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SIT की कार्रवाई: जहरीले कफ सिरप केस में श्रीसन फार्मा के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा को छिंदवाड़ा से अरेस्ट किया

भोपाल   मध्य प्रदेश में जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप केस में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है। इसी कड़ी में एसआईटी ने मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए छठवीं गिरफ्तारी की है। श्रीसन फार्मा कंपनी के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) सतीश वर्मा को छिंदवाड़ा से हिरासत में लिया है। SIT के अधिकारी जितेंद्र सिंह जाट ने लंबी जांच के बाद श्रीसन फार्मा कंपनी में कई वर्षों से कार्यरत एमआर सतीश वर्मा को उनके निवास कूकड़ा जगत छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया और उसे पूछताछ के लिए परासिया ले जाया गया है। अब तक इनकी हुई गिरफ्तारी -डॉक्टर प्रवीण सोनी -जी रंगनाथन -राजेश सोनी न्यू अपना फार्मा -सौरभ जैन अपना मेडिकल फार्मासिस्ट -महिला फार्मासिस्ट के माहेश्वरी कांचीपुरा -एमआर सतीश वर्मा छिंदवाड़ा अबतक 24 मासूमों की जा चुकी जान आपको बता दें कि, छिंदवाड़ा के परासिया के सिविल अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीन सोनी अपने निजी क्लीनिक में बच्चों का इलाज कर रहे थे। निजी प्रैक्टिस के दौरान शिशुओं को ऐसी दवाइयां पर्चे पर लिखी गई, जिसे पीने के बाद बच्चों को तेज बुखार और पेशाब में कठिनाई शुरु हो गई, जिसने देखते ही देखते मासूमों की किडनियां प्रभावित कर दी पर विपरीत प्रभाव पड़ा और 24 बच्चों की मौत हो गई थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित कबीरधाम आश्रम में दिया राष्ट्रभक्ति और विरासत के सम्मान का संदेश

