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मसालेदार खाना छोड़कर भी हो सकता है एसिड रिफ्लक्स! इन 5 कारणों से रहें सतर्क

त्योहारों के समय में कुछ हैवी खा लेने या कई बार बिना कारण भी सीने में जलन होने लगती है। सीने में जलन या हार्टबर्न को एसिड रिफ्लक्स के रूप में भी जाना जाता है। इसमें अधपचा खाना गले या मुंह में लौटकर आने लगता है। इससे मुंह का स्वाद कड़वा हो जाता है। आइए जानते हैं, ऐसा क्यों होता है, इसकी पहचान और बचाव कैसे करें। क्यों बढ़ जाता है एसिड रिफ्लक्स का खतरा खाने में जरूरत से ज्यादा मसाले या मिर्च का इस्तेमाल एसिड रिफ्लक्स का कारण बन सकता है। इसके अलावा भी इसके कुछ कारण हो सकते हैं:     ओवरवेट होना या मोटापा     स्मोकिंग     प्रेग्नेंसी     कुछ खास दवाएं ये हैं लक्षण     सीने में जलन: पेट में मौजूद एसिड सीने में जलन पैदा करता है।     गले या मुंह का कड़वा स्वाद: सिर्फ एसिड ही नहीं कई बार अधपचा खाना भी वापस लौटकर आपके गले या मुंह में आ जाता है और कड़वेपन का एहसास होता है।     डकारें: खाना खाने के दौरान कई बार हवा भी अंदर चली जाती है। ऐसा होने से खाना पचने के दौरान गैस बनने लगती है। इससे डकारें आने लगती हैं।     सीने में दर्द: एसिड रिफ्लक्स का यह लक्षण हार्ट अटैक होने का संदेह पैदा करता है। लेकिन इन दोनों में अंतर किया जा सकता है।     गले में खराश या आवाज बदल जाना: पेट के एसिड की वजह से गले में खराश की समस्या भी हो सकती है। साथ ही यह आपके आवाज में भी बदलाव ला सकता है।     लगातार खांसी होना: एसिड रिफ्लक्स में ऐसा लगता है कि आपके गले में कुछ अटका हुआ है, लेकिन ऐसा ज्यादा म्युकस बनने की वजह से होता है। ऐसा होने से आप उसे बाहर निकालने की कोशिश करते हैं और आपको खांसी आती है। इन घरेलू उपायों से मिल सकती है राहत यदि एसिड रिफ्लक्स की समस्या लगातार बनी हुई तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। कुछ घरेलू उपायों से भी इससे थोड़ी राहत पाई जा सकती है:-     दही: यह खाने की नली को आराम पहुंचाता है और यह पेट के लिए भी अच्छा माना जाता है।     केला: इसका अल्कलाइन गुण ज्यादा एसिड बनने से रोकता है।     दूध: इससे तत्काल के लिए सीने में जलन से राहत मिल सकती है।  

