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कर्पूरी ठाकुर की पोती समेत 51 उम्मीदवारों को मिला जनसुराज से टिकट

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़ी खबर सामने आ रही है। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें 51 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया है। प्रीति किन्नर को गोपालगंज जिले की भोरे से टिकट, भोजपुरी गायक रितेश पांडे को करगहर से टिकट मिली है। इनके अलावा दरभंगा सदर विधानसभा सीट से आर.के. मिश्रा, सहरसा शहर विधानसभा सीट से किशोर मुन्ना, छपरा शहर विधानसभा सीट से पूर्व एडीजी जेपी सिंह, इमामगंज विधानसभा सीट से अजीत राम, कुम्हार विधानसभा सीट से केसी सिन्हा, मांझी विधानसभा सीट से वाईवी गिरि को टिकट दिया गया है। जानिए किन्हें मिला टिकट- 1.    वाल्मीकि नगर – डॉ. द्रिग नारायण प्रसाद 2.    लौरिया – सुनील कुमार 3.    हरसिद्धि (एससी) – अवधेश राम 4.    ढाका – डॉ. लाल बाबू प्रसाद 5.    सुरसंड – उषा किरण 6.    रून्नीसैदपुर – विजय कुमार साह 7.    बेनीपट्टी – मोहम्मद परवेज आलम 8.    निर्मली – राम प्रवेश कुमार यादव 9.    सिक्ती – राघिब बब्लू 10.    कोचाधामन – अबू अफ्फान फारुक़ी 11.    अमौर – अफरोज आलम 12.    बैसी – मोहम्मद शाहनवाज आलम 13.    प्राणपुर – कुणाल निषाद उर्फ सोनू सिंह 14.    आलमनगर – सुभोध कुमार सुमन 15.    सहरसा – किशोर कुमार मुन्ना 16.    सिमरी बख्तियारपुर – सुरेंद्र यादव 17.    महिषी – शमीम अख्तर 18.    दरभंगा ग्रामीण – शोएब खान 19.    दरभंगा- आर. के. मिश्रा 20.    कोटी – बिल्लू साहनी 21.    मीनापुर – तेज नारायण साहनी 22.    मुजफ्फरपुर – डॉ. अमित कुमार दास 23.    गोपालगंज – डॉ. शशि शेखर सिन्हा 24.    भोरे (एससी) – प्रीति किन्नर 25.    रघुनाथपुर – राहुल कीर्ति सिन्हा 26.    दरौंधा – सत्येंद्र कुमार यादव 27.    मांझी – यदुवंश गिरी 28.    बनियापुर – श्रवण कुमार महतो 29.    छपरा – जय प्रकाश सिंह 30.    परसा – मुसाहब महतो 31.    सोनपुर – चंदन लाल मेहता 32.    कल्याणपुर (एससी) – राम बालक पासवान 33.    मोरवा – जागृति ठाकुर 34.    मठियानी – डॉ. अरुण कुमार 35.    बेगूसराय – सुरेंद्र कुमार साहनी 36.    खगड़िया – जयंती पटेल 37.    बेलदौर – गजेन्दर कुमार सिंह (निषाद) 38.    परबत्ता – विनय कुमार वरुण 39.    पीरपैंती (एससी) – घनश्याम दास 40.    बेलहर – ब्रज किशोर पंडित 41.    अस्थावां – लता सिंह 42.    बिहारशरीफ – दिनेश कुमार 43.    नालंदा – कुमारी पूनम सिन्हा 44.    कुम्हरार – के. सी. सिन्हा 45.    आरा – डॉ. विजय कुमार गुप्ता 46.    चेनारी (एससी) – नेहा कुमारी (नटराज) 47.    करगहर – रितेश रंजन (पांडेय) 48.    गोह – सीता राम दुखारी 49.    नबीनगर- अर्चना चंद्रा 50.    इमामगंज (एससी) – डॉ. अजीत कुमार 51.    बोध गया (एससी) – लक्ष्मण मांझी

शहीदों के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, 1 करोड़ का सहायता चेक सौंपा

