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अयोध्या में दिखेगी योगी सरकार के विकास की झांकियां

दीपोत्सव 2025: दीपोत्सव पर दिखेगा विकास और संस्कृति का अनूठा संगम अयोध्या में दिखेगी योगी सरकार के विकास की झांकियां दीपोत्सव पर योगी सरकार की उपलब्धियों पर साकेत से निकाली जाएंगी 22 झांकियां पर्यटन व संस्कृति विभाग रामायण के सातों कांड पर निकालेगा झांकियां  झांकियों के साथ दिखेगी राज्यों की लोक कलाएं – हरियाणा का फाग और केरल का कथककली लोक नृत्य होंगे आकर्षण का केंद्र  पांच सौ से अधिक कलाकार देंगे प्रस्तुति अयोध्या भगवान राम की नगरी अयोध्या में इस बार नौवां दीपोत्सव न केवल दीपों की जगमगाहट से, बल्कि प्रदेश के विकास और भारतीय संस्कृति की जीवंत झांकियों से भी सजेगा। योगी सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए सूचना विभाग द्वारा 15 आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी, जबकि पर्यटन संस्कृति विभाग रामायण के सातों कांडों पर आधारित थीम पर झांकियां प्रस्तुत करेगा। जिसमें 22 झांकियां साकेत महाविद्यालय में तैयार हो रही हैं। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य दीपोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे।  जिला सूचना अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना विभाग की झांकियां योगी सरकार के विकास कार्यों को दर्शाएंगी। इनमें उत्तर प्रदेश में हुए बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास जैसे क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। ये झांकियां प्रदेश की प्रगति और समृद्धि का प्रतीक होंगी। दूसरी ओर, संस्कृति विभाग द्वारा रामायण के सात कांडों बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किन्धाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड पर आधारित झांकियां तैयार की जा रही हैं। ये झांकियां भगवान राम के जीवन और रामायण की शिक्षाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। झांकियों को आकर्षक व तकनीकी बनाने के लिए दिया जा रह विशेष ध्यान संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि सूचना विभाग द्वारा नामित की गई कम्पनी ने झांकियों को आकर्षक और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए विशेष ध्यान दिया है। ये झांकियां न केवल दृश्यात्मक रूप से प्रभावशाली होंगी, बल्कि इनमें आधुनिक तकनीक का उपयोग भी किया जाएगा ताकि दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्राप्त हो। इसके अतिरिक्त, दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या को दीपों से सजाया जाएगा। रामपथ, भक्ति पथ और अन्य प्रमुख स्थानों पर लाखों दीप जलाए जाएंगे, जो विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में एक और कदम होगा। इस आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी शामिल होंगे। जानिए, कौन कौन से राज्य की दिखेंगी लोककलाएं  इस बार दीपोत्सव में सांस्कृतिक विविधता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। देश के विभिन्न राज्यों की लोक कलाएं और नृत्य इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होंगे। हरियाणा का फाग, केरल का कथककली, राजस्थान का झूमर, पंजाब का भांगड़ा, ओडिशा का संबलपुरी, गाजीपुर का डिबिया और पश्चिम बंगाल व मध्य प्रदेश की लोक कलाएं अयोध्या के रामपथ पर अपनी छटा बिखेरेंगी। ये प्रस्तुतियां न केवल सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करेंगी, बल्कि देश की एकता और विविधता को भी रेखांकित करेंगी। इस भव्य आयोजन में लगभग 500 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लेंगे। सरकार की उपलब्धियों को ये झांकियां करेंगी प्रस्तुत इवेंट के लिए जिम्मेदार कंपनी विविद इंडिया के एक प्रतिनिधि के अनुसार दीपोत्सव में प्रयागराज महाकुंभ, काशी कॉरिडोर, कृषि पशु पालन, आयुष्मान कैशलेस, डिफेंस कॉरिडोर, उत्तर प्रदेश को बेहतर बनाना हमारी प्रतिबद्धता, स्वच्छ एवं हरित उत्तर प्रदेश, विकसितअ भारत, उत्तर प्रदेश पुलिस सुरक्षा,  प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना, आत्मनिर्भर नारी, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा कराए गए कार्यों की झलक दिखाई पड़ेगी।

नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी का शुभारंभ: अमित शाह ने कहा, न्याय तक पहुंचेगा पारदर्शी मार्ग

जयपुर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को अपने तीसरे राजस्थान दौरे पर जयपुर पहुंचे। यहां उन्होंने जयपुर एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर, सीतापुरा में तीन नए आपराधिक कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी एक जुलाई 2024 से लागू इन नए कानूनों के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है। इस अवसर पर शाह ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम विकास और न्याय दोनों का समन्वय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की न्याय व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन हो रहा है। इन तीनों कानूनों के माध्यम से आम नागरिकों की न्याय तंत्र तक तेजी से, सुलभ और पारदर्शी रूप में पहुंच सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को अब औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त कर आधुनिक भारत की जरूरतों के अनुरूप बनाया गया है। शाह ने बताया कि देशभर में इन नए कानूनों के सफल क्रियान्वयन को लेकर केंद्र सरकार लगातार निगरानी और सुधार कर रही है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से जनसामान्य को कानूनों की बारीकियों और उनके व्यवहारिक उपयोग से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज का यह दिन केवल न्याय व्यवस्था के नवाचार का नहीं बल्कि राजस्थान के विकास के नए अध्याय की शुरुआत का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के दौरान 35 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए थे, जिनमें से 3 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट जमीन पर उतर चुके हैं और 4 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट का भूमिपूजन आज इसी मंच से किया गया। इसके अलावा उन्होंने लगभग 9,600 करोड़ रुपए के 1100 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर पीएम सूर्य घर योजना के तहत 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल की भी शुरुआत की गई। शाह ने कहा कि यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित डीजीपी राजीव शर्मा ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों का लागू होना देश के लिए ऐतिहासिक कार्य है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद इतने बड़े पैमाने पर आपराधिक न्याय प्रणाली में बदलाव पहली बार हुआ है। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने धारा 370 हटाने और नक्सली समस्या के समाधान जैसे ऐतिहासिक निर्णय देखे हैं। वहीं राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि यह प्रदर्शनी आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इससे नागरिकों को नए कानूनों की उपयोगिता और प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा में प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि कानून केवल दंड का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का सशक्त आधार भी है। कार्यक्रम में केंद्रीय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, न्याय पालिका के सदस्य, पुलिस विभाग, विधि विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में छात्र एवं नागरिक उपस्थित रहे।

घर में करें वास्तु अनुसार बदलाव, रुक जाएगी पैसों की बर्बादी

अगर आप अपने घर में वास्तु नियमों का ध्यान रखते हैं, तो इससे सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। कई बार बहुत ज्यादा मेहनत करने के बाद भी व्यक्ति को अपनी इच्छा के अनुसार परिणाम नहीं मिल पाते, जिसका एक कारण वास्तु दोष का भी माना जाता है। दिशाओं का रखें ध्यान वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व माना गया है और इससे संबंधित कुछ नियम भी बताए गए हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी से संबंधित चीजों को हमेशा घर की उत्तर दिशा में रखना चाहिए जैसे बोरिंग, फाउंटेन या फिर पानी की टंकी आदि। इसी के साथ उत्तर दिशा में धन या तिजोरी को रखने से भी आपको लाभ मिल सकता है। वहीं, वास्तु के मुताबिक घर की पूर्व दिशा को जितना हो सके हमेशा खाली रखना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे। घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा को भी खाली और साफ-सुथरा रखना चाहिए। इसके साथ ही पृथ्वी तत्व को मजबूत करने के लिए आप इस जगह पर भारी लकड़ी का फर्नीचर रख सकते हैं। वास्तु के अनुसार, ऐसा करने से फिजूल खर्चों पर रोक लग सकती है। इन दिशाओं में ये छोटे-छोटे बदलाव करने पर आपको काफी फायदा देखने को मिल सकता है। इन गलतियों लग सकता है वास्तु दोष अगर आप कुछ वास्तु नियमों की अनदेखी करते हैं, तो इससे भी धन की बर्बादी का सामना करना पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन के ठीक सामने बाथरूम नहीं बनवाना चाहिए। इसी के साथ घर में कभी भी खराब घड़ी नहीं लगानी चाहिए। यह भी धन खर्च का कारण बन सकती है। इन सभी नियमों की अनदेखी करने पर भी व्यक्ति को वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है। जिसकी वजह से व्यक्ति को पैसों से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।  

