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RSS कार्यक्रम को नहीं मिली मंजूरी, कर्नाटक सरकार के निर्णय पर गरमाई सियासत

चित्तपुर  कर्नाटक के चित्तपुर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी गई। राज्य सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे का गृह निर्वाचन क्षेत्र चित्तपुर है, जहां अधिकारियों ने शांति और कानून-व्यवस्था भंग होने की आशंका का हवाला दिया। नगर पालिका परिषद ने मुख्य सड़क पर आरएसएस की ओर से लगाए गए कट-आउट और बैनर पुलिस सुरक्षा के बीच हटा दिए थे। उसने कहा था कि इन्हें मार्च की इजाजत देने से पहले लगाया गया थे। चित्तपुर के तहसीलदार ने अपने आदेश में कहा, ‘चित्तपुर में शांति व कानून-व्यवस्था भंग होने से रोकने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए 19 अक्टूबर को होने वाले आरएसएस के पथ संचलन कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार किया जाता है। इसके साथ ही आवेदन खारिज किया जाता है।’ कर्नाटक सरकार ने भी आदेश जारी कर निजी संगठनों, संघों या समूहों के लिए किसी भी सरकारी संपत्ति या परिसर का उपयोग कार्यक्रमों, आयोजनों या जुलूसों के लिए करने के वास्ते पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया। राज्य सरकार ने क्यों लिया यह फैसला राज्य मंत्रिमंडल की ओर से लिए गए उस निर्णय के दो दिन बाद यह कदम उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि किसी भी कार्यक्रम के आयोजन के लिए सरकारी विद्यालयों, कॉलेज परिसरों और सार्वजनिक स्थलों के उपयोग से पहले इजाजत लेना जरूरी होगा। कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने हाल ही में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को पत्र लिखा थी। इसमें उन्होंने सरकारी विद्यालयों, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग रखी थी। संगठन के शताब्दी समारोह के अवसर पर और विजयादशमी के तहत RSS ने 19 रविवार को दोपहर तीन बजे कार्यक्रम रखा था। कलबुर्गी जिले के चित्तपुर शहर में पथ संचलन और विजयादशमी कार्यक्रम की इजाजत के लिए एक आवेदन दिया था। भीम आर्मी संगठन ने भी मांगी थी इजाजत भीम आर्मी संगठन ने भी पत्र के माध्यम से सूचित किया कि वह 19 अक्टूबर को उसी मार्ग पर एक रूट मार्च निकालेगा। इसके अलावा पुलिस थाने के खुफिया अधिकारी को इन जुलूसों के बारे में जानकारी एकत्र करने का काम दिया गया था। इस संबंध में एक रिपोर्ट सौंपी गई थी जिसमें कहा गया कि 16 अक्टूबर को RSS कार्यकर्ता दानेश नारोन ने स्थानीय विधायक और जिला प्रभारी मंत्री प्रियंक खरगे को अपशब्द कहे थे। उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बेंगलुरु के सदाशिवनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के विरोध में चित्तपुर सहित पूरे कर्नाटक में प्रदर्शन हुए हैं।

