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दीपोत्सव 2025: कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में 33 हजार वालंटियर्स रचेंगे इतिहास

दीपोत्सव 2025: सीएम योगी के नेतृत्व में अयोध्या बनेगी विश्व की दीप नगरी दीपोत्सव 2025: कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में 33 हजार वालंटियर्स रचेंगे इतिहास दीपोत्सव 2025: 56 घाटों पर सजे 28 लाख दीए, घाट संख्या-10 पर 80 हजार दीयों से ‘स्वास्तिक’ का आकार -वालंटियर्स को दिए विशेष दिशा-निर्देश, सूती वस्त्रों में ही करेंगे दीयों का प्रज्वलन -भोजन, परिवहन और समन्वय की चाक-चौबंद व्यवस्था अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रामनगरी अयोध्या इस बार दीपों की ऐसी अलौकिक आभा में नहाएगी, जो पूरी दुनिया के लिए मिसाल बनेगी। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में दीपोत्सव-2025 को ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस आयोजन में 33 हजार वालंटियर्स की भूमिका अहम रहेगी, जो 26 लाख 11 हजार एक सौ एक दीयों को प्रज्ज्वलित कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएंगे। विश्वविद्यालय व प्रशासन की संयुक्त पहल से गूंजी रामनगरी विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी घाटों पर दीये बिछाने का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने स्वयं घाटों का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उनका कहना है कि “यह दीपोत्सव अलौकिक और अविस्मरणीय होगा। प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से समता और समरसता का संदेश पूरे विश्व में पहुंचेगा।” 56 घाटों पर जगमगाएंगे दीये, 75 सदस्यीय टीम कर रही गणना सरयू तट के 56 घाटों पर विश्वविद्यालय की 2,000 से अधिक सदस्यों की टीम तैनात है। दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि 28 लाख से अधिक दीए बिछाए जा चुके हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम द्वारा घाटवार दीयों की गणना की जा रही है। घाट संख्या-10 पर विश्वविद्यालय के वालंटियर्स ने 80 हजार दीयों से ‘स्वास्तिक’ का विशाल प्रतीक बनाकर शुभता का संदेश दिया है। सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष ध्यान, वालंटियर्स को दिए दिशा-निर्देश घाटों पर बिना पहचान-पत्र (आईडी कार्ड) के प्रवेश वर्जित रहेगा। सभी वालंटियर्स सूती परिधान में ही घाटों पर उपस्थित रहेंगे। दीयों में तेल भरने के लिए प्रत्येक वालंटियर को एक लीटर सरसों तेल की बोतल दी जाएगी। तेल डालने और बाती प्रज्वलित करने के लिए विशेष सावधानी बरती जाएगी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि “हर घाट पर निर्धारित संख्या में कैंडल, माचिस और प्रज्वलन सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। भोजन, परिवहन व समन्वय की भी पुख्ता व्यवस्था दीपोत्सव स्थल पर सभी वालंटियर्स व पदाधिकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। यह प्रबंधन प्रो. हिमांशु शेखर सिंह के नेतृत्व में प्रो. प्रवीन राय, डॉ. रामजी सिंह और डॉ. अनुराग तिवारी की टीम द्वारा किया जा रहा है। विश्वविद्यालय से घाटों तक 5 दर्जन बसों द्वारा वालंटियर्स को भेजा जा रहा है। यातायात समिति के संयोजक प्रो. अनूप कुमार ने बताया कि सभी टीमों को समय से राम की पैड़ी पहुंचाया जा रहा है ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। विश्व रिकॉर्ड की ओर अयोध्या, जगमगाएगी सरयू तट की 56 घाटों की श्रृंखला दीपोत्सव के दिन, 19 अक्टूबर को अयोध्या सरयू तट का हर घाट राममय होगा। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने विश्वास जताया है कि इस बार का दीपोत्सव "अद्भुत, आलौकिक और अविस्मरणीय” बनेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी सांस्कृतिक पहचान का दीप जलाने जा रही है।

