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BSF ने पकड़ा ड्रोन, सीमावर्ती गांव में मिला करोड़ों का हेरोइन

अमृतसर  बीएसएफ अमृतसर सेक्टर की टीम ने सीमावर्ती गांव धनौवा कलां के इलाके में एक बार फिर से मिनी पाकिस्तानी ड्रोन और उसके साथ एक हेरोइन का पैकेट जब्त किया है। इससे पहले सीमावर्ती गांव धारीवाल के इलाके में भी एक पैकेट हेरोइन जब्त की गई थी जिसको ड्रोन के जरिए फेंका गया था। जब्त की गई हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 5 करोड़ रूपए बताई जा रही है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। धनौवा कला की बात करें तो यह गांव हेरोइन तस्करी और हथियारों की तस्करी के मामले में काफी बदनाम हो चुका है। 

टैरिफ पर डींगें हांकने वाले ट्रंप के करीबी भी भारत के साथ समझौते पर सहमत

वाशिंगटन  भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने के बाद अब अमेरिका का कहना है कि वह भारत के साथ डील करके इसका हल निकालना चाहता है। अमेरिकी वित्त मंत्री हावर्ड लटनिक ने कहा कि हमें भारत समेत कई देशों के साथ समझौता करना है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि भारत को हमसे माफी मांगनी पड़ेगी। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत और ब्राजील को अमेरिका को सही प्रतिक्रिया देनी चाहिए और अपने बाजार को खोल दना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसी कोई नीति नहीं बनानी चाहिए जिससे कि अमेरिका को नुकसान हो।उन्होंने कहा, हमें कई देशों से बात करके हल निकालना है। इनमें भारत, ब्राजील और स्विट्जरलैंड जैसे देश हैं। लटनिक ने दावा किया था कि एक या दो महीने में ही भारत बात करने के लिए टेबल पर आ जाएगा और उसे माफी मांगनी पड़ेगी। हालांकि भारत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है और अमेरिका की धमकियों को नजरअंदाज कर विकल्प तलाशने में जुटा है। यह अमेरिका के लिए परेशानी का सबब बन गया है। लटनिक ने कहा था कि अमेरिका की नीतियां मोदी सरकार को अमेरिका के साथ डील करने को मजबूर कर देंगी। लटनिक ने कहा था कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है और यह बहत ही हास्यास्पद है। उन्होंने कहा था कि भारत को ही फैसला करना होगा कि वह अमेरिका की ओर है या रूस की ओर। उन्होंने कहा था कि अमेरिका की कंज्यूमर मार्केट बहुत बड़ी है। ऐसे में सबको ही उनको ग्राहकों के पास लौटना ही पड़ेगा और ग्राहक हमेशा सही होता है। ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80 वें सत्र से इतर शुक्रवार को भारत की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों ने व्यापार-प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों के प्रसार पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चाहे ये प्रतिबंध टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों में अंधाधुंध वृद्धि के रूप में हों, या संरक्षणवाद के रूप में, विशेष रूप से दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले उपायों के रूप में इनसे वैश्विक व्यापार में कमी, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक एवं व्यापारिक गतिविधियों में अनिश्चितता पैदा होने का खतरा पैदा होता है।  