रायपुर से उठी पहचान की गूंज, छत्तीसगढ़ ने फिर रचा कीर्तिमान

रायपुर : छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर बनाई अपनी पहचान राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ को किया सम्मानित: आदि कर्मयोगी अभियान और पीएम जनमन योजना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित जनजातीय सशक्तिकरण के क्षेत्र में पांच जिलों को मिली राष्ट्रीय पहचान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं मंत्री श्री नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं राष्ट्रपति के हाथों राज्य सरकार की ओर से प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने किया सम्मान ग्रहण  रायपुर छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई है। आदि कर्मयोगी अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राज्य को आज भारत के राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य’ के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। राज्य सरकार और जनजातीय विकास विभाग की ओर से यह सम्मान प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने राष्ट्रपति के करकमलों से प्राप्त किया।  प्रमुख सचिव श्री बोरा ने इस मौके पर पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में जनजातियों और विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यो के संबंध में विस्तार से प्रस्तुती दी। वहीं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिलों में जनजातियों के विकास में किए जा रहे कार्यो की जानकारी दी। कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुआल ओराम तथा राज्य मंत्री श्री दुर्गा दास उइके, जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव विभु नायर भी उपस्थित थे।     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर समस्त विभागीय अधिकारियों और फील्ड टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के उन कर्मयोगियों के परिश्रम और समर्पण की पहचान है, जिन्होंने जनजातीय सशक्तिकरण को धरातल पर साकार किया है। कार्यक्रम में धमतरी और कोरिया जिलों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही जनजाति विभाग के स्टेट ट्रेनर श्री ललित शुक्ला को भी व्यक्तिगत श्रेणी में पुरस्कार प्राप्त हुआ। आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत मोहला-मानपुर, बालोद, दंतेवाड़ा और धमतरी जिलों को ‘स्क्रीन फेलिसिटेशन अवार्ड’ मिला, जो इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय सेवा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को राज्य के प्रत्येक जिले में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इस मौके धमतरी कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा, कोरिया कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा एवं दंतेवाड़ा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत उपस्थित थे। आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम ने इस उपलब्धि पर पूरे विभाग को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनजातीय विकास विभाग ने जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू किया है। उन्होंने कहा कि “यह पुरस्कार हमारे अधिकारियों, फील्ड कर्मचारियों और उन जनप्रतिनिधियों की मेहनत का परिणाम है, जो राज्य के दूरस्थ अंचलों तक योजनाओं की रोशनी पहुँचाने में दिन-रात जुटे हैं।” गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ ने हाल के वर्षों में जनजातीय शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और प्रशिक्षण के क्षेत्र में कई अभिनव कदम उठाए हैं। आदि कर्मयोगी अभियान ने प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा दी है, वहीं पीएम जनमन योजना ने आदिवासी समाज के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार लाया है। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के जनजातीय कल्याण विभागों के अधिकारी, परियोजना निदेशक, विकास सहयोगी संस्थाएँ और जनजातीय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।

टाइगर स्ट्राइक फोर्स के सरोठिया को global अवॉर्ड, मध्यप्रदेश ने बढ़ाया देश का मान

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश के  सरोठिया को मिला अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड उत्कृष्ट कार्य के लिये यूनाइटेड नेशन ने किया पुरस्कृत भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वन विभाग द्वारा वन, वन्य-जीव एवं जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में लगातार नये आयाम स्थापित किये जा रहे हैं। वन विभाग के अंतर्गत गठित स्टेट टाइगर फोर्स मध्यप्रदेश के उप वन संरक्षक (भावसे)  रितेश सरोठिया को वन एवं वन्य-जीव अपराध की रोकथाम के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिये यूनाइटेड नेशन द्वारा 'द एशिया एनवायरमेंटल इन्फोर्समेंट रिकगनिशन ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड 2024-25 प्रदान किया गया है। यह अवॉर्ड यूएनईपी द्वारा 17 अक्टूबर को बैंकाक (थाईलेंड) में हुए वर्चुअल समारोह में दिया गया। यूनाइटेड नेशन द्वारा उक्त अवॉर्ड उन व्यक्तियों, सरकारी संस्थाओं को प्रदान किया जाता है जो देश से सीमापार अपराध अन्वेषण में राष्ट्रीय कानूनों के प्रवर्तन में उत्कृष्ट नेतृत्व का प्रदर्शन करते हैं। इसमें वन्य-जीव और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, खनिजों और रेत का अवैध व्यापार परिवहन, अपशिष्ट रसायनों, कीटनाशक का अवैध व्यापार, ओजोन क्षयकारी पदार्थ और हाइड्रोफ्लोरोकार्बन के अवैध व्यापार की रोकथाम के लिये दिया जाता है। अवॉर्ड चयन के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ज्यूरी, जिसमें प्रतिष्ठित संस्थाओं में यूएनईपी, इंटरपोल, यूएनओडीसी, वर्ल्ड बैंक, एसआईटीईएस और यूएनडीपी के प्रतिनिधि द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद दिया जाता है। इस वर्ष के अवॉर्ड में वन्य-जीवों के अवैध व्यापार पर प्रभावी रूप से नियंत्रण के लिये उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारत चीन, इंडोनेशिया और सिंगापुर की कुल 7 कानून प्रवर्तन संस्था/अधिकारियों को विभिन्न श्रेणी में सम्मानित किया गया है। मध्यप्रदेश के स्टेट टाइगर फोर्स के प्रभारी  सरोठिया ने अंतर्राष्ट्रीय वन्य-जीव संगठित गिरोहों, जिनका नेटवर्क भारत, चीन, नेपाल, भूटान और म्यांमार में फैला है के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की। उन्होंने कई कानून प्रवर्तन संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर वन अपराधों में लिप्त सरगनाओं को गिरफ्तार किया।  सरोठिया ने सरगनाओं के विरुद्ध दर्ज प्रकरण का वैज्ञानिक अन्वेषण कर उन्हें सजा दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।  सरोठिया को वन, वन्य-जीव कानून प्रवर्तन में अहम भूमिका निभाने के लिये सम्मानित किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख एवं वन संरक्षक वन्य-जीव के सतत मार्गदर्शन में कार्य करते हुए मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स द्वारा  सरोठिया के नेतृत्व में विगत कुछ वर्षों में वन एवं वन्य-जीव अपराधों में लिप्त राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर लगभग 1500 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस इकाई द्वारा किये गये वन्य-प्राणी संरक्षण कार्य की सराहना न केवल प्रदेश, देश बल्कि देश के बाहर भी की गयी है। इंटरपोल द्वारा 4 बार मध्यप्रदेश एसटीएफ की प्रशंसा की गयी। इससे पूर्व भी  सरोठिया को 3 बार अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।  

