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मंदिर की अनोखी परंपरा: आरती के दौरान माता का झूला अपने आप झूलता है, सीएम मोहन यादव ने बताई कहानी

उज्जैन  एमपी में नवरात्र का उल्लास चरम पर है। जगह जगह कन्या पूजन और भोज आयोजित किए जा रहे हैं। उज्जैन में ऐसे ही एक कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। उन्होंने विक्रमादित्य क्लॉथ मार्केट में कन्या पूजन किया। उज्जैन में सीएम मोहन यादव ने 369 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इस मौके पर उन्होंने प्राचीन हरसिद्धि माता मंदिर में नित्य होनेवाले एक चमत्कार का भी जिक्र किया। सीएम मोहन यादव ने बताया कि कैसे आरती के समय माता का झूला अपने आप झूलने लगता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को उज्जैन पहुंचे और अनेक कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने नवरात्रि पर्व के अवसर पर कन्या पूजन भी किया। उज्जैन में 121 स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर 25 हजार कन्याओं का पूजन किया गया।   सायंकाल की आरती शुरु होते ही अपने आप झूलने लगता झूला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर उज्जैन के प्राचीन हरसिद्धि माता मंदिर की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2 हजार साल पुराने अतीत को याद करें तो हरसिद्धि माता का एक रूप यह भी है कि रात में उज्जैन में रहना और दिन में गुजरात में रहना। सीएम मोहन यादव ने मंदिर में होनेवाली अनूठी घटना भी बताई। उन्होंने कहा कि अद्भुत तो तब होता है जब सायंकाल की आरती शुरु होते ही झूला अपने आप झूलने लगता है। माता के यहां से निकल जाने का अहसास होता है। सुबह की आरती होते ही माता अपने आप आ जाती है, झूला फिर प्रारंभ हो जाता है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में कदम-कदम पर ऐसे ऐसे कई रहस्यों के साथ वास्ता आता है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, सतीश मालवीय, महापौर मुकेश टटवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

पुलिस की नाकामियों के बीच MP के रक्षक बन गए डरावने भक्षक, आम लोग शिकायत करने से भी डरते हैं

भोपाल पीड़ित पक्ष हो या आरोपित, उन्हें डर दिखाकर पुलिसकर्मी रुपये ऐंठ ले रहे हैं। इसी माह भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच के चार आरक्षकों को अधिकारियों के संज्ञान में बिना लाए आरोपित के विरुद्ध कार्रवाई करने के संदिग्ध आचरण के चलते निलंबित किया गया है। प्रदेश भर में ऐसे कई मामले इस वर्ष सामने आ चुके हैं, जिनमें लोकायुक्त पुलिस और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की ट्रेप कार्रवाई पुलिसवालों पर न के बराबर ही हो पा रही है। ज्यादा आ रहे रिश्वतखोरी के मामले सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपित पक्ष तो दूर पीड़ित पक्ष भी पुलिस के डर से जांच एजेंसियों को शिकायत करने से बचता है। ऐसे में पुलिस को खुद अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत कर कार्रवाई करनी चाहिए। दोनों जांच एजेंसियों द्वारा किसी न किसी विभाग का औसतन एक कर्मचारी हर दिन रिश्वत लेते पकड़ा जा रहा है, लेकिन पुलिस के नाम मात्र के ही हैं। इंदौर में जरूर इसी माह एक उप निरीक्षक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा था। गौरतलब यह है कि पुलिस आयुक्त व्यवस्था वाले इंदौर और भोपाल शहर में घूसखोरी के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें रिश्वत की राशि भी एक लाख से अधिक रही। इसी तरह भोपाल में फर्जी काल सेंटर चलाने वाले से पांच लाख रुपये घूस लेने का मामला सामने आ चुका है। ये हैं दो मामले केस 1- भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में फर्जी काल सेंटर चल रहा था। सेंटर की कई शिकायतें आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। इसके बाद मामले को दबाने के लिए 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। पहली किस्त में पांच लाख रुपये रिश्वत लेने-देने का सौदा तय हुआ। काल सेंटर संचालकों के साथ नरमी बरतने के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए। इसके बाद टीआइ जितेंद्र गढ़वाल सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। केस 2- जनवरी 2025 में उमरिया जिले के चंदिया थाने के प्रधान आरक्षक द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पीड़ित ने एसपी से शिकायत की थी। पुलिस ने पीड़ित का ट्रैक्टर पकड़ा था, जिसे छोड़ने के लिए रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया था कि वह पहले 15 हजार रुपये घूस दे चुका था। इसके बाद पुलिसकर्मी ने 50 हजार रुपये और मांगे थे।   पुलिसवालों की शिकायतें करने से डरते हैं लोग लोकायुक्त पुलिस के पूर्व डीजी अरुण गुर्टू ने कहा कि पुलिसवालों की शिकायतें करने से लोग डरते हैं। उन्हें लगता है कि किसी अधिकारी से शिकायत की तो पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं होगी, उल्टा उसे परेशान किया जाएगा। इसी कारण जांच एजेंसियों के पास शिकायतें नहीं पहुंचतीं और पुलिसकर्मी बचे रह जाते हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार खत्म करना है तो बहुत जरूरी है कि पुलिस सबसे पहले अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करें, जिससे रिश्वतखोरों को पकड़ा जा सके। सरकार का पहला काम प्रबंधन है, जिसमें कानून-व्यवस्था का पालन और भ्रष्टाचार रोकना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री बोले– खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि विचार है