दिवाली-छठ के दौरान नासिक में हादसा, भीड़ में ट्रेन से कटकर तीन गंभीर घायल

 नासिक  महाराष्ट्र के नासिक रेलवे स्टेशन पर दर्दनाक हादसा सामने आया है. मुंबई से बिहार जाने वाली कर्मभूमि एक्सप्रेस को पकड़ने की कोशिश में तीन यात्री ट्रेन की चपेट में आ गए. इस हादसे में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है. जानकारी के अनुसार, त्योहारों के मौसम में मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों से बड़ी संख्या में लोग अपने गांव लौट रहे हैं. इसी दौरान नासिक स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी ने दो यात्रियों की जान ले ली. कैसे हुआ हादसा? बताया जा रहा है कि कर्मभूमि एक्सप्रेस नासिक स्टेशन पर नहीं रुकती है, लेकिन ट्रेन की रफ्तार यहां थोड़ी धीमी थी. इसी दौरान तीन यात्रियों ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की और तभी वे ट्रेन की चपेट में आ गए. रेलवे अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया. गंभीर रूप से घायल यात्री को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों की पहचान की जा रही है. ये सभी बिहार जाने वाले यात्री बताए जा रहे हैं. रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ यह हादसा एक बार फिर से रेलवे सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है. त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और जल्दबाजी में लिए गए फैसले अक्सर जानलेवा साबित होते हैं. रेलवे को चाहिए कि वह ऐसे स्टेशनों पर सुरक्षा उपायों को और बेहतर करे, जहां ट्रेनें नहीं रुकतीं, लेकिन यात्रियों की भीड़ ज्यादा होती है. उधर दीपावली और छठ पर्व करीब आते ही राजधानी दिल्ली सहित देशभर के कई रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. खासतौर से उत्तर प्रदेश और बिहार के हजारों प्रवासी अपने घर लौटने के लिए रेलवे स्टेशन पर डटे हुए हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हालात ऐसे हैं कि पैर रखने की भी जगह नहीं दिख रही.  

पर्थ वनडे में बारिश ने रोका खेल, अब होगा 26-26 ओवर का मुकाबला

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया तीन मैच की वनडे सीरीज का पहला मैच आज यानी रविवार, 19 अक्टूबर को खेला जा रहा है। बारिश की वजह से मैच रुका हुआ है। मैच को अब और भी छोटा कर दिया गया है। पहले 35-35 ओवर का मैच होना था, जो बाद में 32-32 ओवर का खेला जाना था, लेकिन बारिश नहीं रुकी तो इसे 26-26 ओवर का कर दिया गया है। 2 बजे मैच शुरू होगा। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा 8 तो विराट कोहली बिना खाता खोले आउट हुए।  वहीं, कप्तान शुभमन गिल ने भी निराश किया और 10 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद श्रेयस अय्यर भी कुछ कमाल नहीं दिखा पाए और 11 रन बनाकर पवेलियन लौटे। जोश हेजलवुड ने 2 तो मिचेल स्टार्क और नाथन एलिस को 1-1 विकेट मिला है। बारिश की वजह से फिर मैच रोका गया है। केएल राहुल और अक्षर पटेल नाबाद हैं। भारत (प्लेइंग इलेवन): रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेट कीपर), नीतिश कुमार रेड्डू, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह ऑस्ट्रेलिया (प्लेइंग इलेवन): ट्रैविस हेड, मिशेल मार्श (कप्तान), मैथ्यू शॉर्ट, जोश फिलिप (विकेट कीपर), मैट रेनशॉ, कूपर कोनोली, मिशेल ओवेन, मिशेल स्टार्क, नाथन एलिस, मैथ्यू कुहनेमैन, जोश हेज़लवुड बारिश रुकी, मैच 2 बजे होगा शुरू पर्थ में बारिश रुक गई है। मैदान को सुखाया जा रहा है और पिच से कवर हटा लिए गए हैं। मैच अब 2 बजे शुरू होगा, जबकि मैच को अब 26-26 ओवर का किया गया है। 

दीपोत्सव 2025:राम की पैड़ी पर लेजर, लाइट एंड साउंड और ड्रोन शो से सजेगी दीपोत्सव की शाम

