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राउटर से ये डिवाइस रखें दूर, और पाएं सुपरफास्ट इंटरनेट स्पीड

नई दिल्ली घर में इंटरनेट की स्पीड कम होने से हर कोई परेशान हो जाता है, चाहे आप नेटफ्लिक्स पर फिल्म देख रहे हों या यूट्यूब स्क्रॉल कर रहे हों। कई लोग तो वर्क फ्रोम होम भी करते हैं, जो वाई-फाई की धीमी स्पीड से परेशान हो जाते हैं। कई बार राउटर चेंज करने के बाद और राउटर की जगह बदलने के बाद भी स्पीड नहीं या रही तो हो सकता है कि घर के बाकी डिवाइस इसकी स्पीड को रोक रहे हों। टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप अपने वाई-फाई राउटर को बाकी गैजेट से दूर रखें, तो आपकी इंटरनेट स्पीड में फौरन सुधार हो सकता है। गैजेट रोकते हैं सिग्नल द सन की रिपोर्ट बताती है कि कई बार हम राउटर को उन चीजों के पास रख देते हैं, जो इसकी परफॉर्मेंस को खराब कर देती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि राउटर को ब्लूटूथ डिवाइस जैसे एलेक्सा या गूगल होम स्पीकर से दूर रखना चाहिए। ये गैजेट आजकल हर घर में मिलते हैं, लेकिन इन्हें राउटर के पास रखने से वाई-फाई सिग्नल कमजोर हो सकता है। ब्लूटूथ डिवाइस को दूर ही रखें ब्लूटूथ डिवाइस और वाई-फाई राउटर दोनों एक ही तरह की रेडियो फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करते हैं। जब ये दोनों एक-दूसरे के पास होते हैं, तो उनकी फ्रीक्वेंसी में टकराव होता है, जिससे इंटरनेट की स्पीड कम हो जाती है। मसलन, अगर आपका राउटर और ब्लूटूथ स्पीकर एक ही टेबल पर रखे हैं, तो सिग्नल में रुकावट आ सकती है। इसलिए, आप तेज इंटरनेट चाहते हैं, तो अपने राउटर को ब्लूटूथ डिवाइस से थोड़ा दूर रखें। ये डिवाइसेस भी राउटर से दूर रखें ब्लूटूथ डिवाइस के अलावा भी कुछ डिवाइसेस आपके वाई-फाई को धीमा कर सकते हैं। जैसे कि माइक्रोवेव, बेबी मॉनिटर और कॉर्डलेस फोन। ये सभी चीजें रेडियो फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करती हैं, जो वाई-फाई सिग्नल में दखल दे सकती हैं। खासकर जब माइक्रोवेव चल रहा हो, तो यह आपके राउटर के सिग्नल को और कमजोर कर सकता है। इसलिए राउटर को इन चीजों से दूर रखना एक स्मार्ट तरीका है। ऊंचाई पर रखें वाई-फाई अगर आपका इंटरनेट धीमा चल रहा है, तो महंगे प्लान लेने या सर्विस प्रोवाइडर बदलने से पहले अपने राउटर को घर के बाकी डिवाइसेस से दूर करके देखें। इसे ब्लूटूथ डिवाइस, माइक्रोवेव या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान से दूर किसी खुली जगह पर रखें। राउटर को ऊंचाई पर रखने से सिग्नल और बेहतर हो सकता है। यह छोटा-सा कदम आपके इंटरनेट की स्पीड को तुरंत बढ़ा सकता है, वो भी बिना एक रुपया खर्च किए।

दशहरा पर बरसेंगे मेघ: यूपी-बिहार में बारिश के आसार, अन्य राज्यों में भी बदलेगा मौसम