उद्यमियों को मिलेगा निःशुल्क स्टॉल प्रदेश के सभी जिलों में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजन खादी वस्त्र नहीं, विचार है– राकेश सचान जीएसटी सुधार से एमएसएमई सेक्टर को मिली ताकत मोदी सरकार के प्रयासों से खादी की बिक्री में दोगुनी बढ़ोतरी ग्रेटर नोएडा केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी स्लैब में कटौती के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उद्यमियों को बड़ा तोहफा दिया है। खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में 9 से 16 अक्टूबर तक आठ दिवसीय ट्रेड शो आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में उद्यमियों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे अपने उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सकें। यह घोषणा मंत्री ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे दिन “खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन” विषय पर आयोजित सेमिनार में की। एमएसएमई सेक्टर को मिली नई ऊर्जा राकेश सचान ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर सुधार किया गया है, जिससे एमएसएमई सेक्टर को नई ऊर्जा मिली है। पहले केवल मंडल स्तर पर ट्रेड शो आयोजित होते थे, लेकिन यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की सफलता को देखते हुए सरकार ने इसे अब जिला स्तर पर भी ले जाने का निर्णय लिया है। इन शो में खादी, टेक्सटाइल, ODOP समेत सभी सेक्टर के उद्यमी भाग लेंगे। अधिकारियों को इसके लिए उपयुक्त स्थान तय करने के निर्देश दे दिए गए हैं। खादी उत्पादन और शोरूम घटने पर चिंता मंत्री ने कहा कि खादी के उत्पादन और शोरूम की संख्या घटने पर सरकार गंभीर है। इस पर विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स से लगातार विमर्श हो रहा है। युवाओं को खादी से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालयों में खादी शोरूम खोलने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। पर्यावरण व स्वास्थ्य के लिए बेहतर है खादी राकेश सचान ने कहा कि बाजार में उपलब्ध अधिकांश कपड़े पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक हैं, जबकि खादी पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित है। उन्होंने खादी को महंगा मानने की धारणा को गलत बताते हुए कहा कि अन्य कपड़ों की तुलना में खादी सस्ती है। दोगुनी हुई खादी की बिक्री मंत्री ने बताया कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यभार संभाला है, तब से खादी को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रधानमंत्री लगातार खादी को डिजाइन और तकनीक से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बीते वर्षों में खादी की बिक्री दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कागज रहित रजिस्ट्री का युग शुरू! हरियाणा में आज से लागू, CM सैनी होंगे मुख्य समारोह में

