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31 अक्टूबर तक चलेगा विदेश मंत्रालय का स्पेशल क्लीनिंग कैंपेन 5.0, जानें क्या-क्या होगा शामिल

नई दिल्ली भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत 'स्पेशल क्लीनिंग कैंपेन 5.0' शुरू किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि यह अभियान 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा। विदेश मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 4 से 31 अक्टूबर 2025 तक 'स्पेशल क्लीनिंग कैंपेन 5.0' शुरू किया गया है, जो स्वच्छता ही सेवा के तहत एक विशेष सफाई अभियान है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कार्यालयों में स्वच्छ और स्वस्थ कार्य वातावरण प्रदान करना है। अभियान के दौरान मंत्रालय कार्यालयों में सफाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाने, कचरे के सही निपटान और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही सार्वजनिक शिकायतों के त्वरित निपटान और कार्य पेंडेंसी कम करने पर भी जोर रहेगा। इससे पहले, मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा 2025' अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मंत्रालय के सभी कार्यालयों, विदेश मिशनों, पोस्टों और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों में चलाया गया। इस दौरान 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और 'स्वच्छ भारत दिवस' भी मनाया गया। विदेश मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा 2025' के पांच मुख्य क्षेत्रों पर फोकस किया, जिसमें स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों का परिवर्तन, स्वच्छ सार्वजनिक स्थान, सफाईमित्र सुरक्षा शिविर, क्लीन ग्रीन उत्सव और जागरूकता अभियान शामिल रहे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस पहल का नेतृत्व किया और 25 सितंबर को सुषमा स्वराज भवन, नई दिल्ली में 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' श्रमदान कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अभियान के तहत मंत्रालय ने पहले ही स्वास्थ्य शिविर, 25 से अधिक सफाई मित्र सुरक्षा शिविर, 276 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों की सफाई, स्वच्छता रन, साइक्लोथॉन, पेंटिंग व निबंध प्रतियोगिताएं, मानव श्रृंखला, घर-घर जागरूकता अभियान, वेस्ट टू आर्ट इंस्टॉलेशन, सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान और बड़े पैमाने पर सफाई कार्य किए। मंत्रालय ने साफ-सफाई के प्रति समर्पित इस पहल को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया है ताकि हर कार्यालय और सार्वजनिक क्षेत्र में स्वच्छता कायम रहे।

भारत में कर प्रणाली में बड़ा बदलाव: नीति आयोग तैयार कर रहा है पारदर्शी और निर्णायक ढांचा

