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सीट शेयरिंग में बराबरी, पर भाजपा का बढ़ता प्रभुत्व बना बड़ा सवाल

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए ने सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय कर लिया है। फॉर्मूले के तहत, भाजपा और जदयू इस बार 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। वहीं, एनडीए के सहयोगी दलों को 41 सीटें दी गई हैं। सहयोगी दलों में लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को 6-6 सीटें दी गई हैं। इस बार भाजपा और जदयू दोनों बराबर सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। इंफो इन डाटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "2025 के बिहार चुनावों में, भाजपा और जेडीयू प्रत्येक 101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि सहयोगी एलजेपी (आरवी), एचएएम और आरएलएम 41 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। पहली बार, भाजपा और जेडीयू दोनों बराबर सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं, जो राज्य में भाजपा के बढ़ते प्रभुत्व और प्रभाव को दर्शाता है।" इससे पहले के सीट बंटवारे पर अगर हम नजर डालें तो 2005 के अक्टूबर में हुए विधानसभा चुनाव में जदयू 139 सीटों और भाजपा 102 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इस चुनाव में जदयू को 88 सीटों पर, जबकि भाजपा को 55 सीटों पर सफलता मिली थी। इसी तरह, 2010 के विधानसभा चुनाव में जदयू 141 और भाजपा 102 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इस चुनाव में जदयू ने 115 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 91 सीटें मिलीं। 2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और जदयू के रास्ते अलग-अलग हो गए थे। इस चुनाव में जदयू महागठबंधन के साथ थी और नीतीश कुमार ने राजद और कांग्रेस के सहयोग से सत्ता में वापसी की थी। इस चुनाव में भाजपा ने 157 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन केवल 53 सीटों पर ही जीत हासिल की थी। इसके अलावा, 86 सीटों पर एनडीए के सहयोगी दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें महज 5 सीटों पर ही जीत दर्ज की थी। वहीं, 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू 115 सीटों पर, भाजपा 110 सीटों पर और अन्य सहयोगी दल 18 सीटों पर चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में भाजपा ने 74 सीटों पर और जदयू ने 43 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके अलावा, सहयोगी दल 8 सीट जीतने में कामयाब रहे थे। हालांकि, 2025 में भाजपा और जदयू के बीच 101-101 सीटों का बराबर बंटवारा हुआ है। इस बदलाव से यह साफ है कि भाजपा बिहार की राजनीति में अब जूनियर पार्टनर नहीं रही। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह बराबरी का फॉर्मूला चुनावी मैदान में दोनों दलों के बीच समान साझेदारी का संदेश देगा।

पीएम कन्या विद्यालय में बर्बरता: प्राचार्य की मार से छात्राएं बेहोश, एक की हाथ की हड्डी टूटी

मैहर शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक चौंकाने वाली घटना रामनगर से सामने आई है। पीएम श्री कन्या विद्यालय रामनगर में सोमवार को विद्यालय के प्राचार्य प्राचार्य संतोष पटेल द्वारा तीन छात्राओं की बेरहमी से पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है।   घटना के बाद बेहोश हुई छात्राएं घटना के बाद छात्राएं बेहोश होकर गिर पड़ीं, जिनमें से एक छात्रा का हाथ टूटने की जानकारी मिली है। जानकारी के मुताबिक विद्यालय की तीन छात्राओं ने कक्षा में किसी मामूली गलती पर माफी मांगी थी, लेकिन प्राचार्य का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने छात्राओं को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिटाई इतनी क्रूर थी कि छात्राएं बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। विद्यालय परिसर में हडक़ंप मच गया। अन्य शिक्षक और छात्राएं भयभीत हो गईं। इस घटना से अभिभावकों और क्षेत्रवासियों में गुस्सा है। लोगों ने मांग की है कि आरोपी प्राचार्य को तत्काल निलंबित कर कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं विद्यालय प्रबंधन ने भी मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। मौके पर पहुुंचीं तहसीलदार घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम मैहर अनामिका सिंह के निर्देश पर तहसीलदार रामनगर मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने घायल छात्राओं का बयान दर्ज किया। छात्राओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। एक छात्रा के हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि डॉक्टरों ने की है। तहसीलदार ने बताया कि घटना की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और जिला शिक्षा अधिकारी को विस्तृत प्रतिवेदन भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, "छात्राओं के कथन लिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में प्राचार्य की मारपीट की पुष्टि हुई है। मामले की पूरी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा रही है।" पहले कस्तूरबा गांधी छात्रावास के रह चुके प्रभारी सूत्रों के अनुसार, आरोपी प्राचार्य प्राचार्य संतोष पटेल पहले कस्तूरबा गांधी छात्रावास के प्रभारी रह चुके हैं। उनके खिलाफ पहले भी छात्राओं के साथ अभद्रता और अनुचित व्यवहार के आरोप लग चुके हैं, जिसके चलते उन्हें उस पद से हटाया गया था। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई से आहत होकर उन्होंने विद्यालय में छात्राओं के प्रति क्रूरता दिखाई।