ट्रैफिक राहत! इंदौर में बंद ब्रिज आज से फिर से होगा operational

इंदौर छह माह के इंतजार के बाद मालवा मिल और पाटनीपुरा चौराहा के बीच निर्माणधीन ब्रिज अंतत: बनकर तैयार हो गया। गुरुवार को इसे लोकार्पित कर दिया जाएगा। ब्रिज से आवागमन शुरू होने से करीब सवा लाख लोगों को सीधा-सीधा लाभ मिलेगा। यह रास्ता बंद होने से वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ रहा था। 6 करोड़ की लागत से तैयार यह नया ब्रिज 30 मीटर चौड़ा और 21 मीटर लंबा है। 30 मार्च 2025 को ब्रिज निर्माण शुरू करते वक्त दावा किया गया था कि नया ब्रिज 100 दिन में तैयार हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कभी अतिक्रमणकारियों के न्यायालय पहुंचने की वजह से तो कभी ठेकेदार की लापरवाही के चलते निर्माण में देरी होती रही। इस दौरान एक दुर्घटना भी हुई जिसमें एक व्यक्ति को जान गंवानी पड़ा। उधर शहर के मौजूदा ब्रिज और फ्लाइओवर की हालत दिनों-दिन खराब होती जा रही है। रखरखाव के आभाव में कहीं गड्ढों से वाहन चालक परेशान हैं तो कहीं ब्रिज पर निकल आए सरियों की वजह से हादसों का भय वाहन चालकों को बना रहता है।   जाम से मिलेगी मुक्ति मालवा मिल चौराहा-पाटनीपुरा चौराहा के बीच बना ब्रिज करीब 100 वर्ष पुराना था और जीर्ण-शीर्ण हो गया था। यह ब्रिज सिर्फ 40 फीट चौड़ा था। इस कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती थी। सड़क चौड़ीकरण के दौरान भी इस ब्रिज को नया बनाने की मांग की जा रही थी। नया ब्रिज 30 मीटर चौड़ा होने की वजह से यहां जाम की स्थिति नहीं बनेगी। लगभग 17 वर्ष पुराने भंडारी ब्रिज का लोकार्पण 11 अगस्त 2008 को हुआ था। 1548 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ब्रिज रखरखाव के अभाव में दम तोड़ने लगा है। कई जगह सरिए नजर आने लगे हैं। खास बात यह है कि इस ब्रिज पर दोनों ओर सात-सात फीट चौड़े फुटपाथ हैं। फुटपाथ सहित ब्रिज की चौड़ाई महज 18 मीटर है। इस वजह से इस ब्रिज पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है। ब्रिज के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन कभी कोई सुधार काम होते हुए नजर नहीं आता। लगातार शिकायतों के बाद अब नगर निगम फुटपाथ की चौड़ाई कम करने और ब्रिज पर सुधार कार्य करवाने की बात कर रहा है। आशंका इस बात की भी है कि समय रहते इस ब्रिज पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसकी हालत ज्यादा बिगड़ जाएगी। तीन इमली ब्रिज : हिचकोले खाते वाहन, कई-कई फीट चौड़े गड्ढे तीन इमली ब्रिज के निर्माण को एक दशक से भी कम समय हुआ है, लेकिन इसकी हालत खराब है। इसकी एक ओर की सड़क धंस रही है, लेकिन जिम्मेदारों के पास रखरखाव का समय नहीं है। कई फीट चौड़े गड्ढों की यजह से दुर्घटना का भय बना रहता है। इस ब्रिज पर 24 घंटे भारी वाहनों की आवाजाही होती है, बावजूद इसके न किसी को रखरखाव की चिंता है न यातायात व्यवस्था सुधारने की। तेजाजी नगर ब्रिज : गड्ढों से बड़े वाहन तक पलट जाते हैं इस ब्रिज के निर्माण को भी बहुत ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन ब्रिज पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं जो वाहन चालकों को डराते हैं। ये गड्ढे सिर्फ डराते ही नहीं बल्कि वाहनों को पलटाने तक में सक्षम हैं। पिछले दिनों ही गड्ढों की वजह से एक टैंकर पलट गया था। ब्रिज की विशेषता यह है कि इस ब्रिज के ठीक बीचो-बीच चौड़ी नालियां हैं। इन नालियों में वाहनों के पहिए फंस जाते हैं। छोटी-मोटी दुर्घटनाएं तो रोजाना होती ही हैं। रखरखाव के अभाव में यह ब्रिज भी दम तोड़ने लगा है।