मुस्तफाबाद का नाम होगा ‘कबीरधाम’, सीएम योगी ने विपक्ष के 'सेक्युलरवाद' को बताया 'पाखंड' – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी स्थित कबीरधाम आश्रम में दिया राष्ट्रभक्ति और विरासत के सम्मान का संदेश – बोले योगी – सेक्युलरिज्म के नाम पर पहचान मिटाने का दौर अब खत्म हुआ – डबल इंजन की सरकार में हो रहा प्रमुख धर्मस्थलों का पुनरुद्धार, पहले यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री में जाता था : मुख्यमंत्री – संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज को मार्ग दिखा रही : योगी आदित्यनाथ – जो देश की एकता तोड़ता है, वह भारत की आत्मा पर प्रहार करता है : सीएम योगी – सभी समस्याओं का समाधान है राष्ट्रभक्ति : मुख्यमंत्री – मोदी जी के नेतृत्व में भारत जल्द बनने जा रहा तीसरी आर्थिक महाशक्ति : योगी आदित्यनाथ – लखीमपुर खीरी में बना मेडिकल कॉलेज, अब एयरपोर्ट का होगा विस्तार : मुख्यमंत्री – ईको-टूरिज्म से जिले को मिलेगी विकास की नई दिशा : सीएम योगी – मुख्यमंत्री ने किसानों से की रसायनिक खेती छोड़ नेचुरल फार्मिंग अपनाने की अपील – सीएम ने नशा को बताया नाश का कारण, कहा यह विदेशी साजिश, नई पीढ़ि को इससे बचाना होगा – हमारी गुलामी का कारण रही है छुआछूत और जातीयता : योगी आदित्यनाथ – भूमि हमारी माता है, उसकी सेवा ही सच्ची उपासना है : सीएम योगी लखीमपुर खीरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लखीमपुर खीरी के मुस्तफाबाद स्थित विश्व कल्याण आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने ‘स्मृति प्राकट्योत्सव मेला-2025’ में भाग लिया और पूज्य संतों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश के धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है, जबकि पहले यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में लगता था। उन्होंने मुस्तफाबाद का नाम बदलकर कबीरधाम रखने की घोषणा की और कहा कि पिछली सरकारों में अयोध्या को फैजाबाद, प्रयागराज को इलाहाबाद और कबीरधाम को मुस्तफाबाद बनाया गया था। हमने इन स्थलों की पहचान वापस लौटाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे सेक्युलरिज्म के नाम पर करता था, जबकि यह पाखंड है। संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही कबीरधाम आश्रम में आयोजित इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रभक्ति, सनातन परंपरा, विरासत के सम्मान, और विकास की दिशा में सरकार की उपलब्धियों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीरदास जी की वाणी आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रही है। उन्होंने निर्गुण भक्ति की वह धारा प्रवाहित की जो समाज की विसंगतियों को तोड़कर आत्मा और परमात्मा का संबंध सरल शब्दों में आमजन को समझाने में सफल रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागूं पांव…' यह दोहा आज भी हमें गुरु के महत्व का स्मरण कराता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संतों की वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सैकड़ों वर्ष पूर्व थी। उन्होंने कहा कि 'कबीरदास जी ने उस दौर में समाज की जातीय विषमताओं पर प्रहार कर कहा था, ‘जाति पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई।’ यह वाणी हमारे समाज की एकता और अखंडता की आधारशिला है। देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता को तोड़ने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। आज भी समाज विरोधी ताकतें आस्था पर प्रहार करने और जाति के नाम पर विभाजन करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम समय रहते अपनी कमजोरियों को नहीं पहचानेंगे तो ये बीमारियां कैंसर की तरह समाज को खोखला कर देंगी। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रभक्ति ही सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि “माता भूमि पुत्रोहम्…” यह भूमि केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं, हमारी मातृभूमि और पितृभूमि है। इस धरती की सेवा ही सच्ची उपासना है। कुछ ही माह में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनेगा भारत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश पहचान के संकट से जूझ रहा था। भ्रष्टाचार, आतंकवाद और विभाजनकारी राजनीति चरम पर थी। मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और कुछ ही माह में यह तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा है। धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिला उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी जैसे सीमावर्ती जिलों में भी विकास की नई धारा बह रही है। गांव-गांव सड़कें बन रही हैं, मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो रही है, एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोला गोकर्णनाथ धाम और कबीरधाम जैसे धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार से आस्था और पर्यटन दोनों को बल मिल रहा है। गो-सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर भी दिया जोर मुख्यमंत्री ने संत असंगदेव जी महाराज के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे धर्म, नशा मुक्ति और राष्ट्र चेतना का अद्भुत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नशा मुक्ति पर बोलते हुए कहा कि नशा नाश का कारण है। विदेशी ताकतें हमारे युवाओं को बर्बाद करने की साजिश रच रही हैं। फोन का इस्तेमाल सीमित करें और आत्मविकास पर ध्यान दें। सीएम योगी ने गो सेवा और नेचुरल फार्मिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर गाय के लिए सरकार 1500 रुपये प्रतिमाह दे रही है। गोमाता के संरक्षण के लिए जनप्रतिनिधियों को गोशालाओं की देखरेख करनी चाहिए। रासायनिक खेती से जमीन ऊसर हो रही है, इसलिए नेचुरल फार्मिंग अपनाएं। एक गाय 30 एकड़ भूमि के लिए पर्याप्त जैविक खाद देती है। यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का संरक्षण, खेती की रक्षा और नशा मुक्ति, यही राष्ट्र की सच्ची सेवा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। इससे पूर्व उन्होंने सद्गुरु कबीर पूज्य श्री असंगदेव जी धर्मशला का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर असंग देव जी महाराज, प्रदेश सरकार में मंत्री राकेश सचान, नितिन अग्रवाल, मन्नूलाल कोरी, विधायक अमन गिरी, रोमी साहनी, लोकेंद्र प्रताप सिंह, शशांक वर्मा, योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, मंजू त्यागी, सौरभ सिंह सोनू, महामंडलेश्वर प्रवक्तानंद सहित … Read more

पहले चरण के बिहार चुनाव में मोहन-शिवराज बनेंगे बीजेपी के चेहरा, कांग्रेस के अभियान में दिग्विजय और जीतू सक्रिय

