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दशहरे की खुशियों में सन्नाटा: जालंधर में बारिश और मेघनाद हादसे ने बढ़ाई चिंता

जालंधर दशहरे के मौके पर आज सुबह हुई बारिश ने जालंधर में माहौल को किरकिरा कर दिया है। आपको बता दें कि जालंधर में 20 जगहों पर आज रावण दहन किया जाएगा। वहीं अचानक मौसम के बदले मिजाज के कारण मॉडल हाउस ग्राउंड में पुतले गिर गया। वहीं कई अन्य मैदानों में बनाए गए विशाल पुतले भी बारिश और तेज हवाओं के चलते प्रभावित हुए हैं।  वहीं बस्तीशेख इलाके में तेज हवा और बारिश से एक पुतले की गर्दन टूट गई। आयोजकों ने पुतलों को उठाने और सुरक्षित रखने का काम शुरू कर दिया है। पुजारी और आयोजक इस बात की चिंता जता रहे हैं कि बारिश और तेज हवाओं के चलते पुतलों को सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। 

पहले व्यक्ति के रूप में 500 अरब डॉलर की दौलत तक पहुंचे एलन मस्क

मुंबई  टेस्ला सीईओ एलन मस्क ने बुधवार को इतिहास रच दिया, जब उनकी कुल संपत्ति 500 अरब डॉलर के पार पहुंच गई। वे दुनिया के पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से टेस्ला के शेयरों की रिकवरी और उनकी अन्य टेक स्टार्टअप्स की तेजी से बढ़ती वैल्यूएशन के चलते हुई है। फोर्ब्स बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक शाम 4:15 ईटी तक उनकी नेटवर्थ 500.1 अरब डॉलर दर्ज की गई। टेस्ला के शेयरों से बढ़ी संपत्ति मस्क की संपत्ति का बड़ा हिस्सा टेस्ला से जुड़ा है। सितंबर तक कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 12.4% थी। इस साल टेस्ला के शेयरों में अब तक 14% की बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को ही स्टॉक 3.3% उछला, जिससे मस्क की नेटवर्थ में 6 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। निवेशकों का मस्क पर बना भरोसा साल की शुरुआत में गिरावट झेलने के बाद टेस्ला शेयरों में अब तेजी देखी जा रही है। निवेशकों का भरोसा तब बढ़ा जब मस्क ने अपने बिज़नेस पर पूरा ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। टेस्ला बोर्ड चेयर रॉबिन डेनहॉम ने हाल ही में कहा कि मस्क फिर से कंपनी में "फ्रंट एंड सेंटर" हैं। साथ ही, मस्क ने खुद 1 अरब डॉलर के टेस्ला शेयर खरीदकर कंपनी के भविष्य पर भरोसा जताया। AI और स्पेस एक्सप्लोरेशन से भी बढ़ी वैल्यूएशन टेस्ला के अलावा मस्क के अन्य उपक्रम भी उनकी दौलत का अहम आधार बने हैं। उनकी AI कंपनी xAI की वैल्यूएशन जुलाई तक 75 अरब डॉलर आंकी गई थी और भविष्य में यह 200 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, SpaceX की वैल्यूएशन 400 अरब डॉलर के आसपास बताई जा रही है। 1 ट्रिलियन डॉलर का कम्पेंसेशन प्लान टेस्ला बोर्ड ने मस्क के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर का कम्पेंसेशन प्लान प्रस्तावित किया है, जिसमें कंपनी के वित्तीय और संचालन संबंधी ऊंचे लक्ष्य तय किए गए हैं। यह मस्क की हिस्सेदारी को और मजबूत करेगा। सबसे अमीरों की सूची में नंबर वन फोर्ब्स के मुताबिक मस्क अब दुनिया के सबसे अमीर इंसान हैं। उनके बाद दूसरे स्थान पर ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन हैं, जिनकी संपत्ति 350.7 अरब डॉलर आंकी गई है।