दिवाली से पहले पंजाब में बेटियों को मिली राहत, मान सरकार ने किया ऐलान

पंजाब  सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा अशीर्वाद योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति वर्ग की 5751 लाभार्थी बेटियों को कुल 29.33 करोड़ रूपए की राशि जारी की गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अशीर्वाद योजना के तहत जिला बठिंडा, बरनाला, फरीदकोट, फाज़िल्का, फिरोज़पुर, श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर (मोहाली), एस.बी.एस. नगर (नवांशहर), संगरूर और मालेरकोटला जिलों की 5751 लाभार्थी बेटियों के आवेदन अशीर्वाद पोर्टल पर प्राप्त हुए थे। इन सभी लाभार्थियों को सहायता प्रदान करने के लिए कुल 29.33 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। उन्होंने बताया कि इस राशि से जिला बरनाला की 58, बठिंडा की 633, फरीदकोट की 67, फिरोज़पुर की 349, श्री फतेहगढ़ साहिब की 106, गुरदासपुर की 265 और होशियारपुर की 70 लाभार्थी बेटियों को वित्तीय सहायता दी गई है। इसी प्रकार जालंधर की 1087, लुधियाना की 839, मोगा की 885, श्री मुक्तसर साहिब की 192, पटियाला की 357, रूपनगर की 147, एस.ए.एस. नगर की 65, एस.बी.एस. नगर की 359, संगरूर की 210 और मालेरकोटला की 62 लाभार्थी बेटियों को भी इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अशीर्वाद योजना के तहत राज्य सरकार गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 51,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लोक-कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक पंजाब राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए, उसका परिवार गरीबी रेखा से नीचे हो, और वह अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित हो। परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 32,790 रुपए से कम होनी चाहिए। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही लाभ दिया जा सकता है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि सहायता राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी बी टी ) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जहाँ सभी वर्गों की भलाई के लिए कार्य कर रही है, वहीं अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के कल्याण के लिए भी लगातार प्रयासशील है।