भोपाल / पटना  बीजेपी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को स्टार प्रचारक बनाया गया है। बिहार चुनाव के लिए दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होगी। मतगणना 14 नवंबर को होगी। दिग्गी और जीतू कांग्रेस के स्टार कैम्पेनर बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार के लिए जारी की गई स्टार प्रचारकों की सूची में मध्य प्रदेश के नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को ही स्टार कैम्पेनर बनाया गया है। अब बीजेपी के 40 स्टार प्रचारकों के नाम पढ़िए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, गिरिराज सिंह और शिवराज सिंह चौहान,असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी बिहार चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में भोजपुरी एक्टर के भी नाम हैं, जिनमें पवन सिंह, मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ शामिल हैं। भाजपा के स्टार प्रचारकों में स्मृति ईरानी, केशव प्रसाद मौर्य, सीआर पाटिल, दिलीप कुमार जायसवाल, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, रेनू देवी, प्रेम कुमार, नित्यानन्द राय, राधा मोहन सिंह, साध्वी निरंजन ज्योति और सतीश चंद्र दुबे शामिल हैं। इसके अलावा ही, राज भूषण चौधरी, अश्विनी कुमार चौबे, रविशंकर प्रसाद, नन्द किशोर यादव, राजीव प्रताप रूडी, संजय जायसवाल, विनोद तावड़े, बाबूलाल मरांडी, प्रदीप कुमार सिंह, गोपालजी ठाकुर और जनक राम भी बिहार में प्रचार करेंगे। अब कांग्रेस के स्टार प्रचारकों के नाम जानिए कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, अशोक गहलोत और केसी वेणुगोपाल जैसी दिग्गज नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल, एमपी पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के अलावा अधीर रंजन चौधरी, मीरा कुमार, कृष्णा अल्लावरू, सुखविंदर सुक्खू, सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सैयद नासिर हुसैन, चरणजीत सिंह चन्नी, गौरव गोगोई, तारिक अनवर, मोहम्मद जावेद और अखिलेश प्रसाद सिंह के नाम भी सूची में शामिल है। इसके अलावा पप्पू यादव और उनकी पत्नी रंजीत रंजन के नाम भी लिस्ट में हैं। मनोज राम, अल्का लांबा, कन्हैया कुमार, पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, शकील अहमद, जीतू पटवारी, सुखदेव भगत, राजेश कुमार राम, शकील अहमद खान, मदन मोहन झा, अजय राय, जिग्नेश मेवाणी,अनिल जयहिंद, राजेंद्र पाल गौतम, फुरकान अंसारी, उदय भानु चिब और सुबोध कांत सहाय शामिल हैं। एनडीए और महागठबंधन के बीच बिहार में मुकाबला बिहार में एनडीए और महागठबंधन के बीच मुख्य चुनावी मुकाबला है। एनडीए में भाजपा-जदयू 101-101 सीटों पर, लोजपा (रामविलास) 29 और आरएलएम व हम 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। एनडीए के सीट शेयरिंग के अनुसार, भाजपा और जदयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें और आरएलएम एवं हम को 6-6 सीटें मिली हैं। इसके तहत भाजपा ने सभी 101 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। 6 और 11 नवंबर को मतदान, मतगणना 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) के नेतृत्व वाले एनडीए और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच माना जा रहा है।

मेरठ: सेंट्रल मार्केट में कॉम्प्लेक्स 22 सेकंड में जमींदोज़, दुकाने बनीं मलबे का ढेर