फिल्म 120 बहादुर का मोशन पोस्टर रिलीज

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता और फिल्मकार फरहान अख्तर की आने पाली फिल्म 120 बहादुर का मोशन पोस्टर रिलीज कर दिया गया है। फिल्म 120 बहादुर के मेकर्स ने एक जबरदस्त मोशन पोस्टर रिलीज़ किया है, जिसमें फरहान अख्तर चार्ली कंपनी के वीर सैनिकों के साथ नज़र आ रहे हैं। इस पोस्टर के साथ यह भी ऐलान किया गया है कि टीजर 2 आज दोपहर तीन बजे रिलीज होगा। आज के दिन इसे खास तौर पर रिलीज करने की वजह यह भी है कि आज स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जयंती भी है। यह दिन खास महत्व रखता है, क्योंकि टीज़र एक श्रद्धांजलि है अमर देशभक्ति गीत "ए मेरे वतन के लोगों" पर, जो उन भारतीय सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध में, जिसे रेजांग ला की ऐतिहासिक लड़ाई भी कहा जाता है, शहादत दी थी। इसी जंग पर आधारित है 120 बहादुर, जो उनके जज़्बे, हिम्मत और बलिदान की कहानी बड़े पर्दे पर लेकर आ रही है।यह गीत मशहूर कवि कवि प्रदीप ने लिखा था जबकि इसका संगीत सी. रामचंद्र ने दिया था। इसे सबसे पहले साल 1963 में स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने गाया था। आज भी, इतने सालों बाद, यह गीत लोगों के दिलों को छू लेता है और देशभक्ति की भावना जगाता है। लद्दाख में फ़िल्माई गई और सच्ची घटनाओं से प्रेरित फ़िल्म '120 बहादुर' में फरहान अख्तर ने मेजर शैतान सिंह भाटी, पीवीसी की भूमिका निभाई है, जिन्होंने अपनी 13 कुमाऊं रेजिमेंट की यूनिट के साथ मिलकर बेहाल मुश्किल हालात के खिलाफ डटकर मुकाबला किया था। फिल्म 120 बहादुर का निर्देशन रज़नीश ‘रेज़ी’ घई ने किया है, जबकि इसे रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर (एक्सेल एंटरटेनमेंट) और अमित चंद्रा (ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़) ने प्रोड्यूस किया है । यह फिल्म 21 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक दे रही है।  