दिल्ली टेस्ट का क्लाइमैक्स बाकी, भारत को जीत के लिए चाहिए 58 रन

नई दिल्ली भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों टेस्ट सीरीज का दूसरा एवं आखिरी मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेड‍ियम में हो रहा है. इस मुकाबले में चौथे दिन (13 अक्टूबर) का खेल समाप्त हो चुका है. स्टम्प के समय भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में एक विकेट पर 63 रन बना लिए हैं. भारत अब जीत से केवल 58 रन दूर है. साई सुदर्शन 30 और केएल राहुल 25 रन बनाकर नाबाद हैं. वेस्टइंडीज की टीम ने भारत को जीत के लिए 121 रनों का टारगेट दिया है. वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी पारी 390 रन बनाए. भारतीय टीम ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी 518/5 के स्कोर पर घोषित कर दी थी. इसके बाद वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में 248 रन बनाए. भारत को पहली पारी के आधार पर 270 रनों की लीड मिली और उसने वेस्टइंडीज को फॉलोऑन दिया. टीम इंडिया ने अहमदाबाद में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में पारी और 140 रनों से जीत हासिल की थी. यानी शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम टेस्ट सीरीज में 1-0 से आगे है. रनचेज में भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसावल 8 रनों के निजी स्कोर पर जोमेल वॉरिकन का शिकार बने. इसके बाद केएल राहुल और साई सुदर्शन ने नाबाद अर्धशतकीय साझेदारी करके भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया है. भारत की दूसरी पारी का स्कोरकार्ड: (63/1, 18 ओवर) बल्लेबाज                          विकेट                                               रन यशस्वी जायसवाल     कैच एंडरसन फिलिप, बोल्ड जोमेल वॉरिकन     8 केएल राहुल                     नाबाद                                                      25* साई सुदर्शन                     नाबाद                                                      30* विकेट पतन: 9-1 (यशस्वी जायसवाल, 1.3 ओवर) ऐसी रही वेस्टइंडीज की दूसरी पारी फॉलोऑन खेलते हुए वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी इनिंग्स में तेजनारायण चंद्रपॉल (10 रन) और एलिक अथानाज (7 रन) के विकेट सस्ते में गंवा दिए. 35 रनों पर दो विकेट गिरने के बाद जॉन कैम्पबेल और शाई होप ने तीसरे विकेट के लिए शतकीय पार्टनरशिप करके विंडीज की वापसी कराई. कैम्पबेल अपने टेस्ट करियर का बेस्ट स्कोर बनाने में कामयाब रहे. वहीं शाई होप भी अरसे बाद टेस्ट क्रिकेट में अच्छी लय में दिखे. मैच के चौथे दिन के पहले सेशन में भी जॉन कैम्पबेल और शाई होप का जलवा देखने को मिला. कैम्पबेल ने रवींद्र जडेजा की गेंद पर छक्का लगाकर अपने टेस्ट करियर का पहला शतक पूरा किया. कैम्पबेल ने 199 गेंदों का सामना करते हुए 115 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और तीन छक्के शामिल रहे. रवींद्र जडेजा ने कैम्पबेल को एलबीडब्ल्यू आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा. कैम्पबेल और होप के बीच तीसरे विकेट के लिए 177 रनों की साझेदारी हुई. जॉन कैम्पबेल के आउट होने के बाद शाई होप संग कप्तान रोस्टन चेज ने मोर्चा संभाला और चौथे विकेट के लिए 59 रनों की पार्टनरशिप की. इस पार्टनरशिप के दौरान होप अपना शतक पूरा करने में सफल रहे. होप के करियर का ये तीसरा शतक रहा. होप 8 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में शतक बनाने में कामयाब रहे. होप को मोहम्मद सिराज ने बोल्ड किया. होप ने 214 गेंदों का सामना करते हुए 103 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और दो छक्के शामिल रहे. शाई होप के आउट होने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने वापसी. कुलदीप यादव ने टेविन इमलाच (12 रन), रोस्टन चेज (40 रन) और खैरी पियरे (0 रन) को चलता किया. वहीं जसप्रीत बुमराह ने जोमेल वॉरिकन (3 रन) और एंडरसन फिलिप (2 रन) को पवेलियन भेजा. 311 रनों पर 9वां विकेट गिरने के बाद जस्टिन ग्रीव्स और जेडन सील्स ने भारतीय टीम को खासा परेशान किया. दोनों ने आखिरी विकेट के लिए 79 रनों की साझेदारी की. ग्रीव्स ने नाबाद 50 और सील्स ने 32 रन बनाए.