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में पलामू जिला बल के शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम एवं संतन कुमार मेहता के परिजनों ने मुलाकात की। मौके पर मुख्यमंत्री सोरेन ने शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम एवं संतन कुमार मेहता के परिजनों को सम्मान राशि के रूप में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत निर्गत 1 करोड़ 10 लाख रुपए की वित्तीय सहायता राशि का चेक सौंपा। शहीद हुए दोनों आरक्षी जवानों के परिजनों के बैंक अकाउंट में 1 करोड़ 10 लाख – 1 करोड़ 10 लाख की सम्मान राशि क्रेडिट किए गए। मौके पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सोरेन ने शहीद जवान के परिजनों से सहानुभूति पूर्वक आत्मीयता के साथ बात-चीत की तथा उनकी पारिवारिक स्थिति की पूरी जानकारी ली। उन्होंने शहीद परिजनों के दर्द को बांटा। उन्होंने शहीद के परिजनों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि राज्य सरकार सदैव आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने दोनों शहीद आरक्षी जवान के मां, पिता, पत्नी, बच्चे, भाई सहित अन्य परिजनों से बात की तथा पीड़ित परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम एवं संतन कुमार मेहता ने राज्यवासियों की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनकी शहादत को नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शहीद परिवार की पीड़ा को गहराई से समझती है। झारखंड हमेशा अपने शहीदों का ऋणी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों के बेहतर समन्वय और प्रयास से आपको आज यह सम्मान राशि दी जा रही है। इस सम्मान राशि का बेहतर उपयोग करते हुए आप अपने बच्चों को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का कार्य करें ताकि उनके बेहतर भविष्य का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।  

झारखंड: गिरिडीह में माओवादी जोड़े ने किया आत्मसमर्पण, दोनों पर दर्ज हैं कई मुकदमे

गिरिडीह झारखंड के गिरिडीह जिले में 2 माओवादियों ने मुख्यधारा में शामिल होने के लिए अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह आत्मसमर्पण पपरवाटांड स्थित नए पुलिस केंद्र में 'नयी दिशा-एक नयी पहल' पहल के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में हुआ। उनकी पहचान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) क्षेत्र समिति के सदस्य शिवलाल हेंब्रम उर्फ ​​शिव और दस्ते की सदस्य सरिता हांसदा उर्फ ​​उर्मिला के रूप में हुई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), बोकारो के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अमित कुमार सिंह ने बताया, "दोनों पति-पत्नी हैं। पारसनाथ क्षेत्र की कमान उनके हाथों में थी। उन्होंने अपने पुनर्वास के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 'नयी दिशा-एक नयी पहल' पहल के तहत आत्मसमर्पण किया।" कार्यक्रम के दौरान गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक बिमल कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि दोनों के खिलाफ जिले में 12 से अधिक मामले दर्ज हैं।  

सावधान! हरियाणा सरकार ने चार कंपनियों के कफ सिरप पर लगाया बैन, स्टॉक अब कब्जे में

चंडीगढ़ मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के बाद हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने चार कंपनियों की खांसी की दवा (कफ सिरप) की बिक्री पर रोक लगा दी है। साथ ही स्टॉक को जब्त करने के निर्देश दिए हैं। इनमें गुजरात की रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स कंपनी के ब्रोमहेक्सिन हाइड्रोक्लोराइड, टरब्यूटेलिन सल्फेट, गुआइफेनेसिन व मेन्थॉल सिरप (रेस्पिफ्रेश टीआर), शेप फार्मा कंपनी के एंब्रॉक्सोल एचसीएल, गुआइफेनेसिन, टरब्यूटेलिन सल्फेट और मेन्थॉल सिरप (रिलाइफ), तमिलनाडु की स्रेशन फार्मा कंपनी के कोल्ड्रिफ सिरप और जयपुर स्थित केसन्स फार्मा का डेक्सट्रोमेथॉर्फन सिरप शामिल हैं। पूरे प्रदेश में इन चारों कंपनियों की दवाओं के सैंपल भरकर लैब में भेजे जा रहे हैं। राज्य औषधि नियंत्रक ललित गोयल की ओर से सभी औषधि नियंत्रण अधिकारियों को इन चारों कंपनियों की दवाओं की कड़ी निगरानी, नमूने लेने और यदि दवाएं मिलती हैं तो शेष दवाओं के स्टॉक को तत्काल जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। रेडनेक्स फार्मास्युटिकल्स कंपनी और शेप फार्मा कंपनी की दवाओं में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (डीआईजी) की मात्रा स्वीकार्य सीमा से अधिक पाई गई है। यह एक जहरीला रसायन है जिससे विशेषकर बच्चों की किडनी फेल हो सकती। न्यूरो संबंधी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं और यहां तक मौत भी हो सकती है।