नई दिल्ली मॉनसून की वापसी के साथ ही राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। भारत मौसम विभाग के अनुसार, एक सुस्पष्ट कम दबाव क्षेत्र पश्चिम विदर्भ और उससे सटे उत्तर मध्य महाराष्ट्र के ऊपर बना हुआ है। इसके प्रभाव से कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, और गुजरात राज्य में कुछ स्थानों पर 28 सितंबर से 1 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। IMD ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी जारी है। मॉनसून की वापसी रेखा अभी भी गुजरात के वेरावल, भरूच, उज्जैन, झांसी और शाहजहांपुर से गुजर रही है। वहीं 28 से 30 सितंबर तक पूर्वी और मध्य भारत में मॉनसून फिर से सक्रिय हो सकता है। जानते हैं आपके शहर में कल कैसा मौसम रहेगा… दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम? भारत मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, दिल्ली में 28 व 29 सितंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दिल्ली-एनसीआर में 30 सितंबर और एक अक्टूबर को हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री तक रह सकता है। यूपी में कल कैसा रहेगा मौसम? उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। पूर्वी यूपी के जिलों में अगले दो-तीन दिनों में हल्की बारिश हो सकती है। दिन का तापमान सामान्य या थोड़ा अधिक रह सकता है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दशहरा के मौके पर बारिश होने की संभावना है। लेकिन हल्की-फुल्की ही बारिश होगी। कहीं पर भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना नहीं है। बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम? बिहार में पिछले एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी ने लोगों को खूब परेशान किया है। हालांकि अगले दो दिनों तक राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में एक से 4 अक्टूबर के बीच कई जिलों में भारी बारिश होने के आसार हैं। जबकि 3–4 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना। उत्तराखंड में कल कैसा रहेगा मौसम? उत्तराखंड ने इस साल बारिश बादल फटने के कारण भीषण तबाही का सामना किया है। इस लोगों की प्राकृतिक आपदा से मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोगों का घर तबाह हो गया। उत्तराखंड में कल ज्यादातर इलाकों में साफ या आंशिक बादल रहेंगे। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बौछार पड़ सकती है। तापमान सामान्य के आसपास ही रहेगा। छत्तीसगढ़ में कल कैसा रहेगा मौसम? राज्य में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक लगातार बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी निकासी की तैयारी रखने की जरूरत है। महाराष्ट्र में कल कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग ने कोकण, मुंबई, पालघर, ठाणे, पुणे, नाशिक, विदर्भ व मराठवाड़ा में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 28–29 सितंबर को मुंबई सहित उत्तर कोकण व उत्तर मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी वर्षा संभव है।

सेलेना गोमेज ने रचाई शादी: पति बेनी ब्लैंको से 2,550% ज्यादा है कमाई

लॉस एंजिल्स हॉलीवुड सिंगर सेलेना गोमेज ने शनिवार को म्यूजिशियन बेनी ब्लैंको से शादी कर ली। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक प्यार भरी पोस्ट के साथ इस खबर की घोषणा की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो में, यह कपल एक लॉन में तस्वीरों के लिए पोज देते हुए एक-दूसरे को चूमते और गले लगाते हुए दिखाई दे रहा है। अपनी शादी में, सेलेना गोमेज ने फूलों की सजावट वाली सफेद हॉल्टर ब्राइडल ड्रेस पहनी थी। बेनी ब्लैंको ने टक्सीडो और बो टाई पहनी थी। पोस्ट शेयर करते हुए, सेलेना ने बस इतना लिखा, '9.27.25।' सेलेना गोमेज ने कर ली शादी पोस्ट पर रिएक्शन देते हुए बेनी ने कहा, 'असल जिंदगी में मेरी पत्नी।' एक फैन ने कहा- आपके लिए बहुत खुश हूं!! बधाई हो, आप दुनिया भर के प्यार की हकदार हैं! एक ने लिखा- आप दोनों के लिए बहुत खुश हूं। बधाई। एक कमेंट में लिखा था- आप दोनों को शुभकामनाएं। एक इंस्टाग्राम यूजर ने कमेंट किया- आपको सुखद अंत पाते देखना एक अलग ही अनुभव है, और यह अब तक की सबसे अच्छी बात है। सेलेना गोमेज की शादी का वेन्यू इससे पहले पपाराजी ने सांता बारबरा इलाके में एक आउटडोर टेंट और बाकी तैयारियों की तस्वीरें खींची थीं। सेलेना और बेनी की मुलाकात लगभग एक दशक पहले हुई थी और पिछले साल के अंत में उनकी सगाई हुई थी। उन्होंने 2019 के गाने 'आई कांट गेट इनफ' पर साथ काम किया था, जिसमें जे बाल्विन और टैनी भी थे। सेलेना गोमेज की नेट वर्थ ब्लूमबर्ग के अनुसार, सेलेना गोमेज आधिकारिक तौर पर सितंबर 2024 में अरबपति क्लब में शामिल हो गईं। यह काफी हद तक उनकी ब्यूटी लाइन, रेयर ब्यूटी की अपार सफलता के कारण है। इस कमाई ने 2025 में उनकी कुल नेट वर्थ को 11000 करोड़ कर दिया है। बेनी ब्लैंको की नेट वर्थ दूसरी ओर, बेनी ब्लैंको एक फेमस गीतकार और रिकॉर्डमेकर हैं। हालांकि उन्होंने खुद को कैमरे के पीछे ही रखा है, बेनी ने एक बड़ा करियर बनाया है। उन्होंने जस्टिन बीबर, एड शीरन, रिहाना, मरून 5 और कैटी पेरी जैसे कलाकारों के लिए हिट गाने लिखे और बनाए हैं। सेलिब्रिटी नेट वर्थ के अनुसार, बेनी ब्लैंको की अनुमानित नेटवर्थ 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर है जो कि लगभग 415 करोड़ है।

