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आज का राशिफल (11 अक्टूबर 2025): मेष से मीन तक कौन सी राशि रहेगी भाग्यशाली?

मेष राशि- आज का दिन आत्मविश्वास और जोश से भरपूर रहेगा। आप जिस काम को सोचेंगे, उसमें पूरी लगन से जुटेंगे और अच्छे परिणाम भी मिलेंगे। कार्यस्थल पर किसी नई जिम्मेदारी की संभावना है, जो आगे चलकर प्रमोशन का रास्ता खोल सकती है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों से बचना चाहिए। परिवार में कोई शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम संबंधों में नयापन और गहराई दोनों महसूस होगी। मन के भीतर जोश रहेगा, पर कभी-कभी भावनाओं पर काबू रखना जरूरी होगा। वृषभ राशि- आज दिन थोड़ा संतुलन मांगता है। कई काम एक साथ आएंगे, जिससे थोड़ी भागदौड़ रहेगी, लेकिन आप अपनी सूझ-बूझ से सब संभाल लेंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए वरिष्ठों की प्रशंसा मिलने के संकेत हैं। व्यापारियों को किसी पुराने ग्राहक से लाभ हो सकता है। परिवार में कुछ छोटी बातों को लेकर तनाव बन सकता है, पर संवाद से सब ठीक हो जाएगा। प्रेम जीवन में स्थिरता और सुकून रहेगा। सेहत सामान्य है, बस आराम कम न करें। मिथुन राशि- आज का दिन आपके लिए मौके लेकर आएगा। आपकी वाणी और सोच दोनों असरदार रहेंगी। जो बोलेंगे, उसका प्रभाव सीधा लोगों के दिल तक जाएगा। काम में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और किसी बड़ी डील या प्रोजेक्ट का आरंभ होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार संभव है। मित्रों और परिवार से सहयोग मिलेगा। यदि आप किसी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो आपकी प्रतिभा सबके सामने निखरेगी। प्रेम जीवन में उत्साह रहेगा, पर छोटी-छोटी बातों पर नाराज न हों। कर्क राशि- आज भावनाएं गहरी होंगी और दिल की बात कहने का मन करेगा।आप जिन लोगों से जुड़ते हैं, वहाँ अपनापन और संवेदनशीलता बढ़ेगी। करियर में कोई नया अवसर सामने आएगा, पर जल्दबाजी में निर्णय न लें। घर के वातावरण में शांति और सामंजस्य रहेगा। परिवार का कोई सदस्य आपकी मदद करेगा। आर्थिक दृष्टि से दिन संतुलित रहेगा। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी, पर पुराने मुद्दों को दोहराने से बचें। सिंह राशि- दिन आपके लिए सफलता और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कामकाज में आपकी पकड़ मजबूत होगी और आपके नेतृत्व की सराहना की जाएगी। धन की स्थिति सुधर सकती है, और रुके हुए कार्य पूरे होंगे। घर-परिवार में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा। यदि किसी से मनमुटाव था, तो आज सुलह की संभावना है। प्रेम जीवन में आकर्षण और रोमांस बढ़ेगा। मानसिक रूप से आप बेहद मजबूत महसूस करेंगे। कन्या राशि- आज का दिन थोड़ा व्यस्त रहेगा, लेकिन आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। काम के बोझ के बावजूद आप सब कुछ व्यवस्थित रख पाएंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना जरूरी है, पर लाभ के संकेत भी हैं। परिवार में कुछ नया बदलाव संभव है, जो खुशी लाएगा। दोस्तों से मुलाकात या यात्रा का योग बन सकता है। प्रेम संबंधों में मिठास रहेगी, लेकिन अत्यधिक विश्लेषण से बचें। दिल की सुनना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। तुला राशि- आपका व्यक्तित्व आज आकर्षक रहेगा, और लोग आपकी बातों पर भरोसा करेंगे। कोई पुराना कार्य पूरा हो सकता है या रुका पैसा वापस मिलेगा। कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली सराही जाएगी। रिश्तों में समझदारी दिखाने की जरूरत होगी। एक छोटी सी बात भी बड़ा मुद्दा बन सकती है अगर उसे सही समय पर न सुलझाया जाए। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा और दिल के रिश्ते गहराएंगे। वृश्चिक राशि- आज का दिन रहस्यमय लेकिन फलदायी रहेगा। आप किसी महत्वपूर्ण निर्णय की ओर बढ़ सकते हैं, और आपकी अंतर्ज्ञान शक्ति बहुत तेज रहेगी। आर्थिक रूप से लाभ संभव है। खासकर अगर आप निवेश या कारोबार से जुड़े हैं। परिवार के साथ समय बिताना सुकून देगा। कुछ पुरानी यादें मन में आएंगी, लेकिन अब आप उन्हें समझदारी से देख पाएंगे। प्रेम जीवन में गहराई आएगी, कोई भावनात्मक बातचीत रिश्ता और मजबूत करेगी। धनु राशि- आज का दिन जोश, योजनाओं और उत्साह से भरा रहेगा। आप अपने विचारों से दूसरों को प्रेरित करेंगे। किसी यात्रा या प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए अच्छा समय है। आर्थिक रूप से सुधार के संकेत हैं। पारिवारिक वातावरण में सौहार्द रहेगा और बुजुर्गों का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में रोमांच और खुलापन रहेगा। एक नई शुरुआत की संभावना भी है। मकर राशि- दिन मेहनत और परिणामों से जुड़ा रहेगा। काम के क्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी, और लंबे समय से चल रही समस्या सुलझ सकती है। आर्थिक रूप से थोड़ा सुधार दिखेगा। परिवार में हंसी-खुशी रहेगी, और कोई पुरानी बात साफ हो सकती है। यदि कोई प्रेम संबंध है, तो उसमें नई दिशा मिलेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, पर खुद पर अत्यधिक दबाव न डालें। कुंभ राशि- आज नए विचारों का दिन है। आपका रचनात्मक दिमाग बेहतरीन काम करेगा। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात या बात होने की संभावना है। कामकाज में आपको सम्मान और सहयोग दोनों मिलेंगे। आर्थिक दृष्टि से सुधार संभव है। पारिवारिक जीवन में सहजता और सुकून रहेगा। प्रेम जीवन में एक नई ऊर्जा महसूस होगी। मीन राशि- आज आपकी कल्पना शक्ति और भावनात्मक गहराई शिखर पर रहेगी। किसी कलात्मक या रचनात्मक कार्य में मन लगेगा। धन की स्थिति संतुलित है, पर बचत पर ध्यान दें। परिवार के साथ समय बिताना मानसिक शांति देगा। प्रेम संबंधों में भावनात्मक जुड़ाव गहराएगा, कोई पुराना रिश्ता फिर से सक्रिय हो सकता है। मन थोड़ा संवेदनशील रहेगा, इसलिए खुद के लिए समय निकालें।