वोटर लिस्ट मामले में EC की मांग: ‘अगर मुस्लिमों के नाम कटे हैं तो ठोस डेटा पेश करें’

नई दिल्ली बिहार एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. याच‍िकाकर्ताओं की ओर से दावे क‍िए गए क‍ि एसआईआर में बहुत सारे मुस्‍ल‍िमों के नाम वोटर ल‍िस्‍ट से हटा द‍िए गए. इस पर चुनाव आयोग की ओर से जवाब द‍िया गया है. आयोग ने कहा क‍ि वे कह रहे हैं कि बहुत सारे मुस्लिमों के नाम हटाए गए हैं लेकिन जब आपके पास डेटा ही नहीं है, तो आपको कैसे पता? आप डेटा तो दीजिए. ज‍िस मह‍िला का नाम हटाने की बात आप कह रहे हैं, वो तो वोटर ल‍िस्‍ट में दर्ज है. एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में इस वक्‍त जोरदार बहस .  या‍च‍िकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, प्रशांत भूषण और वृंदा ग्रोवर समेत कई वकील पेश हुए. जबक‍ि चुनाव आयोग की ओर से सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने दलील रखी. द्व‍िवेदी ने कहा, एडीआर समेत अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से हलफनामे में किए गए वोट काटे जाने के आरोप पूरी तरह से गलत हैं. गलत कहानी गढ़ी जा रही है. जिस महिला का नाम काटने का दावा किया जा रहा है. उसका मसौदा सूची और अंतिम सूची में भी नाम है. ECI के तरफ से कोर्ट को बताया गया कि गलत कहानी गढ़ी गई है कि यह व्यक्ति ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में था और बाद में उसका नाम हटा दिया गया. ECI के वकील ने कहा कि अदालत में एक व्यक्ति द्वारा दायर किया गया हलफनामा, जिसमें दावा किया गया है कि उसका नाम ड्राफ्ट रोल के बाद हटाया गया, ये गलत है. ECI ने कहा कि उस व्यक्ति द्वारा दिया गया बूथ नंबर ही गलत है, जिससे साबित होता है कि उसका दावा झूठा है. वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि एक तर्क यह था कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में बड़ी संख्या में लोगों के नाम थे, लेकिन अचानक उनके नाम सूची से गायब हो गए. मुझे अब तक तीन हलफनामे मिले हैं. हमने इसकी जांच की है. यह हलफनामा पूरी तरह से झूठा है. कृपया पैरा एक देखें कि उन्होंने कहा है कि मैं बिहार का निवासी हूं और ड्राफ्ट मतदाता सूची में था. वह वहां नहीं थे. हकीकत ये है उन्होंने मतदाता गणना फॉर्म जमा नहीं किया था. यह झूठ है. फिर उन्होंने मतदाता पहचान पत्र संख्या दी, दिया गया मतदान केंद्र 52 है, लेकिन वास्तविक संख्या 653 है. लेकिन वह नाम भी एक महिला का है, उनका नहीं. वह ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं थे. उन्‍होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं का यह दावा कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब हो गए थे, गलत है, क्योंकि संबंधित व्यक्ति ने नामांकन फॉर्म नहीं भरा था. द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्ति वोटर लिस्ट के पार्ट 63 में था, न कि पार्ट 52 में, और यह सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता ने पुरानी जनवरी की लिस्ट का उल्लेख किया है. राकेश द्विवेदी ने दो मिनट का समय मांगा और फिर याचिकाकर्ताओं के आरोपों को चुनौती देते हुए आगे अपनी बात रखी. ECI का