नई दिल्ली भारत के कर सुधार एक निर्णायक चरण में है और सरलीकरण, आधुनिकीकरण और कर प्रशासन में विश्वास के एकीकरण पर फोकस किया जा रहा है। यह जानकारी शुक्रवार को नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम की ओर दी गई। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे भारत प्रवर्तन-संचालित अनुपालन से विश्वास-आधारित शासन की ओर बढ़ रहा है, फोकस आनुपातिक, निष्पक्ष और पारदर्शी प्रवर्तन सिस्टम पर केंद्रित होना चाहिए जो करदाताओं को सशक्त बनाते हुए राजकोषीय अखंडता की रक्षा करें।" नीति आयोग ने शुक्रवार को नीति टैक्स पॉलिसी वर्किंग पेपर सीरीज-II के तहत दूसरा वर्किंग पेपर जारी किया, जिसका शीर्षक "भारत के कर परिवर्तन की ओर: गैर-अपराधीकरण और विश्वास-आधारित शासन" था। इस वर्किंग-पेपर में आयकर अधिनियम, 2025 के अंतर्गत आपराधिक प्रावधानों का व्यापक मूल्यांकन किया गया है और उनकी आवश्यकता, आनुपातिकता और सरकार के व्यापक सुधार एजेंडे के साथ संरेखण का मूल्यांकन किया गया है। साथ ही, इसमें दंड को तर्कसंगत बनाने, छोटे और प्रक्रियागत गैर-अनुपालनों को अपराधमुक्त करने और न्यायिक विवेकाधिकार को सुदृढ़ करने के लिए सिद्धांत-आधारित ढांचे का प्रस्ताव किया गया है। नीति आयोग के वर्किंग-पेपर में कहा गया कि 2025 अधिनियम में कई पुराने अपराधों को खत्म कर दिया गया है, लेकिन 13 प्रावधानों में 35 कार्यों और गलती को आपराधिक श्रेणी में रखा गया है, जिनमें से अधिकांश में अनिवार्य कारावास का प्रावधान है। वर्किंग-पेपर में एक सुनियोजित गैर-अपराधीकरण रोडमैप की सिफारिश की गई है, जिसमें मामूली प्रक्रियागत चूक के लिए कारावास को हटाना, धोखाधड़ी या जानबूझकर कर चोरी से जुड़े मामलों तक ही आपराधिक दंड को सीमित करना और सिविल और प्रशासनिक सजा की भूमिका को बढ़ाना शामिल है। सुब्रह्मण्यम के अनुसार, ऐसे सुधारों से मुकदमेबाजी कम होगी, निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस के अनुरूप एक निष्पक्ष और पूर्वानुमानित कर व्यवस्था के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी। इस कार्यक्रम में सीबीडीटी, सीबीआईसी, आईसीएआई, डीपीआईआईटी के प्रतिनिधियों और प्रमुख कर विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिन्होंने नीति आयोग के कर नीति सलाहकार समूह (सीजीटीपी) के साथ मिलकर काम किया है, जिसका नेतृत्व नीति आयोग के विशिष्ट फेलो डॉ. पीएस पुनिहा और नीति आयोग के कार्यक्रम निदेशक संजीत सिंह कर रहे हैं।

भरत मिलाप कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि इतिहास का ज्ञान होने पर ही हम विषम परिस्थिति में अपनी सही भूमिका का निर्वहन कर सकेंगे। सनातन की पुनर्स्थापना से देश को मजबूत करने का वातावरण चल रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल पद्मधर पार्क रीवा में भरत मिलाप कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ और सनातन की पुनर्स्थापना हुई। कोठारी बंधुओं के बलिदान से मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने दशहरा उत्सव समिति द्वारा प्राचीन परंपरा का निर्वहन करते हुए दशहरा एवं भरत मिलाप कार्यक्रम आयोजन के लिए साधुवाद दिया तथा अपेक्षा की कि आगे भी यह कार्यक्रम कुशलतापूर्वक परंपरा अनुसार संचालित होते रहेंगे। कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की भाव विभोर करने वाली मंचीय प्रस्तुति दी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सराहना करते हुए कहा कि इस प्रस्तुति से उपस्थित लोग अभिभूत हुए। उन्होंने श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न के स्वरूप का पूजन किया। इस अवसर पर कलाकारों का सम्मान भी किया गया। 

चंडीगढ़ में IPS अधिकारी की मौत पर जांच तेज, SIT अब पूरी तरह सक्रिय

चंडीगढ़ हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के सुसाइड मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। टीम का नेतृत्व चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार करेंगे। इनके अलावा पांच आईपीएस और सीपीएस अधिकारियों को टीम में शामिल किया गया है। एसआईटी में शामिल अन्य सदस्यों में चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप सिंह, एसपी सिटी केएम प्रियंका, डीएसपी (ट्रैफिक) चरणजीत सिंह विर्क, एसडीपीओ (साउथ) गुरजीत कौर और एसएचओ (पश्चिम) जयवीर सिंह राणा शामिल हैं। चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सागर प्रीत ने शुक्रवार को एसआईटी गठन के संबंध में आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया, "एफआईआर संख्या 156/2025, धारा 108/3(5) बीएनएस और 3(1)(आर) एससी/एसटी (पीओए) अधिनियम, 2013 के तहत पुलिस स्टेशन सेक्टर-11 (पश्चिम), चंडीगढ़ में आरोपों की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए आईजीपी, चंडीगढ़ की देखरेख में मामले की त्वरित, निष्पक्ष और गहन जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का तत्काल प्रभाव से गठन किया जाता है।" आदेश के अनुसार, एसआईटी मामले में सभी पहलुओं की समयबद्ध तरीके से जांच करेगी, जिसमें साक्ष्य जुटाना, गवाहों से पूछताछ, विशेषज्ञों की राय और कानूनी सलाह जैसे विषय शामिल हैं। जांच पूरी होने पर एसआईटी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी। आदेश में यह भी बताया गया है कि एसआईटी जरूरत के अनुसार अन्य अधिकारियों और विशेषज्ञों को भी शामिल कर सकती है। 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी, पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) वाई पूरन कुमार चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए थे। चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, उन्होंने अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मारी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। अधिकारी ने 9 पन्नों का एक 'सुसाइड नोट' छोड़ा, जिसमें 15 सेवारत और पूर्व अधिकारियों के नाम हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने उनके 'सुसाइड नोट' में नामजद लोगों के खिलाफ सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की। फिलहाल, इस मामले पर राजनीति जारी है। कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा, "अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो आप कल्पना कर सकते हैं कि भाजपा सरकार के तहत किसे न्याय मिलेगा। एक अधिकारी, जिसने बार-बार न्याय मांगा, लेकिन उसे इनकार कर दिया गया।" शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग चंडीगढ़ में परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा, "यह मौत अपने आप में कई सवाल खड़े करती है।"