पूर्वांचल-बिहार के यात्रियों के लिए खुशखबरी, वाराणसी से शुरू हुई नई स्पेशल ट्रेन

वाराणसी रेल यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने वाराणसी जंक्शन से लोकमान्य तिलक (टी.) के बीच आरक्षित फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस बाबत शुक्रवार को लोकमान्य तिलक (टी.) – वाराणसी जं. स्‍पेशल ट्रेन की जानकारी रेलवे की ओर से एक्‍स हैंडल पर साझा की गई है। वाराणसी से चलने वाली इस स्पेशल ट्रेन का स्‍टापेज जौनपुर सिटी, सुल्तानपुर जंक्शन, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, उरई, वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी) बीना जंक्शन, रानी कमलापति, इटारसी जंक्शन, खंडवा, भुसावल जंक्शन, नासिक रोड, कल्याण जंक्शन और थाने रेलवे स्टेशन होंगे। यहां से यात्री सफर कर सकते हैं। 13 अक्‍टूबर से 17 नवंबर तक हर सोमवार को यह ट्रेन 1.35 बजे रवाना होगी। इसके अलावा ट्रेन हर मंगलवार को शाम 4.55 बजे लोकमान्य तिलक (टी.) से वाराणसी के ल‍ि‍ए रवाना होगी।  भारतीय रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए वाराणसी जंक्शन से लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच विशेष फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह निर्णय त्योहारों के मौसम में यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रेन विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए चलाई जाएगी जो त्योहारों के दौरान अपने घरों की ओर यात्रा करना चाहते हैं। इस विशेष ट्रेन का संचालन 13 अक्टूबर से शुरू होगा और यह 17 नवंबर तक होगा। ट्रेन का समय और मार्ग पहले से निर्धारित किया गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी। इस ट्रेन में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस विशेष ट्रेन के माध्यम से हम त्योहारों के दौरान यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस ट्रेन में आरक्षित सीटों की संख्या सीमित होगी, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सीटें पहले से बुक कर लें। इसके लिए रेलवे की वेबसाइट या मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है। विशेष ट्रेन का मार्ग वाराणसी जंक्शन से शुरू होकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस तक जाएगा। इस ट्रेन में वातानुकूलित श्रेणी की बोगियां होंगी, जिससे सभी वर्ग के यात्रियों को यात्रा करने का अवसर मिलेगा। रेलवे ने यह सुनिश्चित किया है कि ट्रेन की समयबद्धता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। त्योहारों के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह विशेष ट्रेन एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित होगी। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई अन्य विशेष ट्रेनें भी चलाने की योजना बनाई है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें। इस प्रकार की पहल से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि रेलवे को भी अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा। इस विशेष ट्रेन के संचालन से संबंधित सभी जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर लें। इसके अलावा, रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें और कोविड-19 से संबंधित दिशा-निर्देशों का ध्यान रखें। वाराणसी जंक्शन से लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच चलने वाली यह आरक्षित फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन यात्रियों के लिए एक सुखद और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करेगी। रेलवे की इस पहल से त्योहारों के मौसम में यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा।  