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार आज पूरे प्रदेश में पेपरलेस रजिस्ट्री और निगरानी प्रणाली तथा व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत करेगी। इस डिजिटल पहल का मकसद जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री और राजस्व से जुड़ी सभी सेवाओं को पूरी तरह काग़ज़ रहित और पारदर्शी बनाना है। मुख्य समारोह कुरुक्षेत्र के लाडवा उपमंडल में होगा, जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि रहेंगे। उनके साथ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल मंच साझा करेंगे। मुख्यमंत्री इस योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। केंद्रीय शहरी विकास एवं ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर करनाल जिले के घराैंडा उपमंडल में मुख्य अतिथि होंगे। उनके साथ विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार विशेष अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। गुरुग्राम के कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) योजना एवं कॉरपोरेट अफेयर्स राव इंद्रजीत सिंह मुख्य अतिथि रहेंगे। सिरसा में पूर्व मंत्री और हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) अध्यक्ष गोपाल कांडा की भी ड्यूटी लगाई गई है। गोपाल कांडा की पार्टी ने 2024 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को समर्थन दिया था, लेकिन वर्तमान में वे किसी भी सरकारी पद या संवैधानिक दायित्व पर नहीं हैं। इसके बावजूद उन्हें इस राज्यव्यापी कार्यक्रम में सिरसा जिले के मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। इस तरह समझें पूरी योजना पेपरलेस रजिस्ट्री से जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री के लिए बार-बार तहसील या उप-रजिस्ट्रार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नागरिक अपने सभी दस्तावेज़ पहले ही ऑनलाइन अपलोड और सत्यापित करा सकेंगे। रजिस्ट्री वाले दिन केवल मूल काग़ज़ लेकर दफ्तर में एक बार आना होगा, जहां बायोमैट्रिक और हस्ताक्षर की औपचारिकता पूरी होगी। व्हाट्सऐप चैटबॉट से आवेदन की स्थिति, फीस और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। इससे समय, मेहनत और बिचौलियों पर होने वाला खर्च बचेगा और रिकॉर्ड सीधे डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रहेगा। अधिकांश नेताओं की लगी ड्यूटी सोमवार को हर जिले और उपमंडल में मंत्री, सांसद और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल होंगे। ऊर्जा मंत्री अनिल विज (अंबाला कैंट), विधायक पवन सैनी (नारायणगढ़), पूर्व मंत्री असीम गोयल (अंबाला सिटी), फरीदाबाद में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, तिगांव में खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नगर, बल्लबगढ़ में विधायक मूलचंद शर्मा व पलवल में खेल मंत्री गौरव गौतम मुख्यातिथि होंगे। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह (बदशाहपुर), विधायक मुकेश शर्मा (गुरुग्राम), विधायक तेजपाल तंवर (सोहना) लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा हिसार में रहेंगे।

दिवाली से पहले पेंशन में बढ़ोतरी: जानें अक्टूबर से कितनी राहत मिलेगी

रायपुर  त्योहारी सीजन में प्रदेश के साढ़े चार लाख से अधिक पेंशनरों के लिए छत्तीसगढ़ से अच्छी खबर आई है। इन्हें दो प्रतिशत की दर से अधिक महंगाई राहत मिलेगी, यानी वृद्धि के बाद यह 55 प्रतिशत हो जाएगी। यद्यपि, यह जनवरी से नहीं, बल्कि सितंबर की पेंशन से मिलेगी। अक्टूबर में भुगतान बढ़ी हुई दर पर होगा। वित्त विभाग छत्तीसगढ़ से सहमति मिलने के बाद अब महंगाई राहत में वृद्धि के लिए प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष निर्णय के लिए रखेगा। प्रदेश में कर्मचारियों को एक जनवरी 2025 से 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि पेंशनरों को मार्च 2025 से 53 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने बढ़ाई महंगाई राहत इस दो प्रतिशत के अंतर का कारण वित्त विभाग छत्तीसगढ़ से प्राप्त सहमति को बताता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 के तहत पेंशनर व परिवार पेंशनर को दी जाने वाली महंगाई राहत में वृद्धि का निर्णय दोनों राज्यों की सहमति से होता है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 12 मार्च 2025 को सातवें वेतनमान में तीन और छठवें वेतनमान में सात प्रतिशत महंगाई राहत बढ़ाने की सहमति दी। इसके आधार पर वृद्धि की गई। अब 53 प्रतिशत महंगाई राहत को दो प्रतिशत बढ़ाकर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के बराबर करने की सहमति दी गई है। यह सितंबर की पेंशन से लागू होगी यानी अक्टूबर से भुगतान प्राप्त होगा। इसके आधार पर ही प्रस्ताव तैयार किया गया है। भेदभाव कर रही है सरकार पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आमोद सक्सेना का कहना है कि मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2009 के अंतर्गत राज्य के कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनरों को भी एक जनवरी 2006 से छठवें वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया था किंतु पेंशनरों को इसका लाभ एक सितंबर 2008 से दिया गया। 32 माह के एरियर का भुगतान आज तक नहीं किया गया। उधर, एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी का कहा कि पेंशनरों के साथ भेदभाव कर आर्थिक हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है।