UCC में बड़ा बदलाव: उत्तराखंड सरकार की मंजूरी से विदेशियों से शादी आसान, जानें कौन से दस्तावेज जरूरी

देहरादून  देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। गृह सचिव शैलेश बगोली ने बैठक के बाद कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। गृह सचिव शैलेश बगोली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कैबिनेट ने महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत आने वाले मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को उच्चीकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बैठक में रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत छोटे घरों और दुकानों को नियमित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। राज्य सरकार ने फ्रीज जोन में राहत देने का भी फैसला किया है। इसके लिए नए मानक जल्द जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों और कार्यकर्ताओं को सेवा अवधि में एक बार जनपद परिवर्तन की अनुमति दी है। इससे लंबे समय से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों को राहत मिलेगी। गृह सचिव शैलेश बगोली के अनुसार, कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत विवाह पंजीकरण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संशोधन मंजूर किया। पहले नेपाली, तिब्बती और भूटानी मूल के लोगों को आधार कार्ड के आधार पर विवाह की अनुमति थी, लेकिन अब अन्य वैध दस्तावेजों को भी मान्यता दी जाएगी। नेपाली और भूटानी नागरिक अपने देश का नागरिकता प्रमाण पत्र या भारत में 182 दिन तक रहने वाले नेपाली मिशन और रॉयल भूटानी मिशन की ओर से जारी सीमित वैध पहचान पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। तिब्बती नागरिकों के लिए विदेशी पंजीकरण अधिकारी की ओर से जारी वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र को मान्य माना जाएगा। कैबिनेट ने कार्मिक विभाग में स्थायीकरण से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा विधायी विभाग के विशेष सत्र आयोजन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है। उत्तराखंड के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देहरादून में विशेष विधानसभा सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस विशेष सत्र की तारीख घोषित करने के लिए अधिकृत किया गया है। यह सत्र राज्य की 'सिल्वर जुबली' के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाएगा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "उत्तराखंड की 'सिल्वर जुबली' के अवसर पर विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा। राज्य के गठन के 25 साल पूरे होने पर इस अवधि में उत्तराखंड की ओर से देखे गए अलग-अलग उतार-चढ़ावों पर चर्चा की जाएगी।"

एम.पी. ट्रांसको में व्हाट्सएप की जगह अब ‘अराताई’

भारत में निर्मित स्वदेशी ऐप का सफल प्रयोग भोपाल  आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने भारत में निर्मित स्वदेशी मैसेजिंग ऐप अराताई का प्रयोग शुरू कर दिया है। ज़ोहो कॉर्प द्वारा विकसित यह ऐप विदेशी प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप का सुरक्षित और मजबूत विकल्प माना जा रहा है। एम.पी. ट्रांसको में सबसे पहले शहडोल डिवीजन के कार्यपालन अभियंता श्री चंद्रभान कुशवाहा ने कार्यालयीन संवाद और फाइल शेयरिंग के लिए स्वदेशी अराताई का उपयोग प्रारंभ किया है। उन्होंने बताया कि “अराताई पूरी तरह भारत में विकसित सुरक्षित और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है, जिससे विभागीय संवाद को स्वदेशी तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाया जा सकेगा।” ऐप में उच्च स्तरीय डेटा सुरक्षा, ग्रुप मैसेजिंग, मल्टी-डिवाइस सपोर्ट और तेज़ फ़ाइल शेयरिंग जैसी सुविधाएं हैं। इसका डेटा भारत के सर्वरों पर सुरक्षित रहता है। श्री कुशवाहा की पहल से शहडोल डिवीजन का संपूर्ण आंतरिक संचार अब अराताई के माध्यम से हो रहा है। एम.पी. ट्रांसको की यह पहल डिजिटल आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीकी समाधानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सराहनीय कदम है।  