प्रॉपर्टी घोटालों पर लगाम: YEIDA को मिली 441 हेक्टेयर जमीन, 18 गांव होंगे नियंत्रण में

ग्रेटर नोएडा जेवर क्षेत्र में जमीन फर्जीवाड़े पर लगाम के लिए यीडा ने 3695 दाखिल खारिज यानी किसान से खरीदी गई जमीन को सरकारी दस्तावेजों में अपने नाम पर दर्ज कराया है। 18 गांवों की करीब 441 हेक्टेयर जमीन यीडा के नाम पर दर्ज की गई है। इससे जमीन पर बैंक से ऋण या किसी अन्य को बेचने के मामलों पर रोक लगेगी। यीडा नियोजित विकास के लिए किसानों से सहमति के आधार पर जमीन क्रय करता है या फिर जमीन अधिग्रहण कानून के तहत अधिग्रहण करना है। जमीन क्रय करने के बाद आमतौर पर सरकारी दस्तावेजों में जमीन यीडा के नाम दर्ज करने में लापरवाही बरती जाती है। इससे जमीन के फर्जीवाड़े को अंजाम देना आसान हो जाता है। यीडा के द्वारा खरीदी गई जमीन को दूसरे लोगों को बेच दिया जाता है। सरकारी दस्तावेज में यीडा का नाम दर्ज न होने के कारण क्रेता को जानकारी नहीं हो पाती है कि यह जमीन पहले ही यीडा खरीदकर भूमि स्वामी को मुआवजा दे चुका है। इसी तरह बैंक में जमीन को बंधक बनाकर ऋण लिया जाता है। यीडा जमीन पर भौतिक कब्जा लेकर जब उस पर परियोजना का काम शुरू करता है तब बैंक या क्रेता की और से आपत्ति दर्ज कराने पर फर्जीवाड़ा सामने आता है, लेकिन उस वक्त एफआईआर दर्ज कराने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होता। जमीन को लेकर होने वाले फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए यीडा ने अधिसूचित 18 गांवों में क्रय की गई करीब 441 हे. जमीन को अपने नाम दर्ज कराया है। यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि यह जमीन अभी तक 3695 भूमि स्वामियों के नाम पर दर्ज थी, उनके नाम हटाकर अब यीडा का नाम दर्ज हो गया है। इससे सरकारी दस्तावेज दिखाकर फर्जीवाड़ा करना संभव नहीं होगा। क्रय विक्रय में पारदर्शिता रहेगी।  

त्रिकोणीय मुकाबला शुरू: बिहार-यूपी सीमा की 19 सीटों पर मायावती की एंट्री से बढ़ी राजनीतिक हलचल