आंखों की जांच: आपकी नजर के साथ कैंसर की शुरुआती चेतावनी भी

नई दिल्ली कैंसर के बढ़ते मामले दुनियाभर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं, चिंता इसलिए क्योंकि इस रोग से सबसे अधिक मौतें होती हैं। पुरुषों में फेफड़े-मुंह और प्रोस्टेट जबकि महिलाओं में स्तन, सर्वाइकल और गर्भाशय के कैंसर के केस सबसे अधिक रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। इसके अलावा भी कुछ और प्रकार के कैंसर हैं जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ब्लड कैंसर उनमें से एक है, जिसके मामले हाल के वर्षों में काफी तेजी से बढ़े हैं। आज पूरी दुनिया कैंसर से परेशान है। अंतर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (आईएआरएस) की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 में लगभग 2 करोड़ नए कैंसर के मामले सामने आए और लगभग 97 लाख कैंसर से संबंधित मौतें हुईं। ब्लड कैंसर का खतरा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। साल 2022 में रक्त कैंसर के लगभग 55.7 लाख मामले रिपोर्ट किए गए। डॉक्टर कहते हैं, इस कैंसर की जो रफ्तार देखी जा रही है, उसे लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। एक हालिया रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ब्लड कैंसर का आसानी से पता लगाने का तरीका बताया है। आप रूटीन आई चेकअप के दौरान भी जान सकेगे कि आपको ब्लड कैंसर का खतरा तो नहीं है? पहले जान लीजिए कि ब्लड कैंसर होता क्या है? ब्लड कैंसर यानी खून का कैंसर। हमारा खून लाल कोशिकाओं, सफेद कोशिकाओं और प्लेटलेट्स से मिलकर बना है। जब ये कोशिकाएं गड़बड़ तरीके से बनने लगती हैं और शरीर में अनियंत्रित रूप से फैल जाती हैं, तब इससे ब्लड कैंसर का खतरा हो सकता है। इसके कारण शरीर में ऑक्सीजन ले जाने, इंफेक्शन से लड़ने और खून जमने की क्षमता कम हो जाती है। ल्यूकेमिया (जिसमें खून और बोन मैरो में असामान्य सफेद कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं), लिम्फोमा (इम्यून सिस्टम और लिम्फ नोड्स को प्रभावित करने वाला) और  मल्टीपल मायलोमा (जिसमें हड्डियों के अंदर मौजूद प्लाज्मा कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं) ये ब्लड कैंसर का सबसे आम प्रकार हैं। ब्लड कैंसर का पता कैसे लगाया जाता है? ब्लड कैंसर की पहचान धीरे-धीरे की जाती है। जिन लोगों में इसका आनुवांशिक खतरा होता है या फिर जोखिम कारक होते हैं, डॉक्टर उन्हें कुछ जांच कराने की सलाह देते हैं। यह अध्ययन यूरोपियन जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित हुआ। इस रिपोर्ट में विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित नेत्र परीक्षणों के दौरान, ब्लड कैंसर का पता लगाया जा सकता है। शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि आई स्कैन के दौरान विशेषज्ञ उन सूक्ष्म परिवर्तनों का पता लगा सकते हैं जो घातक कैंसर के विकास के बढ़ते जोखिम से जुड़े हैं। इस अध्ययन में ब्रिटेन के 1,300 से ज्यादा मरीजो के आई स्कैन का विश्लेषण करने के लिए एआई का इस्तेमाल किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन रोगियों के आई स्कैन में कुछ असामान्य परिवर्तन थे, उनमें मायलोमा नामक रक्त कैंसर होने की आशंका अन्य लोगों की तुलना में सात गुना अधिक थी। इतना ही नहीं अगले 10 साल में इन लोगों में ल्यूकेमिया का होने की आशंका भी दो गुनी देखी गई। रेटिना इमेज से चल सकता है कैंसर का पता ब्लड कैंसर यूके नामक संस्था के अनुसार, फेफड़े और आंत के कैंसर के बाद, ब्लड कैंसर के कारण यूके में कैंसर से तीसरी सबसे ज्यादा मौतें होती हैं। हर साल लगभग 16,000 लोगों की इससे जान जा रही है। इसके लिए कोई आसान स्क्रीनिंग टेस्ट भी नहीं है। अब शोधकर्ताओं का कहना है कि क्रॉनिक इंफ्लेमेशन की स्थिति इसकी एक पहचान हो सकती है। रेटिना की रक्त वाहिकाओं में होने वाले सूक्ष्म परिवर्तन इसका संकेत होते हैं जिसे आई स्कैन के दौरान देखा जा सकता है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? अमेरिका के एमोरी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ लेखक डॉ. अनंत मदभुशी कहती हैं, एआई ऑप्टिशियंस द्वारा ली गई नियमित रेटिना इमेज का उपयोग करके पहले से ही मल्टीपल मायलोमा, लिंफोमा और ल्यूकेमिया विकसित होने के जोखिम का अनुमान लगाना आसान हो सकता है। ब्लड कैंसर यूके में अनुसंधान के उप निदेशक डॉ. रिचर्ड फ्रांसिस कहते हैं, नैदानिक अभ्यास में इसके उपयोग से पहले और अधिक शोध की आवश्यकता है। ये निष्कर्ष इस सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण प्रमाण प्रदान करते हैं कि एआई-संचालित उपकरण भविष्य में क्रांति लाने वाले हो सकते हैं। किन लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं,  कुछ लोगों में ब्लड कैंसर का खतरा अधिक हो सकता है। उम्र के साथ यह बीमारी आम हो जाती है। इसके अलावा जिनके परिवार में पहले से किसी को ब्लड कैंसर हुआ हो, उनमें भी रिस्क बढ़ जाता है। रेडिएशन या कीमोथेरेपी भी इस कैंसर को बढ़ाने वाली हो सकती है। ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए।