1300 पुलिसकर्मी जालंधर में तैनात, बढ़ी सुरक्षा; वजह जानिए पूरी रिपोर्ट

जालंधर  महानगर में 2 अक्तूबर को शांतमयी ढंग से दशहरा उत्सव मनाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने लगभग 1300 पुलिस कर्मचारियों की शहर में तैनातियां की हैं। पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने आज दशहरा उत्सव समारोह को लेकर पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक करके सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पिछले दिनों डी.जी.पी. गौरव यादव स्वयं जालंधर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए आए थे। पुलिस कमिश्नर ने महानगर में 10 प्रमुख दशहरा उत्सव स्थलों जिनमें साईंदास स्कूल, आदर्श नगर, बर्ल्टन पार्क, स्पोर्ट्स कालेज, 120 फुटी रोड, घास मंडी आदि में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों को तैनात किया है। डी.सी.पी. (आप्रेशन) नरेश डोगरा ने आज विशेष बातचीत करते हुए कहा कि महानगर में कुल 43 स्थानों छोटे व बड़े दशहरा उत्सव मनाया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डी.एस.पी. रैंक के अधिकारी के साथ एस.एच.ओ. स्तर के अधिकारी भी दशहरा उत्सव में सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहेंगे। हालांकि पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने एक सप्ताह पहले सभी प्रमुख दशहरा स्थलों का दौरा किया था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई थी। डी.सी.पी. ने कहा कि दशहरा को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और उन्हें उम्मीद है कि लोग हर्षोल्लास व शांतमय ढंग से दशहरा उत्सव में शामिल होंगे।  उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख दशहरा स्थलों पर पुलिस की जिप्सियां भी मौजूद रहेंगी और सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डी.सी.पी. रैंक के सभी पुलिस अधिकारी प्रत्येक दशहरा स्थल का चक्कर लगाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर ने डी.सी.पी. रैंक के अधिकारियों को जो-जो जिम्मेदारियां सौंपी हैं उन्हें पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव समारोह में शरारती तत्वों पर पूरी नजर रखी जाएगी और किसी को भी हुलड़़बाजी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रबंधों की पूरी देख-रेख सी.पी. मैडम के हाथों में रहेगी। अनुशासन बनाकर रखें लोग डी.सी.पी. नरेश डोगरा ने कहा कि दशहरा स्थलों पर लोगों को भी अनुशासन बनाकर रखना होगा। जब रावण के पुतलों को अग्नि दहन किया जाता है तो उसके बाद भारी भीड़ जलते हुए रावण की लकड़ियों को उठाने के लिए दौड़ते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भीड़भाड़ को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस कर्मचारियों को विशेष रूप से आदेश दिए गए हैं।   वी.वी.आई.पीज. के आसपास रहेगी कड़ी सुरक्षा डी.सी.पी. ने कहा कि वी.वी.आई.पीज. के दशहरा उत्सव समारोह में भाग लेने को देखते हुए उनके इर्द-गिर्द सुरक्षा का घेरा कड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि वी.वी.आई.पीज. के आगमन को देखते हुए सुरक्षा को लेकर अलग से रणनीति बनाई गई है। उल्लेखनीय है कि दशहरा समारोह में अनेकों राजनीतिज्ञों, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लेना होता है।

बारिश से बचें! हरियाणा के 12 जिलों में रेड अलर्ट, जानें पूरी जानकारी

हरियाणा  हरियाणा में आज, 2 अक्टूबर को 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, पलवल और फरीदाबाद शामिल हैं। हालांकि ठंड महसूस करने के लिए अभी एक सप्ताह और इंतजार करना पड़ सकता है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, 7 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलनी शुरू होंगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। वर्तमान में अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। 4 अक्टूबर से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस होगा सक्रिय डॉ. खीचड़ के अनुसार, 4 अक्टूबर से हरियाणा में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो जाएगा, जिसके कारण प्रदेश में बारिश होगी। 5 अक्टूबर को यह डिस्टर्बेंस पूरे हरियाणा में सक्रिय रहेगा। 7 अक्टूबर तक इसका प्रभाव बना रहेगा, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि पूरी तरह से ठंड आने में दिवाली तक का इंतजार करना पड़ सकता है।   राज्य में सिरसा में सबसे अधिक 35 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि पानीपत में सबसे कम 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यानी दोनों के बीच करीब 4 डिग्री का अंतर देखने को मिला। आगामी मौसम पूर्वानुमान 3 अक्टूबर: फिर से उन्हीं 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी रहेगा – यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, पलवल और फरीदाबाद। 4 अक्टूबर: सिरसा और फतेहाबाद को छोड़कर पूरे हरियाणा में बारिश की संभावना है। 5 अक्टूबर: पूरे हरियाणा में बारिश होगी। विशेष रूप से यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में भारी बारिश हो सकती है।  

राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि: CM हेमंत व राज्यपाल ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर चढ़ाया फूल