सभी को स्वदेशी संकल्प की शपथ दिलाई, स्वदेशी उत्पाद भी खरीदे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार सबके समग्र विकास का ध्येय लेकर आगे बढ़ रही है। किसान, गरीब, युवा, महिलाओं के कल्याण एवं विकास के लिए पृथक-पृथक मिशन चलाये जा रहे हैं। सबका विकास हमारा संकल्प है और इस संकल्प की पूर्ति के लिए हम अपना हर वादा पूरा करके दिखायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल जिले की बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर में राज्य संरक्षित स्मारक समूह स्थल चमन महल में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम के 126वें एपिसोड का स्थानीय स्व-सहायता समूहों की दीदियों के साथ श्रवण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों को स्वदेशी संकल्प की शपथ दिलाई और अपील की कि सभी अपने जीवन में अधिकतम भारतीय उत्पादों का उपयोग करें और आयातित वस्तुओं की जगह देशी विकल्प अपनाएं। साथ ही पर्यावरण के प्रति सजग रहकर स्वदेशी और प्रकृति-अनूकूल उत्पादों का ही प्रयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को नवरात्रि पर्व, दशहरा और दीपावली त्यौहारों की अग्रिम मंगलकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि त्यौहारों में सिर्फ स्वदेशी और भारत में निर्मित वस्तुएं ही खरीदें। इससे हर घर में त्यौहार मनेगा। मुख्यमंत्री ने 'हर घर स्वदेशी और घर-घर स्वदेशी' का नारा उद्घोष करते हुए कहा कि सभी को स्वदेशी अपनाने के लिए संकल्पित कराया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुएं खरीदने से ही हमारे सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसी से हमारे कुशल कारीगर, शिल्पकार और कुम्भकारों के घरों में भी दीपावली मनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को भावांतर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि वे 5 से 25 अक्टूबर तक पंजीयन करा लें। फिर 1 नवम्बर से 31 जनवरी 2026 के दौरान बेची गई सोयाबीन की फसल पर ही भावांतर योजना का लाभ मिलेगा। यदि किसी किसान की सोयाबीन की फसल समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल पर नहीं बिकती, तो जितनी राशि में बिकी है और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि सरकार किसान को देगी। इस प्रकार किसानों को सोयाबीन की फसल बेचने पर समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल की राशि ही मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली बार ग्राम जगदीशपुर आकर बेहद हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि गोंडवाना साम्राज्य का सदियों पुराना यह किला आज भी हमें उस गौरवशाली अतीत की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल में लगाये गए स्वदेशी उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया। स्टॉल में मिट्टी के दिए, मिट्टी के तवे, कुल्हड़, मटके, करवा चौथ पूजन की सामग्री सहित मिट्टी से बने अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टॉल का अवलोकन कर मिट्टी के दिए, तवे और अन्य उत्पाद भी खरीदे और स्टॉल स्वामी को नगद भुगतान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पौधा देकर एवं किश-मिश खिलाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने भी गांव की तीन महिलाओं सुश्री विजयमाला, श्रीमती गीता बाई एवं श्रीमती फूलवती बाई को 'एक बगिया मां के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधा देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने चमन महल परिसर में कदम्ब का पौधा लगाया। इससे पहले मन की बात के 126वें एपिसोड में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी से अपील करते हुए कहा है कि इस बार त्यौहार सिर्फ स्वदेशी के साथ ही मनाएं। देशवासी वोकल फॉर लोकल को खरीदारी का मूल मंत्र बनाएं। जो देश में बन रहा है, वही स्वदेशी खरीदें। स्वदेशी वस्तुएं खरीद कर हम एक प्रकार से किसी कलाकार या कारीगर का सम्मान कर रहे होते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अमर शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जयंती पर इनका पुण्य स्मरण इन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने अपनी शहादत से पूरे देश को आंदोलित किया था। उन्होंने कहा कि लताजी द्वारा गाया हुआ 'ज्योति कलश छलके' उनका सबसे पसंदीदा गीत है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा है कि 11 साल में देश में खादी के प्रति आकर्षण काफी बढ़ा है। आने वाले 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जी की जयंती पर सभी देशवासी कम से कम एक खादी वस्त्र खरीदने का संकल्प अवश्य लें और गर्व से कहें कि हम स्वदेशी हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि भारत सरकार छठ पूजा को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहरों की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत है। कोलकाता की दुर्गा पूजा को इस सूची में पहले ही स्थान मिल चुका है। प्रधानमंत्री ने नाव से अंटार्टिका भ्रमण पर गईं दो बहनों के अदम्य साहस की भी सराहना की। उन्होंने स्व. श्री भूपेन हजारिका और स्व. श्री जुबिन गर्ग को भी श्रद्धांजलि दी। मन की बात श्रवण कार्यक्रम में बैरसिया विधायक श्री विष्णु खत्री, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नोरंग सिंह गुर्जर सहित सर्वश्री तीरथ सिंह, राघेवन्द्र शर्मा, राहुल कोठारी, लक्ष्मी नारायण मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।  