कोलार लिफ्ट परियोजना से 44 गांव होंगे लाभान्वित, बिलकिसगंज क्षेत्र को बड़ी सौगात

कोलार मेजर लिफ्ट परियोजना में बिलकिसगंज के नजदीकी 44 गांव शामिल होंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोलर पंप के माध्यम से बिजली बिल की चिंता से किसानों को मुक्त करेगी सरकार इछावर नगर परिषद को विकास कार्यों के लिए अनुदान देने की घोषणा सीहोर जिले के दो लाख से अधिक किसानों के खाते में 118 करोड़ से अधिक की फसल क्षति राहत राशि अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर में किया 69 करोड़ रूपये से अधिक के विकास और निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज धनतेरस के शुभ अवसर पर किसानों को चिंता मुक्त करने के लिए सरकार द्वारा राहत राशि प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार किसान, गरीब, महिला और वंचित वर्गों की सरकार है। किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है और उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसानों को अभी राहत राशि दी जा रही है और बीमा राशि मिलना बाकी है। राज्य सरकार की नीति है कि किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम मिले। सरकार फसलों का निरंतर समर्थन मूल्य भी बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिले इसके लिए सरकार द्वारा भावांतर योजना प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर जिले के बिलकिसगंज में आयोजित कार्यक्रम में शनिवार को पीला मोजेक, कीट व्याधि एवं अतिवृष्टि से हुई सोयाबीन फसल क्षति से प्रभावित सीहोर जिले के 2,05,977 किसानों के खाते में 118 करोड़ 41 लाख रूपये की राहत राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के 69 करोड़ 38 लाख 36 हजार रूपये के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सीमा पर जवान और खेत में किसान अपने-अपने तरीके से देश की सेवा करते हैं। सरकार के लिए दोनों का ही सम्मान सर्वोपरि है। राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सिंचाई सुविधा हो या किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाना हमारी सरकार हर मामले में संवेदनशील है। प्रदेश में कभी सिंचाई का रकबा मात्र साढ़े 7 लाख हेक्टेयर था और हमारी सरकार आने के बाद सिंचाई का रकबा 53 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सोयाबीन किसानों को भी फसल का उचित दाम दिला रही है। अब कोदो-कुटकी भी सरकार खरीद रही है। राज्य सरकार अगले वर्ष 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों और जवानों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए विशेष प्रयास किया है। किसानों का जीवन सुगम बनाने के लिए हर स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही है। स्कूली बच्चों को किताबें और ड्रेस नि:शुल्क दी जा रही है। प्रदेश की 1.27 करोड़ बहनों को हर माह लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। दीपावली के बाद अब भाई दूज पर भी 250 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। अगले महीने से हर माह लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पहले 5 लाख रुपए तक के 5 हॉर्स पावर के पंप के लिए किसानों को 2 लाख रुपए खुद से लगाने पड़ते थे, अब सरकार इस पर 90 प्रतिशत का अनुदान दे रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों को 32 लाख सोलर पंप प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सरकार कार्य कर रही है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रदेश में लगातार इंडस्ट्री समिट की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर के शरबती गेहूं की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के "सबका साथ, सबका विकास" के आधार पर हमारी सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए निरंतर कार्यरत है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग का जीवन बेहतर से बेहतर हो और वह विकास में भागीदारी कर सके। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, इसके लिए सरकार इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से निरंतर औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश सक्षम बने और सभी क्षेत्रों में देश में नंबर वन बने यही हमारा लक्ष्य है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश निरंतर तरक्की कर रहा है। हमारी सरकार निरंतर समाज के प्रत्येक वर्ग को खुशहाल बनाने के लिए कार्य कर रही है। सरकार द्वारा गरीबों, किसानों, महिलाओं और बच्चों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिससे समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी योजनाओं का लाभ मिले। मुख्यमंत्री की घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा के अनुरोध पर कोलार मेजर लिफ्ट परियोजना में इछावर क्षेत्र के बिलकिसगंज सहित 44 ग्रामों को शामिल करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने इछावर नगर परिषद में विकास कार्यों के लिए विशेष निधि से अनुदान देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागों और स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी पर स्टॉल्स का भी अवलोकन किया तथा स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार किए पोषक उत्पादों की सराहना की। किसानों के खाते में राहत राशि अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर जिले की आठ तहसीलों में पीला मोजेक एवं कीट व्याधि से प्रभावित 1,87,140 किसानों के खाते में 101 करोड़ 70 लाख 90 हजार 999 रूपये की अंतरित की। इसी प्रकार उन्होंने अतिवृष्टि से प्रभावित 02 तहसीलो के 18, 837 सोयाबीन उत्पादक किसानों के खाते में 16 करोड़ 70 लाख 36 हजार रूपये की राहत राशि अंतरित की। उल्लेखनीय है कि भैरूंदा एवं बुधनी के किसानों की फसल अतिवृष्टि से तथा आष्टा, जावर, रेहटी, इछावर, श्यामपुर, दोराहा, सीहोर ग्रामीण तथा सीहोर नगर के किसानों की फसल पीला मोजक एवं कीट व्याधि से खराब हुई थी। उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी की सराहना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। प्रदर्शनी में सीताफल, … Read more