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेजी से बढ़नी शुरू हो गई है। इसके साथ ही राजनीतिक गलियारों में सीटों के समीकरण, हार-जीत, जिताऊ प्रत्याशी से लेकर बिहार की राजनीति में उत्तर प्रदेश के असर की चर्चा शुरू है। बिहार के कई विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जो उत्तर प्रदेश से सटे हैं, लिहाजा इन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की राजनीति का असर भी देखने को मिलता है। चंपारण, सिवान, रोहतास, बक्सर, गोपालगंज, और कैमूर जैसे क्षेत्र हैं जहां चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश की सियासी लहर का असर दिखता है। इन क्षेत्रों के करीब 19 विधानसभा क्षेत्र हैं जो यूपी से लगते हैं। इन इलाकों में साल 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में आठ सीटों पर एनडीए, जबकि 10 सीटों पर महागठबंधन ने जीत दर्ज की थी। एक सीट चैनपुर पर बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार जमा खान ने जीत दर्ज कराई थी। हालांकि, जीतने के बाद वह जदयू में शामिल हो गए। अब एक बार फिर यहां चुनाव की तैयारी है।   एक ओर एनडीए के उम्मीदवार यहां से ताल ठोकने की तैयारी में हैं तो दूसरी ओर महागठबंधन के उम्मीदवार भी मैदान मारने को करीब-करीब तैयार हैं। इन दो प्रमुख गठबंधनों की राजनीतिक लड़ाई में अब यूपी की पार्टी बसपा भी किस्मत आजमाने उत्तर रही है। बसपा प्रमुख मायावती ने बीते दिनों यह घोषणा कर दी है कि उनकी पार्टी बिहार में अकेले सभी सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेगी। उनकी पार्टी बिहार में किसी से गठबंधन नहीं करेगी। बसपा की इस घोषणा के बाद प्रदेश भाजपा भी उसकी काट की तैयारी में है। दूसरी ओर, महागठबंधन इस भरोसे में है कि बिहार की राजनीति में अन्य प्रदेश का प्रभाव बहुत असर नहीं डालने वाला। राजनीतिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बसपा को बिहार के अपने क्षेत्र में रोकने के लिए एनडीए ने सारा दारोमदार भाजपा के जिम्मे छोड़ा है। कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उपमुख्यमंत्री और बिहार चुनाव के सह प्रभारी केशव प्रसाद मौर्य और योगी कैबिनेट के मंत्री दारा सिंह चौहान को भी यहां उतार दिया गया है। दूसरी ओर बसपा ने अपने चिरपरिचित चेहरे आकाश आनंद को चुनावी रणनीति बनाने से लेकर जिताऊ उम्मीदवारों के चयन तक का जिम्मा सौंपा है। मायावती को लेकर भी चर्चा है कि वे बिहार में कुछ प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार को आ सकती हैं। कांग्रेस भी सीमावर्ती क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाने के लिए अपने कई राष्ट्रीय स्तर को मैदान में उतारेगी। दलों की इन तैयारियों को देखते हुए कहा जा सकता है बिहार-यूपी सीमा की सीटें तीन तरफा मुकाबले का अखाड़ा बन रही हैं। एनडीए अपनी सत्ता के भरोसे और संगठन के बूते मैदान में है तो महागठबंधन सामाजिक समीकरणों को संतुलित कर सत्ता की ओर बढ़ना चाहता है। वहीं, मायावती की बसपा तीसरे खिलाड़ी के रूप में अपने को स्थापित करने की कोशिश में जुटी है।  

मुफ्त बिजली योजना अपडेट: सूर्य घर के लिए स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं, कर्मचारियों ने शुरू किया इंस्टालेशन

अंबेडकरनगर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि योजना के प्रति जन जागरूकता के साथ बढ़ाई जाय, ताकि अधिक से अधिक पात्रों को लाभांवित किया जा सके। कहा कि प्रत्येक अधिकारी योजना की पात्रता एवं प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी रखे तथा प्रचार-प्रसार के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सोलर ऊर्जा के प्रति प्रेरित करें। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को मीटर रीडरों का प्रशिक्षण कराए जाने एवं ग्राम प्रधानों को योजना के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिया। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं है। जिलाधिकारी ने ग्राम्य विकास, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों के कर्मचारियों को अपने-अपने घरों पर सोलर पैनल स्थापित कर उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने पंजीकृत वेंडरों से जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली और पावर कारपोरेशन एवं बैंकर्स को वेंडरों तथा उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिया। कहा कि सभी विभाग परस्पर समन्वय स्थापित करते हुए योजना को प्रभावी ढंग से क्रियांवित करें। जागरूकता वाहन को डीएम ने किया रवाना जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक ने कलेक्ट्रेट परिसर से “प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना” के प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 15 दिनों तक जनपद में जनसामान्य को योजना के लाभ, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाएगा। योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने पर प्रति किलोवाट पांच यूनिट प्रतिदिन तक की मुफ्त बिजली प्राप्त होगी। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आएगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर आमदनी भी की जा सकेगी। सीडीओ आनंद कुमार शुक्ल, सीएमओ डॉ. संजय कुमार शैवाल, डीपीआरओ सर्वेश पांडेय, ईओ अकबरपुर बीना सिंह, एलडीएम कमलेश कुमार, पीओ नेडा आदि उपस्थित रहे।  