दीपोत्सव 2025: अयोध्या में सरयू तट पर 2100 श्रद्धालुओं की भव्य महा आरती का हुआ अभ्यास  दीपोत्सव 2025:राम की पैड़ी पर लेजर, लाइट एंड साउंड और ड्रोन शो से सजेगी दीपोत्सव की शाम दीपोत्सव 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के बाद 19 अक्टूबर को होगा मुख्य आयोजन – तीन दिनों तक तकनीक और भक्ति का संगम बनेगी अयोध्या की राम की पैड़ी – मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश दीपोत्सव में दिखे आधुनिकता और अध्यात्म का समन्वय अयोध्या भव्य दीपोत्सव 2025 से पहले अयोध्या नगरी तैयारियों के अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में इस बार राम की पैड़ी और सरयू तट पर तकनीक और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि आज 18 अक्टूबर की शाम 6 बजे से सरयू आरती स्थल पर 2100 लोगों द्वारा महा आरती का अभ्यास किया गया। यह आयोजन दीपोत्सव की मुख्य संध्या के लिए एक झलक प्रस्तुत करेंगे। सरयू तट पर 2100 लोगों की भव्य महा आरती शाम 6 बजे से सरयू तट पर होने वाली यह महा आरती अयोध्या के सांस्कृतिक वैभव की झलक दिखाएगी। इसमें विभिन्न समाजों के लोग एक साथ दीप प्रज्ज्वलित कर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” का संदेश देंगे। इस दौरान आरती की गूंज पूरे तट को आध्यात्मिक वातावरण से भर देगी। राम की पैड़ी पर तकनीक और श्रद्धा का संगम इसके साथ ही राम की पैड़ी पर लेजर शो, प्रोजेक्शन लाइट एंड साउंड शो एवं ड्रोन शो का अभ्यास भी किया गया। यह शो इस बार दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण रहेगा, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को तकनीकी रोशनी और ध्वनि के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे मुख्य आकर्षण जिलाधिकारी ने बताया कि 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के पश्चात, रात्रि लगभग 8:30 बजे से राम की पैड़ी पर इन तीनों कार्यक्रमों लेजर शो, लाइट एंड साउंड शो और ड्रोन शो का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर अयोध्या नगरी असंख्य दीयों की रौशनी में जगमगाएगी और सरयू तट से उठती भक्ति ध्वनि पूरे वातावरण को आलोकित करेगी। 20 अक्टूबर को भी होगा दिव्य आयोजन दीपोत्सव के उत्सव की निरंतरता बनाए रखने के लिए 20 अक्टूबर को शाम 7 बजे से भी राम की पैड़ी पर लेजर, लाइट एंड साउंड एवं ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को तीनों दिन अयोध्या के दिव्य स्वरूप का अनुभव प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दीपोत्सव के आयोजन में तकनीकी गुणवत्ता, सुरक्षा और सौंदर्य का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या को इस दीपोत्सव के माध्यम से विश्व स्तर पर भक्ति, संस्कृति और आधुनिकता के अद्भुत मेल का प्रतीक बनाया जाए।

चांडलर लैंगविन के बयान से बवाल, भारतीयों पर की गई टिप्पणी से भड़की प्रतिक्रियाएं

वाशिंगटन अमेरिकी लीडर चांडलर लैंगविन ने भारतीयों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कई आपत्तिजनक पोस्ट किए हैं। इसे लेकर उन पर जमकर निशाना साधा जा रहा है। फ्लोरिडा के इस राजनेता की टिप्पणियों के खिलाफ सिटी काउंसिल ने निंदा प्रस्ताव पारित किया। रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम के बाद लैंगविन को अब कोई भी एजेंडा तय करने से पहले सहमति लेनी होगी। साथ ही, उन्हें आधिकारिक बयान से रोक दिया गया है और समितियों से भी हटा दिए गए हैं। लैंगविन ने भारतीयों की सामूहिक रूप से निर्वासन की मांग की थी। उसने कहा कि कोई भी भारतीय यूएस की परवाह नहीं करता और वे केवल आर्थिक शोषण के लिए यहां हैं। चांडलर लैंगविन ने अपनी पोस्ट में भारतीयों पर अमेरिका का शोषण करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्टॉकटन हादसे का जिक्र किया, जहां भारतीय मूल के हरजिंदर सिंह पर गैरकानूनी यूटर्न के कारण तीन लोगों की मौत का आरोप है। 2 अक्टूबर को अपनी जन्मदिन की पोस्ट में लैंगविन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सभी भारतीयों के वीजा रद्द करने और उन्हें तत्काल निर्वासित करने की मांग की थी। उसने लिखा, 'आज मेरा जन्मदिन है और मैं चाहता हूं कि ट्रंप सभी भारतीय वीजा रद्द करें और उन्हें तुरंत निर्वासित करें। अमेरिका अमेरिकियों के लिए है।' अमेरिकी नेता के बयान की कड़ी निंदा लैंगविन ने कहा कि भारतीय अमेरिकियों की जेब खाली करने के लिए यहां हैं। वे अमेरिका की संस्कृति में घुलमिल नहीं सकते। 18 अक्टूबर की पोस्ट में उन्होंने रूढ़िवादी हिंदुओं और भारतीयों का जिक्र किया जो उनकी निर्वासन की मांग का समर्थन करते हैं। हालांकि, बाद में लैंगविन ने साफ किया कि उनकी टिप्पणियां केवल अस्थायी वीजा धारकों के लिए थीं, न कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए। इन टिप्पणियों के बाद अमेरिका भर में भारतीय-अमेरिकी समूहों ने लैंगविन की कड़ी निंदा की है। उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है। इस विवाद ने यूएस में नस्लीय और आप्रवासी मुद्दों पर चल रही बहस को और तेज कर दिया है।