स्वच्छता और जल संरक्षण ही सच्ची सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश

स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को जीवन का संकल्प बनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान धनवंतरी ने अमृत के रूप में स्वास्थ्य, आयु और ऊर्जा का संदेश दिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव मानसरोवर मेडिकल कॉलेज में धनवंतरी पूजन में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण चिकित्सा विज्ञान के साथ ही पर्यावरण की शुद्धता से संभव है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारा जल, वायु और भूमि प्रदूषणमुक्त नहीं होंगे, तब तक किसी भी चिकित्सा पद्धति के परिणाम स्थायी नहीं हो सकते। उन्होंने छात्रों और चिकित्सकों का आह्वान किया कि वे चिकित्सा के साथ-साथ स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को जीवन का संकल्प बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीहोर जिले के ग्राम गादिया-बिलकिसगंज स्थित मानसरोवर मेडिकल कॉलेज में धनतेरस के अवसर पर शनिवार को आयोजित धनवंतरी पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जल से हम सभी के जीवन की उत्पत्ति हुई है, वैसे ही जीवन की रक्षा और स्वास्थ्य का आधार भी जल से ही जुड़ा है। भगवान धनवंतरी समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे और उन्होंने अमृत के रूप में स्वास्थ्य, आयु और ऊर्जा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान धनवंतरी आयुर्वेद के प्रथम आचार्य माने जाते हैं, जिन्होंने मानवता को स्वस्थ और दीर्घायु रहने का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि धनतेरस केवल धन-संपदा की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें शरीर, मन और आत्मा की पवित्रता बनाए रखने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलोपैथी, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं न कि प्रतिस्पर्धी। एलोपैथी जहां त्वरित राहत देती है, वहीं आयुर्वेद शरीर की जड़ों से रोगों को खत्म करता है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि भगवान धनवंतरी का संदेश केवल औषधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका संदेश है कि “स्वास्थ्य ही जीवन का सच्चा धन है।” उन्होंने कहा कि आयुर्वेद ने हमें यह सिखाया है कि भोजन, दिनचर्या और प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने से रोग अपने आप दूर रहते हैं। भगवान धनवंतरी के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों वर्ष पूर्व थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के बीच अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया जा रहा है ताकि दोनों की श्रेष्ठता समाज के हित में उपयोगी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि धनतेरस का यह पर्व हमें यह स्मरण कराता है कि – शरीर, मन और प्रकृति तीनों का संतुलन ही सच्चा धन है। इस अवसर पर कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा, विधायक श्री सुदेश राय, जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री सीताराम यादव, श्री सन्नी महाजन, मानसरोवर कॉलेज की चांसलर श्रीमती मंजुला तिवारी एवं श्री गौरव तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं छात्र उपस्थित थे।  