दुर्गा पूजा में भक्तों की आस्था का ज्वार, महानवमी पर पंडालों में दिखा अद्भुत दृश्य

मुजफ्फरपुर नवरात्र के महानवमी की संध्या पर जिले में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। जय माता दी और जय दुर्गा मैया के नारे लगाते हुए श्रद्धालु मंदिरों की ओर बढ़े। बता दें कि सप्तमी को माता का पट खुला था और कल महाअष्टमी व्रत था। आज भक्तों ने हवन करने के बाद पूरे परिवार के साथ शहर के अलग-अलग दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन किए। इस दौरान पूरा शहर भक्तिमय हो गया और शहर का कोना-कोना भक्तों से भर गया। शाम को बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और यातायात विभाग ने व्यापक इंतजाम किए। देर शाम तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और माता दुर्गा का दर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला भक्त भी दुर्गा मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूजा पंडाल समितियों के सदस्यों ने मोर्चा संभाला और भक्तों को दर्शन कराए। भक्तों को मंदिर में प्रवेश से पहले पंक्तिबद्ध किया गया, जिससे वे सुरक्षित ढंग से मंदिर में प्रवेश कर सकें। शाम 7 बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बढ़ गई और देखते ही देखते मंदिरों में भक्तों की कतारें लग गईं। मंदिरों में दीप प्रज्वलित कर श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। ब्रह्मपुरा स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर, महामाया मंदिर, जूरन छपरा, बनारस बैंक चौक स्थित दुर्गा मंदिर, अमर सिनेमा रोड बंगलामुखी मंदिर, शिवपुरी मंदिर, दामूचक मंदिर और मां दुर्गा मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और प्रवेश से लेकर निकास तक लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की गई। बता दें कि कल विजयादशमी है और रावण दहन की तैयारियां भी जोरों पर हैं।  

मुनव्वर फारूकी की सुरक्षा में बड़ा खतरा टला, दिल्ली से गिरफ्तार हुए दो शूटर

नई दिल्ली गुरुवार को दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। दिल्ली पुलिस की एक टीम ने रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग के दो सदस्यों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए दोनों सदस्यों को कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी को मारने की जिम्मेदारी दी गई थी। गुरुवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम गश्त पर थी। इस दौरान जैतपुर-कालिंदीकुंज रोड पर पुलिस की मुठभेड़ शुरू हो गई। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने गोल्डी बराड़ गैंग के दो सदस्यों साहिल और राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। साहिल हरियाणा के भिवानी का, जबकि राहुल पानीपत का रहने वाला है। पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद खुलासा करते हुए बताया कि दोनों विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा के इशारे पर चल रहे थे। पुलिस ने बताया कि रोहित गोदारा गोल्डी बराड़ और विरेंदर चरण के साथ काम करता है और इन तीनों ने ही मुनव्वर फारूकी को मारने का प्लान बनाया था। मुनव्वर को मारने के लिए गोल्डी ने साहिल और राहुल को जिम्मेदारी दी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उनकी इस खतरनाक योजना को पूरा नहीं होने दिया।