महागठबंधन का बड़ा सवाल: बिहार की सीटों पर असमंजस, कौन देगा नेतृत्व की बड़ी सोच?

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन महागठबंधन के घटक दलों में सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसा है। मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री पद के चेहरों पर संशय की स्थिति है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने शुक्रवार को पटना में संसदीय दल की बैठक बुलाई तो कांग्रेस के नेता पप्पू यादव ने सीटों के लिए राजद को सुझाव दिया है कि उसे बड़ा दिल दिखाना चाहिए। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने सीट बंटवारे पर कहा, "सभी को बड़ा दिल करने की जरूरत है। हिमालय से ऊंचा सिर और समुद्र से गहरा दिल रखने की जरूरत है।" इससे पहले उन्होंने राजद को सुझाव दिया था कि पार्टी को बड़ा दिल दिखाते हुए 100 से कम सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। पप्पू यादव ने पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री पद के लिए महागठबंधन में दावेदारी को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "हम लोगों के लिए मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री कोई मुद्दा नहीं है। हम लोगों के लिए मुख्य मुद्दा है कि कैसे एनडीए सरकार को यहां से हटाया जा सके।" इस बीच, बिहार विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने सीट बंटवारे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "लालू प्रसाद यादव से मुलाकात नहीं हुई। मुलाकात का कार्यक्रम था, लेकिन अभी यह नहीं हुई है।" वहीं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, "सीटों को लेकर बातचीत जारी है। वक्त आने पर फैसले के बाद में बता दिया जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही सीट बंटवारे को लेकर ऐलान कर दिया जाएगा। चुनाव के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अधीर रंजन चौधरी भी पटना पहुंचे हुए हैं। उन्होंने सीट बंटवारे पर कहा कि हमारी रोज बड़ी मीटिंग चल रही है। जल्द फैसला होने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि सीट बंटवारे को लेकर कोई अंदरूनी झगड़ा नहीं है। हालांकि, मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री फेस पर सवाल का जवाब दिए बगैर अधीर रंजन चौधरी निकल गए। महागठबंधन में सीट बंटवारे पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, "कोई भी पेच अटका नहीं है। हम लगातार बातचीत कर रहे हैं और सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है। जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारे पास अभी पर्याप्त समय है।"