पक्ष:— “वे कह रहे हैं कि बहुत सारे मुस्लिमों के नाम हटाए गए हैं — लेकिन जब आपके पास डेटा ही नहीं है, तो आपको कैसे पता?” “मैं इस अदालत से आदेश चाहता हूं कि जिन लोगों को अपना नाम जोड़वाना है, वे अगले 5 दिनों में आवेदन करें, क्योंकि उसके बाद दरवाजे बंद हो जाएंगे.” “यह हलफनामा 6 तारीख का है — अगर उसे अपना नाम शामिल करवाना था, तो उसे आवेदन करना चाहिए था.” अदालत ने कहा:— “पहले सही जानकारी दी जानी चाहिए — गलत जानकारी हमें भी स्वीकार्य नहीं है.” ECI ने आगे कहा:— “यह किसी व्यक्ति का मुद्दा नहीं है, ADR ने यह दस्तावेज अदालत में रखे हैं. संगठन को अदालत में कुछ भी पेश करने से पहले उसकी सच्चाई सुनिश्चित करनी चाहिए.” अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा:—“आपको ज़िम्मेदारी लेनी होगी.” वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा:– “अदालत लीगल सर्विस अथॉरिटी को निर्देश दे सकती है कि जाकर जांच करे कि क्या उस व्यक्ति ने वास्तव में हलफनामा दाखिल किया है.” अदालत ने कहा: “लेकिन दी गई जानकारी गलत है.” प्रशांत भूषण ने जवाब दिया:—“वे ऐसा कह रहे हैं, अदालत लीगल सर्विस अथॉरिटी से जांच करवा सकती है.” अदालत ने टिप्पणी की:— “हम इस दस्तावेज़ की प्रामाणिकता अभी कैसे जानें? हम जांच एजेंसी नहीं हैं! वे दिखा रहे हैं कि तथ्य गलत हैं.” वकील प्रशांत भूषण ने कहा: “वे केवल एक दावा कर रहे हैं, ये तथ्य नहीं हैं.” अदालत ने कहा: “देखना यह है कि क्या उस व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट रोल में था या नहीं — अगर नहीं था तो आप ऐसा हलफनामा कैसे दे सकते हैं?” जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि —आपसे संपर्क करने वाले सभी लोग लीगल सर्विस अथॉरिटी से संपर्क क्यों नहीं कर सकते? मुफ़्त कानूनी सलाह भी दी जा सकती है. वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि— वे कहते हैं कि या तो हमारा नाम ड्राफ्ट रोल से हटा दिया गया था, फिर फॉर्म 6 भरा और फिर भी नाम फाइनल रोल में नहीं था और दूसरे कहते हैं कि उनके नाम हटा दिए गए हैं और उन्हें कभी नोटिस ही नहीं मिला. अदालत की बड़ी महत्वपूर्ण टिप्पणी:– “अगर आप (याचिकाकर्ता) अदालत के सामने यह कहते कि आपकी अपील पर अब तक फैसला नहीं हुआ है, तो हम आपके साथ होते — लेकिन मामला ऐसा नहीं है.” प्रशांत भूषण ने कहा कि— आइए हम चुनाव आयोग द्वारा अपनाए गए दिशानिर्देशों को देखें. इसमें बिल्कुल भी पारदर्शिता नहीं है. उनके पास सब कुछ कंप्यूटराइज्ड रूप में है. लेकिन अभी भी इस बारे में कोई डेटा नहीं है कि ड्राफ्ट सूची से किसे बाहर रखा गया है और इसलिए हम हर चीज़ की जाँच और पता लगाने में सैकड़ों घंटे लगा रहे हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि पहले भूषण हलफनामा दाखिल करें फिर अदालत हमारा पक्ष सुने. एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कहा कि— धारा 23(3) के अनुसार, 17 अक्टूबर को, यानी आज से 9 दिन बाद रोल फ्रीज हो जाएँगे. मुझे यह क्यों बताना चाहिए कि मैं कब तक अपील दायर कर सकती हूँ. जस्टिस बागची ने कहा कि— अपील सिर्फ़ यह कहकर की जा सकती है कि मेरा नाम हटा दिया गया है और कोई आधार नहीं … Read more