पैसा और कामयाबी चाहते हैं? इन आदतों से तुरंत करें तौबा

  उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम, आध्यात्मिक गुरु, नीम करोली बाबा, का आश्रम है। नीम करोली बाबा आज भले ही भौतिक रूप से लोगों के बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी दी हुई शिक्षाएं आज भी उनके अनुयायियों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करते हुए सुखी सफल जीवन जीने का रास्ता बताती रहती हैं। नीम करोली बाबा के ज्ञान को अपनाते हुए अपनी कुछ नकारात्मक आदतों को त्यागकर, कोई भी व्यक्ति अपना जीवन बदलकर पैसा कमा सकता है। आइए जानते हैं पैसा और कामयाबी हासिल करने के लिए नीम करोली बाबा ने कौन सी 5 आदतों से दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया है। अहंकार का त्याग नीम करोली बाबा के अनुसार, अहंकार व्यक्ति को हमेशा गलत राह पर ले जाता है। अगर आप अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखते हुए जीवन को सफल बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने अहंकार का त्याग करें। याद रखें, विनम्रता न केवल व्यक्ति को सम्मान अर्जित करवाती है, बल्कि उसके लिए नए अवसरों के दरवाजे भी खोलती है। क्रोध पर नियंत्रण नीम करोली बाबा के अनुसार क्रोध में लिए गए ज्यादातर निर्णय अक्सर बाद में पछतावे का कारण बनते हैं। क्रोध व्यक्ति की आंतरिक शांति को नष्ट करके उसके निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर बना देता है।जो लोग अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाते, उन्हें अकसर जीवन में सफलता पाने में कठिनाई होती है। लालच से बचें नीम करोली बाबा के अनुसार व्यक्ति का जरूरत से ज्यादा लालच उसे जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ने देता है। लालच में डूबा व्यक्ति धन संचय करने या उसे बनाए रखने के लिए संघर्ष करता रहता है। ईर्ष्या से करें परहेज नीम करोली बाबा व्यक्ति को कभी भी दूसरों की सफलता से ईर्ष्या न करने की सलाह देते थे। उनका मानना था कि दूसरों की उपलब्धियों से जलन रखने की जगह व्यक्ति को हमेशा अपनी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। कड़ी मेहनत और लगन सच्ची सफलता दिलाते हैं, जबकि ईर्ष्या केवल नकारात्मकता और भटकाव की ओर ले जाती है। नकारात्मकता से रहें दूर नीम करोली बाबा की शिक्षाओं के अनुसार आत्म-अनुशासन, आंतरिक शांति और सकारात्मक सोच ही स्थायी सफलता की कुंजी हैं। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या जैसी नकारात्मक आदतों को त्याग करना चाहिए।  