दिल्ली में त्योहार से पहले बड़ा तोहफा, कारोबारियों को मिले 694 करोड़ रुपये

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने दीपावली से पहले कारोबारियों को बड़ा उपहार दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि उनकी सरकार ने व्यापारी व उद्यमी को दी जाने वाली रिफंड प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। इस संबंध में सरकार ने अभी तक कारोबारियों की 694 करोड़ रुपए की राशि उन तक पहुंचाई है, जो एक रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री का कहना है कि छोटे-बड़े हर व्यापारी का जीएसटी रिफंड उसे तय समय सीमा में देने के लिए दिल्ली सरकार प्रतिबद्ध है। इस मौके पर उन्होंने जीएसटी टीम की कार्यप्रणाली की प्रशंसा की और कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारी जीएसटी रिफंड वापस करने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग भी कर रहे हैं, जिससे व्यापारियों के बैंक खातों में तेजी से उनकी बकाया राशि पहुंच रही है।  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रेरित होकर व्यापार में सुगमता (इज ऑफ डूइंग बिजनेस) वाली नीति पर गंभीरता से कार्य कर रही है। इसके लिए बड़े बाजारों के पुनर्विकास की योजनाएं तैयार की जा रही है तो कारोबारी वर्ग की समस्याओं को सुलझाने और उनके कारोबार को बाधा-रहित चलाने के लिए दिल्ली व्यापारी कल्याण बोर्ड का भी गठन किया जा चुका है। उनकी सरकार मानती है कि राजधानी के कारोबारियों को व्यापार चलाने में जितनी सरलता मिलेगी, राजधानी को विकसित दिल्ली बनाने का सपना उतनी ही तेजी से पूरा होगा। इसलिए व्यापारी वर्ग का रिफंड वापस करने के लिए तेज प्रयास जारी हैं।" मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली की पिछली सरकार ने जीएसटी रिफंड करने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे रिफंड राशि में लगातार बढ़ोतरी होती चली गई, लेकिन हमारी सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि रिफंड निपटान प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए जीएसटी विभाग ने आईआईटी-हैदराबाद के सहयोग से एक उन्नत आईटी मॉड्यूल विकसित किया। यह मॉड्यूल डेटा एनालिटिक्स, डेटा ऑटोमेशन और त्वरित जांच प्रक्रिया पर आधारित है, जिससे रिफंड आवेदन शीघ्रता से निपटाए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि दीपावली तक व्यापारी वर्ग तक इतना रिफंड पहुंचा दिया जाए कि उसका सरकार पर विश्वास और बढ़े, साथ ही उसकी दीपावली का पर्व भी अधिक खुशियां और आनंद लेकर आए। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार ने इस वित्तीय वर्ष से व्यापारी वर्ग का जीएसटी रिफंड वापस करने की प्रक्रिया पर गंभीरता से कार्य करना शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, व्यापार व कर विभाग ने इस वित्त वर्ष 2025-26 में (अप्रैल से अब तक) कुल 7375 रिफंड आवेदनों का निपटारा कर दिया और कुल 694 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड राशि व्यापारियों के खातों में जारी कर दी गई है, जो उनका हक था। इस मौके पर, उन्होंने कहा, "सरकार ने एक रिकॉर्ड और भी बनाया है कि उसने सितंबर माह में 227 करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया, जो दिल्ली के रिफंड इतिहास में पहले कभी नहीं किया गया।" मुख्यमंत्री ने व्यापार और कर विभाग के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समय पर रिफंड जारी किया जाना व्यावसायिक संस्थाओं में विश्वास पैदा करता है। साथ ही व्यापारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को तेजी व सुगमता से कार्य करने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि छोटे-बड़े हर वर्ग के कारोबारी को जीएसटी रिफंड देने के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी बकाया, निर्विवादित और वास्तविक रिफंड आवेदनों का निपटारा जल्द से जल्द किया जाए। मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली सरकार का यह भी मानना है कि प्राथमिकता और समयबद्ध रिफंड से कारोबारियों को पूंजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी, उनमें मुकदमेबाजी से उपजा तनाव कम होगा, जिससे दिल्ली की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी। इसका एक दूरगामी प्रभाव यह भी होगा कि राजधानी को विकसित दिल्ली बनाने का हमारी सरकार का लक्ष्य और तेजी से पूरा होगा। हमारी सरकार का लक्ष्य व्यापारियों के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मजबूत बनाना है। इसीलिए हमारी सरकार व्यापारिक नियमों को सरल बनाने और व्यापार में आने वाली बेवजह ही अड़चनों को दूर करने के लिए लगातार प्रभावी प्रयास कर रही है।