धनतेरस बनी ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए लकी! Maruti ने बेचीं 50 हज़ार कारें, Hyundai ने रचा नया इतिहास

मुंबई  Car Sales on Dhanteras: इस बार की दिवाली देश के ऑटो सेक्टर के लिए बेहद ही शानदार साबित हो रही है. धनतेरस पर इस बार ऑटोमोबाइल बाजार सचमुच जगमगा उठा है. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki) ने इस धनतेरस के मौके पर रिकॉर्ड तोड़ बिक्री का आंकड़ा छू लिया है. वहीं, दूसरी ओर हुंडई मोटर इंडिया ने भी पिछले साल की तुलना में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है. यह त्योहारी सीजन भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए अब तक का सबसे सुनहरा साबित हो रहा है. मारुति सुजुकी ने बताया कि कंपनी को उम्मीद है कि इस धनतेरस पर कंपनी की बिक्री का आंकड़ा 50,000 यूनिट्स के पार पहुंच जाएगा. कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी ने कहा कि, सिर्फ शनिवार को शाम तक ही कंपनी ने 38,500 यूनिट्स की डिलीवरी कर ली है जो दिन खत्म होने तक करीब 41,000 डिलीवरीज़ होने की संभावना है. जबकि शेष 10,000 ग्राहकों को रविवार को गाड़ी सौंपी जाएगी. चूंकि इस बार धनतेरस का शुभ मुहूर्त शनिवार दोपहर 12:18 बजे से शुरू होकर रविवार दोपहर 1:51 बजे तक रहेगा. ऐसे में उम्मीद है कि मारुति बिक्री के नए और तगड़े रिकॉर्ड बनाएगी. उन्होंने कहा, “यह अब तक का सबसे बड़ा डिलीवरी डे साबित होने जा रहा है. हमारी प्रोडक्शन टीम छुट्टी के दिन भी काम कर रही है ताकि हर ग्राहक तक कार समय पर पहुंच सके.” बनर्जी ने बताया कि, “पिछले साल धनतेरस पर कंपनी ने 41,500 यूनिट्स की बिक्री की थी, जबकि इस बार आंकड़ा उससे कहीं ऊपर निकल जाएगा.” उन्होंने कहा कि “GST 2.0 के प्रभाव से ग्राहकों में उत्साह है और बुकिंग इतनी तेज़ी से हो रही है कि कई जगह हमें समय पर डिलीवरी देने में चुनौती आ सकती है.” नवरात्र से शुरू हुए इस पूरे फेस्टिव सीजन को लेकर मारुति सुजुकी बेहद उत्साहित है. बनर्जी के अनुसार, कंपनी को औसतन हर दिन 14,000 बुकिंग्स मिल रही हैं. 18 सितंबर से कीमतें घटाने के बाद से अब तक 4.5 लाख बुकिंग्स दर्ज हुई हैं. इनमें 94,000 से ज़्यादा छोटी कारों की बुकिंग शामिल है, जो उपभोक्ताओं की बढ़ती हुई कार खरीदारी को दर्शाता है. Hyundai ने भी दर्ज की जबरदस्त ग्रोथ हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) के मौजूदा सीओओ, तरुण गर्ग (जो आगामी 1 जनवरी 2026 से कंपनी की कमान बतौर MD एवं CEO) ने भी शानदार बिक्री की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, “हम इस धनतेरस पर लगभग 14,000 यूनिट्स की डिलीवरी की उम्मीद कर रहे हैं, जो पिछले साल से करीब 20 प्रतिशत ज़्यादा है. यह उत्सव का माहौल, स्ट्रांग मार्केट सेंटिमेंट और GST सुधारों के चलते संभव हुआ है.” गर्ग ने बताया कि इस बार धनतेरस दो दिनों में बंटा होने से डिलीवरीज़ लगातार जारी रहेंगी. सस्ती हुईं Maruti-Hyundai की कारें नए जीएसटी रिफॉर्म के ऐलान के बाद 22 सितंबर से मारुति सुजुकी की कारें 1.29 लाख रुपये तक सस्ती हो गई हैं. जिसमें ब्रेजा, ऑल्टो, वैगनआर और स्विफ्ट इत्यादि सभी कारें शामिल हैं. अब कंपनी के पोर्टफोलियो की सबसे सस्ती कार S-Presso हो गई है. जो अब केवल 3,49,900 रुपये की शुरुआती कीमत में आती है.  वहीं Hyundai ने अपनी कारों की कीमत में अधिकतम 2.4 लाख रुपये तक की कटौती की है. कंपनी ने अपने प्रीमियम एसयूवी टक्सन पर सबसे ज्यादा 2,40,303 रुपये की कटौती की है. वहीं Creta के दाम में 38,311 रुपये की कटौती की गई है. अब इसकी शुरुआती कीमत 10.73 लाख रुपये हो गई है जो पहले 11.11 लाख रुपये हुआ करती थी.