मंत्री सिलावट ने कहा- जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर कराएं विकास कार्य

भोपाल  जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि अधिकारी शासकीय विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर कार्य करें। उन्हें कार्यों की जानकारी दें तथा उनके सुझावों पर भी अमल किया जाए। जल संसाधन मंत्री सोमवार को मंत्रालय में पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत कुंभराज परियोजना संबंधी बैठक ले रहे थे। बैठक में सांसद राजगढ़ श्री रोडमल नागर, विधायक चाचौड़ा श्रीमती प्रियंका पेंची, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन श्री राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता श्री विनोद देवड़ा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर गुना ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के रूप में मध्यप्रदेश को एक बड़ी सौगात दी है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री अटल बिहारी वाजपेयी का नदी जोड़ो का सपना मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में साकार हो रहा है। यह अनूठी परियोजना है जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 90% राशि दी जा रही है, राज्य सरकारों को केवल 10% राशि वहन करनी है। इसके पूरा होने पर क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाना हमारी सरकार का संकल्प है। बैठक में बताया गया कि संशोधित पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना से मध्यप्रदेश में 6 लाख 11 हज़ार 50 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा के साथ 40 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी। इस परियोजना के एक घटक के रूप में कुंभराज परियोजना सबसे बड़ी परियोजना है। परियोजना से सबसे ज्यादा लाभ गुना जिले की विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा के किसानों को होगा। बैठक में तकनीकी रूप से उपयुक्त स्थल पर ही निर्माण कार्य किये जाने के निर्देश दिये गये। मंत्री श्री सिलावट ने बैठक में निर्देश दिए कि कुंभराज परियोजना अंतर्गत प्रभावित परिवारों का भू अर्जन एवं पुनर्वास आदि के कार्य शासन के नियम अनुसार और निर्धारित समय अवधि में किए जाएं। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए विशेष पैकेज का आग्रह किया, इस पर मंत्री श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से इस सम्बन्ध में चर्चा करने का आश्वासन दिया।  

ब्रह्मपुत्र पर शक्ति का खेल: भारत का विशाल हाइड्रो प्रोजेक्ट चीन के लिए बड़ा संदेश

नई दिल्ली  भारत की बिजली योजना बनाने वाली संस्था, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) ने सोमवार को बताया कि ब्रह्मपुत्र बेसिन से 2047 तक 76 गीगावॉट से अधिक बिजली ट्रांसमिट करने के लिए एक योजना बनाई गई है. इस हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की कीमत 6.4 लाख करोड़ रुपये (77 अरब डॉलर) है. इसके जरिए देश में बढ़ती बिजली की मांगें पूरी की जाएंगी. इस योजना में पूर्वोत्तर के 12 छोटे-छोटे इलाकों में 208 बड़े जल विद्युत प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. इन प्रोजेक्ट्स की कुल क्षमता 64.9 गीगावॉट है. साथ ही 11.1 गीगावॉट की पंप्ड-स्टोरेज बिजली बनाने वाली प्लांट्स भी इस योजना में हैं, जो जरूरत के समय बिजली स्टोर कर सकती हैं. ये प्रोजेक्ट भारत के लिए अहम क्यों है? ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत (चीन) से निकलती है और भारत-बांग्लादेश से होकर गुजरती है. इस नदी से भारत में खासकर अरुणाचल प्रदेश में बहुत ज्यादा बिजली पैदा की जा सकती है. यह इलाका चीन की सीमा के पास है. इसलिए इस क्षेत्र की जल और बिजली योजनाएं सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं. दरअसल, चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बना रहा है. इस प्रोजेक्ट की कीमत लगभग 167 अरब डॉलर (लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये) है. डैम साल भर में 300 अरब यूनिट बिजली बनाएगा. भारत को डर है कि चीन के यारलुंग ज़ांग्बो नदी पर बने बांध से शुष्क मौसम में भारत में पानी की आपूर्ति 85% तक कम हो सकती है. ब्रह्मपुत्र बेसिन में अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड और पश्चिम बंगाल के हिस्से आते हैं. भारत के कुल जल विद्युत संसाधन का 80% से ज्यादा इसी क्षेत्र में है. इसमें अरुणाचल प्रदेश अकेला 52.2 गीगावॉट क्षमता रखता है. पहला फेज 2035 तक पूरा होगा इस योजना की पहली चरण 2035 तक पूरी होगी, जिसकी लागत लगभग 1.91 लाख करोड़ रुपये है. दूसरे चरण पर 4.52 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे. योजना में NHPC, NEEPCO और SJVN जैसी केंद्रीय कंपनियां भी शामिल हैं. भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा उत्पादन और 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है. यह योजना देश को स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा देगी.  