मेरठ मेरठ के सेंट्रल मार्केट में कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण के दौरान सुबह 11:51:58 बजते ही कुछ ही पलों में दुकानें धराशाई हो गई। इसके साथ ही प्रभावित दुकानदारों के सपने भी उजड़ गए। पहले दिन की कार्रवाई के बाद खंडहर दिख रहीं दुकानें पल भर में ही मलबे में तब्दील हो गईं। धूल का गुबार ऐसा उठा कि आसपास मौजूद व्यापारियों, पुलिस की टीमों सहित अन्य लोगों को वहां से 500 मीटर दूर तक जाना पड़ा। धूल पर नियंत्रण के लिए पानी छिड़का गया। जमींदोज करने से चंद सेकंड पहले ही हाइड्रा जेसीबी मशीन चालक ने आखिरी पिलर पर चोट की और अचानक वाहन तेजी के साथ पीछे कर दिया। यह देख आसपास के लोग घबरा गए और पूछा क्या हुआ तो चालक बोला… चिंता की बात नहीं, बस हो गया। उसके इतना कहते ही कॉम्प्लेक्स भरभराकर गिर गया। मेरठ के शास्त्रीनगर की सेंट्रल मार्केट में दूसरे दिन हाइड्रा एवं जेसीबी ड्रिल मशीन से 22 सेकंड में अवैध कॉम्प्लेक्स (661/6) को जमींदोज कर दिया गया। आक्रोशित व्यापारियों ने अनिश्चितकाल के लिए सेंट्रल मार्केट बंद करा दी। व्यापारियों ने कहा कि अन्य कोई निर्माण नहीं तोड़े जाने का आश्वासन मिलने के बाद ही धरना-प्रदर्शन खत्म किया जाएगा। मलबा हटाने के लिए तीन जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। रविवार को दूसरे दिन भी शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में अवैध कॉम्प्लेक्स को जमींदोज करने के लिए भारी पुलिस बल के बीच बैरिकेडिंग कर सुबह 10 बजे से काम शुरू किया गया। शाम चार बजे तक करीब 80 फीसदी हिस्सा जमींदोज कर दिया गया।   बराबर की अन्य दुकानों और घरों को नुकसान होने की आशंका के चलते अलंकार साड़ीज की तीन मंजिला दुकान को पूरी तरह नहीं गिराया गया।   अवैध कॉम्प्लेक्स जमींदोज होने पर सेंट्रल मार्केट के पांच व्यापारिक संगठनों ने एकजुटता का आह्वान कर अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद कर प्रदर्शन किया। टोलियों में व्यापारी बाजारों में घूमे और खुली दुकानों को बंद कराया।   बाद में धरना शुरू करते हुए सभी व्यापारियों ने मांग की कि जिला प्रशासन उन्हें लिखित में अन्य दुकानों को नहीं तोड़ने का आश्वासन दे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों को लेकर भी उनका गुस्सा फूटा और उनके खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों ने शाम को काली पट्टी बांधकर जुलूस भी निकाला। मलबे के बीच खड़ी खंडहर दुकान पर अब चलेगा हथौड़ा मेरठ में सेंट्रल मार्केट में भूखंड संख्या 661 पर अवैध कॉम्प्लेक्स का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिरते ही जमीन और आसपास के भवन भी दहल गए। गिरे हुए मलबे के बीच अलंकार साडीज की खंडहर दुकान पर हाइड्रा जेसीबी चलाने से रोक दिया गया। आशंका थी कि इससे पड़ोस के आवासीय भवनों को नुकसान पहुंच सकता है।   आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने सबसे पहले जेसीबी और हाइड्रा जेसीबी से कॉम्प्लेक्स का पूर्वी और दक्षिणी हिस्से पर वार किया गया और दुकानों को ढहाया गया। रविवार को इमारत भरभराकर गिरकर मलबे में तब्दील हो गई। इसके बाद जैसे ही कर्मचारियों ने अलंकार साडीज की दुकान को ध्वस्त करने का प्रयास किया तो कुछ व्यापारियों और पुलिस ने रोक दिया। तर्क दिया गया कि बिल्डिंग पूरी तरह हिल चुकी है। बराबर में भूखंड संख्या 662 पर आवास है। अगर मलबा इस आवास पर गिर गया तो भारी नुकसान हो सकता है। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि इस तीन मंजिला दुकान के खंडहर को अब मजदूरों से हथौड़ा व अन्य औजारों से तुड़वाया जाएगा। पुलिस ने पड़ोसी मकान से भवन स्वामी सुभाष के परिवार को पहले ही निकाल दिया था। हालांकि दिन में एक-दो बार कुछ लोग मकान के गेट पर दिखाई भी दिए। मलबा उठाने में लगेगा समय आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार का कहना है कि कॉम्प्लेक्स का मलबा उठाने में अभी कुछ दिन का समय लगेगा। धूल और गुबार को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

कपलिंग टूटी रुकी मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट, कई ट्रेनें रहीं प्रभावित