बड़ा मुकाबला, बड़ी निराशा: ROKO-गिल फ्लॉप, कोहली ने रचा गलत इतिहास

पर्थ  भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज का पहला मुकाबला पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में खेला है. इस मुकाबले के जरिए विराट कोहली और रोहित शर्मा ने इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की है. रोहित-कोहली (ROKO) ने इससे पहले भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था, जो खिताबी मुकाबला था. तब भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया. अब कमैबक मैच में विराट कोहली और रोहित शर्मा कुछ खास नहीं कर पाए. रोहित शर्मा ने 14 गेंदों पर 8 रन बनाए. वहीं कोहली ने 8 गेंदों का सामना किया और वो अपना खाता नहीं खोल सके. रोहित को दाएं हाथ के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने थोड़ी शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद पर दूसरी स्लिप में मैथ्यू रेनशॉ के हाथों कैच आउट कराया. रोहित ने गेंद पर जोर से बल्ला चलाया, लेकिन टाइमिंग बिल्कुल सही नहीं रही. गेंद बल्ले का किनारा लेकर फील्डर के पास पहुंची. किंग कोहली कैसे हुए आउट? विराट कोहली की बात करें तो उन्हें खब्बू तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने चलता किया. ऑफ स्टम्प के बाहर डाली गई गेंद पर कोहली ने अपने शरीर से रहकर ड्राइव मारना चाहा. लेकिन यहां भी टाइमिंग सही नहीं थी, ऐसे में गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और बैकवर्ड प्वाइंट की तरफ गई. वहां मौजूद कूपर कोनोली ने अपनी बाईं ओर डाइव लगाकर कैच लपका. विराट कोहली ने इसी के साथ एक शर्मनाक रिकॉर्ड बना दिया. कोहली ऑस्ट्रेलिया में पहली बार वनडे इंटरनेशनल में शून्य पर आउट हुए हैं. कोहली ऑस्ट्रेलिया में अब 30 वनडे इनिंग्स खेल चुके हैं. मिचेल स्टार्क ऐसे दूसरे गेंदबाज हैं, जिन्होंने वनडे इंटरनेशनल में विराट कोहली को दो बार डक पर आउट किया है. स्टार्क से पहले इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन ही ऐसा कर पाए थे. कप्तान शुभमन गिल का बल्ला भी नहीं चला और वो 8 रनों के निजी स्कोर पर नाथन एलिस की गेंद पर विकेटकीपर जोश फिलिप को कैच थमा बैठे. रोहित (8), गिल (10) और कोहली (0) ने मिलाकर कुल 18 रन बनाए. किसी वनडे इंटरनेशनल में ये तीनों का संयुक्त न्यूनतम स्कोर है, जहाँ तीनों ने बल्लेबाजी की. पिछला न्यूनतम स्कोर 25 रन था. पाकिस्तान के खिलाफ साल 2023 में पल्लेकेल वनडे में रोहित 11, गिल 10 और कोहली 4 बनाकर आउट हुए थे. 2023 के बाद से भारत के सबसे कम पावरप्ले स्कोर (वनडे इंटरनेशनल) 27/3 बनाम ऑस्ट्रेलिया, चेन्नई 2023 27/3 बनाम ऑस्ट्रेलिया, पर्थ 2025 * 35/2 बनाम इंग्लैंड, लखनऊ 2023 37/3 बनाम न्यूजीलैंड, दुबई, 2025 39/3 बनाम ऑस्ट्रेलिया, वानखेड़े, 2023  