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने ली जान: गुमला में नदी में गिरने से 30 वर्षीय युवक की डूबकर मौत

गुमला झारखंड के गुमला जिले में गुमला-छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीते बुधवार सुबह एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सीलम नदी में गिर गई। इस हादसे में लोहरदगा थाना क्षेत्र के तिगरा गांव निवासी 30 वर्षीय जुनैद अंसारी की डूबने से मौत हो गई। गुमला: झारखंड के गुमला जिले में गुमला-छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीते बुधवार सुबह एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सीलम नदी में गिर गई। इस हादसे में लोहरदगा थाना क्षेत्र के तिगरा गांव निवासी 30 वर्षीय जुनैद अंसारी की डूबने से मौत हो गई। हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पानी में तैरता देखकर उसे सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्कॉर्पियो में मृतक जुनैद अंसारी के साथ चालक अब्दुल रशीद और शमशाद आलम भी सवार थे। दोनों हादसे से सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। अब्दुल रशीद ने बताया कि स्कॉर्पियो के सीलम नदी के पास पुल के निकट एक सामने से आ रहे ट्रक को बचाने की कोशिश करते हुए अचानक कार पर नियंत्रण खो गया और वाहन पुल से नीचे नदी में जा गिरा। दुर्घटना के समय तीनों छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के टीन टांगर गांव से वापस लौट रहे थे। हादसे के बाद अब्दुल रशीद ने फुर्ती से ड्राइविंग सीट की खुली खिड़की से बाहर निकलकर खुद को बचाया और शमशाद आलम को भी बाहर निकाला। उन्होंने तब तक जलेब जुनैद को खोजने की कोशिश की, लेकिन वह गाड़ी के पीछे फंसा हुआ था और नजर नहीं आया। पुलिस को सूचना देने के बाद रायडीह थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नदी में तैरते हुए शव को देखा। जुनैद अंसारी विवाहित थे और उनके तीन छोटे बच्चे हैं। हादसे की खबर मिलते ही उनका परिवार अस्पताल पहुंच गया। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।  

इन 5 वास्तु उपायों से करवाचौथ पर बढ़ाएं वैवाहिक सुख और जीवनसाथी से नज़दीकियां

करवा चौथ का पावन पर्व पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और अटूट बंधन का प्रतीक है। इस दिन व्रत और पूजा के साथ-साथ, वास्तु शास्त्र के कुछ सरल उपाय आपके दांपत्य जीवन में नई मिठास और खुशहाली ला सकते हैं। वास्तु के अनुसार, घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने से रिश्ते मजबूत होते हैं और मनमुटाव दूर होता है। आइए, जानते हैं करवाचौथ से पहले करने लायक 5 ख़ास वास्तु टिप्स जो आपके वैवाहिक जीवन में प्रेम और नज़दीकियों को बढ़ा सकते हैं: शयनकक्ष की सही दिशा और व्यवस्था पति-पत्नी का कमरा, जहां वे सबसे अधिक समय एक-दूसरे के साथ बिताते हैं, वास्तु के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण होता है। नवविवाहित जोड़ों के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा या दक्षिण-पश्चिम दिशा में शयनकक्ष होना उत्तम माना जाता है। दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थिरता और संबंध को मजबूत करती है। बिस्तर को हमेशा कमरे की दक्षिण या पश्चिम की दीवार से सटाकर रखना चाहिए। बिस्तर को कमरे के बिल्कुल बीच में रखने से बचें क्योंकि इससे रिश्ते में अस्थिरता आ सकती है। दक्षिण-पश्चिम में लगाएं प्रेम भरी तस्वीर दक्षिण-पश्चिम दिशा को वास्तु में रिश्ते और स्थिरता का क्षेत्र माना जाता है। इस दिशा को सक्रिय करने से पति-पत्नी के बीच भावनात्मक मजबूती आती है।अपने बेडरूम या घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में अपनी और अपने जीवनसाथी की एक सुंदर, मुस्कुराती हुई और प्रेमपूर्ण तस्वीर लगाएं। यदि आप धार्मिक तस्वीर लगाना चाहते हैं, तो राधा-कृष्ण की ऐसी पेंटिंग या तस्वीर लगा सकते हैं जिसमें वे एक-दूसरे को प्रेमभाव से देख रहे हों। यह तस्वीर रिश्ते में आ रहे तनाव को समाप्त कर सकती है और प्यार बढ़ाती है। रंगों का सही प्रयोग रंग हमारे मन और रिश्तों पर गहरा प्रभाव डालते हैं। करवा चौथ से पहले अपने घर और बेडरूम में सही रंगों को शामिल करें।बेडरूम में गुलाबी और लाल  रंगों का प्रयोग करें। गुलाबी रंग प्यार और स्नेह का प्रतीक है जबकि लाल रंग जुनून और ऊर्जा को दर्शाता है। आप इन रंगों को चादर, पर्दे या छोटे डेकोरेटिव आइटम्स के माध्यम से ला सकते हैं। कमरे में गहरे, उदास या काले-भूरे रंगों का अधिक प्रयोग करने से बचें क्योंकि ये रिश्ते में भारीपन और तनाव पैदा कर सकते हैं। हल्के और खुशनुमा रंगों का चुनाव करें जो सकारात्मकता और शांति को बढ़ावा दें। नमक का सरल उपाय नमक में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है। इस उपाय को करने से आपके रिश्ते में आ रही दूरियां और नकारात्मकता समाप्त हो सकती है।  एक छोटी कटोरी में थोड़ा समुद्री नमक लें और इसे अपने बेड के नीचे या किसी ऐसी जगह पर रख दें जहां किसी की नजर न पड़े।