चित्रकूट मुंबई हावड़ा रेल लाइन के ठिकरिया, मारकुंडी रेलवे स्टेशन के मध्य मुंबई एलटीटी सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेन की कपलिंग टूट गई। इससे करीब पांच घंटे यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान करीब आधा दर्जन ट्रेनें ठिकरिया, मझगवा, जैतवारा, सतना आदि स्टेशनों में खड़ी रहीं। बता दें कि सोमवार तड़के करीब 2:45 बजे मुंबई एलटीटी से भागलपुर की ओर जाने वाली 2336 ट्रेन के लास्ट के एसी कोच की कपलिंग टूट जाने से एक्सप्रेस ट्रेन की 4 बोगी अलग हो गई। ट्रेन में सवार यात्रियों व गार्ड के द्वारा ट्रेन चालक व स्टेशन प्रबंधक को सूचना दी गई। करीब पांच घंटे तक मशक्कत करने के बाद सुबह करीब आठ बजे ट्रेन आगे को रवाना हुई। इस बीच ताप्ती गंगा, काशी, गोदान आदि आधा दर्जन ट्रेन डेढ़ से दो घंटे तक विभिन्न स्टेशनों में खड़ी रखी गईं। इस मामले में मानिकपुर स्टेशन प्रबंधक शिवेश मालवीय ने बताया कि यह भोर का मामला है। सूचना मिलने पर ट्रेन की टूटी कपलिंग सही करवाई गई है। वहीं अन्य ट्रेनों को रूट खाली न होने से डिले करना पड़ा।

उज्जैन में महाकाल मंदिर में पहुंचे श्रीकांत, भस्म आरती में भाग लेकर पूजा और आशीर्वाद प्राप्त किया

 उज्जैन  श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह आयोजित भस्म आरती में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी कृष्णमाचारी श्रीकांत शामिल हुए। उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने आज प्रातःकाल भस्म आरती में भगवान श्री महाकालेश्वर के मंदिर में दर्शन लाभ लिया। भगवान महाकालेश्वर का पूजन-अर्चन पुजारी आकाश गुरु द्वारा विधि-विधान से कराया। इस अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से भस्म आरती प्रभारी आशीष दुबे ने उनका सम्मान किया। श्रीकांत ने मंदिर में व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए भगवान महाकाल से देशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी किए थे दर्शन कुछ दिनों पूर्व भारतीय महिला क्रिकेट टीम जब इंदौर में वर्ल्ड कप मैच खेलने पहुंची थी तो उन्होंने ने भी भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए थे। सभी ने देश की तरक्की और टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थना भी की थी। महाकाल महालोक बनने के बाद से यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। फिल्म और क्रिकेट के सितारों सहित राजनेता भी बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने आते हैं।  

कैलाश विजयवर्गीय का संदेश: इंदौर में हुई घटना के बाद खिलाड़ियों को चाहिए कि किसी को बताकर ही बाहर निकलें

इंदौर  इंदौर में आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप में भाग ले रहीं दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना पर मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश है, लेकिन इस पर नेताओं के बयानों ने विवाद खड़ा कर दिया है. प्रदेश के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस घटना को शर्मनाक और देश के सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए खिलाड़ियों को एक बड़ी  सलाह दी है. विजयवर्गीय ने कहा, "खिलाड़ियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि जब वे अपने घर से निकलें, तो उनकी सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन को सूचित किया जाना चाहिए क्योंकि (भारत में) क्रिकेटरों का बहुत बड़ा क्रेज है." MLA रामेश्वर शर्मा का तीखा बयान BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना को इंदौर की साफ-सुथरी छवि को बिगाड़ने की साजिश बताते हुए एक तीखा और विवादित बयान दिया है. शर्मा ने बताया कि आरोपी अकील को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उसे 'चार जूते मारकर जेल में डाला है.' उन्होंने चेतावनी दी कि अकील को ऐसी सजा मिलेगी की एक नजीर बनेगी.  भोपाल की हुजूर सीट से विधायक ने कहा, "मैं कट्टरपंथी मुसलमानों को बता देना चाहता हूं कि देश की छवि बिगाड़ने में लगे क्यों हो." उन्होंने इंदौर में कोरोना के समय डॉक्टरों पर थूकने की घटना का भी हवाला दिया. विधायक शर्मा ने सख्त लहजे में कहा, "हिंदुस्तान में रहना है तो बाबा साहब के संविधान के तहत रहो. बहन-बेटी का अपमान करने वाले किसी अकील को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे." बता दें कि यह घटना गुरुवार सुबह खजराना रोड इलाके में हुई, जब दोनों ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर अपने होटल से एक कैफे की ओर जा रही थीं. एक बाइक सवार व्यक्ति ने उनका पीछा किया, उनमें से एक को गलत तरीके से छुआ और भाग गया. पुलिस अधिकारी के अनुसार, अकील नाम के आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया. 