डिजिटल लेन-देन में सुरक्षा का नया नियम: आज से धोखाधड़ी पर लगेगी कड़ी लगाम

ग्वालियर आज से डिजिटल भुगतान करना और अधिक सुरक्षित होगा। क्योंकि आरबीआई ने डिजिटल भुगतान को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है और बैक व वित्तीय संस्थानों को आरबीआई के इन निर्देशों का पालन एक अप्रैल तक करना है, क्योंकि एक अप्रैल को फिर से नई गाइडलाइन आएगी। नई गाइडलाइन से क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और एप आदि भुगतान करने में अधिक सुरक्षा मिलेगी। साथ ही बैंक खाते से आटोमेटिग पैमेंट भी बिना खाता धारक से पूछे नहीं होगा। इनका सीधा असर उन ग्राहकों और व्यवसायों पर पड़ेगा जो सब्सक्रिप्शन-आधारित सेवाओं का उपयोग करते हैं जैसे ओटीअी प्लेटफार्म , म्यूजिक स्ट्रीमिंग या न्यूज ऐप्स। इसका मतलब है कि कोई भी ऐप या कंपनी आपकी अनुमति के बिना पैसे नहीं काट सकेगी।   ऐसे काम करेगा नया सिस्टम बैंकों और पेमेंट गेटवे को अब हर रिकरिंग पेमेंट से कम से कम 24 घंटे पहले ग्राहक को नोटिफिकेशन भेजना होगा। इस नोटिफिकेशन में भुगतान की राशि, तारीख और जिस कंपनी को भुगतान किया जा रहा है उसकी जानकारी होगी। ग्राहक को इस नोटिफिकेशन पर अपनी मंजूरी देनी होगी। यदि ग्राहक मंजूरी नहीं देता है, तो भुगतान अपने आप नहीं होगा। ग्राहकों के लिए फायदे यह बदलाव उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। पहले कई ऐप्स एक बार की अनुमति के बाद हर महीने पैसे काट लेते थे और कई बार ग्राहक को इसका पता भी नहीं चलता था। अब हर ट्रांजैक्शन से पहले मंजूरी अनिवार्य होगी, जिससे धोखाधड़ी की संभावना घटेगी और ग्राहक अपने खर्चों पर बेहतर नियंत्रण रख पाएंगे। व्यापारियों और बैंकों की चुनौती हालांकि यह कदम ग्राहकों के लिए फायदेमंद है, लेकिन बैंकों और व्यापारियों के लिए इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण होगा। उन्हें अपने सिस्टम को इस तरह अपडेट करना होगा कि वे समय पर नोटिफिकेशन भेज सकें और मंजूरी मिलने के बाद ही भुगतान प्रक्रिया पूरी कर सकें। यदि कोई बैंक या कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उन पर आरबीआई की ओर से जुर्माना लगाया जा सकता है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ हर डिजिटल भुगतान पर ओटीपी तो अभी भी मांगा जाता है। तभी भुगतान होता है। लेकिन नई गाइड लाइन से यह होगा कि आटोमेटिक पैमेंट भी बिना अनुमति के नहीं होंगे। क्योंकि अभी तक सबस्क्रप्सन आदि का भुगतान आटोमेटिक खाते से हो जाता है। कई बार तो उपभोक्ता को पता भी नहीं चलता। ऐसे में अब कोई भी भुगतान होगा तो उपभोक्ता के पास पहले नोटीफिकेशन आएगा। उसी पर हा या ना का आप्सन होगा। यानि बिना अनुमति के भुगतान नहीं होगा। – आशीष पारेख, सीए

पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे दिल्ली BJP मुख्यालय का लोकार्पण, जानें खास बातें