दिल्लीवासियों के लिए बड़ी सौगात: यमुनापार से हर कोने तक दौड़ेंगी 300 देवी बसें

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को यमुनापार के लोगों को 300 नई देवी (दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरकनेक्टर) बसों की सौगात दे दी। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या दूर करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नए रूट तय किए गए हैं। नई बसों के चलने के बाद अब डीटीसी के बेड़े में कुल 974 देवी बसें हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि कई इलाकों में बसें होने के बावजूद कनेक्टिविटी कमजोर थी। यात्रा करने में लंबा समय लगता था और भीड़ भी ज्यादा रहती थी। इसी चुनौती को दूर करने के लिए आईआईटी दिल्ली के सहयोग से वैज्ञानिक अध्ययन किया गया। इसके बाद ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ये नए रूट बनाए गए। ये नई देवी बसें यमुनापार को राजधानी के हर कोने से जोड़ेंगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है कि हर दिल्लीवासी को बराबर की सुविधा और सम्मान मिले। किसी को कोई परेशानी न हो। केंद्र और राज्य सरकार हमेशा जनता के साथ खड़ी है। पिछली सरकार पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निशाना साधते हुए कहा, “यमुना पार्क, ट्रांस यमुना, यहां तक कि जो ट्रांस यमुना डेवलपमेंट बोर्ड था, उसे भी पिछली सरकार के कार्यकाल में बंद कर दिया गया था, जिससे लोगों को परेशानी हो रही थी। आज हमने यमुना पार को 300 इलेक्ट्रिक बसें दी हैं। इसके साथ ही, हमने आईआईटी दिल्ली के साथ पूरे रूट को भी बदल दिया है।” उन्होंने कहा कि इन देवी बसों में कैमरे और पैनिक बटन लगाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इसे तैयार किया गया है। खास बात यह है कि हम लोगों ने इसमें पेमेंट का मोड भी ऑटोमेटिक कर दिया है जिससे किसी को कोई परेशानी न हो और वे आराम से यात्रा कर सकें। पटपड़गंज के पूर्व विधायक मनीष सिसोदिया पर भी हमला बोलते हुए रेखा गुप्ता ने कहा, “शिक्षा की बात करने वाले ने शिक्षा पर कोई काम नहीं किया। आज भी दिल्ली में टीन शेड के अंदर पढ़ाई हो रही है। जहां तक जलभराव की बात है, तो उनके लोग रील बनाने के लिए स्विमिंग करते हैं। मैं उनको यह बता दूं कि अगले साल उन्हें यह मौका नहीं मिलेगा।” मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह बस सेवा शुरू की गई है। यमुनापार में हर उस जगह बस पहुंचाई जाएगी जहां लोगों को जरूरत है।  

नवरात्रि व्रत का पारण कब करें – 1 अक्टूबर या 2 अक्टूबर? पूरी जानकारी यहाँ

शक्ति का महापर्व शारदीय नवरात्रि मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा और शक्ति के सम्मान में मनाया जाता है. यह 9 दिन का उत्सव न सिर्फ भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि भक्तों के लिए शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर भी है. नवरात्रि का उत्सव अब अपने समापन की ओर बढ़ रहा है. इस दौरान अपनी इच्छानुसार 1, 2, 5, 7 या 9 दिनों का व्रत रखते हैं. व्रत करने के बाद उसका पारण करना बहुत अहम होता है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि शारदीय नवरात्रि व्रत का पारण कब किया जाएगा. शारदीय नवरात्रि व्रत का पारण कब है 9 दिन के नवरात्रि व्रत का पारण नवमी तिथि समाप्त होने के बाद और दशमी तिथि के शुरू होने पर किया जाता है. यह विजयदशमी का दिन होता है. जो लोग 9 दिनों तक व्रत रखते हैं, उनके लिए नवमी तिथि के समाप्त होने और दशमी तिथि के प्रबल होने पर ही व्रत का पारण करना शुभ माना जाता है, इसलिए वे विजयादशमी के दिन व्रत खोलते हैं. ऐसे में आप विजयदशमी पर नवरात्रि व्रत खोल सकते हैं. इस बार विजयदशमी 2 अक्टूबर को है और इसी दिन नवरात्रि व्रत खोला जाएगा. नवरात्रि के पारण में क्या खाना चाहिए? नवरात्रि व्रत के पारण सात्विक, हल्के भोजन से करना चाहिए जैसे फलों का रस या साबूदाना. इसके बाद हलवा, पूरी, चने और खीर का प्रसाद ग्रहण किया जाता है, जो देवी को अर्पित किया गया हो. नवरात्रि व्रत खोलने से पहले कन्या पूजन और हवन करना भी जरूरी है, जिसके बाद ही व्रत का पुण्य फल प्राप्त होता है. लंबे उपवास के बाद अचानक भारी या मसालेदार भोजन करने से बचना चाहिए. नवरात्रि व्रत पारण में क्या नहीं खाना चाहिए? नवरात्रि व्रत के पारण के समय लहसुन, प्याज, मांसाहार और तामसिक चीजें बिल्कुल नहीं खानी चाहिए. व्रत खोलते समय सीधे नमक का सेवन न करें, पहले थोड़ा मीठा खाकर व्रत खोलना बेहतर होता है. नवरात्रि व्रत पारण के नियम नवरात्रि व्रत पारण करने से पहले मां दुर्गा की पूजा करें और फिर हलवा-पूरी का भोग लगाकर प्रसाद के रूप में खाएं. पारण करते समय सात्विक और हल्का भोजन करें और सीधे नमक से परहेज करें. नवमी तिथि को कन्या पूजन और हवन जरूर कराएं. इसके बाद ही प्रसाद ग्रहण करके व्रत खोलें. नवरात्रि का व्रत तभी पूरा माना जाता है जब आप हवन (अगर किया हो) और कन्या पूजन करते हैं.  