IMD का ताज़ा अपडेट: यूपी के ये जिले होंगे बारिश और तबाही के लिए सबसे ज्यादा प्रभावित

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में अभी बारिश का सिलसिला थमा ही था कि मौसम विभाग ने एक ताजा अपडेट दे दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश से अब मॉनसून की वापसी लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन कई जिलों में मानसून की वापसी अभी नहीं हुई। जो हिस्से बचे हैं वहां से भी अगले 48 घंटों के दौरान मॉनसून के वापस लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसी बीच कई इलाकों में मानसूनी बारिश होने की भी संभावना है।  मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मॉनसून पहले ही (24 और 26 सितंबर को) लौट गया था। इसके बाद जो बारिश हो रही थी वो भी बंद हो चुकी है। प्रदेश में अब शुष्क पछुआ और उत्तरी-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इन्हीं हवाओं के प्रभाव के कारण मानसून की वापसी होगी। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की भी संभावना है।  इन जिलों में होगी बारिश  मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वांचल के दक्षिणी-पूर्वी भाग जैसे बलिया, गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र और मिर्जापुर और आसपास के इलाकों में मॉनसून की विदाई अभी भी बाकी है। इन जिलों में अगले 48 घंटे में बारिश होने की संभावना है। 

लखनऊ में क्राफ्टरूट्स प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की बाग प्रिंट कला का प्रदर्शन

भोपाल  उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को लखनऊ की ऐतिहासिक सफेद बारादरी में “क्राफ्टरूट्स प्रदर्शनी” का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक और क्राफ्टरूट की संस्थापक श्रीमती अनारबेन पटेल भी उपस्थित रहीं। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने प्रदर्शनी के भ्रमण के दौरान मध्यप्रदेश के धार जिले के बाग गाँव से आए प्रसिद्ध बाग प्रिंट शिल्पकार मोहम्मद आरिफ खत्री एवं मोहम्मद अली खत्री से पारंपरिक कला के बारे में विस्तार से जानकारी भी ली। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने बाग प्रिंट की जटिल प्रक्रिया को बड़े ध्यान से समझा। श्री खत्री ने उन्हें बताया कि बाग प्रिंट एक प्राचीन हस्तकला है, जो पूरी तरह हाथ से की जाती है। इसमें कपास और रेशम के कपड़ों पर लकड़ी के ब्लॉकों से छपाई की जाती है, और प्राकृतिक रंगों, पौधों, फूलों और जड़ों से बने रंगों का उपयोग होता है। बाग क्षेत्र की विशिष्ट नदी का पानी इन रंगों को और गहराई तथा चमक प्रदान करता है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि इस तरह की पारंपरिक कलाएँ भारत की असली पहचान हैं, जिन्हें संरक्षित और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युवा पीढ़ी को इन कलाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।  

राज्य सरकार का बड़ा ऐलान: विदेश में करें करियर, महीने के 1 लाख+ कमाएँ!