बाघ ने ली किसान की जान, दहशत के साए में बेतिया के गाँव, सुरक्षा बढ़ाई गई

बेतिया बेतिया से बड़ी खबर है, जहां मंगुराहा वन क्षेत्र के खेखरिया टोला गांव में बाघ के हमले में एक किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान 61 वर्षीय किशुन महतो के रूप में हुई है। वे बुधवार शाम अपने मवेशियों को खेत में चरा रहे थे। इसी दौरान पंडई नदी के पास अचानक बाघ ने उन पर हमला कर दिया और घसीटते हुए खेत की ओर ले गया। ग्रामीणों ने काफी खोजबीन की, लेकिन शव नहीं मिला। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। देर शाम वनकर्मियों ने शव को जंगल से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया। घटना के बाद गांव में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ रातभर रतजगा कर अपने गांव की सुरक्षा कर रहे हैं। मृतक की पत्नी श्रीदेवी ने बताया कि उनके पति रोज की तरह मवेशी लेकर खेत गए थे और घर लौटते समय बाघ ने हमला कर दिया। वन विभाग की टीम बाघ के पगमार्क (पदचिह्न) के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही है। विभाग ने आशंका जताई है कि बाघ इंसानी खून का स्वाद चख चुका है, जिससे आगे भी खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जंगल से बाघ बार-बार गांव की ओर भटक कर आ रहे हैं, और कभी इंसानों तो कभी मवेशियों को शिकार बना रहे हैं। वन विभाग ने लोगों को हिदायत दी है कि वे खेतों और जंगल के आसपास सतर्क रहें तथा अकेले या मवेशियों के साथ खेतों में न जाएं, खासकर गन्ने के खेतों में सावधानी बरतें।  

शुभमन गिल के साथ फिर हुआ ‘अशुभ’ खेल, रिकॉर्ड सूची में दर्ज होने की कगार पर

नई दिल्ली  शुभमन गिल के नाम में शुभ शब्द है, लेकिन भारत के नए टेस्ट कप्तान की किस्मत शायद रूठी हुई है। टॉस के मामले में उनके साथ अशुभ ही अशुभ हो रहा है। वे अब तक टेस्ट कप्तान के तौर पर एक भी मैच में टॉस नहीं जीत पाए हैं। हालांकि, अच्छी बात ये है कि वे दो टेस्ट इस दौरान जीते हैं, लेकिन टॉस एक बार भी नहीं जीते हैं। लगातार छठे टेस्ट मैच में उन्होंने टॉस गंवाया है। हालांकि, टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में ऐसा नहीं था, जब वे शॉर्ट फॉर्मेट में थोड़े समय के लिए कप्तान बने थे तो पांच में से 4 मैचों में टॉस उन्होंने जीता था।   दाएं हाथ के बल्लेबाज शुभमन गिल को इंग्लैंड के दौरे से पहले टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया था। उन्होंने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में कप्तानी की और लगातार पांच मैचों में टॉस हारे। हालांकि, उन 5 मैचों में से दो टेस्ट उन्होंने जीते और एक मैच ड्रॉ कराया और दो टेस्ट गंवाए। ऐसे में कहा जा रहा था कि घरेलू सरजमीं पर शुभमन गिल की किस्मत सिक्के के साथ बदल सकती है, लेकिन अहमदाबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ जब वे पहले टेस्ट मैच में टॉस के लिए उतरे तो फिर से मायूस नजर आए, क्योंकि वे लगातार छठा टॉस हार गई थी। सिक्के के साथ हो रही इस आंख-मिचौली के बीच भारतीय कप्तान के नाम अब शर्मनाक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज हो सकता है, क्योंकि वे तीसरे ऐसे कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने अपने पहले 6 टेस्ट मैचों में बतौर कप्तान टॉस गंवाया है। वे न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम की बराबरी कर चुके हैं, जबकि न्यूजीलैंड के ही बेवन कॉन्गडॉन ने 7 टेस्ट मैचों में टॉस गंवाया था, जो आज तक शर्मनाक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इसके करीब शुभमन गिल पहुंच गए हैं। अगले मैच में अगर वे टॉस हारे तो यह शर्मनाक विश्व रिकॉर्ड की बराबरी होगी।  

मुख्यमंत्री साय ने गांधी और शास्त्री की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग से देश की आज़ादी के आंदोलन को नई दिशा दी। गांधी जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि दृढ़ निष्ठा और सत्याग्रह के मार्ग से कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज भी गांधी जी के विचार समाज को एक बेहतर दिशा देने में उपयोगी हैं और हम सबको उनसे प्रेरणा मिलती है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी और सेवा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने जय जवान जय किसान का का नारा देकर जनता का मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शास्त्री जी की निष्ठा और ईमानदारी हमेशा नागरिकों को प्रेरित करती रहेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव  उपस्थित थे।