सपा बनाम कांग्रेस: यूपी एमएलसी चुनाव में सीधी भिड़ंत, अजय राय की लिस्ट से बढ़ा सियासी रोमांच

लखनऊ  यूपी एमएलसी चुनाव में सपा और कांग्रेस आमने-सामने मैदान आ गए हैं। समाजवादी पार्टी के बाद शुक्रवार को कांग्रेस ने भी स्नातक और शिक्षक स्नातक विधानपरिषद सीट के लिए पांच प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करते हुए यह भी कहा कि यूपी की सभी 11 सीटों पर कांग्रेस अपने प्रत्याशी उतारेगी। इससे पहले गुरुवार को सपा ने भी पांच सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान किया था। यूपी में फरवरी में एमएलसी चुनाव संभावित है। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। कांग्रेस ने मेरठ-सहारनपुर स्नातक विधानपरिषद सीट पर विक्रांत वशिष्ठ को टिकट दिया है। आगरा स्नातक विधानपरिषद सीट पर रघुराज सिंह पाल को उतारा है। इसी तरह लखनऊ स्नातक विधानपरिषद सीट पर डॉ0 देवमणि तिवारी को मौका दिया गया है। वाराणसी शिक्षक विधानपरिषद सीट पर संजय प्रियदर्शी और वाराणसी स्नातक विधानपरिषद सीट पर अरविंद सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाया गया है। अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं और शिक्षकों की आवाज को सदन में बुलंद करने के लिए आगामी विधानपरिषद चुनाव में सभी 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय लखनऊ में एक कनेक्ट सेंटर स्थापित कर दिया गया है। प्रत्येक जिले में एक कोऑर्डिनेटर कमेटी बनाई जाएगी जो कनेक्ट सेंटर से जुड़ी रहेगी। सभी फ्रंटल, संगठनों को इसमें लगाया गया है। विधि, शिक्षक एवं चिकित्सा प्रकोष्ठ को इस चुनाव के लिए विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। कहा कि भाजपा सरकार में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, नयी भर्तियां नहीं निकल रही हैं। परीक्षा हो रही तो पेपर लीक हो जा रहे हैं नतीजन बेरोजगार युवा रोजगार न मिलने से अवसाद से ग्रसित हो जा रहे हैं। शिक्षक इस वर्तमान सरकार में सबसे ज्यादा परेशान हैं। न तो वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय दिया गया और न ही सेवा सुरक्षा। एडेड कॉलेजों के शिक्षकों की सेवा सुरक्षा भी भाजपा सरकार ने समाप्त कर दी है। पुरानी पेंशन नहीं दी जा रही है। शिक्षकों के पद रिक्त हैं यह सरकार शिक्षा सेवा चयन आयोग बनाकर केवल मजाक कर रही है। प्राइमरी से लेकर डिग्री तक के शिक्षकों की भर्ती के लिए बनाया गया यह आयोग एक भी भर्ती न करा पा रहा है। इसी सरकार में बनाई गई चेयरमैन इस्तीफा दे रही हैं। 2021 में निकले विज्ञापनों की अभी तक परीक्षा नहीं हो पा रही है। 5 बार परीक्षा की तिथि घोषित करने के बाद परीक्षा टाल दी गई है।  