महंगाई पर ब्रेक! GST कम होने से खुदरा मुद्रास्फीति में 8 साल का सबसे बड़ा झटका

नई दिल्ली  खुदरा मुद्रास्फीति दर सितंबर में कम होकर 1.54 प्रतिशत हो गई है। यह महंगाई का जून 2017 के बाद सबसे निचला स्तर है। यह जानकारी सरकार की ओर से जारी किए गए डेटा में दी गई। सितंबर में खुदरा महंगाई दर में अगस्त के मुकाबले 0.53 प्रतिशत की कमी आई है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से बताया गया कि खाद्य महंगाई दर सितंबर में -2.28 प्रतिशत रही है। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर -2.17 प्रतिशत और शहरी इलाकों में खाद्य महंगाई दर -2.47 प्रतिशत रही है। खाद्य महंगाई दर अगस्त में 0.64 प्रतिशत थी। महंगाई दर में कमी की वजह जीएसटी सुधार को माना जा रहा है, जिससे देश में दैनिक उपभोग से लेकर गाड़ियों तक की कीमतों में कमी देखी गई है। सरकार की ओर से बताया गया कि सितंबर में आवासीय मुद्रास्फीति 3.98 प्रतिशत रही है, जो कि अगस्त में 3.09 प्रतिशत थी। शिक्षा मुद्रास्फीति की दर सितंबर में 3.44 प्रतिशत रही है, जो कि अगस्त 2025 में 3.60 प्रतिशत थी। परिवहन और संचार में मुद्रास्फीति दर सितंबर 2025 में कम होकर 1.82 प्रतिशत हो गई है, जो कि अगस्त 2025 में 1.94 प्रतिशत थी। ईंधन और ऊर्जा में खुदरा मुद्रास्फीति दर सितंबर में 1.98 प्रतिशत रही है, जो कि अगस्त में 2.32 प्रतिशत थी। इस महीने की शुरुआत में आरबीआई एमपीसी के फैसलों का ऐलान करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 26 के लिए महंगाई दर अनुमान को घटा दिया है। केंद्रीय गवर्नर ने वित्त वर्ष 26 (चालू वित्त वर्ष) के लिए रिटेल महंगाई दर के अनुमान को घटाकर 2.6 प्रतिशत कर दिया, जो कि अगस्त एमपीसी में 3.1 प्रतिशत पर था। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए महंगाई दर के अनुमान को 2.1 प्रतिशत से घटाकर 1.8 प्रतिशत, तीसरी तिमाही के अनुमान को 3.1 प्रतिशत से घटाकर 1.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही के लिए 4 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई ने अनुमान में आगे बताया कि वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में महंगाई 4.5 प्रतिशत रह सकती है।

यात्रियों के लिए बड़ी राहत: 30 लाख सीटें बढ़ाईं, अब घर जाने की तैयारी बिना झंझट के