दशहरा 2025: रायपुर में छह लोकेशन्स पर रावण दहन, ड्रोन टेक्नोलॉजी से होगी सुरक्षा सुनिश्चित

रायपुर दशहरा और दुर्गा विसर्जन के मौके पर गुरुवार शाम को भारी भीड़ उमड़ेगी। शहर के छह से ज्यादा बड़े स्थलों पर रावण दहन और दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन होगा, जिस कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने शाम चार बजे से रात दो बजे तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने का निर्णय लिया है। वहीं प्रमुख स्थलों में ड्रोन के जरिए भी निगरानी रखी जाएगी। सबसे बड़ा आयोजन डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में शहर का सबसे बड़ा रावण दहन कार्यक्रम डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में होगा। यहां लगभग 20 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटने की संभावना है। इस आयोजन में राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इसी तरह भाठागांव से मठपारा चौक तक का इलाका भी मुख्य आयोजन स्थल रहेगा। पुलिस का अनुमान है कि इन दोनों स्थानों पर ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा रहेगा।   अन्य स्थानों पर भी भीड़ शंकर नगर चौक, रांवाभाठा बीरगांव, बीटीआइ मैदान शंकर नगर, सप्रे शाला मैदान, समता कालोनी और दलदल सिवनी में भी बड़े पैमाने पर रावण दहन का आयोजन होगा। सभी जगहों पर भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक दोनों के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। यातायात में इस प्रकार किया है बदलाव ट्रैफिक पुलिस ने इन मार्गों पर डायवर्जन की व्यवस्था की है। जिन सड़कों से आयोजन स्थल जुड़ते हैं, वहां शाम 4 बजे के बाद केवल कार्यक्रम से जुड़े वाहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। भारी वाहनों का प्रवेश आयोजन समाप्त होने के एक घंटे बाद तक प्रतिबंधित रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने की तैयारी पुलिस का कहना है कि ओवरब्रिज के नीचे हर साल लंबा जाम लगता है। इस बार भीड़ को देखते हुए रावण दहन समाप्त होने के बाद भी ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। भनपुरी से आने वाले वाहनों को श्रीनगर और गुढ़ियारी की ओर डायवर्ट किया जाएगा, जबकि शहर से भनपुरी जाने वाले वाहन ओवरब्रिज से होकर जाएंगे। शहर में आने वाली गाड़ियों की होगी जांच 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। आईटीएमएस कैमरों से लगातार निगरानी रखी जाएगी। शहर में आने वाली गाड़ियों की जांच होगी, संदेह होने पर गाड़ियों की डिक्की तक खोली जाएगी। तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट और रांग साइड चलने वाले चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। यह सख्ती रात दो बजे तक जारी रहेगी। महिला पुलिस-क्राइम ब्रांच की टीम भी अलर्ट शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिला पुलिस को सादी वर्दी में तैनात किया गया है। पाकेटमारों, लूट और चोरी की घटनाओं पर रोक के लिए विशेष स्क्वाड बनाया गया है। चाकू लेकर घूमने वालों और उपद्रवियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। क्राइम ब्रांच के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है।