अंता उपचुनाव को लेकर वसुंधरा राजे से महत्वपूर्ण बैठक, जानें क्या हुआ फैसला

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच मुलाकात से सियासी हलचल पैदा हो गई। तीनों नेताओं के बीच अंता विधानसभा उपचुनाव को लेकर विचार-विमर्श हुआ, लेकिन इस मुलाकता और भी मायनों में देखा जा रहा है। अंता विधानसभा सीट वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह के लोकसभा क्षेत्र में आती है। हाड़ौती अंचल को हमेशा से राजे का राजनीतिक क्षेत्र माना जाता रहा है। ऐसे में इस चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा भी जुड़ी हुई है। यही वजह है कि भाजपा ने अभी तक अंता सीट से अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस चुनाव में राजे की राय को अहम मान रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ उनके आवास पर पहुंचे। अंता उपचुनाव में कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है, जबकि भाजपा में टिकट को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। वसुंधरा राजे कंवरलाल मीणा के परिवार को टिकट देना चाहती हैं, लेकिन पार्टी के भीतर इस पर एकराय नहीं है। कंवरलाल मीणा, जो मनोहरथाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और पहले विधायक भी रह चुके हैं, को स्थानीय नेता बाहरी मानते हैं। इसके अलावा कोर्ट से उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी आपराधिक छवि भी पार्टी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। जातिगत और राजनीतिक समीकरणों के अनुसार पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी इस सीट के लिए सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि, वसुंधरा राजे उनके नाम पर पूरी तरह सहमत नहीं हैं। कभी प्रभुलाल सैनी को राजे समर्थक नेताओं में शामिल किया जाता था, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद स्थितियां बदल गई हैं।

बड़ी सौगात! पंजाब में पोर्टल रीलॉन्च से आया ₹29,480 करोड़ का निवेश और 67,672 नौकरियों का अवसर

चंडीगढ़ पंजाब में निवेश की बयार इन दिनों कुछ ऐसी चल रही है कि हर तरफ विकास और रोज़गार की बातें हो रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के प्रयासों से राज्य में औद्योगिक माहौल पूरी तरह बदल गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक पंजाब में ₹29,480 करोड़ का निवेश आ चुका है, जिससे 67,672 नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान है। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि पंजाब अब निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। पिछले ढाई सालों में मान सरकार ने कुल मिलाकर ₹88,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश राज्य में लाया है, जो किसी भी सूरत में एक बड़ी उपलब्धि है। सरकारी प्रवक्ता ने दावा किया कि टाटा स्टील लिमिटेड ने ₹2,600 करोड़, सनातन पॉलीकॉट प्राइवेट लिमिटेड ने ₹1,600 करोड़, और अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों ने पंजाब में निवेश किया है। इसके अलावा इंफोसिस ने भी मोहाली में अपने ऑपरेशन को बढ़ाने के लिए करीब ₹300 करोड़ के निवेश की घोषणा की है, जिससे 2,500 सीधी नौकरियां और 210 अप्रत्यक्ष नौकरियां पंजाबियों को मिलेंगी। यह सब मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नीतियों और उद्योग-समर्थक माहौल का नतीजा है। सरकार ने शुरू से ही यह तय किया था कि पंजाब को उद्योगों के लिए सबसे आसान और पारदर्शी राज्य बनाना है, और इसी दिशा में लगातार काम किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि निवेश प्रोत्साहन पोर्टल को नए सिरे से लॉन्च करना मान सरकार का एक बेहद अहम फैसला साबित हुआ है। इस पोर्टल के रीलॉन्च के बाद प्रोजेक्ट आकर्षण में 167% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है। पहले निवेशकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, फाइलें एक विभाग से दूसरे विभाग में महीनों तक घूमती रहती थीं। लेकिन अब यह पोर्टल एक तरह से वन-स्टॉप सॉल्यूशन बन गया है, जहां निवेशक घर बैठे ऑनलाइन