बंगाल फतह की तैयारी में BJP, छह महीने पहले ही RSS के साथ शुरू हुआ मिशन

कोलकत्ता  बीजेपी ने पश्चिम बंगाल के बड़े मिशन के लिए छह महीने पहले से ही अपनी तैयारी अपनी चुनावी जमीनी तैयारियों पर अमल शुरू कर दिया है। राज्य में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और सभी हिस्सो में अपनी पहुंच को मजबूत करने के लिसए पार्टी ने तीन स्तरीय रणनीति पर काम करना शुरू किया है। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भी उसकी मदद कर रहा है। इस रणनीति में आरएसएस के कार्यकर्ता ओपीनियन लीडर और बीजेपी के बूथ कार्यकर्ता बिना कीसी शोर शराबे के लोगों को बदलाव के लिए तैयार कर रहे हैं। बता दें कि हाल के वर्षो में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में तेजी से अपना प्रभाव बढ़ाया है। तीन दशकों तक राज करने वाले वामपंथी दलों और उनके पहले सत्ता में रही कांग्रेस को बीजेपी ने सत्ता की लड़ाई से ही बाहर कर दिया है। अब लड़ाई में सत्तारूढ़ टीएमसी और ममता बनर्जी ही बची हैं। पिछले चुनाव में तीन से 77 तक पहुंची थी बीजेपी पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी सीटें तीन से बढ़ाकर 77 तक पहुंचा दी थीं। कांग्रेस और वामपंथी दलों का तो खाता भी नहीं खुल पाया था। तब बीजेपी ने बदलाव का एक माहौल तैयार कर दिया था। ममता बनर्जी ने सीधी लड़ाई में भारी जीत दर्ज की थी। हालांकि बीजेपी को अपनी जमीन मजबूत करने का मौका मिल गया था। कैसे गांव-गांव तक पहुंच रही बीजेपी बीजेपी ने पहले खुद को नीचे के स्तर पर मजबूत करना शुरू किया। संगठन में कुशल रणनीतिकार माने जाने वाले सुनील बंसल को बड़ी जिम्मेदारी दी गई। बीजेपी ने जमीनी स्तर पर जन-जन तक पहुंच बनाने के लिए ओपीनियन लीडर्स तैयार किए। पार्टी के एक बड़े नेता का कहना है कि लोगों में घुसपैठ को लेकर काफी नाराजगी है। इसके अलावा टीएमसी के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी बढ़ रही है। बीजेपी को अब लोगों को बदलाव का भरोसा दिलाना है। इसके लिए कार्यकर्ताओं से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक प्रयासरत है।

अंबिकापुर जिले के डॉ. ललित शुक्ला को मिला उत्कृष्ट राज्य मास्टर ट्रेनर पुरस्कार

रायपुर : आदि कर्मयोगी अभियान राष्ट्रीय कॉनक्लेव 2025 अंबिकापुर जिले के डॉ. ललित शुक्ला को मिला उत्कृष्ट राज्य मास्टर ट्रेनर पुरस्कार राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया गया सम्मानित रायपुर भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव 2025 में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास अम्बिकापुर के डॉ. ललित शुक्ला को उत्कृष्ट राज्य मास्टर ट्रेनर (आदि कर्मयोगी अभियान) के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के करकमलों से विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत चलाए जा रहे “आदि कर्मयोगी अभियान” में उनके उत्कृष्ट कार्यों, प्रशिक्षण एवं जनजातीय नेतृत्व को सशक्त बनाने के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा 10 जुलाई 2025 को आरंभ किए गए “आदि कर्मयोगी अभियान” का उद्देश्य भारत में जनजातीय समाज के लिए एक मजबूत, उत्तरदायी और सहभागी शासन प्रणाली विकसित करना है। इसे विश्व के सबसे बड़े जनजातीय नेतृत्व आंदोलन के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो कैडर आधारित मॉडल और अंतर-विभागीय अभिसरण पर केंद्रित है। इस अभियान के माध्यम से आदिवासी समुदायों के अंतिम छोर तक शासन, योजनाओं और सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