प्रदेश के कई जनपदों से समस्या लेकर आए फरियादी, मुख्यमंत्री ने सभी से की मुलाकात

समस्या लेकर आये लोगों से मिले मुख्यमंत्री, बोले- आपकी सेवा ही सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के कई जनपदों से समस्या लेकर आए फरियादी, मुख्यमंत्री ने सभी से की मुलाकात  पुलिस, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद, पारिवारिक मामलों से जुड़ी शिकायतें भी आईं मुख्यमंत्री ने निश्चित समयावधि में निस्तारण का दिया निर्देश  महिला कलाकार ने सांस्कृतिक मंच दिलाने की रखी मांग, मुख्यमंत्री बोले- पंजीकृत व स्थानीय कलाकारों को मिले अधिक से अधिक मौका  लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के उपरांत सोमवार को फिर 'जनता दर्शन' किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जनपदों से आये हर पीड़ित से मुलाकात की, उनके पास पहुंचकर समस्या सुनी, फिर अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में उचित निस्तारण कराएं। पीड़ितों से फीडबैक भी लें। इस दौरान लगभग 50 से अधिक पीड़ितों ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। फरियादियों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सेवा ही सरकार की प्राथमिकता है। धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रहेगा अधूरा 'जनता दर्शन' के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने इसकी जांच कर तत्काल कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। वहीं एक पीड़ित ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल से एस्टिमेट बनवाने को कहा। उन्होंने कहा कि धन के अभाव में किसी पीड़ित का इलाज अधूरी नहीं रहेगा। सरकार हर जरूरतमंद के इलाज की व्यवस्था के लिए खड़ी है।   सर! मैं कलाकार हूँ, मुझे कार्यक्रम दिलवा दीजिये 'जनता दर्शन' में एक महिला कलाकार भी पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बताया कि वे लोकगीत कलाकार हैं। उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रम करना है। मंच दिला दीजिये। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल उन्हें कार्यक्रम दिलाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री बोले कि सरकार हर जनपद में लोककलाओं को प्राथमिकता दे रही है। हर जगह अनेक आयोजन भी कराए जाते हैं। इसमें पंजीकृत व अधिक से अधिक स्थानीय कलाकारों को मौका मिले।    पुलिस, पारिवारिक मामले भी आए इस दौरान पुलिस से जुड़े मामले भी आये। कई लोगों ने पारिवारिक मामले को लेकर भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी शिकायत रखी। पुलिस से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने इसे दिखवाने और पीड़ितों की समस्या के समाधान कराने का निर्देश दिया।   

14 साल तक सैलरी लेते रहे चार अस्थायी शिक्षक, अधिकारियों ने हटाने में की गलती — मध्य प्रदेश में मामला