चंडीगढ़  दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर ट्रेन टिकट की मांग हर साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती है। लेकिन इस बार रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। यात्रियों को अब न तो "रिग्रेट" स्टेटस का सामना करना पड़ेगा, और न ही टिकट रद्द करने पर अतिरिक्त चार्ज देना होगा। IRCTC पर अब नहीं दिखेगा 'रिग्रेट' स्टेटस त्योहारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने सबसे ज्यादा मांग वाली ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा है और हजारों यात्रियों को इसका लाभ मिल रहा है। अब तक 3,000 अतिरिक्त कोच विभिन्न ट्रेनों में जोड़े जा चुके हैं और आवश्यकता अनुसार यह संख्या और बढ़ाई जाएगी। इससे पूर्वांचल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की ओर जाने वाले यात्रियों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा।   रेलवे ने एक नई और क्रांतिकारी सुविधा की भी घोषणा की है, जो जनवरी 2026 से लागू होगी। इसके तहत अगर किसी यात्री की यात्रा की तारीख बदल जाती है, तो वह अपनी कन्फर्म टिकट को रद्द किए बिना नई तारीख पर रीबुक कर सकेगा। अगर आपके पास 20 नवंबर की पटना से दिल्ली की कन्फर्म टिकट है और आपकी योजना बदल जाती है, तो आप इसे IRCTC वेबसाइट या ऐप के जरिए 25 नवंबर के लिए रीबुक कर सकते हैं, बिना कोई कैंसिलेशन चार्ज दिए। कैसे काम करेगी नई रीबुकिंग सुविधा?     यात्रियों को IRCTC ऐप या वेबसाइट पर ‘रीबुकिंग ऑप्शन’ मिलेगा।     यात्री उसी ट्रेन में नई उपलब्ध तारीख चुन सकते हैं।     अगर सीट उपलब्ध हुई, तो नई तारीख की टिकट कन्फर्म हो जाएगी।     कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं लिया जाएगा।     किराए में अंतर होने पर अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ सकती है। पुरानी व्यवस्था की तुलना में बड़ी राहत वर्तमान में टिकट की तारीख बदलने के लिए यात्रियों को पहले टिकट रद्द करनी पड़ती है, जिससे AC फर्स्ट क्लास में ₹240 + GST, AC 3 टियर में ₹180 + GST तक की कटौती होती है। चार्ट बनने के बाद तो कोई रिफंड भी नहीं मिलता। नई व्यवस्था में यह परेशानी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। ई-आधार वेरिफिकेशन से फर्जी बुकिंग पर लगाम रेलवे ने 1 अक्टूबर से जनरल रिजर्वेशन टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है। यह नियम टिकट खुलने के पहले 15 मिनट तक लागू रहेगा। इसका उद्देश्य एजेंट्स द्वारा फर्जी बुकिंग और कालाबाजारी पर रोक लगाना है। रेलवे का यह कदम न सिर्फ यात्रियों को सुविधा देगा, बल्कि फर्जीवाड़े और बिचौलियों पर भी प्रभावी अंकुश लगाएगा। यह त्योहारों पर अपने घर जाने की योजना बना रहे लाखों यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से एक बड़ी सौगात है।  