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्मित मुख्यालय का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यालय पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय के बिल्कुल करीब स्थित है। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने रविवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि श्री मोदी नवरात्र सप्तमी के शुभ दिन, सोमवार को इस नए कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। अब तक पार्टी का प्रदेश कार्यालय 14, पंत मार्ग से संचालित होता था, जो सोमवार से आधिकारिक तौर पर दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थानांतरित हो जाएगा। उद्घाटन समारोह और उपस्थिति कार्यालय उद्घाटन के इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, अनेक केंद्रीय मंत्री, दिल्ली सरकार के मंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारी और दिल्ली के सभी सांसद, विधायक और पार्षद उपस्थित रहेंगे। इस नए कार्यालय की नींव पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 9 जून 2023 को रखी थी। लगभग दो वर्ष में बनकर तैयार हुआ यह भवन अब दिल्ली भाजपा के कामकाज का नया केंद्र बनेगा। पार्टी ने लगभग 35 वर्षों तक अपनी राजनीतिक गतिविधियों को 14, पंत मार्ग स्थित कार्यालय से संचालित किया था। इससे पहले दिल्ली में पार्टी का पहला प्रादेशिक कार्यालय अजमेरी गेट हुआ करता था, जो बाद में रकाबगंज रोड और फिर पंत मार्ग पर लाया गया था। सांगठनिक विस्तार और नया पता भाजपा देश भर में अपने सांगठनिक जिलों के कार्यालयों का निर्माण करा रही है। इसके तहत, मजबूत राज्यों—जैसे मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों—के हर जिले में आधुनिक पार्टी कार्यालय बनाए जा रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली में भी पार्टी के सभी 14 सांगठनिक जिलों के कार्यालय बनाए जा चुके हैं। कार्यालय एक संस्कारशाला: वीरेन्द्र सचदेवा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी का कार्यालय केवल एक भवन नहीं होता है, बल्कि यह एक संस्कारशाला है। उन्होंने कहा कि यह वह स्थान है, जहाँ भाजपा के कार्यकर्ता अपने बड़े नेताओं से जनता की सेवा और राष्ट्र निर्माण के गुण सीखते हैं। उन्होंने इस नए मुख्यालय को एक राजनीतिक कार्यकर्ता के चरित्र निर्माण की पाठशाला बताया, जहाँ 'राष्ट्र प्रथम, पार्टी दूसरे नंबर पर और स्वयं को सबसे नीचे' रखने की प्रेरणा मिलती है। सचदेवा ने आशा व्यक्त की कि पार्टी का यह नया प्रदेश कार्यालय दिल्ली की जनता की सेवा करने में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।  

गरबा खत्म, सुरक्षा शुरू: MP पुलिस ने अकेली महिलाओं के लिए शुरू किया ये अनोखा अभियान