पुराना फर्नीचर और वास्तु दोष: घर में परेशानियों का कारण

घर में एक अच्छा वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा का होना हर व्यक्ति की इच्छा होती है। घर का वातावरण न केवल शांति और सुख-शांति को प्रभावित करता है, बल्कि यह हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के सभी तत्वों का संतुलन और सामंजस्य होना बहुत जरूरी है। फर्नीचर भी घर के महत्वपूर्ण भागों में से एक होता है और इसे चुनते समय वास्तु के सिद्धांतों को ध्यान में रखना चाहिए। क्या आप भी घर के लिए पुराना फर्नीचर खरीदते हैं ? अगर हां, तो यह आपके घर और परिवार के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। हालांकि पुराने फर्नीचर का इस्तेमाल करना एक किफायती विकल्प हो सकता है लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार यह घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश करवा सकता है। आइए, जानते हैं कि क्यों पुराने फर्नीचर का उपयोग करना आपके लिए हानिकारक हो सकता है और इसके बदले आपको क्या उपाय करने चाहिए। नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश वास्तु शास्त्र के अनुसार, पुराने फर्नीचर में नकारात्मक ऊर्जा का संचय हो सकता है। यह नकारात्मक ऊर्जा उस फर्नीचर के पहले मालिक या उपयोगकर्ता के अनुभवों और घटनाओं से जुड़ी हो सकती है। अगर पुराने फर्नीचर का उपयोग करते हैं, तो यह आपके घर में भी वही नकारात्मक ऊर्जा ला सकता है, जिससे तनाव, अनहोनी और दुर्भाग्य की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विशेष रूप से, पुराने फर्नीचर को घर के अहम स्थानों पर रखने से घर में असंतुलन और मानसिक तनाव उत्पन्न हो सकता है। घर के वास्तु दोष में वृद्धि वास्तु शास्त्र में फर्नीचर का सही स्थान और आकार बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आप पुराना फर्नीचर घर में रखते हैं, तो यह न केवल नकारात्मक ऊर्जा को उत्पन्न कर सकता है, बल्कि यह आपके घर के वास्तु दोष को भी बढ़ा सकता है। पुराने और घिसे-पीटे फर्नीचर को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक सकता है, जिससे घर में आने वाली समस्याएं जैसे स्वास्थ्य समस्याएं, पारिवारिक विवाद, और वित्तीय परेशानियां बढ़ सकती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पुराना और घिसा-फटा फर्नीचर घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकता है। यह न केवल घर के माहौल को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार के सदस्यों की मानसिक स्थिति, स्वास्थ्य और आर्थ‍िक स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। पुराने फर्नीचर में उपयोगकर्ता की यादें, उनके अनुभव और घटनाएं जुड़ी होती हैं, जो घर में नकारात्मक ऊर्जा का निर्माण करती हैं। यह ऊर्जा घर में दरिद्रता और संकट को आमंत्रित करती है, जिसके कारण आर्थिक तंगी हो सकती है।

रेलवे ने बढ़ाया सुविधा का तोहफा, त्योहारों में 3 राज्यों के लिए 8 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