MP High Court ने जोड़ा फासला खत्म किया: अलग होना चाहते थे ये दंपति, फिर हुआ ऐसा

ग्वालियर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में युगल पीठ ने चार साल से विवादों में उलझे एक दंपती को फिर से मिला दिया है। न्यायालय के निर्देश पर 30 दिन साथ रहने के बाद दोनों ने आपसी मतभेद सुलझा लिए और अब उन्होंने तलाक नहीं लेने का फैसला किया है। दंपती ने एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने और पत्नी द्वारा पति को दी गई भरण-पोषण राशि लौटाने पर भी सहमति जताई है। पीठ ने कहा कि जब पति-पत्नी आपसी सहमति से साथ रहना चाहते हैं, तो न्यायालय का उद्देश्य भी पारिवारिक जीवन में शांति, स्थायित्व और समरसता स्थापित करना है।   2022 से थे अलग, अब फिर बने एक-दूसरे का सहारा भिंड निवासी राहुल और श्वेता (परिवर्तित नाम) के बीच जरा-जरा सी बातों पर विवाद शुरू हुआ था, जिसके चलते दोनों 2022 से अलग रह रहे थे। वर्ष 2023 में भिंड कुटुंब न्यायालय में तलाक का आवेदन खारिज कर दिया था, लेकिन इसके बाद राहुल ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत हाईकोर्ट में दोबारा तलाक की याचिका दायर की। इन बातों पर हुआ समझौता     पति के खिलाफ दायर सभी आपराधिक और दीवानी प्रकरण पत्नी 15 दिनों में वापस लेंगी।     पति द्वारा दी गई स्थायी भरण-पोषण राशि पत्नी लौटाएंगी।     दोनों एक-दूसरे के प्रति सम्मान और शांति के साथ साथ रहेंगे।     किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या उत्पीड़न नहीं करेंगे। साथ रहने के दिए निर्देश सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने दंपती को 30 दिन साथ रहने का निर्देश दिया, ताकि वे आपसी मतभेद सुलझा सकें। एक माह बाद दोनों दोबारा कोर्ट में उपस्थित हुए और बताया कि वे अब साथ रहना चाहते हैं। पत्नी ने कुछ मामूली शिकायतें रखीं, जिन पर न्यायालय ने कहा कि वैवाहिक जीवन में ऐसे मुद्दे समझदारी और सहनशीलता से सुलझाए जा सकते हैं।अदालत ने शासकीय अधिवक्ता अंजलि ग्यानानी को मामले में ‘शौर्या दीदी’ नियुक्त किया है। वे अगले 6 माह तक पत्नी का मार्गदर्शन और सहयोग करती रहेंगी, ताकि दाम्पत्य जीवन में स्थायी शांति और विश्वास बना रहे।

कबीर खान ने चंदू चैंपियन का सिर्फ़ निर्देशन नहीं किया, बल्कि मुझे एक कलाकार के रूप में बदल दिया : कार्तिक आर्यन

मुंबई,  बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन का कहना है कि कबीर खान ने फिल्म चंदू चैंपियन का सिर्फ़ निर्देशन नहीं किया, बल्कि उन्हें एक कलाकार के रूप में बदल दिया। कार्तिक आर्यन, भारतीय सिनेमा के सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद सितारों में से एक हैं। उन्होंने अब आधिकारिक रूप से फ़िल्मफ़ेयर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है।कार्तिक आर्यन ने कबीर ख़ान निर्देशित फ़िल्म 'चंदू चैंपियन' में अपने दमदार और रूपांतरकारी प्रदर्शन के लिए अपना पहला फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अपने नाम कर लिया है। कार्तिक आर्यन ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए लिखा, “चैंपियन गिरता है… पर रुकता नहीं।”, “कुछ पल सपने जैसे लगते हैं… और यह उनमें से एक था। मेरा पहला फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड 'चंदू चैंपियन' के लिए। टीवी पर सिर्फ़ ‘ब्लैक लेडी’ को देखा करता था, और आज उसे हाथों में थामना… यह उन सब सपने देखने वालों के लिए है जो कभी हार नहीं मानते।” कार्तिक ने अपने निर्देशक कबीर ख़ान के प्रति भी गहरी कृतज्ञता जताई, उन्हें “सच्चाई, भावना और ताकत से भरे फ़िल्मकार बताते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ़ निर्देशन नहीं किया, बल्कि उन्हें एक कलाकार के रूप में “बदल” दिया। उन्होंने निर्माताओं साजिद नाडियाडवाला और वर्धा ख़ान नाडियाडवाला को भी उनके अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही सुदीप चटर्जी को हर फ़्रेम में भावना भरने के लिए और प्रीतम को फ़िल्म में आत्मिक संगीत देने के लिए शुक्रिया कहा। सबसे भावुक पल तब आया जब कार्तिक ने यह अवॉर्ड वास्तविक हीरो मुरलीकांत पेटकर जी को समर्पित किया, जिनकी प्रेरणादायक यात्रा आज भी लाखों लोगों को आगे बढ़ने की ताकत देती है। कार्तिक जल्द ही करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बन रही रोमांटिक कॉमेडी 'तू मेरा मैं तेरी, मैं तेरा तू मेरी' में नज़र आएंगे। इसके अलावा, उनकी आनेवाली फिल्मों में अनुराग बसु की एक अनटाइटल्ड लव स्टोरी और बहुप्रतीक्षित फ़िल्म नागज़िला भी शामिल है।