भवन स्वीकृति के बदले रिश्वत मांग रहा था ASI, लोकायुक्त ने पकड़ा रंगे हाथ

शहडोल  जिले के धनपुरी नगरपालिका में सोमवार को लोकायुक्त रीवा टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) इंद्र बहादुर सिंह उर्फ आईबी सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एएसआई 3 हजार रुपए की रिश्वत वार्ड नंबर 2 के निवासी योगेंद्र वर्मा से भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए ले रहा था। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से पूरे नगरपालिका परिसर में हड़कंप मच गया। भवन स्वीकृति के नाम पर मांगी थी 10 हजार की रिश्वत जानकारी के अनुसार, पीड़ित योगेंद्र वर्मा ने अपने घर के निर्माण के लिए नगरपालिका से अनुमति के लिए आवेदन किया था। इस दौरान एएसआई इंद्र बहादुर सिंह ने उससे 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। काफी मोलभाव के बाद राशि 5 हजार रुपए तय हुई, जिसमें से 2 हजार रुपए पहले ही दिए जा चुके थे। शेष 3 हजार रुपए की दूसरी किस्त देने के समय ही लोकायुक्त ने जाल बिछाया और एएसआई को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। 15 सदस्यीय टीम ने दी दबिश लोकायुक्त रीवा की 15 सदस्यीय विशेष टीम ने शुक्रवार को धनपुरी नगरपालिका कार्यालय में दबिश दी। टीम ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद की और आरोपी एएसआई को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान परिसर में मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई, कई लोग कार्यालय से भाग निकले। नपा का स्थाई कर्मचारी भी शामिल सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में एएसआई के साथ नगरपालिका का स्थायी कर्मचारी रज्जन चौधरी भी शामिल था। लोकायुक्त टीम ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है ताकि रिश्वतखोरी के नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। नगरपालिका में मचा हड़कंप लोकायुक्त की इस अचानक कार्रवाई से नगरपालिका में हड़कंप मच गया। कई कर्मचारी मौके से गायब हो गए, वहीं कुछ ने दस्तावेज़ों को छिपाने का प्रयास किया। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि धनपुरी नगरपालिका में लंबे समय से भ्रष्टाचार और मनमानी चल रही थी। लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी रिश्वत देनी पड़ती थी।  

गायक राजवीर जवंदा के बाइक हादसे में बड़ा खुलासा, पिंजौर में हुआ था एक्सीडेंट

चंडीगढ़  प्रसिद्ध पंजाबी गायक और अभिनेता 35 वर्षीय राजवीर जवंदा का निधन 8 अक्तूबर को अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया था। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया था कि उनकी मौत हिमाचल प्रदेश के बद्दी में हुए सड़क हादसे के कारण हुई, लेकिन अब सामने आई नई जांच रिपोर्ट ने इस दावे को गलत ठहराया है। जांच में खुलासा हुआ है कि बाइक दुर्घटना बद्दी में नहीं, बल्कि पिंजौर में हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हादसा 27 सितंबर को उस समय हुआ, जब जवंदा शिमला की ओर जा रहे थे। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और आरोप है कि पिंजौर स्थित एक निजी अस्पताल ने प्रारंभिक इलाज देने से मना कर दिया। इस देरी के कारण उनकी हालत और बिगड़ गई, जो संभवतः उनके जीवन के लिए घातक साबित हुई। लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल (LFHRI) की जांच रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि पिंजौर पुलिस स्टेशन की डेली डायरी रिपोर्ट (DDR) और स्थानीय जांच के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि पिंजौर के शौरी अस्पताल ने घायल गायक को आपातकालीन प्राथमिक उपचार देने से इनकार कर दिया। इसके बाद राजवीर जवंदा को क्रमशः पंचकूला के सरकारी अस्पताल, फिर पंचकूला के एक निजी अस्पताल और अंततः मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें 11 दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन वे जीवन की जंग हार गए। कानूनी कार्रवाई की तैयारी एडवोकेट नवकिरण सिंह LFHRI के महासचिव हैं। उन्होंने एक पत्रकार के साथ मिलकर दुर्घटना स्थल का दौरा किया और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। अब संगठन हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है, जिसमें चिकित्सीय लापरवाही (Medical Negligence) का मामला उठाया जाएगा। यह याचिका न केवल जवंदा के मामले में न्याय की मांग करेगी, बल्कि इन व्यापक मुद्दों को भी उजागर करेगी जैसे आपात स्थिति में अस्पतालों और डॉक्टरों की जिम्मेदारी, सड़कों पर आवारा पशुओं से बढ़ता खतरा और आपातकालीन चिकित्सा ढांचे की कमी।