रांची झारखंड में गांधी जयंती के अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन ने मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार, उनकी अहिंसा एवं सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा आज भी पूरे देश और विश्व के लिए मार्गदर्शक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास का स्वर्णिम दिवस है। गांधी जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शिक्षा और सिद्धांतों ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी बल्कि आजादी के बाद भी लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि ऐसे महान विभूतियों के आदर्श और त्याग ही हैं जिनकी वजह से आज भारत एक सशक्त और गौरवशाली लोकतंत्र के रूप में दुनिया के सामने खड़ा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समस्त राज्यवासियों से आह्वान किया कि हम सभी अपने जीवन में पूरी संजीदगी से बापू के सिद्धांतों को अपनाएं और समाज में शांति, भाईचारा एवं एकता के माहौल को और मजबूती दें। मुख्यमंत्री सोरेन ने आज के दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी एवं कर्मठता की मिसाल थे। उनके दिए गए नारे 'जय जवान, जय किसान' आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के जीवन से हमें कर्तव्यपरायणता, देशभक्ति और जनसेवा की सीख मिलती है, जिसे आत्मसात कर हम झारखंड और भारत को और सशक्त बना।

दशहरा मैदान में होगा विशाल रावण दहन, 111 फीट रावण और 250 फीट लंका की होगी भव्य प्रस्तुति

इंदौर त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की सत्य की शक्ति ने जब रावण के दंभ का अंत किया तो चहुंओर विजय पताका फहरा उठी थी। वही परंपरा आज एक बार फिर देखने को मिलेगी जब बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। शहर में विजयदशमी के अवसर पर दशहरा मैदान, चिमनबाग, विजय नगर, तिलक नगर, छावनी स्नेहलतागंज में भव्य आयोजन होंगे। दशहरा मैदान पर 111 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया है और यहां 250 फीट लंबी लंका का निर्माण भी चल रहा है। यहां शाम सात बजे दहन होगा। शोभायात्रा प्रताप चौराहा से निकलकर दशहरा मैदान तक जाएगी, जिसमें राम और हनुमान के वेश में युवा शामिल होंगे। चिमनबाग में रात आठ बजे 111 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। विजय नगर में 61 फीट ऊंचा पुतला रात नौ बजे जलाया जाएगा।   दशहरा मैदान पर रावण के 111 फीट ऊंचा पुतले और 250 फीट लंबी लंका का दहन विजयादशमी की शाम को होगा। दशहरा महोत्सव समिति के संयोजक सत्यनारायण सलवाड़िया ने बताया कि पुतला लालू लाहोरिया, मनोज आर्या, प्रवीण हरगांवकर और मनोज तोमर की टीम ने बनाया है। प्रारंभ में इसका निर्माण रामबाग स्थित गणेश कॉलोनी में किया था। शोभायात्रा में राम व हनुमान के वेश में युवा शामिल होंगे। शहर की सबसे पुरानी दशहरा महोत्सव समिति पिछले 50 वर्षों से हर वर्ष पुतला दहन कर रही है। समिति में पूर्व पार्षद सुरेश मिंडा, नारायणसिंह यादव, प्रह्लाद शर्मा, अरुण माहेश्वरी और जितेंद्र रावरिया भी शामिल हैं। विजय नगर रावण दहन समिति द्वारा विजय नगर चौराहे के पास रात नौ बजे पुतला दहन किया जाएगा। आयोजनकर्ता दीपेश यादव, अंकित यादव, प्रकाश खेतान ने बताया कि पुतला दहन कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला द्वारा किया जाएगा।

झारखंड सशस्त्र पुलिस ने पारंपरिक शस्त्र पूजा में दिखाया शक्ति और भक्ति का संगम

रांची झारखंड सशस्त्र पुलिस (जेएपी) की पहली बटालियन के जवानों ने सदियों पुरानी परंपरा के तहत बीते बुधवार को महानवमी के अवसर पर शस्त्र पूजा की और देवी दुर्गा को बंदूक की सलामी दी। इन जवानों में अधिकतर गोरखा थे। अधिकारियों ने बताया कि शस्त्र पूजा के अवसर पर कुकरी (चाकू), राइफल और लांचर जैसे हथियारों की पूजा की गई। जेएपी के जवान 9 दिनों तक देवी की ‘नवदुर्गा' के रूप की आराधना करते हैं। रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जेएपी की पहली बटालियन के कमांडेंट राकेश रंजन ने कहा, ‘‘यह जेएपी-1 गोरखा सुरक्षाबलों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए एक बड़ा दिन है। राकेश रंजन ने कहा, हम शस्त्रों की पूजा करते हैं और देवी (नौ कुमारी) से सुरक्षाबलों की कुशलता के लिए प्रार्थना करते हैं, चाहे वे जहां भी तैनात हों।'' एक अधिकारी ने बताया कि शस्त्र पूजा की यह परंपरा 1880 से चली आ रही है।  