गोला-बारूद से नहीं, फुलझड़ियों से खतरा! कुमार विश्वास ने किया पटाखा नीति पर व्यंग्य

मुंबई  हिंदी के जाने-माने कवि डॉ. कुमार विश्वास ने दिवाली से पहले आतिशबाजी को लेकर बड़ा बयान दिया है. मुंबई में आयोजित एक कवि सम्मेलन में डॉ. कुमार विश्वास ने तीन साल से चल रहे यूक्रेन-रूस युद्ध के बहाने दिवाली पर आतिशबाजी का विरोध करने वालों को करारा जवाब दिया है. मुंबई के षणमुखानंद हॉल में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. कुमार विश्वास ने कहा, ‘तीन साल से यूक्रेन और रूस आपस में भिड़े हुए हैं. इतना गोला-बारूद बर्बाद कर दिया. गाजा में भी गोला-बारूद चल रहा है.’ उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद पाकिस्तान के साथ हुए तनाव को भारत का वॉर्मअप बताते हुए कहा कि इतने गोले-बारूद से ओजोन परत बिलकुल सुरक्षित रही, लेकिन दिवाली पर चार फुलझड़ी से ओजोन में बड़ा छेद हो जाएगा. डॉ. कुमार विश्वास ने तंज कसते हुए कहा, ‘ओजोन में चार फुलझड़ियों से इतना बड़ा छेद हो जाएगा कि उसमें से बहुत सारे बुद्धिजीवी ऊपर जाएंगे और नीचे आएंगे.’ हर दिवाली छिड़ती है आतिशबाजी को लेकर बहस दरअसल, हर दिवाली पर इस बात को लेकर बहस छिड़ती है कि इसदिन होने वाली आतिशबाजी से पर्यावरण को कितना नुकसान होता है. इसे लेकर एक पक्ष का कहना होता है कि एक सुनियोजित साजिश के तहत हिंदू त्योहारों को निशाना बनाने की कोशिश के चलते पर्यावरण का बहाना बनाया जाता है. इस पक्ष का तर्क यह भी होता है कि न्यू ईयर से लेकर दुनियाभर में होने वाले विभिन्न आयोजनों में जमकर आतिशबाजी की जाती है, लेकिन उनपर कोई सवाल नहीं उठाया जाता. वहीं दूसरे पक्ष का कहना होता है कि दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी से प्रदूषण फैलता है और पर्यावरण को नुकसान होता है.  

आलमनगर में चुनावी उलटफेर: एक कैंडिडेट, दो पार्टियों से नामांकन – RJD और VIP में मचा घमासान

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नामांकन के दौरान मधेपुरा जिले के आलमनगर विधानसभा क्षेत्र से एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां एक ही प्रत्याशी ई नवीन कुमार उर्फ नवीन निषाद ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP), दोनों के सिंबल पर अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया है. यह घटना महागठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग विवाद की वजह से हुई है, जहां अभी तक सीटों का सटीक बंटवारा नहीं हो पाया है. नवीन कुमार, जो पिछले चुनाव में भी RJD के टिकट पर आलमनगर से चुनाव लड़ चुके हैं, इस बार विकासशील इंसान पार्टी की ओर से भी उम्मीदवार हैं. नवीन कुमार ने बताया कि उन्होंने पार्टी के आदेश का पालन किया है और आगे भी पार्टी की हिदायात के अनुसार ही काम करेंगे. इस सीट का प्रचार पहले मुकेश सहनी की पार्टी के पास था, जिसने इसे अपने खाते में ले लिया है. इस मामले से महागठबंधन के अंदरूनी संकट और सीट शेयरिंग की जटिलताओं का पता चलता है. चुनाव के अंतिम चरण में यह विवाद हल होने की संभावना है, और प्रत्याशी की ओर से भी सीट छोड़ने या समर्थन वापस लेने की संभावना बनी हुई है. महागठबंधन में वीआईपी को मिल रहीं 15 सीटें बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चली लंबी बातचीत के बाद महागठबंधन ने विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को करीब 15 सीटें देने पर सहमति बना ली है. हालांकि इसका आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है, लेकिन यह समझौता पहले चरण के नामांकन की आखिरी तारीख से कुछ घंटे पहले ही तय हुआ. 30 सीटें मांग रहे थे मुकेश सहनी वीआईपी पार्टी के नेता मुकेश सहनी शुरू में ज्यादा सीटों की मांग कर रहे थे. पहले उन्होंने 30 सीटों तक की मांग रखी थी, बाद में 20 सीटें मांगीं, साथ ही अगर गठबंधन की जीत होती है तो उपमुख्यमंत्री पद की भी इच्छा जताई थी. हालांकि, अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है. 