17 साल बाद ऐतिहासिक क्षण! अमेरिका के राष्ट्रपति का इजराइल में भाषण और बंधकों की रिहाई

इजराइल  इजराइल और अमेरिका के संबंधों में  तब  ऐतिहासिक पल देखने को मिले जब   अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाजा में बंदी बनाए गए सभी जीवित इजराइली बंधकों की रिहाई के बाद उन्हें मिलने इजराइल पहुंचे। सबसे बड़ी बात यह है कि ट्रंप  इजराइल की संसद ‘कनेसट’ में भाषण देने जा रहे हैं। यह 17 सालों में पहला मौका है जब कोई सत्ता में मौजूद अमेरिकी राष्ट्रपति सीधे इजराइल की संसद के सामने भाषण देंगे। ट्रंप उसी समय  कनेसट पहुंचे जब गाजा में फंसे आखिरी इजराइली बंधकों को रिहा किया गया।  इस मौके को संघर्ष में मोड़ और परिवारों के पुनर्मिलन का क्षण माना जा रहा है। ट्रंप का यह दौरा अंतरराष्ट्रीय शांति व्यवस्था के लिए लंबे समय तक प्रयास करने का प्रतीक भी है। ट्रंप ने इजरायली नेसेट में एक साहसिक हस्तलिखित संदेश के साथ आधिकारिक अतिथि पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए:"यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। एक महान और सुंदर दिन। एक नई शुरुआत।" संदेश पर येरूशलम में हस्ताक्षर किए गए, जिसमें नेतन्याहू उनके साथ खड़े थे, जब 20 बंधकों ने हमास की कैद से इजराइल की ओर अपनी यात्रा पूरी की।   हमास ने बचे हुए 13 इजराइली बंधकों को इजराइल में पहुंचाने के लिए सौंप दिया। इजराइली अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी बंधक सुरक्षित हैं और “खड़े होकर” यात्रा कर रहे हैं।रिहाई प्रक्रिया में रेड क्रॉस ने सहायता की, और IDF की टीमें उनकी आगमन पर स्वागत के लिए तैयार हैं। इससे पहले, आज कुल 20 इजराइली परिवारों अपने प्रियजनों से फिर से मिल पाएंगे। अमेरिकी शांति मिशन के सदस्य स्टीव विटकॉफ़ ने कहा-"मैंने कभी सोचा नहीं था कि यह दिन देख पाऊंगा।   यह जानकर दिल को बहुत राहत मिली कि इतने सारे परिवार आखिरकार अपने प्रियजनों से मिलेंगे।लेकिन इस खुशी के बीच, उनका दिल उन लोगों के लिए दुखी है, जिनके प्रियजन जीवित नहीं लौटेंगे। उनके शवों को लाना उनका सम्मान है और उनकी याद को हमेशा के लिए सम्मानित करेगा।मैं राष्ट्रपति ट्रंप के अदम्य साहस और नेतृत्व के लिए अत्यंत आभारी हूं। यह दिन उनके बिना संभव नहीं होता।"ट्रंप का भाषण न केवल बंधकों की रिहाई का जश्न है, बल्कि यह इजराइल और फिलिस्तीनी क्षेत्रों के लिए स्थायी शांति की दिशा में संकेत भी देता है। राजनीतिक विश्लेषक इसे पारंपरिक संघर्षों को कम करने और दीर्घकालीन शांति ढांचा बनाने का अवसर मान रहे हैं।

मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे:CM योगी

मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन को दी मंजूरी, विशेषज्ञ सेल और सैटेलाइट ऑफिस स्थापित होंगे मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में गठित होंगे विशेषज्ञ सेल इन्वेस्ट यूपी को अधिक कार्यकुशल, विशेषज्ञता-आधारित और निवेशक-केंद्रित संस्था के रूप में विकसित करना है पुनर्गठन का उद्देश्य: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश: प्रत्येक प्रकोष्ठ का कार्यक्षेत्र स्पष्ट, निवेशक केंद्रित और परिणामोन्मुख बनाया जाए 11 महाप्रबंधक/सहायक महाप्रबंधक पदों पर कार्योत्तर स्वीकृति, दो संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पीसीएस संवर्ग) की प्रतिनियुक्ति पर होगी तैनाती ‘एकल निवेश सुविधा एजेंसी’ के रूप में और व्यवस्थित होगी इन्वेस्ट यूपी 2024-25 में लगभग 4,000 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित, कुल संख्या 27,000 तक पहुंची मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के माध्यम से प्रक्रिया सरल और डिजिटल बनाने के निर्देश दिए ‘सेफ सिटी’ की तर्ज पर ‘सेफ इंडस्ट्री’ की परिकल्पना: सीसीटीवी, सुरक्षा और निवेशक विश्वास बढ़ाने पर जोर फोकस कंट्री डेस्क के माध्यम से होगा जापान, कोरिया, जर्मनी और खाड़ी देशों के निवेशकों से सक्रिय संवाद ‘चाइना+1’ रणनीति के तहत बहुराष्ट्रीय कंपनियों का उत्तर प्रदेश में निवेश, 219 कंपनियाँ सक्रिय चरण में मुख्यमंत्री का निर्देश, भूमि अधिग्रहण पर मिले उचित मुआवजा, सर्किल रेट असमानताओं का समापन करायें फॉर्च्यून 1000 सूची की 814 कंपनियों को अकाउंट मैनेजर आवंटित, अब तक 50 नए एमओयू हस्ताक्षरित,280 से अधिक कंपनियों से संवाद प्रगति पर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को सम्पन्न इन्वेस्ट यूपी शासी निकाय की पहली बैठक में प्रदेश के औद्योगिक निवेश ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी। नए ढांचे के तहत टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेल गठित किए जाएंगे। साथ ही मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस स्थापित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से घरेलू और वैश्विक निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित कर उत्तर प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन कार्यालयों के संचालन में पारदर्शिता, दक्षता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्गठन का उद्देश्य इन्वेस्ट यूपी को अधिक कार्यकुशल, विशेषज्ञता-आधारित और निवेशक-केंद्रित संस्था के रूप में विकसित करना है। बैठक में 11 महाप्रबंधक/सहायक महाप्रबंधक पदों पर कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। साथ ही, दो संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पीसीएस संवर्ग) को प्रतिनियुक्ति पर तैनात करने तथा भूमि बैंक प्रकोष्ठ गठित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें दो पीसीएस अधिकारी (उपजिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी स्तर) तैनात होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ढांचा इन्वेस्ट यूपी को एक ‘एकल निवेश सुविधा एजेंसी’ के रूप में सशक्त बनाएगा, जो न केवल निवेश आकर्षित करेगी बल्कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन तक उनकी सक्रिय निगरानी भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि इस ढांचे को त्वरित प्रभाव से लागू किया जाए और प्रत्येक प्रकोष्ठ का कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित हो, ताकि निवेश संवर्धन की दिशा में समन्वित और परिणामोन्मुख व्यवस्था विकसित हो सके। बैठक में बताया गया कि बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में लगभग 4,000 नई फैक्ट्रियाँ स्थापित हुईं, जिससे कुल संख्या लगभग 27,000 तक पहुँच गई है। वर्ष 2022-23 तक प्रतिवर्ष औसतन 500 नई इकाइयाँ स्थापित हो रही थीं, जिनमें अब कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ मंत्र के सफल क्रियान्वयन से राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। बैठक में निवेश प्रोत्साहन और सुविधा व्यवस्था की समीक्षा की गई। बताया गया कि फॉर्च्यून 1000 सूची की 814 कंपनियों को अकाउंट मैनेजर आवंटित किए गए हैं। अब तक 50 नए एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं तथा 280 से अधिक कंपनियों से संवाद प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशक इकाइयों को भूमि, सब्सिडी आदि के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी संवाद बढ़ाया जाए। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश अब नीतिगत प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि ‘ग्राउंड लेवल डिलीवरी’ का उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल 3.0 के माध्यम से आवेदन, स्वीकृति और प्रोत्साहन की प्रक्रिया को और सरल किया जा रहा है, जिससे 30% तक प्रक्रिया समय और 50% तक दस्तावेजी औपचारिकताओं में कमी आएगी। पोर्टल में सिंगल साइन-ऑन, डायनेमिक एप्लीकेशन सिस्टम, एआई आधारित चैटबॉट, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएँ शामिल की जा रही हैं, जो निवेशकों के अनुभव को और अधिक सुगम बनाएंगी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिया कि वे मासिक लक्ष्य निर्धारित करें और स्वीकृत परियोजनाओं की ‘लेटर्स ऑफ कम्फर्ट’ जारी करने की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करें। उन्होंने कहा कि नीति के अनुरूप देय इंसेंटिव बिना किसी बाधा के समय पर वितरित किए जाएँ तथा इंडस्ट्रियल बिल्डिंग बायलॉज को और अधिक व्यावहारिक एवं निवेशक हितैषी बनाया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि फोकस कंट्री डेस्क के माध्यम से जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, फ्रांस, रूस, ताइवान, सिंगापुर और खाड़ी देशों के निवेशकों से सक्रिय संवाद स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वैश्विक मंचों पर उत्तर प्रदेश की औद्योगिक छवि को और सुदृढ़ किया जाए तथा प्रत्येक कंट्री डेस्क ठोस निवेश परिणामों पर कार्य करे। मुख्यमंत्री ने यूपीडा, यूपीसीडा, बीडा और अन्य औद्योगिक प्राधिकरणों को ऑटोमोबाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और लेदर जैसे क्षेत्रों में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि ‘चाइना+1’ रणनीति के तहत उत्तर प्रदेश अब बहुराष्ट्रीय कंपनियों का पसंदीदा निवेश केंद्र बन रहा है। वर्तमान में 219 कंपनियाँ निवेश प्रक्रिया के सक्रिय चरण में हैं, जिनमें कई जापान, कोरिया और ताइवान की अग्रणी कंपनियाँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन प्रस्तावों की सतत मॉनिटरिंग की जाए और सभी विभाग इन अवसरों को मूर्त रूप देने के लिए समन्वित ढंग से कार्य करें। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के पास 25,000 एकड़ से अधिक ग्रीनफील्ड भूमि तथा 6,300 एकड़ से अधिक रेडी-टू-मूव भूमि निवेश हेतु उपलब्ध है। … Read more