नरेन्द्र मोदी की कलम से: 100 वर्षों में RSS का राष्ट्र निर्माण

  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आज विजयादशमी पर संगठन का शताब्दी समारोह मना रहा है। 100 वर्ष पूर्व विजयदशमी के महापर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। 1 अक्टूबर को दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भी शामिल हुए थे। इस अवसर पर  RSS से जुड़ा 100 रुपये का स्पेशल सिक्का और RSS के योगदान को दर्शाने वाला स्मारक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया। वहीं आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर पीएम नरेंद्र मोदी ने एक लेख लिखा है। तो चलिए पीएम की कलम से लिखे इस लेख को यहां पढते हैंः- प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना को 100 वर्ष पूरे हो गए हैं। संघ प्रारंभ से ही राष्ट्रभक्ति और सेवा का पर्याय रहा है। संघ के लिए देश की प्राथमिकता ही उसकी अपनी प्राथमिकता रही। अपनी 100 वर्षों की इस यात्रा में संघ ने समाज के अलग-अलग वर्गों में आत्मबोध जगाया. संघ ने हमेशा राष्ट्र निर्माण का मार्ग चुना। पीएम मोदी ने आगे लिखा कि- ये हजारों वर्षों से चली आ रही उस परंपरा का पुनर्स्थापन था, जिसमें राष्ट्र चेतना समय-समय पर उस युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए,नए-नए अवतारों में प्रकट होती है। इस युग में संघ उसी अनादि राष्ट्र चेतना का पुण्य अवतार है। ये हमारी पीढ़ी के स्वयंसेवकों का सौभाग्य है कि हमें संघ के शताब्दी वर्ष जैसा महान अवसर देखने मिल रहा है। मैं इस अवसर पर राष्ट्रसेवा के संकल्प को समर्पित कोटि-कोटि स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं देता हूं। मैं संघ के संस्थापक, हम सभी के आदर्श… परम पूज्य डॉक्टर हेडगेवार जी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। संघ की 100 वर्षों की इस गौरवमयी यात्रा की स्मृति में भारत सरकार ने विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के भी जारी किए हैं। जिस तरह विशाल नदियों के किनारे मानव सभ्यताएं पनपती हैं, उसी तरह संघ के किनारे भी सैकड़ों जीवन पुष्पित-पल्लवित हुए हैं. जैसे एक नदी जिन रास्तों से बहती हैं, उन क्षेत्रों को अपने जल से समृद्ध करती हैं, वैसे ही संघ ने इस देश के हर क्षेत्र, समाज के हर आयाम को स्पर्श किया है। जिस तरह एक नदी कई धाराओं में खुद को प्रकट करती है, संघ की यात्रा भी ऐसी ही है। संघ के अलग-अलग संगठन भी जीवन के हर पक्ष से जुड़कर राष्ट्र की सेवा करते हैं। शिक्षा, कृषि, समाज कल्याण, आदिवासी कल्याण, महिला सशक्तिकरण, समाज जीवन के ऐसे कई क्षेत्रों में संघ निरंतर कार्य करता रहा है। विविध क्षेत्र में काम करने वाले हर संगठन का उद्देश्य एक ही है, भाव एक ही है… राष्ट्र प्रथम। संघ की शाखाएं… व्यक्ति निर्माण की यज्ञवेदी अपने गठन के बाद से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्र निर्माण का विराट उद्देश्य लेकर चला। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संघ ने व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण रास्ता चुना और इस चलने के लिए जो कार्यपद्धति चुनी, वो थी नित्य-नियमित चलने वाली शाखाएं। संघ शाखा का मैदान, एक ऐसी प्रेरणा भूमि है, जहां से स्वयंसेवक की अहम् से वयं की यात्रा शुरू होती है। संघ की शाखाएं… व्यक्ति निर्माण की यज्ञवेदी हैं। आजादी के बाद संघ को कुचलने का प्रयास किया गया राष्ट्र निर्माण का महान उद्देश्य, व्यक्ति निर्माण का स्पष्ट पथ और शाखा जैसी सरल, जीवंत कार्यपद्धति… यही संघ की 100 वर्षों की यात्रा का आधार बने। इन्हीं स्तंभों पर खड़े होकर संघ ने लाखों