हाईकोर्ट की सख्ती: डिजिटल पेमेंट किट खरीद मामले में एसीबी को नोटिस, 6 पक्ष जवाबदेह

जयपुर डीओआईटी में हुए घोटालों की परतें अब खुलने लगी हैं। डिजिटल पेमेंट किट खरीद घोटाले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से दो सप्ताह में जवाब मांगा है तथा डीओआईटी के अधीन आने वाली कंपनी राजकॉम्प एवं 5 संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई पब्लिक अंगेंस्ट करप्शन संस्था की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए की गई है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पूनम चन्द भंडारी एवं डॉ टी.एन. शर्मा ने बताया कि राजस्थान में ई-मित्र संचालकों को डिजिटल किट बांटने के नाम पर भारी घोटाला किया गया है। ऐसे हुआ घोटाला- अधिवक्ता भंडारी ने बताया कि सितंबर 2017 में डिजिटल पेमेंट किट खरीदने के लिए 19 करोड़ का टेण्डर निकाला गया जिसे बाद में 33 करोड़ कर दिया गया। इस टेण्डर के अंतर्गत 8592 पेमेंट किट खरीदी जानी थी प्रत्येक किट में एक टेबलेट, एक पोस मशीन, एक फिंगरप्रिंट स्केनर आदि थीं। इसके अतिरिक्त प्रत्येक मशीन का एक मासिक सब्स्क्रिप्शन खरीदा जाना था। याचिकाकर्ता के द्वारा आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च 2019 तक केवल 4964 किट ही एक्टिव हो पाई थीं, उनमें भी प्रतिमाह प्रतिकिट एक भी ट्रांजेक्शन नहीं हो पा रहा था। जबकि सभी किट का भुगतान कर दिया गया था। यहीं नहीं सब्स्क्रिप्शन एवं रख-रखाव के नाम पर संबंधित फर्म को करीब 8 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। इन मामलों में सीएजी ने भी आपत्तियां दर्ज की मगर विभाग ने उन्हें दरकिनार कर दिया। मामले की सुनवाई राजस्थान उच्च न्यायालय के जस्टिस माननीय संजीव प्रकाश शर्मा एवं जस्टिस माननीय संजीत पुरोहित की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के पश्चात उच्च न्यायालय ने आश्चर्य व्यक्त किया कि 2020 की जनहित याचिका में आजतक एसीबी ने कोई जवाब नहीं दिया है। उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को 15 दिवस में जवाब पेश करने का अंतिम अवसर देते हुए कहा कि जवाब पेश नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारी स्वयं कोर्ट में उपस्थित हों साथ ही राजकॉम्प इन्फो सर्रविसेज लिमिटेड एवं संबंधित अधिकारी  हंसराज यादव, सीताराम स्वरूप, रणवीर सिंह, नीलेश शर्मा और कौशल सुरेश गुप्ता तथा सप्लाई करने वाली फर्म सीआरआईएलपीएल को नोटिस जारी किए।