सारंगपुर नवरात्र पर्व को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने सारंगपुर थाना क्षेत्र का निरीक्षण किया। एसपी तोलानी ने क्षेत्र के विभिन्ना गरबा पंडालों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान राज्यमंत्री गौतम टेटवाल भी मौजूद रहे। सारंगपुर के राठी परिसर में आयोजित गरबा कार्यक्रम में एसपी तोलानी, पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री दीपक कुमार, एसडीएम रोहित बंहोरे, पचोर नप अध्यक्ष विकास करोडिया, नपा उपाध्यक्ष भावना निलेश वर्मा ने सपत्नि सामूहिक गरबा किया। त्योहार को शांति व सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाएं कार्यक्रम के दौरान पृथ्वीराज टेटवाल, एसडीओपीअ अरविंद सिंह, थाना प्रभारी आकांक्षा हाड़ा, मोहित राठी, शिशिर विजयवर्गीय, प्रफुल्ल विजयवर्गीय, मोहित गुप्ता, एसआई अमित त्यागी, बीएस भूरिया, रवि शर्मा, शिव दांगी आदि उपस्थित थे। एसपी ने गरबा आयोजकों को दिए निर्देश एसपी ने कार्यक्रम के दौरान आयोजकों को समय सीमा और तय मापदंडों का पालन करते हुए गरबा कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। त्योहार को शांति व सौहार्दपूर्ण माहौल मनाने को कहा। पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण व यातायात प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।   युवतियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस मुस्तैद नवरात्र में दुर्गा पंडालों में देवी मां की आराधना और गरबे का आयोजन चल रहा है। गरबा आयोजनों में पहुंचने वाली महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस भी मुस्तैद हो गई है। शहर के सभी प्रमुख गरबा पंडालों और मंदिरों में हाईटेक सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थलों के आसपास पुलिस कैमरे से निगरानी रखे हुए है। संदिग्ध सामग्री, हथियार प्रतिबंधित होंगे पुलिस अधीक्षक तोलानी ने गरबा डांडिया का आयोजन कर रहीं संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम के दौरान यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी व्यक्ति आयोजन स्थल पर संदिग्ध सामग्री, आपत्तिजनक वस्तु या किसी भी प्रकार का हथियार लेकर न आए और न ही उनका प्रयोग या प्रदर्शन किया जाए। इसके साथ ही, बिजली व लाइटिंग के दौरान शॉर्ट सर्किंट से आगजनी की घटना न हो, इसके लिए अतिरिक्त विद्युत सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन किया जाए। सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों तैनात किए साथ ही गरबा-डांडिया पंडाल स्थल पर विद्युत वायरिंग की रोजाना जांच कराकर व्यवस्था सुचारु रखी जाए। एसपी ने राज्यमंत्री टेटवाल से बातचीत करके विभिन्न जानकारियां एकत्रित की और यह सुनिश्चित किया कि सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे है। वही पुलिस एसडीओपी अरविंद सिंह ने गरबा आयोजन स्थलों के आसपास सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों तैनात किए है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि देर रात सड़क पर अकेली दिखने वाली महिलाओं को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। इस दौरान संदिग्ध वाहनों की चेकिंग भी की गई, ताकि सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। बता दें की नवरात्र पर्व पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके। बढ़ाई पेट्रोलिंग, बनी रहेगी चौकसी चर्चा के दौरान एसपी तोलानी ने बताया कि रोजाना होने वाली पेट्रोलिंग व्यवस्था बड़ा कर, नवरात्र पर्व में शहर की बहन और बेटियां सुरक्षित रहें और पूजा-पाठ को निःसंकोच होकर कर सकें। इसके लिए का पहरा बना हुआ है। शहर के गली से लेकर चौक चौराहे तक गश्त करती रही। टीआई ने खुद मोर्चा संभाला है। ताकि नगर की महिलाएं अपने घर से निकलकर सुरक्षित मंदिर पहुंचे कर पूजा पाठ करें। इसके लिए रोजाना पुलिस गश्त जारी रखी जा रही है।   यातायात पर विशेष ध्यान एसपी ने बताया कि इस वर्ष नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि की संभावना के मद्देनजर, प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया है। इससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पडेगा और पूजा पंडालों के आसपास जाम की स्थिति उत्पन्ना नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि पुलिस की इस सक्रियता ने शहरवासियों में सुरक्षा का अहसास बढाया है, जिससे नवरात्रि पर्व का आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्ना हो सके। ताकि बहन-बेटियां अपने आपको सुरक्षित महसूस करें पुलिस ने शहर के देवी पंडाल, प्रमुख चौराहा समेत अन्य चौक चौराहों पर गश्त कर लोगों को सुरक्षा का एहसास कराया। टीआई हाडा ने कहा कि जनता में सुरक्षा का एहसास कराने के लिए गश्त व्यवस्था को बढाया है। नवरात्र पर्व में नगर की बहन बेटियां अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सके, इसके लिए पुलिस सदैव सुरक्षा में तत्पर है।

यात्री खिज़री: खजुराहो में गंदगी और पुरानी सीटों ने बढ़ाई मुश्किल, रेल मंत्री को लिखा पत्र

