना पैर गंवा दिया था लेकिन उन्होंने इसके बाद की चुनौतियों से पार पाते हुए सफलता की ओर कदम बढ़ाए। केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 30 वर्षीय कांस्टेबल ने अब तक अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी टूर्नामेंट में सात पदक जीते हैं। उन्होंने दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में आयोजित विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियनशिप में शनिवार को पुरुषों की कंपाउंड स्पर्धा का खिताब जीता। तोमन सीआरपीएफ की एक इकाई का हिस्सा थे जिसे देश के सबसे अधिक नक्सल हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में से एक दक्षिण बस्तर क्षेत्र में नियुक्त किया गया था। पर फरवरी 2022 में सीआरपीएफ और नक्सलियों के बीच भारी गोलीबारी के दौरान तोमन आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट में घायल हो गए। सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वह इसमें गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिससे 12 फरवरी 2022 को उसका बायां पैर काटना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘तोमन कुमार 2017 में सीआरपीएफ में शामिल हुए थे और जब वह मात्र 26 वर्ष के थे। लेकिन बस्तर में फरवरी में हुई इस मुठभेड़ में शरीर का एक अंग गंवाना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।’’ अधिकारी ने बताया कि वह सीआरपीएफ के एक विशेष सेंटर राष्ट्रीय दिव्यांग सशक्तिकरण केंद्र (एनसीडीई) में शामिल हो गए जिसे 2020 में शारीरिक रूप से अक्षमता का सामना करने वाले जवानों के लिए खोला गया था। उन्होंने बताया कि तोमन ने नवंबर 2023 में पैरा तीरंदाजी का अभ्यास शुरू किया और एक साल बाद सितंबर 2024 में उन्हें सीआरपीएफ की केंद्रीय (मुख्य) टीम में शामिल किया गया। तोमन ने तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अलावा, ग्वांगजू सहित चार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भाग लिया है।   

खुद को झुकाने को तैयार पाकिस्तान? शहबाज-मुनीर ने ट्रंप के सामने पेश किया खास तोहफा

वॉशिंगटन  पाकिस्तान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रिझाने में जुटा हुआ है। इसके लिए वह हर तरह के जतन कर रहा है। इसी कड़ी में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर ट्रंप के लिए खास तोहफा लेकर पहुंचे। जानकारी के मुताबिक दोनों ने रेयर अर्थ मटीरियल लकड़ी के बक्से में रखकर ट्रंप के लिए पेश किया। माना जा रहा है कि उनकी यह कोशिश अमेरिका की नजरों में खास मुकाम हासिल करने के लिए है। बता दें कि ट्रंप इस बेहद अहम मिनरल सप्लाई चेन पर चीन के प्रभुत्व को खत्म करना चाहते हैं। व्हाइट हाउस ने एक तस्वीर जारी की है। इसमें पाकिस्तानी फील्ड मार्शल असीम मुनीर एक खास लकड़ी का बॉक्स पकड़े नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस बॉक्स में रेयर अर्थ मटीरियल भी रखा हुआ है। वहीं, बगल में खड़े पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं। यह फोटो अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बंद दरवाजों के पीछे हुई मीटिंग के बाद आई है। इससे करीब हफ्ते भर पहले अमेरिका की मेटल कंपनी और पाकिस्तान के बीच 500 मिलियन डॉलर की डील हुई है। वहीं, इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान की एक आर्मी इंजीनियरिंग संस्था ने मिसौरी-स्थित यूएस स्ट्रैटेजिक मेटल्स ने देश में एक पॉली-मेटैलिक रिफाइनरी स्थापित करने के लिए के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। अगस्त में, इस्लामाबाद ने अमेरिका के सामने मुनीर ने खजाना पेश किया और समझौते पर पहुंचे। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वह उसके खनिज और तेल भंडार में अमेरिकी निवेश को आकर्षित करेगा। मुनीर ने पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट जियो ग्रुप के वरिष्ठ संपादक सुहैल वारैच को बताया कि पाकिस्तान के पास दुर्लभ पृथ्वी का खजाना है। इस खजाने से पाकिस्तान का कर्ज भी कम होगा और पाकिस्तान जल्द ही सबसे समृद्ध हो जाएगा।