आड़ावाल पुनर्वास केंद्र में बदलाव की बुनियाद, माओवाद छोड़ चुके युवाओं को आजीविका का प्रशिक्षण

रायपुर : आड़ावाल नक्सल पुनर्वास केंद्र “नवां बाट” में आत्मसमर्पित माओवादियों को मिल रहा आजीविका प्रशिक्षण बस्तर संभागायुक्त ने निरीक्षण कर प्रशिक्षुओं से की मुलाकात रायपुर शासन की संवेदनशील पुनर्वास नीति का परिणाम है कि कभी बड़ी संख्या में माओवादी गतिविधियों में संलग्न युवा अब शांति के मार्ग के प्रगतिरत है। शासन की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में आत्मसमर्पित माओवादियों को आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। ऐसे ही पुनर्वास केंद्र आड़ावाल में 69 नक्सल आत्मसमर्पित युवाओं को आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिनमें 23 महिला एवं 12 पुरूषों को बकरी पालन के साथ-साथ फिनाइल एवं डिटर्जेंट निर्माण का प्रशिक्षण आरएसईटीआई के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। वहीं 34 पुरुष लाभार्थी ग्रामीण राजमिस्त्री के रूप में प्रशिक्षण आरएसईटीआई के माध्यम से दिया जा रहा है, ताकि वे मुख्यधारा में लौटकर आजीविका प्राप्त करने के साथ समाज में सम्मानपूर्वक अपना जीवन यापन कर सकें।  इस पुनर्वास केन्द्र का आज बस्तर के संभागायुक्त  डोमन सिंह ने निरीक्षण किया। जहां उन्होंने प्रशिक्षण की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रशिक्षुओं से आवासीय सुविधा, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण, सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सुधार संबंधी सुझाव दिए। उन्होंने आत्मसमर्पित लाभार्थियों के पुनर्वास एवं आजीविका संवर्धन हेतु संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाए जाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।   उल्लेखनीय है कि बस्तर जिले के पुनर्वास केंद्र का नाम “नवाँ बाट” रखा गया है जो एक गोंडी शब्द है। जिसका हिंदी में अर्थ “नई राह” होता है। यह इस पुनर्वास केंद्र की भावना को दर्शाता है जहां भटके हुए युवा समाज की मुख्यधारा में जुड़कर सम्मानजनक जीवन की नई राह पर आगे बढ़ने की दिशा में अग्रसर हैं।