सरकार ने जारी किया अलर्ट: पेंशनधारक तुरंत करें ये जरूरी प्रक्रिया, नहीं तो रुक जाएगी रकम!

लुधियाना  एम्प्लाइज प्रोविडैंट फण्ड आर्गेनाईजेशन (ई.पी.एफ.ओ.) लुधियाना रीजनल कार्यालय के अधिकारियों ने अपील करते हुए कहा कि पैंशन धारकों को प्रतिवर्ष अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करवाना अनिवार्य होता है। उन्होंने बताया कि जीवन प्रमाण पत्र जमा न करवाने की दशा में पैंशनर की पैंशन स्वतः ही बंद हो जाती है। इसके साथ ही, उन्होंने ये भी बताया कि पैंशनर की मृत्यु के उपरांत भी परिवार वाले उसकी सूचना ई. पी. एफ. ओ. के संबंधित कार्यालय को समय पर नहीं देते हैं। जिसके कारण विधवाओं व विधुरों को पैंशन प्राप्ति में कठिनाई उत्पन्न और विलंब होती है। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि पैंशनर अब अपना जीवन प्रमाण पत्र घर बैठे मोबाइल पर आधार फेस रिकॉग्निशन टैक्नोलॉजी के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अपलोड कर सकते हैं। जिसके लिए पैंशनर को आधार फेस आर.डी एप्प गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड एवं जीवन प्रमाण जी.ओ.वी.इन से जीवन प्रमाण फ़ेस एप्लिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं। जीवन प्रमाण पत्र अब वर्ष में कभी भी जमा करवाया जा सकता है, जो कि जमा करवाने के बाद एक वर्ष तक मान्य रहता है। अधिकारियों ने सभी पैंशन धारकों से अपील करते हुए कहा कि जिन्होंने अभी तक अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं करवाया है, वह तुरंत जमा करवायें साथ ही पैंशनर के परिवार से भी ये अपील की जाती है कि अगर पैंशनर की मृत्यु हो चुकी है तो इसकी सूचना तत्काल ई. पी. एफ. ओ. के संबंधित कार्यालय को दें। पैंशन धारक कार्यालय में जीवन प्रमाण पत्र पंजीकरण कार्य हेतु प्रतिदिन कार्य समय के दौरान आ सकते हैं।  

CM मोहन यादव का संवेदनशील कदम: कफ सिरप कांड में बीमार बच्चों का हाल जानने पहुंचे नागपुर