एक दिन में चेक क्लियर! बैंकिंग ग्राहकों के लिए खुशखबरी

भोपाल बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब बैंकों में चेक क्लियर होने के लिए ग्राहकों को दो से तीन दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत चेक एक ही दिन में क्लियर हो जाएगा। राजधानी में इसको लेकर प्रसन्नता है, उनका मानना है कि इसका लंबे समय से इंतजार था। बैंकिंग क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि तकनीकी सुधार और डिजिटलीकरण की बदौलत यह संभव हो पाया है। पहले चेक क्लियर होने में कई बार 48 से 72 घंटे तक का समय लग जाता था। इससे न केवल आम लोगों को परेशानी होती थी बल्कि छोटे और बड़े व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित होता था। अब इस बदलाव के बाद ग्राहक उसी दिन अपने खाते में पैसा आते हुए आसानी से देख सकेंगे।   व्यापारियों को मिलेगी अधिक सुविधा छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह कदम किसी राहत से कम नहीं है। व्यापारियों को अपने सप्लायर और ग्राहकों से भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। कई बार देरी होने से नकदी की समस्या खड़ी हो जाती थी। अब चेक उसी दिन क्लियर होने से उनका कैश फ्लो मजबूत होगा और कारोबार सुचारू रूप से चल सकेगा। भोपाल के कारोबारी भगत सिंह जाट ने बताया कि यह वाकई बहुत राहत देने वाला निर्णय है। पहले चेक क्लियर होने में समय लगता था और भुगतान अटक जाता था। अब हमें भरोसा रहेगा कि पैसा उसी दिन खाते में आ जाएगा। एक इवेंट मैनेजर ने बताया कि अब हमे आसानी से समय पर भुगतान मिल जाएगा। चेक देने वाले को भी पता होगा कि सेम डे में क्लियर होना है। निजी काम करने वाले लोकेश मौर्य ने कहा कि बच्चों की फीस या अन्य जरूरी खर्चों के लिए चेक क्लियर होने का इंतजार करना पड़ता था। अगर यह एक ही दिन में क्लियर हो जाएगा तो बहुत आसानी होगी। साथ ही किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा और धोखाधड़ी होने की संभावना कम हो जाएगी।

नारियल तेल बनाम कैस्टर ऑयल: कौन सा है आपके बालों के लिए सबसे फायदेमंद?

बालों की देखभाल की बात आती है तो तेल सबसे पहला और जरूरी उपाय माना जाता है। भारतीय परंपरा में तेल मालिश न सिर्फ बालों को पोषण देने के लिए बल्कि रिलैक्सेशन के लिए भी जरूरी रही है। हालांकि, ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि कौन-सा तेल बालों के लिए ज्यादा फायदेमंद है। नारियल तेल और अरंडी का तेल, जिसे कैस्टर ऑयल कहते हैं, दोनों ही अपनी-अपनी खूबियों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इन दोनों में से बालों के लिए क्या ज्यादा अच्छा है? आइए जानते हैं इस बारे में। नारियल तेल के फायदे नारियल तेल में लॉरिक एसिड और मीडियम-चेन फैटी एसिड्स पाए जाते हैं, जो बालों की जड़ों तक गहराई से पहुंचकर उन्हें मजबूत बनाते हैं। यह तेल-     डैंड्रफ कम करने में मददगार।     बालों को मुलायम और शाइनी बनाता है।     प्रोटीन लॉस को रोकता है, जिससे हेयर फॉल कम होता है।     हल्का होने के कारण आसानी से लग जाता है और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए परफेक्ट है। किसके लिए बेहतर- पतले, रूखे और आसानी से झड़ने वाले बालों के लिए नारियल तेल परफेक्ट है। कैस्टर ऑयल के क्या फायदे हैं? अरंडी का तेल अपने गाढ़ेपन और पोषण क्षमता के लिए जाना जाता है। इसमें रिकिनोलिक एसिड और विटामिन-ई भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सिर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करते हैं और बालों की जड़ों को एक्टिव करते हैं। यह तेल-     बालों की ग्रोथ को तेज करने में मदद करता है।     पतले और खाली होते स्कैल्प पर नए बाल आने में सहायक।     एंटी-फंगल गुणों के कारण स्कैल्प इन्फेक्शन से बचाव।     दोमुंहे बालों को कम करने और बालों को घना बनाने में कारगर। किसके लिए बेहतर- बहुत पतले, डैमेज्ड और हेयर थिनिंग से परेशान लोगों के लिए कैस्टर ऑयल बेस्ट माना जाता है। क्या है ज्यादा बेहतर? अगर आपके बाल कमजोर और झड़ने वाले हैं, तो कोकोनट ऑयल आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा। वहीं अगर आप तेजी से बाल बढ़ाना चाहते हैं और घनापन पाना चाहते हैं, तो कैस्टर ऑयल आपके लिए सही ऑप्शन होगा। दरअसल, दोनों ही तेल अपने-अपने गुणों के कारण बालों के लिए बेहद फायदेमंद हैं। सबसे अच्छा तरीका है कि आप दोनों का मिक्स करके बालों में लगाएं, जिससे बाल मजबूत, लंबे और घने बनेंगे।