रतलाम  पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है। दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा के त्योहारी सीज़न के दौरान स्पेशल ट्रेने चलाई जाएंगी। यात्रियों को जानकारी के लिए बता दें कि बांद्रा टर्मिनस-अयोध्या कैंट, बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना और उधना-जयनगर के बीच विशेष किराए पर त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएगी। ये रहेगी टाइमिंग ट्रेन नंबर 09095 बांद्रा टर्मिनस-अयोध्या कैंट साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक बुधवार को बांद्रा टर्मिनस से सुबह 11 बजे चलेगी अगले दिन शाम 5:30 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी। यह ट्रेन 1 अक्टूबर से 19 नवंबर तक चलेगी। इस ट्रेन का रतलाम 8.30/8.40 आगमन/प्रस्थान होगा। इसी प्रकार, ट्रेन नंबर 09096 अयोध्या कैंट-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को अयोध्या कैंट से रात 9 बजे चलेगी और शनिवार सुबह 6 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी, रतलाम शाम 6 बजे ट्रेन आएगी। ट्रेन 2 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चलेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, नवसारी, सूरत, भरूच, वडोदरा, दाहोद, मेघनगर, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ और बाराबंकी स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन में एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास और जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे। बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना स्पेशल ट्रेन नंबर 09097 बांद्रा टर्मिनस-लुधियाना साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक रविवार को बांद्रा टर्मिनस से रात 9:50 बजे चलेगी और मंगलवार रात 12:30 बजे लुधियाना पहुंचेगी। सोमवार सुबह 7.25 ट्रेन रतलाम आएगी। यह 5 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगी। ट्रेन नंबर 09098 लुधियाना-बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल प्रत्येक मंगलवार को लुधियाना से सुबह 4 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 10:20 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। मंगलवार को रात 10.10 ट्रेन रतलाम आएगी। ट्रेन 7 अक्टूबर से 2 दिसंबर तक चलेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, हिंडौन सिटी, मथुरा, नई दिल्ली, पानीपत और अंबाला स्टेशनों पर रुकेगी। उधना-जयनगर स्पेशल ट्रेन नंबर 09151 उधना-जयनगर स्पेशल 30 सितंबर को उधना से सुबह 6:45 बजे चलेगी और अगले दिन रात 9:30 बजे जयनगर पहुंचेगी। रतलाम यह ट्रेन दोपहर 1 बजे आएगी। ट्रेन संया 09152 जयनगर-उधना स्पेशल 1 अक्टूबर को जयनगर से रात 11 बजे चलेगी और शुक्रवार शाम 5:45 बजे उधना पहुंचेगी। रतलाम सुबह 9.35 बजे ट्रेन आएगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में सूरत, भरूच, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, उज्जैन, शुजालपुर, संत हिरदाराम नगर, बीना, कटनी मुरवारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा, दानापुर, पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी स्टेशनों पर रुकेगी। बांद्रा टर्मिनस -सांगानेर सुपरफास्ट बांद्रा टर्मिनस-सांगानेर सुपरफास्ट स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को बांद्रा टर्मिनस से शाम 4:45 बजे चलेगी और अगले दिन दोपहर 12:30 बजे सांगानेर पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम रात 3.40/3.50 आगमन-प्रस्थान होगा। ट्रेन 2 अक्टूबर से 27 नवंबर तक चलेगी। इसी प्रकार ट्रेन संया 09024 सांगानेर-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार को सांगानेर से शाम 4:50 बजे चलेगी और अगले दिन 11:15 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। ट्रेन का रतलाम रात 12.55/1.05 बजे आगमन-प्रस्थान होगा। ट्रेन 3 अक्टूबर से 28 नवंबर तक चलेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, नागदा, चौमहला, शामगढ़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा और सवाई माधोपुर स्टेशनों पर रुकेगी।

कोटा रेल मंडल के यात्रियों के लिए त्योहारी स्पेशल ट्रेन, MP-महाराष्ट्र के रूट पर चलेगी