बयान: तेजस्वी यादव बोले, सबके भ्रष्टाचार की लिस्ट है, समय आने पर सब उजागर करेंगे

पटना  बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों पर में भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि है कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। रविवार को अपने सरकारी आवास एक पोलो रोड में पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी ने कहा कि कोई ऐसा विभाग बचा नहीं है जहां घोटाले नहीं हैं। इस पर मुख्यमंत्री को सामने आकर जवाब देना चाहिए। जन सुराज के प्रशांत किशोर पहले ही सरकार के मंत्री अशोक चौधरी, मंगल पांडे, सम्राट चौधरी, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और बीजेपी सांसद पर करप्शन के गंभीर आरोप लगा चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जदयू-भाजपा से अधिक बिहार के भ्रष्ट अधिकारी डरे हुए हैं। खासकर डीके गिरोह की छत्रछाया में काम कर रहे अधिकारी अधिक चिंतित हैं। इन्हीं अधिकारियों ने पिछली बार विपक्ष को सत्ता में आने से रोका था। लेकिन इस बार जनता सतर्क और सचेत है। महागठबंधन सरकार बनने पर ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की खैर नहीं। तेजस्वी यादव ने कहा कि इंजीनियर के यहां करोड़ों की संपत्ति मिल रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिकारी, मंत्री अपने बेटे-बेटी, नाते-रिश्तेदारों के नाम पर देश-दुनिया में निवेश कर रहे हैं। सबकी सूची मेरे पास है जिसका आने वाले दिनों में खुलासा किया जाएगा। पीएम ने एक सभा में 31 घोटाले गिनाए थे। ईडी-सीबीआई उनके पास ही है तो क्यों नहीं कार्रवाई हो रही है। लेकिन,भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर विपक्ष पर ही कार्रवाई हो रही है। इससे पहले प्रशांत किशोर ने कहा था कि जदयू-बीजेपी के नेताओं और सरकार के मंत्रियों ने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार को अंजाम दिया। पीके के मुताबिक मंत्री अशोक चौधरी ने अपने प्रभाव से 200 करोड़ से अधिक मूल्य की जमीन खरीदी। सभी जमीनें अशोक चौधरी की बेटी की सगाई के बाद से लेकर विवाह होने तक खरीदी गईं। प्रशांत के आरोपों पर अशोक चौधरी ने उन्हें 100 करोड़ की मानहानि का लीगल नोटिस भेजा। पीके ने इसका जवाब दे दिया है। पीके ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर दिलीप जायसवाल से पैसे लेकर मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने में मदद करने और दिल्ली में पत्नी के नाम फ्लैट खरीदने का आरोप लगाया। मंलग पांडे का जवाब आने के बाद कहा कि दिलीप जायसवाल से 25 लाख कर्ज लेने की बात कर रहे हैं जबकि उनकी पत्नी के बैंक खाते में 2.13 करोड़ रुपये थे। यह राशि कहां से आई, इसका भी हिसाब देना चाहिए। उन्होंने दिलीप जायसवाल पर अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज पर गलत तरीके अपनाकर कब्जा कर लेने और राजेश साह की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया। कहा कि नेताओं और अधिकारियों के संबंधियों को कॉलेज में दाखिला देकर डॉक्टर बनाया। तत्कालीन एसपी और जांच प्रभारी से मिलीभगत कर उन्होंने राजेश साह मर्डर केस को रफा-दफा कराया। राजेश की हत्या मामले में मां और बहन की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर कराई गई है। प्रशांत ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर बार-बार नाम बदलने और सातवीं पास होने के बावजूद गलत तरीके से डीलिट की उपाधि लेने का आरोप लगाया। कहा कि कामराज यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होने की बात करते हैं जो यूनिवर्सिटी है ही नहीं। मैट्रिक पास किया नहीं और यूनिवर्सिटी आफ कैलिफोर्निया से डीलिट की उपाधि ले ली। पीके ने सांसद संजय जायसवाल के बारे में कहा कि पेट्रोल पंप के लिए फोर लेन सड़क का अलाएनमेंट बदलवा दिया। साथ ही फर्जी बिल बनाकर अपने भाई के पंप से नगर निगम के नाम पर इंधन घपला करने का आरोप लगाया। पीके ने बताया कि नगर निगम की सफाई की गाड़ियों के बिल के नाम पर पांच करोड़ 86 लाख का भुगतान पेट्रोल पंप को नगर निगम ने किया। स्थाई समिति की पांच बैठकों में यह पाया गया कि इनमें से ज्यादातर भुगतान फर्जी थे और ज्यादा बढ़ा कर लिया गए थे। 15 अगस्त के बाद से उनके भाई के पंप से इंधन लेने पर रोक लगा दी गयी।  