भोपाल/ छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत का आंकड़ा अब 21 तक पहुंच गया है. नागपुर के अस्पताल में भर्ती पांच वर्ष के एक और बच्चे मयंक सूर्यवंशी ने दम तोड़ दिया है. इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरुवार को नागपुर पहुंचे. वे यहां अस्पताल में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य का हाल जानने के साथ उनके परिजनो से भी मुलाकात करेंगे. अस्पताल में भर्ती बच्चों का हेल्थ अपडेट लेंगे सीएम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नागपुर में एम्स, न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर (जीएमसी) में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे. साथ ही उनके परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से बात करेंगे. वर्तमान में छिंदवाड़ा के चार बच्चों का इलाज नागपुर में चल रहा है इनमें से दो बच्चे एम्स नागपुर में, एक न्यू हेल्थ सिटी हॉस्पिटल और एक गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नागपुर में भर्ती है. इसके पहले सीएम डॉ. यादव ने हाल ही में छिंदवाड़ा में भी परिवारों से मुलाकात की थी. इस मौके पर सीएम ने पीड़ित परिवारों से कहा था कि यह सिर्फ आपकी नहीं, मेरी और हम सबकी पीड़ा है. आपके बच्चों का दुख मेरा भी है. वेदना की इस घड़ी में मैं और पूरी सरकार आपके साथ है. उन्होंने कहा कि सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. घटना से पीड़ित परिजन को सभी प्रकार की शासकीय मदद तत्परता से मुहैया कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को सांत्वना देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसका ध्यान रखा जाए कि ऐसी दुर्घटनाएं फिर न हों. उच्चस्तरीय जांच जारी बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने दोषियों को न बख्शने की बात कही है. पीड़ित बच्चों का इलाज ठीक तरीके से हो, इसके लिए प्रशासनिक टीम भी तैनात कर दी गई है. सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों- उप-औषधि नियंत्रक-नियंत्रण प्राधिकारी औषधि प्रशासन भोपाल शोभित कोष्टा, औषधि निरीक्षक जबलपुर शरद जैन और औषधि निरीक्षक छिंदवाड़ा गौरव शर्मा को निलंबित कर दिया है. फूड एंड ड्रग कंट्रोलर का ट्रांसफर कर दिया गया है. तमिलनाडू से कंपनी का मालिक गिरफ्तार मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए चेन्नई से कफ सिरप निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार कर लिया है. इस कफ सिरप में 48 फीसदी डायएथिलीन ग्लाईकॉल मिला था. इसी जहरीले रसायन की वजह से बच्चों की किडनी खराब हुई और 21 बच्चे काल के गाल में समा गए.  

CJI गवई की प्रतिक्रिया सामने आई, सुप्रीम कोर्ट में जूताकांड ने मचाई हलचल

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट में वकील राकेश किशोर ने सीजेआई बीआर गवई पर जूता उछाला, जिसके बाद हंगामा मच गया। अब इस मामले में सीजेआई गवई ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने ‘जूताकांड’ पर कहा है कि जो भी हुआ, उससे मैं बहुत स्तब्ध हूं। सीजेआई बीआर गवई ने जूते से हुए हमले पर कहा, ''सोमवार को जो हुआ, उससे मैं और मेरे विद्वान साथी बहुत स्तब्ध हैं, हमारे लिए यह एक भुला दिया गया अध्याय है।'' बेंच में शामिल जस्टिस उज्जल भुइयां ने भी इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "इस पर मेरे अपने विचार हैं। वह भारत के मुख्य न्यायाधीश हैं, यह मजाक की बात नहीं है। यह संस्था का अपमान है।" इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने अदालत कक्ष के भीतर भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बी आर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर को ‘गंभीर कदाचार’ का दोषी मानते हुए उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी। एक चौंकाने वाली घटना में किशोर (71) ने प्रधान न्यायाधीश की ओर जूता फेंकने का प्रयास किया और उन्हें चिल्लाकर यह कहते हुए सुना गया कि ‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे।’ पुलिस सूत्रों के अनुसार वह वकील पिछले महीने खजुराहो में विष्णु प्रतिमा को पुनर्स्थापित करने से संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान की गईं सीजेआई की टिप्पणी से नाराज था। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कुमार का बार लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एससीबीए ने कहा कि किशोर का ‘‘निंदनीय, अव्यवस्थित और असंयमित व्यवहार न्यायिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला’’ और ‘‘पेशेवर नैतिकता, शिष्टाचार और सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा का गंभीर उल्लंघन’’ है। उसने कहा, ‘‘कार्यकारी समिति का मानना ​​है कि उक्त आचरण न्यायिक स्वतंत्रता, अदालती कार्यवाही की पवित्रता और बार तथा बेंच के बीच आपसी सम्मान और विश्वास के दीर्घकालिक संबंध पर सीधा हमला है।’’ सीजेआई को निशाना बनाते हुए की गई पोस्ट पर एफआईआर सीजेआई को निशाना बनाने वाली आपत्तिजनक और अवैध सोशल मीडिया सामग्री पर सख्ती करते हुए, पंजाब पुलिस ने बुधवार को राज्य के विभिन्न जिलों में मिली अनेक शिकायतों के आधार पर 100 से अधिक सोशल मीडिया खातों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की हैं। पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि सीजेआई को निशाना बनाने से जुड़ीं सोशल मीडिया पोस्ट की जांच करने के बाद कानून के तहत प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।