कोटा दिवाली और छठ पूजा सहित अन्य त्योहारों को देखते हुए अतिरिक्त यात्री भार को कम करने के लिए रेलवे की ओर से महत्वपूर्ण मार्गों पर स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही हैं। ऐसे में महाराष्ट्र और यूपी जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे प्रशासन ने दो और स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। ये विशेष ट्रेनें ज्यादा किराए पर चलाई जा रही हैं। ये दोनों ट्रेनें कोटा से गुजरेंगी, जिससे कोटा से महाराष्ट्र और दिल्ली सहित जयपुर जाने वाले यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी। इसके पहले 5 विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा हो चुकी है, जिसमें यात्रियों को रेलवे की अधिकारिक वेबसाइट से टिकट मिल सकेंगे। बांद्रा-सांगानेर वीकली सुपर फास्ट एसी स्पेशल ट्रेन रेलवे की ओर से चलाई जा रही बांद्रा-सांगानेर विकली सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन 2 अक्तूबर से 28 नवंबर के बीच चलेगी। ट्रेन नंबर 09023 बांद्रा टर्मिनस से सांगानेर के बीच हर गुरुवार शाम 4ः45 बजे बांद्रा टर्मिनस से रवाना होगी, जो कि अगले दिन सुबह 8ः25 बजे कोटा और दोपहर 12ः30 बजे सांगानेर पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन नंबर 09024 सांगानेर से बांद्रा टर्मिनस के बीच हर शुक्रवार शाम 4ः50 बजे रवाना होकर रात 8ः10 पर कोटा और अगले दिन सुबह 11ः15 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। ये ट्रेन आते और जाते समय बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड़, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, नागदा, चैमहला, शामगढ़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा व सवाई माधोपुर स्टेशन रुकेगी। इसमें थर्ड एसी इकोनामी, थर्ड एसी, सेकेंड और फर्स्ट एसी के कोच लगाए गए। इंदौर-हजरत निजामुद्दीन वीकली सुपरफास्ट एसी स्पेशल ट्रेन ये ट्रेन 3 अक्तूबर से 1 दिसंबर तक चलाई जाएगी। ट्रेन नंबर 09309 इंदौर से हजरत निजामुद्दीन के लिए 3 अक्तूबर से 30 नवंबर के बीच सप्ताह में दो बार शुक्रवार और रविवार को इंदौर से चलेगी। ट्रेन शाम 5ः00 बजे इंदौर से रवाना होकर रात 10ः35 बजे कोटा और अगले दिन सुबह 5ः00 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 09310 हजरत निजामुद्दीन से इंदौर के बीच 4 अक्तूबर से 1 दिसंबर के बीच हर सोमवार और शनिवार को चलेगी। ट्रेन निजामुद्दीन से सुबह 8ः20 बजे रवाना होगी। दोपहर 2ः35 बजे कोटा और रात 9ः00 बजे इंदौर पहुंचेगी। रास्ते में मथुरा, भरतपुर, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंज मंडी, शामगढ़, नागदा, उज्जैन और देवास रुकेगी। इसमें केवल थर्ड और सेकंड एसी कोच रहेंगे।

हेयर कलर करवाने के बाद न करें ये गलतियाँ, वरना जल्दी उड़ जाएगा रंग

आजकल हेयर कलरिंग सिर्फ स्टाइल नहीं, बल्कि एक ट्रेंड भी बन चुका है। चाहे ग्रे हेयर को कवर करना हो या लुक में नया ट्विस्ट लाना हो, लोग अलग-अलग शेड्स में बाल कलर करवा रहे हैं। लेकिन बालों का कलर तभी खूबसूरत और टिकाऊ लगता है, जब उसकी सही देखभाल की जाए। अगर सही केयर न हो, तो कुछ ही हफ्तों में कलर फीका पड़ने लगता है और बाल भी रूखे और बेजान हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि हेयर कलर के बाद कुछ खास टिप्स अपनाकर बालों के रंग को लंबे समय तक बरकरार रखा जाए। यहां इसकी जानकारी दी गई है। तो आइए जानते हैं इनके बारे में 48 घंटे तक शैंपू करने से बचें कलर करवाने के बाद कम से कम दो दिन तक बालों को न धोएं, जिससे कलर पूरी तरह सेट हो जाए। सल्फेट-फ्री शैम्पू और कंडीशनर का उपयोग करें ये बालों से कलर को जल्दी नहीं हटाते और बालों को मॉइस्चराइज भी रखते हैं। गर्म पानी से बाल धोने से बचें अपने बालों को वॉश करने के लिए हमेशा गुनगुने या ठंडे पानी का इस्तेमाल करें क्योंकि गर्म पानी कलर को जल्दी निकाल देता है। सप्ताह में केवल 2-3 बार ही शैंपू करें ज्यादा शैंपू करने से बालों का नेचुरल ऑयल और कलर दोनों जल्दी खत्म हो जाते हैं। यू वी प्रोटेक्शन वाला हेयर सीरम लगाएं सूरज की किरणें बालों का रंग फीका कर सकती हैं, इसलिए प्रोटेक्शन जरूरी है हीट स्टाइलिंग से बचें स्ट्रेटनर, कर्लर या हेयर ड्रायर का कम से कम उपयोग करें। अगर जरूरी हो तो हीट प्रोटेक्टेंट जरूर लगाएं। हेयर मास्क का करें नियमित उपयोग हफ्ते में एक बार डीप कंडीशनिंग या हेयर मास्क लगाने से बाल सॉफ्ट और शाइनी बने रहते हैं। तेल से करें मसाज नियमित कोकोनट, आर्गन या ऑलिव ऑयल से हल्के हाथों से मालिश करें जिससे बालों को पोषण मिलता रहे और ये जड़ों से मजबूत बनें। हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लें बालों की हेल्थ का सीधा असर हेयर कलर पर भी पड़ता है, इसलिए प्रोटीन और विटामिन्स से भरपूर खाना खाएं। हेयर कलर तभी बना रहेगा जब आप उसकी सही देखभाल करें। ऊपर दिए गए टिप्स न केवल कलर को लंबे समय तक टिकाते हैं, बल्कि आपके बालों को भी हेल्दी, शाइनी और स्मूद बनाए रखते हैं।