ग्वालियर लक्जरी और आरामदायक ट्रेन के रूप में पहचान रखने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की व्यवस्थाओं से यात्री नाराज हैं। ट्रेन के चेयर कार में गंदगी से लेकर सीटों की स्थिति पर यात्रियों को जमकर आपत्ति है और वे इसकी शिकायत रेल मंत्री से ऑनलाइन माध्यमों से कर रहे हैं। शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग शनिवार को हजरत निजामुद्दीन से खजुराहो जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस के सी-5 कोच में यात्रा कर रहे यात्री प्रशांत माथुर ने ट्रेन में तमाम कमियां गिनाते हुए रेल मंत्री एक्स पर शिकायत दर्ज कराई और रेल मंत्री से कार्रवाई की मांग की। प्रशांत माथुर ने ट्रेन नंबर 22470 हजरत निजामुद्दीन-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस की चेयर कार क्लास में आगरा कैंट से वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन झांसी तक सफर के लिए टिकट बुक कराया था। उन्हें कोच नंबर सी-5 में 14 नंबर सीट मिली थी।   सीट बिल्कुल भी फ्लेक्सिबल नहीं शुक्रवार सुबह ट्रेन आगरा स्टेशन से चली तो वे अपनी सीट पर बैठ गए। उनका कहना था कि कोच की स्थिति गंदी थी, जबकि ट्रेन हजरत निजामुद्दीन से ही रवाना हुई थी। जब प्रशांत माथुर ने आराम पाने के लिए सीट को पीछे की ओर झुकाना चाहा, तो सीट बिल्कुल भी फ्लेक्सिबल नहीं थी। प्रचार-प्रसार से हकीकत अलग इस पर उन्होंने रेलमंत्री से शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि ट्रेन में गंदे और पुराने कोच लगे हुए हैं, जबकि यात्रियों से लक्जरी सेवा का किराया वसूला जा रहा है। रेलवे द्वारा ट्रेन में सुविधाओं को लेकर जितना प्रचार-प्रसार किया जाता है, हकीकत उससे अलग है।  

देश में लागू होने वाले 5 बड़े नियम, 1 अक्टूबर से सीधे प्रभावित होगी आपकी जेब

नई दिल्ली  हर महीने की पहली तारीख की तरह, आने वाली 1 अक्टूबर 2025 से आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियम बदलने वाले हैं। रेलवे टिकट बुकिंग, UPI से लेनदेन, पेंशन और गैस सिलेंडर की कीमतों तक इन 5 बड़े बदलावों का सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा। एलपीजी सिलेंडर के दाम में कटौती की उम्मीद त्योहारी सीजन शुरू होने के कारण, उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में राहत की उम्मीद है। पिछले महीनों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी। इस बार 14 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम कम होने की संभावना है, जिससे आम आदमी को महंगाई से थोड़ी राहत मिल सकती है। रेलवे टिकट बुकिंग के नए नियम रेलवे ने टिकट धांधली और कालाबाजारी को रोकने के लिए टिकट बुकिंग नियमों में बदलाव किया है, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे: तत्काल टिकट पर असर: टिकट काउंटर खुलने के शुरुआती 15 मिनट तक, केवल वही लोग टिकट बुक कर पाएंगे जिनका आधार कार्ड IRCTC अकाउंट से लिंक होगा। यह नियम फिलहाल तत्काल टिकट बुकिंग पर लागू होगा। UPI लेनदेन में बड़ा बदलाव (P2P ट्रांजैक्शन) ऑनलाइन धोखाधड़ी (ऑनलाइन फ्रॉड) को रोकने और यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) ने UPI से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो 1 अक्टूबर से प्रभावी हो सकते हैं: P2P फीचर हटने की संभावना: सबसे बड़ा बदलाव यह है कि UPI ऐप्स (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm) से P2P (व्यक्ति से व्यक्ति) ट्रांजैक्शन फीचर हटाया जा सकता है। इसका मतलब है कि 1 अक्टूबर से आप UPI ऐप्स पर सीधे एक-दूसरे को पैसे भेजने का विकल्प इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में बदलाव नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में भी 1 अक्टूबर 2025 से गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं: इक्विटी में ज्यादा निवेश: अब गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स अपनी पूरी पेंशन राशि का 100% तक इक्विटी (शेयर मार्केट से जुड़ी स्कीम) में निवेश कर सकेंगे। पहले यह सीमा केवल 75% थी। PRAN खोलने पर चार्ज: प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को अब PRAN (स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या) खोलने और मेंटेनेंस पर चार्ज देना होगा: फिजिकल PRAN कार्ड: ₹40 ई-PRAN किट: ₹18 एनुअल मेंटेनेंस चार्ज: ₹100 प्रति अकाउंट अटल पेंशन योजना (APY) शुल्क में राहत अटल पेंशन योजना (APY) और NPS लाइट सब्सक्राइबर्स के लिए अच्छी खबर है कि उनके लिए PRAN खोलने और मेंटेनेंस का चार्ज केवल ₹15 रहेगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इन योजनाओं में ट्रांजैक्शन पर कोई फीस नहीं लगेगी।