स्वयंसेवकों को गढ़ा, जो विभिन्न क्षेत्रों में देश को आगे बढ़ा रहे हैं। संघ जब से अस्तित्व में आया, संघ के लिए देश की प्राथमिकता ही उसकी अपनी प्राथमिकता रही। आज़ादी की लड़ाई के समय परम पूज्य डॉक्टर हेडगेवार जी समेत अनेक कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया। डॉक्टर साहब कई बार जेल तक गए। आजादी की लड़ाई में कितने ही स्वतंत्रता सेनानियों को संघ संरक्षण देता रहा। उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करता रहा। आजादी के बाद भी संघ निरंतर राष्ट्र साधना में लगा रहा. इस यात्रा में संघ के खिलाफ साजिशें भी हुईं, संघ को कुचलने का प्रयास भी हुआ। ऋषितुल्य परम पूज्य गुरु जी को झूठे केस में फंसाया गया, लेकिन संघ के स्वयंसेवकों ने कभी कटुता को स्थान नहीं दिया, क्योंकि वो जानते हैं, हम समाज से अलग नहीं हैं, समाज हमसे ही तो बना है। समाज के साथ एकात्मता और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति आस्था ने संघ के स्वयंसेवकों को हर संकट में स्थित प्रज्ञ रखा है… समाज के प्रति संवेदनशील बनाए रखा है। खुद कष्ट उठाकर दूसरों के दुख हरना… ये हर स्वयंसेवक की पहचान प्रधानमंत्री ने आगे लिखा है कि- प्रारंभ से संघ राष्ट्रभक्ति और सेवा का पर्याय रहा है। जब विभाजन की पीड़ा ने लाखों परिवारों को बेघर कर दिया, तब स्वयंसेवकों ने शरणार्थियों की सेवा की। हर आपदा में संघ के स्वयंसेवक अपने सीमित संसाधनों के साथ सबसे आगे खड़े रहते रहे। यह केवल राहत नहीं थी, यह राष्ट्र की आत्मा को संबल देने का कार्य था। खुद कष्ट उठाकर दूसरों के दुख हरना… ये हर स्वयंसेवक की पहचान है। आज भी प्राकृतिक आपदा में हर जगह स्वयंसेवक सबसे पहले पहुंचने वालों में से एक रहते हैं। संघ दशकों से आदिवासी परंपराओं, आदिवासी रीति-रिवाजों को सहेज रहा अपनी 100 वर्षों की इस यात्रा में, संघ ने समाज के अलग-अलग वर्गों में आत्मबोध जगाया। स्वाभिमान जगाया। संघ देश के उन क्षेत्रों में भी कार्य करता रहा है, जो दुर्गम है. जहां पहुंचना सबसे कठिन है। संघ दशकों से आदिवासी परंपराओं, आदिवासी रीति-रिवाज, आदिवासी मूल्यों को सहेजने-संवारने में अपना सहयोग देता रहा है। अपना कर्तव्य निभा रहा है। आज सेवा भारती, विद्या भारती, एकल विद्यालय, वनवासी कल्याण आश्रम, आदिवासी समाज के सशक्तिकरण का स्तंभ बनकर उभरे हैं। संघ का एक ही मंत्र- न हिन्दू पतितो भवेत् समाज में सदियों से घर कर चुकी जो बीमारियां हैं, जो ऊंच-नीच की भावना है, जो कुप्रथाएं हैं, ये हिन्दू समाज की बहुत बड़ी चुनौती रही हैं। ये एक ऐसी गंभीर चिंता है, जिस पर संघ लगातार काम करता रहा है। डॉक्टर साहब से लेकर आज तक, संघ की हर महान विभूति ने, हर सर-संघचालक ने भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। परम पूज्य गुरु जी ने निरंतर “न हिन्दू … Read more

तेज बारिश से पंजाब का मौसम हुआ बदल, कौन-कौन से शहरों में मौसम रहेगा खराब

पंजाब  पंजाब में आज सुबह-सुबह मौसम ने करवट लेना शुरू कर दी है। कई इलाकों में तेज धुंध के बाद बारिश हुई, जिससे पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को थोड़ी राहत मिली है। वहीं, आज दशहरे का पर्व होने के कारण आयोजकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 से 4 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 4 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी असर सक्रिय होने वाला है, जिसके चलते 5 और 7 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, 6 अक्टूबर को अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने और सड़क पर निकलते समय विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।