आईआईटी इंदौर में 624.57 करोड़ रुपये की विस्तार परियोजना का हुआ शिलान्यास

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शनिवार को रखी आधारशिला जटिल प्रयोगों और डेटा विश्लेषण की एडवांस रिसर्च में इंदौर बनेगा सिरमौर भोपाल देश में प्रौद्योगिकी शिक्षा अब नये दौर में प्रवेश कर चुकी है। देश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भी अब नए क्षितिज की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ओडीसा से देश के 8 आईआईटी केन्द्रों में विस्तार परियोजना का वर्चुअली शिलान्यास किया। इनमें आईआईटी इन्दौर भी शामिल है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आईआईटी इन्दौर में कुल 624.57 करोड़ रुपये की क्षमता विस्तार एवं आधारभूत संरचना विकास परियोजना की आधारशिला रखी। प्रौद्योगिकी शिक्षा के क्षेत्र में होगा नये युग का सूत्रपात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईआईटी इन्दौर को दी गई इस बड़ी सौगात के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का यह कदम अब प्रौद्योगिकीय शिक्षा में एक नये युग का सूत्रपात करेगा। इससे हमारे युवाओं को अध्ययन, शोध एवं नवाचार करने के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि आईआईटी इन्दौर में इस विस्तार परियोजना के लिए उच्चतर शिक्षा के प्रोत्साहन एवं फंडिंग हेतु अधिकृत वित्तपोषण एजेंसी (HEFA) द्वारा तीसरे चरण के अंतर्गत मंजूरी दी गई है। विस्तार परियोजना में मंजूर की गई राशि में अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों, आवासीय परिसरों, औद्योगिकीय अनुसंधान पार्क, डिजाइन विभाग, विद्यार्थी गतिविधि केंद्र, व्याख्यान कक्ष परिसर और आगंतुक छात्रावास के निर्माण के साथ अत्याधुनिक एवं उन्नत उपकरणों की खरीद एवं स्थापना भी शामिल है। इस विस्तार परियोजना में 374.38 करोड़ रुपये से अत्याधुनिक शैक्षणिक भवनों, 123.15 करोड़ रुपये से आवासीय सुविधाओं और सामान्य एवं उपयोगिता सेवाओं के निर्माण के साथ 27.04 करोड़ रुपये से उन्नत उपकरणों की खरीदी भी शामिल है। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा कि आधारभूत संरचना में विकास से न केवल हमारा शैक्षणिक और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के नवाचार, सहयोग और समग्र विकास के लिए एक विश्वस्तरीय परिवेश भी तैयार होगा। इंदौर आईआईटी का होगा बहुआयामी तकनीकी विस्तार आईआईटी इंदौर की लैब को और अधिक बहुआयामी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शनिवार को ही देश के 7 आईआईटी संस्थानों को यह राशि स्वीकृत की है। इंदौर के आईआईटी में एडवांस रिसर्च इक्विपमेंट बढ़ाने के लिए 100 करोड़ की लागत से लैब का विस्तार होगा। आईआईटी इंदौर के पदाधिकारी ने बताया कि विभिन्न वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में उपयोग होने वाले उच्च-स्तरीय उपकरण शामिल होते हैं, जो जटिल प्रयोगों, डेटा विश्लेषण और अनुसंधान के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। इन उपकरणों का उपयोग भौतिकी, रसायन विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, और अन्य क्षेत्रों में होता है।  