सभी ज़रूरी अनुमति और मंज़ूरी ले सकते हैं। इससे समय की बचत तो हुई ही है, साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ी है। अब कोई फाइल अटकती नहीं है, और निवेशकों को पता रहता है कि उनके प्रोजेक्ट की क्या स्थिति है। प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत सभी विभागों की मंज़ूरी एक ही जगह से मिल जाती है। इसके अलावा औद्योगिक भूमि बैंक भी बनाया गया है, ताकि निवेशकों को ज़मीन ढूंढने में परेशानी न हो। राज्य सरकार ने टैक्स में छूट, सब्सिडी, और आसान लाइसेंसिंग की व्यवस्था भी की है। खासकर छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) के लिए कई तरह की सुविधाएं दी गई है, जिससे वे भी बिना किसी रुकावट के अपना काम शुरू कर सके। यह सारे कदम मान सरकार की उस सोच को दर्शाते है, जिसमें लालफीताशाही को खत्म करके काम को तेज़ी से आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब ने सिर्फ ढाई साल में ₹86,541 करोड़ से ज़्यादा का निवेश आकर्षित किया है, जो राज्य की आर्थिक यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह निवेश अलग-अलग सेक्टर में फैला हुआ है – मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और सॉफ्टवेयर, कृषि-आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, और पर्यटन। यह विविधता यह सुनिश्चित करती है कि हर तरह के कौशल वाले युवाओं को रोज़गार मिले। शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों और गांवों में भी उद्योग लग रहे है, जिससे पलायन रुक रहा है और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ रहे है। मार्च 2022 से अब तक पंजाब को ₹1.14 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले है, जिससे 4.5 लाख से ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि पंजाब अब वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन गया है, और जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन जैसे देशों की कंपनियां यहां निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रही है। यह सब तभी संभव हुआ है जब सरकार ने ईमानदारी से काम किया है, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है, और निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि उनका पैसा सुरक्षित है और उन्हें सभी तरह की सुविधाएं मिलेंगी। पंजाब सरकार ने हाल ही में 24 सलाहकार पैनल भी बनाए है, जो अलग-अलग सेक्टर के विशेषज्ञों से मिलकर बने है। इन पैनलों का काम है उद्योगों को और ज़्यादा बढ़ावा देना, नई नीतियां बनाना, और निवेशकों की समस्याओं को तुरंत हल करना। इस तरह की पहल से यह साफ होता है कि सरकार सिर्फ घोषणाएं नहीं कर रही, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम भी कर रही है। उद्योगपतियों और व्यापारियों ने भी मान सरकार की तारीफ की है और कहा है कि पंजाब में अब काम करना बहुत आसान हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई बार यह कहा है कि पंजाब के युवाओं को रोज़गार देना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसीलिए हर निवेश प्रस्ताव को मंज़ूरी देते समय यह देखा जाता है कि उससे कितनी नौकरियां पैदा होंगी। वर्तमान वित्तीय वर्ष में आए ₹29,480 करोड़ के निवेश से 67,672 नौकरियां मिलने वाली है, जो पंजाब के हज़ारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है। यह नौकरियां सिर्फ एक शहर या एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में फैली हुई है। इससे हर ज़िले, हर तहसील के युवाओं को फायदा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पंजाब में निवेश की यही रफ्तार बनी रही, तो अगले दो-तीन साल में राज्य की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। पंजाब न सिर्फ रोज़गार के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि देश के औद्योगिक नक्शे पर भी एक अहम जगह बनाएगा। मान सरकार ने जो नींव रखी है, वह मज़बूत है। अब ज़रूरत सिर्फ इस बात की है कि इसी तरह से काम जारी रहे, नीतियां लागू होती रहें, और निवेशकों का भरोसा बना रहे। 