 शिवपुरी  मध्य प्रदेश में सरकारी अधिकारियों की बेहोशी का आलम एक बार फिर सामने आया है। शिवपुरी के करैरा में चार संविदा अस्थायी शिक्षक 14 साल से अवैधानिक रूप से स्कूलों में सेवाएं देते रहे और शिक्षा विभाग से वेतन लेते रहे। इन्हें 2009 में जिस योजना के तहत भर्ती किया गया था, वो 2012 में बंद हो गई। सितम्बर 2025 में चूक पकड़ी गई और अब आनन फानन में नियुक्ति समाप्त कर उन्हें भारमुक्त किया गया। दरअसल, वर्ष 2009 अभिकरण स्तरीय चयन समिति के अनुमोदन एवं पंचायत से प्रस्तावों के परीक्षण उपरांत सहरिया जनजाति के अतिरिक्त संविदा शिक्षक वर्ग-3 की नियुक्ति 2500 रुपये प्रतिमाह की गई थी। नियुक्ति अस्थाई रूप से 12 माह के लिए थी। हर 12 माह पश्चात सेवा वृद्धि के लिए प्रधानाध्यापक द्वारा जनपद पंचायत को शिक्षकों के कार्य एवं व्यवहार के संबंध में संतोषजनक मतांकन भेजे जाने थे। 2012 में योजना समाप्त कर दी गई थी वर्ष 2012 में योजना समाप्त कर दी गई और जिलेभर से इस तरह के सभी शिक्षकों को हटा दिया गया, परंतु करैरा के शाप्रावि उड़वाहा में पदस्थ काशीराम आदिवासी, मोहर सिंह आदिवासी, एकीकृत कन्या शाला अमोला क्रमांक-1 में पदस्थ अनिल आदिवासी, शाप्रावि राजगढ़ में पदस्थ शिवचरण आदिवासी को अधिकारी हटाना भूल गए। यह शिक्षक हर साल बिना नवीनीकरण आदेश के अपनी-अपनी शालाओं में नौकरी करते रहे। उन्हें 2012 से 5000 रुपये वेतन भी मिल रहा था। यानी वे करीब 8 लाख से ज्यादा सैलरी ले चुके थे। अब अचानक आदेश जारी कर चारों शिक्षकों को यह कहते हुए हटा दिया गया है कि जुलाई 2025 में संकुल पर जानकारी प्राप्त हुई कि आप 2012 से बिना सेवा वृद्धि के ही शाला पर शैक्षणिक कार्य करते रहे। ऐसे पकड़ में आई गलती जब चारों शिक्षकों की संविलियन संबंधी फाइल जिला पंचायत सीईओ के पास पहुंची तो उन्होंने आदेश पढ़ा। आदेश में शिक्षकों की नियुक्ति अस्थायी पाई गई। उन्होंने संकुल प्राचार्य से पत्राचार किया। पाया गया कि 2012 में कलेक्टर के यहां से योजना समाप्त होने के संबंध में पत्र भेजा गया था, परंतु जनपद से यह जानकारी शिक्षा विभाग को दी गई या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया। उचित कार्रवाई की जा चुकी है     शिक्षकों ने वर्ष 2011 के बाद सेवा वृद्धि के संबंध में कोई दस्तावेज नहीं दिया है, यह मामला संज्ञान में आया तो इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय से मार्गदर्शन मांगते हुए, जो उचित कार्रवाई हो सकती है, वह कर दी है। – अरविंद यादव, संकुल प्राचार्य शिक्षक क्यों नहीं हटाए गए, इसकी जानकारी नहीं     हमारे यहां से नियुक्ति 2009 में हुई थी, 2012 में योजना समाप्त हो गई थी। इसके बाद जिले भर में शिक्षकों को हटा दिया था। यह चारों शिक्षक क्यों नहीं हटाए गए, इसकी जानकारी नहीं है। आदिम जाति कल्याण विभाग का लेना-देना सिर्फ नियुक्ति तक था। – राजकुमार सिंह, जिला समन्वयक, आदिम जाति कल्याण विभाग  

VIP दर्शन पर नई व्यवस्था: महाकाल मंदिर में लाइव मॉनिटरिंग से नजर होगी हर खास मेहमान और आम श्रद्धालु पर