दीपोत्सव ने बढ़ाई अयोध्या की भव्यता, बढ़ने लगी पर्यटकों की संख्या

दीपोत्सव 2025 अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड टूटा, इस वर्ष संख्या 23 करोड़ पार दीपोत्सव ने बढ़ाई अयोध्या की भव्यता, बढ़ने लगी पर्यटकों की संख्या  सीएम योगी के विजन के अनुरूप राम नगरी में बढ़ी सुविधाएं, हर बार से ज्यादा लोग पहुंचे 2025 में जून तक 23,81,64,744 भारतीय और 49,993 विदेशी श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रहे देसी-विदेशी पर्यटक  साल दर साल बढ़ता ही जा रहा धार्मिक पर्यटकों के आने का सिललिला  अयोध्या  योगी सरकार इस साल अयोध्या में सरयू तट पर नौवां दीपोत्सव मनाने जा रही है। राम मंदिर के अलावा यहां पिछले 8 साल से हर वर्ष आयोजित हो रहे दीपोत्सव के कारण अयोध्या की भव्यता और बढ़ गई है।  दीपोत्सव ने देश-विदेश में अयोध्या का आकर्षण बढ़ा दिया है। यही कारण है कि अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इनमें भारतीय पर्यटक तो अच्छी खासी संख्या में हैं ही विदेशियों की रुचि भी प्रभु श्रीराम की नगरी में बढ़ गई है।  साल दर साल बढ़ती जा रही पर्यटकों की संख्या अयोध्या में वर्ष 2017 से दीपोत्सव प्रारंभ हुआ है। इस बीच यहां 1,78,32,717 भारतीय एवं 25,141 विदेशी पर्यटक अयोध्या पहुंचे। इस प्रकार वर्ष 2017 में कुल 1,78,57,858 श्रद्धालुओं ने रामनगरी में दर्शन-पूजन किया। दीपोत्सव के दूसरे वर्ष 2018 में 1,95,34,824 भारतीय एवं 28,335 विदेशी नागरिकों ने रामनगरी में दर्शन किया। इस प्रकार कुल मिलाकर 1,95,63,159 लोगों ने वर्ष 2018 में अयोध्या में दर्शन-पूजन किया। ऐसे ही वर्ष 2019 में 2,04,63,403 भारतीय एवं 38,321 विदेशी मिलाकर कुल 2,04,91,724 श्रद्धालुओं ने अयोध्या में दर्शन किया। वर्ष 2020 में कोरोना के कारण पर्यटकों की संख्या में कमी देखने को मिली। इस साल 61,93,537 भारतीय एवं 2,611 विदेशी मिलाकर कुल 61,96,148 सैलानी अयोध्या पहुंचे। वहीं वर्ष 2021 में 1,57,43,359 भारतीय एवं 31 विदेशी पर्यटकों ने अयोध्या में दर्शन पूजन किया। 2021 में कुल 1,57,43,390 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए आए। इसी क्रम में वर्ष 2022 में 2,39,09,014 भारतीय एवं 1465 विदेशी पर्यटक अयोध्या पहुंचे। कुल मिलाकर 2,39,10,479 पर्यटक अयोध्या दर्शन के लिए यहां पहुंचे।  वर्ष 2023 में भारतीय 5,75,62,428 और 8468 विदेशी पर्यटक आए। इस तरह कुल 5,75,70,896 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए पहुंचे। इसके बाद 2024 में 16,43,93,474 भारतीय और 26048 विदेशी श्रद्धालु आए। इस तरह कुल 16,44,19,522 लोगों ने अयोध्या दर्शन किए। वहीं, 2025 में जनवरी से जून तक 23,81,64,744 भारतीय और 49,993 विदेशी समेत कुल 23,82,14,737 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए पहुंचे। नोट: यह जानकारी उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग लखनऊ द्वारा दी गई हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से बढ़े रोजगार के अवसर  अयोध्या में देश ही नहीं विदेश से भी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से अयोध्या में रोजगार में भी तेजी से वृद्धि होने लगी है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार तेजी से अयोध्या का विकास करने में लगी है। शानदार फोर लेन व सिक्स लेन सड़कों से अयोध्या जुड़ रही है। विश्वस्तरीय हवाई अड्डा व रेलवे स्टेशन के अलावा तमाम अन्य सुविधाएं विकसित होने से अयोध्या पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

नाराज़ RJD नेता का ड्रामा! टिकट ना मिलने पर फूट-फूटकर रोए, लालू-राबड़ी के घर मचा बवाल

पटना बिहार चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच पटना में जमकर ड्रामा हुआ. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर उस समय हंगामा मच गया, जब मधुबन विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार रहे मदन शाह अचानक वहां पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन करने लगे. मदन शाह ने आवास के बाहर गेट के ठीक सामने अपना कुर्ता फाड़ लिया और जमीन पर लेटकर जोर-जोर से रोने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में मदन शाह कहते नजर आ रहे हैं कि उनसे आरजेडी टिकट के बदले पैसे मांगे गए थे. उनका आरोप है कि जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो पार्टी ने उनका टिकट काटकर डॉ. संतोष कुशवाहा को पैसे लेकर दे दिया. मदन शाह ने कहा, "मैं सालों से पार्टी के लिए मेहनत कर रहा हूं, लेकिन टिकट पैसों के दम पर बांटा गया है. पार्टी ने समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर धनबल वालों को प्राथमिकता दी है." उन्होंने आरजेडी के राज्यसभा सांसद संजय यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि संजय यादव ने टिकट की दलाली की है और पैसे लेकर टिकट बेचा गया है. लालू-राबड़ी के घर के बाहर अफरा-तफरी घटना के दौरान लालू-राबड़ी आवास के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मदन शाह को वहां से हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया. इस बीच, आरजेडी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. महागठबंधन में सीटों को लेकर खटपट जारी बता दें कि राज्य विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में खटपट जारी है. गठबंधन दलों के बीच आपसी सहमती नहीं बन सकी है. राजद और कांग्रेस के बीच आपसी मतभेद है और कई सीटों पर आमने-सामने की लड़ाई की स्थिति बन गई है. राजद और मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी के बीच भी कुछ मतभेद है, जहां मधेपुरा में एक सीट पर एक ही उम्मीदवार ने दोनों पार्टियों से पर्चा भरा है. मसलन, हालात पेचीदा हो गया है.