गरीब परिवारों का घर का सपना हुआ साकार, सीएम योगी ने गोरखपुर में दीपावली से पहले दिया खास तोहफा

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली से पहले गोरखपुर में गरीबों को अनमोल उपहार सौंपा। पाम पैराडाइज, देवरिया बाईपास स्थित हाई-राइज बिल्डिंग में 160 परिवारों को ईडब्ल्यूएस/एलआईजी फ्लैट्स की चाबियां भेंट कीं। इनमें 80 फ्लैट्स आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और 80 निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए हैं। साथ ही, गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 118 करोड़ रुपए की 50 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। कार्यक्रम में सीएम ने पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हर परिवार की एक तमन्ना होती है कि उसका अपना एक घर हो, सर ढकने को छत मिले। आज 160 परिवारों को यह दीपावली का शुभ उपहार मिल रहा है। कार्तिक मास के शुभ मुहूर्त में यह उपलब्धि और भी खास है।  उन्होंने कहा कि एक परिवार में औसतन 5-6 सदस्य होने पर करीब 700-800 लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। यह किसी भी व्यक्ति के लिए केवल आवास ही नहीं, बल्कि जीवन की महत्वपूर्ण घटना होती है। सीएम योगी ने कहा कि आवास वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ। जीडीए की हाउसिंग स्कीम में 40 विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता दी गई। शेष 120 परिवारों का चयन लॉटरी से हुआ। 9,000 से अधिक आवेदनों में से ये सौभाग्यशाली हैं। विकास प्राधिकरण को चाहिए कि बाकी जरूरतमंदों के लिए आवास प्रक्रिया तेज करे। ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स 35 वर्ग मीटर के हैं, जिनकी बाजार कीमत 13-15 लाख रुपये है, लेकिन सब्सिडी से मात्र 5.40 लाख रुपये में उपलब्ध हैं। एलआईजी फ्लैट्स 41 वर्ग मीटर के हैं, बाजार मूल्य 19-20 लाख के मुकाबले 10.80 लाख रुपये में। उन्होंने कहा कि जब सरकार और जनप्रतिनिधि ईमानदार होंगे तो गरीबों को अपना घर मिलने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकेशन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस आवास के पास रामगढ़ ताल, जू और खोराबार के बेहतरीन स्थान हैं। यहीं पर कुछ दूरी पर सांसद रवि किशन का आवास भी है। हाई-राइज बिल्डिंग में सभी आधुनिक सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों को चाहिए कि हाई-राइज़ बिल्डिंग के रखरखाव के लिए आवासीय समितियां गठित हों, जिससे लिफ्ट और अन्य व्यवस्थाओं का नियमित मेंटेनेंस हो सके। उन्होंने पूर्व योजनाओं गोरख एंक्लेव, राप्ती नगर और पत्रकारपुरम का भी उल्लेख किया। हर तबके-गरीब, स्ट्रीट वेंडर, श्रमिक, पत्रकार, अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक और व्यापारियों के लिए भी समय-समय पर विशेष योजनाएं लाई जाएंगी। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के 11 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर 4 करोड़ गरीबों को फ्री आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को आवास मिल चुके हैं। अच्छी नियत से अच्छे कार्य होते हैं। जनता अच्छी सरकार चुनती है, तो विकास गरीब तक पहुंचता है। सीएम योगी ने कहा कि खोराबार स्कीम जल्द आगे बढ़ेगी। सीएम योगी ने कहा कि पिछले वर्ष प्रयागराज में माफियाओं से कब्जाई गई जमीन पर गरीबों के लिए 76 फ्लैट बनाए गए थे। इसी तरह लखनऊ में भी कब्जाई जमीन को मुक्त कर गरीबों को आवास दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में माफियाओं की हवेलियों की जगह गरीबों के लिए मकान खड़े होंगे।

चुनावी प्रशासन सख्त: बिहार में पीठासीन पदाधिकारियों की जांच के लिए मेडिकल टीम गठित

पटना निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नियुक्त माइक्रो ऑब्जर्वर, पीठासीन पदाधिकारी और मतदान पदाधिकारियों की स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल टीम का गठन किया है। यह टीम 17 और 18 अक्टूबर को संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारियों की ओर से रखे जाने वाले साक्ष्य और प्रमाण पत्रों के आधार पर उनकी जांच करेगी। आयोग ने शुक्रवार को जानकारी दी कि जो माइक्रो ऑब्जर्वर, पीठासीन पदाधिकारी और मतदान पदाधिकारी गंभीर बीमारी, रोग या दिव्यांगता के कारण निर्वाचन कार्य करने में असमर्थ हैं, उन्हें सूचित किया गया है कि उनके स्वास्थ्य संबंधी विषय को लेकर चिकित्सा जांच दल का गठन किया गया है। निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में संबंधित पदाधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तारीखों को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक मेडिकल टीम के सामने उपस्थित हो सकते हैं। पटना के गांधी मैदान स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में इन पदाधिकारियों की जांच की जाएगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियत तारीख के बाद किसी भी गंभीर बीमारी, रोग या विकलांगता के आधार पर चुनाव कार्य से मुक्त करने के लिए कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे पहले, बिहार विधानसभा चुनाव और उपचुनावों के मद्देनजर चुनाव आयोग ने 9 और 10 अक्टूबर को सभी रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग सेशन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 243 आरओ और 1418 एआरओ ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। इस ट्रेनिंग सेशन में नामांकन प्रक्रिया, योग्यता-अयोग्यता, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (एमसीसी), नामांकन वापसी, प्रतीक आवंटन, मतदान के दिन की व्यवस्थाएं और मतगणना समेत चुनाव संचालन के सभी चरणों को कवर किया गया। राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर्स ने आरओ और एआरओ के शंकाओं का समाधान किया, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके। चुनाव आयोग, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 21 सहपठित धारा 24 के अनुसार प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) को नामित या मनोनीत करता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव कानून और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार आयोजित किए जाएं। निर्धारित अवधि के दौरान आरओ और एआरओ आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अधीन होंगे। आयोग मतदान से पहले सभी मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारियों के लिए एप्लीकेशन का ट्रायल रन भी आयोजित करेगा। ये सत्र संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अपने-अपने राज्यों और केंद्र शासित राज्य क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण सत्रों के अतिरिक्त होंगे।