उज्जैन  उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अब प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। मंदिर में वीआईपी श्रद्धालुओं के दर्शन के दौरान रियल टाइम में उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। यह व्यवस्था मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के निर्देशन में लागू की गई है, जिसका उद्देश्य श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाना है। इस नई व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों, न्यायिक अधिकारियों, नेताओं, अभिनेताओं और मीडिया से जुड़े व्यक्तियों के लिए विशेष प्रोटोकॉल दर्शन की प्रणाली को तकनीकी रूप से सुदृढ़ किया गया है। जब वीआईपी श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं, तो मंदिर के शंख द्वार पर तैनात कर्मचारी उनकी जानकारी को गूगल डॉक्स पर दर्ज करते हैं। यह जानकारी सीधे मंदिर के प्रशासक और सहायक प्रशासक के मोबाइल पर लाइव अपडेट होती है, जिससे सभी गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सके। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के निर्देशन में यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इसमें जनप्रतिनिधियों, न्यायिक अधिकारियों, नेताओं, अभिनेताओं और मीडिया से जुड़े उन लोगों के लिए विशेष प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत किया गया है, जो पूर्व सूचना या अनुशंसा के आधार पर दर्शन के लिए आते हैं। जब कोई वीआईपी श्रद्धालु दर्शन के लिए आता है, तो मंदिर के शंख द्वार पर तैनात दो कर्मचारी कंप्यूटर पर उसकी जानकारी गूगल डॉक्स में एंटर करते हैं। ये जानकारी सीधे मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक और सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया के मोबाइल पर लाइव होती है। कौन आया, कब आया सब कुछ रिकॉर्ड में     श्रद्धालु कब मंदिर पहुंचे     किस गेट से एंट्री की     कितने समय में दर्शन किए     कितने लोग साथ आए     किसने प्रोटोकॉल दर्शन के लिए अनुरोध किया     सभी नामित व्यक्तियों ने दर्शन किया या अतिरिक्त लोग शामिल थे इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि वीआईपी को रिसीव किसने किया और उनके प्रोटोकॉल दर्शन की प्रक्रिया में कौन-कौन कर्मचारी शामिल रहा। तीन स्तर पर चेकिंग और मोबाइल पर फीड प्रोटोकॉल पॉइंट्स की जानकारी तीन स्थानों पर चेक की जा रही है और इन तीनों जगह की लाइव फीड अधिकारियों के मोबाइल पर उपलब्ध हो रही है। सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया के अनुसार, दिनभर में प्रोटोकॉल दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या, उन्हें नंदी हॉल व जलद्वार तक दर्शन की व्यवस्था और पूरी गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। यह तकनीकी व्यवस्था अक्टूबर के पहले हफ्ते में शुरू की गई है और इसके प्रभावी नतीजे भी सामने आ रहे हैं। जानिए इस नई व्यवस्था की जरूरत क्यों पड़ी? महाकालेश्वर मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इनमें से कई श्रद्धालु प्रोटोकॉल व्यवस्था के तहत दर्शन करते हैं। इस व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पुलिस, न्यायिक अधिकारियों आदि को विशेष अनुमति दी जाती है। इसके लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपए मंदिर में दान स्वरूप जमा करना अनिवार्य है। हालांकि, बीते साल में इस व्यवस्था में कई बार गड़बड़ियां सामने आईं हैं। मंदिर समिति द्वारा की गई जांच में यह पाया गया कि कई बार अधिक संख्या में श्रद्धालु दर्शाए गए और उनके माध्यम से अवैध रूप से एंट्री कराई गई। साथ ही, रुपयों के लेन-देन के आरोप भी मंदिर कर्मचारियों पर लगे हैं। इन्हीं अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए अब मंदिर समिति ने प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और अवैध वसूली पर रोक लगाना है। 10 माह पहले पकड़ा गया था अवैध वसूली का रैकेट करीब 10 महीने पहले महाकाल मंदिर में वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन के नाम पर अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया था। इसमें उत्तर प्रदेश, गुजरात सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं से 1100 से 2000 रुपए तक वसूले जा रहे थे। जांच में सामने आया कि इस ठगी में मंदिर के कुछ कर्मचारी, पुरोहित और सुरक्षा गार्ड शामिल थे। मंदिर समिति ने इस मामले में करीब 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें से 6 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। ऐसे होता था घोटाला     महाकाल मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन के तहत न्यायिक अधिकारियों, मीडिया कर्मियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य वीआईपी श्रद्धालुओं को नंदी हॉल तक जाने की अनुमति दी जाती है। आम श्रद्धालु भी 250 रुपए की रसीद के माध्यम से बिना लंबी कतार के दर्शन कर सकते हैं।     इसी व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए कुछ कर्मचारी श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन और जल अर्पण का झांसा देकर पुजारियों और पुरोहितों से मिलवाते थे। इसके बाद प्रत्येक श्रद्धालु से 1100 से 2000 रुपए तक की अवैध वसूली की जाती थी।     यह राशि मंदिर समिति के खाते में जानी चाहिए थी, उसे कर्मचारियों ने खुद हड़प लिया। इस पूरे मामले के उजागर होने के बाद मंदिर समिति ने सख्त कदम उठाते हुए अब संपूर्ण प्रोटोकॉल व्यवस्था को डिजिटल और ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है।