साई सुदर्शन से खतरा बढ़ा, नंबर-3 की जगह लेने को तैयार टेस्ट में धाकड़ प्रदर्शन

नई दिल्ली  भारतीय टेस्ट टीम में नंबर-3 बल्लेबाज को लेकर करीब 2 सालों से संघर्ष चल रहा है. महान राहुल द्रविड़ के बाद एक दशक तक चेतेश्वर पुजारा ने इसे संभाला, लेकिन उनके आउट ऑफ फॉर्म होने और फिर संन्यास लेने के बाद इस पर किसी ने अपना वर्चस्व नहीं जमाया है. इस दौरान केएल राहुल, शुभमन गिल, देवदत्त पडिक्कल, करुण नायर और साई सुदर्शन जैसे बल्लेबाजों को उतारा गया, लेकिन वे उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाए. सुदर्शन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली टेस्ट के दौरान प्रभावित किया था. उन्होंने पहली पारी में 87 और दूसरी पारी में 39 रन बनाकर खुद को साबित करने का प्रयास किया. सुदर्शन का खराब रिकॉर्ड सुदर्शन 5 टेस्ट मैचों में 30.33 की औसत से 601 रन बना चुके हैं. 9 पारियों में उन्होंने सिर्फ दो अर्धशतक लगाए हैं. अभी तक सुदर्शन के बल्ले से एक भी शतक नहीं आया है. ऐसे में उनकी जगह अभी तक टीम में पक्की नहीं हो पाई है. सुदर्शन के ऊपर हमेशा तलवार लटकी रहती है. अगर साउथ अफ्रीका के आगामी सीरीज में उनका बल्ला फेल रहा तो उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर करने की मांग तेज हो जाएगी. ऐसे में टीम इंडिया के सामने नए विकल्प को तलाशने के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं बचेगा. टेस्ट टीम वापसी को तैयार यह स्टार भारतीय क्रिकेट के लिए ये अच्छी बात है कि घरेलू क्रिकेट में 2-3 खिलाड़ी हमेशा नेशनल टीम में किसी की भी जगह लेने के लिए तैयार रहते हैं. मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पाटीदार लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर हैं और वह वापसी की राह देख रहे हैं. इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्हें 3 मैचों में मौका मिला था. फरवरी 2024 में वह इस दौरान 6 पारियों में कुल 63 रन ही बना पाए थे. उसके बाद उनका सेलेक्शन भारतीय टेस्ट टीम में नहीं हुआ है. दोहरा शतक से मचाई सनसनी रजत ने एक बार फिर से वापसी के लिए कमर कस ली है. उन्होंने इंदौर में पंजाब के खिलाफ 2025−26 रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना पहला फर्स्ट क्लास दोहरा शतक जड़ा. रजत 332 गेंदों में 26 चौकों की मदद से 205 रन बनाकर नाबाद रहे, जिससे मध्य प्रदेश ने तीसरे दिन स्टंप्स तक 519/8 का विशाल स्कोर खड़ा किया और पंजाब पर 287 रन की जबरदस्त बढ़त हासिल की. उनकी पारी धैर्य, बेहतरीन टाइमिंग और आक्रामकता से भरी थी. उसने यह दिखाया कि उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट की सबसे प्रतिभाशाली प्रतिभाओं में से एक क्यों माना जाता है. कप्तानी में भी सुपरहिट रजत ने हाल ही में सेंट्रल जोन को एक दशक में पहला दलीप ट्रॉफी खिताब दिलाया था. वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को उनका पहला आईपीएल चैंपियनशिप जिता चुके हैं. इससे वह एक लीडर और मैच-विनर दोनों के रूप में अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं.सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में प्रभावशाली प्रदर्शन सहित पाटीदार के हालिया प्रदर्शन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए भारतीय टेस्ट टीम में उनकी संभावित वापसी की चर्चा को हवा दे दी है.