बिहार चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने किया मजबूत इंतजाम, 320 IAS समेत 470 केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात

नई दिल्ली चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव और कुछ राज्यों में उपचुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक (सामान्य, पुलिस और व्यय) तैनात करने का फैसला लिया है। आयोग ने विभिन्न राज्यों में सेवाएं दे रहे कुल 470 अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त करने का फैसला किया है। इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 320 अधिकारी, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 60 अधिकारी और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के 90 अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, आईआरएएस, आईसीएएस जैसी सेवाओं से अधिकारी इसमें शामिल हैं। आयोग के मुताबिक, ये सभी अधिकारी बिहार में होने वाले विधानसभा आम चुनाव और जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, झारखंड, तेलंगाना, पंजाब, मिजोरम और ओडिशा में होने वाले उपचुनावों के लिए नियुक्त किए जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने एक प्रेस नोट में बताया, बिहार विधानसभा चुनाव और कुछ राज्यों में उपचुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों (सामान्य, पुलिस और व्यय) की तैनाती होगी। आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 और प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत प्रदत्त शक्तियों के तहत निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव की निगरानी के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त करता है। पर्यवेक्षक नियुक्ति से लेकर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक आयोग की देखरेख, नियंत्रण और अनुशासन में कार्य करते हैं। 'आयोग की आंख और कान होते हैं पर्यवेक्षक' 'पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण और गंभीर जिम्मेदारी निभाते हैं कि चुनाव निष्पक्ष, तटस्थ और विश्वसनीय हों, जो हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है। वे आयोग की आंख और कान होते हैं और समय-समय पर रिपोर्ट देते रहते हैं। पर्यवेक्षक आयोग को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी चुनाव कराने में मदद करते हैं और साथ ही मतदाताओं की जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने में योगदान देते हैं।' पर्यवेक्षकों का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों की पहचान कर ठोस सुझाव देना है जिनमें सुधार की जरूरत है। अपनी वरिष्ठता और प्रशासनिक सेवाओं के अनुभव के आधार पर सामान्य और पुलिस पर्यवेक्षक चुनाव के निष्पक्ष संचालन में आयोग की सहायता करते हैं और क्षेत्र स्तर पर चुनाव प्रक्रिया के प्रभावी प्रबंधन की निगरानी करते हैं। व्यय पर्यवेक्षक उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की निगरानी करते हैं। इन राज्यों में चुनाव के लिए तैनात होंगे पर्यवेक्षक जारी प्रेस नोट में आगे कहा गया, चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव और जम्मू-कश्मीर (बडगाम एवं नगरोटा), राजस्थान (अन्ता), झारखंड (घाटसिला), तेलंगाना (जुबली हिल्स), पंजाब (तारण-तारन), मिजोरम (डम्पा) और ओडिशा (नुआपाड़ा) में होने वाले उपचुनावों के लिए विभिन्न राज्यों में तैनात 470 अधिकारियों (320 आईएएस, 60 आईपीएस और 90 आईआरएस/आईआरएएस/आईसीएएस आदि) को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में तैनात करने का निर्णय लिया है।