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार अब केवल देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके तहत श्रम एवं सेवायोजन विभाग 14 और 15 अक्टूबर को गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) में रोजगार महाकुंभ आयोजित कर रहा है। इस मेले में युवाओं को यूएई और ओमान में नौकरी पाने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के कुशल और प्रशिक्षित युवा वैश्विक स्तर पर अवसर प्राप्त करें और विदेशों में काम कर सकें। इस मौके का लाभ उठाने के लिए युवाओं को रोजगार संगम पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर आवेदन करना होगा। भर्ती अभियान में कुल 10,655 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। कौन-कौन से पदों पर होगी भर्ती? विदेशी कंपनियों द्वारा आयोजित इस रोजगार महाकुंभ में यूएई और ओमान की कई प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी। ये कंपनियां मुख्य रूप से निर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़ी हैं। भर्ती के लिए उपलब्ध प्रमुख पद हैं:     कंस्ट्रक्शन वर्कर     सुपरवाइजर रिगिंग     मोबाइल पंप ऑपरेटर     ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर     फोरमैन सिविल     हैवी ट्रक ड्राइवर     बस चालक     शटरिंग कारपेंटर     कैंप बॉस     स्टील फिक्सर     कंस्ट्रक्शन हेल्पर सैलरी और अन्य सुविधाएं रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनित उम्मीदवारों को प्रत्येक पद के अनुसार वेतन मिलेगा:     सुपरवाइजर रिगिंग: ₹1,20,760/माह     मोबाइल पंप ऑपरेटर: ₹90,643/माह     ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर: ₹72,514/माह     फोरमैन सिविल: ₹66,422/माह     हैवी ट्रक ड्राइवर: ₹58,011/माह     बस चालक: ₹53,177/माह     शटरिंग कारपेंटर: ₹28,800/माह     कंस्ट्रक्शन हेल्पर: ₹24,000/माह इसके साथ ही खाने और रहने की सुविधा मुफ्त में उपलब्ध होगी।   कैसे करें आवेदन? युवाओं को rojgaarsangam.up.gov.in वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया सरल है:     पंजीकरण करें     एडमिट कार्ड डाउनलोड करें (QR कोड के माध्यम से)     एडमिट कार्ड लेकर रोजगार मेले में भाग लें यह सुनहरा अवसर प्रदेश के युवाओं को न केवल देश में बल्कि विदेशों में स्वप्नवत करियर बनाने का मौका देता है। जितनी जल्दी करें आवेदन, उतना बेहतर! यदि आप विदेश में नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो 14 और 15 अक्टूबर को आयोजित इस महाकुंभ में अपनी जगह सुनिश्चित करना न भूलें।  

साय सरकार की नई पहल: ऑनलाईन छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता

एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नई सुविधा तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी अब ऑनलाईन मिलेगी छात्रवृत्ति नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में अंतरित की जाएगी राशि रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, आश्रम-छात्रावासों और तकनीकी एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रम में पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति का भुगतान अब उनके बैंक खाते में ऑनलाईन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में इन वर्गों के 1.98 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 84.66 करोड़ रूपए की शिष्यवृत्ति एवं छात्रवृत्ति ऑनलाईन अंतरित की। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि प्री. मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति तथा शिष्यवृत्ति भुगतान के लिए नयी व्यवस्था में माह जून, सितंबर, अक्टूबर एवं दिसंबर में विद्यार्थियों को ऑनलाईन भुगतान किया जाएगा। इस पहल से छात्रों को शैक्षणिक अध्ययन के दौरान होने वाली आर्थिक समस्या से निजात मिलेगी। छात्रवृत्ति पहले विद्यार्थियों को दिसंबर एवं फरवरी-मार्च में वर्ष में एक बार छात्रवृति एवं शिष्यवृति की राशि प्रदान की जाती थी।  प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सुशासन की दिशा में लगातार हो रहे इन प्रयासों से शासन-प्रशासन को पूर्व की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक जवाबदेही एवं पारदर्शी बनाया गया है। श्री बोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों आज आश्रम-छात्रावासों के 1 लाख 86 हजार 50 विद्यार्थियों को शिष्यवृति की द्वितीय किश्त की राशि 79 करोड़ 27 लाख रूपए एवं पो. मैट्रिक छात्रवृत्ति के 12 हजार 142 विद्यार्थियों को 5 करोड़ 38 लाख 81 हजार रूपए विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि अंतरित की गई है। प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि विद्यार्थियों को शिष्यवृत्ति और छात्रवृत्ति ऑनलाईन भुगतान की शुरूआत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों पहली बार 10 जून 2025 को की गई थी। राज्य में संचालित सभी प्री. मैट्रिक छात्रावास एवं आश्रमों को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व ही शिष्यवृति की प्रथम किश्त राशि 77 करोड़ रूपए एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में अध्ययनरत छात्रों हेतु भोजन सहाय की प्रथम किश्त के रूप में राशि 8.93 करोड़ रूपए, इस प्रकार कुल 85 करोड़ रूपए की राशि जारी कर एक अभिनव पहल की गई थी। साथ ही इसके दूसरे चरण में 17 जून 2025 को 8370 विद्यार्थियों को छात्रवृति की राशि 6.2 करोड़ रूपए का ऑनलाइन अंतरण किया गया था। इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर भी उपस्थित थे।