दवा सुरक्षा अलर्ट: पंजाब सरकार ने आठ दवाओं पर लगाई रोक, तीन कंपनियां निशाने पर

पटियाला सरकारी अस्पतालों में मरीजों पर दवाओं के प्रतिकूल असर की शिकायतों के बाद पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने तीन फार्मा कंपनियों की आठ दवाओं के उपयोग और खरीद पर तत्काल रोक लगा दी है। यह आदेश राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में लागू रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिन दवाओं से मरीजों को नुकसान हुआ है, उनके नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रोक लगी दवाओं में नॉर्मल सेलाइन, डेक्सट्रोज इंजेक्शन, सिप्रोफ्लॉक्सासिन इंजेक्शन, डीएनएस 0.9%, एनआई2 + डेक्सट्रोज आईवी फ्लूइड और बुपिवाकेन एचसीएल विद डेक्सट्रोज इंजेक्शन शामिल हैं। इनका निर्माण 2023 से 2025 के बीच हुआ है, जबकि एक्सपायरी 2026 से 2028 तक की है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जनों और अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि इन दवाओं का उपयोग तुरंत बंद किया जाए और उपलब्ध स्टॉक को सुरक्षित रखकर रिपोर्ट भेजी जाए। विभागीय पत्र में कहा गया है कि कुछ अस्पतालों में इन दवाओं से प्रतिकूल प्रतिक्रिया के मामले सामने आए हैं, इसलिए एहतियात के तौर पर इनके उपयोग को अगली सूचना तक रोका गया है।