नूंह का डरावना दिन: चोर की तलाश में पुलिस पर हमला, गोलियां चलीं

नूंह नूंह में रविवार को भारी बवाल खड़ा हो गया है। यहां चोर को पकड़ने गई पुलिस पर पथराव किया गया है। इस दौरान गोलियां चलने की खबर भी सामने आ रही है। स्थिति को काबू करने के लिए भारी पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक पथराव करने वाले आरोपी के समर्थक बताए जा रहे हैं जिन्होंने पुलिस पर अवैध राइफल से गोलियां भी चलाईं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना में कई पुलिसवालों के घायल होने की खबर है। इस दौरान पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई की जाने की भी खबर है। पुलिस ने करीब 7-8 राउंड फायरिंद की और 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 90 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है जिनमें से 30 नामजद हैं। घटना नूंह के बिछौरा गांव की बताई जा रही है जहां पुलिस एक चोर को पकड़ने के लिए पहुंची थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान स्थानीय लोग घरों से बाहर निकले और पुलिस पर पथराव और गालीबारी शुरू कर दी। इस दौरान कई लोगों ने नकाब भी पहना हुआ था और ये अवैध हथियार से पुलिस पर गोली चलाते भी नजर आए। बताया जा रहा है कि जवाबी कार्रवाई में पुलिस को भी 7-8 राउंड फायरिंग करनी पड़ी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

नया नियम लागू: स्कूलों को देना होगा ये बिल, उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई

भिवानी  शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा पॉलिसी के तहत बच्चों के परिवहन संबंधी बिल हर माह 15 तारीख तक अनिवार्य रूप से MIS पोर्टल पर अपलोड करें। तय तिथि पर बिल अपलोड न करने वाले स्कूल मुखियाओं पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को लिखित सूचना भेज दी है। विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा पॉलिसी के अंतर्गत उन बच्चों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिनका घर स्कूल से 2 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है। इस योजना के तहत परिवहन के खर्च का बिल स्कूल स्तर से तैयार कर मुख्यालय को भेजा जाता है। कई बार स्कूल प्रमुखों द्वारा बिल देर से भेजने की समस्या सामने आती रही है। इसको ध्यान में रखते हुए विभाग ने हर माह की 15 तारीख को अंतिम तिथि तय की है। उप जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सभी प्राचार्यों के लिए यह नियम बाध्यकारी है और निर्धारित समयसीमा का पालन करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है। विभाग का मानना है कि समय पर बिल अपलोड होने से विद्यार्थियों को परिवहन सुविधा सुचारू रूप से उपलब्ध कराई जा सकेगी और किसी भी स्तर पर बाधा नहीं आएगी।